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अभी तक आपने
हमारी नौकरानी सरीना
रेखा- अतुल का माल
रुचि का शिकार
पढ़ी अब इस शृंखला का आखिरी भाग प्रस्तुत है :
उमा, रूचि और मुझे लेकर शाकाल के अड्डे पर गई। उमा ने कुछ बातें हमें समझाई थीं।
शाकाल जी का देसी दारू का अड्डा था, वहाँ कुछ रिक्शे वाले जैसे लोग दारू पी रहे थे। बगल में नीचे जाने का रास्ता था जिस पर दो तीन गुण्डे बैठे हुए थे।
उमा को देखकर उन्होंने नीचे जाने के लिए रास्ता दे दिया।
रूचि को देखकर एक बोला- चाची, माल तो बड़ा करारा है, हमको भी इसका रस चखा देना।
उमा मुस्कराती हुई नीचे उतर गई।
5-6 अधनंगी साधारण लड़कियाँ धंधे पर बैठी हुई थीं। उमा ने बताया आधे घण्टे का रेट 500 रुपए है, ये चूत और गाण्ड दोनों मरवाती हैं। 15-20 लड़कियाँ पीछे कमरे में पिलवा रही होंगी। इसके नीचे भी जाने का रास्ता था, हम लोग उतर कर और नीचे आ गए। यहाँ भी धंधे पर 5 लड़कियाँ बैठी थी। उनमें से तीन लड़कियाँ सोफे पर ग्राहकों की जाँघों पर बैठ कर उनके लौड़े सहला रही थीं और अपनी चूचियाँ मसलवा रही थीं। ये लड़कियाँ सुंदर और माल थीं।
उमा ने बताया- इनके रेट 1000 से 4000 रु एक घण्टे के हैं। सरीना भी इधर ही चुदवा रही होगी, 1000 रुपए एक घण्टे के लेती है, आधा पैसा शाकाल को देना पड़ता है। अन्दर सिर्फ 20 कमरे हैं जब कोई खाली होगा, तब ये जो तीन इंतजार कर रही हैं, अन्दर चुदने जाएँगी। चलो कमरा नंबर 5 में शाकाल जी तुम्हारा इंतज़ार कर रहे हैं, आओ, उनसे मिलते हैं।
कमरा नंबर में जब हम लोग अन्दर पहुंचे तो वहाँ पर शाकाल दो लड़कियों रीता और गीता को अपने से चिपकाए हुए था, दोनों वक्ष से नग्न थीं और स्कर्ट पहने हुए थीं, उनके संतरे गज़ब के सुंदर और कसे हुए थे।
शाकाल सिर्फ चड्डी में था उसके मोटे लण्ड का उभार साफ़ दिख रहा था।
एक लड़की ऊपर से उसके लण्ड को सहला रही थी और दूसरी शराब पिला रही थी। शाकाल की शक्ल कुछ जानी पहचानी सी लगी। थोड़ा ध्यान से देखने पर मुझे याद आ गया कि शाकाल कोई और नहीं, गिरीश ठेकेदार है जो हमारे यहाँ लेबर सप्लाई करता है।
गिरीश मुस्कराते हुए बोला- राजीव जी, आपको यहाँ देखकर बहुत ख़ुशी हो रही है ! सच ! आइये, आज हम दोनों मज़े करते हैं।
शाकाल ने उठकर मुझसे हाथ मिलाया और रूचि की तरफ देखते हुए बोला- यह छमिया रूचि है न ! उमा ने बताया था आपका माल है। पूरी रसभरी लग रही है। उमा ने वादा लिया है की इसकी चूत आपके सिवा कोई नहीं चोदेगा।
शाकाल ने रूचि के गले मैं हाथ डालते हुए उसकी एक चूची दबाई और बोला- लेकिन थोड़ा रस तो हम भी पी सकते हैं।
शाकाल रीता से बोला- रीता तू जरा बाहर जा, ठरकी होगा, उससे बोल एक इंग्लिश बोतल रंजना के हाथ भिजवा अपने यार के लिए। आज मज़े की रात है।
रूचि की तरफ देखते हुए शाकाल बोला- उमा, कुतिया को थोड़ा नंगा तो कर दे, इतने कपड़ों में अच्छी नहीं लग रही।
उमा ने हँसते हुए रूचि की साड़ी खींच दी। अब रूचि बिना ब्रा के ब्लाउज और पेटीकोट में थी।
उमा बोली- रण्डीखाने में शर्म छोड़ दे, एक रात के लिए नंगी हो जा ! बहुत मज़ा आएगा। तेरी जैसी यहाँ पर हर शनिवार को 5-6 सुन्दर बदन वाली शरीफ औरतें ख़ुशी-ख़ुशी धंधा करने आती हैं और एक रात के लिए शरीफ रण्डी बनती हैं। हर औरत रात भर में 5-6 लोगों से चुदती है, एक घण्टे की चुदाई के रेट 6000 रुपए लगते हैं। ये औरतें शाकाल के खास लोगों को ही पेश की जाती हैं। आज भी धंधे पर 7 शरीफ औरतें बैठी हुई हैं, दो तो नंगा नाच भी करेंगी। एक एक औरत 2 बजे दोपहर से धंधे पर लगती है तो सुबह 6 बजे तक जम कर कमाती है।
हमारी नौकरानी सरीना
रेखा- अतुल का माल
रुचि का शिकार
पढ़ी अब इस शृंखला का आखिरी भाग प्रस्तुत है :
उमा, रूचि और मुझे लेकर शाकाल के अड्डे पर गई। उमा ने कुछ बातें हमें समझाई थीं।
शाकाल जी का देसी दारू का अड्डा था, वहाँ कुछ रिक्शे वाले जैसे लोग दारू पी रहे थे। बगल में नीचे जाने का रास्ता था जिस पर दो तीन गुण्डे बैठे हुए थे।
उमा को देखकर उन्होंने नीचे जाने के लिए रास्ता दे दिया।
रूचि को देखकर एक बोला- चाची, माल तो बड़ा करारा है, हमको भी इसका रस चखा देना।
उमा मुस्कराती हुई नीचे उतर गई।
5-6 अधनंगी साधारण लड़कियाँ धंधे पर बैठी हुई थीं। उमा ने बताया आधे घण्टे का रेट 500 रुपए है, ये चूत और गाण्ड दोनों मरवाती हैं। 15-20 लड़कियाँ पीछे कमरे में पिलवा रही होंगी। इसके नीचे भी जाने का रास्ता था, हम लोग उतर कर और नीचे आ गए। यहाँ भी धंधे पर 5 लड़कियाँ बैठी थी। उनमें से तीन लड़कियाँ सोफे पर ग्राहकों की जाँघों पर बैठ कर उनके लौड़े सहला रही थीं और अपनी चूचियाँ मसलवा रही थीं। ये लड़कियाँ सुंदर और माल थीं।
उमा ने बताया- इनके रेट 1000 से 4000 रु एक घण्टे के हैं। सरीना भी इधर ही चुदवा रही होगी, 1000 रुपए एक घण्टे के लेती है, आधा पैसा शाकाल को देना पड़ता है। अन्दर सिर्फ 20 कमरे हैं जब कोई खाली होगा, तब ये जो तीन इंतजार कर रही हैं, अन्दर चुदने जाएँगी। चलो कमरा नंबर 5 में शाकाल जी तुम्हारा इंतज़ार कर रहे हैं, आओ, उनसे मिलते हैं।
कमरा नंबर में जब हम लोग अन्दर पहुंचे तो वहाँ पर शाकाल दो लड़कियों रीता और गीता को अपने से चिपकाए हुए था, दोनों वक्ष से नग्न थीं और स्कर्ट पहने हुए थीं, उनके संतरे गज़ब के सुंदर और कसे हुए थे।
शाकाल सिर्फ चड्डी में था उसके मोटे लण्ड का उभार साफ़ दिख रहा था।
एक लड़की ऊपर से उसके लण्ड को सहला रही थी और दूसरी शराब पिला रही थी। शाकाल की शक्ल कुछ जानी पहचानी सी लगी। थोड़ा ध्यान से देखने पर मुझे याद आ गया कि शाकाल कोई और नहीं, गिरीश ठेकेदार है जो हमारे यहाँ लेबर सप्लाई करता है।
गिरीश मुस्कराते हुए बोला- राजीव जी, आपको यहाँ देखकर बहुत ख़ुशी हो रही है ! सच ! आइये, आज हम दोनों मज़े करते हैं।
शाकाल ने उठकर मुझसे हाथ मिलाया और रूचि की तरफ देखते हुए बोला- यह छमिया रूचि है न ! उमा ने बताया था आपका माल है। पूरी रसभरी लग रही है। उमा ने वादा लिया है की इसकी चूत आपके सिवा कोई नहीं चोदेगा।
शाकाल ने रूचि के गले मैं हाथ डालते हुए उसकी एक चूची दबाई और बोला- लेकिन थोड़ा रस तो हम भी पी सकते हैं।
शाकाल रीता से बोला- रीता तू जरा बाहर जा, ठरकी होगा, उससे बोल एक इंग्लिश बोतल रंजना के हाथ भिजवा अपने यार के लिए। आज मज़े की रात है।
रूचि की तरफ देखते हुए शाकाल बोला- उमा, कुतिया को थोड़ा नंगा तो कर दे, इतने कपड़ों में अच्छी नहीं लग रही।
उमा ने हँसते हुए रूचि की साड़ी खींच दी। अब रूचि बिना ब्रा के ब्लाउज और पेटीकोट में थी।
उमा बोली- रण्डीखाने में शर्म छोड़ दे, एक रात के लिए नंगी हो जा ! बहुत मज़ा आएगा। तेरी जैसी यहाँ पर हर शनिवार को 5-6 सुन्दर बदन वाली शरीफ औरतें ख़ुशी-ख़ुशी धंधा करने आती हैं और एक रात के लिए शरीफ रण्डी बनती हैं। हर औरत रात भर में 5-6 लोगों से चुदती है, एक घण्टे की चुदाई के रेट 6000 रुपए लगते हैं। ये औरतें शाकाल के खास लोगों को ही पेश की जाती हैं। आज भी धंधे पर 7 शरीफ औरतें बैठी हुई हैं, दो तो नंगा नाच भी करेंगी। एक एक औरत 2 बजे दोपहर से धंधे पर लगती है तो सुबह 6 बजे तक जम कर कमाती है।