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शाकाल और नंगी हसीनाएँ

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StoryPublisher

Guest
अभी तक आपने

हमारी नौकरानी सरीना

रेखा- अतुल का माल

रुचि का शिकार


पढ़ी अब इस शृंखला का आखिरी भाग प्रस्तुत है :

उमा, रूचि और मुझे लेकर शाकाल के अड्डे पर गई। उमा ने कुछ बातें हमें समझाई थीं।

शाकाल जी का देसी दारू का अड्डा था, वहाँ कुछ रिक्शे वाले जैसे लोग दारू पी रहे थे। बगल में नीचे जाने का रास्ता था जिस पर दो तीन गुण्डे बैठे हुए थे।

उमा को देखकर उन्होंने नीचे जाने के लिए रास्ता दे दिया।

रूचि को देखकर एक बोला- चाची, माल तो बड़ा करारा है, हमको भी इसका रस चखा देना।

उमा मुस्कराती हुई नीचे उतर गई।

5-6 अधनंगी साधारण लड़कियाँ धंधे पर बैठी हुई थीं। उमा ने बताया आधे घण्टे का रेट 500 रुपए है, ये चूत और गाण्ड दोनों मरवाती हैं। 15-20 लड़कियाँ पीछे कमरे में पिलवा रही होंगी। इसके नीचे भी जाने का रास्ता था, हम लोग उतर कर और नीचे आ गए। यहाँ भी धंधे पर 5 लड़कियाँ बैठी थी। उनमें से तीन लड़कियाँ सोफे पर ग्राहकों की जाँघों पर बैठ कर उनके लौड़े सहला रही थीं और अपनी चूचियाँ मसलवा रही थीं। ये लड़कियाँ सुंदर और माल थीं।

उमा ने बताया- इनके रेट 1000 से 4000 रु एक घण्टे के हैं। सरीना भी इधर ही चुदवा रही होगी, 1000 रुपए एक घण्टे के लेती है, आधा पैसा शाकाल को देना पड़ता है। अन्दर सिर्फ 20 कमरे हैं जब कोई खाली होगा, तब ये जो तीन इंतजार कर रही हैं, अन्दर चुदने जाएँगी। चलो कमरा नंबर 5 में शाकाल जी तुम्हारा इंतज़ार कर रहे हैं, आओ, उनसे मिलते हैं।

कमरा नंबर में जब हम लोग अन्दर पहुंचे तो वहाँ पर शाकाल दो लड़कियों रीता और गीता को अपने से चिपकाए हुए था, दोनों वक्ष से नग्न थीं और स्कर्ट पहने हुए थीं, उनके संतरे गज़ब के सुंदर और कसे हुए थे।

शाकाल सिर्फ चड्डी में था उसके मोटे लण्ड का उभार साफ़ दिख रहा था।

एक लड़की ऊपर से उसके लण्ड को सहला रही थी और दूसरी शराब पिला रही थी। शाकाल की शक्ल कुछ जानी पहचानी सी लगी। थोड़ा ध्यान से देखने पर मुझे याद आ गया कि शाकाल कोई और नहीं, गिरीश ठेकेदार है जो हमारे यहाँ लेबर सप्लाई करता है।

गिरीश मुस्कराते हुए बोला- राजीव जी, आपको यहाँ देखकर बहुत ख़ुशी हो रही है ! सच ! आइये, आज हम दोनों मज़े करते हैं।

शाकाल ने उठकर मुझसे हाथ मिलाया और रूचि की तरफ देखते हुए बोला- यह छमिया रूचि है न ! उमा ने बताया था आपका माल है। पूरी रसभरी लग रही है। उमा ने वादा लिया है की इसकी चूत आपके सिवा कोई नहीं चोदेगा।

शाकाल ने रूचि के गले मैं हाथ डालते हुए उसकी एक चूची दबाई और बोला- लेकिन थोड़ा रस तो हम भी पी सकते हैं।

शाकाल रीता से बोला- रीता तू जरा बाहर जा, ठरकी होगा, उससे बोल एक इंग्लिश बोतल रंजना के हाथ भिजवा अपने यार के लिए। आज मज़े की रात है।

रूचि की तरफ देखते हुए शाकाल बोला- उमा, कुतिया को थोड़ा नंगा तो कर दे, इतने कपड़ों में अच्छी नहीं लग रही।

उमा ने हँसते हुए रूचि की साड़ी खींच दी। अब रूचि बिना ब्रा के ब्लाउज और पेटीकोट में थी।

उमा बोली- रण्डीखाने में शर्म छोड़ दे, एक रात के लिए नंगी हो जा ! बहुत मज़ा आएगा। तेरी जैसी यहाँ पर हर शनिवार को 5-6 सुन्दर बदन वाली शरीफ औरतें ख़ुशी-ख़ुशी धंधा करने आती हैं और एक रात के लिए शरीफ रण्डी बनती हैं। हर औरत रात भर में 5-6 लोगों से चुदती है, एक घण्टे की चुदाई के रेट 6000 रुपए लगते हैं। ये औरतें शाकाल के खास लोगों को ही पेश की जाती हैं। आज भी धंधे पर 7 शरीफ औरतें बैठी हुई हैं, दो तो नंगा नाच भी करेंगी। एक एक औरत 2 बजे दोपहर से धंधे पर लगती है तो सुबह 6 बजे तक जम कर कमाती है।
 
उमा ने आगे बताया- सबसे खास बात यह है कि 5 साल में आज तक किसी भी शरीफ औरत का बाहर यह पता नहीं चला है कि यह धंधे पर बैठ चुकी है। बहुत सुरक्षित अड्डा है चुदने के लिए। कमीशन भी सबसे अच्छा मिलता है। शाकाल जी हर औरत को 25000 रुपए देते हैं एक रात के और नंगी नाचने वाली को तो 40000 रुपए मिलते हैं। सेठ अगर एक घण्टे से जयादा देर तक चोदता है तो उसके पैसे अलग से मिलते हैं। ग्राहक से ईनाम भी मिल जाता है। नंगी नाचने वालियों का मेकअप भी ऐसा किया जाता है की बाहर लोग उन्हें नहीं पहचानते। शाकाल जी के अड्डे से 50 से भी ज्यादा शरीफ औरतें जुड़ी हुई हैं। कई औरतें तो महीने में 5-6 बार चुदना चाहती हैं लेकिन शाकाल जी महीने मैं 2-3 बार से ज्यादा किसी को भी अड्डे पर चुदने नहीं देते हैं।

उमा ने रूचि का ब्लाउज खोल दिया और बोली- रण्डी मत बन लेकिन रण्डिया तो ले !

ब्लाउज खुलते ही रूचि के कबूतर आजाद हो गए जो किसी का भी लण्ड खड़ा करने के लिए काफी थे।

रूचि ने एक मिनट के लिए अपनी चूचियों को हाथों से छुपाया होगा कि उमा ने उसके हाथ हटा दिए। रुचि अब झुकी नज़रों से अपने दूधिया संतरों का शवाब सबके सामने परोस रही थी। रूचि की दबी मुस्कराहट बता रही थी कि अन्दर ही अन्दर वो भी मज़े लेने के लिए राज़ी थी।

मैं शाकाल के पास वाले सोफे पर बैठा था उमा ने रूचि को मेरे सोफे पर भेज दिया। रूचि जब मेरी तरफ आ रही थी तो उसकी गोल गोल चूचियाँ हिल रही थीं मेरा लण्ड टनक गया था जब वो सोफे के पास आई तो मैंने खींच कर उसे अपनी जाँघों पर बैठा लिया।

शाकाल रूचि के संतरे घूरे जा रहा था। उमा बोली- शाकाल जी, मैंने तो कुतिया की चूत पर नो एंट्री लगाई है, मन कर रहा हो तो इसके संतरों और होटों का तो रस पी लो। कुतिया के हैं भी बड़े रसीले ! रस पिओगे तो इसको भी तो मज़ा आएगा।

उमा की बात सुनकर शाकाल खुश हो गया, शाकाल रूचि को देखकर बोला- वाह ! क्या मस्त बदन है ! आज चूचियाँ तो इसकी मुझे चोदनी पड़ेंगी ही। उमा, तुझे वादा नहीं किया होता तो इसकी चूत का तो भोंसड़ा कर दिया होता !!

शाकाल मेरे पास आकर बैठ गया और उसने रूचि की चूचियाँ मसल दीं और होटों पर होंठ लगा दिए। मैंने रूचि का पेटीकोट ऊपर कर दिया था और उसकी चूत और जांघें मसलने लगा। रूचि मस्त होकर अपने होंठ चुसवा रही थी, चूची मलवा रही थी और चूत सहलवा रही थी। उसकी चूत पूरी गीली हो रही थी।

सेक्स की मस्ती में हम तीनों नहाए हुए थे। रूचि ने मेरी उंगलियाँ अपनी चूत में घुसवा ली थीं, पूरी रण्डिया रही थी।

तभी रंजना नाम की रण्डी एक शराब की बोतल और ग्लास के साथ मेरे सोफे पर दूसरी तरफ़ आकर बैठ गई। रंजना ने ब्रा और स्कर्ट पहनी हुई थी उसने एक जाम मेरे लिए बनाया और मेरी बगल में बैठ गई। शाकाल ने 5 मिनट बाद रूचि को छोड़ दिया और बोला- यार, अपने माल को संभालो। कुछ देर और रुक गया तो ये कुतिया मुझसे चुदे बिना नहीं रह पाएगी।

शाकाल अपने सोफे पर चला गया। रीता और गीता शाकाल के सोफे पर बैठी थीं। शाकाल ने रीता के हाथ में अपना लण्ड निकाल कर पकड़ा दिया और चड्डी दूर फ़ेंक दी।

रीता शाकाल का 8 इंची लण्ड, जो मेरे लण्ड से थोडा सा छोटा ही था, सहलाने लगी और गीता शाकाल के होंठ चूसने लगी। मेरे सोफे पर रंजना ने जाम रूचि को पकड़ा कर मेरी शर्ट-पैंट उतार दीं, मेरा लण्ड भी चड्डी के अन्दर उछाल मार रहा था।

मैंने रंजना की ब्रा उतार दी।

 
अब रंजना और रूचि मेरी छाती से चिपक गई, दोनों के सुंदर संतरे मेरी छाती से दबे हुए थे। मेरा हाथ रंजना के चूतड़ों पर घूम रहा था था, स्कर्ट के नीचे शायद वो चड्डी नहीं पहने थी।

रंजना ने मेरी चड्डी में हाथ डालकर मेरा लण्ड पकड़ लिया और बोली- आपका तो बहुत लम्बा और मोटा है ! दिखाइए ना ! शर्माते क्यों हैं?

मैंने अपनी चड्डी उतार दी।

रंजना बोल उठी- वाह क्या लण्ड है ! सच, आज तो चुदने में मज़ा आ जाएगा।

शाकाल ने अपनी लड़कियों की स्कर्ट खोल दी। रीता और गीता अब नंगी थीं।

रंजना ने भी अपनी स्कर्ट उतार दी, रंजना की चूत पाव रोटी की तरह फूली हुई थी। मैंने रूचि के पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया था।

रूचि ने खुद अपना पेटीकोट नीचे सरका कर उतार दिया उसकी चूत से पानी बह रहा था। रूचि की चमचमाती चिकनी चूत नंगी हो गई थी।

रूचि मेरे से धीरे से बोली- मुझे चोद दो ! बहुत खुजली हो रही है।

रीता, गीता और रंजना भी नंगी हो गई थीं, अब कमरे में उमा के अलावा हम सब लोग नंगे थे। मैं और शाकाल बीच बीच में एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे और ड्रिंक पीते हुए अपनी अपनी हसीनाओं को मसल रहे थे।

रीता और गीता अब नंगी थीं।

रंजना ने भी अपनी स्कर्ट उतार दी, रंजना की चूत पाव रोटी की तरह फूली हुई थी। मैंने रूचि के पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया था।

रूचि ने खुद अपना पेटीकोट नीचे सरका कर उतार दिया उसकी चूत से पानी बह रहा था। रूचि की चमचमाती चिकनी चूत नंगी हो गई थी।

रूचि मेरे से धीरे से बोली- मुझे चोद दो ! बहुत खुजली हो रही है।

रीता, गीता और रंजना भी नंगी हो गई थीं, अब कमरे में उमा के अलावा हम सब लोग नंगे थे। मैं और शाकाल बीच बीच में एक दूसरे को देख कर मुस्कुरा रहे थे और ड्रिंक पीते हुए अपनी अपनी हसीनाओं को मसल रहे थे।

शाकाल बोला- राजीव जी, क्यों न एक एक बार अपनी अपनी हसीनाओं की चूत चोद ली जाय। चल रीता और गीता जरा मेरा लौड़ा चूस ले।

शाकाल ने रूचि से कहा- तू भी रंजना के साथ लौड़ा चूस, मज़े कर, शरमा नहीं ! नहीं तो तुझको मैं खुद भी चोदूँगा और अपने 4-5 गुण्डों से और चुदवा दूँगा।

रूचि ने मेरा लौड़ा मुँह में ले लिया, उधर गीता ने शाकाल का लण्ड मुँह में ले रखा था। रूचि लपालप मेरा लौड़ा चूसने लगी। इधर रंजना मुझसे चिपक कर मेरे होंठ और जीभ चूस रही थी।

मेरे होंटों से जीभ हटाते हुए रंजना बोली- मुझे भी अपना लौड़ा चुसवाओ ना ! मेरा मन बहुत कर रहा है आपका लौड़ा चूसने का।

मैंने रूचि को हटा दिया और लौड़ा रंजना के मुँह में घुसा दिया। रूचि मुझसे चिपक कर बैठ गई।

शाकाल ने रीता की चूत में अपनी उंगली घुसा रखी थी और उसकी चूत मसल रहा था। गीता शाकाल का लण्ड चूस रही थी।

उमा रूचि से बोली- तू थोड़ा अब शाकाल जी का लण्ड चूस ले। शाकाल जी बड़े शरीफ आदमी हैं अपनी बात पर अडिग रहते हैं। कोई और होता तो तेरी चूत के मज़े ले चुका होता।

उमा ने रूचि को उठाकर शाकाल के लौड़े पर घोड़ी बना दिया और शाकाल ने रूचि के मुँह में अपना लौड़ा डाल दिया। रूचि पूरी गरम थी, उसने एक पालतू कुतिया की तरह उमा की बात मानी और शाकाल का लण्ड मुँह में ले लिया। रूचि नया लण्ड बड़ी मस्ती से आनन्द लेते हुए चूस रही थी।

रंजना के चूतड़ों पर मैं उत्तेजित होकर तबला बजा रहा था। रंजना लपालप मेरा लौड़ा चूस रही थी।

 
उमा के कहने पर गीता मेरी बगल में आकर बैठ गई थी, लौड़ा चुसवाते चुसवाते मैं गीता के दूध मलने लगा। चारों औरतें रण्डियाँ बनी हुई थीं। दस मिनट बाद हम सब अलग हो गए लेकिन लौड़े अभी भी हमारे खड़े हुए थे। चारों औरतें चुदने के लिए कुलमुला रही थीं।

शाकाल बोला- राजीव, जरा अपनी रूचि की चूत तो चोद दो, हम भी तो देख लें कि यह चुदते हुए कैसी आहें भरती है।

उमा बोली- शाकाल जी, आप मुझे आज मंच पर नाचने वाली नंगी हसीनाओं के नाम बता दो, मैं उन्हें नाचने का अभ्यास कराती हूँ ! इस बीच आप लोग इन कुतियों से मज़ा लो।

शाकाल बोले- उमा आज शरीफ औरतों में शीतल और कुसुम नाचेंगी और रण्डियों में रचना और रेशमा नंगा नाच करेंगी ! सब लड़कियाँ कमरा नम्बर नौ में मिलेंगी। अगले शनिवार को मुझे रण्डी सपना और निशा को नंगा नचवाना है। इन दोनों को लेकर साथ आना इनका नाच मुझे देखना है और इनको चोदना भी है।

इसके बाद उमा बाहर चली गई।

रूचि गर्म हो रही थी और उसकी आँखें मुझे चोदने का निमंत्रण दे रही थीं। मैंने उसको गोद में उठाकर सामने खाली पड़े सोफे पर लिटा दिया और उसकी चूत में लण्ड घुसा दिया। रूचि की चुदाई शुरू हो गई थी अब उसकी चूत बज़ रही थी। रूचि आह ! ऊह ऊह ! मज़ा आ गया ! कर के चिल्ला रही थी। रूचि सेक्स की मस्ती में नहा रही थी।

मेरे धक्कों से रूचि की चूचियाँ मस्त ऊपर नीचे झूल रही थीं। शाकाल रंजना को लण्ड चुसवाते हुए शराब पी रहा था और रूचि की चुदाई और आहों का मज़ा ले रहा था।

दो मिनट बाद शाकाल ने अपना लण्ड रंजना के मुँह से निकाल लिया और रूचि के सर की तरफ से आकर रूचि की नंगी चूचियाँ अपने हाथों में दबा ली और उसके चुचूक मसलते हुए चूचियाँ दबाने लगा।

रूचि का आनन्द दुगना हो गया था।

शाकाल ने थोड़ी देर के लिए अपना हाथ हटाया तो रूचि ने दुबारा पकड़ कर दूधों पर रख लिया। रूचि आहें भरती हुई बोली- शाकाल जी, मसलो ! और मसलो ! बड़ा मज़ा आ रहा है।

शाकाल ने रूचि की चूचियाँ मसलते हुए उसके होंटों पर होंठ रख दिए।

रूचि की चुदाई जोरों पर थी।

तभी शाकाल ने मुझे कुछ इशारा किया। मैंने लण्ड बाहर निकाल लिया। हम दोनों ने रूचि को छोड़ दिया।

रूचि एक पागल कुतिया बनी हुई थी, चिल्लाते हुए बोली- चोदो राजा ! चोदो ! रुक क्यों गए? चोदो न ! बड़ा मज़ा आ रहा है ! चोदो ! जल्दी चोदो ! फाड़ दो इस कमीनी को ! बहुत खुजली हो रही है। चोदो, जल्दी चोदो।

शाकाल बोला- रानी, यह तो थक गया !कहो तो मैं चोद दूँ?

रूचि गर्म थी, बोली- लण्ड डालो ! कोई भी डाल दो ! चोदो ! चोदो ! जल्दी चोदो ! मुझसे रहा नहीं जा रहा है।

शाकाल ने उसे गोद में उठा कर जमीन पर घोड़ी बना दिया और अपना लण्ड उसके मुँह में डाल दिया और बोला- चिंता न कर ! तुझे चोद चोद कर वो मज़ा देंगे कि तू बार बार मेरे अड्डे पर आएगी।

मैंने अपना लण्ड दुबारा उसकी सुरंग में डाल दिया था। रूचि शाकाल का लण्ड लपालप चूस रही थी, शाकाल उसके बाल प्यार से सहला रहा था। दो दो लौड़ों से रूचि खेल रही थी।

शाकाल बोला- राजीव जी, औरत को असली मज़ा लण्ड ही देता है, जरुरत है उसे गर्म करने की। मेरे अड्डे पर जितनी शरीफ औरतें आती हैं सब लण्ड की भूखी होती हैं। इन सब के पति इन्हें गर्म किए बिना चोदते हैं इसलिए इनको असली चुदाई का मज़ा मिल नहीं पाता।

 
थोड़ी देर बाद शाकाल ने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया, इसके बाद शाकाल ने सोफे पर गीता के हाथ रखकर उसे घोड़ी बनाया और उसकी चूत चोदने लगा।

रूचि की चूत पाँच मिनट चोदने के बाद मैंने गाढ़े वीर्य से भर दी। शाकाल का भी लण्ड गीता की चूत में खाली हो गया था।

रूचि और मैं शाकाल के साथ सोफे पर ढेर हो गए। रूचि तो शाकाल की गोद में ही लेट गई, आह भरती हुई बोली- आज तो जन्नत का मज़ा आ गया। शाकाल जी, आप भी मेरी चूत मार लेते।

शाकाल बोला- मैं वादे का पक्का हूँ, मैंने उमा से वादा किया है कि आज तेरी चूत मेरे अड्डे पर राजीव के अलावा कोई नहीं मारेगा। मेरा मन तो तुझे चोदने का बहुत कर रहा है, तू अगले शनिवार को आ जाना, धंधे पर भी बैठने के मज़े ले लेना और मुझे भी अपनी चूत की सेवा का मौका देना, राजीव से दुगना मज़ा दूँगा।

शाकाल वीर्य से भरा सुपारा रूचि के होंटों पर फिराया और उसको पुचकारते हुए बोला- थोड़ा लण्ड चाट ले, बड़ा मज़ा आएगा !

रूचि ने जीभ निकाल कर मज़े से दो मिनट तक उसका लण्ड चाटा।

इस बीच रंजना ने एक एक छोटा पेग मुझे, शाकाल और रूचि को दे दिया और बोली- पी लो, अभी तो रात शुरू हुई है।

रूचि मेरे और शाकाल के बीच चूत चौड़ी करके नंगी लेटी हुई थी, उसने शाकाल का हाथ अपनी चूत पर रख लिया और बोली- आप बहुत अच्छे आदमी हैं, मैं एक बार आपके अड्डे पर शरीफ रण्डी पक्का बनूँगी और आपसे अपनी चूत चुदवाऊँगी।

रूचि शराब पीते पीते शाकाल से अपनी चूत सहलवा रही थी। अब उसकी सारी शर्म उतर गई थी, उसे रण्डीबाजी में मज़ा आ रहा था।

आधे घण्टे के बाद उमा अन्दर आ गई और बोली- अब थोड़ा नंगे नाच का मज़ा ले लो। हमारी रण्डियाँ सपना और निशा नग्न नृत्य के लिए तैयार हैं। राजीव, देखोगे तो मस्त हो जाओगे।

उमा ने रीता और गीता को बोला- तुम लोग बाहर जाओ और धंधा करो।

दोनों बाहर चली गईं। रूचि, रंजना, सपना, निशा और उमा पाँच औरतें अब कमरे में थीं।

सपना और निशा के आने के बाद कमरे में गाना “निंबुआ दबाई तो बड़ा मज़ा आई” चलने लगा। सपना और निशा लहंगा-ब्लाउज में नाच रही थीं। दोनों दुबली पतली और इकहरे बदन की रण्डियाँ कम और कॉलेज गर्ल ज्यादा लग रहीं थीं। उनकी चूचियाँ छोटी छोटी एक बड़े नीबू जितनी थीं। निशा और सपना बार अपना ब्लाउज उठातीं और चूचियाँ हिलाकर फिर ढक लेतीं।

हम और शाकाल भी उनके साथ नाचने लगे थे और बार बार उनके ब्लाउज में हाथ डाल कर उनकी चूचियाँ दबा रहे थे। दोनों बहुत चालू थी, 2-3 बार चूचियाँ दबवा कर दूर भाग जाती थीं।

उमा ने हमे सोफे पर बिठा दिया और बोली- कुत्तो, थोड़ा नाच देख लो फिर आराम से बजा लेना।

 
सोफे पर बैठ कर हम लोग दोनों का नाच देखने लगे। दो मिनट बाद नाचते नाचते उन्होंने ब्लाउज उतार दिये और चूचियाँ तरह तरह से हिला कर हमें दूर से गर्म करने लगी। हम लोगों के लण्ड फिर टन-टन करने लगे थे। दोनों बीच बीच में मेरी और शाकाल की गोद में आकर लेटने लगीं। हम लोग उनके भोंपू बजाते और लहंगे में हाथ डालकर उनकी नंगी चूत छूते तो वो उठकर चालू तरीके से भाग जातीं।

3-4 बार ऐसा करने के बाद वो हमारे ऊपर थोड़ी ज्यादा देर के लिए लेटीं। इस बीच मैंने निशा की चूत अच्छी मसल दी और उसके लहंगे का नाड़ा खोल दिया। वो उठकर भागी, उसने जान कर लहंगा नीचे गिरा दिया उसकी चमचमाती चिकनी चूत सब के सामने खुलकर आ गई। सपना ने भी अपना लहंगा उतार दिया उसकी चूत पर काली झांटें स्टाइल में कटी हुई थीं। दोनों अब नंगी थीं।

नंगी होने के बाद दोनों जमीन पर लेट गईं और कभी अपनी टांगों में चूत छिपा लेतीं, कभी टांगें चौड़ी करके पूरी चूत दिखा देतीं। दोनों का नृत्य बहुत गर्म था। मेरे और शाकाल के लण्ड पूरे खड़े हो रहे थे। रूचि और रंजना भी नाच के मज़े ले रही थीं। बीस मिनट तक दोनों ने नंगा नाच किया, इसके बाद गाना बंद हो गया। सपना मेरी जांघों पर और निशा शाकाल की जाँघों पर आकर बैठ गई।

उमा ने उँगलियों से चूत बनाई और आँख मार कर मुस्कराते हुए बोली- इन दोनों ने इतना अच्छा नाच दिखाया, इनको इनाम तो दे दो।

डांस बंद हो गया था, शराब ख़त्म हो रही थी। उमा ने फ़ोन करके दो गुण्डों से अन्दर बोतल लाने को कहा। हमने सपना और निशा को गोद में उठाया और पास में पड़े गद्दों पर लिटा दिया। दोनों ने अपनी टांगें चौड़ी कर दीं और चोदने का इशारा करने लगीं।

शाकाल ने सपना की चूत में अपना लण्ड घुसा दिया और मैंने निशा की चूत मैं लण्ड पेल दिया। एक बार फिर चुदाई का खेल शुरू हो गया था। दोनों खेली खाई रण्डियाँ थी, चुदने पर सेक्सी आहें भर रही थीं जो हम लोगों का नशा दुगना कर रही थीं।

तभी दो गुण्डे चार बोतल लेकर अन्दर आ गए, उमा ने बोतल अन्दर रखवा दी और उनसे रूचि और रंजना की चूचियाँ मलने को बोल दिया। दोनों सोफे के पीछे जाकर रूचि और रंजना की चूचियाँ दबाने लगे।

उमा ने हम लोगों को इशारा किया हम लोगों ने लण्ड बाहर निकाल लिए।

उमा बोली- रूचि को भी तो मज़े कराओ।

उमा ने सब को अलग किया उसने रूचि और रंजना की टांगें सोफे के दोनों किनारों पर गुण्डों से चौड़ी करवा के बैठा दिया। दोनों की चूत पूरी खुली हुई दिख रही थी। उमा ने निशा का मुँह रूचि की चूत पर और सपना का मुँह रंजना की चूत पर लगा दिया। दोनों झुककर उनकी चूत चूसने लगीं।

गुण्डों ने सोफे की बगल से रूचि और रंजना के मुँह में अपने लण्ड डाल दिए, दोनों ने बिना देर किये उन्हें अपने मुँह में लपक लिया और दोनों लॉलीपॉप की तरह लण्ड चूसने लगीं।

उमा ने मुझे अब सपना की चूत और शाकाल को निशा की चूत पेलने का इशारा किया। शाकाल ने उमा की पप्पी ली और बोला- उमा रानी, सच, तुम्हारा जवाब नहीं ! चुदाई की गुरु हो !

हम दोनों जाकर सपना और निशा की चूत पीछे से चोदने लगे। सपना और निशा रूचि और रंजना का चूत रस चूस रही थीं और अपनी चुदाई का मज़ा ले रहीं थीं। दोनों ने अपनी जीभ रूचि और रंजना की चूत में अन्दर तक घुसा रखी थी। चार लौड़े चार चूतों से खेल रहे थे। चारों औरतें मज़े कर रहीं थी। कुछ देर हमने दोनों की चुदाई की, इसके बाद शाकाल ने मुझे एक इशारा किया।

 
मैंने लण्ड निकाल कर सपना की गाण्ड में और शाकाल ने निशा की गाण्ड में डाल दिया। निशा और सपना की गाण्ड फटी हुई थी, लण्ड आराम से सरकते हुए अन्दर घुस गए लेकिन 8-8 इंची लण्ड दोनों को रुलाने के लिए काफी थे। दोनों ने रूचि और रंजना की चूत चूसना छोड़ दिया और चिल्लाने लगीं। उनकी गाण्ड फट गई थी, दोनों तेजी से चिल्लाने लगीं- आई ! ऊह ! मर गई ! मर गई !

उमा चीखी- चोद रण्डियों को ! नखरा कर रही हैं ! फाड़ दे कुतियों की !

मैं और शाकाल एक कुशल चोदू की तरह उनकी गाण्ड मार रहे थे। थोड़ी देर में चीखें सिसकारियों में बदल गईं। दोनों की गाण्ड में लौड़ा सरपट दौड़ रहा था। हम दोनों ने दस मिनट उनकी गाण्ड तेज धक्कों से मारी, इसके बाद अपने लण्ड सपना और निशा की गाण्ड में खाली कर दिए। दोनों हसीनाएं दुखती हुई गाण्ड लेकर बाहर चली गईं।

इस बीच रूचि और रंजना ने अपने गुण्डे बदल लिए थे, दोनों अपनी चूत मैं ऊँगली घुसाए हुए अपने गुण्डों के लण्ड चूस रही थीं।

उमा रूचि और रंजना के गुण्डों से बोली- तुम कुत्तों का भी चोदने का मन कर रहा होगा ! इस रंजना की चोद दो ! रुचि की चूत तो है सिर्फ़ राजीव जी के लिए। लेकिन अपना वीर्य रुचि को ही पिलाना।

रंजना ने रूचि की चूत में मुँह लगा दिया, पीछे से एक गुण्डे ने अपना लौड़ा रंजना की चूत में घुसा दिया, दूसरा रूचि से अपनी मुठ मरवाने लगा।

उमा बोली- रूचि, तू दोनों मुस्टंडों का वीर्य मस्त होकर पीना। तुझे मंच पर भी नंगी कराकर 2-3 गुण्डों का लण्ड चुसवाना है। खुले में जब रस सभी के सामने पीओगी तो तेरी शर्माने की आदत हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।

दोनों गुण्डों ने बारी-बारी से रंजना को चोदा और झड़ने के समय अपना लण्ड रूचि के मुँह में डाल दिया। रूचि को रण्डीखाने का मज़ा आने लगा था, बिना ना-नुकुर के उसने अपना मुँह खोला और वीर्य की आखरी बूँद तक मुँह में बड़े आराम से पी गई।

रात के बारह बज रहे थे, उमा बोली- शाकाल जी साढ़े बारह बजे से नग्न मुजरा शो शुरू हो जाएगी, मैं जरा बाहर जाकर तैयारी देखती हूँ। रूचि चल मेरे साथ ! आ तेरे को भी थोड़ा सजवाती हूँ और रण्डीबाजी सिखाती हूँ ! आजकल थोड़ी बहुत रण्डीबाजी हर औरत को आना जरुरी है। रंजना तू यहीं रह और साहब लोगों की सेवा कर।

उमा और रूचि बाहर चले गए।

शाकाल ने बताया- तीन मुजरे होंगे, दो मुजरों में शरीफ औरतें शीतल और राखी नंगी होंगी, एक मुजरा रण्डियों रेशमा और रचना का होगा, डांस कैसे करना है, यह सब उमा देखती है। 40 लोग इसे देखते हैं, 5000 रुपए आगे की सीटों के हैं, 4000 रुपए पीछे की सीटों के हैं। शो के साथ साथ एक एक रण्डी एक एक घण्टे के लिये सबको फ्री मिलती है। सभी टिकट एक हफ्ते पहले ही बुक हो जाते हैं। शाकाल क्लब के मेम्बर ही ये डांस देख सकते हैं। आज की तारीख में 425 मेम्बर हैं। तू भी अपने को आज से क्लब का मेम्बर मान। रंजना हम दोनों को इस बीच जाम सर्व कर रही थी।

साढ़े बारह बजे शाकाल और मैं हाल में आकर मंच के पास बनी सीट पर बैठ गए। मंच के नीचे 50 सीटें इस तरह लगी हुई थीं कि मंच बिल्कुल अच्छी तरह दिख रहा था। नीचे दोनों तरफ़ दो बड़ी स्क्रीन भी लगी हुई थीं जिस पर पूरा मंच दिखता था। सीटों के चारों तरफ 40-50 रण्डियाँ ब्लाउज और पेटीकोट में घूम रही थीं, सबके ब्लाउज में एक बटन था चूचियाँ पूरी नंगी दिख रही थीं झुकने पर चुचूकों के भी दर्शन हो रहे थे।

आज मुफ़्त मिलने वाली रण्डियों की नाभि पर 1 से 40 तक का अंक लिखा हुआ था। मंच पर 3-4 रण्डियाँ बारी बारी से आकर अपनी चूचियाँ खोलकर नाच रहीं थीं। हाल में पड़ी सीटों पर सदस्य आकर बैठ रहे थे। हाल के पीछे दो काउंटर बने हुए थे, एक पर शराब बिक रही थी और दूसरे पर लण्ड सेवा काउंटर लिखा था। यहाँ पर शो के बाद और अगले शनिवार को चोदने के लिए रण्डियों की बुकिंग होती है। अगले शनिवार को चुदने वाली 5 भाभियों की 40 अधनंगी तस्वीरों की एलबम भी लण्ड सेवा काउंटर पर मौजूद थी।सदस्य उनको देख कर भाभी को बुक करा सकते थे। एलबम देखने की फीस ही 500 रुपए थी।

रूचि एक सेक्सी ड्रेस पहने थी जिसमें उसकी दोनों चूचियाँ पूरी खुली और तनी हुई थीं। चूचियाँ बाहर को निकली हुई नंगी दिख रही थीं। सजी हुई रूचि पहचान मैं नहीं आ रही थी। शराब के काउंटर पर रूचि, सरीना, गीता और 6 लड़कियाँ नंगी उतेज़क ड्रेस में शराब बाँट रहीं थीं। काउंटर पर बहुत भीड़ थी, अभी शो शुरू नहीं हुआ था। नीचे घूम रही रण्डियाँ ग्राहकों से टिप लेकर चूचियाँ दबवा रही थीं और उनसे होंट चुसवा रही थीं।

तभी मंच से सीटी की आवाज़ आई तो गुण्डों ने सभी ग्राहकों को उनकी सीटों पर बैठा दिया।

कहानी जारी रहेगी।

 
काउंटर पर बहुत भीड़ थी, अभी शो शुरू नहीं हुआ था। नीचे घूम रही रण्डियाँ ग्राहकों से टिप लेकर चूचियाँ दबवा रही थीं और उनसे होंट चुसवा रही थीं।

तभी मंच से सीटी की आवाज़ आई तो गुण्डों ने सभी ग्राहकों को उनकी सीटों पर बैठा दिया।

सीटों पर 1 से 40 तक नंबर पड़े थे। सभी ग्राहक जाकर अपनी सीट पर बैठ जाते हैं। सभी रण्डियाँ आधी आधी, दोनों तरफ़ जाकर खड़ी हो गई। गुण्डे शराब का आर्डर ले रहे थे। रूचि, सरीना और छः लड़कियाँ ग्राहकों के पास जाकर अब शराब बाँटने लगी। ग्राहक उनसे छेड़खानी भी कर रहे थे।

सौ रुपए टिप मिलने पर शराब बांटने वाली लड़की को ग्राहक की जाँघों पर दो मिनट बैठ कर शराब पिलानी पड़ती थी। ग्राहक शराब बांटने वाली लड़कियों को जाँघों पर बैठाकर उनका शबाब भी पी रहे थे। रूचि दो ग्राहकों की जाँघों पर बैठ चुकी थी। इस समय सरीना और दो लड़कियाँ ग्राहकों की गोदी में बैठी थीं और शराब पिला रही थीं।

उमा मंच से बोली- अब आपके सामने आपकी सीट पर पर्चियों से भरा एक डिब्बा आएगा, आप अपनी परची निकालिए और उस पर जो नम्बर लिखा है उस नम्बर की हसीना को लण्ड सेवा काउंटर पर परची दिखा कर ले आएं, उस हसीना की जवानी का रस पीजिए और देखिए अपनी प्यारी भाभी शीतल और राखी का नग्न मुजरा। पहले मुजरे के बाद आप हाल के गेट नम्बर 6 से चुदाई हाल में जाकर अपनी पर्ची वाले कमरा नम्बर में कर सकते हैं अपनी हसीना की आगे और पीछे से प्यार भरी लण्ड से ठुकाई।

दस मिनट के अन्दर सभी को पर्ची बंट गई और सभी अपनी अपनी रण्डियाँ को लण्ड सेवा काउंटर से ले आए और उनके ब्लाउज उतार कर जाँघों पर बैठा कर उनके संतरों से खेलने लगे।

दस मिनट के बाद उमा मंच पर आकर बोली- अब आपके सामने मुजरा करने आ रही हैं हमारी शीतल रानी जवान और गर्म शीतल जिनकी जवानी का रस अभी तक भोगा है सिर्फ़ उनके पति ने ! वो करेंगी हसीन सेक्सी मुजरा आपके सामने।

मंच पर गाना “मेरी जवानी हुई बेकाबू लूट लो बाज़ार वालों आज इसे” बजने लगा, शीतल लहंगा और लो-कट ब्लाउज पहन कर नाचने आ जाई और बार बार झुककर संतरे दिखाने लगी। 3-4 गुण्डे मंच पर घूम रहे थे, बीच बीच में शीतल उनके ऊपर गिरी तो उन्होंने शीतल का ब्लाउज खोल कर उसके दूध नुमाया कर दिए और दबा कर छोड़ दिए।

देखने वालों के लण्ड खड़े होने लगे।

दो मिनट बाद गाने के बोल ” मेरे गोल गोल संतरे बड़े रसीले ! इनका रस पी लो बाज़ार वालों ! ” पर गुण्डों ने शीतल का ब्लाउज उतार कर फ़ेंक दिया तो माहौल और गरमाने लगा।

कुछ ग्राहक गोद में बैठी रण्डियों का पेटीकोट खोल कर उनकी चूत मसलने लगे। शीतल दो मिनट तक नग्न-वक्ष होकर नाची। दो मिनट बाद गाने के बोल ” गरम हो रही मेरी गुफा इसको ठंडी हवा खिला दो बाज़ार वालो !” लाइन के साथ ही शीतल का लहंगा उतर गया और पूरी नंगी होकर वो मंच पर दूध हिला कर नाचने लगी और मंच पर लेट गई टांगें फ़ैलाकर ! घोड़ी बनकर 3-4 तरीकों से अपनी चूत का मुजरा पेश किया। नाच दस मिनट के करीब चला।

उमा की आवाज़ आती है- शीतल की जवानी का रस चूसने के लिए अपनी बोली लगाइए लण्ड सेवा काउंटर पर। जो सबसे ज्यादा बोली लगाएगा वो रात भर हमारी प्यारी शीतल भाभी का रस पी सकेगा।

कुछ ग्राहक उठकर अपनी रण्डियों को चोदने के लिए चुदाई हाल की तरफ जाने लगे।

उमा मंच से कहती है- अब थोड़ी देर में हमारी प्यारी हसीना राखी भाभी सेक्सी डांस करेंगी। भैयाजी दो महीने के लिए विदेश चले गए हैं और राखी भाभी की चूत मांग रही है लण्ड लण्ड और लण्ड।

इसके बाद मंच पर राखी नाम की पतली दुबली सी औरत बिना ब्लाउज के पानी से भीगी साड़ी पहन कर मंच पर आती है उसके दूध साड़ी में से चमक रहे थे।

राखी गाना “सात दिन से सो नहीं पाई, रात रात भर लण्ड लण्ड मेरी मुनिया चिल्लाई !” गाने पर मुजरा शुरू कर देती है। अपना पल्लू स्टाइल से नीचे गिराते हुए राखी दूध हिलती है और खुद भी गाती है “रात भर ठन्डे पानी से नहाई लेकिन मेरी मुनिया बार बार लण्ड लण्ड गाई !”

राखी अपनी साड़ी कभी थोड़ी कभी ज्यादा उठाती थी जिसमें से उसकी नंगी जांघें चमकती थी और चूत की झलक दिखती थी।

गाने के बोल ” मेरी सुन्दर मुनिया देखो और इसमें अपना लण्ड डाल दो !” गाने के साथ गुण्डे राखी की साड़ी खींच देते हैं और राखी नंगी हो जाती है और मंच पर लेट जाती है, गुण्डे उसकी तरफ नकली लण्ड फेंकते हैं तो एक मिनट तक अपनी चूत में नकली लण्ड कई तरह से फिराती है इसके बाद गुण्डे गोद में उठाकर उसकी चूत में नकली लण्ड घुसाते हैं। इस तरह 5 मिनट तक अपनी चूत, चूचियों और नकली लण्ड से राखी मंच पर सबका दिल बहलाती है।

उमा मंच पर आती है और बोलती है- अब आ रही हैं शाकाल अड्डे की टॉप की हसीनाएँ रचना, रेशमा, रूचि और सरीना।

 
गाना ” मोटे मोटे लण्डों को चूसने में बड़ा मज़ा आए !” बजने लगता है, रचना, रेशमा, रूचि, सरीना ब्रा पेंटी पहने मंच पर आती हैं और आते ही ब्रा निकाल कर फ़ेंक देती है और चूची हिलाते हुए जाकर चारों कोनों पर खड़े चार गुण्डों की लुंगी खोल देती हैं और उनके तने हुए लण्ड झुक कर 2-3 बार चूसती हैं। गुण्डे उनके चूतड़ दबा देते हैं। गाने के बोल “सखी, आज तो सेक्सी दिन है, 4-4 लौड़े चूसने में बड़ा मज़ा आए ! ” पर दो मिनट तक पेंटी पहने दूध हिलाते हुए चारों हसीनाएँ मच पर एक-एक करके चारों गुण्डों का लण्ड एक-एक बार 5-6 सेकंड के लिए चूसती हैं और आपस मैं भी सभी एक दूसरी के चुचूकों को उमेठती हैं।

गाने के बोल ” गरम गरम चूत में लण्ड घुसाने में बड़ा मज़ा ” आने पर दो गुण्डे आगे बढ़कर रेशमा और रचना को गोद में उठाकर उनकी चड्डी उतार देते हैं और घोड़ी बनाकर उनकी चूत में पीछे से पेल देते हैं और दोनों को चोदने लगते हैं। सरीना और रूचि की भी चड्डी उतार दी जाती है, दोनों गुण्डों के साथ नंगी नाचने लगती हैं और बीच बीच में उनका लण्ड भी चूसती हैं। मंच पर चुदाई, चुसाई और नाच सब साथ साथ चलता है। रचना और रेशमा के गुण्डे 10-12 शोट उनकी चूत में मारते हैं। इसके बाद दुसरे दो गुण्डे आकर दोनों को चोदते हैं। दोनों मस्ती लेती हुई चुदवाती हैं।

” गाने के बोल लण्ड चूसते चूसते चुदवाने मे स्वर्ग का मज़ा आए !” पर रचना और रेशमा अपने अपने सामने खड़े गुण्डे का लण्ड चूसने लगती हैं और दो गुण्डे अलग अलग उन्हें चोदने लगते हैं। रूचि और सरीना एक तरफ़ नंगी मटकने लगती हैं।

थोड़ी देर बाद दोनों चोदने वाले गुण्डे हट जाते हैं और रूचि, सरीना की कमर पीछे से पकड़ कर उनकी टांगें चौड़ी करके उन्हें ऊपर उठा लेते हैं और सबको उनकी चूत का दर्शन कराते हैं। एक मिनट फिर नंगा नाच चलता है। इसके बाद गाने के बोल ” ऊई माँ ऊई माँ ! लण्ड चूस चूस के खुजली हो रही तेज ! थोड़ा बढ़िया से चोद दे राजा मेरे !” पर दो नए गुण्डे आते हैं, रचना और रेशमा को घोड़ी बनाते हैं और उनकी गाण्ड में लण्ड घुसा देते हैं।

गाना थोड़ी देर के लिए बंद हो जाता है और दोनों की मंच से “ऊई, मर गई ! फट गई ! छोड़ो छोड़ो !” की आवाजें गूंजती हैं।

इसके एक मिनट बाद उनकी गाण्ड में लण्ड दौड़ने लगते हैं और जोरों की सिसकारियाँ मंच पर गूंजने लगती हैं। आधे से ज्यादा लोग अपनी गोद में बैठी रण्डियों के साथ चुदाई हाल में चोदने चले जाते हैं।

इसके बाद रचना और रेशमा उमा के इशारे पर दो अलग अलग गद्देदार सोफों पर लेट जाती हैं और गुण्डे उनकी चूत में लण्ड घुसा देते है और चोदने लगते हैं। मंच पर बाकी के चार गुण्डे साथ वाले सोफों पर बैठ जाते हैं, उनके लण्ड रूचि, सरीना, राखी और शीतल चूसती हैं।

थोड़ी देर बाद रचना और रेशमा अपने गुण्डों के ऊपर आ जाती हैं और गुण्डे नीचे लेट कर उनकी चूत चोदने लगते हैं। उनकी फटी गाण्ड अब ऊपर साफ़ चमक रही थी रूचि और सरीना वाले गुण्डे आकर अलग अलग उनकी गाण्ड पर सवार हो जाते हैं और उनकी गाण्ड मारने लगते हैं। अब दोनों की गाण्ड और चूत एक साथ पिल रही थी। मुँह सोफे से बहार निकल रहा था जिस पर उमा के इशारे पर मंच पर बचे दो गुण्डे अपने लण्ड दोनों के मुँह में डाल देते हैं, अब दोनों ३-३ लण्डों से खेल रही थीं। गाने के आखरी बोल “लण्ड चूसते चूसते चुदवाने और फटवाने में बड़ा मज़ा आए !” बज़ रहा था।

5 मिनट तक दोनों ने 2-3 आसनों में 3-3 लण्डों से पिलवाया। इसके बाद सब गुण्डे हट गए और गुण्डों ने अपनी अपनी हसीना रूचि, रेशमा, राखी, सरीना, रचना और शीतल के मुँह में वीर्य पिला दिया।

रात का डेढ़ बज रहा था। इसके बाद उमा मंच पर आई और बोली- शीतल की चूत की सेवा आज करेंगे राका ! जिन्होंने खरीदा है शीतल को २५००० रुपए में और राखी को खरीदा है राजू सेठ ने २८००० रुपए में। अब दोनों हसीनाएँ आपकी सेवा करेंगी सुबह छः बजे तक। हमारी 40 हसीन रण्डियों की बोली अभी 15 मिनट के लिए खुली हुई है, तीन हज़ार रुपए से शुरुआत है, अपनी हसीना बुक करें लण्ड सेवा काउंटर पर और बजाएं सुबह ६ बजे तक। एक कमरे में तीन लोग तक अपनी अपनी हसीनाएँ शेयर कर सकते हैं। देर न करें ! जल्दी बुक करें !

लण्ड सेवा काउंटर पर भीड़ हो गई, 32 लोगों ने लड़कियाँ बुक कीं। सभी हसीनाओं और उनके आशिकों को चुदाई हाल में भेज दिया गया। उमा ने बाहर जाने वाले दरवाजे पर बची हुई आठ लड़कियों को पतली पारदर्शी पेंटी पहना कर खुली चुचियों के साथ फूल लेकर खड़ा कर दिया। ये सब साधारण सी दिखने वाली रण्डियाँ थीं। ये रण्डियाँ अब दो हज़ार रुपए में सुबह के लिए मौजूद थीं। बाहर जाने वाले 5 लोगों को पटाने में ये सफल हो गईं, बाकी बचे लोग बाहर चले गए।

 
सभी हसीनाओं और उनके आशिकों को चुदाई हाल में भेज दिया गया। उमा ने बाहर जाने वाले दरवाजे पर बची हुई आठ लड़कियों को पतली पारदर्शी पेंटी पहना कर खुली चुचियों के साथ फूल लेकर खड़ा कर दिया। ये सब साधारण सी दिखने वाली रण्डियाँ थीं। ये रण्डियाँ अब दो हज़ार रुपए में सुबह के लिए मौजूद थीं। बाहर जाने वाले 5 लोगों को पटाने में ये सफल हो गईं, बाकी बचे लोग बाहर चले गए।

शाकाल और मैं नशे में धुत्त थे, वो अपनी खास 3-4 रण्डियों के साथ हाथ हिलाते हुए अपने कमरे में चला गया। रात के दो बज़ रहे थे।

उमा मेरे पास आकर बैठ गई और बोली- दस मिनट में सब हसीनाएं चुदने लगें,गी उसके बाद मैं और तुम चलते हैं।

मैं और उमा एक एक पेग पीने लगे।

उमा ने बताया- शीतल एक शरीफ औरत है और उसके पति निजी बैंक मैं काम करते हैं। शीतल को जुआ खेलने की आदत है। अक्सर वो 10-15 हज़ार अपने जेवर रखकर मुझसे उधार लेती रहती थी। मैं शरीफ औरतों को बिना ब्याज के सोना गिरवी रखकर उधार देती हूँ। इसी कारण से मेरी कई घरेलू औरतों से दोस्ती है। एक बार शीतल ने पति के एक लाख रुपए किट्टी पार्टी में जुए में उड़ा दिए। शीतल को तुरंत वो पैसे चाहिए थे नहीं तो वो पति की नज़रों में भी गिर जाती। उसने 40000 रुपए के जेवर पहले ही मेरे पास उधार रखे हुए थे। शीतल ने मुझे अपनी परेशानी बताई लेकिन मैंने उसे पैसे देने से मना कर दिया।

तो शीतल रोने लगी और बोलने लगी- दीदी, मुझे पैसे हर हाल में चाहिएँ, मैं इन पैसे के लिए रण्डी बनने तक को तैयार हूँ।

मैंने शीतल को शाकाल के अड्डे के बारे में बताया तो शीतल धंधा करने को राजी हो गई। शाकाल ने उसे एक लाख रुपए दे दिए। शाकाल ने शीतल को एक महीने का समय दिया और बोला अगर पैसे एक महीने में वह लौटा देती है तो रण्डी बनने की जरूरत नहीं और अगर नहीं लौटा पाएगी तो उसके अड्डे पर उधार चुकाने के लिए रण्डी बन सकती है। एक महीने में शीतल के लिए एक लाख रुपए जुटाना मुश्किल था।

शीतल के पति 20 दिन के लिए अपनी बैंक के काम से बंगलौर गए हैं। इसने मुझे उनके जाने से दस दिन पहले अपने पति के जाने के बारे में बताया और कहा- मुझे धंधे पर बैठा दो।

मैंने पिछला और यह शनिवार इसके धंधे के लिए तय कर दिया। पिछले शनिवार को इसने छः सेठों से चुदवाया था, टिप मिलाकर 35000 रुपए बने थे। आज दोपहर दो बजे से यह धंधे पर बैठी है, 5 लण्ड डलवा चुकी है अब तक ! अगला अब राका का डलवाएगी, कुत्ता बहुत बुरी तरह चोदता है, बड़ी बड़ी रण्डियों को रुला देता है, ऊपर से टिप भी नहीं देता है, सुबह साली रोती मिलेगी। राखी की मोज है। राजू सेठ बड़े प्यार से चोदता है और टिप भी अच्छी देता है। शीतल का आज शायद उधार चुक जायेगा, शीतल को आज 60000 रुपए तो टिप मिलाकर धंधे के पड़ ही जाएँगे। बचे हुए रुपए मैं दे दूंगी, धीरे धीरे चुकाती रहेगी। नंगा डांस नहीं करती तो एक रात और धंधे पर बैठना पड़ता। बड़ी मुश्किल से डांस सिखाया है। साली रण्डी बन गई जुए के चक्कर मैं। अच्छी बात यह है कि शाकाल जी का अड्डा सुरक्षित है। अगर कहीं और जाती तो परमानेंट रण्डी बन जाती। आजकल घरेलू औरतों की मांग बाज़ार में बहुत ज्यादा है। एक बार कोई फँस जाए तो माफिया उसका रस जवानी ढलने तक चुसवाते हैं। बदनाम होने का डर और बना रहता है।

दस मिनट बाद उमा रूचि और मुझे लेकर चुदाई हाल के एक खाली कमरे में आ गई और बोली- सुबह छः बजे तक यहीं सो लो और चुदाई कर लो ! कुतिया ने आज दस से ज्यादा लौड़े चूसे हैं, चूत खुजिया रही होगी रण्डी की। रात में बाहर कहाँ जाओगे, मैं सुबह 6 बजे आ जाऊँगी।

 
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