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मानस का नाम सुनते ही, मनु हड़बड़ा कर उठा, इसी बीच स्नेहा भी कमरे मे आ गयी... स्नेहा को देख कर मनु अभी ठीक से झटका भी नही खाया था, कि पिछे से गेट कीपर भी दौड़ता हुआ आया और कहने लगा..... "सर, बाहर पोलीस आई है वॉरेंट ले कर"
मनु ने "श्िीीईईईई" का इशारा किया, सब शांत हो गये. मनु ने फोन लिया, और श्रमण को इशारा किया... श्रमण समझ गया, जब तक मानस से बात चल रही है, तब तक उन पोलीस वालों को आराम से बिठाना है.
मनु.... कैसे हो भाई, आप की बहुत याद आ रही है.
मानस.... मुझे भी मनु. जल्द ही हम साथ होंगे, समझ लो बिल्कुल करीब आ गया हूँ. सोकत आवाँ मिल गया है, अब बस दीवान और पूर्वी मिलने बाकी है.
मनु.... अपना ख्याल रखना भाई....
मानस.... अजीब ही उलझन है मनु, पता नही इतने साल बर्बाद किए हैं, मिलने के बाद भी कुछ हासिल होता है कि नही.
मनु.... ऐसे मायूस क्यों होते हो. कुछ ना भी हाँसिल हो तो भी आप ने कोसिस तो की ना. ये तो नही रहेगा.... "काश हम ने वो कदम उठाया होता"
मानस.... हां सही कहे मनु. जानता है आज अजीब बात हो गयी. जब मैं नवाब के घर पहुँचा तो उसने दरवाजे से ही मुझे भगा दिया...
मनु.... कमीना कहीं का, उससे कुछ कहा कि नही...
मानस.... मैं क्या कहता मनु, कौन सा वो मेरा क़र्ज़ खाए है जो मैं उसे कुछ सुना देता. उसकी मर्ज़ी थी, नही आया मिलने. मिलना तो छोड़, उसने तो दीवान को जान'ने से भी इनकार कर दिया.
मनु.... तो अब आप क्या करोगे...
मानस.... देखते हैं मनु. वैसे जब मैं लौट रहा था उसके घर से खाली हाथ, तब एक प्यारी सी घटना हो गयी...
मनु.... प्यारी सी घटना या, दुर्घटना...
मानस.... नही रे पगले, तू तो सब जानता है फिर भी मुझे छेड़ रहा. खैर, मैं जब नवाब के यहाँ से खाली हाथ मायूस लौट रहा था तभी एक लड़की ने पिछे से आवाज़ लगाई. मैं इस से पहले की कुछ समझता, वो मुझ पर लगी चिल्लाने...
मनु..... आप पर चिल्लाने. क्यों भाई उसे छेड़ तो नही दिया था...
मानस..... चुप कर. वो चिल्ला कर कह रही थी, "आएन्दा यदि पूर्वी या दीवान अंकल की तलाश किए तो पोलीस कंप्लेन कर दूँगी, समझ क्या रखा है. लड़की के पिछे-पिछे उसके घर तक जाते हो, तुम्हारी वजह से कितनी परेशानी होती है हमे, ज़रा भी अंदाज़ा है इस बात का.... बाल-ब्ला-ब्ला".
मनु.... हा हा हा, इसका मतलब उपर वाले ने खाली हाथ नही लौटाया, आप को एक ज़रिया दे ही दिया. थॅंक गॉड. बस भाई आप अपनी तलाश पूरी कर के जल्दी लौट आओ, अब यहाँ ज़रा भी मंन नही लगता. हम ये सब उनको दे कर इन सब से कहीं दूर चले जाएँगे...
मानस.... ह्म ! सही कहा मनु, तू अपना ख्याल रखना, और किसी बात की टेन्षन नही लेना. मैं जल्द से जल्द काम पूरा कर के वापस लौट'ता हूँ. फिर दोनो भाई साथ रहेंगे.
मनु.... ठीक है भाई, मैं अब फोन रखता हूँ... आप भी अपना ख्याल रखना...
मनु ने कॉल डिसकनेक्ट किया, ठीक सामने उसके स्नेहा बैठी थी जो गुस्से मे उसे घूर रही थी.
मनु.... तुम कब आई स्नेहा, और यूँ गुस्से मे...
स्नेहा.... आप तो बॉस हो ना, जो मर्ज़ी वो करोगे... शराब पियोगे, नशे मे रहोगे, हम तो छोटे एम्पलोई हैं, हमे तो बोलने का भी हक़ नही....
"कोई बात नही मिस, हम किस लिए हैं, यहाँ सल्यूशन के लिए ही ना. अभी आप के बॉस को ससुराल लिए चलते हैं"..... एक पोलीसवाला उस कमरे मे घुस कर कहने लगा.