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हवस

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StoryPublisher

Guest
नमस्कार दोस्तों मैं आर एस एस का बहुत ही पुराना पाठक हूं और मुझे यहां की कहानियां बहुत ही पसंद आती मैं बहुत दिनों से रजिस्ट्रेशन करने का प्रयास कर रहा था जो कुछ दिन पूर्व ही जाकर सफल हुआ मेरा नाम जयप्रकाश है मैं एक कहानी शुरू करने जा रहा हूं आप लोगों से उम्मीद है कि अगर मुझसे कोई गलती होती है तो उसे नजरअंदाज करने की कृपा करें
 
एक दंपत्ति जिनकी शादी को कई वर्ष बीत चुके थे इनके पास हर प्रकार का सुख सुविधा उपलब्ध है परंतु फिर भी यह सुखी नहीं है। जिसका कारण केवल गया है कि इनकी कोई संतान नहीं है। इन्होंने बहुत से मंदिरों में पूजा पाठ कराया ब्राह्मणों को दान दिया परंतु फिर भी संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो रही थी। तभी इन्हें किसी ने बताया कि पास के एक मंदिर पर एक बहुत ही सिद्ध महात्मा आए हुए हैं इन्होंने आज तक बहुत से लोगों के कल्याण किया है या जो भी बोलते हैं वह सच ही होता है आप लोग एक बार उन्हें जा कर मिल लीजिए भगवान ने चाहा तो आपको पुत्र रत्न की प्राप्ति अवश्य होगी।

कहानी को आगे बढ़ाने से पहले आइए हम इस कहानी के कुछ पात्रों से परिचय प्राप्त करले।

घर की सबसे बुजुर्ग महिला जिनका नाम सरला देवी है और इनकी उम्र 75 साल है इनको सिर्फ इसी बात की चिंता खाए जाती है कि अगर मेरे पोते को अगर पुत्र नहीं हुआ हमारा वंश आगे कैसे बढ़ेगा। जिसके लिए उन्होंने अपने पोते के ऊपर दूसरी शादी करने का दबाव देना शुरू कर दिया है इनको आंखों से कम दिखाई देता है।

इनका एकमात्र पुत्र राजेश्वर सिंह जिनकी मृत्यु बहुत ही पहले हो चुकी है या अपने समय के एक सफल व्यवसाई थे जिसके कारण आज इनका परिवार बहुत ही समृद्ध शाली है इनकी मृत्यु एक कार एक्सीडेंट में हुई थी तो इनके बारे में ज्यादा कुछ बताना उचित नहीं है।

प्रियंका देवी उम्र 55 साल और अपने पति राजेश्वर सिंह की मृत्यु के बाद एकमात्र इनका जीने का कारण सिर्फ उनका पुत्र ही था शादी के 2 वर्ष के अंदर ही इनके पति की मृत्यु हो जाने के कारण हिंदी सिर्फ एक ही संतान थे घर वालों ने दूसरी शादी करने का दबाव डाला परंतु यह अपने सास-ससुर को छोड़कर दूसरी शादी करने के लिए तैयार नहीं हुई और जब इनकी पति की मृत्यु हुई तब इनका पुत्र इन के गर्भ में पल रहा था जो की दूसरी शादी करने के लिए उसका गर्भपात कराना पड़ता जिसके लिए यह तैयार नहीं हुई और बाद में फिर इन्होंने की शादी न करने का फैसला कर लिया इसके बाद इनका सारा ध्यान सर ससुर की सेवा और पुत्र को पालने में तथा इसके बाद जो समय बचता था उन्होंने पूजा पाठ में लगा दिया।

जयप्रकाश सिंह उम्र 52 साल स्वभाव से एक नंबर का कमी ना इंसान इसने अपनी वासना की पूर्ति के लिए किसी को भी नहीं छोड़ा इसकी नजर तो अपनी बहन प्रियंका पर भी थी परंतु वह अपनी पति की मृत्यु के बाद इन सब से विरक्त हो गई परंतु फिर भी यह उन्हीं के यहां रहता था और उनकी बिजनेस आसारा कार्यभार यही देखता था । इसके अंदर लाख बुरा ही सही परंतु यह आदमी काम के प्रति एकदम ईमानदार रहता था जिसके कारण इसने अपने जीजा के बिजनेस को और भी ज्यादा ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया था।

सरिता देवी उम्र 48 साल जयप्रकाश की पत्नी थी यह भी अपनी पति की तरह बहुत ही कुटिल औरत थी यह अपनी ननद के सामने तो बहुत ही भोली भाली बनती थी परंतु पीठ पीछे उसकी बुराई भी करती रहती थी।

इनकी एकमात्र बेटी जिसकी उम्र अभी मात्र 6 साल की इन्हें भी शादी के बाद बहुत ही लेट पुत्री की प्राप्ति हुई इन्होंने तो आशा छोड़ दिया था परंतु कहते हैं भगवान के घर देर है पर अंधेर नहीं।

अभिनव सिंह उम्र 30 साल शादी को 5 साल बीत चुके हैं परंतु अभी भी बच्चा नहीं हुआ है और अभी अपने मामा के साथ अपने बिजनेस में ध्यान देते है।

मीरा सिंह उम्र 26 साल जय देखने में किसी भी फिल्मी हीरोइन को भी मात दे दे शादी के इतने दिन बीत जाने के कारण भी अभी तक बच्चा नहीं हुआ परंतु फिर भी इन्होंने योगा जिम जाने के कारण फिर उन्होंने अपने शरीर को फिट रखा है इनकी साइज 36-28-36है । इनकी बच्चा ना होने का राज सिर्फ यही जानती हैं और कोई भी नहीं क्योंकि इन्होंने शादी के बहरीन का फिगर खराब ना हो बच्चा होने से उससे बचने के लिए इन्होंने अपना ऑपरेशन करवा लिया।

इन लोगों के अलावा घर में एक नौकर है जिसका नाम रामू है या अपनी पूरी परिवार के साथ बंगले के पीछे बने हुए सर्वेंट क्वार्टर में रहता है इसकी एक बीवी और दो बच्चे हैं इसकी बीवी का नाम शालू है यह एक बहुत ही बड़ी छुड़ाई की भूखी रंडी औरत है। इसकी दो बेटियां हैं जो की मूवी मात्रा 8 साल की हैं दोनों ही जुड़वा हैं
 
रात की चुदाई का खुमार अभी भी मीरा के चहरे से उतरा नही था।उसे अपने बगल मे सोये हुए पति के चहरे को देख कर मुस्कुरा रहीथी। अभी भी वो वैसे ही नग्न अवस्था मे ही बिस्तर पर पड़ी हुई थी अभी तक उसने अपने आप को साफ भीनही किया था।उसने बिस्तर से उठ के बाथरूम में जाकर अपने आपको सीसा में देखी तो अब्बी उसकी चूची पे दातो से काटने का निशान बना हुआ था जो कि अभी(अभिनव) के काटने के कारण भनक हुआ था।

जब भी वो अपने आपको शीसे में देखती तो उसे अपनी हुस्न पर बहुत ही नाज होता जिसके कारण वह किसी भी मर्द को अपने कदमो में झुकने के लिए मजबूर कर देती है।

यही कारण है घर वालो के इतना कहने के बाउजूद अभिनव दूसरी शादी के लिए तैयार नही था ।यह सब सोचते हुए उसने फ्रेश होकर अभिनव की मनपसन्द साड़ी ब्लैक कलर की जो कल उसने आज के मौके के लिए ही खरीदी थी क्यूंकि आज अभिनव का जन्मदिन है और आज उसे वो एक खाश गिफ्ट देने वाली है ।आज वह अभिनव को सरप्राइज पार्टी का प्लान किया है आइये देखते है मीरा अभिनव से क्या कह रही है

(यह कहनी आगे से अभिनव के जुबानी चलेगी)

मीरा-"उठो जान कब तक सोयँगे आप माँ जी पत नही कबसे आपको उठाने को बोल रही है सुबह के 8 बजने वाले है लगतक़ है आज आपको ऑफिस नही जाना है क्या ।

अभिनव"-बस थोड़ी देर ओर सोने दो यार बसअभी उठ रहा हु"

मीरा-"आप उठ रहे है या मैं आपके ऊपर पानी डालू।मैं आपके रोज रोज के नाटक से परेशान हो गयी हु "

अभिनव मन मे यह सोचते हुए उठ जाता है मुझसे इतना प्यार करने का नाटक कर रही है और देखो आज इसको मेरा जन्मदिन भी याद नही है ।गिफ्ट न सही कम से कम एक बार विस् ही कर स देती औऱ वह नहा कर आता है तो उसे मीरा रोज की तरह कपड़े देती है ऑरोरा नास्ता करने को बोल करवह नीचे चली जाती है और माँ जी से बोलती है कि

मीरा-"मा जी इस बात का ध्यान रखे कि कोई भी उन्हें घर मे विश ना करे हम उन्हें शाम को एक सरप्राइज पार्टी देंगे सभी लोग रोज की तरह ही रहे।

अभिनव ऊपर से तैयार हो कर नीचे आता है और रोज की तरह जाकर दादी के पैर छूकर आशीर्वाद लेता हैऔर दादी का रोज की तरह एक ही बात बोलती है

सरलादेवी-" बेटा लगता है कि मैं अपने घर के चिराग का मुंह देखे बिना ही ऊपर चली जाउंगी तू दूसरी शादी क्यों नही कर लेता है ।माना कि मीरा एक अच्छी बहु है इसमें कोई भी दोराय की नही वह सभी को खुश रखती है परंतु घर को वारिश नही दे पा रही है ।

अभिनव -"दादी आप फिर से सुरु हो गयी मैं आपसब बोला हु न कि 1सकल ओर देखता हूं अगर कुछ नही हुआ तो मैं दूसरी शादी करने के लिए तैयार हूं आप जिस भी लड़की से बोलोगी म8 कर लूंगा।"

दादी-"हा तू मेरे मरने के बाद ही करना मकई मर जाऊ तू तो यही चाहता है ना।
 
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