अब देवकी बिस्तर पर लटकी हुई अपना सर जमीन पर पड़े हुए अपनी गांड में देवा का लंड ले रही थी
देवकी: “आह क्या मस्त तरीका है चुदाई का…आह…अहह …आहह”
देवा:“हाँ साली बस लंड चाहिए तुझे अपने छेदो में ले इस तरीके से भी खा अपने देवा के मस्त लंड को…”
देवा सटा सट देवकी की गांड मारता जा रहा था।
देवकी का सर जमीन पर था उसे देवा का लंड साफ़ अपनी गांड में अंदर बाहर होता हुआ दिख रहा था।
देवकी मुस्कराते हुए देवा के लंड के हर झटके के साथ अपनी गांड ऊपर नीचे हिला रही थी।
बाहर कौशल्या ने पानी छोड दिया था और उसकी सलवार गीली हो गयी थी।
उसने पहली बार किसी को ऐसे चुदाई करते देखा था…
देवा पीछे से उसकी गांड में अपना लंड डाले पूरे जोश में अंदर बाहर करता रहा…
लगभग ऐसे ही कुछ 1 घन्टे तक देवा ने देवकी के तीनो छेदो को कई बार चोदा।
कौशल्या कुछ देर बाद ही अपने कमरे में जाकर गीली सलवार में ही सो गयी।
देवा भी अपने कपडे पहनकर पप्पू के बराबर में आकर सो गया…
देवकी नंगी ही चादर ओढ़ कर सोने लगी उसकी गांड आज देवा ने बुरी तरह चोदी थी इसलिए उसे बहुत दर्द हो रहा था और उसे बहुत दिनों से देवा का लंड लेने का मन था इसलिए आज वो खुश होकर सो गयी।
अगली सुबह देवा और पप्पू को ममता के साथ वापस अपने गाँव लौटना है…
सुबह-सुबह जब देवा और पप्पू उठ कर तैयार हो जाते हैं और ममता के घर जाते हैं जहां पर ममता तैयार हो चुकी होती है सभी से विदा ले कर ममता को लेकर देवा और पप्पू अपने गांव की तरफ रवाना होते हैं।
घर पहुंचकर देवा अपनी मां रत्ना को आवाज देता है ।रत्ना घर से बाहर निकलकर ममता देवा और पप्पू को देखकर बहुत खुश होती है और ममता को गले से लगा लेती है और घर के अंदर ले जाती है । जब ममता के घर आने की बात पड़ोस में मालूम होती है कि ममता घर आई हुई है उसकी बहुत सारी सहेलियां उससे मिलने के लिए रत्ना के घर आती हैं । नीलम भी देवा के घर ममता से मिलने के बहाने आती है। लेकिन नीलम का ध्यान देवा की ओर ही लगा रहता है।
धीरे-धीरे सभी ममता से मिलकर अपने अपने घर चले जाते हैं दोपहर के समय गांव के सभी लोग अपने-अपने घरों में आराम करने लगते हैं। इधर घर में अब सिर्फ अपना ममता और देवा ही बचते हैं।
रत्ना अपने कमरे में आराम करने के लिए चली जाती है ममता भी अपने कमरे में जब आराम करने के लिए जाती है तो पीछे से देवा भी उसके कमरे में पहुंच जाता है और पीछे से ममता को अपनी बाहों में भर लेता है। ममता चौंक जाती है।
ममता: क्या कर रहे हो भैया ....अभी मां देख लेगी तो वह बहुत गुस्सा करेगी ।
देवा : नहीं मेरी जान मैंने अपना वादा पूरा कर दिया है अब मैंने मां को भी अपने प्यार के वश में कर लिया है। मां को दिन रात अपनी बीवी की तरह चोदता हूं।
यह बात सुनकर ममता की आंखें हैरत से फैल जाती है क्या बात कर रहे हो भैया.... क्या सचमुच तुमने मां को चोद दिया है?
देवा: हां ममता क्या तुम्हें विश्वास नहीं है अपने भाई पर...
इधर बातें करने के साथ साथ देवा ममता की चूचियों को भी मसल रहा है जिससे ममता धीरे धीरे गरम होकर सिसकारी भरने लगती है। देवा ममता को पेट के बल पलंग के सहारे घोड़ी बना देता है और उसकी साड़ी को पूरा ऊपर तक उठा देता है ममता घोड़ी बनी अपनी गांड को टाइट कर देती है देवा अपने घोड़े जैसे लंड को ममता की चूत पर लगाकर रगड़ने लगता है।
देवा के लंड में रगड़ने से जल्दी ही ममता की चुत पानी छोड़ने लगती है देवा अपनी बहन ममता को गर्म देखकर अपने लंड को एक धक्के के साथ ममता की चूत में पेल देता है। ममता जोर से चिल्लाती है लेकिन देवा खचाखच ममता की चूत मारने लगता है ।
देवा के धक्के धीरे-धीरे बहुत तेज होने लगते हैं और ममता की सिसकीयां भी बहुत तेज हो जाती है जोकि रत्ना को सुनाई पड़ने लगती है दोनों की सेक्सी आवाजें सुनकर रत्ना की चूत भी गीली होने लगती है वह भी अपने आप को रोक नहीं पाती और धीरे-धीरे ममता के रूम की तरफ आने लगती है ।
जब रत्ना खिड़की से ममता के रूम में देखती है तो देवा ममता को कुतिया बनाकर पेल रहा है।
रत्ना: यह क्या हो रहा है देवा तुमको थोड़ा सा भी शर्म नहीं है। बहन के घर आते ही उस पर चढ़ गया तुझे यह भी परवाह नहीं है कि दिन है कि रात कभी भी अपनी बहन के ऊपर चढ़ जाता है अगर किसी ने देख लिया तो हमारी कितनी बदनामी होगी ।
देवा: अरे मां इस टाइम कौन आएगा और ममता इतनी सुंदर दिख रही है सुबह से मेरा लंड खड़ा है। मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया । तुम भी आ जाओ ना तुम्हारी चूत में भी तो खुजली हो रही होगी। आ जाओ तुम को भी शांत कर देता हूं।
रत्ना: अरे नहीं बेशर्मी तुम दोनों को ही मुबारक हो। मैं अभी इतनी बेशर्म नहीं हूं तुम दोनों के साथ मिल जाऊँ।
देवा :प्लीज मां आ जाओ ना बहुत मजा आएगा देखो ममता को कितना मजा आ रहा है।
ममता: भैया सही बोल रहे हैं माँ।मुझे बहुत मजा आ रहा है आओ...दोनों मिलकर भाई का तेल निकाल देते हैं ।
रत्ना: अच्छा ठीक है रात को मैं भी आऊंगी लेकिन अभी दिन में मुझे बहुत शर्म आएगी। ये कहकर रत्ना वहां से चली जाती है।और देवा आधे घंटे चोदने के बाद ममता की चूत अपने माल से भर देता है।ममता भी दो बार झड़ चुकी थी।
धीरे धीरे समय बीतता जाता है शाम को रत्ना खाना बनाने लगती है ममता भी हाथ बटाने लगती है। जब खाना तैयार हो जाता है तो सभी खा पीकर आराम करने लगते है।
देवा तो रोज अपनी माँ के पास ही सोता था।वह अपनी माँ के बेड पर चला जाता है वह ममता को समझा दिया था की जब मैं माँ के साथ चुदाई करूँ तो तुम भी आ जाना।
कुछ देर बाद देवा रत्ना को ममता के साथ आते देखकर चौंक जाता है।उसकी माँ तो उससे एक कदम आगे है।रत्ना तो खुद ही ममता को ले आई थी। देवा बहुत खुश होता है।
रत्ना दूध का गिलास भी लाई थी जिसे देवा को दे देती है।देवा अपने भी दूध पीता है और अपनी माँ बहन को भी पिलाता है।
दुध पीने के बाद तीनो एक दूसरे को देखते है जैसे पूछ रहे हो अब क्या।
देवा: देखो माँ ममता ने मुझसे वादा किया था की इस बार जब यहाँ आएगी तो मुझे अपनी कुँवारी गांड देगी।आज वो दिन आ गया है।मुझे ममता की कुँवारी गांड चोदनी है।तभी वह पूरी तरह से मेरी रंडी बन जायेगी।
और रत्ना.... ममता की गांड मारने में तुम मेरी मदद करोगी।आज से तुम दोनों मेरी रंडी हो।तुम दोनों को मुझे जैसे मन करेगा चोदुँगा।
रत्ना: बेटे कुँवारी गांड मारने के लिए मैं देशी घी ले कर आती हूँ ताकि मेरी बेटी को कम दर्द हो।
देवा: बेटी की बड़ी चिंता है साली रंडी।तेरी भी गांड मारूँगा।
रत्ना घी लेकर आ जाती है।
देवा: चलो तैयार हो जाओ मेरा लंड लेने के लिए।
और दोनों शरमा जाती है।
देवा: ममता तुम चिंता मत करो शादी तक तुम्हारे पेट में मेरा बच्चा आ जायेगा।
ममता :देवा के कान में। मुझे इंतज़ार रहेगा।
देवा दोनों को बेड के सहारे झुका कर फर्श पर खड़ा कर देता है।
दोनों बेड पे अपने हाथ टीका कर और फर्श पे पैर फेला कर खड़ी थी।
और देवा दोनों के पीछे जा कर खड़ा हो जाता है
और दोनों की टाँगे फैला देता है और इस पोजीशन में दोनों माँ बेटी की गाण्ड का छेद साफ़ नज़र आ रहा था।
उनके पीछे घुटनो पर बैठ जाता है और दोनों की गाँडो के छेद में अपने दोनों हाथों की एक एक ऊँगली में थूक लगा के पेल देता है।
और दोनों के मुह से सिसकारी निकल जाती है।
रत्ना को तो कम पर ममता को बहुत दर्द हुआ।
ममता : आह माँ मार ड़ाला ।आह भइया मेरी गाँड में आज तक मेरी ऊँगली भी नहीं गई है।
देवा:कोई बात नही साली।आज तेरी गाँड में मेरा मूसल जायेगा।
रत्ना : धीरे ममता आवाज़ मत कर ।
ममता : आह स स माँ बहुत दर्द हो रहा है।
रत्ना : जानती हुँ पर बेटी अभी तो देवा ने अपनी एक ऊँगली डाली है जब पूरा मुसल जायेगा तो क्या होगा।
ममता : आह ओह माँ आह से आ माँ दर्द सह लुंगी पर मुझे अपने भाई का लंड अपनी चुत और गाण्ड दोनों में लेना है तभी मैं आप की तरह भाई की पक्की रांड बन पाऊँगी इसलिये मुझे जितना भी दर्द सहना पड़ेगा मैं सह लुंगी ।
और देवा तेज़ तेज़ अपनी ऊँगली दोनों की गाँड में अंदर बाहर करने लगता है और रत्ना की गाण्ड से ऊँगली निकाल कर उसकी गाण्ड पे जीभ लगा कर चाटने लगता है।
रत्ना: आह जान क्यों गन्दी जगह अपनी जीभ लगाते हो। आआआह उईईईईई माँ माँ आह कितना अच्छा लगता है मेरे राजा।
ममता देख रही थी की देवा माँ की गाण्ड चाट रहा था
ममता ; आह माँ आहहह नहीं मेरी भी चाटो ना भाई।
और देवा ममता के गाण्ड से ऊँगली निकाल कर उसके गाण्ड के छेद में जीभ लगा कर चाटने लगता है।
ममता: सीसीसीसी मज़ा रहा है भइया ।
क्या चाटते हो।
रत्ना: जान अब पेल दो न।
देवा: किसके में डालुँ पहले ।
रत्ना: ममता के गाँड में जान ।उसे बहुत दर्द होगा तो उसी हिसाब से उसकी गाण्ड मारनी पडेगी।
और घी को उठा कर ममता के गाण्ड के भूरे छेद में मल देती है।
देवा: जान इसको खड़ा तो करो अपना लंड को हिलाते हुए।
और उसकी ये बात सुन कर दोनों माँ बेटी एकदम से देवा के लंड के पास मुँह करके बैठ जाती है और दोनों उसके लंड को चुसने लगती है ।
कभि कोई टट्टों को
कोई लंड को।
फिर टोपे को।
तो कोई ज़ड को और
एक दूसरे से छिनने लगती है जैसे होड लगी हो किसी चीज़ की।
देवा: हो गया भाई खड़ा करना है निचोड़ना नहीं है
और दोनों उसकी ओर देख के भी नहीं रूकती है पागलो की तरह चुसती रहती है।
देवा: आ आह और चूसो ऐसे हे आह ओह माँ मर गया उफ मज़ा आ रह है चुसो मेरी रंडियों चुसो मेरे लंड को मजा आ गया निकालो मेरा पानी और पी जाओ
आह ओह माँ आह से आ माँ मार ड़ाला मेरी रण्डियों ने।
और वो दोनों तो जैसे कुछ सुन ही नहीं रही थी
और दोनों एक दूसरे से छिना झपटी कर रही थी।
जैसे लड रही हो की ये लंड़ मेरा है की मेरा है।
तभी देवा का शरीर अकडने लगता है रत्ना समझ जाती है।
और देवा के टोपे को ममता से छिन कर अपने मुँह में लेती है और जोर जोर से चुसने लगती है।
और तभी देवा पिचकारी छोड देता है और रत्ना उसका पानी पीने लगती है और फिर अपने मुँह से निकाल कर ममता के मुँह में देती है और दोनों माँ बेटी देवा का पानी पी जाती है और चाट चाट कर साफ़ कर देती है ।
देवा पानी निकलने के बाद बेड पे बैठने लगता है और रत्ना और ममता उसे बेड पर लिटा देती है और खुद उसके बगल में लेट जाती है।
रत्ना और ममता दोनों देवा के लंड को सहलाने लगती है
और देवा के एक एक निप्पल को दोनों मुँह में ले कर चुसने लगती है।
इन हरकतो की बजह से देव का लंड खड़ा होने लगता है।
देवा: आआआअह्ह माआआआआह
किसका नंबर लगाऊँ।
रत्ना: ममता को घोड़ी बनने का इशारा करती है।
और थोड़ी और घी लगाती है ममता की गाण्ड और देवा के लंड पर।
और देवा पीछे आ कर ममता की गाण्ड के सुराख़ पे लंड का सुपाडा लगा कर रगड़ने लगता है।
ममता: आह भाई धीरे पेलना पहली बार मेरी गांड पर किसी ने लंड रखा है।
रत्ना: चिंता मत कर भाई है आराम से करेगा।
और तेरे होने वाले बच्चो का बाप भी है।
ममता : उई माँ ।
देवा लंड को ममता की गाँड के भूरे छेद पर सेट करके एक धक्का लगाता है जिससे थोड़ा सा लंड ममता की कुँवारी गांड में घुस जाता है।
ममता;हाय भाई आराम से डालो और सिसकने लगती है।
रत्ना देवा को इशारा करती है आराम आराम से करेगा तो तकलिफ ज्यादा होगी एक ही बार में पेल दे पूरा ।
और रत्ना ममता का सर अपनी गोदी में रख लेती है।
और बिना समय गँवाये एक जबरदस्त झटका मारता है घी की चिकनाई और लंड के वार से ममता की गाण्ड ककड़ी की तरह फट जाती है और लंड झटके से ममता की गाण्ड में घुस जाता है।और ममता के मुँह से चीख निकल जाती है।
वो तो रत्ना का ध्यान था वो उसके मुँह पे अपना हाथ रख देती है जिससे उसकी चीख उसके मुँह में दब जाती है।
और देवा ममता की चूचियाँ पकड़ कर मसलता है और अपने लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करने लगता है।
धीरे धीरे करने से और मम्मे के मसलने से ममता को थोड़ा आराम मिलता है ।
ममता: आआआअह्ह भाई तुम बहुत बेरहम हो आह कितनी बेदरदी से आप ने लंड घुसाया है कोई रहम नहीं किया। अब तो धीरे धीरे कर रहे हो ।
अपनी बाकि की बेहरमी भी दिखा दो ,कोइ रहम मत करो। उऊउउउउउह हरी देखो एक ही दिन में तुम्हारी बीवी की उसके भाई ने अपनी माँ के साथ मिल कर मेरी गाण्ड फाड़ दी लोहे की रॉड से अगर आआआअह्ह उउउउउउउह तुम्हारे पास इतना मोटा लंड होता तो मैं तुम्हारे निचे होती उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह
फट गई मेरी गाण्ड पक्का खून निकल रहा होगा
तभी रत्ना देखती है।
रत्ना: हाँ बेटी तेरी गाण्ड का भी उदघाटन हो गया मेरे बेटे के लंड से।
आआआआह उउउउउउउह माआआआआ अव मैं देवा की पक्की वाली रांड और बीवी बन गई।
रत्ना: हाँ मेरी बच्ची अब तुम मेरी सौतन भी बन गई।
ममता: उउउउउउउह माआआआआ भाई से बोलो मेंरे पर कोई रहम न करे कर ले अपने मन की।भाई भी क्या याद रखेगा किस दिलवाली से पाला पड़ा है।
देवा उसकी बातें सुन कर और जोर जोर से धक्के मारने लगता है।
ममता ; आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह क्या चोदा था भाई मस्त है। बन गया मेरा खसम आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ मरररररररर डाआआआआआ मेरी जान , मेरे भाई,मेरे पति ने ।
उऊउउउउउह और कितनी देर पेलेगो मेरे भइया।
देवा: गलती तुम दोनों की है मेरा पानी क्यों निकाला मेरा लंड चूस के। नहीं तो अभी तक निकल गया होता। और तेज़ तेज़ गाण्ड मारने लगता है ।
ममता: माँ उउउउउउउह बचा लो मुझे ये तो मुझे चलने लायक भी नहीं छोडेंगा।
रत्ना: थोड़ी देर और सबर कर ले बेटी।
उऊउउउउउह माआआआआह
देवा ममता की गाण्ड से एक झटके से लंड निकाल लेता है।
ममता: अअअअअ भाई क्यों निकाला मजा आ आ रहा था ।
देवा: तूने ही तो बोला।
ममता : माँ बोलो न भाई को लड़कियों तो नखरे करती ही है। और देवा बेड पे लेट जाता है उसका लंड किसी खुटे की तरह खड़ा था।
देवा: अब जिस को गाण्ड फड़वानी हो इस खुटे पे अपनी अपनी चुत या गाण्ड रख कर बैठ जाए।
रत्ना और ममता दोनों एक दूसरे को देखती है।
जैसे कह रही हो पहले मैं पहले मैं।
देवा: क्या हुआ मेरी बुलबुलो क्या सोच रही हो।
तभी ममता।
ममता: माँ आप बैठ जाओ भाई के लंड पे मैं तब तक थोड़ा आराम कर लु।भाई ने मेरी गाँड फाड़ दी है।
और रत्ना देवा के लंड पे अपनी गाण्ड के सुराख़ को रख कर बैठने लगती है।
रत्ना: आआआअह्ह ओह उईईईईई माँ ।
ऐसे बैठने से देवा का लंड रत्ना के गाण्ड में ज़ड तक घुस जाता है।
और पहली बार रत्ना को ऐसा लग रहा था की लंड गाण्ड में घुसा है और मुँह से बाहर आ जाएगा।
रत्ना: आह बेटे क्या लंड है तेरा मेरे राजा मैं तो निहाल हो गई आह अगर मैंने तुझे नहीं पाया होता तो मेरी ज़िन्दगी बर्बाद थी आह ओह मज़ा आ रहा है और देवा के लंड पे उछल उछल कर अपनी गाण्ड देवा के लंड पे पटक रही थी।
रत्ना देवा के लंड पर जोर जोर से कूदने लगी।देवा का पूरा लंड उसकी माँ रत्ना की गाँड में अंदर बाहर हो रहा था।
देवा:आह्ह्ह्ह साली रंडी क्या कूद रही है। क्या मस्त टाइट गांड है तेरी साली।कहकर देवा एक जोर का थप्पड़ रत्ना की गांड पे मारता है।
रत्ना: उईईईईई माँ।
ममता: माँ हटो न अब मुझे भी झूला झुलना है अपने खसम के लंड पे।
और रत्ना हट जाती है और ममता देवा के लंड पे बैठने लगती है ।
तुम्हारी सास और तुम्हे तुम्हारे पति से वो प्यार नहीं मिला इसलिए तुम दोनों ने मेरा प्यार अपना लिया पर मुझे सिर्फ अपनी माँ का प्यार चाहिए और अब तुम भी हमारे परिवार का हिस्सा हो।
मै मेरी पत्नी रत्ना और तुम मेरी प्यारी बहन।
ममता : अच्छा जी गाण्ड और चुत मारने के बाद बहन।
देवा: हाँ बहन....
क्यूं जान....
रत्ना: चलिये काफी रात हो गई है आप सुसु करने चलिये फिर सोते है कई दिनों से खेत में भी नहीं गये ।
और देवा ममता और रत्ना को गोदी में उठा कर बाथरूम ले जाता है क्यों की गाण्ड की चुदाई के बाद दोनों को चलने में प्रॉब्लम हो रही थी।
और तीनो फ्रेश हो कर नंगे ही सो जाते है।
रात में सोते समय देवा को अपने लंड पे किसी के जीभ का अहसास होता है तो उसकी नींद खुल जाती है।तो वह देखता है की ममता उसके लण्ड को अपनी जीभ से चाट रही है और उसका लंड पूरा रॉड बन चूका है।
देवा देखता है की रत्ना अपनी गांड इन दोनो की तरफ करके सो रही है।देवा रत्ना के गांड पर चटाक से मारता है जिससे रत्ना की नींद खुल जाती है।
देवा:तू चैन से सो रही है साली रंडी और इधर तेरी बेटी ने मेरे लण्ड का क्या हाल कर दिया है।
रत्ना:क्या किया इसने।
ममता:कुछ तो नहीं किया माँ।वो मेरी नींद खुल गई तो भइया का लंड खड़ा था तो मुझे प्यार आया और मैंने उसे किस कर लिया।
देवा:नहीं इस साली रंडी ने मेरा लंड चूस चूसकर पूरा रॉड बना दिया है।अब मैं तुम दोनों रण्डियों की गांड फाड़कर रख दुँगा।
फिर देवा अपनी पर्सनल रंडियों को लंड चूसने का इशारा करता है।और दोनों देवा के लंड को चूसने चाटने लगती है।
कुछ देर लंड चुसवाने के बाद रत्ना को बेड पर पीठ के बल उल्टा लिटा देता है मतलब सर के तरफ पैर और पैर के तरफ सिर।फिर ममता को रत्ना के मुँह पर अपनी चूत रखकर कुतिया बना देता है।अब रत्ना की चूत के पास ममता का मुँह है।और डोगी बनी ममता की चूत रत्ना के मुँह पर थी।अब देवा कुतिया बनी ममता के पीछे आकर अपने लंड को पहले रत्ना के मुँह में पेल देता है।जब लंड पूरी तरह थूक से गिला हो जाता है तो उसे रत्ना के मुँह से निकालकर कुतिया बनी ममता की गांड में पेल देता है।