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हाय रे ज़ालिम.......complete

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ममता:जोर से आह माँ ईईईईईईईई रे मार रररररर डालाआआआ।लेकिन देवा को तो एक गरम चूत या गांड चाहिए।वह पूरी बेदर्दी से ममता की गांड मारता हैं।और निचे से रत्ना ममता की चूत चाटने लगती है।देवा अब जोर जोर से ममता की गांड में लंड पेलता है इधर ममता दर्द से चीखती रहती है कुछ देर बाद ममता की गांड में पूरा लण्ड घुस जाता है तो ममता को भी अच्छा लगने लगता है।

अब देवा अपने लण्ड को ममता की गांड से निकाल कर रत्ना के मुँह में पेल देता है जिसे रत्ना चूसने लगती है।ऐसा पहली बार हो रहा है जब एक बेटा अपनी बहन की गांड मारते हुए गांड में से लंड निकाल कर अपनी माँ के मुँह में पेल रहा हो।फिर देवा अपने लण्ड को अपनी माँ के मुँह से निकाल कर कुतिया बनी अपनी बहन की गांड में पेलने लगता है।

अब देवा बार बार अपना लण्ड कभी ममता की गांड में पेलता है फिर गांड से निकाल कर रत्ना के मुँह में पेलता है।इस बार जब लंड ममता की गांड में से निकाल कर फिर ममता की चूत में पेल देता है और उस कुतिया को चोदने लगता है। ममता सिसियाती रहती है।

अब देवा ममता की चूत से लण्ड को निकाल कर गांड में पेलता है फिर गांड से चूत में।ऐसे कुछ देर पेंलने पर ही ममता झड़ जाती है। ममता की चूत का सारा पानी देवा के लण्ड पर लगा होता है जिसे वह अपनी माँ रत्ना के गरम मुँह में पेल देता है जिसे रत्ना चाटने लगती है।

कुछ देर बाद देवा दोनों रंडियों की जगह चेंज कर देता है।अब अपना लण्ड रत्ना की गांड में पेलता है और फिर उसे ममता के मुँह में पेलता है।आधा घंटे में ही रत्ना भी झड़ जाती है।जिसे वह ममता से साफ कराता है।

अब दोनों झड़ चुकी है।लेकिन देवा का लण्ड रॉड की तरह होता है।फिर देवा ममता को कुतिया बनने का इशारा करता है।जब ममता कुतिया बन जाती है तो फिर रत्ना को उसके ऊपर कुतिया बना देता है।अब देवा के लंड के निचे 2 चूत और 2 गांड थी।अब देवा पहले ममता की टाइट गांड में लण्ड पेलता है।कुछ देर पेलने के बाद अपने लंड को ममता की गांड से निकाल कर रत्ना की गांड में पेल देता है।

देवा के लण्ड के निचे 2 रंडियाँ थी जो की कुतिया बनी हुई थी।अब देवा का लंड कभी रत्ना की गान्ड में तो कभी ममता की गांड में।फिर रत्ना की चूत में तो कभी ममता की चूत में।1 घंटे तक चोदने के बाद देवा ममता की गांड मार रहा होता है और अचानक चीखने लगता है आह मेरी कुतिया।मेरी बीबी मेरी रांड साली रत्ना ले मेरा माल अपनी गांड में। और ममता की गांड में झड़ जाता है। ममता को बहुत बुरा लगता है क्योंकि गांड उसकी फट रही थी और देवा नाम रत्ना का लेता है।
 
कुछ देर सुस्ताने के बाद।

देवा: मुझे सु सु जाना है।तुम दोनों भी चलो मेरी रंडियों।लेकिन माँ बेटी से उठा नहीं जाता तो देवा दोनों को बाँहों में लेकर टॉयलेट में ले जाता है जहाँ दोनों को सु सु करने को बोलता है।पहले रत्ना सु सु करती है और देवा उसकी चूत में ऊँगली पेल देता है जिससे पेशाब रुक जाती है।फिर अपनी ऊँगली निकाल लेता है।इसी तरह ममता के साथ भी करता है।फिर दोनों रंडियों को अपने आगे बिठाकर मुँह खोलने को बोलता है।जब दोनों मुँह खोल देती है।

देवा:देखता हु मेरी कौन सी रांड मेरा पेशाब ज्यादा पी जाती है फिर दोनों के मुँह में मूतने लगता है।जिसे माँ बेटी मुँह में भर लेती है और पीने लगती है।लेकिन ममता एक ही घूँट पी पाती है बाकि निचे गिरा देती है।रत्ना किसी रंडी की तरह बहुत सारा पेशाब पी जाती है।रत्ना जीत जाती है।लेकिन देवा दोनों को अपने पेशाब से नहला देता है।दोनों के पुरे चेहरे से लेकर पुरे बदन पर मूतता है।आज दोनों सही में देवा की रण्डियाँ बन गई थी।

फिर कुछ देर बाद तीनो नंगे ही नहाते है और आकर सो जाते है।
 
कहानी के बारे में आपके सुझाव का स्वागत है।

कहानी पसंद और कॉमेंट करने के लिए सभी पाठकों को थैंक्स।

कहानी जारी रहेगी।अपडेट भी जल्दी देने की मैं कोशिश करूँगा।कहानी आपलोगों को कैसी लगी ।अपने विचार अवश्य दें।thanks.
 
अपडेट 138

सुबह-सुबह तीनों उठ कर फ्रेश हो जाते हैं । रत्ना खाना बनाने के लिए किचन में चली जाती है। देवा ममता की चूचियों को सहलाते हुए उससे बात करने लगता है।

देवा: ममता आज मेरा बहुत मन है माँ और शालू काकी को एक साथ चोदने के लिए तुम मेरी हेल्प कर सकती हो ।

ममता: अरे भैया रात भर तो तुमने मुझे और मां को कितना चोदा है। यह तुम्हारा लंड है.... कैसा लंड है जो अभी भी पूरा टाइट खड़ा है।

देवा :अरे यार कुछ मेरी हेल्प तो करो ।

ममता: मैं इसमें क्या हेल्प कर सकती हूँ भैया।

देवा: तुम ऐसा करो कि तुम कुछ देर के बाद खाना खाने के बाद शालू के घर चली जाना , कुछ देर बाद शालू काकी को यहां यह कह कर भेज देना कि रत्ना काकी तुमको बुला रही है तब तक मैं इधर मां के साथ चूदाई शुरू कर दूंगा और जब शालू काकी देखेगी तब उनको भी चुदाई में शामिल कर दूंगा।

ममता :ठीक है भैया मैं तो आपके लिए कुछ भी कर सकती हूं।

कुछ देर बाद ममता अपनी मां रत्ना को बोलकर शालू के घर चली जाती है जब ममता शालू के घर चली जाती है तब देवा अपनी माँ रत्ना के कमरे में चला जाता है और अपनी मां को पीछे से अपनी बाहों में भर कर उसकी मोटी मोटी गांड में अपना लंड निकालकर रगड़ने लगता है और रत्ना की बड़ी-बड़ी चुचियों को सहलाने लगता है।

रत्ना धीरे धीरे गर्म होने लगती है और वह भी अपनी गाँड को अपने बेटे के लंड पर रगड़ने लगती है। थोड़ी देर में ही दोनों गरम हो जाते हैं देवा रत्ना को नंगा करने लगता है। कुछ ही देर में मां बेटे पूरी जन्मजात नंगे हो जाते हैं और देवा रत्ना को अपने आगे बैठा देता है।

रत्ना देवा के आगे घूटनों के बल बैठ जाती है और उसके खड़े लंड को चूमने लगती है फिर देवा के लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगती है।

जब देवा को अपने लंड में अजीब गर्मी का एहसास हुआ नीचे देखा तो उसकी माँ घुटनो के बल बैठी उसके लंड को मुँह मे भरके चूसने लगी थी।

रत्ना देवा के लंड की टोपी को अपने लिप्स मे दबा कर हल्के से चुस्ती फिर बाहर निकाल कर ज़ुबान से चाटने लगती और फिर से वापिस टोपी को लिप्स मे भरके मुँह के अंदर कर लेती।

लेकिन ज़्यादा अंदर नही करती सिर्फ़ टोपी को ही अंदर करती और लिप्स मे दबा कर चुस्ती फिर ज़ुबान से चाटने लगती और साथ ही दोनो हाथों से लंड को आगे पीछे करके मूठ मारती।
 
रत्ना के दोनो हाथ लंड को आगे से टोपी तक और पीछे से बॉल्स तक सहलाने मे लगे हुए थे..............फिर कुछ देर बाद रत्ना ने एक ही बार मे पूरा लंड मुँह मे भर लिया और लंड की टोपी को गले से टकरा दिया लेकिन टोपी गले से अंदर तक नही घुसा तो रत्ना ने खुद के सर पर हाथ रखा और अपने सर को हल्के से आगे किया ताकि लंड की टोपी गले से नीचे उतार सके।

लेकिन कोई फ़ायदा नही हुआ तभी देवा ने अपनी माँ के सर को पकड़ा और ज़ोर से उसे लंड पर दबाया और साथ ही कमर को आगे करके लंड को भी ज़ोर से रत्ना के गले के अंदर किया तो एक हल्के झटके से लंड की टोपी रत्ना के गले से नीचे उतर गई और उसकी माँ

को हल्की खांसी आने लगी और रत्ना की आँखे भी बाहर निकल गई।

रत्ना ने लंड को बाहर निकाला और खाँसी के बाद जितना भी थूक रत्ना के मुँह मे था सब लंड पर थूक दिया और अपने हाथ से आगे पीछे करके थूक को अपने बेटे के लंड पर मलने लगी।

उसने फिर से लंड को मुँह मे भरा और पूरा अंदर तक ले गई देवा ने भी रत्ना का साथ देते हुए रत्ना के सर को अपने हाथों से पकड़ा और अपने लंड को फिर से अपनी माँ के मुँह के अंदर तक पेल दिया ।

इस बार रत्ना को हल्की सी खाँसी हुई थी

लेकिन रत्ना ने देवा के लंड को मुँह से नही निकाला और अपने सर को आगे पीछे करते हुए पूरे लंड को मुँह मे लेने लगी और देवा भी रत्ना के सर को हाथों मे पकड़ कर लंड को पूरा अंदर तक घुसा कर अपनी माँ के मुँह को अपने लंड से तेज़ी से चोदने लगा।

देवा का लंड रत्ना के गले से टकरा कर नीचे की तरफ हल्का सा मूड जाता और गले से नीचे उतर

जाता तभी रत्ना ने अपने सर को थोड़ा उपर की तरफ उठा लिया और रत्ना का मुँह भी थोड़ा उपर उठ गया। रत्ना की आँखें देवा की आँखों से मिलने लगी और देवा लंड को उपर से नीचे करके रत्ना के मुँह मे जोर जोर से पेलना शुरू किया और अपना पूरा लंड अपनी माँ के मुँह के अंदर घुसाने लगा और अब लंड गले से भी नही टकरा रहा था और बड़े आराम से पूरा अंदर तक घुस रहा था।

देवा ऐसे ही रत्ना के मुँह को चोद्ते हुए 10 मिनिट हो गये थे और रत्ना ने इसी बीच 2-4 बार देवा के लंड को अपने मुँह से बाहर निकाला था और जितना भी थूक मुँह मे आया था उसको लंड पर थूक देती और अपने हाथों से पूरे लंड पर आगे पीछे करके फैला देती और फिर से मुँह उपर करके लंड को अपने मुँह मे भर लेती और अपने हाथ लंड से हटा देती और देवा के लंड को जोर जोर से किसी रंडी की तरह चूसने लगती।
 
इसी बीच शालू को ममता ने भेज दिया था।जब शालू देवा के घर में अंदर गई तो रूम का दरवाज़ा तो बंद था लेकिन खिड़की खुली हुई थी।शालू कुछ देर तक रत्ना के द्वारा लंड चुसाई देखने लगी।

इधर देवा भी रत्ना के मुँह को अपने हाथों से पकड़ कर लंड को गले से नीचे तक उतारने लग जाता,रत्ना के हाथ देवा के गान्ड पर होते और रत्ना देवा को और तेज़ी से लंड को मुँह मे पेलने को बोलती और खुद देवा के गान्ड को

अपने हाथों से तेज़ी से आगे पीछे करने करने लगती।

देवा भी रत्ना का इशारा समझ कर लंड को तेज़ी से पूरा

अंदर तक घुसा कर गले से नीचे उतार कर अपनी माँ के मुँह को चोद रहा था।

तभी ये चुदाई देखकर शालू के चूत से जब पानी बहने लगा तो बोल पड़ी।

शालू: अरे रत्ना अकेले अकेले सारे मज़े ले लेगी क्या......

देवा और रत्ना चौककर बाहर देखते है।शालू को देखकर रत्ना शरमा जाती है और दोनों अलग अलग हो जाते है। देवा दरवाज़ा खोल देता है और शालू को अंदर बुला लेता है और जाकर बाहर का दरवाज़ा बंद कर देता है।

जब देवा रूम के अंदर आता है तो रत्ना और शालू किसी बात पर हँस रही है।

देवा: किस बात पर हंस रही हो मां.......

रत्ना: अरे बेटे शालू कह रही है खाली तुम अपनी माँ पर ही ध्यान दे रहे हो। आज अपनी काकी को भी अपने लंड की ताकत दिखा दो। शालू बोल रही है .... क्या पता कब दिखाएगा देवा मुझे अपना मूसल....... इसी बात पर हम दोनों हंस रहे थे।

देवा : रुको काकी आज तुमको भी अपनी ताकत दिखा देता हूं । आज मां के साथ तुम्हारी भी ऐसी चुदाई करूंगा कि तुम भी जिंदगी भर याद रखोगी।

यह कहकर देवा ने धोती निकाल दी और अपना अंडरवियर भी निकाल दिया उसका तना हुआ मोटा लंड देखकर दोनों औरतों के मुंह से लार टपकने लगी।

देवा : आज बहुत खुशी का दिन है तुम दोनों जानती हो जब तुम दोनों मोहल्ले में कहीं भी जाती हो तो मोहल्ले के बच्चे से लेकर बुड्ढे तक सभी अपना लंड सहलाने लगते हैं... कि क्या दोनों मस्त औरतें हैं तुम दोनों की चूचियां और गांड देखकर कितने बुड्ढे रोज अपनी मुठ मारते हैं ।आज मेरे नसीब में तुम दोनों को एक साथ चूदाई करने का मौका मिला है।आज दोनों की चूत गांड फाड़ के रख दूंगा।
 
यह कहकर देवा आगे बढ़ा और दोनों के कपडे उतारने लगा।जब रत्ना और शालू पूरी नंगी हो गई।तब देवा ने हाथ आगे करके दोनों की बड़ी बड़ी चुचियाँ सहलाने शुरू कर दिए...दोनो के निप्पल एकदम कड़क हो चुके थे...उन्हे मसलने में उसे बहुत मज़ा आ रहा था...देवा दोनों के निप्पलों को दोनों हाथों से नोंच रहा था।

देवा दोनों की चूचियों को मसल मसल कर लाल कर देता है फिर दोनों के रसीले होंठों को चूसने लगता है।

दोनों के होठों का रस बारी बारी चूसने के बाद देवा अपनी दोनों रंडियों को अपने लंड के आगे बैठा देता है।

देवा: चूसो, मेरा लंड।मैं दुनिया का पहला बेटा हूँ जो अपनी सगी माँ और सगी सासु माँ की एक साथ चूत और गांड को चोदुँगा।

दोनों औरतें रंडियों की तरह देवा का लंड चूसने चाटने लगी।

रत्ना ने देवा के लण्ड को निगल लिया था और शालू ने उसकी गोटियों को....

ऐसा लग रहा था जैसे दो भूखी औरतों को 1 महीने बाद कुछ खाने को मिला है...

देवा के लंड को चूस चूस करके दोनों खाने लगी...उनकी गर्म जीभे , तेज दाँत और नर्म होंठों के मिश्रण से देवा को बहुत गुदगुदी भी हो रही थी...पर उसे ज़्यादा मज़ा भी बहुत आ रहा था...

दोनों देवा के लंड को बुरी तरह से चूस रहे थे, एक गोटियां चूस रही थी तो दूसरी लंड।

दोनों औरतें नंगी देवा के सामने थी..देवा के मुँह में पानी आ गया उन दोनों की गोरी-2 बड़ी बड़ी छातियों को हिलते देखकर ।

और उसने शालू को अपनी तरफ खींचकर अपने होंठ लगा दिए उसकी चुचियों पर और जोरों से चूसने लगा..

शालू ने देवा के सिर को पकड़कर और ज़ोर से अपनी छाती में घुसा लिया और चिल्लाई : "ओह दामाद जी........ ज़ोर से चूसो..... बहुत परेशान करते है ये.... दबाओ इन्हे..... चूसो.... काट लो दांतो से..... आहह ...ओह बेटा ...... सस्सस्स ..''

देवा ने उसकी निप्पलों को दांतो से काटना शुरू कर दिए...
 
कुछ देर तक अपनी चूचियाँ चुसवाने के बाद शालू बड़े ही प्यार से बोली : "दामाद जी..... देखो अकेले अकेले रत्ना तुम्हारा लंड चूस रही है। मुझे भी आपका लंड चूसना है...''

देवा मुस्कुरा दिया उसके छिनालपन को देखकर...

कितनी बेशरमी से वो खुद ही उसके लंड को चूसने के लिए बोल रही थी...

इससे उसके उतावलेपन का सॉफ पता चल रहा था...

देवा जानता था की वो ज़्यादा देर तक तो इस खेल को बड़ा नही पाएगा,क्योंकि रत्ना बहुत देर से उसका लंड चूस रही थी। पर जितने मज़े वो ले सकता है उतने वो ले लेना चाहता था.

देवा: चूस साली रंडी।दोनों कुतिया बन जाओ मेरे लंड। के आगे और चूसो मेरे लंड को।मैं भी अपने लंड को तुम दोनों के गरम मुँह में पेलने के लिए तड़प रहा हूँ।

रत्ना तो देवा के आगे पहले से ही बैठी हुई थी शालू भी देवा के लंड के आगे बैठ जाती है।और अब दोनों अपने देवा के लंड के आगे कुतिया बन कर देवा के लंड को चाटने लगती है।देवा दोनों के मुँह को आपस में जोड़ देता है और अपने लंड को दोनों के होंठो के बीच में पेलने लगता है।
 
अपडेट 39

दोनों औरतें पूरी रंडी बनकर देवा के लंड को खा जाने में जुटी थी,दोनों औरतोँ ने अपनी जीभ का वो कमाल दिखाया की देवा का लण्ड फटने को तैयार हो गया।दोनों औरतों ने दोनों तरफ से मुँह खोलकर लंड को चूसना और चाटना शुरू किया तो देवा को लगा की सारा पानी दोनों के मुँह पर ही छोड़ देगा।

कुछ ही देर में उनकी मेहनत रंग लाने लगी, देवा के लण्ड ने फुफकारना शुरू कर चुका था और कुछ ही मिनट में अब वो गरम रॉड की तरह हो चूका था।

अब देवा ने रत्ना को ऊपर मुँह करके बेड पर सीधा लेटाया और उसके ऊपर शालू को उल्टा लिटा दिया।अब दोनों की चूचियाँ एक दूसरे से दब गई।और दोनों एक दूसरे को चूसने लगी।

ऊपर से देवा ने शालू की गांड पर थूक दिया और अपनी ऊँगली से शालू की गांड के छेद को सहलाने लगा।

देवा: क्या मस्त गाण्ड है तेरी काकी ।आज तेरी गाँड में अपना पूरा मूसल पेल दूंगा आज मेरे लंड के निचे मेरी दो दो रंडियाँ है। दोनों की मोटी मोटी गांड फाड़ दूँगा साली रंडी।

देवा ने एक ही झटके में अपने पूरे लंड को शालू की अपने थूक से भीगी गाण्ड में पेल दिया।शालू की गांड फटती चली गई और लंड पूरा घुसता चला गया।शालू के मुँह से चीख निकली। लेकिन रत्ना ने शालू को अपनी बाहों में भर रखा था और उसके होंठो को चूस रही थी।

अब देवा शालू की टाइट गांड में अपना मूसल लंड पेलने लगा।फिर उसने अपने लंड को शालू की गाँड से निकालकर अपनी माँ रत्ना की चूत में पेल दिया। रत्ना की चूत पूरा पानी छोड़ रही थी।जिसमे लंड फच फच कर रहा था।

कुछ देर रत्ना की चूत में पेलने के बाद फिर देवा ने अपने लण्ड को रत्ना की चूत से निकालकर शालु की मस्तानी गांड में पेल दिया।अब तो लण्ड शालू की गांड में पूरा जड़ तक घुसा के पेल रहा था।
 
एक मिनट शालू की गांड में पेलता फिर एक मिनट रत्ना की चूत में पेलने लगता।

लेकिन इस बार रत्ना की चूत में पेलने के बाद देवा ने लंड को फिर से रत्ना की कसी हुई टाइट गांड में पेल दिया। रत्ना दर्द से सिसियाने लगी।जब थोड़ी देर हुई तो शालू बोली।

शालू: दामाद जी क्या कर रहे हो।कितनी देर से अपनी माँ को ही चोद रहे हो।इधर मेरी गाण्ड और चूत में खुजली हो रही है।जल्दी पेलो बेटे।फाड़ डालो मेरी गांड और चूत को।

देवा: क्या करू काकी।दोनों रण्डियों के पास दो दो छेद है।तो दोनों में पेल रहा हूँ। मेरी माँ रत्ना मेरी सबसे खास है।इसलिए रत्ना में ज्यादा टाइम लग रहा है।

शालू :कोई बात नहीं दामाद जी। मेरे घर आना इसका बदला मैं भी लेकर रहूंगी।

रत्ना:अरे शालू तुझे जितना मन करे।चुदा ले।

शालू की गाण्ड लंड के इस घर्सण से उत्तपन्न गर्मी से पिघली जा रही थी, इधर रत्ना ने भी शालू के होठो और चूचियों पर लगातार हमला जारी रखा हुआ था।

इस दो तरफा हमले को सह पाना शालू के लिए बड़ा मुश्किल हुआ जा रहा था, देवा जगह बदल बदल कर शालू की गांड और बुर की धज्जियां उडाए जा रहा था, बीच बीच मे अब वो अपना लंड निकालकर अपनी माँ रत्ना की चुत में भी पेल देता ।

फिर देवा ने दोनों रण्डियों को बेड के निचे जमीन पर एक दूसरे के ऊपर कुतिया बनाके चोदना शुरू किया।पहले शालू की गांड मारता।फिर रत्ना की चूत और गांड मारने लगता।फिर अपना लंड शालू की गांड में पेल देता।दोनों की गांड पर कभी कभी थप्पड़ भी मारने लगता।

चारों छेदों को 1 मिनट का भी आराम नहीं था।

दोनों औरतें कुतिया बने बने कितनी बार झड़ चुकी थी।

तकरीबन 45 मिनट की घमासान धमाकेदार चुदाई के बाद देवा ने अपना लंड बाहर निकाला और दोनों औरतोँ को निचे बैठा दिया और अपना पानी दोनों रण्डियों के मुँह और चुचियों पर छोड़ दिया जिसे दोनों रंडियों ने चाट लिया, इस बीच वो दोनों भी न जाने कितनी बार अपना पानी छोड़ चुकी थी।
 
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