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हाय रे ज़ालिम.......complete

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कुछ देर आराम करने के बाद फिर दोनों ने देवा के लंड को सहलाना शुरू कर दिया। देवा ने दोनों रंडियों को अपना लंड चाटने का इशारा किया।

अब जब दोनों गरम औरतों ने देवा के लंड को चूसना शुरू किया तो दो दो गरम मुँह की गर्मी से देवा के लंड का बुरा हाल हो गया।इस बार देवा ने फर्श पर गद्दा डलवाया और पहले रत्ना को उल्टा लिटा दिया।और शालू को उसकी गांड और चूत को गिला करने को कहा शालू ने जल्दी ही रत्ना की चूत और गांड को अपनी जीभ से चाट कर और थूक लगाकर गिला कर दिया फिर उसने अपने होनेवाले दामाद के लंड को भी गिला कर दिया और बोली चलो फाड़ डालो बेटे अपनी माँ की चूत और गांड।

देवा ने अपने लंड को अपनी सगी माँ रत्ना की चूत पर रखा और एक ही धक्के में अपना 9 इंच का लंड अपनी माँ की चूत में जड़ तक पेल दिया।रत्ना सिसियाने लगी।

लेकिन देवा को कोई फर्क नहीं पड़ा।वह तो धक्के पे धक्के मार के पेल रहा था।जब लंड पूरा गिला हो गया तो उसने लंड निकालकर शालू को चूसने को बोला। शालू जल्दी जल्दी देवा का लंड चूसने लगी।इस बार देवा ने अपने लंड को रत्ना की गांड के भूरे छेद पर लगाया तो रत्ना कांप उठी।लेकिन देवा ने जोर का धक्का मारा और उसका पूरा लंड रत्ना की गाण्ड को फैलाता हुवा घुस गया।।

रत्ना:आह मरर गईईईईई बेटे।धीरे धीरे पेलो ना।लगता है आज मेरी गांड फाड़ डालोगे।

देवा:आह्ह्ह साली रंडी। कितनी गरम गाँड है तेरी। मेरा लंड पिघल रहा है। साली तूने मेरे लन्ड को अपनी गरम और टाइट गांड में जकड लिया है।आह साली रंडी अपनी गांड ढीली कर साली।

यह कहकर देवा रत्ना की गांड पर जोर से थप्पड़ मारता है।रत्ना अपनी गांड ढीली कर देती है और देवा अपना लण्ड अपनी माँ की गांड में पेलने लगता है।

देवा को कोई फर्क नहीं पड़ा वह रत्ना की गांड से लंड निकाल के शालू के मुँह को चोदने लगता है।फिर शालू के मुँह से निकालकर रत्ना की चूत और गांड फाड़ने लगता।इस बार पूरी बेरहमी से उसने रत्ना की चूत और गांड मारी।आखिरी समय में तो रत्ना मज़े से चिल्लाने लगी और बुरी तरह से झड़ गई।
 
देवा ने अपना लंड रत्ना की गांड से निकाल कर शालू के मुँह में पेल दिया।जिसे शालू ने चाट चाट कर चमका दिया क्योंकि उसमे रत्ना की चूत और गांड का पानी लगा हुआ था। रत्ना अपने बेटे का लंड अपनी चूत और गाण्ड में लेकर पूरी तरह थक गई थी।उसने अपने बेटे को किस किया और आराम करने चली गई।

देवा और शालू ने कुछ देर रेस्ट किया फिर

शालू : दामाद जी आपने तो आज अपनी माँ की गाँड का बैंड बजा दिया।

देवा:आ अब साली रंडी अब तेरी बारी है।इस बार तुझे भी ऐसा चोदुँगा की 2-3 दिनों तक तेरी गाँड में खुजली नहीं होगी।थोडा मेरा लंड तो चूस दे ।फिर देख तेरा क्या हाल करता हूँ।

शालू घुटनों पर बैठके अपने दमाद का लंड चूसने लगती है।देवा दोनों हाथों से उसके सर को पकड़कर अपना लंड शालू के मुँह में पेलने लगता है।

पांच मिनट तक शालू की मुँह चोदने के बाद देवा शालू को कुतिया बना देता है।फिर अपना शालू की थूक से गीला लण्ड शालू की टाइट गांड में जबरदस्ती पेल देता है।

देवा:देख साली रंडी।अब तुझे कैसे कुतिया की तरह दौड़ा दौड़ा के पेलता हूँ।दौड़ते हुए थोडा भी रुकी तो साली तेरी गांड पर कितने थप्पड़ पड़ेंगे तुझे पता भी नहीं होगा।बोल साली रंडी तू मेरी क्या है।

शालू:मैं आपकी रंडी हूँ ।आपकी पालतू कुतिया हूँ। दामाद जी।आप जैसे चाहो मुझे पेलो।

देवा कुतिया बनी शालू की गांड में लंड पेलते हुए शालू के दोनों पैरों को ऊपर उठा देता है।और शालू की गांड में लंड पेलते हुए उसे आगे चलने को कहता है।शालू दोनों हाथो के बल आगे चलने लगती है।फिर तो देवा शालू को किसी गली की कुतिया की तरह घर के कोने कोने में दौड़ाकर उसकी गांड मारता है।

शालू: आह्ह्ह्ह दामाद जी मेरी गांड छिल गई है बहुत जलन हो रही है। अब तो छोड़ दो। चाहो तो बुर में पेल लो। मैं थक गई हूँ।आह्ह्ह्ह

देवा शालू के पैरो को छोड़ देता है और उसकी गांड से निकले लंड को शालू में मुँह में पेलने लगता है।शालू देवा के लंड को चूसने लगती है।

देवा फिर से शालू को कुतिया बना देता है और उसकी चूत और गांड बारी बारी चोदने लगता है।

आधे घंटे तक देवा शालू की चूत और गांड मारता है।तब तक शालू दो बार झड़ चुकी है।

फिर देवा जब झड़नेवाला होता है तो शालू की गांड से लंड निकालकर उसके मुँह को चोदने लगता है।फिर शालू भी अपने ही गाण्ड से निकले लंड को चूस चूसकर उसका पूरा वीर्य पी जाती है।फिर शालू साफ सफाई करके अपने घर सोने चली जाती है और देवा अपने कमरे में आराम करने लगता है।
 
कहानी के बारे में आपके सुझाव का स्वागत है।

कहानी पसंद और कॉमेंट करने के लिए सभी पाठकों को थैंक्स।

कहानी जारी रहेगी।अपडेट भी जल्दी देने की मैं कोशिश करूँगा।कहानी आपलोगों को कैसी लगी ।अपने विचार अवश्य दें।thanks.
 
अपडेट 140

इधर देवा रत्ना और शालू को चोद चोद कर मज़े ले रहा था और उधर ममता ये सोच सोचकर पानी छोड़ रही थी की आज उसकी माँ और शालू काकी को कितना मज़ा आ रहा होगा।

जब शालू अपने घर आती है तो उसकी चाल देखकर ममता समझ जाती है की देवा ने शालू की गांड भी बहुत जबरदस्त तरीके से मारी है। यही सब सोचते हुए वह अपने घर आ जाती है की वह भी आज रात को देवा का मोटा लंड रात भर अपनी चूत और गांड में लेगी।

वह देखती है की उसकी माँ रत्ना अपने कमरे में सो रही है और देवा भी अपने कमरे में सो रहा है। वह भी अपने बेड पर लेट जाती है।

शाम को रत्ना खाना बनाती है।

खाना ख़त्म करके रत्ना अपने कमरे में चली गई।

ममता: भाई, तुम दरवाज़ा खुला रखना..मैं बर्तन साफ करके आती हूँ।

थोड़ी देर बाद ही उसकी ममता कमरे में आई और देवा से कहा: ये गर्म दूध पी लो. दिमाग़ फ्रेश हो जाएगा…

देवा: अरे मेरी चुदक्कड़ बहन.. मुझे तो तेरा दूध पीना है.. अपना दूध कब पिलाएगी साली।

ममता: भइया ये तो तुम्हारे ऊपर है की तुम कब तक मुझे चोद के गाभिन करते हो। जब तुम्हारे लंड के बीज से माँ बनूँगी तभी तो तुम्हे अपनी चूचियों का दूध पिलाऊँगी।जल्दी चोद चोद के गाभिन करो भइया।

देवा: हाँ जानेमन, अब जल्दी से कपड़े उतार. आज तेरी गाण्ड का पहले मुहूरत करूँगा.. साली, आज तक रत्ना की मटकती गाण्ड देख कर लौड़ा खड़ा होता था.. आज तेरी गाण्ड के नाम से ही देख कैसे पजामे में तंबू बन रहा है।

ममता: हाँ भाई, दिख रहा है मगर मुझे थोड़ा डर लग रहा है.. आपका इतना बड़ा लंड मेरी छोटी सी गाण्ड में जब जाता है तो बहुत दर्द देता है।

देवा: अरे पगली, जब पहली बार तेरी गांड में चला गया तो अब तो आराम से तेरी गाण्ड में चला जाएगा.. तू डर मत। प्यार से करेंगे तो सब ठीक होगा।वैसे भी दिन में मैंने माँ और शालू काकी की गांड खूब मारी थी।
 
ममता: ओ भाई, माँ और शालू तो पहले भी गांड में लंड ले चुकी थी। मेरी गांड तो अभी ज्यादा चुदी नहीं है। पहली बार जब आपका लंड मेरी कोरी गाँड में गया था, मेरी जान निकलते-निकलते बची थी।

देवा: अरे तब तो मैं तुझे गुस्से में चोद रहा था.. अब तो बड़े प्यार से अच्छी तरह थूक लगा कर तेरी गाण्ड में लौड़ा डालूँगा.. तू डर मत मेरी प्यारी बहना…

ममता: ठीक है भाई.. जैसी आपकी मर्ज़ी.. आ जाओ अब आप ही मुझे नंगी कर दो लेकिन अपना बीर्य मेरी चूत में ही गिराना । मुझे आपके बच्चे की माँ बनना है।

देवा उसके करीब गया और उसके कपड़े निकाल दिए.. और खुद भी नंगा हो गया.. उसका लौड़ा झटके खा रहा था।

ममता: भाई देखो, कैसे ये झटके खा रहा है.. बड़ा हरामी है.. इसको पता लग गया है कि आज ये पहले मेरी टाइट गाण्ड में जाएगा।

देवा: हाँ मेरी जान, ये सब महसूस करता है. पहले तुझे अच्छे से चूमूँगा.. चाटूँगा.. उसके बाद ही तेरी गाण्ड मारूँगा।

देवा और ममता अब एक-दूसरे के होंठों का रस पीने लगे थे। इसी दौरान देवा का हाथ ममता की गाण्ड को दबा रहा था.. ममता को बड़ा मज़ा आ रहा था। दोनों बिस्तर पर लेट गए और चूसने का प्रोग्राम चालू रहा.. देवा अब ममता के निप्पल को चूसने लगा।

ममता: आ आह्ह.. भाई, मज़ा आ रहा है.. उह.. ये निप्पल का कनेक्शन चूत से है क्या? आह्ह.. आप निप्पल चूस रहे हो और चूत में मीठी खुजली शुरू हो गई है! आह्ह..

देवा: हाँ मेरी बहन, निप्पल और चूत की तारें आपस में जुड़ी हुई हैं. अब तू मज़ा ले.. मुझे भी तेरे आमों का रस पीने दे.. उफ़ बड़े रसीले हैं तेरे आम..

देवा:काफ़ी देर तक ममता की चुचियो को चूसता रहा.. अब वो नीचे आ कर चूत को चाटने लगा था। ममता तो बस आनन्द के मारे सिसकियां ले रही थी। देवा का लौड़ा लोहे जैसा सख़्त हो गया था।

देवा: साला ये लंड भी ना, परेशान कर रहा है.. ठीक से चूत चाटने भी नहीं दे रहा.. ममता घूम जा, तू लौड़े को चूस.. मैं तेरी चूत को ठंडा करता हूँ.. उसके बाद साली तेरी गाण्ड का मज़ा लूँगा..
 
ममता घूम गई अब दोनों 69 की अवस्था में आ गए थे.. देवा बड़े सेक्सी अंदाज में चूत को चाटने लगा।ममता भी तने हुए लौड़े को घपाघप चूसे जा रही थी। उसकी उत्तेजना बढ़ने लगी थी.. क्योंकि देवा चूत चाटने के साथ-साथ अपनी ऊँगली पर थूक लगा कर उसकी गाण्ड में घुसाने की कोशिश कर रहा था।

ममता को बहुत मज़ा आ रहा था.. उसे गाण्ड में ऊँगली करने से गुदगुदी हो रही थी और चूत पर जीभ का असर उसे पागल बना रहा था। करीब 10 मिनट बाद उसकी चूत ने उसका साथ छोड़ दिया और वो झड़ने लगी। देवा ने अपनी बहन का सारा चूत रस पी लिया।

देवा: आह्ह.. मज़ा आ गया मेरी रानी.. चल अब तैयार हो जा गाण्ड मरवाने के लिए. मेरा लौड़ा भी कब से तड़प रहा है।

ममता: भाई, आपका लौड़ा बहुत गर्म हो गया है.. चुसाई से जल्दी ही झड़ जाएगा। मैं मुँह से ही चूस कर पानी निकाल देती हूँ। दूसरी बार कड़क हो जाए तब आप गाण्ड मार लेना।

देवा: नहीं मेरी जान, लौड़े को इतना क्यों चुसवाया, पता है ... ताकि ये तेरी गाण्ड में जाने के लिए तड़पे.. अब तेरी गाण्ड मारने का मज़ा दुगुना हो जाएगा..

ममता: ठीक है भाई. आप नहीं मानोगे तो लो मार लो. कौन सी पोजीशन पसन्द करोगे।

देवा: आज गधी बन जा.. तुझे गधी बना कर मैं तेरी गांड की चुदाई करूँगा..

ममता क्या भाई.. कभी कुतिया.. कभी गधी.. आप घोड़ी भी तो बोल सकते हो।

देवा: देख, साली रंडी... अब तू चाहे कुछ भी बन.. लौड़ा तो तेरी गाण्ड में ही जाना है। क्या फ़र्क पड़ता है कि तू क्या बनी है।

ममता: अच्छा भाई.. लो आपके लौड़े के लिए तो गधी भी बन जाती हूँ लो अपनी गधी की गाण्ड में लौड़ा पेल दो।

ममता घुटनों के बल हो गई। कमर को सीधा कर लिया, पैर फैला लिए.. ताकि गाण्ड का छेद थोड़ा खुल जाए.. मगर टाइट गाण्ड थी तो कहाँ छेद खुलने वाला था।
 
देवा ने लौड़े पर अच्छे से थूक लगाया और ममता की गाण्ड में भी दो-तीन बार थूका. फिर वो ऊँगली से थूक को अन्दर करने लगा।

ममता उइ आई आह्ह.. भाई ऊँगली से ही दर्द हो रहा है.. लंड कैसे जाएगा.. प्लीज़, आप चूत में ही पेल लो, लौड़े का अन्दर जाना मुश्किल है।

देवा: चुप साली रंडी। अरे, रंडी बनने का शौक तुझे ही चढ़ा था.. अब दर्द से क्या घबराती है.. बस आज की बात है.. उसके बाद तो तेरे तीनो छेद फ़ैल जायेंगे.. तू पक्की रंडी बन जाएगी.. मैं रोज तुझे चोदूँगा।

ममता: नहीं भाई, मुझे रंडी नहीं बनना.. बस आपके सिवा मैं किसी के बारे में नहीं सोचूँगी.. आह्ह.. रंडी तो मैं सिर्फ आपकी हूँ .आपकी पर्सनल रंडी। उई आह्ह..

देवा: अच्छा.. तू रंडी नहीं बनेगी तो क्या मेरी बीवी बनने का इरादा है?

ममता: हाँ भाई, हम कहीं भाग जाते हैं. वहाँ शादी कर लेंगे.. अपना घर बसाएंगे हम..

देवा: ये सपने देखना बंद कर. ये नामुमकिन है.. चल, अब अच्छी बहन की तरह रेडी हो जा ... लौड़ा गाण्ड में लेने के लिए. मैंने तेरी गाण्ड में अच्छे से थूक लगा दिया है.. अब दर्द कम होगा.. लौड़ा आराम से अन्दर जाएगा।

ममता: आप भी ना भाई, कोई तेल लगाते.. आप सिर्फ थूक लगा रहे हो..

देवा: अरे मेरी बहन, थूक लगा कर गाण्ड मारने का मज़ा ही अलग होता है.. अब बस बात बन्द कर.. मुझे लौड़ा पेलने दे।

देवा ने लौड़े पर और थूक लगाया और ममता के गाँड के भूरे टाइट छेद पर लौड़ा टिका कर दबाव देने लगा.. लौड़ा फिसल कर ऊपर निकल गया.. दोबारा किया तो फिसल कर नीचे हो गया। देवा थोड़ा झुंझला सा गया।

देवा: तेरी माँ की चूत.. साला अन्दर ही नहीं जा रहा..।

ममता: भाई, मेरी गाण्ड बहुत छोटी और आपका लौड़ा बहुत बड़ा है उस दिन माँ ने घी लगा दिया था.. आज नहीं जाएगा ... आप समझो बात को.. आह्ह..

देवा: चुप कर. साली रंडी कब से बकबक कर रही है.. जाएगा क्यों नहीं.. अबकी बार देख कैसे जाता है।
 
ममता समझ गई कि भइया गुस्सा हो गये है. अब उसने अपने हाथ पीछे ले जा कर खुद अपने हाथों से अपने चूतड़ों को फैला दिया. उसने अपने दाँत भींच लिए अपने ताकि दर्द हो तो चीख ना निकले।

देवा ने मन ही मन उसकी होशियारी की दाद दी. उसने सुपाड़ा गांड पर रख कर थोड़ा सा दबाव बनाया तो सुपाड़ा गाण्ड के छेद में अटक गया. बस यही मौका था देवा के पास.. उसने जल्दी से एक हाथ से लौड़ा पकड़ा, दूसरे हाथ से ममता की कमर को पकड़ा और दबाव बनाया.. लौड़ा दो इंच अन्दर घुस गया।

ममता: आह आह.. भाई! उई.. बहुत दर्द हो रहा है…

देवा: अरे मेरी जान, तेरी गाण्ड है ही इतनी टाइट.. थोड़ा दर्द तो होगा ही.. तू बस बर्दास्त कर और गांड को ढीली छोड दे.. उसके बाद बड़ा मज़ा आएगा..।

देवा ने ममता की कमर को पकड़ कर दोबारा लौड़े पर दबाव बनाया.. लौड़ा दो इंच और अन्दर घुस गया। देवा का लंड गाण्ड में एकदम फँस सा गया था जैसे उसे किसी ने शिकंजे में फंसा दिया हो.. उधर ममता की हालत भी खराब हो रही थी। दर्द के मारे उसकी आँखों में आँसू आ गए थे.. मगर वो दाँत भींचे.. बस सिसक रही थी।गाँड चूँकि भीतर से सुखी थी इसलिए ममता को आज बहुत दर्द हो रहा था।

देवा: आह्ह.. मज़ा आ गया.. कैसी कसी हुई गाण्ड है तेरी.. साला लौड़ा अन्दर जकड़ सा गया है।

ममता: आई! भाई उफ़ ससस्स.. अब और मत डालना.. आह्ह.. मेरी गाण्ड फट जाएगी.. आआह्ह.. आह.. बहुत दर्द हो रहा है प्लीज़.. आह्ह.. इतने से ही आप काम चला लो. आह्ह..

देवा: हाँ बहना, जानता हूँ तुझे तकलीफ़ हो रही है.. डर मत मैं बड़े प्यार से तेरी गाण्ड मारूँगा।

देवा का 4″ लौड़ा गाण्ड में फँसा हुआ था। अब वो धीरे-धीरे उसे अन्दर-बाहर करने लगा.. ममता को दर्द हो रहा था मगर कुछ देर बाद दर्द के साथ उसको एक अलग ही मज़ा भी आने लगा। वो उत्तेजित होने लगी.. उसकी चूत भी पानी छोड़ने लगी।इस कहानी के लेखक और संपादक राकेश है।

ममता: आ आह.. हाँ ऐसे ही भाई.. आह्ह.. आराम से करो आह्ह.. स..सस्स मज़ा आ रहा है.. आई धीरे.. अभी दर्द है मगर आह्ह.. कम हो रहा है आह्ह..
 
देवा अब थोड़ी रफ्तार बढ़ा रहा था और लौड़े पे दबाव बना रहा था ताकि और वो अन्दर तक चला जाए।

दस मिनट तक ये सिलसिला चलता रहा। अब देवा भी चरम सीमा पर पहुँच गया था.. ममता की दहकती गाण्ड में लौड़ा ज़्यादा देर नहीं टिक पाया. उसको लगा कि अब कभी भी पानी निकल जाएगा तो उसने ममता की कमर को दोनों हाथों से कस कर पकड़ लिया।

देवा: बहना, मेरा पानी किसी भी पल निकल सकता है… अब बर्दास्त नहीं होता.. मैं पूरा लौड़ा तेरी गाण्ड की गहराई में उतार रहा हूँ. संभाल लेना तू…

ममता: आह्ह.. आई.. भाई आह्ह.. अब मना करूँगी तो आप मानोगे थोड़ी.. आह डाल दो आह्ह.. अब आधा गया तो पूरा भी पेल दो. लेकिन माल मेरी चूत में निकलना....आह्ह..

बस इसी पल देवा ने लौड़ा गाण्ड से बाहर निकाला और तेज झटका मारा। ममता की गाण्ड को चीरता हुआ लौड़ा जड़ तक उसमें समा गया। ना चाहते हुए भी ममता के मुँह से चीख निकल गई.. मगर वो इतनी ही चीखी कि बस उसकी आवाज़ कमरे से बाहर ना जा पाए। देवा अब रफ्तार से पूरा लौड़ा अन्दर-बाहर करने लगा.. कसी हुई गाण्ड में लौड़ा बड़ी मुश्किल से जा रहा था।

ममता: आआआ आआआ उयाया.. भाई मर गई आह्ह.. उह..भाई आज तो पहले दिन से ज्यादा दर्द हुआ लेकिन अब मज़ा भी बहुत आ रहा है।

देवा: आह्ह.. उहह बहना.. बस एक मिनट आह्ह.. मेरा पानी निकलने वाला है आह्ह.. सब्र कर आह्ह…

देवा ने अपने लंड को ममता की गाँड से निकालकर एक ही झटके में ममता की गीली चूत में जड़ तक पेल दिया। फिर तीन-चार जोरदार झटके मारे और उसके लौड़े का जवालामुखी फट गया। वो ममता की बच्चेदानी में वीर्य की धार मारने लगा। दीपक के गर्म-गर्म वीर्य से ममता को चूत में बड़ा सुकून मिला। उसने एक लंबी सांस ली।

कुछ देर बाद:

ममता: आई ससस्स.. भाई आह.. आपने तो मेरी गाण्ड का हाल बिगाड़ दिया..... उफ़ अब लौड़ा निकाल भी लो मर गई रे आह्ह…
 
देवा ने ‘फक्क’ की आवाज़ के साथ लौड़ा चूत से बाहर निकाल लिया और एक साइड होकर लेट गया.. फ़ौरन ममता भी उसके सीने पर सर रख कर लेट गई.. लौड़े की ठापों से उसकी गाण्ड एकदम लाल हो गई थी।

देवा: आह्ह.. मज़ा आ गया बहना.. तेरी टाइट गाण्ड में साला लौड़ा बड़ी मुश्किल से जा रहा था.. उफ़ क्या गर्मी थी गाण्ड में.. साली लौड़े को झड़ने पर मजबूर कर दिया।

ममता: भाई आपके लौड़े ने मेरी गाण्ड का क्या हाल कर दिया.. देखो नर्म बिस्तर पर भी ठीक से नहीं टिक पा रही है।

देवा: मेरी जान, ये तो तूने लंड को चूस-चूस कर बहुत रॉड बना दिया था.. गाण्ड में ज़्यादा देर टिक ना सका। अबकी बार बराबर ठोकूँगा ना.. सारा दर्द हवा हो जाएगा और देखना तुझे मज़ा भी खूब आएगा।

ममता: बाप रे बाप.. आप दोबारा मेरी गाण्ड मारोगे.. ना बाबा, अबकी बार चूत से काम चला लो.. मुझे नहीं मरवानी गाण्ड.. बड़ा दर्द होता है…

देवा: अरे रानी, तू फिकर क्यों करती है.. बस आज की रात ही हम एक-साथ हैं.. कल से कहाँ ऐसा मौका मिलेगा....कल से माँ भी तो साथ रहेगी। ....ला इन रसीली चुचियों का थोड़ा रस पिला.. ताकि जल्दी से लौड़े में ताक़त आए और अबकी बार जम कर तेरी गांड और चूत की ठुकाई करूँ।

ममता अच्छा कर लेना.. पहले मुझे बाथरूम जाना है.. आपके लौड़े ने गाण्ड में हलचल मचा दी है.. मैं आती हूँ अभी…

ममता पेशाब करने बैठी ही थी कि देवा को देख कर खड़ी हो गई और चौंकती हुई बोली: ओह्ह.. भइया. ये क्या है मैं तो डर गई.. आप ऐसे अचानक आ गए?

देवा: अच्छा हुआ तूने सूसू नहीं किया.. मेरा भी सूसू आया है चल दोनों साथ में करेंगे.. मज़ा आएगा..

ममता: हा हा हा भाई.. कुछ भी बोलते हो ....सूसू साथ में करने में क्या मज़ा?
 
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