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Guest
कुछ महिनो में ये दोनों एक दूसरे के इतनी क़रीब आ गयी थी जितनी कभी सोची भी नहीं होंगी दोनों ने।
जहां नूतन अपनी सास से गाली से तो कभी प्यार से बात करती थी अकेले में । वही शालु भी नूतन की चूत में ऊँगली डाल कर उससे खूब अपनी गाण्ड और चूत चटवाती थी।
दोनो जल्दी जल्दी अपने काम निपटाकर घर में चली आती है।
पप्पू और नीलम उस वक़्त तक सो चुके थी।
दोनो जल्दी से शालु के रूम में चली जाती है और शालू झट से नूतन का हाथ पकड़ कर उसे अपने बिस्तर पर गिरा देती है।
शालु; छिनाल रंडी अब बता तेरी चूत।
बहुत बातें कर रही थी न । कल रात भी तुने मेरी चूत को इतने ज़ोर से काटी की अब तक दुःख रही है।
नुतन ;अपनी सलवार कमीज उतार कर नंगी हो जाती है
ओर शालु की साडी के अंदर अपने हाथ डाल कर अपने हाथ को उसकी फुली हुई चूत पर रख देती है।
शालु;अंदर कुछ नहीं पहनती थी।
जब से दोनों सास बहु एक दूसरे की चूत की दिवानी हुई थी तब से दोनों अंदर कुछ नहीं पहनती थी।
जब मौका मिलता शालु अपनी साडी उठा लेती और नूतन कुतिया की तरह उसकी चूत सूँघते हुए वहां चली आती और अपनी ज़ुबान से शालु की चूत चाटने लगती।
दोनो सास बहु पूरी तरह नंगी हो चुकी थी और बिस्तर पर एक दूसरे से चिपक कर चूत से चूत और चूचि से चूचि रगड रही थी।
नुतन ;अपनी दो उँगलियाँ शालु की चूत में घुस्सा देती है।
छिनाल सासु है तू मेरी
देवा से चुदवा नहीं सकती तो मेरे पीछे पड़ी है।
आह्ह्ह।
शालु;हरामज़ादी उन्हह इतनी अंदर मत घुस्सा आह्ह्ह
दरद होता है ना।
तेरी माँ ने यही सीखा कर भेजी थी तुझे की अपनी सास की चूत और गाण्ड चाटना आह्ह्ह्ह।
नुतन;हाँ मेरी माँ ने यही सीखा कर भेजी थी
वो अपने होठो को शालु के होठो पर रख देती है।
जहां नूतन अपनी सास से गाली से तो कभी प्यार से बात करती थी अकेले में । वही शालु भी नूतन की चूत में ऊँगली डाल कर उससे खूब अपनी गाण्ड और चूत चटवाती थी।
दोनो जल्दी जल्दी अपने काम निपटाकर घर में चली आती है।
पप्पू और नीलम उस वक़्त तक सो चुके थी।
दोनो जल्दी से शालु के रूम में चली जाती है और शालू झट से नूतन का हाथ पकड़ कर उसे अपने बिस्तर पर गिरा देती है।
शालु; छिनाल रंडी अब बता तेरी चूत।
बहुत बातें कर रही थी न । कल रात भी तुने मेरी चूत को इतने ज़ोर से काटी की अब तक दुःख रही है।
नुतन ;अपनी सलवार कमीज उतार कर नंगी हो जाती है
ओर शालु की साडी के अंदर अपने हाथ डाल कर अपने हाथ को उसकी फुली हुई चूत पर रख देती है।
शालु;अंदर कुछ नहीं पहनती थी।
जब से दोनों सास बहु एक दूसरे की चूत की दिवानी हुई थी तब से दोनों अंदर कुछ नहीं पहनती थी।
जब मौका मिलता शालु अपनी साडी उठा लेती और नूतन कुतिया की तरह उसकी चूत सूँघते हुए वहां चली आती और अपनी ज़ुबान से शालु की चूत चाटने लगती।
दोनो सास बहु पूरी तरह नंगी हो चुकी थी और बिस्तर पर एक दूसरे से चिपक कर चूत से चूत और चूचि से चूचि रगड रही थी।
नुतन ;अपनी दो उँगलियाँ शालु की चूत में घुस्सा देती है।
छिनाल सासु है तू मेरी
देवा से चुदवा नहीं सकती तो मेरे पीछे पड़ी है।
आह्ह्ह।
शालु;हरामज़ादी उन्हह इतनी अंदर मत घुस्सा आह्ह्ह
दरद होता है ना।
तेरी माँ ने यही सीखा कर भेजी थी तुझे की अपनी सास की चूत और गाण्ड चाटना आह्ह्ह्ह।
नुतन;हाँ मेरी माँ ने यही सीखा कर भेजी थी
वो अपने होठो को शालु के होठो पर रख देती है।