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दूसरी तरफ,, देवा का घर।
रत्ना अपने देवा के लिए पूरी शिदत से तैयार हो रही थी, आज वो देवा को अपनी जवानी से और दीवाना बनाना चाहती थी…
इसलिये उसने अपने अलमारी से सारे सेक्सी कपडे बाहर निकाल लिए और बारी बारी उन्हें पहनने लगी…
उसके पास सिर्फ एक या दो ट्रांसपेरेंट नाइट कवर्स थे जो नाइटी के ऊपर पहने जाते थे, पर रत्ना ने फैसला किया की वो सिर्फ उन कवर्स को पहनेगी आज और नाइटी नही, साथ ही।
उसने सबसे सेक्सी पेंटी पहनी और ऊपर एक थोड़ी पारदर्शी सी ब्रा भी पहन ली।
फिर आखिर में उसने उस नाइटी को भी पहन लिया और अपने देवा का दिया हुआ मंगलसुत्र भी अपने गले में डाल कर मेकअप करने लगी की तभी दरवाजे पर दस्तक हुई।
माँ दरवाजा खोलों मै आ गया…
देवा की आवाज सुनके रत्न को बेहत ख़ुशी हुई और वो भागते हुए दरवाजे पर गयी और दरवाजा खोला।
दरवजा खोलते ही देवा अंदर आ गया, रत्ना दरवाजे के पीछे थी इसलिए देवा को वो दिख नहीं रही थी।
अरे माँ आप कहाँ हो।
की तभी देवा की आँखों पर किसी के कोमल हाथ आ गए और उन्हें ढ़क लिया।
रत्ना:यही हूँ मेरे बेटे देवा। तुम्हारे साथ ही है तुम्हारी रत्ना,,,
देवा:क्या माँ आँखे क्यों ढ़क दी मेरी??
रत्ना: आज मै अपने देवा के लिए बहुत सजी हूँ और चाहती हूँ की मेरा बेटा थोड़ा और इन्तजार करे मेरे लिये....अभी थोड़ा सजना और बाकी है, मैंने खाना खा लिया है और तुम्हारे लिये खाना लगा दिया है.....खा लो जल्दी से तब तक मै तैयार होती हूँ और…
रत्ना यह कहते हुए अपने हाथ देवा की आँखों पर रखी हुई थी और अपने कमरे की तरफ बढ़ रही थी जैसे ही वो अपने कमरे में पहुची उसने देवा के आँखों पर से अपने हाथ हटाये और एक ही झटके में अपने कमरे में घुस कर कमरा बंद कर लिया…
देवा को अपनी माँ की यह शरारत से और उत्सुक्ता बढ़ने लगी और बोला…
रत्ना मेरी जान जल्दी से पूरा कर लेना अपना शृंगार। तुम्हारा पति तुम्हारे साथ वक़्त बिताना चाहता है…
रत्ना यह सुनकर थोड़ा शर्मायी और मेकअप में फिर से जुट गयी…
और देवा ने अपने हाथ मुँह धोये और खटिये पर खाना खाने बैठ गया, आज उसकी माँ ने सारा खाना उसके मनपसन्द का बनाया था, जिसे देख कर देवा को बहुत खुशी हुई और वो खाना खाने में जुट गया…
रत्ना अपने देवा के लिए पूरी शिदत से तैयार हो रही थी, आज वो देवा को अपनी जवानी से और दीवाना बनाना चाहती थी…
इसलिये उसने अपने अलमारी से सारे सेक्सी कपडे बाहर निकाल लिए और बारी बारी उन्हें पहनने लगी…
उसके पास सिर्फ एक या दो ट्रांसपेरेंट नाइट कवर्स थे जो नाइटी के ऊपर पहने जाते थे, पर रत्ना ने फैसला किया की वो सिर्फ उन कवर्स को पहनेगी आज और नाइटी नही, साथ ही।
उसने सबसे सेक्सी पेंटी पहनी और ऊपर एक थोड़ी पारदर्शी सी ब्रा भी पहन ली।
फिर आखिर में उसने उस नाइटी को भी पहन लिया और अपने देवा का दिया हुआ मंगलसुत्र भी अपने गले में डाल कर मेकअप करने लगी की तभी दरवाजे पर दस्तक हुई।
माँ दरवाजा खोलों मै आ गया…
देवा की आवाज सुनके रत्न को बेहत ख़ुशी हुई और वो भागते हुए दरवाजे पर गयी और दरवाजा खोला।
दरवजा खोलते ही देवा अंदर आ गया, रत्ना दरवाजे के पीछे थी इसलिए देवा को वो दिख नहीं रही थी।
अरे माँ आप कहाँ हो।
की तभी देवा की आँखों पर किसी के कोमल हाथ आ गए और उन्हें ढ़क लिया।
रत्ना:यही हूँ मेरे बेटे देवा। तुम्हारे साथ ही है तुम्हारी रत्ना,,,
देवा:क्या माँ आँखे क्यों ढ़क दी मेरी??
रत्ना: आज मै अपने देवा के लिए बहुत सजी हूँ और चाहती हूँ की मेरा बेटा थोड़ा और इन्तजार करे मेरे लिये....अभी थोड़ा सजना और बाकी है, मैंने खाना खा लिया है और तुम्हारे लिये खाना लगा दिया है.....खा लो जल्दी से तब तक मै तैयार होती हूँ और…
रत्ना यह कहते हुए अपने हाथ देवा की आँखों पर रखी हुई थी और अपने कमरे की तरफ बढ़ रही थी जैसे ही वो अपने कमरे में पहुची उसने देवा के आँखों पर से अपने हाथ हटाये और एक ही झटके में अपने कमरे में घुस कर कमरा बंद कर लिया…
देवा को अपनी माँ की यह शरारत से और उत्सुक्ता बढ़ने लगी और बोला…
रत्ना मेरी जान जल्दी से पूरा कर लेना अपना शृंगार। तुम्हारा पति तुम्हारे साथ वक़्त बिताना चाहता है…
रत्ना यह सुनकर थोड़ा शर्मायी और मेकअप में फिर से जुट गयी…
और देवा ने अपने हाथ मुँह धोये और खटिये पर खाना खाने बैठ गया, आज उसकी माँ ने सारा खाना उसके मनपसन्द का बनाया था, जिसे देख कर देवा को बहुत खुशी हुई और वो खाना खाने में जुट गया…