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Guest
वह कमरा जिसमे आज एक माँ और बेटा एक दूसरे के सामने सिर्फ आंतरिक वस्त्रो में बेशरम से खड़े हुए थे…
वही कमरा जिसमे आज एक बेटा और माँ पूरी रात चुदाई करने वाले है…
वही कमरा जिसमे आज देवा अपनी रत्ना को नंगा करके उसके मदमस्त जिस्म को तार तार कर देगा…
देवा की बात सुनकर रत्ना के शरीर में एक लहर सी दौड जाती है…
वह बिस्तर पर बैठे हुए अपने बाल पीछे करती है।
देवा “चलो भी माँ अपने बेटे को और मत तरसाओ और अपने जिस्म की नुमाईश कराओ…”
रत्ना देवा की बाते सुनकर धीरे धीरे गरम होती जा रही थी। वह भी आज चुदाई के पूरे मजे लेना चाहती थी और अपने देवा को भी पूरे मजे दिलवाना चाहती थी इसलिये वह हर वो चीज करने वाली थी जिससे देवा और गरम हो और उसकी जबरदस्त चुदाई करे…
आज रत्ना खुल कर देवा से चुदवाना चाहती थी, वो चाहती थी की आज वो खुल कर जोर जोर से सिसकी ले और चीखे जब देवा अपना लंड उसकी चूत में डाले तो…
रत्ना खड़ी हो जाती है।
देवा उसके उभारो को ब्रा में देख कर अपने लंड के ऊपर हाथ चलाने लगता है और रत्ना धीरे धीरे अपनी गांड मटकाते हुए बिस्तर से उठ कर कमरे के बीच में आ जाती है…
रत्ना “देवा मेरे बच्चे आज अपनी माँ को जम कर चोदना है तुम्हे…
जितना दम है सारा लगा डालना मेरी चुदाई में…
चाहे मै कितना मना करू पर जब तक सुबह ना हो जाए मुझे चोदते रहना…
मै बस तुम्हारा वो मोटा लंड अपनी चूत और गांड की गहराइयो तक महसूस करना चाहती हूँ…
और तुम्हारे वीर्य और पेशाब से नहाना चाहती हूँ…
मेरे बच्चे आज अपनी मर्दानगी दिखा देना अपनी माँ की इज्जत लूट कर…
ये कहते हुए रत्ना देवा की तरफ पीठ कर लेती है और अपनी उँगलियाँ अपने पेंटी पर ले जाती है।
और फिर उसे धीरे धीरे नीचे करने लगती है।
रत्ना की गांड की दरार अब देवा को दिखने लगी थी और उसने भी देर न करते हुए अपना बनियान निकाल दिया, अब वो सिर्फ कच्छे में खड़ा हुआ था।
अब रत्ना ने अपनी रफ्तार बढ़ाते हुए अपनी पेंटी को एक तरफ को नीच कर के गांड की दरार में फँसा दिया
ये दृश्य देख कर देवा की आँखों में चमक आ गयी…
वही कमरा जिसमे आज एक बेटा और माँ पूरी रात चुदाई करने वाले है…
वही कमरा जिसमे आज देवा अपनी रत्ना को नंगा करके उसके मदमस्त जिस्म को तार तार कर देगा…
देवा की बात सुनकर रत्ना के शरीर में एक लहर सी दौड जाती है…
वह बिस्तर पर बैठे हुए अपने बाल पीछे करती है।
देवा “चलो भी माँ अपने बेटे को और मत तरसाओ और अपने जिस्म की नुमाईश कराओ…”
रत्ना देवा की बाते सुनकर धीरे धीरे गरम होती जा रही थी। वह भी आज चुदाई के पूरे मजे लेना चाहती थी और अपने देवा को भी पूरे मजे दिलवाना चाहती थी इसलिये वह हर वो चीज करने वाली थी जिससे देवा और गरम हो और उसकी जबरदस्त चुदाई करे…
आज रत्ना खुल कर देवा से चुदवाना चाहती थी, वो चाहती थी की आज वो खुल कर जोर जोर से सिसकी ले और चीखे जब देवा अपना लंड उसकी चूत में डाले तो…
रत्ना खड़ी हो जाती है।
देवा उसके उभारो को ब्रा में देख कर अपने लंड के ऊपर हाथ चलाने लगता है और रत्ना धीरे धीरे अपनी गांड मटकाते हुए बिस्तर से उठ कर कमरे के बीच में आ जाती है…
रत्ना “देवा मेरे बच्चे आज अपनी माँ को जम कर चोदना है तुम्हे…
जितना दम है सारा लगा डालना मेरी चुदाई में…
चाहे मै कितना मना करू पर जब तक सुबह ना हो जाए मुझे चोदते रहना…
मै बस तुम्हारा वो मोटा लंड अपनी चूत और गांड की गहराइयो तक महसूस करना चाहती हूँ…
और तुम्हारे वीर्य और पेशाब से नहाना चाहती हूँ…
मेरे बच्चे आज अपनी मर्दानगी दिखा देना अपनी माँ की इज्जत लूट कर…
ये कहते हुए रत्ना देवा की तरफ पीठ कर लेती है और अपनी उँगलियाँ अपने पेंटी पर ले जाती है।
और फिर उसे धीरे धीरे नीचे करने लगती है।
रत्ना की गांड की दरार अब देवा को दिखने लगी थी और उसने भी देर न करते हुए अपना बनियान निकाल दिया, अब वो सिर्फ कच्छे में खड़ा हुआ था।
अब रत्ना ने अपनी रफ्तार बढ़ाते हुए अपनी पेंटी को एक तरफ को नीच कर के गांड की दरार में फँसा दिया
ये दृश्य देख कर देवा की आँखों में चमक आ गयी…