दोस्तो आपको याद होगा की जब कौशल्या देवा के घर पर थी तो पप्पू और देवा ने एक साथ कौशल्या को चोदा था…
कौशल्या :“कैसे हो दमाद जी… मेरी याद आयी या नहीं…कितने दिन हो गए आपसे मिले हुए… आओ तुम दोनों अंदर आओ माँ जरा बाजार तक गयी है थोड़ी देर में आ जाएंगी।”
कौशल्या ने पप्पू को देखकर कहा।
देवा और पप्पू अपने सामान के साथ घर के अंदर आ गए कौशल्या ने दरवाजा अंदर से बंद कर दिया…
कौशल्या ने आगे बढ़कर देवा के होठो को अपने होठो में भर लिया…
कौशल्या: “और मेरे होने वाले बच्चे के बाप कैसे है सुना है की शादी तय हो गयी है नीलम से तुम्हारी…”
कौशल्या ने पप्पू और देवा के लंड को पकड़ते हुए कहा…
देवा:“हाँ भाभी आप सब को आना है शादी में 1 अक्टूबर की है…आह्ह्हह्ह्ह्ह मुँह
में लो न मेरा भाभी…”
कौशल्या: “हाँ जरुर आएंगे…देवा मै झुक नहीं सकती 6 ठा मंथ चल रहा है तुम ऐसा करो यहां बिस्तर पर बैठ जाओ अपनी धोती उतार कर…”
देवा कौशल्या के फुले हुए पेट को देखता है और अपनी धोती उतार कर नीचे से नंगा हो जाता है और बिस्तर पर बैठ जाता है।
देवा:“मेरा बच्चा कैसा है कौशल्या…”
कौशल्या: अच्छा है अंदर खूब लाते चला रहा है…आअह्ह्ह्हह्हह कितने दिन बाद नसीब हुआ है तगडा लंड…तेरे भैया तो किसी काम के नहीं है बस अपनी माँ को चोदने में लगे रहते है…”
पप्पू कौशल्या के मुँह से यह सुनकर हैरान था।
उसे नहीं पता था की रामु देवकी को चोदता है…
कौशल्या देवा के खड़े मोटे लंड को अपने हाथो में पकड़ कर सहलाने लगती है और उसके टोपे को चुम्मा लेती है…
पप्पू कौशल्या को देवा का लंड सहलाते हुए देखता है और अपने भी कपडे उतारने लगता है।
कौशल्या ने अब देवा का लंड पूरा अपने मुँह में ले लिया था और अंदर बाहर करने लगी थी।
की तभी उसके मुँह पर पप्पू ने अपना खड़ा लंड मारा जिससे कौशल्या को गुदगुदी ही हुई और उसे कुछ ज्यादा एहसास नहीं हुआ…
कौशल्या ने देवा का लंड कुछ देर चूसा और पीछे मुड़कर देखा की पप्पू भी अपना छोटा सा लंड हाथ में पकडे नंगा खड़ा था…
कौशल्या उसे देख कर हँसी…
कौशल्या: “अरे भाई मै चुदाई नहीं कर सकती तुम तो पूरे तैयार हो गए…”
देवा भी कौशल्या की बाद सुनकर पप्पू पर हँसा।
कौशल्या आगे बढ़कर पप्पू के छोटे से लंड को चुमती है और अपने मुँह में लेकर चुसने लगती है।
देवा भी खड़ा होकर अपना लंड कौशल्या के सामने लाता है।
देवा और पप्पू एक ही बिस्तर पर सो रहे थे । बराबर वाले कमरे में रामु और कौशल्या थे और ऊपर वाले कमरे में देवकी।।
खाना ख़तम करने से पहले देवकी ने देवा से कह दिया था की सब के सोने के बाद देवा उसके पास ऊपर आ जाए…
तब कुछ देर में ही देवा ऊपर चला जाता है।।
देवकी के कमरे की बत्ती बंद थी तो देवा को लगा की कहीं यह सो तो नहीं गई।
देवा अंदर घुसता है तो बिस्तर पर देवकी चादर ओढ़े हुए लेटी थी।।
देवा “मामी…”
देवकी: “अपने कपडे उतार लो और कमरे की लाइट जला दो बेटा…”
देवा समझ जाता है की जिसकी चुत में आग लगी होती है वो भला लंड लिए कैसे सो सकती है।
देवा लाइट जलाता है और अपने कपडे उतार कर नंगा हो जाता है।
देवा पीछे मुडकर देखता है तो पाता है की देवकी पहले से ही नंगी थी।
वह नंगी चादर ओढ़े हुए थी।
देवा मुस्कराते हुई देवकी के ऊपर से चादर हटा देता है और देवकी का नंगा जिस्म देवा के सामने आ जाता है।
देवकी, “बड़ा समय हो गया बेटा तेरा तगड़ा लंड खाये हुए। रामु मेरी प्यास अच्छे से नही बूझा पाता अब तू ही एक सहारा है…”
और देवकी नंगी ऊपर उठकर देवा की बाँहों में कुद पड़ती है।
देवा भी उसे अपनी गोद में लेकर बांहो में भर लेता है और दोनों एक दूसरे के होठो को चुसने लगते है।।
देवकी के निप्पल देवा की छाती में चूभ रहे थे।
और नीचे देवा का लंड पूरा खड़ा होकर देवकी की गांड की दरार पर छू रहा था जिसका एहसास भी देवकी को हो गया था।
कुछ देर देवकी ऐसे ही देवा की बाँहों ऐसे ही रहकर उसके होंठ चुसती है और फिर देवा से नीचे उतारने को कहती है…
देवा आगे बढ़कर बिस्तर पर उसे पीठ के बल फेंक देता है।
देवकी अपनी नजरे देवा के लंड पर गड़ाये अपनी चुत पर हाथ मलती है।
देवा:“मामी आज तुम्हारे तीनो छेद भर दूँगा। पूरी रात तो नहीं चोद सकता पर जीतनी देर भी इस कमरे में रहूँगा मै। तुम्हारे छेद खाली नहीं रहेंगे।
देवकी: “तो मै भी तो यही चाहती हूँ बेटे… इतने दिन में तुझे मेरी याद न आयी वैसे… क्या कोई नयी चुत मिल गयी है गाँव में जो अपनी ही मामी को भूल गया मेरा बच्चा।”
पप्पू देवकी के चुचे देख ललचा जाता है और अपने छोटे से लंड को मसलता है।
देवकी, “आह ज़ालिम्म काट मत रे……काट खायेगा
मेरा निप्पल क्या…आह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह।”
देवा:“चुप कर साली इतने महीनो बाद मिली है। मेरी मरजी जो करू जैसे करू…”
और देवा उसका निप्पल जोर से काटता है जिससे देवकी की एक तेज चींख निकलती है…
देवकी, “आहह…उई माँ”
देवा देवकी के गाल पर एक चाँटा मारता है…
देवा:“चुप कर साली चींख मत अपने दामाद को जगायेगी क्या…ऐसे देखेगा तुझे तो क्या सोचेगा तेरे बारे में…”
देवकी: “सोचने दे जो सोचता है……तू मुझे चोद अभी बस ज़ालिम…”
पप्पू बाहर खड़ा सब सुन कर अपने लंड को मसल रहा था…
देवा कुछ पल और देवकी के चुचे दबाता और चुसता है और फिर उठ कर उसकी चूत के सामने आता है।।
देवा अपना लंड हाथ में पकड कर देवकी की चुत के चारो तरफ घिसता हुआ कहता है…
देवा: “देवकी मामी तुम्हारी चुत का तो अलग ही मजा है…आज इतने दिनों बाद मिली है तुम्हारी चूत और गांड भी साथ में लूंगा…”
देवकी: “हाँ ले लियो बेटा जीतनी बार तू चाहे चोदीयो अपनी मामी के गांड को… पर अभी मेरी चूत में बहुत गर्मी लग रही है जल्दी से अपना मस्त लौडा डाल कर कुतिया की तरह चोद मुझे बहनचोद…”
देवा देवकी की तरफ देखता हुआ मुस्कराता है और दूसरे हाथ से अपना लंड उसके चुत के मुहाने पर रखता है।
देवा:“ले खा साली रांड”
और एक झटके से देवा अपना लंड अंदर घुसाने लगता है।
देवकी: “आह मर गयी मैं……आह”
और देवा एक बार लौडा बाहर निकाल कर एक और जोरदार झटका मारता है और पूरा का पूरा लंड देवकी की चुत में समां जाता है…
देवकी: “आह हाय रे ज़ालिम धीरे कर……।”
बाहर खड़ा पप्पू सब देखता हुआ अपना लंड बाहर निकाल लेता है और देवकी की चुदाई देखता हुआ लंड को मसलने लगता है।
देवा:“ले साली छिनाल…बहुत कह रही थी न लंड लेने को…ले झेल मरद के लंड को…”
देवकी:“हा डाल और अंदर तक और जोर से चोद हरामी साले…चोद अपनी मामी को……जोर से पूरा डाल कर चोद”
पप्पू बाहर खड़ा अपनी सास के मुँह से निकलती बातो को सुनकर और चुदाई देख कर गरम हो चुका था…
देवा: “ ले साली खा मेरा यह लौडा और जोर से चोदता हुँ तुझे बहन की लौडी…।”
और देवा अपने झटको की रफ़्तार को और तेज कर देता है…
देवा आगे बढ़कर देवकी की चुचीयों को पकड़ कर मसलने लगता है।
देवा: “हाँ चोदुँगा पहले तेरी चुचियाँ तो दबा लुँ साली छिनाल”
देवकी:“आह्ह्ह्ह”
देवा जोर जोर से देवकी की चुचियों को दबा रहा था और साथ ही उसकी पीठ भी चुम रहा था।
देवकी: “कितनी देर और तड़पाएगा मादरचोद चोद न अपनी मामी की गांड…”
कुछ पल बाद देवा देवकी के चुचे छोड़ देता है और पीछे से अपने लंड को उसकी गांड के छेद के चारो तरफ घुमाता है…
देवकी:“डाल दे हरामी…”
देवा मुस्कराते हुए देवकी की गांड में अपना लंड एक झटके में आधा घूस्सा देता है…
देवकी को अपनी गांड की मासपेशिया फ़ैलती हुई महसूस होती है जिससे उसे एक तेज दर्द की अनुभूति होती है और वो अपनी गर्दन पीछे मोड़कर देखती है।
देवकी:“आहह मेरी गाँड…आहह मर गयी मैं माँ……उई बहुत्त दर्द हो रहा है…हाय रे ज़ालिम”
देवकी की जोरदार चीख़ कौशल्या और पप्पू दोनों के कानो में पड़ती है। कौशल्या अपना मुँह साफ़ करने नीचे गयी थी और पप्पू बिस्तर पर लेट गया था।
देवा देवकी की चीख़ सुनकर अपनी चोदने की रफ़्तार को और तेज कर देता है और हाथ आगे बढाकर उसके एक चुचे को दबाते हुए उसकी गांड मारने लगता है।
देवकी बहुत समय बाद देवा से अपनी गांड मरवा रही थी आज तक जीतने भी लंड उसने खाये है उनमें देवा का लंड ही सबसे बड़ा है और अगर ऐसा लंड उस जगह घुस जाये जो ज्यादा न चोदी गयी हो तो दर्द तो होना लाज़मी है।
देवा खचा खच देवकी की गांड में अपना लंड पेले जा रहा था।
देवकी: “हाय मर गयी…हे भगवान…कैसा मोटा लौडा है तेरा कामिने…गाँड फाड़ दी मेरी…”
देवकी कुछ पल तक गांड में हो रहे दर्द किसी तरह बरदाश्त कर रही थी पर लगभग १० मिनट की दमदार चुदाई के बाद देवकी ने देवा को अपना लंड बाहर निकालने को कहा।
देवा ने तुरंत अपना लंड बाहर निकाला और बिस्तर पर लेट गया।
देवकी: “आह मार ड़ाला हरामी तूने…बहुत दिनों बाद लिया है गांड में तो दर्द हो रहा है बहुत । जरा रुक कुछ देर…”
देवा:“क्या साली बडी रंडी बनी फिरती थी। गाँड में लंड क्या घुस गया तेरी तो फट गयी…पहले भी तो ले चुकी है…”
देवकी: “साले ले चुकी हुँ पर इतना समय हो गया है रामु का तो ज्यादा दर्द नहीं करता पर तेरा तो अंदर आँतो तक पहुच गया है ऐसा तो सांड़ जैसा लंड लिए फिरता है तू…”
देवकी कुछ पल अपनी गांड को आराम देती है और हाँफ्ते हुई कहती है…
“हे राम…बहुत दर्द कर रही है गांड…”
देवा अचानक उठता है और उसे अपने ऊपर खीच लेता है और उसके बिना कुछ बोले एक झटके में अपना पूरा लंड उसकी गांड में घुसा देता है।
देवकी इस अचानक हुए हमले से सहम जाती है और जैसे ही उसे अपनी गांड में देवा का लंड गहराइयो तक महसूस होता है तो उसकी एक जोरदार चीख़ निकलती है जो आस पास के कमरों तक गूँजती है…
देवकी:… “आह …उई…आहह मर गयी”
देवा के कान के परदे हिल जाते है देवकी की इतनी अचानक चीख़ से…
देवकी की चीख़ सुनकर कौशल्या बाथरूम से भागकर सीढ़ीयो की तरफ दौड़ती है…
पप्पू अब सोने की कोशिश करता है…
कौशल्या देवकी के कमरे के बाहर पहुच कर अंदर झाँकती है तो पाती है की देवकी कुतिया बनी अपनी गांड देवा से मरवा रही है।
अब देवकी को ज्यादा दर्द नहीं हो रहा था इसलिए वो कुतिया बनी देवा के हर धक्के पर अपनी गांड पीछे की तरफ हिलाती हुई लंड अपनी गांड में लेती हुई चुदवा रही थी।
देवकी:“आहह आह अहह…आह.....अहह आह्ह्ह्ह...यहहह ...यहः,…आहह और जोर से…आहह…आहह…आहह पूरा अंदर तक डालो बेटा…।आहह आहह…आहह आ…आहह…और जोर से पूरी ताकत से…आहह…देवा…आह”
देवा: “ले साली और खा लंड अभी तो चीख़ रही थी और अब अंदर का रान्डीपना जग गया तेरा बहन की लौडी…ले…”
कौशल्या बाहर से देवकी के रंडीपन को देख थोड़ी और गरम हो गयी थी उसका हाथ अपनी चुत को मसल रहा था…
उसका भी मन था अंदर जाकर लंड खाने का । पर चुकी वो इस स्थिति में चुदाई नहीं कर सकती थी तो चुत रगडने के अलावा और कुछ नहीं कर सकती थी।
देवा के झटके तेज हो गए थे।
उसने देवकी की गांड से बिना अपना लंड निकाले उठाया और उसे बिस्तर से लटकाकर कर उसकी गांड में अपना लंड चलाना फिर से शुरू कर दिया।