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Adultery दिव्या का सफ़र

तभी अशोक पेपर्स लेकर आ गया। कर्नल ने कागज साइन किये और अशोक चारू के साथ वापस चला गया। जाते जाते कर्नल ने चारू से कहा की कल तुम अशोक से बात करके हाँ या न जो भी हो मुझे फोन कर देना। चारू के जाने के बाद कर्नल ने सलमान को फ़ोन किया।

सलमान: हेल्लो कर्नल साब।

लाला: सुन मैं इधर कुछ काम में फंसा हुआ हूँ तो कुछ दिन फार्म पर नहीं आ पाउँगा, समझा।

सलमान: लेकिन आप तो बोल रहे थे की एक दो दिन में आ जायेंगे।

लाला: अबे तो क्या मैं तुझसे परमिशन लेकर आऊंगा जाऊँगा।

सलमान: मेरा वो मतलब नहीं था, वो तो मैं इसलिए कह रहा था की मालकिन आपका वेट कर रही हैं। उनको क्या बोलूं?

लाला: अबे वो मेरा नहीं मेरे लंड का वेट कर रही है। उसकी चूत ज्यादा फडफडाये रही होगी।

सलमान: तो अगर ज्यादा फड़फड़ाये तो चोद लूं मालकिन को?

लाला: अबे नहीं, बिदक जाएगी साली। रुक जा कुछ दिन फिर आयेगी तेरे हिस्से में बस फिलहाल उसको फार्म से बाहर नहीं जाने देना।

कर्नल सोचता है की पहले चारू सेट हो जाए फिर दिव्या को सलमान के हवाले कर देगा वरना अगर चारू सेट न हुई तो उधर दिव्या भी हाथ से जाएगी।

उधर जब से कर्नल शहर गया था दिव्या को एकदम चैन नहीं था। कर्नल उसको दिन में कई बार चोदता था तो उसको दिन में चार पांच बार लंड लेने की आदत हो गयी थी। अब बिना चुदे उसे चैन नहीं था इसीलिए वो कर्नल का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी। जब सलमान ने उसको बताया की कर्नल कुछ दिन नहीं आ पायेगा तो वो बहुत उदास हो गयी।

दिव्या: वो काम में फंसे हैं तो चलो हम लोग ही वहां चलते हैं।

सलमान: लेकिन मालकिन, मालिक तो कह रहे थे की उनको किसी काम से दुसरे शहर जाना है इसीलिए वहां जाना बेकार है। उन्होंने बोला है की काम ख़तम होते ही सीधा यहाँ आयेंगे।

दिव्या: तुमको मेरी बात करवानी चाहिए थी न। अगली बार फोन आये तो मेरी बात करवाना।

सलमान: ठीक है मालकिन।

सलमान दिव्या को ये खबर देकर चला जाता है और दिव्या कर्नल के मंसूबो से नावाकिफ दुखी मन से जाकर लेट जाती है।

 
अगले दिन चारू सुबह सुबह ही कर्नल को फ़ोन करके स्कूल की नौकरी के लिए हाँ कर देती है। कर्नल की बांछे खिल जाती है। वो फौरन मदन को फोन करता है।

मदन: हेल्लो कर्नल साब, बहुत दिन बाद याद किया।

लाला: तुमने काम तो ऐसा किया था की जिंदगी में कभी दुबारा तुम्हारी सूरत नहीं देखनी चाहिए थी लेकिन फिर भी एक मौका और देना चाहता हूँ।

मदन: हुक्म कीजिये कर्नल साब, इस बार शिकायत का कोई मौका नहीं दूंगा।

लाला: इस बार मैं तुम्हे मौका देने का मौका नहीं दूंगा। अब कान खोल कर सुनो। एक नई मछली आई है। मैंने चारा डाला था और उसने गटक भी लिया है। उसका सीवी तुझको भेजा है, उसको फोन करके नौकरी के लिए बुला लेना और तनखाह भी अच्छी देना। और याद रखना इस बार अगर मेरे शिकार पर मुंह मारा और अमानत में खयानत की तो सीधा ऊपर भेज दूंगा।

मदन: नहीं नहीं कर्नल साब, ऐसा नहीं होगा लेकिन एक परेशानी है। दिव्या की सैलरी तो जा ही रही है और इसके अलावा तो कोई वेकंसी है नहीं तो...

लाला: शुरू हो गया तुम्हारा हरामीपन...

मदन: नहीं नहीं कर्नल साब। बात को समझिये। मुझे भी ऊपर जवाब देना पड़ता है। वैसे भी अब दिव्या तो आपको छोड़ कर कहाँ ही जाएगी तो उसकी सैलरी...

लाला: ठीक है। उसको निकाल कर चारू को रख ले लेकिन आखिरी बार बोल रहा हूँ जब मैं उसकी ले लूँगा उसके बाद ही उस पर हाथ रखना।

मदन: जी जी आप बेफिक्र रहें।

कर्नल के फ़ोन रखते ही मदन फ़ौरन सीवी देखता है। चारू का पासपोर्ट साइज़ फोटो देख कर ही वो मदहोश हो जाता है और फ़ौरन चारू को फोन मिला देता है। फ़ोन रिंग होता है और चारू फ़ोन उठा लेती है।

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मदन: हेल्लों, मिस चारू?

चारू: यस, कौन बोल रहे हैं।

मदन: चारू मेरा नाम मदन है और मैं xxxxx पब्लिक स्कूल का प्रिंसिपल हूँ। कर्नल लाला ने आपका सीवी भेजा था और कहा था की आप मेरे स्कूल में नौकरी करने में इंटरेस्टेड हैं।

चारू: जी मैंने उनको अपना सीवी दिया था।

मदन: जी आप आज इंटरव्यू देने आ सकती हैं क्या?
 
चारू: जी इंटरव्यू? लेकिन मेरा टीचिंग का कोई एक्सपीरियंस नहीं है और कर्नल साब ने तो कहा था...

मदन: अरे आप घबराइए नहीं। ये तो बस एक फॉर्मेलिटी है बाकी कर्नल साब ने कह दिया तो आपकी नौकरी पक्की है और आपकी सैलरी शुरू में 50 हजार होगी और बाद में परफॉरमेंस देख कर हम फाइनल सैलरी तय कर लेंगे लेकिन वो क्या है की आप अगर एक बार दस मिनट के लिए आ जाती तो अच्छा रहता क्योंकि हमको भी मैनेजमेंट को जवाब देना पड़ता है।

चारू 50 हजार सुन कर लालच में आ गयी और बोली

चारू: ठीक है सर मैं एक घंटे में आ जाउंगी।

मदन: ओके, मैं पेपर वर्क करवा लेता हूँ तो आप कल से नौकरी ज्वाइन कर सकती है।

चारू: थैंक यू सर।

चारू फोन रखकर ये बातें अशोक को बताती है तो वो भी खुश हो जाता है। अशोक को एक मीटिंग अटेंड करनी होती है तो चारू फटाफट जीन्स और टीशर्ट पहन कर तैयार होकर स्कूल के लिए निकल जाती है।

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उधर मदन बेसब्री से चारू का इंतज़ार कर रहा था। जैसे ही चपरासी उसको बताता है की कोई चारू मैडम आपसे मिलने आई हैं वो फ़ौरन चारू को अन्दर बुला लेता है। चारू के पहनावे से उसके मम्मे और बड़ी गांड साफ़ नज़र आ रहे होते है जो मदन के दिल पर बिजली गिरा देते हैं। वो सोचता है की ऐसे कड़क माल कर्नल को ही क्यों मिलते हैं।

मदन: आइये आइये चारू जी। बैठिये।

चारू: थैंक्यू सर।

मदन: बताइए क्या लेंगी चाय काफी या ठंडा?

चारू: कुछ नहीं सर बस आप इंटरव्यू ले लीजिये।

मदन: जी इंटरव्यू की तो कोई बात ही नहीं है, कर्नल साहब ने कह दिया तो नौकरी तो आप की पक्की ही है लेकिन फॉर्मेलिटी तो पूरी ही करनी पड़ती है इसीलिए आपको तकलीफ दी। आप अपना सीवी और सर्टिफिकेट्स तो लाई हैं न।

चारू: जी हाँ। ये लीजिये।

चारू अपनी फाइल मदन की तरफ बढ़ा देती है। मदन कुछ देर फाइल देखने का नाटक करता है।

मदन: कर्नल साहब ने तो फंसा दिया है।

चारू: क्या हुआ सर?

मदन: आपने तो केवल ग्रेजुएशन किया है और मेरे पास इस पोस्ट के लिए पीएचडी किये हुए एक्सपीरियंस लोगो ने अप्लाई किया है और आपका तो टीचिंग की कोई एक्सपीरियंस भी नहीं है।

चारू: सर मैं शादी से पहले बच्चो को ट्यूशन देती थी। मेरा पढाया कोई भी बच्चा कभी फेल नहीं हुआ।

मदन: जी मैं मानता हूँ लेकिन ये तो सीनियर पोजीशन है। सैलरी भी हाई है। अगर ये पोजीशन आपको मिली तो जस्टिफाई करना मुश्किल हो जायेगा।

चारू: लेकिन आप तो कह रहे थे की कर्नल साहब...

मदन: जी उनकी मैं रेस्पेक्ट करता हूँ लेकिन यहाँ तो नौकरी मेरी दांव पर लगी है...

चारू ये सुन कर उदास हो जाती है और सोचती है की नौकरी उसे नहीं मिलेगी। मदन दरअसल ये सब इसलिए कर रहा था ताकि चारू को ये न लगे की सिर्फ कर्नल के कहने भर से उसकी नौकरी लग गई। वो उस पर अपना एहसान भी दिखाना चाहता था।

मदन: आप मायूस न हों लेकिन आप प्रॉमिस कीजिये की आप बच्चो को खूब मेहनत से पढायेंगी!

चारू (खुश होकर): प्रॉमिस सर! मैं कोई कसर नहीं छोडूंगी।

मदन: मेरे कहने पर कभी कभी आपको छुट्टी के दिन भी आना होगा ट्रेनिंग के लिए और कभी कुछ एक्स्ट्रा काम भी करना पड़ सकता है।

चारू: नौ प्रॉब्लम सर। आई एम रेडी।

मदन: तो ठीक है, आप कल से ज्वाइन कर लीजिये।

चारू: कल से?

मदन: कोई प्रॉब्लम?

चारू: नौ प्रॉब्लम सर।
 
मदन बेल बजा कर चपरासी को बुलाता है।

चपरासी: जी सर?

मदन: ये हमारे स्कूल की नयी टीचर है चारू मैडम। इनको ऑफिस में ले जाओ। (चारू) आप इसके साथ जाइये, मैं ऑफिस में फोन कर दूंगा तो वो आपको लैटर वगेरह दे देंगे और बाकी फॉर्मेलिटी पूरी करवा लेंगे।

चारू: थैंक यू सर!

चारू चली जाती है तो मदन ऑफिस में फ़ोन करके चारू के बारे में बता कर कर्नल को फोन करता है।

लाला: हाँ बोलो मदन।

मदन: आपका काम हो गया कर्नल साब। आपकी तितली कल से ज्वाइन कर रही है। कसम से बहुत कड़क माल है। साली लंड खड़ा कर गयी।

लाला: औकात में रहो मदन इस बार अगर...

मदन: सॉरी कर्नल साहब, मैं बस आपकी पसंद की तारीफ कर रहा था। वैसे एक रिक्वेस्ट है कर्नल साहब।

लाला: बोलो..

मदन: देखिये जब से सलमान गया है बिलकुल सूखा पढ़ा है। वो आपके ही पास तो है, अगर आप उसको वापस भेज दें तो...

लाला: हम्म। कुछ दिन रुको। पहले मैं इस चारू को भोग लूं फिर भेजूंगा वरना तुम और सलमान मिल कर फिर से कुछ न कुछ करोगे।

मदन: आपको विश्वास दिलाता हूँ की इस बार आपको कोई शिकायत नहीं होगी।

लाला: बोला न कुछ दिन रुको। उस रांड दिव्या की फेयरवेल पार्टी होते ही उसको वापस भेज दूंगा।

मदन: बहुत बहुत शुक्रिया कर्नल साहब और अगर दिव्या से छुटकारा पाने से पहले एक बार उसकी...

लाला: हाँ हाँ ठीक है। उसकी फेयरवेल में तुमको भी बुलाएँगे।

ये कह कर कर्नल ने फ़ोन रख दिया और सोचने लगा की अब कैसे दिव्या से छुटकारा मिलेगा क्योंकि लड़कियां और औरतें तो उसने खूब पटाई थीं लेकिन उसके बच्चे की माँ उसकी बीवी को छोड़कर कोई और नहीं बनी थी और अपने पति को भी किसी और ने कर्नल के लिए नहीं छोड़ा था। कर्नल को अपने ऊपर गुस्सा आने लगा की क्यों वो दिव्या के लिए इतना पागल हो गया की उसने सारा खेल राजेश के सामने ही खेल डाला वरना दिव्या उससे चुद कर अपने पति के साथ आराम से रह रही होती लेकिन पहले तो वो दिव्या को हमेशा अपनी रखेल की तरह ही अपने साथ रखना चाहता था लेकिन चारू को देख कर दिव्या का नशा उतर गया था। वो जानता था की दिव्या से पीछा छुड़ाना थोडा मुश्किल होगा लेकिन वो प्लान बनाने लगा।

उसने सबसे पहले सलमान को फोन लगाया।

सलमान: सलाम मालिक।

लाला: सुन मुझे यहाँ थोडा ज्यादा वक़्त लग सकता है।

सलमान: रुकिए मैं आपकी मालकिन से बात करवा देता हूँ, उन्होंने बोला था की अगली बार मेरी बात करवा देना।

लाला: अबे ये क्या मालकिन मालकिन की रट लगा रखी है तूने। वो दो टके की रंडी तेरी मालकिन कब से हो गयी बे।

सलमान: जी?

लाला: कान खोल कर सुन ले तू आज ही से उसको पेलने की तैयारी में लग जा और जब उसकी लेना तो विडियो बना कर मुझे भेज देना, समझा।

सलमान: समझ गया मालिक की आपको कोई नयी लौंडिया मिल गयी है और दिव्या मैडम का टाटा बाय बाय करना है।

लाला: जितना बोला है उतना कर।
 
सलमान: समझ गया मालिक की आपको कोई नयी लौंडिया मिल गयी है और दिव्या मैडम का टाटा बाय बाय करना है।

लाला: जितना बोला है उतना कर।

ये बोल कर कर्नल ने फ़ोन काट दिया। कर्नल से छूट मिलते ही सलमान के पर निकल आये। दिव्या को चोद तो कई बार चूका था लेकिन वो उससे बदला लेना चाहता था।

स्कूल में उसके दिन मजे में कट रहे थे लेकिन दिव्या के चक्कर में कर्नल ने उसको वहां से निकलवा दिया और यहाँ वो गधों की तरह सुबह से रात तक काम में जुटा रहता था। वो कई दिनों से इसी दिन के इंतज़ार में था की कब कर्नल दिव्या से उबेगा। वो फ़ौरन दिव्या के रूम में जा पहुंचा। दिव्या वहां बच्चे के साथ सो रही थी। सलमान ने दिव्या को झंकझोर कर जगा दिया। दिव्या हडबडा कर उठ बैठी और सलमान को बेडरूम में देख कर चौंक गयी।

दिव्या: तुम यहाँ क्या कर रहे हो?

सलमान: कर्नल साहब का फोन आया था।

दिव्या: क्या कह रहे थे वो? तुमने मेरी बात क्यों नहीं करवाई?

सलमान: वो जरा जल्दी में थे पर मैंने उनसे कहा था की यहाँ काम बहुत ज्यादा है तो मेरी हेल्प के लिए अगर कोई मिल जाता तो। उन्होंने बोला है की जब तक कोई और इन्तेजाम नहीं होता तब तक दिव्या मैडम की हेल्प ले लेना।

दिव्या: क्या बक रहे हो। मैं अभी कर्नल साहब को फोन...

दिव्या बात पूरी कर पाती इससे पहले ही सलमान ने दिव्या को एक जोर का थप्पड़ जड़ दिया। दिव्या के तो मानो होश ही उड़ गए की जो आदमी थोड़ी देर पहले तक मालकिन मालकिन कर रहा था उसने उस पर हाथ उठा दिया।

सलमान: साली मैं बक नहीं रहा हूँ। सुबह चार बजे से जाग कर रात को बारह बजे तक काम करता हूँ और तू मुफ्त की रोटियाँ तोड़ कर दिन में भी खर्राटे भर रही है। अगर कल चार बजे के बाद एक मिनट भी सोई तो खाल उधेड़ दूंगा। साली हरामखोर।

दिव्या की आवाज तो उसके हलक में ही अटक गयी थी। शोर सुन कर उसका बच्चा भी जाग गया और रोने लगा था। दिव्या बदहवास सी कभी बच्चे को देखती और कभी सलमान को।

सलमान: साली इधर उधर क्या देखती है। चुप करा इस हरामी के पिल्ले को और याद रख कल सुबह चार बजे उठ काम में लग जाना। फ्री का खा खा कर ये जो गांड मोटी हो गयी है तेरी कल सारी चर्बी निकालता हूँ।

सलमान ये बोल कर वहां से निकल जाता है। दिव्या जैसे तैसे अपने को संभालती है और बच्चे को चुप कराती है। वो कर्नल से बात करना चाहती थी लेकिन यहाँ उसके पास कोई फोन नहीं था। उसको समझ नहीं आता की वो क्या करे।
 
वो इसी उधेड़बन में सारा दिन बिता देती है। न कुछ खाती है और न ही अपने कमरे से बाहर आती है। वो सोचती है की वो कमरा लॉक कर ले लेकिन सलमान के पास सारे रूम्स की चाभियाँ थी तो उसका भी कोई फायदा नहीं था। उसे कब नींद आ जाती है उसे पता ही नहीं चलता। अगले दिन अचानक उसके गालों पर थप्पड़ो की बारिश होने लगती है जिससे वो दर्द से जाग जाती है।

सलमान: साली बोला था न की सुबह चार बजे उठ जाना और तू पांच बजे तक सो रही है। उठ कुतिया आज तुझे बताता हूँ।

दिव्या: प्लीज सलमान। छोड़ दो प्लीज। दर्द हो रहा है।

सलमान: बोल आगे से ऐसी गलती नहीं होगी।

दिव्या: आगे से ऐसी गलती नहीं होगी प्लीज अब तो छोड़ दो।

सलमान: ठीक है आज माफ़ करता हूँ। जा जाकर तबेले से सारा गोबर साफ़ कर फिर मैं तुझे दूध निकालना सिखाऊंगा।

दिव्या: क्या? मैं ये सब नहीं कर सकती।

सलमान: साली खाना तो चार लोगों का खाती है और काम एक का भी नहीं करना चाहती है। फ़ौरन चल वरना अभी मजा चखाता हूँ।

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दिव्या केवल नाईट गाउन पहने होती है। वो सलमान से कपडे बदलने को कहती है लेकिन सलमान दिव्या को खींच कर तबेले में ले जाता है और घक्का दे देता है जिससे दिव्या गोबर के ऊपर गिर पड़ती है और उसके नाईट गाउन में गोबर लग जाता है।

दिव्या: छी ये क्या किया तुमने। कपडे गंदे हो गए।

सलमान आगे बढ़कर दिव्या का गाउन फाड़ कर उतार देता है और उसे नंगा कर देता है। और उसके मम्मे घूरते हुए कहता है।

सलमान: गंदे कपडे उतार दिए। अब ठीक है न। फ़ौरन यहाँ का सारा गोबर समेटो और वो सामने ड्रम में भर दो। दूध भी निकालना है।

ये बोलकर सलमान चला जाता है। दिव्या मन मारकर गोबर समेटने लगती है। उसने अपनी जिंदगी में कभी इस तरह के काम नहीं किये थे। वो तबेले की सफाई करने में ही काफी थक जाती है। वो वापस अपने रूम में जाने के बारे में सोचती है की तभी सलमान आ जाता है।
 
सलमान: हो गयी सफाई।

दिव्या: हाँ हो गयी। अब मैं जाऊँ?

सलमान: कहाँ जाना है? दूध निकालने कौन आयेगा? तेरा बाप?

दिव्या: देखो मुझसे तमीज से बात...

दिव्या की बात पूरी होने से पहले ही सलमान दिव्या को एक थप्पड़ जड़ देता है।

सलमान: मुझसे जबान लड़ाती है हरामजादी।

दिव्या: आने दो कर्नल साब को। तुम ये जो कर रहे हो न...

सलमान: ये धमकी किसी और को देना। तेरे कर्नल को नयी चूत मिल गयी है समझी और तुझे उसने छोड़ा है मेरे लिए। अब फटाफट ये मशीन लगा कर दूध निकाल। सब काम एक घंटे में हो जाना चाहिए वरना नाश्ता नहीं मिलेगा।

सलमान फिर से चला जाता है लेकिन उसकी बात सुन कर दिव्या बहुत परेशान हो जाती है की कहीं ये सच तो नहीं बोल रहा। उसकी आँखों में आंसू आ जाते है और वो रोते रोते जानवरों का दूध निकालने लगती है क्योंकि उसको ये भी डर था की कहीं सलमान उसे फिर से न मारे। इसी डर से वो जल्दी जल्दी दूध निकालने का काम ख़तम कर देती है और एक किनारे बैठ जाती है।

एक घंटा पूरा होने के बाद सलमान वहां आता है। उसके हाथ में एक कप और प्लेट होती है।

सलमान: सबका दूध निकल गया?

दिव्या: हाँ।

सलमान: शाबाश। चल नाश्ता कर ले।

सलमान कप प्लेट उसके सामने रख देता है। कप में आधा कप चाय होती है और प्लेट में दो सूखी बासी रोटियां। दिव्या ये देख कर जोर जोर से रोने लगती है।

सलमान: अरे नाटक मत कर। जल्दी से नाश्ता कर ले। अभी बहुत काम है। तुझे सारे घर की सफाई भी करनी है और फिर पूल भी साफ़ करना है। उसके बाद खाना बनाना है और फिर बाग़ में भी काम है। चल दस मिनट में नाश्ता कर ले।

दिव्या: सलमान प्लीज, किस बात का बदला ले रहे हो मुझसे? मैं ये सब कैसे कर पाऊँगी। फिर मुझे बच्चे को भी तो देखना है।

सलमान: साली आज मेरी जो हालत है उसकी जिम्मेदार तू है और अब पूछती है की किस बात का बदला ले रहे हो। तेरी तो वो हालत करूंगा की याद रखेगी। ये भी पता था की तू बच्चे का बहाना बनाएगी इसीलिए मैंने उसे अपने घर भिजवा दिया है। अब मेरी बीवी उसका अच्छे से ख्याल रखेगी वरना तेरे साथ रहता तो बिगड़ ही जाता।

दिव्या: प्लीज सलमान, मैंने तो तुम्हारे साथ कुछ नहीं किया उल्टा तुमने मेरे साथ क्या क्या नहीं किया और फिर प्रिंसिपल के साथ मिलकर भी मुझे जलील किया। अब मुझे मेरे बच्चे से अलग मत करो।

सलमान: मैंने क्या किया। अच्छे से प्यार करता था। तेरे हिजड़े पति ने तुझे जो सुख नहीं दिया वो मैंने दिया और मदन के चक्कर में तू खुद फँसी थी समझी और आज तेरी ममता जाग गयी? बच्चा याद आ गया और जो कल तक कर्नल के लौड़े के अलावा कुछ याद नहीं था वो। नाटक न कर। जल्दी से ये खा ले वरना ये भी नहीं मिलेगा। और दस मिनट के अन्दर किचन में आ जाना वरना मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।

सलमान दिव्या को धमका कर चला जाता है। कर्नल की बेवफाई और बच्चे की जुदाई के ख्याल से वो बहुत परेशान हो जाती है लेकिन जैसे तैसे वो सूखी रोटी चाय के साथ हलक के नीचे उतार कर वो किचेन में जाती है जहाँ सलमान उसका इंतज़ार कर रहा था।
 
सलमान: कल से ये काम दुबारा बताने की जरूरत न पड़े। रोज सुबह चार बजे उठकर ये सारे काम अब तुझे करने है। कोई कोताही की तो चमड़ी उधेड़ दूंगा। चल अब ये झाडू पोछा उठा और फटाफट घर की सफाई में जुट जा। एकदम चमका दे फर्श। शिकायत का कोई मौका नहीं देना समझी।

दिव्या चुपचाप नाश्ते के बर्तन सिंक में रख कर जाने लगती है सलमान उसे फिर से टोक देता है।

सलमान: अरे तेरे ये जूठे बर्तन धोने तेरी अम्मा आयेगी क्या। पहले ये सारे बर्तन धो फिर जा।

दिव्या को सलमान की बाते बहुत बुरी लग रही थी लेकिन दो बार सलमान से मार खा कर वो बहुत डर गयी थी इसीलिए वो चुपचाप बर्तन धोकर झाडू पोछा लेकर अन्दर चली गयी। सबसे पहले उसने सोचा की कपडे पहन ले लेकिन उसके सारे कपडे गायब थे। यहाँ तक की उसकी ब्रा पेंटी भी नहीं थी। वो वापस किचेन में आई।

सलमान: अब क्या हुआ रांड?

दिव्या: मेरे कपडे कहाँ है?

सलमान: कपड़ो का क्या करना है तुझे? यहाँ कौन देख रहा है तुझको? मुझसे तो सैकड़ो बार चूत मरवा चुकी है तो मुझसे क्या शर्माना और वैसे भी तू नंगी ही ज्यादा अच्छी लगती है तो कुछ दिन ऐसे ही रह फिर सही टाइम पर कपडे भी मिल जायेंगे। अब जाकर घर की सफाई कर। बहुत काम बाकी है अभी।

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अब दिव्या से बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया। वो इतने दिनों से सुकून से रह रही थी। आज कुछ घंटो की जलालत ने ही उसको तोड़ दिया और उसको अब अपने बच्चे की भी चिंता हो रही थी। वो सीधे सलमान के पैरों में गिर पड़ी और रोते हुए बोली।

दिव्या: प्लीज सलमान, मुझ पर तरस खाओ। मैंने तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ा। तुम्हारे साथ जो किया है कर्नल साब ने किया है तो तुम मुझसे बदला क्यों ले रहे हो। मेरे ऊपर तरस खाओ। मैं ऐसे नहीं रह सकती। मुझे मेरे कपडे और बच्चा लौटा दो। जो तुम कहोगे वो मैं करूगी लेकिन इतना काम मैं नहीं कर सकती।

सलमान: जो मैं कहूँगा वो करेगी?

दिव्या जानती ही थी की सलमान क्या कहेगा। उसने धीरे से हाँ में सर हिला दिया। सलमान को अंदाजा नहीं था की दिव्या एक ही दिन में टूट जाएगी। उसको लगा था की २-३ दिन तो लगेंगे ही। वो अन्दर ही अन्दर खुश हुआ और बोला।

सलमान: एक शर्त पर छोड़ सकता हूँ की तू आज से फिर से मेरी रांड बन जा। आज के बाद जब बोलूँगा, जैसे बोलूँगा चुदेगी मुझसे।

दिव्या: ठीक है लेकिन कर्नल साब को पता चला की मैं उनको धोखा दे रही हूँ तो?

सलमान: वाह कर्नल की बड़ी चिंता है। अपने खसम की चिंता नहीं थी जब मुझसे, मदन और कर्नल से चुदवा रही थी? अरे उसको न तू बताएगी न मैं तो उसको कैसे पता चलेगा।

दिव्या: ठीक है। अब तो मेरे कपडे दे दो और मेरा बच्चा भी।

सलमान: अब तो कपड़ो की बिलकुल भी जरूरत नहीं है और बच्चा वापस बुला देता हूँ। दो तीन दिन में आ जायेगा। अब जा और नहा कर मुझसे चुदने के लिए तैयार हो जा।

दिव्या मन ही मन सलमान को कोसते हुए नहाने चली गयी। वो कई बार सलमान से बिना मर्जी चुदवा चुकी थी तो उसके लिए सलमान से फिर से चुदवाना कोई बड़ी बात नहीं थी लेकिन उसको कर्नल का डर था क्योंकि वो जानती थी की कर्नल राजेश नहीं है जो उसे आसानी से छोड़ दे। वो क्या जानती थी की सलमान ये सब कर्नल के इशारे पर ही कर रहा है। दिव्या के बाथरूम में जाते ही सलमान ने बेडरूम में दो मोबाइल विडियो रिकॉर्डिंग ऑन करके ऐसे छुपा दिए की पूरा रूम उनसे कवर हो और फिर वो भी बाथरूम में घुस गया।

सलमान: आज तुझे रगड़ रगड़ कर नेहलाऊँगा जानेमन।

दिव्या: रगड़ रगड़ कर नहाने की जरूरत तुमको मुझसे ज्यादा है।

ये कहकर दिव्या सलमान को नहलाने लगती है।

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दोनों कुछ देर शावर में मस्ती करते हैं फिर सलमान उसको वही लिटा कर चोदने लगता है।

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दिव्या भी कई दिनों से लंड की भूखी थी तो वो भी चाहती थी की सलमान उसे जल्दी से चोदे इसीलिए वो मजे से चुदने लगती है लेकिन सलमान को तो दिव्या की फिल्म भी बनानी थी इसीलिए वो चुदाई बीच में रोक कर बाहर आ जाता है। सलमान जान बूझ कर ऐसी पोजीशन में खड़ा होता है की वो दोनों साफ़ साफ़ रिकॉर्ड हो जाएँ और पता चले की दिव्या सब अपनी मर्जी से कर रही है। इससे अनजान दिव्या बाहर आकर सलमान का लंड मुंह में लेकर चूसने लगती है।

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जब सलमान को लगता है की वो झड जायेगा तब वो दिव्या उठा कर बेड पर लिटा देता है और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगता है।
 
दिव्या: उफ़ अब और मत तडपाओ। डाल भी दो न।

सलमान दिव्या से यही कहलवाना चाहता था। वो बिना देर किये दिव्या की चूत में लंड पेल देता है और उसकी ताबड़तोड़ चुदाई करने लगता है।

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इतने दिन बाद सलमान की मस्त चुदाई से दिव्या का रोम रोम खिल उठता है और वो जोर जोर से झड़ने लगती है।

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सलमान उसको कई बार चोदता है और दिव्या को मस्त कर देता है। दो तीन दिन इनकी मस्ती ऐसे ही चलती रहती है। तीन दिन बाद कर्नल सलमान को फोन करता है।

सलमान: हेलो मालिक।

लाला: हेलो, कहाँ तक पहुंचा मेरा काम।

सलमान: काम हो गया मालिक। कई विडियो बना लिए है उसके।

लाला: वैरी गुड। अब वो सब मुझे भेज दो और उस रांड को बोल दो की मैं कल आ रहा हूँ।

सलमान: जी अभी भेज देता हूँ।

लाला: और कल मेरे साथ मेरे कुछ दोस्त भी आएंगे तो इन्तेजाम रखना।

सलमान: जी समझ गया मालिक।

सलमान ने अपनी और दिव्या की चुदाई के सारे विडियो कर्नल को भेज दिए। कर्नल विडियो देख कर काफी खुश होता है क्योंकि उसकी और चारू की नजदीकी बढ़ने लगी थी और अब वो दिव्या से फ़ौरन छुटकारा पाना चाहता था और इसके लिए ये विडियो उसके बहुत काम आने वाले थे। वो मदन को और अपने कुछ और दोस्तों को फ़ोन करके अगले दिन शाम को फार्म हाउस पर आने के लिए बोल देता है।

सलमान जाकर दिव्या को उसके कपडे वापस कर देता है और बोल देता है की कल कर्नल आ रहा है तो आज जी भर कर चुद ले। दिव्या भी चैन की सांस लेती है लेकिन उसे पता नहीं था की उसके साथ क्या होने वाला था।
 
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