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तभी अशोक पेपर्स लेकर आ गया। कर्नल ने कागज साइन किये और अशोक चारू के साथ वापस चला गया। जाते जाते कर्नल ने चारू से कहा की कल तुम अशोक से बात करके हाँ या न जो भी हो मुझे फोन कर देना। चारू के जाने के बाद कर्नल ने सलमान को फ़ोन किया।
सलमान: हेल्लो कर्नल साब।
लाला: सुन मैं इधर कुछ काम में फंसा हुआ हूँ तो कुछ दिन फार्म पर नहीं आ पाउँगा, समझा।
सलमान: लेकिन आप तो बोल रहे थे की एक दो दिन में आ जायेंगे।
लाला: अबे तो क्या मैं तुझसे परमिशन लेकर आऊंगा जाऊँगा।
सलमान: मेरा वो मतलब नहीं था, वो तो मैं इसलिए कह रहा था की मालकिन आपका वेट कर रही हैं। उनको क्या बोलूं?
लाला: अबे वो मेरा नहीं मेरे लंड का वेट कर रही है। उसकी चूत ज्यादा फडफडाये रही होगी।
सलमान: तो अगर ज्यादा फड़फड़ाये तो चोद लूं मालकिन को?
लाला: अबे नहीं, बिदक जाएगी साली। रुक जा कुछ दिन फिर आयेगी तेरे हिस्से में बस फिलहाल उसको फार्म से बाहर नहीं जाने देना।
कर्नल सोचता है की पहले चारू सेट हो जाए फिर दिव्या को सलमान के हवाले कर देगा वरना अगर चारू सेट न हुई तो उधर दिव्या भी हाथ से जाएगी।
उधर जब से कर्नल शहर गया था दिव्या को एकदम चैन नहीं था। कर्नल उसको दिन में कई बार चोदता था तो उसको दिन में चार पांच बार लंड लेने की आदत हो गयी थी। अब बिना चुदे उसे चैन नहीं था इसीलिए वो कर्नल का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी। जब सलमान ने उसको बताया की कर्नल कुछ दिन नहीं आ पायेगा तो वो बहुत उदास हो गयी।
दिव्या: वो काम में फंसे हैं तो चलो हम लोग ही वहां चलते हैं।
सलमान: लेकिन मालकिन, मालिक तो कह रहे थे की उनको किसी काम से दुसरे शहर जाना है इसीलिए वहां जाना बेकार है। उन्होंने बोला है की काम ख़तम होते ही सीधा यहाँ आयेंगे।
दिव्या: तुमको मेरी बात करवानी चाहिए थी न। अगली बार फोन आये तो मेरी बात करवाना।
सलमान: ठीक है मालकिन।
सलमान दिव्या को ये खबर देकर चला जाता है और दिव्या कर्नल के मंसूबो से नावाकिफ दुखी मन से जाकर लेट जाती है।
सलमान: हेल्लो कर्नल साब।
लाला: सुन मैं इधर कुछ काम में फंसा हुआ हूँ तो कुछ दिन फार्म पर नहीं आ पाउँगा, समझा।
सलमान: लेकिन आप तो बोल रहे थे की एक दो दिन में आ जायेंगे।
लाला: अबे तो क्या मैं तुझसे परमिशन लेकर आऊंगा जाऊँगा।
सलमान: मेरा वो मतलब नहीं था, वो तो मैं इसलिए कह रहा था की मालकिन आपका वेट कर रही हैं। उनको क्या बोलूं?
लाला: अबे वो मेरा नहीं मेरे लंड का वेट कर रही है। उसकी चूत ज्यादा फडफडाये रही होगी।
सलमान: तो अगर ज्यादा फड़फड़ाये तो चोद लूं मालकिन को?
लाला: अबे नहीं, बिदक जाएगी साली। रुक जा कुछ दिन फिर आयेगी तेरे हिस्से में बस फिलहाल उसको फार्म से बाहर नहीं जाने देना।
कर्नल सोचता है की पहले चारू सेट हो जाए फिर दिव्या को सलमान के हवाले कर देगा वरना अगर चारू सेट न हुई तो उधर दिव्या भी हाथ से जाएगी।
उधर जब से कर्नल शहर गया था दिव्या को एकदम चैन नहीं था। कर्नल उसको दिन में कई बार चोदता था तो उसको दिन में चार पांच बार लंड लेने की आदत हो गयी थी। अब बिना चुदे उसे चैन नहीं था इसीलिए वो कर्नल का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी। जब सलमान ने उसको बताया की कर्नल कुछ दिन नहीं आ पायेगा तो वो बहुत उदास हो गयी।
दिव्या: वो काम में फंसे हैं तो चलो हम लोग ही वहां चलते हैं।
सलमान: लेकिन मालकिन, मालिक तो कह रहे थे की उनको किसी काम से दुसरे शहर जाना है इसीलिए वहां जाना बेकार है। उन्होंने बोला है की काम ख़तम होते ही सीधा यहाँ आयेंगे।
दिव्या: तुमको मेरी बात करवानी चाहिए थी न। अगली बार फोन आये तो मेरी बात करवाना।
सलमान: ठीक है मालकिन।
सलमान दिव्या को ये खबर देकर चला जाता है और दिव्या कर्नल के मंसूबो से नावाकिफ दुखी मन से जाकर लेट जाती है।