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अनीश मुझे पीठ पर अपने हाथों से सहला रहा था. मुझे अस्वस्थ लग रहा था. मुझे ऒर अनीश को काफी नशा भी हो गया था. तभी अमन आया..चलो मैडम..सब रेडी है..
अनीश मुझे सहारा देकर नशे की हालत में धीरे धीरे नारियल के पेड़ की पीछे ले कर गये. वहा अमन ने निचे बहुत बड़ी चटाई बीघा दी थी ऒर उसपर मोटी चादर ऒर बाजू में कुछ टॉवल ऒर मसाज का तेल रखा था.
मैं उसपर लेट गयी. अमन मेरे पैरों पर तेल लगाकर मालिश करने लगा. मेरे तलवों पर तेल लगाकर अपने बड़े खुरदूरे हाथ से रगड़ने लगा.’’
अमन: सर मैडम की टॉप पर तेल लग जायेगा. क्या इसको निकाल ले.
अनीश: हाँ, निकाल लो. नयी है ख़राब हो जाएगी.
अमन ने मेरा टॉप निकाल लिया ऒर मेरे मम्मों पर टॉवल रख कर ढक दिया.
अनीश: अमन तुम्हारे कपड़ो पर भी तेल लग जायेगा..तुम भी निकाल लो.
अमन : जी सर (अमन ने अपना शर्ट निकाल दिया..उसका गठीला बदन था..ऒर बॉलों वाला शरीर था, उसने पैंट निकाल दी. अब वो सिर्फ उसकी टाइट ब्रीफ्स में था. भरी मासलदार जांघों में उसके लण्ड का उभार बहुत बड़ा था.
अनीश: अमन तेरी बॉडी तो मस्त है.. रोज जिम में जाता है?
अमन: हाँ सर, होटल की जिम है. मेरी शिफ्ट ख़तम होने के बाद रोज २ घंटे कसरत करता हूँ.
अमन ने मेरा एक पैर उठाकर अपनी गोदी में ले लिए ऒर दोनों हाथों से तेल लगाकर मसाज करने लगा. जब भी वह अपने हाथ मेरे घटने से निचे रगड़ता, मेरा पैर उसकी ब्रीफ्स के ऊपर उसके लण्ड को छू जाता. उसके लण्ड के उभार के स्पर्श से मेरे शरीर में करंट दौड़ जाता. अमन ने अब मेरे दूसरा पैर उठा लिया ऒर तेल लगाने लगा.
अनीश: मैडम अब कैसे लग रहा हैं..(मेरा पैर उसके ब्रीफ्स को छू रहा था)
मैं: आह..! बहुत मस्त लग रहा अमन... आपके हाथों में जादू है. (अमन खुश हो गया ..जोर से मेरा पैर निचे की ऒर खिंचा ऒर मेरा पैर उसके गरम, कड़क लण्ड को दबा दिया, मैंने देखा की उसका लण्ड अब ब्रीफ्स में कड़क हो गया था. इधर अनीश का लण्ड भी उसकी ब्रीफ्स में उछल रहा था..बड़ा उभार बन गया था)
फिर अमन उठकर मेरे सर के पास बैठ गया ऒर मेरे कंधो - ऒर गले पर तेल डाल कर मसाज करने लगा. गले से उसका साथ फिसल कर कभी- कभी मेरे मम्मों को छू जाता. मेरी चूचियां अब उसके हाथों के स्पर्श से कड़क हो गयी थी. अब वह मेरे पेट पर बहुत सारा तेल डाल दिया ऒर मसाज करने लगा. उसके कारन उसको मुझ पर झुकना पड़ता ऒर उसकी ब्रीफ्स मेरे चहरे के ऊपर आ जाती. उसकी ब्रीफ्स से मुझे उसके लण्ड ऒर पेशाब की बदबू आ रही थी. एक दो बार उसकी ब्रीफ्स का उभार मेरे ओंठों ऒर चहरे पर फिसल गया.
अनीश सब आंखें फाड़ कर देख रहा था. उसको मजा आ रहा था. वह अपनी शॉर्ट्स के ऊपर से अपना लण्ड सहला रहा था.
आमना: मैडम अब ठीक लग रहा हैं ?
मैं: हाँ अब ठीक लग रहा हैं.
अनीश: ठीक हैं मैडम अब आप पलट कर सो जाओ. सर..आप की फेनी बची हैं..क्या आप उसको ख़तम करना चाहेंगे.
मैं पलटकर सो गयी. अमन फिर से मेरे पैरों के पास आ गया. अमन अब मेरे जांघों पर तेल लगा रहा था. अनीश फेनी पीने अपने टेबल पर चला गया.
अमन: मैडम आपकी स्कर्ट पर तेल लग जायेगा, इसको उतर देता हूँ.
मेरे जवाब की प्रतीक्षा किये बिना, अमन ने मेरा स्कर्ट पकड़ लिया ऒर उसके सात मेरी पैंटी भी निचे खींच ली. मैंने भी गांड ऊपर कर के उसको मेरी पैंटी ऒर स्कर्ट निकालने को आसानी कर दी. अमन ने मेरी गांड पर छोटा सा नैपकिन रख कर ढक दी. अब मैं बिलकुल नंगी सोई थी. अमन मेरी गांड पर तेल डाल कर मेरे नितम्ब दबा रहा था. अमन के मर्दाने साथ मेरे शरीर को अजीब सुख दे रहे थे. मैं अब बहुत गरम हो गयी थी. मैं कमजोर पड़ रही थी. उस स्थिति में अमन मेरे सात कुछ भी करता तो मैं मना नहीं करती. मेरी पीठ को भी अमन ने अच्छी से तेल से रगड़ा ..ऒर फिर से मुझे सीधे सोने को कहा.
अब जब में सीधे सो गयी तो मेरी बूब्स ऒर गांड का नेपकिन साइड में गिर गया. इस बार अमन ने उसे ढका नहीं. मैं उसके सामने पूरी नंगी सोई थी. मैं घूर-घूर कर उसके नंगे बदन को देखती ऒर उसकी ब्रीफ्स को. उसकी ब्रीफ्स..कुछ गीली हो गयी थी - precum के कारन. अब अमन मेरे मम्मे के आजु बाजू मसाज करने लगा. वह मेरे पेट से लेकर जांघों तक अपने साथ लेकर जाता. पर उसने अभी तक ना मेरे निप्पल्स को छुआ था, ना मेरी चूत को. मेरी चूत बहुत गरम हो गयी थी. गीली हो गयी थी.
तभी अनीश वहा पर अपना गिलास लेकर आ गया ऒर मेरे बाजू में बैठ गया.
अनीश: अरे वाह ! अमन तू तो मस्त मसाज दे रहा है. संध्या तेल में चमक रही हैं. बहुत खूबसूरत लग रही हैं. क्या कहते हो अमन?
अमन: हाँ सर , मैडम बहुत खूबसूरत है.. आप बहुत लकी हो. (अमन अब मेरे जांघों के बिच साथ फेर रहा था)
अनीश: हाँ..अच्छी से मसाज करो वहा अमन..देखो..संध्या की चूत कैसे पानी टपका रही हैं.
अमन: जी सर..इतनी खूबसूरत चूत मैंने पहली बार देखी. ऐसी चूत तो यह जो बीच पर विदेशी महिलाये हैं , उनकी भी नहीं होती. मैंने बहुत सारी विदेशी औरतों को मसाज किया ऒर उनकी चूत बहुत पास से देखी हैं, मैडम की चूत बहुत सुन्दर ऒर फूली हुई हैं.
ऒर वह फिर से मेरे जांघों के बिच तेल डाल कर मसाज करने लगा. पर अभी भी उसने मेरी चूत को छुआ नहीं था. मुझे बड़ी शर्म आ रही थी. अपने पति अनीश के सामने में किसी पराये मर्द के सामने पूरी नंगी थी. ऒर वह मेरे शरीर , मेरे आंग को छू रहा था, रगड़ रहा था, मसल रहा था. मैं बहुत उत्तेजित हो गयी थी. अनीश को कभी नशा हो गया था. वह आंखे फाडफाडकर अमन को मुझे रगड़ता देख रहा था. मैंने अनीश का साथ अपने साथ में पकड़ लिया. अनीश ने मुझे देखा..बोले - कुछ सोचो मत, सिर्फ आनंद लो.
अनीश: अमन यह बात अच्छी नहीं. संध्या पूरी नंगी हैं ऒर हम लोग नहीं.हम सब को नंगा हो जाना चाहिए.
ऐसे बोल कर अनीश ने अपनी शॉर्ट्स निकाल दी. शार्ट निकालते जी उसका लण्ड फनफनाकर आसमान को देखने लगा..पूरा १८० डिग्री तन कर खड़ा था. अमन ने भी अपनी ब्रीफ्स निकाल दी. उसका कटा हुआ काला लण्ड - नाग की तरह फुफकार रहा था. उसका लण्ड उसके घुटने तक आ रहा था १०-११ इंच का बड़ा जहरीला अजगर लग रहा था.
अनीश: अमन तेरा लण्ड तो बहुत बड़ा ऒर मोटा है.. संध्या तुम भी देखो..साथ लगा कर .
अनीश मुझे सहारा देकर नशे की हालत में धीरे धीरे नारियल के पेड़ की पीछे ले कर गये. वहा अमन ने निचे बहुत बड़ी चटाई बीघा दी थी ऒर उसपर मोटी चादर ऒर बाजू में कुछ टॉवल ऒर मसाज का तेल रखा था.
मैं उसपर लेट गयी. अमन मेरे पैरों पर तेल लगाकर मालिश करने लगा. मेरे तलवों पर तेल लगाकर अपने बड़े खुरदूरे हाथ से रगड़ने लगा.’’
अमन: सर मैडम की टॉप पर तेल लग जायेगा. क्या इसको निकाल ले.
अनीश: हाँ, निकाल लो. नयी है ख़राब हो जाएगी.
अमन ने मेरा टॉप निकाल लिया ऒर मेरे मम्मों पर टॉवल रख कर ढक दिया.
अनीश: अमन तुम्हारे कपड़ो पर भी तेल लग जायेगा..तुम भी निकाल लो.
अमन : जी सर (अमन ने अपना शर्ट निकाल दिया..उसका गठीला बदन था..ऒर बॉलों वाला शरीर था, उसने पैंट निकाल दी. अब वो सिर्फ उसकी टाइट ब्रीफ्स में था. भरी मासलदार जांघों में उसके लण्ड का उभार बहुत बड़ा था.
अनीश: अमन तेरी बॉडी तो मस्त है.. रोज जिम में जाता है?
अमन: हाँ सर, होटल की जिम है. मेरी शिफ्ट ख़तम होने के बाद रोज २ घंटे कसरत करता हूँ.
अमन ने मेरा एक पैर उठाकर अपनी गोदी में ले लिए ऒर दोनों हाथों से तेल लगाकर मसाज करने लगा. जब भी वह अपने हाथ मेरे घटने से निचे रगड़ता, मेरा पैर उसकी ब्रीफ्स के ऊपर उसके लण्ड को छू जाता. उसके लण्ड के उभार के स्पर्श से मेरे शरीर में करंट दौड़ जाता. अमन ने अब मेरे दूसरा पैर उठा लिया ऒर तेल लगाने लगा.
अनीश: मैडम अब कैसे लग रहा हैं..(मेरा पैर उसके ब्रीफ्स को छू रहा था)
मैं: आह..! बहुत मस्त लग रहा अमन... आपके हाथों में जादू है. (अमन खुश हो गया ..जोर से मेरा पैर निचे की ऒर खिंचा ऒर मेरा पैर उसके गरम, कड़क लण्ड को दबा दिया, मैंने देखा की उसका लण्ड अब ब्रीफ्स में कड़क हो गया था. इधर अनीश का लण्ड भी उसकी ब्रीफ्स में उछल रहा था..बड़ा उभार बन गया था)
फिर अमन उठकर मेरे सर के पास बैठ गया ऒर मेरे कंधो - ऒर गले पर तेल डाल कर मसाज करने लगा. गले से उसका साथ फिसल कर कभी- कभी मेरे मम्मों को छू जाता. मेरी चूचियां अब उसके हाथों के स्पर्श से कड़क हो गयी थी. अब वह मेरे पेट पर बहुत सारा तेल डाल दिया ऒर मसाज करने लगा. उसके कारन उसको मुझ पर झुकना पड़ता ऒर उसकी ब्रीफ्स मेरे चहरे के ऊपर आ जाती. उसकी ब्रीफ्स से मुझे उसके लण्ड ऒर पेशाब की बदबू आ रही थी. एक दो बार उसकी ब्रीफ्स का उभार मेरे ओंठों ऒर चहरे पर फिसल गया.
अनीश सब आंखें फाड़ कर देख रहा था. उसको मजा आ रहा था. वह अपनी शॉर्ट्स के ऊपर से अपना लण्ड सहला रहा था.
आमना: मैडम अब ठीक लग रहा हैं ?
मैं: हाँ अब ठीक लग रहा हैं.
अनीश: ठीक हैं मैडम अब आप पलट कर सो जाओ. सर..आप की फेनी बची हैं..क्या आप उसको ख़तम करना चाहेंगे.
मैं पलटकर सो गयी. अमन फिर से मेरे पैरों के पास आ गया. अमन अब मेरे जांघों पर तेल लगा रहा था. अनीश फेनी पीने अपने टेबल पर चला गया.
अमन: मैडम आपकी स्कर्ट पर तेल लग जायेगा, इसको उतर देता हूँ.
मेरे जवाब की प्रतीक्षा किये बिना, अमन ने मेरा स्कर्ट पकड़ लिया ऒर उसके सात मेरी पैंटी भी निचे खींच ली. मैंने भी गांड ऊपर कर के उसको मेरी पैंटी ऒर स्कर्ट निकालने को आसानी कर दी. अमन ने मेरी गांड पर छोटा सा नैपकिन रख कर ढक दी. अब मैं बिलकुल नंगी सोई थी. अमन मेरी गांड पर तेल डाल कर मेरे नितम्ब दबा रहा था. अमन के मर्दाने साथ मेरे शरीर को अजीब सुख दे रहे थे. मैं अब बहुत गरम हो गयी थी. मैं कमजोर पड़ रही थी. उस स्थिति में अमन मेरे सात कुछ भी करता तो मैं मना नहीं करती. मेरी पीठ को भी अमन ने अच्छी से तेल से रगड़ा ..ऒर फिर से मुझे सीधे सोने को कहा.
अब जब में सीधे सो गयी तो मेरी बूब्स ऒर गांड का नेपकिन साइड में गिर गया. इस बार अमन ने उसे ढका नहीं. मैं उसके सामने पूरी नंगी सोई थी. मैं घूर-घूर कर उसके नंगे बदन को देखती ऒर उसकी ब्रीफ्स को. उसकी ब्रीफ्स..कुछ गीली हो गयी थी - precum के कारन. अब अमन मेरे मम्मे के आजु बाजू मसाज करने लगा. वह मेरे पेट से लेकर जांघों तक अपने साथ लेकर जाता. पर उसने अभी तक ना मेरे निप्पल्स को छुआ था, ना मेरी चूत को. मेरी चूत बहुत गरम हो गयी थी. गीली हो गयी थी.
तभी अनीश वहा पर अपना गिलास लेकर आ गया ऒर मेरे बाजू में बैठ गया.
अनीश: अरे वाह ! अमन तू तो मस्त मसाज दे रहा है. संध्या तेल में चमक रही हैं. बहुत खूबसूरत लग रही हैं. क्या कहते हो अमन?
अमन: हाँ सर , मैडम बहुत खूबसूरत है.. आप बहुत लकी हो. (अमन अब मेरे जांघों के बिच साथ फेर रहा था)
अनीश: हाँ..अच्छी से मसाज करो वहा अमन..देखो..संध्या की चूत कैसे पानी टपका रही हैं.
अमन: जी सर..इतनी खूबसूरत चूत मैंने पहली बार देखी. ऐसी चूत तो यह जो बीच पर विदेशी महिलाये हैं , उनकी भी नहीं होती. मैंने बहुत सारी विदेशी औरतों को मसाज किया ऒर उनकी चूत बहुत पास से देखी हैं, मैडम की चूत बहुत सुन्दर ऒर फूली हुई हैं.
ऒर वह फिर से मेरे जांघों के बिच तेल डाल कर मसाज करने लगा. पर अभी भी उसने मेरी चूत को छुआ नहीं था. मुझे बड़ी शर्म आ रही थी. अपने पति अनीश के सामने में किसी पराये मर्द के सामने पूरी नंगी थी. ऒर वह मेरे शरीर , मेरे आंग को छू रहा था, रगड़ रहा था, मसल रहा था. मैं बहुत उत्तेजित हो गयी थी. अनीश को कभी नशा हो गया था. वह आंखे फाडफाडकर अमन को मुझे रगड़ता देख रहा था. मैंने अनीश का साथ अपने साथ में पकड़ लिया. अनीश ने मुझे देखा..बोले - कुछ सोचो मत, सिर्फ आनंद लो.
अनीश: अमन यह बात अच्छी नहीं. संध्या पूरी नंगी हैं ऒर हम लोग नहीं.हम सब को नंगा हो जाना चाहिए.
ऐसे बोल कर अनीश ने अपनी शॉर्ट्स निकाल दी. शार्ट निकालते जी उसका लण्ड फनफनाकर आसमान को देखने लगा..पूरा १८० डिग्री तन कर खड़ा था. अमन ने भी अपनी ब्रीफ्स निकाल दी. उसका कटा हुआ काला लण्ड - नाग की तरह फुफकार रहा था. उसका लण्ड उसके घुटने तक आ रहा था १०-११ इंच का बड़ा जहरीला अजगर लग रहा था.
अनीश: अमन तेरा लण्ड तो बहुत बड़ा ऒर मोटा है.. संध्या तुम भी देखो..साथ लगा कर .