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[SIZE=150%] धीरे धीरे रीमा का जिस्म फिर से गरम होना शुरू हुआ, रोहित ने अपने मोटे लंड के फूले हुए सुपाडे से रीमा का फूला चूत दाना जोरे से रगड़ दिया और फिर रोहित ने लंड को रीमा की गुलाबी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया
मोटे मुसल जैसे लंड के फूले हुए सुपाडे से लालिमा लिए चूतदाना रगड़ने से रीमा बहुत जल्दी फिर से पूरी तरह से उत्तेजित हो गयी | रीमा की आहे फिर निकालनी शुरू हो गयी, कुछ ही पलो में रीमा फिर से वासना के भंवर में मस्त होकर सिसकारियां भरने लगी, उसकी चूत की दीवारों से फिर पानी झरने लगा |रोहित ने रीमा की गुलाबी चिकनी चूत पर अपना लंड रगड़ना अनवरत जारी रखा | रीमा वासना में मस्त होकर सिसकारियां भरती रही |
इन्ही मादक कराहो के बीच रोहित ने लंड को रीमा की चूत के छेद पर रखा, और रगड़ने लगा |
रीमा की कराहे और सिसकारियां बढती जा रही रही थी | रोहित ने कमर को और झुकाते हुए लंड को रीमा की चूत से सटा दिया और उसकी चूत रगड़ने लगा | रीमा भी उसकी चूत को सहलाते रोहित के लंड पर हाथ फेरने लगी |
रोहित ने रीमा की चिकनी गुलाबी गीली चूत को सहलाते सहलाते रीमा की चूत के ओठ खोल दिए और और अपने खड़े लंड का फूला सुपाडा उसकी मखमली गुलाबी चूत पर सटा दिया | रीमा को लगा अब बस रोहित अपना मुसल लंड उसकी चूत में पेल देगा | रोहित रीमा की जांघो को अपने और करीब ले आया और अपने लंड को उसकी चूत के मुहाने पर लगा दिया
रोहित ने कमर पर जोर लगाया, और अपने मोटे लंड का फूला हुआ सुपाडा रीमा की चूत में पेलने की कोशिश करने लगा | उसने आइस्ते से रीमा के कसे संकरे चूत छेद पर दबाव बढ़ाया और अपने सुपाडे को रीमा की गीली चूतरस से भरी चूत के हवाले करने लगा |रीमा की चूत के गुलाबी ओंठ उसके फूले सुपाडे के इर्द गिर्द फ़ैल गए |
रीमा की चूत पर लंड सटाने के बाद उसने दो बार लंड को चूत में पेलने की कोशिश की और दोनों बार चिकनी चूत की कसी दीवारों और उसके चारों तरफ फैले चिकने चूत रस के कारन के कारन लंड फिसल गया | रोहित ने इस बार लंड को जड़ से पकड़कर चूत के मुहाने पर लगाया और जोर का धक्का दे मारा | रीमा की चूत की मखमली गुलाबी गीली दीवारों को चीरता हुआ लंड का सुपाडा चूत में घुस गया |
रोहित के लंड का मोटा सुपाडा अन्दर जाते ही रीमा दर्द से कराह उठी, रीमा का पूरा शरीर काम उत्तेजना के कारन गरम था , चूत भी गीली थी, लगातार उसकी दीवारों से पानी रिस रहा था और रीमा भी रोहित का मोटा फूला हुआ मुसल लंड चूत में अन्दर तक लेने के लिये मानसिक रूप से तैयार थी फिर भी रोहित का लंड इतना लम्बा और मोटा तगड़ा था किसी भी रोज चुदने वाली औरत की चीखे निकाल दे, और रीमा की चूत ने तो बरसो से लंड के दर्शन नहीं किये थे |
रीमा-आआअह्ह्ह आआआआआह्हह्हह्हह्हहईईईईईईईईई स्सस्सस्स रोहित आह्ह्हह्ह स्सस्सस्सस, हाय मै मर गयी, प्लीज रोहित बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज इसे बाहर निकाल लो, वरना मेरी चूत फट जाएगी, आआआआऐईईईईईईईऊऊऊऊऊऊऊऊ |
चूत की दीवारों में हाहाकार मच गया, दर्द के मारे चूत का बुरा हाल हो गया, रीमा ने मुट्ठिया भीच ली, उसके जबड़े सख्त हो गए और अपने निचले ओठो को दांतों के बीच में कसकर दबा लिया | पुरे शरीर को कड़ा करके दर्द बर्दाश्त करने की कोशिश करने लगी |
चूत की दीवारे पूरा जोर लगाकर लंड को बाहर ठेलने की कोशिश कर रही थी लेकिन रोहित कमर से पूरा दबाव बनाये हुए था, जिससे दर्द से फाड़फाड़ती चूत की दीवारों अपनी हर कोशिस के बाद भी लंड को बाहर की तरफ ठेलने में नाकाम रही | चूत की मखमली चिकनी गीली दीवारों के पास और कोई रास्ता ही नहीं बचा था, आखिर रोहित के गरम लोहे जैसे सख्त, खून के भरने से फूलकर मुसल बन गए मोटे लंड के फूले हुए सुपाडे को अपने आगोश में लेना ही पड़ा, चूत की गुलाबी दीवारों की सलवटे फैलने लगी | रीमा दर्द से चीखने लगी, रोहित की सख्त पकड़ के नीचे उसका पूरा कसमसाने लगा, खुद को रोहित की पकड़ से आजाद करने की कोशिश करने लगी | पैर पटकने लगी, अपनी गुदाज जांघो को सिकोड़ने लगी, नितम्बो को नीचे की तरफ दबाने लगी ताकि भीषण दर्द से बेहाल रीमा की चूत से सुपाडा बाहर निकल जाये |
रोहित ने अभी सिर्फ अपने लंड का सुपाडा घुसाया था और रीमा की दर्द भरी कराह सुनकर वो सोच में पड़ गया | अभी इसका ये हाल है तो जब पूरा लंड जायेगा ये तो बेहोश ही हो जाएगी | रीमा की हालत देखकर रोहित रीमा की चूत से लंड निकालने वाला ही था लेकिन निकाला नहीं बल्कि, रोहित ने रीमा की ओठो पर ओठ रख दिए और उसे बेतहाशा चूमने लगा | कुछ देर तक चूमता ही रहा |
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मोटे मुसल जैसे लंड के फूले हुए सुपाडे से लालिमा लिए चूतदाना रगड़ने से रीमा बहुत जल्दी फिर से पूरी तरह से उत्तेजित हो गयी | रीमा की आहे फिर निकालनी शुरू हो गयी, कुछ ही पलो में रीमा फिर से वासना के भंवर में मस्त होकर सिसकारियां भरने लगी, उसकी चूत की दीवारों से फिर पानी झरने लगा |रोहित ने रीमा की गुलाबी चिकनी चूत पर अपना लंड रगड़ना अनवरत जारी रखा | रीमा वासना में मस्त होकर सिसकारियां भरती रही |
इन्ही मादक कराहो के बीच रोहित ने लंड को रीमा की चूत के छेद पर रखा, और रगड़ने लगा |
रीमा की कराहे और सिसकारियां बढती जा रही रही थी | रोहित ने कमर को और झुकाते हुए लंड को रीमा की चूत से सटा दिया और उसकी चूत रगड़ने लगा | रीमा भी उसकी चूत को सहलाते रोहित के लंड पर हाथ फेरने लगी |
रोहित ने रीमा की चिकनी गुलाबी गीली चूत को सहलाते सहलाते रीमा की चूत के ओठ खोल दिए और और अपने खड़े लंड का फूला सुपाडा उसकी मखमली गुलाबी चूत पर सटा दिया | रीमा को लगा अब बस रोहित अपना मुसल लंड उसकी चूत में पेल देगा | रोहित रीमा की जांघो को अपने और करीब ले आया और अपने लंड को उसकी चूत के मुहाने पर लगा दिया
रोहित ने कमर पर जोर लगाया, और अपने मोटे लंड का फूला हुआ सुपाडा रीमा की चूत में पेलने की कोशिश करने लगा | उसने आइस्ते से रीमा के कसे संकरे चूत छेद पर दबाव बढ़ाया और अपने सुपाडे को रीमा की गीली चूतरस से भरी चूत के हवाले करने लगा |रीमा की चूत के गुलाबी ओंठ उसके फूले सुपाडे के इर्द गिर्द फ़ैल गए |
रीमा की चूत पर लंड सटाने के बाद उसने दो बार लंड को चूत में पेलने की कोशिश की और दोनों बार चिकनी चूत की कसी दीवारों और उसके चारों तरफ फैले चिकने चूत रस के कारन के कारन लंड फिसल गया | रोहित ने इस बार लंड को जड़ से पकड़कर चूत के मुहाने पर लगाया और जोर का धक्का दे मारा | रीमा की चूत की मखमली गुलाबी गीली दीवारों को चीरता हुआ लंड का सुपाडा चूत में घुस गया |
रोहित के लंड का मोटा सुपाडा अन्दर जाते ही रीमा दर्द से कराह उठी, रीमा का पूरा शरीर काम उत्तेजना के कारन गरम था , चूत भी गीली थी, लगातार उसकी दीवारों से पानी रिस रहा था और रीमा भी रोहित का मोटा फूला हुआ मुसल लंड चूत में अन्दर तक लेने के लिये मानसिक रूप से तैयार थी फिर भी रोहित का लंड इतना लम्बा और मोटा तगड़ा था किसी भी रोज चुदने वाली औरत की चीखे निकाल दे, और रीमा की चूत ने तो बरसो से लंड के दर्शन नहीं किये थे |
रीमा-आआअह्ह्ह आआआआआह्हह्हह्हह्हहईईईईईईईईई स्सस्सस्स रोहित आह्ह्हह्ह स्सस्सस्सस, हाय मै मर गयी, प्लीज रोहित बहुत दर्द हो रहा है, प्लीज इसे बाहर निकाल लो, वरना मेरी चूत फट जाएगी, आआआआऐईईईईईईईऊऊऊऊऊऊऊऊ |
चूत की दीवारों में हाहाकार मच गया, दर्द के मारे चूत का बुरा हाल हो गया, रीमा ने मुट्ठिया भीच ली, उसके जबड़े सख्त हो गए और अपने निचले ओठो को दांतों के बीच में कसकर दबा लिया | पुरे शरीर को कड़ा करके दर्द बर्दाश्त करने की कोशिश करने लगी |
चूत की दीवारे पूरा जोर लगाकर लंड को बाहर ठेलने की कोशिश कर रही थी लेकिन रोहित कमर से पूरा दबाव बनाये हुए था, जिससे दर्द से फाड़फाड़ती चूत की दीवारों अपनी हर कोशिस के बाद भी लंड को बाहर की तरफ ठेलने में नाकाम रही | चूत की मखमली चिकनी गीली दीवारों के पास और कोई रास्ता ही नहीं बचा था, आखिर रोहित के गरम लोहे जैसे सख्त, खून के भरने से फूलकर मुसल बन गए मोटे लंड के फूले हुए सुपाडे को अपने आगोश में लेना ही पड़ा, चूत की गुलाबी दीवारों की सलवटे फैलने लगी | रीमा दर्द से चीखने लगी, रोहित की सख्त पकड़ के नीचे उसका पूरा कसमसाने लगा, खुद को रोहित की पकड़ से आजाद करने की कोशिश करने लगी | पैर पटकने लगी, अपनी गुदाज जांघो को सिकोड़ने लगी, नितम्बो को नीचे की तरफ दबाने लगी ताकि भीषण दर्द से बेहाल रीमा की चूत से सुपाडा बाहर निकल जाये |
रोहित ने अभी सिर्फ अपने लंड का सुपाडा घुसाया था और रीमा की दर्द भरी कराह सुनकर वो सोच में पड़ गया | अभी इसका ये हाल है तो जब पूरा लंड जायेगा ये तो बेहोश ही हो जाएगी | रीमा की हालत देखकर रोहित रीमा की चूत से लंड निकालने वाला ही था लेकिन निकाला नहीं बल्कि, रोहित ने रीमा की ओठो पर ओठ रख दिए और उसे बेतहाशा चूमने लगा | कुछ देर तक चूमता ही रहा |
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