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[SIZE=150%] रीमा और रोहित दोनों ही पसीने से नहा गए थे | बुरी तरह मसलने के कारन रीमा के सुडौल स्तन लाल हो गए थे उसके सपाट पेट पर भी लालिमा छाई हुई थी और चुताड़ो पर हाथो की छाप पड़ी हुई थी | चूत में हल्की सुजन थी | रीमा बुरी तरह पस्त हो चुकी थी, उसमे अब उठने चलने की दम नहीं बची थी | रोहित ने सहारा देकर रीमा को उठाया | रीमा शावर ने नीचे जाकर नहाने लगी और रोहित उसके नंगे गोरे बदन को देखता रहा | रीमा बॉडी क्लीनर लगाकर नहाने लगी | रोहित एकटक उसके बदन से फिसलती पानी की बुँदे या साबुन का झाग देख रहा था |
हथेलियों के जरा सा ज्यादा दबाव पड़ते ही रीमा सिसक उठती |फिर रीमा वैसे ही पानी से भीगी हुई बाथरूम से बेडरूम की तरफ चल दी | रीमा के जाते ही रोहित अपने कपड़े समेटने लगा और रीमा के पीछे पीछे हो लिया | रीमा के मटकते कुल्हे बलखाती कमर देख अन्दर तक दिल बाग़ बाग़ हो गया |
रीमा ने टॉवल से खुद को सुखाया और बेड पर धड़ाम होने ही जा रही थी की रोहित ने काफी मांग ली - रीमा अगर बना सकती तो एक कप काफी पिला दो | रीमा चुदाई से पस्त थी, लेकिन मन से पूरी तरह तृप्त और मस्त थी और उसका कारन भी रोहित ही था | इसलिए रोहित को इंकार नहीं कर सकी | रीमा पैंटी पहन चुकी थी और टॉप पहनने जा रही थी तभी रोहित ने उसका हाथ थम लिया - तुम ऐसे ही बला की खूबसूरत लग रही हो कपडे पहनने की किया जरुरत है |
रीमा - हद है अब मै कपड़े भी न पहनू, नंगी घूमती रहू |
रोहित - इसमें अलग क्या है, मै भी नंगा ही हूँ |
रोहित रीमा को सेक्सी नजरो से देखता हुआ रिक्वेस्ट करने लगा - हम बस दो ही लोग तो है यहाँ, दो हम दोनों फिर जरुरत क्या है |
रीमा समझ गयी थी रोहित उसे नंगा ही देखना चाहता है बनावटी चिढ़न दिखाते हुए - हाँ मुझे नंगा रखा चाहते हो तो तुम भी नंगे ही रहोगे वरना सोच लेना |
रोहित हँसते हुए - जैसा हुक्म मेरी मलिका | जब तक आपका हुक्म नहीं होगा मै कपड़ो को पहनना तो दूर हाथ भी नहीं लगाऊंगा |
रीमा - नौटंकी करवा लो बस |
इतना कहकर रोहित ने रीमा को बेड पर गिरा दिया और उसकी पैंटी उतारने की नाकाम कोशिश करने लगा |
रीमा उसे धक्का देती हुई उठी और किचन में चली गयी | रीमा हलके कदमो से अन्दर ही अन्दर मुस्कुराती हुई किचन में चली गयी | रोहित वहां तक देखता रहा, जहाँ तक उसके ठोस सुडौल चूतडो का उठना गिरना उसे दिखता रहा |
रोहित बेड पर लेट गया, उसने तो चड्डी भी नहीं पहनी, बस एक हल्की चादर खीचकर अपने उपर डाल ली |बेड पर पसरते ही पिछले कुछ जादुई पल एक साथ उसके नजरो के सामने छा गए | कुछ देर के लिए रीमा के साथ बाथरूम में बिताये हर एक पल में खो गया | उसका मुर्छित लंड में फिर से हरकत होने लगी थी | तभी रीमा काफी बनाकर ले आई | रीमा के कमरे में कदम रखते ही रोहित की जैसे नीद टूटी | एक हल्की मुस्कराहट के साथ थैंक्यू बोलते हुए उसने काफी ली |
दोनों काफी पीने लगे | रीमा बार बार रोहित को देखकर मुस्कुराती और काफी सिप करने लगती |
रोहित ने आधी काफी ख़त्म करने के बाद रीमा को ऊपर ने नीचे तक जी भर के देखा जो सिर्फ एक पैंटी में उसके पास ही बेड पर बैठी थी | रीमा के खूबसूरत जिस्म को देखते ही रोहित के अन्दर की लालसा फिर जगने लगी | उसे महसूस हुआ की इतनी खूबसूरत रीमा को कम से कम एक बार तो और चोदना बनता है | उसका शायद मन नहीं भरा था | भरेगा भी कैसे इतनी हसीन मदमस्त जिस्म की औरत, जिसके जिस्म के हर कोने से मादकता टपकती हो, उससे बस फुट भर दूर बैठी थी | रोहित का क्या किसी भी मर्द का मन नहीं भरेगा | ऐसी औरत को तो हर मर्द रात भर चोदता रहना चाहेगा, बस चोदते ही रहना चाहेगा | तभी रोहित के विवेक ने उसे झकझोरा, नहीं अभी अभी तो उसने सेक्स किया है, अब फिर कैसे | दुसरे वो उसकी बीबी नहीं है | गनीमत तो ये है की रीमा ने मना नहीं किया और उसके मुसल लंड को झेल ले गयी | वरना कई औरते तो बीचे चुदाई से भाग खडी हुई | अब दोबारा रीमा से किस मुहँ से पूछु, नहीं नहीं अभी फिर से ठीक नहीं होगा | अभी उसकी चूत भी सूजी हुई है, नहीं अभी पूछने का मतलब है की मै स्वार्थी वासना का भूखा भेड़िया हूँ जिसे बस रीमा का जिस्म चाहिए | नहीं मुझे इस बारे में सोचना बंद कर देना चाहिए | आज के लिए इतना ही काफी था | सोचते सोचते काफी सिप करने लगा |
गरम काफी ने दर्द से टूटते रीमा के जिस्म को बड़ी राहत पहुचाई | काफी पीने के बाद वो काफी उर्जावान महसूस कर रही थी | रोहित की तरह ही रीमा भी अपनी उधेड़बुन में खोयी थी |
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हथेलियों के जरा सा ज्यादा दबाव पड़ते ही रीमा सिसक उठती |फिर रीमा वैसे ही पानी से भीगी हुई बाथरूम से बेडरूम की तरफ चल दी | रीमा के जाते ही रोहित अपने कपड़े समेटने लगा और रीमा के पीछे पीछे हो लिया | रीमा के मटकते कुल्हे बलखाती कमर देख अन्दर तक दिल बाग़ बाग़ हो गया |
रीमा ने टॉवल से खुद को सुखाया और बेड पर धड़ाम होने ही जा रही थी की रोहित ने काफी मांग ली - रीमा अगर बना सकती तो एक कप काफी पिला दो | रीमा चुदाई से पस्त थी, लेकिन मन से पूरी तरह तृप्त और मस्त थी और उसका कारन भी रोहित ही था | इसलिए रोहित को इंकार नहीं कर सकी | रीमा पैंटी पहन चुकी थी और टॉप पहनने जा रही थी तभी रोहित ने उसका हाथ थम लिया - तुम ऐसे ही बला की खूबसूरत लग रही हो कपडे पहनने की किया जरुरत है |
रीमा - हद है अब मै कपड़े भी न पहनू, नंगी घूमती रहू |
रोहित - इसमें अलग क्या है, मै भी नंगा ही हूँ |
रोहित रीमा को सेक्सी नजरो से देखता हुआ रिक्वेस्ट करने लगा - हम बस दो ही लोग तो है यहाँ, दो हम दोनों फिर जरुरत क्या है |
रीमा समझ गयी थी रोहित उसे नंगा ही देखना चाहता है बनावटी चिढ़न दिखाते हुए - हाँ मुझे नंगा रखा चाहते हो तो तुम भी नंगे ही रहोगे वरना सोच लेना |
रोहित हँसते हुए - जैसा हुक्म मेरी मलिका | जब तक आपका हुक्म नहीं होगा मै कपड़ो को पहनना तो दूर हाथ भी नहीं लगाऊंगा |
रीमा - नौटंकी करवा लो बस |
इतना कहकर रोहित ने रीमा को बेड पर गिरा दिया और उसकी पैंटी उतारने की नाकाम कोशिश करने लगा |
रीमा उसे धक्का देती हुई उठी और किचन में चली गयी | रीमा हलके कदमो से अन्दर ही अन्दर मुस्कुराती हुई किचन में चली गयी | रोहित वहां तक देखता रहा, जहाँ तक उसके ठोस सुडौल चूतडो का उठना गिरना उसे दिखता रहा |
रोहित बेड पर लेट गया, उसने तो चड्डी भी नहीं पहनी, बस एक हल्की चादर खीचकर अपने उपर डाल ली |बेड पर पसरते ही पिछले कुछ जादुई पल एक साथ उसके नजरो के सामने छा गए | कुछ देर के लिए रीमा के साथ बाथरूम में बिताये हर एक पल में खो गया | उसका मुर्छित लंड में फिर से हरकत होने लगी थी | तभी रीमा काफी बनाकर ले आई | रीमा के कमरे में कदम रखते ही रोहित की जैसे नीद टूटी | एक हल्की मुस्कराहट के साथ थैंक्यू बोलते हुए उसने काफी ली |
दोनों काफी पीने लगे | रीमा बार बार रोहित को देखकर मुस्कुराती और काफी सिप करने लगती |
रोहित ने आधी काफी ख़त्म करने के बाद रीमा को ऊपर ने नीचे तक जी भर के देखा जो सिर्फ एक पैंटी में उसके पास ही बेड पर बैठी थी | रीमा के खूबसूरत जिस्म को देखते ही रोहित के अन्दर की लालसा फिर जगने लगी | उसे महसूस हुआ की इतनी खूबसूरत रीमा को कम से कम एक बार तो और चोदना बनता है | उसका शायद मन नहीं भरा था | भरेगा भी कैसे इतनी हसीन मदमस्त जिस्म की औरत, जिसके जिस्म के हर कोने से मादकता टपकती हो, उससे बस फुट भर दूर बैठी थी | रोहित का क्या किसी भी मर्द का मन नहीं भरेगा | ऐसी औरत को तो हर मर्द रात भर चोदता रहना चाहेगा, बस चोदते ही रहना चाहेगा | तभी रोहित के विवेक ने उसे झकझोरा, नहीं अभी अभी तो उसने सेक्स किया है, अब फिर कैसे | दुसरे वो उसकी बीबी नहीं है | गनीमत तो ये है की रीमा ने मना नहीं किया और उसके मुसल लंड को झेल ले गयी | वरना कई औरते तो बीचे चुदाई से भाग खडी हुई | अब दोबारा रीमा से किस मुहँ से पूछु, नहीं नहीं अभी फिर से ठीक नहीं होगा | अभी उसकी चूत भी सूजी हुई है, नहीं अभी पूछने का मतलब है की मै स्वार्थी वासना का भूखा भेड़िया हूँ जिसे बस रीमा का जिस्म चाहिए | नहीं मुझे इस बारे में सोचना बंद कर देना चाहिए | आज के लिए इतना ही काफी था | सोचते सोचते काफी सिप करने लगा |
गरम काफी ने दर्द से टूटते रीमा के जिस्म को बड़ी राहत पहुचाई | काफी पीने के बाद वो काफी उर्जावान महसूस कर रही थी | रोहित की तरह ही रीमा भी अपनी उधेड़बुन में खोयी थी |
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