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Guest
पार्टी अपने शबाब पर थी , सुस ने केक काटा और पार्टी शुरू हो गयी , काजल और तिवारी के बाकी के लोग भी अपने अपने कामो मे लगे हुए थे, मोनिका ने भी मुझे पहले प्यार के लिए बधाई दी ..
मैं नेहा से कुछ बात नही कर पा रहा था क्यो की वो मुझसे थोड़ा शर्मा रही थी, वही सुस को उसके पिता मेहमआनो से मिलवा रहे थे थोड़ी देर बाद मेरे सभी दोस्त 1स्ट फ्लोर मे जाकर नाचने लगे थे ..
सभी अपने अपने दोस्तो के ग्रूप के साथ मस्त थे पार्टी का शबाब पूरे जोरो पर चल रहा था सुस भी हमारे ग्रूप को जाय्न कर चुकी थी और सभी दो दो पग लगा कर थिरक रहे थे , ऐसे मैं भी सबके साथ नानच रहा था लेकिन फिर भी मेरा ध्यान कई जगह बनता हुआ था , मैं कभी कभी काजल को देख लिया करता कभी कभी उससे आँखो ही आँखो मे बाते भी हो जाया करती थी की सब सही है या नही …
क्योकि मेरा ध्यान बता हुआ था इसलिए मैं ठीक से एंजाय भी नही कर पा रहा था आख़िर मे मुझसे रहा नही गया और मैं काजल के पास चला गया ..
“सब ठीक तो है ना “
“अभी तक तो ठीक ही लग रहा है , सभी जगह पर सेक्यूरिटी लगे हुए है और कंट्रोल रूम से सब चेक किया जा रहा है ..”
“जीवा का कोई आदमी दिखा क्या ??”
“फिलहाल तो नही “
“आज निशाने पर कौन हो सकता है “
काजल ने मुझे घूरा
“तुम इतना दिमाग़ मत लगाओ यार .. जाओ आपने दोस्तो के साथ एंजाय करो “
और वो फिर से वाकी टॉकी मे किसी के साथ बात करने लगी ..
मुझे पता था की इस समय काजल बहुत ही चिंता मे है और बिज़ी है , लेकिन फिर भी उसका मुझसे इस तरह से बात करना मुझे बिल्कुल पसंद नही आया ..
तभी मैने देखा की एक कपल ध्यान से सागर की तरफ देख रहा है, वो मुस्लिम कपल था , महिला ने बुर्क़ा पहन रखा था वही पुरुष ने सफेद रंग का पठानी शूट डाला हुआ था , और सर पर एक पठानी टोपी भी थी , उसकी लंबी लंबी दाढ़ी थी .. दाढ़ी को लाल रंग से रंगा गया था.. सब कुछ ही सामान्य सा लग रहा था लेकिन मर्द बार बार सागर की ओर इशारा कर रहा था ..
मैं नेहा से कुछ बात नही कर पा रहा था क्यो की वो मुझसे थोड़ा शर्मा रही थी, वही सुस को उसके पिता मेहमआनो से मिलवा रहे थे थोड़ी देर बाद मेरे सभी दोस्त 1स्ट फ्लोर मे जाकर नाचने लगे थे ..
सभी अपने अपने दोस्तो के ग्रूप के साथ मस्त थे पार्टी का शबाब पूरे जोरो पर चल रहा था सुस भी हमारे ग्रूप को जाय्न कर चुकी थी और सभी दो दो पग लगा कर थिरक रहे थे , ऐसे मैं भी सबके साथ नानच रहा था लेकिन फिर भी मेरा ध्यान कई जगह बनता हुआ था , मैं कभी कभी काजल को देख लिया करता कभी कभी उससे आँखो ही आँखो मे बाते भी हो जाया करती थी की सब सही है या नही …
क्योकि मेरा ध्यान बता हुआ था इसलिए मैं ठीक से एंजाय भी नही कर पा रहा था आख़िर मे मुझसे रहा नही गया और मैं काजल के पास चला गया ..
“सब ठीक तो है ना “
“अभी तक तो ठीक ही लग रहा है , सभी जगह पर सेक्यूरिटी लगे हुए है और कंट्रोल रूम से सब चेक किया जा रहा है ..”
“जीवा का कोई आदमी दिखा क्या ??”
“फिलहाल तो नही “
“आज निशाने पर कौन हो सकता है “
काजल ने मुझे घूरा
“तुम इतना दिमाग़ मत लगाओ यार .. जाओ आपने दोस्तो के साथ एंजाय करो “
और वो फिर से वाकी टॉकी मे किसी के साथ बात करने लगी ..
मुझे पता था की इस समय काजल बहुत ही चिंता मे है और बिज़ी है , लेकिन फिर भी उसका मुझसे इस तरह से बात करना मुझे बिल्कुल पसंद नही आया ..
तभी मैने देखा की एक कपल ध्यान से सागर की तरफ देख रहा है, वो मुस्लिम कपल था , महिला ने बुर्क़ा पहन रखा था वही पुरुष ने सफेद रंग का पठानी शूट डाला हुआ था , और सर पर एक पठानी टोपी भी थी , उसकी लंबी लंबी दाढ़ी थी .. दाढ़ी को लाल रंग से रंगा गया था.. सब कुछ ही सामान्य सा लग रहा था लेकिन मर्द बार बार सागर की ओर इशारा कर रहा था ..