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तभी दरवाजे पर दस्तक हुई। राज और मैं दोनों घबरा गए। मेरी हिम्मत नहीं थी कि दरवाजा खोल सकू। राज ने ही आगे बढ़कर दरवाजा खोला।
पति अंदर आये, थोड़े थके हुए लग रहे थे। हम कुछ पूछते इतनी देर क्यों लगी, उसके पहले ही वो बताने लगे।
उन्होंने कहा “कल के लिए मैंने सब सेट कर दिया हैं, कहाँ और कैसे जाना हैं। इन्ही सब चीजों के कारण बहुत देर लग गयी।”
हम भी थोड़े खुश थे, क्युकी हमने तो उनके जाने के बाद कुछ घूमने के प्लान की बजाय कोई दूसरा ही प्लान तामील कर लिया था।
राज बोला “सब सेट हैं तो ठीक हैं, अब मैं चलता हूँ अशोक, कल सुबह मिलते हैं”।
अशोक ने कहा “ठीक हैं गुड नाईट, कल सुबह नीचे कैंटीन में नाश्ते के लिए आ जाना साढ़े आठ बजे तक और फिर हम नौ बजे तक निकल जायेंगे घूमने को”।
राज अब गुड नाईट बोल कर चला गया।
अशोक ने बोला “चलो बहुत देर हो गयी हैं, अब हम सो जाते हैं”।
मैं पति से पहले, बिस्तर के उस हिस्से में जाकर सो गयी जहा वीर्य की वजह से गीला हो गया था। मैं अब थोड़ा डर भी रही थी।
डर की वजह प्रेगनेंसी नहीं, ये थी कि कही पति मुझे चोदने की ज़िद ना कर बैठे, जैसा की हर बार होटल में ठहरने के दौरान वो करते हैं। थोड़ी देर पहले ही करने से मेरी चूत अभी भी गीली थी, वो एक मिनट में पकड़ लेंगे मेरी कारस्तानी।
मगर उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, उन्होंने लाइट बंद कर दी और अपनी जगह लेटकर बेड के पास वाला नाईट लैंप भी बंद कर दिया।
वो चुपचाप दूसरी ओर करवट लेकर सो गए। मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ, आजतक पहले कभी उन्होंने ऐसा नहीं किया था। हमेशा जिद करके जबरदस्ती कर ही लेते थे।
अब मुझे शंका होने लगी। मैं लेटे हुए पीछे से उनके नजदीक गयी और उनके शॉर्ट्स में हाथ डालने की कोशिश की। पर उन्होंने रोक लिया, तो मेरी शंका ओर बढ़ गयी। मैंने अपना हाथ पीछे लिया तो उन्होंने छोड़ दिया।
मैंने अब जबरदस्ती अपना हाथ तेजी से उनके शॉर्ट्स के अंदर डाल ही दिया। उन्होंने मुझे सोने की हिदायत देते हुए मेरा हाथ फिर बाहर निकाल दिया। मेरा हाथ जब उनके शॉर्ट्स के अंदर गया था तो अंदर थोड़ा गीला था।
मैं सोच में पड़ गयी, वो अब तक कहा थे? जिस तरह मैं राज के साथ मिल उन्हें धोखा दे रही थी क्या वो भी किसी के साथ थे। कही वो पायल के साथ तो नहीं थे? जिसने ख़राब तबियत का बहाना बनाया था?
क्या वह फ़ोन रिसेप्शन से आया था या पायल ने किया था। बाहर जाते वक़्त उन्होंने यह भी कहा था कि राज जाना मत जब तक मैं वापिस न आ जाऊ। क्या मेरे पति मुझसे हिल स्टेशन में बेवफाई कर रहे थे?
फिर मैं शांत हो गयी क्यों की मैं खुद भी वह गलती कर चुकी थी उसी दौरान। फिलहाल मेरी बड़ी समस्या पति की बेवफाई नहीं, मेरी संभावित प्रेगनेंसी थी।
देर रात तक मैं यह सोचती रही कि मेरे पति का कमरे से बाहर इतनी देर के लिए जाना क्या पहले से ही प्लान था। क्या पायल मेरे पति के साथ मिली हुई हैं?
या हो सकता हैं कि राज और मेरे पति आपस में मिले हुए हो और एक प्लान के तहत एक दूसरे की बीवियों के कमरे में अकेले में भेजा और हम दोनों पत्नियों को फंसा रहे हो।
कुछ भी निर्णय पर पहुंचना मुश्किल था। पति कमरे में तभी लौटे जब मैं और राज अपना काम समाप्त कर चुके थे। शायद जब में वाशरूम में गयी थी तब पीछे से राज ने ही मेरे पति को फ़ोन या मैसेज कर सूचित किया था कि अब आ जाओ हमारा काम हो गया हैं।
फिर सोचा मेरे पति दूसरे पे मुंह मार सकते हैं, पर अपनी बीवी को सिर्फ मजे के लिए दूसरे के हवाले तो नहीं करेंगे। यही सब सोचते सोचते मेरी आँख लग गयी।
सपने में भी राज का लंबा लंड मुझे परेशान कर रहा था। मैंने देखा कि वो मुझे पीछे से बेतहाशा चोद रहा हैं और मेरे पति सामने से मुझे देख रहे हैं। जैसे ही मैं झड़ी, तो उन्होंने आकर मुझे तमाचा मार दिया।
इससे मेरी नींद खुल गयी। घडी में देखा सुबह के पांच बजे थे। सुना था कि सुबह के सपने वैसे भी सच होते हैं। मैं तो डर गयी।
मैंने सोचा पता नहीं आज का दिन कैसा जायेगा। कही मेरा सपना सच ना जाये।
मुझे नहीं पता कि राज ने जो मुझे चोदा, वो एक संयोग था या फिर इसके पीछे कोई साजिश? अगर ये साजिश हैं तो इनमे कौन कौन शामिल हैं?
पति अंदर आये, थोड़े थके हुए लग रहे थे। हम कुछ पूछते इतनी देर क्यों लगी, उसके पहले ही वो बताने लगे।
उन्होंने कहा “कल के लिए मैंने सब सेट कर दिया हैं, कहाँ और कैसे जाना हैं। इन्ही सब चीजों के कारण बहुत देर लग गयी।”
हम भी थोड़े खुश थे, क्युकी हमने तो उनके जाने के बाद कुछ घूमने के प्लान की बजाय कोई दूसरा ही प्लान तामील कर लिया था।
राज बोला “सब सेट हैं तो ठीक हैं, अब मैं चलता हूँ अशोक, कल सुबह मिलते हैं”।
अशोक ने कहा “ठीक हैं गुड नाईट, कल सुबह नीचे कैंटीन में नाश्ते के लिए आ जाना साढ़े आठ बजे तक और फिर हम नौ बजे तक निकल जायेंगे घूमने को”।
राज अब गुड नाईट बोल कर चला गया।
अशोक ने बोला “चलो बहुत देर हो गयी हैं, अब हम सो जाते हैं”।
मैं पति से पहले, बिस्तर के उस हिस्से में जाकर सो गयी जहा वीर्य की वजह से गीला हो गया था। मैं अब थोड़ा डर भी रही थी।
डर की वजह प्रेगनेंसी नहीं, ये थी कि कही पति मुझे चोदने की ज़िद ना कर बैठे, जैसा की हर बार होटल में ठहरने के दौरान वो करते हैं। थोड़ी देर पहले ही करने से मेरी चूत अभी भी गीली थी, वो एक मिनट में पकड़ लेंगे मेरी कारस्तानी।
मगर उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया, उन्होंने लाइट बंद कर दी और अपनी जगह लेटकर बेड के पास वाला नाईट लैंप भी बंद कर दिया।
वो चुपचाप दूसरी ओर करवट लेकर सो गए। मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ, आजतक पहले कभी उन्होंने ऐसा नहीं किया था। हमेशा जिद करके जबरदस्ती कर ही लेते थे।
अब मुझे शंका होने लगी। मैं लेटे हुए पीछे से उनके नजदीक गयी और उनके शॉर्ट्स में हाथ डालने की कोशिश की। पर उन्होंने रोक लिया, तो मेरी शंका ओर बढ़ गयी। मैंने अपना हाथ पीछे लिया तो उन्होंने छोड़ दिया।
मैंने अब जबरदस्ती अपना हाथ तेजी से उनके शॉर्ट्स के अंदर डाल ही दिया। उन्होंने मुझे सोने की हिदायत देते हुए मेरा हाथ फिर बाहर निकाल दिया। मेरा हाथ जब उनके शॉर्ट्स के अंदर गया था तो अंदर थोड़ा गीला था।
मैं सोच में पड़ गयी, वो अब तक कहा थे? जिस तरह मैं राज के साथ मिल उन्हें धोखा दे रही थी क्या वो भी किसी के साथ थे। कही वो पायल के साथ तो नहीं थे? जिसने ख़राब तबियत का बहाना बनाया था?
क्या वह फ़ोन रिसेप्शन से आया था या पायल ने किया था। बाहर जाते वक़्त उन्होंने यह भी कहा था कि राज जाना मत जब तक मैं वापिस न आ जाऊ। क्या मेरे पति मुझसे हिल स्टेशन में बेवफाई कर रहे थे?
फिर मैं शांत हो गयी क्यों की मैं खुद भी वह गलती कर चुकी थी उसी दौरान। फिलहाल मेरी बड़ी समस्या पति की बेवफाई नहीं, मेरी संभावित प्रेगनेंसी थी।
देर रात तक मैं यह सोचती रही कि मेरे पति का कमरे से बाहर इतनी देर के लिए जाना क्या पहले से ही प्लान था। क्या पायल मेरे पति के साथ मिली हुई हैं?
या हो सकता हैं कि राज और मेरे पति आपस में मिले हुए हो और एक प्लान के तहत एक दूसरे की बीवियों के कमरे में अकेले में भेजा और हम दोनों पत्नियों को फंसा रहे हो।
कुछ भी निर्णय पर पहुंचना मुश्किल था। पति कमरे में तभी लौटे जब मैं और राज अपना काम समाप्त कर चुके थे। शायद जब में वाशरूम में गयी थी तब पीछे से राज ने ही मेरे पति को फ़ोन या मैसेज कर सूचित किया था कि अब आ जाओ हमारा काम हो गया हैं।
फिर सोचा मेरे पति दूसरे पे मुंह मार सकते हैं, पर अपनी बीवी को सिर्फ मजे के लिए दूसरे के हवाले तो नहीं करेंगे। यही सब सोचते सोचते मेरी आँख लग गयी।
सपने में भी राज का लंबा लंड मुझे परेशान कर रहा था। मैंने देखा कि वो मुझे पीछे से बेतहाशा चोद रहा हैं और मेरे पति सामने से मुझे देख रहे हैं। जैसे ही मैं झड़ी, तो उन्होंने आकर मुझे तमाचा मार दिया।
इससे मेरी नींद खुल गयी। घडी में देखा सुबह के पांच बजे थे। सुना था कि सुबह के सपने वैसे भी सच होते हैं। मैं तो डर गयी।
मैंने सोचा पता नहीं आज का दिन कैसा जायेगा। कही मेरा सपना सच ना जाये।
मुझे नहीं पता कि राज ने जो मुझे चोदा, वो एक संयोग था या फिर इसके पीछे कोई साजिश? अगर ये साजिश हैं तो इनमे कौन कौन शामिल हैं?