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थोड़ी देर इसी तरह उसका लंड मुँह में रगड़ने के बाद उसने कुछ बूंद पानी की मेरे मुँह में ही छोड़ना शुरू कर दिया.
पहले तो मैंने सहन किया, पर जैसे ही ज्यादा पानी निकलने लगा तो मैंने उसका लंड मुँह से बाहर निकाल दिया. उसका चिकना पानी मेरे मुँह में था और उस पर उसका लंड लौट रहा था तो बाहर निकलते ही मैंने देखा वो पानी से थोड़ा बहुत लिपट चूका था.
मैंने अपना मुँह पोछा. मैं अभी घुटनो के बल ही बैठी थी. वो उठ खड़ा हुआ और इस तरह बैठा कि उसका लंड मेरे दोनों मम्मो के बीच फंसा दिया और मुझे अपने दोनों मम्मे साइड से दबा कर उसका लंड मम्मो के बीच दबाये रखने का निर्देश दिया.
मैंने उसका कहना माना और वो मेरे मम्मो के बीच की गली में अपना लंड दबाये ऊपर नीचे रगड़ने लगा. उसका लंड तो पहले ही चिकना था, ऊपर से थोड़ा और पानी निकलने से मम्मो की दोनों घाटिया भी भीग कर चिकनी हो गयी. जिससे उसका लंड और भी आसानी से फिसलते हुए तेजी से दोनों मम्मो के बीच ऊपर नीचे रगड़ रहा था.
उसकी सिसकियाँ अब भी चालू थी. समय के साथ उसकी सिसकियाँ और भी बढ़ने लगी. उसका पेट मेरे मुँह के सामने ही था रह रह कर मेरे होंठ उसके पेट को चुम रहे थे. उसकी आहें इतनी तेज थी की बाहर अशोक को सुनाई दे रही होगी.
थोड़ी देर में तो उसके लंड से लावा फट पड़ा और मेरे सीने के दोनों पहाड़ो के बीच तैर फेल गया. मेरे सीने पर गरमा गरम पानी के छींटे हो रहे थे. वो बड़ी जोर से चीखते हुए अपने अंदर कब से जमा करके रखा सारा पानी मेरे ऊपर उँड़ेल चूका था.
वो अब मेरे ऊपर से हटा, मैंने मौका मुआयना किया. मेरे दोनों मम्मे और आस पास का इलाका पूरा उसके पानी से गंदा हो चूका था. असली काम करने से पहले ही वो झड़ चूका था.
मेरा तो आखिरी हथियार भी खाली चला गया. अब मैं रंजन पर मुझे गर्भवती होने का इल्जाम कैसे डालती. क्योकि अभी मुझे मेरे पति के दोस्त ने चोदा नहीं था.
रंजन पूरा काम करने से पहले ही बाहर झड़ गया था. मैं ठगी सी रह गयी मेरे प्लान का क्या होगा.
उसके लंड का सारा पानी मेरे सीने पर फैला हुआ था, तो मैं उसको इधर उधर फैलने से रोक रही थी. रंजन को मैंने बताया कि पेपर नैपकिन कहा पड़े हैं और उसने लाकर कुछ मुझे दिए और बाकी से अपना लंड साफ़ करने लगा.
अपनी सफाई करने के बाद हम दोनों ने अपने कपडे पहन लिए. मैं पहले वाशरूम में गयी और बाकी की सफाई कर बाहर हॉल में आ गयी तब तक रंजन वाशरूम में गया.
पति मुझसे जानकारी लेने लगे.
अशोक: “क्या हुआ, निपटा दिया उसे?”
एक बार तो मैंने सोचा कि झूठ बोल दूँ कि रंजन ने कर लिया हैं, इस बहाने अपने गर्भवती होने का ठीकरा उसके माथे फोड़ सकती हूँ.
पर फिर ये विचार त्याग दिया क्योकि रंजन बाहर आकर सब सच बता देगा तो मुसीबत हो जाएगी.
मैं: “नहीं, वो पहले ही बाहर झड़ गया.”
अशोक: “मतलब, उसने नहीं किया?”
मैं: “वो मेरे सीने पर रगड़ रहा था और उसका वही पानी निकल गया.”
अशोक: “तो अब? एक बार करने की बात हुई थी, देखा जाये तो हो गया उसका.”
मैं: “पता नहीं वो इसको मानेगा या नहीं.”
तभी रंजन वाशरूम से बाहर हॉल में आ गया.
रंजन: “सॉरी, मेरा काम पूरा होने से पहले ही मैं निपट गया. अभी मैं कल कर लूंगा. अभी फिर से करना मुश्किल हैं.”
मैं मन ही मन खुश हुई, कि मुझे एक और मौका मिलेगा कि मैं उस पर इल्जाम डाल पाऊँगी.
अशोक: “एक बार का बोला था, वो हो गया, अब क्या हैं?”
पहले तो मैंने सहन किया, पर जैसे ही ज्यादा पानी निकलने लगा तो मैंने उसका लंड मुँह से बाहर निकाल दिया. उसका चिकना पानी मेरे मुँह में था और उस पर उसका लंड लौट रहा था तो बाहर निकलते ही मैंने देखा वो पानी से थोड़ा बहुत लिपट चूका था.
मैंने अपना मुँह पोछा. मैं अभी घुटनो के बल ही बैठी थी. वो उठ खड़ा हुआ और इस तरह बैठा कि उसका लंड मेरे दोनों मम्मो के बीच फंसा दिया और मुझे अपने दोनों मम्मे साइड से दबा कर उसका लंड मम्मो के बीच दबाये रखने का निर्देश दिया.
मैंने उसका कहना माना और वो मेरे मम्मो के बीच की गली में अपना लंड दबाये ऊपर नीचे रगड़ने लगा. उसका लंड तो पहले ही चिकना था, ऊपर से थोड़ा और पानी निकलने से मम्मो की दोनों घाटिया भी भीग कर चिकनी हो गयी. जिससे उसका लंड और भी आसानी से फिसलते हुए तेजी से दोनों मम्मो के बीच ऊपर नीचे रगड़ रहा था.
उसकी सिसकियाँ अब भी चालू थी. समय के साथ उसकी सिसकियाँ और भी बढ़ने लगी. उसका पेट मेरे मुँह के सामने ही था रह रह कर मेरे होंठ उसके पेट को चुम रहे थे. उसकी आहें इतनी तेज थी की बाहर अशोक को सुनाई दे रही होगी.
थोड़ी देर में तो उसके लंड से लावा फट पड़ा और मेरे सीने के दोनों पहाड़ो के बीच तैर फेल गया. मेरे सीने पर गरमा गरम पानी के छींटे हो रहे थे. वो बड़ी जोर से चीखते हुए अपने अंदर कब से जमा करके रखा सारा पानी मेरे ऊपर उँड़ेल चूका था.
वो अब मेरे ऊपर से हटा, मैंने मौका मुआयना किया. मेरे दोनों मम्मे और आस पास का इलाका पूरा उसके पानी से गंदा हो चूका था. असली काम करने से पहले ही वो झड़ चूका था.
मेरा तो आखिरी हथियार भी खाली चला गया. अब मैं रंजन पर मुझे गर्भवती होने का इल्जाम कैसे डालती. क्योकि अभी मुझे मेरे पति के दोस्त ने चोदा नहीं था.
रंजन पूरा काम करने से पहले ही बाहर झड़ गया था. मैं ठगी सी रह गयी मेरे प्लान का क्या होगा.
उसके लंड का सारा पानी मेरे सीने पर फैला हुआ था, तो मैं उसको इधर उधर फैलने से रोक रही थी. रंजन को मैंने बताया कि पेपर नैपकिन कहा पड़े हैं और उसने लाकर कुछ मुझे दिए और बाकी से अपना लंड साफ़ करने लगा.
अपनी सफाई करने के बाद हम दोनों ने अपने कपडे पहन लिए. मैं पहले वाशरूम में गयी और बाकी की सफाई कर बाहर हॉल में आ गयी तब तक रंजन वाशरूम में गया.
पति मुझसे जानकारी लेने लगे.
अशोक: “क्या हुआ, निपटा दिया उसे?”
एक बार तो मैंने सोचा कि झूठ बोल दूँ कि रंजन ने कर लिया हैं, इस बहाने अपने गर्भवती होने का ठीकरा उसके माथे फोड़ सकती हूँ.
पर फिर ये विचार त्याग दिया क्योकि रंजन बाहर आकर सब सच बता देगा तो मुसीबत हो जाएगी.
मैं: “नहीं, वो पहले ही बाहर झड़ गया.”
अशोक: “मतलब, उसने नहीं किया?”
मैं: “वो मेरे सीने पर रगड़ रहा था और उसका वही पानी निकल गया.”
अशोक: “तो अब? एक बार करने की बात हुई थी, देखा जाये तो हो गया उसका.”
मैं: “पता नहीं वो इसको मानेगा या नहीं.”
तभी रंजन वाशरूम से बाहर हॉल में आ गया.
रंजन: “सॉरी, मेरा काम पूरा होने से पहले ही मैं निपट गया. अभी मैं कल कर लूंगा. अभी फिर से करना मुश्किल हैं.”
मैं मन ही मन खुश हुई, कि मुझे एक और मौका मिलेगा कि मैं उस पर इल्जाम डाल पाऊँगी.
अशोक: “एक बार का बोला था, वो हो गया, अब क्या हैं?”