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Guest
मेरी उसके करीब आते ही मेरी और उसकी मुस्कान गायब हो गयी। दोनों के होंठ बंद थे और एक बार तो मुझे कुछ सुझा ही नहीं मैं क्या करुं। तब तक उसके बंद होंठ मेरे बंद होंठो को हल्का सा छू गए। मेरे पुरे बदन में एक सिहरन सी उठी। उसने हल्का सा होंठ पीछे कर अपने होंठ थोड़े खोले और मेरे होंठ भी स्वतः ही खुल गए।
उसके होंठ एक बार फिर आगे बड़े और मेरे ऊपर के होंठ को छू अपने अंदर दबाने ही वाले थे कि मेरी गांड में उठे एक दर्द ने मुझे जगा दिया और मैं एकदम से पीछे हट गयी। उसके होंठ खुले के खुले रह गए।
मैं: “नहीं राहुल, ये ठीक नहीं।”
राहुल: “मैं इतना बुरा हु ! जैक को चूमा वो ठीक, पर मैं उसके जितना काबिल नहीं?”
मैं: “तुम गलत सोच रहे हो, तुम अच्छे इंसान हो मुझे पसंद हो, पर तुम मेरे बॉस हो। मैं बॉस के साथ कोई संबंध नहीं बना सकती। मुझे तुम्हारा सामना रोज ऑफिस में करना पड़ेगा। एक तरफ ऐसा रिलेशन दूसरी तरफ ऑफिस का, मैं दोनों हैंडल नहीं कर पाऊँगी। वैसे भी मैं शादीशुदा हु, मैं किसी और के साथ लंबा रिलेशन नहीं रखना चाहती।”
राहुल: “आई एम् सॉरी। तुम्हारे जैक के साथ रिश्ते को लेकर मैं इमोशनल हो गया था। थोड़ी जलन भी थी।”
मैं: “मैं किसी के साथ दिल नहीं लगाना चाहती, जैक के साथ लगाया था उसके परिणाम सामने हैं। अब और गलती नहीं करनी हैं। आज मेरी आखिरी गलती होगी। हम जिस काम के लिए आये हैं वो कर लेते हैं और फिर अपनी अपनी राह पकड़ लेते हैं, पहले की तरह।”
राहुल: “ठीक हैं मेरे बैडरूम में चलते हैं।”
राहुल और मैं अब उसके बैडरूम में आ गए थे। हम दोनों एक दूसरे की शक्ल ताक रहे थे कि आ तो गए अब शुरू कैसे करे। आज तो सैंड्रा भी नहीं जो आदेश देकर हमें शुरू करवा सके। कभी हम एक दूसरे को देखते तो कभी आस पास।
राहुल अब आगे बढ़ा और मुझे पीछे घुमा कर मेरी पीठ पर से ड्रेस की चैन नीचे खिंच खोल दी। मैं थोड़ा आगे हटी और फिर उसकी तरफ घूम कर हाथ पीछे ले जाकर अपनी चैन बंद कर दी।
मैं: “पुरे कपडे खोलने की क्या जरुरत हैं, तुम नीचे से कपडे थोड़े उठा कर ही पीछे से कर सकते हो। ”
राहुल: “मैंने सोचा तुम्हारे कपड़े गंदे हो जायेगे इसलिए.. ”
मैं: “अगर ख़राब भी हो गए तो कोई बात नहीं, मेरी पिछली बार के जो कपड़े रह गए थे वो मैं पहन लुंगी। वैसे भी मैं इन केजुअल कपड़ो में ऑफिस नहीं जा सकती।”
राहुल: “मेरे पास यहाँ कोई ऑफिस वियर नहीं हैं इसलिए मुझे मेरे कपड़े तो खोलने ही पड़ेंगे । तुम्हे कोई आपत्ति तो नहीं ?”
मैं: “मैं पीछे मुड़ जाती हूँ, तुम कपड़े खोल लो। ”
राहुल अपने कपड़े निकालने लगा और मैं उसकी तरफ पीठ कर खड़ी हो गयी। थोड़ी देर में उसने सब कपड़े निकाल दिए। हम दोनों बिस्तर के पास ही खड़े थे। मेरा मुँह बिस्तर की तरफ था।
राहुल ने बताया कि वो कपड़े खोल कर तैयार हैं तो मैंने अपना फ़ोन रिकॉर्डिंग के लिए राहुल को दे दिया। हमें वीडियो सैंड्रा को सबूत के तौर पर दिखाना था। राहुल ने मेरा मोबाइल एक टेबल पर सेट कर रख दिया। मैं अब भी उसकी तरफ पीठ घुमाये खड़ी थी और उसका इंतजार कर रही थी।
वो मेरे पीछे आकर खड़ा हुआ, और मैंने अपनी ड्रेस के नीचे से अंदर हाथ डाल कर अपनी पैंटी निकाल कर रख दी। मैं आगे की तरफ झुक कर उसकी ओर अपनी गांड कर दी और उसके हाथ के स्पर्श का इंतजार किया। उसका हाथ तो नहीं आया पर आवाज आ रही थी। वो अपना लंड रगड़ कर कड़क करने की कोशिश कर रहा था शायद।
राहुल: “मुझे कुछ समय दो, अपने आप को तैयार करने के लिए।”
मैं फिर सीधा खड़ी हो इंतजार करने लगी। एक दो मिनट के बाद वो फिर बोला।
राहुल: “अगर तुम्हे कोई आपत्ति ना हो तो मेरी मदद कर दोगी तैयार करने में। ”
उसके होंठ एक बार फिर आगे बड़े और मेरे ऊपर के होंठ को छू अपने अंदर दबाने ही वाले थे कि मेरी गांड में उठे एक दर्द ने मुझे जगा दिया और मैं एकदम से पीछे हट गयी। उसके होंठ खुले के खुले रह गए।
मैं: “नहीं राहुल, ये ठीक नहीं।”
राहुल: “मैं इतना बुरा हु ! जैक को चूमा वो ठीक, पर मैं उसके जितना काबिल नहीं?”
मैं: “तुम गलत सोच रहे हो, तुम अच्छे इंसान हो मुझे पसंद हो, पर तुम मेरे बॉस हो। मैं बॉस के साथ कोई संबंध नहीं बना सकती। मुझे तुम्हारा सामना रोज ऑफिस में करना पड़ेगा। एक तरफ ऐसा रिलेशन दूसरी तरफ ऑफिस का, मैं दोनों हैंडल नहीं कर पाऊँगी। वैसे भी मैं शादीशुदा हु, मैं किसी और के साथ लंबा रिलेशन नहीं रखना चाहती।”
राहुल: “आई एम् सॉरी। तुम्हारे जैक के साथ रिश्ते को लेकर मैं इमोशनल हो गया था। थोड़ी जलन भी थी।”
मैं: “मैं किसी के साथ दिल नहीं लगाना चाहती, जैक के साथ लगाया था उसके परिणाम सामने हैं। अब और गलती नहीं करनी हैं। आज मेरी आखिरी गलती होगी। हम जिस काम के लिए आये हैं वो कर लेते हैं और फिर अपनी अपनी राह पकड़ लेते हैं, पहले की तरह।”
राहुल: “ठीक हैं मेरे बैडरूम में चलते हैं।”
राहुल और मैं अब उसके बैडरूम में आ गए थे। हम दोनों एक दूसरे की शक्ल ताक रहे थे कि आ तो गए अब शुरू कैसे करे। आज तो सैंड्रा भी नहीं जो आदेश देकर हमें शुरू करवा सके। कभी हम एक दूसरे को देखते तो कभी आस पास।
राहुल अब आगे बढ़ा और मुझे पीछे घुमा कर मेरी पीठ पर से ड्रेस की चैन नीचे खिंच खोल दी। मैं थोड़ा आगे हटी और फिर उसकी तरफ घूम कर हाथ पीछे ले जाकर अपनी चैन बंद कर दी।
मैं: “पुरे कपडे खोलने की क्या जरुरत हैं, तुम नीचे से कपडे थोड़े उठा कर ही पीछे से कर सकते हो। ”
राहुल: “मैंने सोचा तुम्हारे कपड़े गंदे हो जायेगे इसलिए.. ”
मैं: “अगर ख़राब भी हो गए तो कोई बात नहीं, मेरी पिछली बार के जो कपड़े रह गए थे वो मैं पहन लुंगी। वैसे भी मैं इन केजुअल कपड़ो में ऑफिस नहीं जा सकती।”
राहुल: “मेरे पास यहाँ कोई ऑफिस वियर नहीं हैं इसलिए मुझे मेरे कपड़े तो खोलने ही पड़ेंगे । तुम्हे कोई आपत्ति तो नहीं ?”
मैं: “मैं पीछे मुड़ जाती हूँ, तुम कपड़े खोल लो। ”
राहुल अपने कपड़े निकालने लगा और मैं उसकी तरफ पीठ कर खड़ी हो गयी। थोड़ी देर में उसने सब कपड़े निकाल दिए। हम दोनों बिस्तर के पास ही खड़े थे। मेरा मुँह बिस्तर की तरफ था।
राहुल ने बताया कि वो कपड़े खोल कर तैयार हैं तो मैंने अपना फ़ोन रिकॉर्डिंग के लिए राहुल को दे दिया। हमें वीडियो सैंड्रा को सबूत के तौर पर दिखाना था। राहुल ने मेरा मोबाइल एक टेबल पर सेट कर रख दिया। मैं अब भी उसकी तरफ पीठ घुमाये खड़ी थी और उसका इंतजार कर रही थी।
वो मेरे पीछे आकर खड़ा हुआ, और मैंने अपनी ड्रेस के नीचे से अंदर हाथ डाल कर अपनी पैंटी निकाल कर रख दी। मैं आगे की तरफ झुक कर उसकी ओर अपनी गांड कर दी और उसके हाथ के स्पर्श का इंतजार किया। उसका हाथ तो नहीं आया पर आवाज आ रही थी। वो अपना लंड रगड़ कर कड़क करने की कोशिश कर रहा था शायद।
राहुल: “मुझे कुछ समय दो, अपने आप को तैयार करने के लिए।”
मैं फिर सीधा खड़ी हो इंतजार करने लगी। एक दो मिनट के बाद वो फिर बोला।
राहुल: “अगर तुम्हे कोई आपत्ति ना हो तो मेरी मदद कर दोगी तैयार करने में। ”