गुन्डा....तू क्या समझता है बुलेट प्रूफ जॅकेट पहन तू बच जाएगा..ओ बच्चे तेरे जैसे को तो मैं हाथ से मसल दूं...
गुंडा वीर के पास जा उसे मारने ही वाला था कि तभी वो उड़ता हुआ दूर जा गिरा..
हुआ ये था कि जैसे ही गुन्ड वीर के पास पहुँचा वीर उसकी
चेस्ट पर एक पंच मारता है.
पंच लगते ही हड्डिया के टूटने की आवाज़ आती है जिस से
वो वहीं मर जाता है..
उसके साथी ये देख एक साथ हमला करते है..
उनमे से एक ने वीर के पास आकर हाथ उठाया ही था कि तभी वीर तेज़ी से ट्विस्ट करता हुआ.
उस लड़के को किक जड़ देता है.
ऑर वो लड़का उड़ता हुआ बाकी साथी को भी साथ ले दूर गिरता है....
वीर आगे बढ़ता है ऑर लड़के को गले से पकड़ उठा देता है ऑर गला को ज़ोर से ट्विस्ट करता है जिस से उस गुन्डे की जान निकल जाती है..
बचे दो लड़के थर थर काँपने लगते है..वीर वहीं खड़ा हाथ से दो गोले निकाल उनपर फेक देता है जिस से दोनो ब्लास्ट हो जाते है..
तभी कोई दूर खड़ा रॉकेट फाइयर करता है रॉकेट वीर को लगते ही रॉकेट ब्लास्ट हो जाता है.... जिस से वीर तेज़ी से उड़ता हुआ गाड़ी से जा टकराता है..
तभी अलीज़ा ऑर प्रीत बाहर निकलती है.ऑर वीर की हालत देख गुस्से मे आग उगलने लगती है...
अलीज़ा ऑर प्रीत दोनो एक साथ अपने हाथ से 20 25 गोले निकाल लगातार जहाँ से रॉकेट आया था वहाँ फेक देती है..
वहाँ छुपे गुंडों पर एक के बाद एक गोला आ गिरता है जिस से भयानक ब्लास्ट होता है वहाँ खड़े लोगो के छितरे उड़ जाते है..
बिस्वा की गाड़ी पीछे आ रही थी..जब वो वीर के उपर हुए हमले को देखता है तो जल्दी से वीर के पास पहुँच जाता है...
बिस्वा....भाई आप ठीक तो हो ना...
वीर...हाँ मैं ठीक हूँ..फिर वीर वहाँ से विशु के पास जाता है ऑर उसके सर पर हाथ फेरता है ऑर देखते ही देखते विशु की चोट ठीक हो जाती है ऑर उसे होश आ जाता है..
प्रीत...जान मैं उन्हे नही छोड़ुगी..जा रही हूँ उस टोनी को ख़तम करने...
तभी वहाँ मोम आती है..ऑर सब का हाल चाल पूछती है..
आशीष..भाई लगता है अब उसका इंतज़ाम करना ही होगा .
वीर...उसके बारे मे बाद मे सोचेगे..अभी रुक जाओ..कॉज़ आज रात एक बड़ा हमला होने वाला है...चलो पहले सब घर चलो
सभी वहाँ से घ्ऱ पहुँच जाते है...
चाची...आ गये बच्चो..बैठो..
दी आप कहाँ चले गये थे...
मोम..कही नही बस यहीं थी कुछ काम आ गया था....
वीर..अपने रूम मे जाता है.यहाँ सब आ जाते है
संजू..भाई कैसा हमला होने वाला है..
वीर..जान आज वैम्पायर के साथ भेड़िया भी हमला करने वाले है.
बिस्वा..भाई आप निसचिंत रहे हम सब आपके साथ है....
वीर...ऑर हाँ सब गन इस्तेमाल करेगे...समझे...
मोम...बेटू मैं भी चलूगी..
वीर...ठीक है मोम...जैसा आपको ठीक लगे........
प्रीत ..हमला होगा कहाँ पर..
वीर..हमला हमारे घर पर होगा...ऑर मैने फ़ैसला ये किया है कि हम उन्हे रास्ते मे जंगल मे ही रोके गे....
मोम.हाँ ये ठीक रहेगा.....बिस्वा तुम इस पूरे घर को शील्ड से कवर करदो....
वीर प्रीत मोहित जस्सी मोम बिस्वा ऑर आशीष अलीज़ा सब पहुँच जाते है जंगल मे..
जिस से थोड़ी दूर ही वेमपाइर का बॉस ऑर भेड़िए खड़े थे.....
वेमपाइर बॉस - तो तुम आ ही गये.....
आज में तुम सब को ख़तम करूँगा.......
वीर - यह तो वक़्त ही बताएगा कि कॉन किस को मारता है.....
भेड़िया बॉस - तुम हमारे सामने अभी बच्चे हो.....
वीर - यह तुम्हारा वहम है......
दोस्तो ऑल ऑफ यू रेडी.......
सभी - यह वी ऑल आर रेडी.......
वीर - तो शुरू करे......
हमला........
सब अपनी अपनी गन्स निकाल लेते है...
ऑर चारो तरफ फैल जाते है ..
वीर का इशारा मिलते ही सब एक साथ फाइरिंग करने लगते है...
वीर..एनर्जी बॉल को सब पर फेकने लगता है.....
एनर्जी बॉल लगते ही वहाँ बड़ा धमाका होता है.ऑर वहाँ खड़े भेड़िए ऑर वेमपाइर के चिथड़े उड़ जाते है.....
वेमपाइर ऑर भेड़िए बौखला जाते है एकदम क्या हुया. समझ नही आ रहा था उन्हे कुछ
लड़किया सब हवा मे खड़ी हो फाइयर करने लगती है...
तभी वेमपाइर का बोस वीर पे हमला कर देता है...
काफ़ी देर तक दोनो मे फाइट चलती रहती है..
वीर...आग का ब्वन्डर बना वेमपाइर बॉस की तरफ कर देता है..पर यह क्या बॉस को तो जैसे आग से कुछ हो ही नही रहा था...
सारी की सारी आग भी बॉस के अंदर जाने लगती है....
उधर..
जस्सी वेमपाइर पर फाइयर कर रहा था कि एकदम 12 वेमपाइर उसे घेर लेते है ऑर टूट पड़ते है जस्सी पर उसे काटने लगते है..
वेमपाइर का के काटने से जस्सी को अपने अंदर करंट दौड़ता महसूस होता है...
मोम आगे बढ़ जस्सी को वहाँ से निकालती है ...
अलीज़ा हवा मे खड़ी अपनी साड़ी आगे कर कुछ बोलती है..
कि तभी उसकी साड़ी से वाइट रोशनी निकल वेंपाइर्स ऑर भेड़िए पर पड़ती है जिस से सभी जलने लगते है जो भी उस रोशनी की चपेट मे आता राख हो जाता है
उधर.......
भेड़िए के सरदार के आगे मोहित आ जाता है..
थोड़ी दूरी पर आशीष ऑर बिस्वा भी खड़े थे दोनो जब यह देखते है कि भेड़िया मोहित पर गमला करने वाला है तो दोनो वहाँ से तेज़ी से उनकी तरफ आते है पर वो सरदार मोहित को काट चुका होता है
बिस्वा ओर आशीष चाँदी के खंजर को उस भेड़िए सरदार के अंदर खोप देते है..
यह कोई आम खंजर नही थे यह ख़ास भेड़िए को मारने के लिए बनाए गये थे...
खंजर लगने के बाद बिस्वा तुरन्त उस भेड़िए को आग लगा देता है..
आशीष - तुम ठीक तो हो.....
मोहित - हाँ में ठीक हूँ पर इस जखम में दर्द बहुत हो रहा है.....
आशीष मोहित को खड़ा करता है ऑर उसके जखम को ठीक कर देता है....
इधर......
वीर...ओह्ह तो तुमको आग से कुछ नही होता..तेरे लिए कुछ ऑर सोचना होगा..
वेमपाइर बॉस - मुझे मारना इतना आसान नही है........
तभी वो वेमपाइर वीर के ऊपर आग से हमला कर देता है...
तभी उनके सामने बहुत से बोने आ जाते है .जो दिखने मे ही लग रहे थे कि यह इस बस्ती की सेना है...
ऑर आते ही उन्हो ने वीर ऑर उसके साथियो पर तीर से हमला शुरू कर दिया...हमला होते ही मोहित को गुस्सा आ जाता है ऑर वो अपने
असली के रूप मे आ जाता है
.उसका आकार बहुत बढ़ जाता है..तेज़ी से आगे बढ़ कर बोनो पर टूट पड़ता है ऑर देखते ही देखते सब बोनो का सफ़ाया हो जाता है.
मोहित वापिस इंसानी रूप मे आ जाता है .ऑर सब आगे बढ़ने लगते है...
अभी थोड़ी दूर ही गये थे कि तभी इनकी तरफ़ एक रोशनी का गोला आता है..ऑर गोला लगते ही सब के सब दूर जा गिरते है...
परी को तो पहले ही बिस्वा ऑर वीर ने कवर कर दिया था..
वीर खड़ा होता है ऑर देखता है सामने एक बोना खड़ा था जो देखने मे इनका राजा लग रहा था...
वीर...देखो तुम जो भी हो मेरे रास्ते से हट जाओ वरना अच्छा नही होगा मैं अपना कुछ ज़रूरी समान लेने आया हूँ .
राजा....हाहहाहा.तुम अभी नादान हो..चुप चाप वापिस चले जाओ...वरना सब के सब यही मारे जाओगे...तुम तो मरोगे ही उसके बाद इन लड़कियो को रखेल बना के रखुगा.....
राजा अभी इतना ही बोला था कि तभी उसका सर धड़ से अलग होता है...
वीर.मेरी फॅमिली को कोई बुरा बोले उसकी जान ना निकाल दूं......
वीर का प्यार देख मोम ऑर प्रीत बहुत खुश होते है..
ऑर वीर के साथ आगे बढ़ने लगते है..
जस्सी..भाई देखने मे तो जगह बहुत सुंदर लग रही है
वीर...जो सुंदर दिखता है वैसा होता नही..यह सब माया जाल है...
तभी वीर हाथ से रोशनी निकाल आगे फेक देता है.वो रोशनी हर तरफ फैल जाती है.जब रोशनी होती है क्या देखते है.वहाँ कंकाल पड़े थे हर तरफ मास घर भी गंदे ..
वीर.क्यूँ देखा कहा था ना..माया जाल
..
बिस्वा...भाई चले रतन को हासिल भी करना है...फिर सब मंदिर मे पहुँच जाते है ऑर वहाँ देखते ही सामने एक काले रंग का पत्थर जैसा कुछ पड़ा था......
वीर उस पत्थर के पास जा बैठ जाता है..
ऑर अपनी आँख बंद कर ध्यान लगाता है..ऑर अपने अंदर की हर एक शक्ति को जगा लेता है.ऑर हाथ आगे कर उस रतन को उठा अपने दिल पे रख देता है और देखते ही देखते वो रतन वीर के अंदर चला जाता है..
रतन के अंदर जाते ही वीर की बॉडी.चमकने लगती है.ऑर वहाँ बहुत तेज रोशनी फैल जाती है जिस से सभी अपनी आँखे बंद कर लेते है..
वीर की बॉडी उस रतन को अपना रही थी.जिस से वीर की बॉडी तीन चार झटके लेती है..
थोड़ी देर मे वीर को अपने अंदर कुछ बदलाब महसूर होते है..वीर ऑर भी फेयर हो जाता है..बॉडी पहले से कही ज़्यादा सॉलिड हो गयी थी
वीर को अपने अंदर बहुत पवर्स महसूस होती है..
मोम..चलो अच्छा हुआ चलो वापिस चलते है..फिर सब जैसे ही पीछे मूड ते है कि...तभी......