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Fantasy अनदेखे जीवन का सफ़र
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Thread starter
StoryPublisher
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Start date
प्रीत. ओह माइ गॉड कितना खूबसूरत है.यार. ओह्ह्ह गॉड ..कितना प्यारा लग रहा है सब
संजू...सच मे प्रीत..ऐसा खूबसूरत महल कभी नही देखी.. अवेसम
वीर दोनो का हाथ पकड़ महल के गेट के पास जाता है ऑर गेट अपने आप खुल जाता है.. तीनों अंदर कदम रखते है ऑर तभी इनपर फूलो की बरसात होने लगती है...
सामने बहुत सारे जिन्न खड़े थे अपना सर जुकाए
तीनो आगे बढ़ते है..
तभी उनमे से एक जिन्न आगे आता है ऑर जो काफ़ी बाजुर्ग लग रहा था
गुरुजी...आपका स्वागत है. आका. आप यहाँ आए हम धन्य हो गये...
वीर..प्लज़्ज़्ज़ गुरु जी आप मुझसे बड़े है मेरे दादा जी समान...मुझे आका मत कहिए..
गुरुजी...ठीक है बेटा आज तुम्हारा राज तिलक है..तुम्हे राजा घोषित किया जाएगा..
फिर गुरु जी .वीर को सभी जिन्नो से मिलवाते है जो सेना पति था उस से ऑर मंत्रियों से बाकी सब से.....
फिर गुरु जी वीर का ऑर उसकी दोनो होने वाली बीवियो का राजतिलक करते है. ऑर तीनो को राजतखत पर बिठाते है...
तभी आसमान से एक रोशनी गिरती है ऑर वो रोशनी तीनो पर पड़ती है .रोशनी मे से एक ताज वीर के सर पर आ जाता है
ऑर फिर उस रोशनी से फूल गिरने लगते है..वीर को अपने अंदर ऑर पावर महसूस होती है..
ऑर दोनो लड़किया की बॉडी पेफेक्ट हो जाती है ऑर दोनो ऑर खूब सूरत हो जाती है......
गुरुजी ..आज से आप हमारे सब कुछ है..
वीर..देखिए आप ने मुझे बादशाह बना दिया है..इसका मैं आप सब का तेहदिल से शुक्रिया करता हूँ कि आप सब ने मुझे इस काबिल समझा.
पर मैं आप सब से एक बात कहना चाहूगा कि आप सब मेरे गुलाम नही है .आप सब मेरा परिवार है.
जैसे आप पहले अपनी जिंदगी जीते थे वैसे जिए कोई आप पर हुकुम नही चलाएगा...
बस जब मुझे आप की ज़रूरत होगी आप मेरा साथ दीजिएगा.
वीर की बात सुन सभी बहुत खुश होते है....
गुरुजी....हम बहुत खुश है बेटा तुम जैसा राजा पाकर हमे पहले डर था पता नही आप कैसे होंगे..लेकिन आज हम बहुत खुश है.
.आज हम भी आपसे कुछ कहते है. जन्मो जन्मो तक आप ही हमारे राजा रहेंगे..
फिर गुरु जी वीर को..
गुरुजी ..बेटा हमारे बहुत दुश्मन है जो हम सब पर राज करना चाहते है .ऑर वो सब आप पर हमला करेगे . वो मणि हासिल करने के लिए...
वीर...मुझे पता है गुरुजी...कोई भी दुश्मन जिन्न लोक पर राज नही कर पाएगा जब तक मैं जिंदा हूँ..आप निश्चिंत रहे..
फिर सभी वीर के नाम की जय जय कार करने लगते है
आज बच्चा बच्चा ऑर सब जिन्न बहुत खुश थे वीर जैसा राजा पा कर .
गुरुजी. बेटा चलो आराम कर लो..आपका रूम आपको दिखा दिया जाएगा. उसके बाद आपको सेना से मिलवाया जाएगा.
फिर सभी बाहर निकलते है जैसे ही वीर खड़ा हो चलता है सभी जिन्न सर झुका कर खड़े हो जाते है.
ऑर वीर ऑर उसकी हसीनाओं को एक शाही रूम मे छोड़ दिया जाता है...
ऑर बाहर 3 4 गार्ड्स पहरे दे रहे थे
वीर..तो कैसा लगा मेरी हसिनाओ..
संजू..मैं बहुत खुश हूँ आप जैसा भाई ऑर पति पाकर .थॅंक्स मुझे ये सब दिखाने के लिए...
देखिए हमारी बॉडी शेप ऑर स्किन कितनी फेर हो गयी है.
.ऑर मुझे पता चला जब हमरी आपसे शादी होगी तब हमारे उपर भी ताज आएगा ये इस रोशनी से दिखा मुझे
तभी रूम मे बिस्वा ऑर आशीष एंटर होते हैं..
बिस्वा..हाँ तो महाराज कैसा लगा आपको जिन्न लोक..
वीर..मार खाएगा ..महाराज बोला तो भाई है तू मेरा ...
ऑर हाँ बहुत अच्छा लगा यार..सच कहूँ तो मज़ा आ गया..
प्रीत. हाँ बिस्वा भाई..बहुत शानदार था सब कुछ....
वीर..एक बात तो बता..बिस्वा हमारे ऑर कौन कौन दुश्मन है..
बिस्वा..अब वो दुश्मन हम जिन्न लोक के ही नही साथ मे इंसानो के भी बन गये है..
thanks to all dear friends
हमारे पहले दुश्मन है वैम्पायरस जो बहुत खतर नाक हैं. दूसरे जो आधे इंसान ऑर आधे जानवर है..
ऑर भी बहुत है जो आपको आगे पता चलेगा..इसमे एक बात आपको अब अपनी पूरी शक्ति जगानी होगी.ऑर इसमे आपका साथ गुरुजी देंगे...
तभी रूम मे गुरुजी..आते है...
सभी . प्रणाम गुरुजी..
गुरुजी. जीते रहो बच्चो..
गुरुजी ..वीर बेटा. चलो मेरे साथ ..फिर सभी वीर के साथ गुरु जी के पीछे पीछे चल देते है..
गुरुजी एक बड़े से रूम के अंदर चल देते है ..
गुरुजी..वीर पुत्र यहाँ नीचे बैठ जाओ..
वीर नीचे बैठ जाता है गुरु जी वीर के सर पर हाथ रखते है ऑर कुछ बोलने लगते है .
तभी वीर को अपने अंदर असीम शक्ति महसूस होने लगती है..वीर की बॉडी ऑर भी मजबूत हो जाती है..वीर के आस पास रोशनी घूमने लगती है
वीर की बची आधी पॉवेर गुरुजी ने जगा दी है. .
गुरु..उठो मेरे बच्चे . आज तुम पूरे जिन्न लोक की शक्ति के मालिक हो..जो हम सब से 100 गुना ज़्यादा है तुम मे..
वीर. शुक्रिया गुरुजी..
गुरुजी..दोनो लड़कियो को अपने पास बुलाते है...
गुरुजी.बेटी आज मैं तुम्हे दोनो को एक एक जिन्न देता हूँ..जो हमेशा तुम्हारी रक्षा करेगा..ओर तुम्हे जो भी ज़रूरत हो आपकी हर इच्छा पूरी करेगा..
बस अपने मन मे उस चीज़ को याद करना..ओर जब तुम दोनो इनसे शादी करोगी..तो तुम्हारे पास अपनी शक्ति होगी ....
तभी दो जिन्न प्रगट होते है ऑर गुरु जी उन्हे आदेश देते है ऑर वो गायब हो जाते है..
दोनो लड़किया....शुक्रिया गुरुजी..
गुरुजी. चलो मेरे बच्चे..
फिर गुरुजी वीर को सेना से मिलवाने चले जाते है...
सेना के पास पहुँचा वीर..
.वीर...बिस्वा.. तुम लोग वैम्पायर को कैसे मारते हो..
.बिस्वा..हम वैम्पायर को आग से...
वीर...आज के बाद ऐसा नही होगा..इन्सब को वेपन्स दो ..जिसमे चाँदी की गोलिया हो....
ऑर जिन्न लोक के चारो तरफ वेपन लगा दो..
बिस्वा..जी भाई ..जैसा आप कहे...
वीर..गुरुजी आशीष ऑर बिस्वा मेरे साथ ही रहेंगे...
गुरुजी ठीक है बेटा..आगे ऑर है.
वीर..आशा गुरुजी अब हमे चलना चाहिए..
मेरे बाद आप यहाँ के राजा है .आप संभालेगे..जिन्न लोक को..
फिर वीर ऑर उसके साथी वापसी के लिए निकल ते है..इंसान लोक पहुँचते है. एक रात गुजर चुकी है..
वीर ..अभी तो सवेरा हुया है..घर चलते है..जैसे ही निकलने लगे तभी वहाँ कोई आता है.
जिसे देख लड़किया डर जाती है.....
.कौन आया है जिसे देख लड़किया डर गयी साथ बने रहे
तभी वहाँ 10 12 वैम्पायर आते है..
वीर...संजू आंड प्रीत तुम जाओ यहाँ से..
तभी संजू ऑर वीर के जिन्न दोनो लड़कियों को वहाँ से ले जाते है
वीर बिस्वा ऑर आशीष ..वैम्पायर के सामने जाते है..
वम्पाइर 1...तुम तो बच्चे हो तुम क्या कर लोगे...
वीर .वो तो वक्त ही बताएगा.
तभी वैम्पायर तेज़ी से वीर की तरफ बढ़ते है उनकी स्पीड बहुत तेज थी लेकिन जैसे ही वो वीर के पास आए
उतनी ही तेज़ी से उड़ते हुए दूर जा गिरते है..
हुया ये था कि जैसे वैम्पायर वीर पर हमला करने वाले थे के तभी वीर अपने हाथ से एनर्जी बीम उन सब पर मारता है जिस से वो सब दूर जा गिरते है..
वीर..आशीष खेल ख़तम किया जाए..
वीर .तेज़ी से उनकी ओर भागता है..
उधर बॅंपाइरर भी वीर पर हमला कर देते है..
लेकिन वीर ज़ोर से पंच उसके पेट पर मारता है पंच इतना तेज था कि वीर का हाथ वैम्पायर के अंदर चला जाता है.
.ऑर वीर तुरंत अपने हाथ से आग निकालने लगता है ..जिस से वैम्पायर राख बन जाता है
उधर..आशीष ऑर बिस्वाभी आग से सब वैम्पायर को राख कर देते है..
बिस्वा ऑर आशीष किसी भी वैम्पायर को पास भी नही आने देते उस से पहले हे वो दोनो उन्हे राख बना देते है
वीर अभी पीछे मुड़ा ही था के तभी एक वैम्पायर पीछे से वीर की तरफ बढ़ता है
लेकिन इसका पता वीर को लग जाता है...ऑर वीर तुरंत आपने हाथ मे शॉर्ट गन लाता है
ऑर जैसे ही वैम्पायर वीर के पास आता है .उसी टाइम वीर तेज़ी से शॉर्ट गन का ट्रिजर दबा देता है. ऑर उस वैम्पायर का सर धड़ से अलग हो जाता है...
बिस्वा...वाह भाई ये तो बहुत काम की चीज़ है
वीर..हाँ ..चलो यहाँ से..फिर वीर ऑर बिस्वा संजू ऑर प्रीत के पास पहुँच जाते है.
दोनो लड़किया दौड़ के वीर के गले लग जाती है .
संजू. आप ठीक तो हो ना..
प्रीत...आप को कुछ हुया तो नही..
वीर...मैं ठीक हूँ...मेरी परियो चलो..घर चलते है..
फिर सभी घर चले जाते है..घर पहुँचे के वीर बेल बजाता है..
दरवाजा नहिना खोलती है..
सब एक दूसरे से गले मिलते है..
वीर ऑर बाकी सब अंदर जाते है तो देखते है..घर मे फुल चहल पहल थी..
वही घर मे प्रीत के मोम डॅड ऑर भाई भी था..
वीर जा कर सभी से मिलता है..ऑर अपनी माँ के गले मिला ..
वीर..माँ ये सब क्या है..
माँ..तेरे लिए सर्प्राइज़ है..ओर वो ये है कि तेरी ऑर प्रीत की एंगेज्मेंट है कल..उसी की तैयारी चल रही है..
वीर तो माँ की बात सुन शॉक हो जाता है..
वीर...माँ इतनी जल्दी क्या..
माँ...जल्दी है..तुम तीनो की शादी..संजू की शादी भी तेरे से जल्द ही करनी है लेकिन इस जगह नही हम सब ये जगह छोड़ कर कही ऑर चले जाएगे...
वीर...ठीक है माँ जैसा आप ठीक समझे.....
उधर..प्रीत को भी पता चल जाता है.. ऑर वो बहुत खुश होती है...
मासी.जी..वीर बेटा ज़रा इधर आना .
वीर ..जी मासी जी..बोलिए..बेटा नहिना की फ्रेंड आने वाली है परी..एरपोर्ट पर उसे ले आएगा.
वीर.. ठीक है मैं बिस्वा को भेज देता हूँ..
वीर..बिस्वा इधर आ..नहिना तुम भी..
बिस्वा न्ड नहिना..जी भाई क्या हुया..
वीर..बिस्वा जा तू गाड़ी लेजा ऑर नहिना को साथ ले जा एरपोर्ट इसकी फ्रेंड आह रही है उसे ले आओ....
दोनो..जी भाई..
बिस्वा. चलिए दी
दोनो निकलते है .नहिना की दोस्त को लेने..
एरपोर्ट पहुँच ..बिस्वा ऑर नहिना उसकी दोस्त का वेट करते है.थोड़ी देर मे नहिना की दोस्त आ जाती है..
दोनो एक दूसरे के गले मिलते है..
बिस्वा की नज़र जैसे ही उस लड़की पर गयी तो बिस्वा वहीं खो गया..
तभी नहिना बिस्वा को हिलाती है..
नहिना..बिस्वा चलो .कहाँ खो गये..
बिस्वा. उस लड़की की तरफ देख जो बिस्वा को ही देख रही थी.
बिस्वा..हाई मैं बिस्वा
लड़की..हाई मैं परी
दोनो एक दूसरे की आँखो मे देख रहे थे..दोनो मे से कोई भी एक दूसरे का हाथ नही छोड़ रहे थे.
नहिना सब समझ जाती है..
नहिना...ओह लैला मजनू अब चले..
नहिना के बोलने से परी शर्मा जाती है.ऑर बिस्वा के फेस पर स्माइल आ जाती है...
फिर तीनो निकलते है घर की ओर..
इतना बड़ा बंगला देख परी हैरान होती है..
परी..नहिना ये बंगला किसका है..
नहिना..मेरे वीर भाई का...तुझे बताया था ना हमारा एक भाई बिछड़ गया था..ये वोही है अब बहुत बड़ा आदमी बन गया है..
सभी गाड़ी से उतर अंदर जाते है..
अंदर बहुत चहल पहल थी..
मासी.आ मेरी बच्ची कोई तकलीफ़ तो नही हुई तुझे..
पारी मासी को गले मिलती है .
पारी नही माई जी मैं ठीक हूँ कोई परेशानी नही हुई.
पर यहाँ इतने लोग
मासी..मेरे बेटे की एंगेज्मेंट है..
परी..यहाँ तक मैं जानती हूँ आपका कोई बेटा नही..
मासी..हाँ वो मेरी बेहन का बेटा है वीर..
चल तुझे उस से मिल्वाति हूँ..
मासी वीर
वीर..जी मासी आपने बुलाया..
मासी..बेटा एस से मिलो ये है परी...
वीर...हाई परी मैं वीर..
परी.हाई वीर मैं परी..बहुत खुशी हुई आपसे मिलकर ..
वीर. मुझे भी..चलिए आप थक गयी होंगी...नहिना इन्हे अपने रूम मे ले जाओ..
फिर वीर बिस्वा के पास जाता है.
वीर..हाँ भाई कैसी लगी..
बिस्वा वीर की बात पर शर्मा जाता है..
बिस्वा...भाई बहुत अच्छी है.पहली नज़र मे ही प्यार कर बैठा..
वीर..डोंट वरी मैं हूँ ना..टेन्स ना हो..
बिस्वा..भाई आप के होते कोई टेंसन नही..
फिर वीर वहाँ से वहाँ से अपने रूम मे आ जाता है यहाँ प्रीत संजू ओर वहाँ उनकी कुछ फ्रेंड्स बैठी थी..
वीर को देख लड़किया जाने लगी तो
वीर..अरे कहाँ चली बैठिए..मेरे से शरमाने की ज़रूरत नही समझे.आराम से बैठ जाइए...
वीर की बात सुन सभी लड़किया वहीं बैठ जाती है .
वीर..प्रीत मैं लगा सोने
संजू..क्या हुआ जान आपकी तबीयत तो ठीक है ना..
वीर..हाँ बस सर दर्द कर रहा है
संजू वीर के पास जाती है ऑर वीर का सर अपनी गोद मे रख कर दबाने लगती है..वीर को कब नींद आई पता नही चला...
उधर..वैम्पायर लोक मे किंग को पता चल जाता है कि उसके साथी मारे जा चुके है..
किंग..बहुत पछताएगा..मेरे साथियो को मार कर ठीक नही किया..
तभी वो अपने कुछ लोगो को बुलाता है..ऑर वीर को ऑर उसके परिवार को ख़तम करने का आदेश देता है..
इधर..वीर उठ चुका था..शाम के 5 बजे थे..
वीर..आह अब ठीक लग रहा है..
प्रीत.सच मे दर्द ठीक तो है ना
वीर..हाँ जान ठीक है.
संजू..ठीक तो चलिए आपको माँ बुला रही है..
वीर वहाँ से उठ बाथरूम जाता है ऑर फ्रेश हो माँ के पास चला जाता है..
माँ..आ गया मेरा बच्चा..वीर जा कर अपनी माँ को हग कर बैठ जाता है..
माँ..बेटा एक काम कर सभी लड़कियो को साथ ले जा.ऑर शॉपिंग करवा ला..
वीर .ठीक है माँ.आप सब को कह दीजिए .रेडी हो जाए...मैं भी रेडी हो कर आता हूँ...
वीर रेडी हो बाहर आता है...सब लड़किया भी रेडी थी..
वीर..तो चले गर्ल्स
सभी..चलो
.
वीर ऐसा करो परी तुम बिस्वा के साथ बैठ जाओ ऑर नहिना तुम भी..ऑर नेहा तुम भी..
वीर की बात सुन बिस्वा ऑर परी खुश हो जाते है..
वीर..अपनी गाड़ी मे संजू प्रीत अजय ऑर अपने मामा की लड़की प्रिया को अपनी गाड़ी मे बैठा लेता है..ऑर फिर सभी निकलते है.सिटी के सबसे बड़े माल मे...
माल मे पहुँच सभी शॉपिंग शुरू कर देते है...
सब से पहले सब अपने लाइट कपड़े देखते है..
वीर...संजू प्रीत इधर आओ..
वीर..दोनो को साथ ले जाके एंगेज्मेंट रिंग देखते है.....बहुत खूबसूरत रिंग्स रखी हुई थी वहाँ....
संजू..कौनसी पसंद है जान तुम्हे
तभी वीर एक रिंग उठाता है..
तीनो को रिंग पसंद आती है
प्रीत...ऐसी सेम 2 रिंग लो..ऑर हाँ ..मुझे भी आपके लिए रिंग लेनी है..
फिर प्रीत ..वीर के लिए रिंग सेलेक्ट करते है..ऑर सेम एक ऑर रिंग ले लेते है..
गहने शॉपिंग कर सभी के पास आ जाते है..
ऑर कपड़े पसंद करने लगते है..
1 घंटा लगा सबको शॉपिंग करने मे...
उधर..बिस्वा भी परी के लिए एक गिफ्ट लेता है.जो एक गोल्ड वित डायमंड ब्रेसलेट था...
बिस्वा.. परी के पास जाता है
बिस्वा.परी क्या तुम मेरी दोस्त बनोगी.
पारी..हाँ क्यू नही..परी तो चाहती ही यही थी..
फिर बिस्वा परी को गिफ्ट देता है..
परी गिफ्ट खोल देखती है.ऑर खुश हो जाती है..
बिस्वा को हग के उसकी गाल पर किस कर देती है..
बिस्वा के मन मे तो लड्डू फुट रहे थे..
सभी अपनी अपनी शॉपिंग कर लेते है..
वीर बिल पे करता है.ऑर समान गाड़ी मे रखवा कर चलते हैं घर की ओर..
बिस्वा ऑर परी आज बहुत खुश थे..
रात के 10 बजे सभी घर पहुँचे...वीर गाड़ी पार्क करता है ऑर सब घर चले जाते...
घर पहुँच ..वीर अपनी माँ के पास चला जाता है...
माँ..हो गयी शॉपिंग मेरे बच्चे..मेरे लिए क्या लाए..
वीर...क्या चाहिए आपको.
माँ...नौटी स्माइल के साथ..टाइम आने दे..माँग लूँगी.
वीर....समझ जाता है..ऑर सिरफ़ एक स्माइल करता है ...
बाकी सब अपने अपने रूम चले जाते है..
वीर अपने रूम मे आकर दोनो हसिनाओं के साथ सो जाता है
नेक्स्ट मॉर्निंग मेरी आँख 5 बजे खुलती है....मैं दोनो लड़किया को किस कर बाहर आता हूँ ऑर योग साधना मे बैठ जाता हूँ...
2 घंटे कब बीत गये पता नही चला..जब नीचे आया तो सब उठ चुके थे..
आज वीर की प्रीत के साथ एंगेज्मेंट है..
सब रेडी हो जाते है..वीर ऑर प्रीत दोनो ही बहुत खूबसूरत लग रहे है...
माँ..चलो बेटा सब लोग आ गये है.
वीर..हाँ चलो माँ...फिर हम सब बाहर आ जाते है ..
मैं ऑर प्रीत दोनो फॅमिली के साथ स्टेज पर खड़े थे...
प्रीति के डॅड...चलो बेटा रिंग पहनाओ
फिर वीर पहले रिंग पहनाता है ऑर बाद मे प्रीत भी वीर को रिंग पहना देती है
सब लोग खुशी से ताली बजाने लगते है...
सभी आ आ कर अपना अपना गिफ्ट्स देते है ऑर कोंग्रथस करते है..
बिस्वा ऑर आशीष भी आकर वीर को गिफ्ट्स देते है..
वोही नाच गाने का प्रोग्राम भी था..सब खुशी मे डॅन्स कर रहे थे...
वीर भी प्रीत ऑर संजू के साथ डॅन्स करता है..
ऐसे ही सब चले जाते है.ऑर सिरफ़ रिश्तेदार ही बचते है..
मासी...आशा बेहन अब हमे भी चलना चाहिए
माँ...कोई नही जाएगा अभी
वीर..हाँ..ऑर वैसे भी मैं सभी बच्चो को साथ ले कर घूमने जा रहा हूँ टूर पर
मामा जी..तो क्या हुआ बेटा बच्चे यहीं है हमे जाना होगा काम भी देखना है ..प्लज़्ज़्ज़्ज़ मान जाओ..
माँ..ठीक है भैया मैं नही रोकती..
फिर सभी लड़कियाँ रुक जाती है.ऑर बाकी सब चले जाते है.......जाने से पहले वीर मासी से...
वीर....मासी जी आप को परी के लिए बिस्वा कैसा लगा..
मासी...क्या लड़का बहुत अच्छा है..मुझे पसंद है..
वीर..तों फिर आप उसकी फॅमिली से बात कीजिए..मुझे लगता है दोनो एक दूसरे से प्यार करने लगे है..
मासी..ठीक है मैं बात करूगी डोंट वरी.
फिर मासी वीर को गले लगा लेती है.
वीर के गले लगते ही मासी की सोई हुई आग फिरसे भड़क उठी है..
मासी की आँखे लाल हो चुकी थी..
फिर मासी सब से मिल वीर को प्यार भरी नज़रो से देखते हुए चली जाती है..
वीर प्रीत को ऑर संजू को साथ ले घूमने निकलता है लोंग ड्राइव पर...
प्रीत..जान हम कहाँ जा रहे है घूमने कल.
वीर .आज रात को डिसाइड करेगे कहाँ जाना है ..घूमने..कॉज़ ऐसे मे सब खुश हो जाएगे..ऑर मैं तुम लोगो के साथ रोमेन्स भी कर लूँगा...
संजू..अच्छा जी बड़ी जल्दी है रोमॅन्स करने की..
वीर...क्या करूँ जानेमन
.छोटा वीर टिकने नही देता....
वीर की बात समझ दोनो लड़किया शर्मा जाती है.ऑर वीर को मारने लगती है..
फिर वीर जंगल के अंदर गाड़ी ले जाता है . यहाँ कोई नही था..वीर वहाँ गाड़ी साइड मे पार्क करता है..
तीनो नीचे यूटर ते है..
वीर..कितनी शांति है यहाँ ..
संजू..हाँ बहुत शांति है..बस आवाज़ है तो सिरफ़ पक्षियो की...
प्रीत...सुना है यहाँ झरना बहुत खूब सूरत है..
वीर..तुम्हे देखना है ना तो चलो
वीर आगे आगे चलने लगता है
जैसे ही वीर झरने पास पहुँच ता है
तो तभी वहाँ 10 के करीब वैम्पायर आते है सभी एक बड़ा सा लकड़ी का खुंद उठा तेज़ी से वीर की तरफ आते है.उनकी स्पीड बहुत तेज थी..
जिस से वीर कुछ कर नही पाया..लेकिन जैसे ही वो खुंद वीर की चेस्ट से टकराता है..
तभी वो होता है जिसके बारे मे वैम्पायरस ने भी नही सोचा था....
जैसे ही वो लकड़ी का खुंद वीर के सीने से टकराता है तो उस लकड़ी के चिथड़े उड़ जाते है .ऑर वैम्पायर दूर जा गिरते है ..
ये देख लड़किया दोनो चीख उठती है .