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Fantasy अनदेखे जीवन का सफ़र

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वीर..उन्हे संभाल ता है.

वीर...तुम दोनो मेरे पीछे रहो

तभी वीर कुछ सोचता है.ऑर अपनी दोनो हसिनाओं की तरफ हाथ करता है..जिस से दोनो लड़किया एक शील्ड से कवर हो जाती है..

वीर वहीं से वैम्पायर की तरफ जाने लगता है .

लेकिन तभी दूसरी तरफ से एक साथ 20 25 वैम्पायर आते है ऑर जंप कर वीर को अपने नीचे दबा लेते है.. ऑर उस पर हमला कर्देते है..इस से कोई फ़र्क तो नही पड़ रहा था..

उधर बाकी वैम्पायर दोनो लड़किया की तरफ जाते है. पर उस से पहले ये उन्हे कोई नुकसान पहुँचा पाते जैसे ही लड़कियों को हाथ लगाते है...तो जल कर राख हो जाते है.

इधर..

ऐसा लग रहा था जैसे लाषो का ढेर लगा हो..

नीचे दबे वीर का गुस्सा बढ़ चुका था .

कि तभी वीर के जिस्म से आग निकलने लगती है..

वीर अग्नि रूप ले लेता है...

अग्नि रूप लेते ही वीर की बॉडी से आग की लपटें निकलने लगती है जो उसके उपेर पड़े सभी वैम्पायर को जला कर राख कर देती है..

वीर वहाँ से खड़ा हो जाता है..वीर आगे बढ़ वेम्पायर को उठा लेता है ओर इसकी आँखो मे देख बोलता है..स्वाह हा.

तभी वैम्पायर जल जाता है....

तभी वहाँ एक साथ बहुत सारे वैम्पायर आ जाते है..जो दिखमे मे बड़े अजीब से लग रहे थे..उनका मुँह पूरा खुला हुआ था

वीर..तेज़ी से उन सभी पर फ़िरे बीम से हमला करता है..जिस से. बाकी सब तो जल कर राख हो जाते है..लेकिन उनमे से 4 सही सलामत खड़े हो जाते है..

वीर अपनी अग्नि शांत करता है..लेकिन उसका गुस्सा शांत नही हुआ था..

वो चारो वीर को छोड़ दोनो लड़किया पर हमला कर देते है..

लेकिन जैसे ही लड़किया को चुने लगते है..कि तभी वीर तेज़ी से वहाँ जा चारो को उठा दूर फेक देता है..

वीर...लास्ट चान्स दूँगा भाग जाओ..मेरा सबर का बाँध ना टूटने दो...

वैम्पायर...हाहहाहा..क्या करेगा तू..सब से पहले तुझे ही मारता हूँ ..उसके बाद इन 2 हसिनाओं को...

वो वैम्पायर अभी इतना ही बोला था कि वीर उस वैम्पायर को बीच मे से चीर देता है..

ये वीर ने इतनी जल्दी किया था किसी को कुछ पता नही चला..

वीर वही नही रुकता बाकी बचे तीनो को भी ख़तम का देता है...

दोनो लड़किया दौड़ के वीर के गले लग जाती है..

संजू...जान तुम ठीक तो हो ना...

वीर..हाँ मैं ठीक हूँ..चलो यहाँ से चले..

प्रीत..क्यूँ ..हम तो मस्ती करके जाएगे..

वैसे भी मुझे मेरी जान पर भरोशा है की वो हमे कुछ नही होने देगा..

वीर .. मुस्कुरा उठता है..फिर तीनो कपड़े उतार झरने के नीचे खड़े हो जाते है

अंडरवेर के अंदर बने तंबू को देख दोनो लड़किया शरमा जाती है.ऑर उनकी आँखो मे लाल डोरे तैरने लगते है...

वीर....अभी कुछ करना नही चाहता था इस लिए थोड़ी देर मस्ती करते है ऑर घर वापिस आ जाते है

घर आ कर सब लड़किया वीर पर टूट पड़ती है..

नहिना ..ये क्या बात हुई...आपके लिए संजू ही काफ़ी है क्या जो हमे इग्नोर कर रहे हो..

प्रिया..अगर अकेले ही घूमने जाना था तो यहाँ क्यू रुकवाया...

वीर आगे बढ़ तीनो को हग कर लेट है..नेहा पेरिया ऑर नहिना को...वीर परी को भी खीच लेता है..

वीर....सॉरी..माइ लव.मैं किसी काम से गया था..प्लज़्ज़्ज़ सॉरी..चलो डिसाइड करते है.कल कहाँ चले टूर के लिए...

नेहा...हाँ चलो सोचते है..

फिर सभी वीर के रूम मे चले जाते है.....

संजू...हाँ तो मैं क्या कहती हूँ..क्यूँ ना हम मनाली या लद्दाख.. चले.

वीर ... ऐसा करते है..हम यहाँ से बाइ कार चलते है मनाली ऑर वहाँ से हेलीकॉप्टर से लद्दाख..

प्रिया...हाँ यह ठीक रहेगा...

प्रीत..ऐसे मे दोनो जगह देखने को मिल जाएगी....

वीर..तो ठीक डन रहा ....पॅकिंग कर्लो....

नहिना...पर भाई हमारे पास तो गर्म कपड़े है ही नही...

वीर..इसमे कौनसी बड़ी बात है..चलो ले आते है

फिर वीर सबको कपड़े दिलवा लाता है..

वीर की माँ वीर को अपने रूम मे बुलाती है...

वीर..जी मोम आप ने बुलाया.

 
माँ..हाँ जान कल तुम सब बच्चे जा रहे हो .तो वीर ..एक बात का ख्याल रखना.लड़किया साथ मे है..ध्यान रखना...

वीर..माँ डोंट वरी..आपका वीर हूँ ..कोई वीर की फॅमिली को तंग करे मैं ये बर्दाश्त नही करता...

माँ...पता है मुझे वीर है तू..तू फिरसे दूर जा रहा है मुझ से..कैसे रहूगी तेरे बिना..

वीर..माँ बस थोड़े दीनो की बात है..फिर मैं हमेशा आपके पास रहुगा ओके हमेशा आपके पास...

माँ.ठीक है..इतना बोल माँ वीर की लीप पर हल्की सी किस कर देती है.

वीर..क्या मोम..गर्लफ्रेंड वाले काम मत किया करो..

माँ..चुप कर माँ हूँ तेरी कुछ भी कर सकती हूँ समझहहा...

वीर..हँस कर..ठीक है..जो मर्ज़ी करो

.

फिर वीर मों को हग कर वहाँ से अपने रूम आ जाता है..

यहाँ सभी लड़किया मस्ती कर रही थी

नहिना...भाई हम सब की पॅकिंग हो गयी है....

संजू..ऑर आपकी पॅकिंग भी करदी है...

वीर..अच्छा किया..चलो सब सो जाओ..

नेहा..क्या एक साथ नही सो सकते...

वीर...सो सकते है..पर मैं 1 लड़का ऑर तुम इतनी सारी लड़किया...मेरा रेप कर दिया तो..

वीर की बात पर सब हँसने लगते है...

वीर..लेकिन बच्चा हम सब इतने एक बेड पर सोएगे कैसे...

प्रीत...इसमे कौनसी बड़ी बात है...रूम बड़ा है एक बेड ऑर आ जाएगा...

फिर सभी मिल एक ऑर बेड रूम मे ले आते है..

नहिना..भाई के साथ आज हम सोएगे...हमारा भी उतना ही हक है..

संजू..ठीक है सो जा..लेकिन सिरफ़ आज के दिन....

फिर सभी लेट जाते है..नहिना ओर प्रिया वीर को हग कर लेट जाती है..रात के 2 बज रहे थे कि वीर देखता है..उसका फेस नहिना के बूब्स पर है.. नहिना से ब्रा नही पहनी है..

ऑर उसके पीछे प्रिया चिपकी हुई है..

वीर वहाँ से हल्के से निकलता है सुसू करने सूसू कर वापिस बेड पर जाता है ऑर दोनो के बीच मे सो जाता है...

नहिना..वीर के हिलने से जाग जाती है..ऑर ऑर जानबूझ के अपनी एक टाँग वीर के उपेर रख देती है.उसके लंड पर..

ऐसा करने से जैसे नहिना की टाँग वीर के लंड पर पड़ती है तो नहिना की बॉडी मे करंट दौड़ जाता है

इसका पता वीर को भी लग जाता है..

वीर जैसे ही नहिना की तरफ फेस करता है कि अचानक दोनो के लिप्स एक दूसरे से टच हो जाते है...

जिस से नहिना वीर को ऑर कस्स के हग कर लेती है..ऑर उसके लिप्स पर हल्का सा किस भी कर देती है..

फिर कब नींद आई इन्हे पता नही चलता...

देखते है कल कैसा दिन आता है

मॉर्निंग जब मेरी आँख खुली तो मैने देखा नहिना का हाथ मेरी शॉर्ट के अंदर है ..मैने आराम से हाथ बाहर निकाला ऑर मेरे ऐसा करने से नहिना उठ जाती है...नहिना शर्म से नज़र नही मिला पा रही थी.. उसको समझ नही आरहा था कि कैसे उसका हाथ वीर के शॉर्ट के अंदर चला गया ..

वहीं वीर इस बात का आगे ना बढ़ाते हुए नॉर्मल रिक्ट करता है ...वो नहिना के फॉरहेड पर किस करता है , फिर प्रिया के जो एक मासूम बच्ची की तरह लग रही थी सोई हुई...ऐसे ही वीर नेहा , संजू प्रीत ओर परी के फॉरहेड पर किस कर मॅजिक से फ्रेश हो रेडी हो जाता है..

दूसरी तरफ - वैम्पायर (व) बस..गुस्से से आग बाबूला हुआ पड़ा था....तीन बार नाकामयाबी हाथ लगने से वो बहुत गुस्से मे था..

तभी वो किसी को याद करता है ऑर वहाँ उड़ते हुए बहुत सारे पिशाच आ जाते है..

वेम्पाइर बस-- आओ मेरे गुलामो..आज मुझे तुम लोगो से बहुत ज़रूरी काम कराना है .. तुम सब जाओ ऑर उस वीर को ख़तम कर ही मेरे पास आओ , बहुत उम्मीद हैं मुझे तुम सब से...मुझे उसकी मौत चाहिए ..

फिर सब पिशाच वहाँ से गायब हो जाते है...

 


वापस वीर के घर ...

वीर छत पे खड़ा था कि तभी उसके पास आशीष आता है .

आशीष -भाई एक बात करनी थी..

वीर- हाँ बोलो भाई ..

आशीष...भाई वो वेम्पायर बॉस ने आपको मारने के लिए पिशाच भेजे है...मैं चाहता हूँ क्यूँ ना हम सब लड़किया की रक्षा के लिए उन्हे शील्ड से कवर कर्दे..

वीर - आशीष..मैं पहले ही सारी लड़कियों की सेफ्टी के लिए शील्ड बना रखी है ..तुम बस जिन्न लोक से एक टुकरी सेना को बुला लो..जो गायब रहकर हमेशा हमारे साथ रहेंगे ..

आशीष- जी भाई ऐसा ही होगा.... वैसे हमे कब निकलना है टूर के लिए ??

वीर- बस ब्रेकफास्ट करके निकलते हैं सब ..

फिर दोनो बात करके नीचे आजाते हैं..सब लड़किया रेडी हो चुकी थी..नहिना ऑर प्रिया दोनो बड़ी गहरी आँख से वीर को देख रही थी .

वीर....हाँ तो सब रेडी है जाने के लिए....?

सब एक साथ..एस वी आर रेडी...

फिर सब मिल कर नाश्ता करते है ऑर निकलते है..अपने टूर मनाली के लिए ..

सब एक गाड़ी मे ही बैठ गये थे .. और सब मस्ती करते हुए जा रहे थे...

नहिना..मुझे भूख लगी है..

प्रीत..भूख तो मुझे भी लगी है...

वीर.ठीक है आगे किसी अच्छे से ढाबे पर गाड़ी रोक लेंगे...

थोड़ी देर चलने के बाद एक ढाबा आजाता है..

वीर गाड़ी साइड मे पार्क करता है.. और सब बाहर आ जाते है...ढाबा रोड के साइड मे बना हुआ था ..ऑर उसके पीछे बहुत बड़ी खाई थी. बहुत ही सुंदर व्यू था..सब वहाँ पड़े चारपाई पर बैठ जाते है..

अपने ढाबे पर इतने अच्छे और ज़्यादा कस्टमर को देख मालिक खुद आता है ओर्डर लेने ...

सब अपना अपना ऑर्डर करते है..

संजू..कितनी देर मे पहुँचे गे मनाली..

वीर...बस 2 घंटे मे पहुँच जाएगे...

सब..लंच करते है..खाना बहुत अच्छा था, सबने मज़े से खाना खाया ..

उसके बाद वीर बिल पे करता है और सब चलने को तय्यार होते हैं कि तभी वहाँ 4-5 गुंडे टाइप क लड़के आजाते हैं..

ढाबा मालिक..साहब इनसे मत उलझना..बहुत बड़ा गुंडा है.. बहुत पहुँच वाला है ये ..

वीर...ओके जी शुक्रिया...वीर भी साथ मे लड़किया होने के कारण लड़ाई नही चाहता था इसलिए वो चुप चाप गाड़ी की तरफ जाने लगता है..

पर तभी वो इन लड़को के ग्रूप मे से एक लड़का परी की तरफ इशारा करते हुए ..

लड़का..ओह जानेमन..कहाँ चली..आ मेरी जाँघ पर बैठ...तुझे मालामाल कर दूँगा एक रात के लिए..

वो लड़का यहीं नही रुकता और उठ कर परी का हाथ पकड़ लेता है..

जैसे ही बिस्वा ने ये देखा बिस्वा गुस्से मे आ जाता है ..पर वीर उसे रुकने का इशारा करता है...

वीर....भाई साहब हम शरीफ लोग है प्लज़्ज़्ज़ हमे जाने दीजिए क्यूँ लड़की को तंग कर रहे है .

लड़का..ओये साइड हो जा कल सुबह आ कर लड़की को ले जाना आज की रात ये मेरी रा.....लड़का इतना ही बोला था कि तभी वीर गुस्से मे तेज़ी से उसके सर पर हाथ मारता है. और लड़के की गर्दन टूट जाती है ऑर अंदर से उसका सर खुल जाता है

ये इतनी जल्दी हुआ कि किसी को कुछ पता नही चला बस पता तब चला जब वो लड़का नीच जमीज़ पर गिर जाता है...

वीर परी को गाड़ी मे बैठा देता है.

तभी उनमे से एक लड़का वीर का कॉलर पकड़ लेता है..

लड़का.2...अबे ओये ये तूने क्या कर दिया अज्जु भाई को मार दिया..सोच भी नही सकता कि अब तेरे और तेरे साथियों के साथ क्या होगा ..

वीर का कॉलर पकड़े हुए देख कर बिस्वा चुप नही रहता ..

बिस्वा...भाई का कॉलर छोड़ ..बिस्वा उसे 2 बार ऑर बोलता है..जब वो नही मानता तब बिस्वा उसकी गर्दन पकड़ लेता है....उस से उस लड़के की हालत पतली हो जाती है और वो लड़का वीर का कॉलर छोड़ देता है..

जैसे ही कॉलर छूटा बिस्वा गला छोड़ उसके सीने पर ज़ोर से पंच मरता है जिस से वो लड़का दूर जा गिरता है....

तभी वहाँ 2 गाड़ियाँ आती है..सब के हाथ मे तलवार चाकू लाठी थी...उसी मे से एक आदमी भाग कर मरे हुए लड़के के पास आता है...जिसे देख वो रोने लगता है...

वीर आराम से गाड़ी के उपर बैठ जाता है..

तभी वो लड़का उठता है..

लड़का ब...किसने मारा मेरे भाई को किसने मारा ..तभी वहाँ एक लड़का आ कर उसे सब बता देता है..

लड़का ब.वीर की तरफ देख..ये तुममे अच्छा नही किया बहुत बुरी मौत मारूगा..बाद मे इन सभी लड़कियों को अपने बिस्तेर पर ...

 
ये भी अभी इतना ही बोला था कि ..बिस्वा उसके फेस पर पंच मारता है ऑर वो लड़का दूर जा गिरता है....

ये देख सभी गुंडे मारने के लिए दौड़ते है..

ये देख आशीष.तेज़ी से उन गुन्डो पर टूट पड़ता है 3 मिनिट के अंदर सभी लड़के ज़मीन चाट रहे थे...

ये देख नेहा आशीष से बहुत इंप्रेस होती है....नेहा आशीष को पहले दिन से ही पसंद करने लगी थी पर उसने कभी जाहिर नही होने दिया था ..

सभी लड़किया अंदर बैठी डरी हुई थी..

तभी वो लड़का चुपके से आशीष पर हमला करने ही वाला था कि वीर उसे पकड़ लेता है..ऑर उस पर थप्पड़ो की बरसात कर देता है .

कभी बिस्वा मारता कभी आशीष ऑर कभी वीर...

हर एक थप्पड़ मे उस बस को अपनी नानी याद आराही थी , उसको दिन मे तारे नज़र आने लगे थे..

वीर... पीछे से वार करता है और ज़ोर से एक थप्पड़ मारता है जिससे बस ज़मीन पे गिर जाता है ... तभी वहाँ पोलीस भी आ जाती है..

ढाबे का मालिक भाग कर आता है और पोलिसेवाले को सारी कहानी बता देता है ..

ढाबा मलिक--.साहब ले जाइए इन गुन्डो को..

इनस्पेक्टर..वीर से..आप कौन है..??

वीर - मैं धनवीर सिंग हूँ .. सिंग कंपनी का मालिक..

लेजाइए इन गुणडो को आज के बाद ये जैल से बाहर नही आने चाहिए..

इनस्पेक्टर..आप को कौन नही जानता सर..आप बेफिकर रहिए .ये कभी बाहर नही आ पाएगा..

फिर पोलीस उस बस और सारे गुन्डो को अरेस्ट करके ले जाती है....

सब लड़किया भाग कर वीर के गले लग जाती है ऑर परी बिस्वा के.....

आशीष..( मुँह फुलाते हुए )साला मैने फालतू मे फाइट की मुझे कोई गले नही लगा.

आशीष का इतना बोलना था कि सब हंस पड़ते है..सब लड़कियाँ अपनी बाहें फैला देती है..जिस से आशीष भाग कर आता है..ऑर सब उसे हग कर लेते है..

बिस्वा....भाई वैसे अपने आशीष ने.क्या काम किया आज .फाइट देखने मे मज़ा आ गया..

वीर...ऑर नही तो क्या..सुपर्ब..अब तो इसके लिए भी कोई छोरी ढूँढनी पड़ेगी..

वीर का इतना बोलना था कि तभी ,

नेहा....मैं हूँ ना लड़की ढूँढने की क्या ज़रूरत है..

 
नेहा जल्दबाज़ी मे बोल तो गयी पर जब उसे होश आया..तो उसकी आँखे बड़ी हो गई कि ये क्या बोल गयी..

सभी नेहा की बात पर हंस हंस के लॉट पॉट हो रहे थे और फिर बाद मे नेहा को छेड़ने लगते हैं ..

फिर सब गाड़ी मे बैठ जाते है

गाड़ी मे इसबार परी बिस्वा के साथ बैठ जाती है.दोनो मस्ती करते हुए.जाते है..दोनो कब एक दूसरे का हाथ पकड़ लेते है..पता नही चलता...

वही दूसरी तरफ गाड़ी मे आशीष भी नेहा के साथ बात चीत करते करते सो जाते है..

वीर संजू प्रीत भी आपस मे बात करते हुए अपने सफ़र का मज़ा लेते हुए चले जा रहे थे ..

हम सब शाम के 6 बजे तक मनाली पहुँच जाते है..

वीर...चल उठो भाई लोग..

गाड़ी होटेल के आगे रुकती है .. सब गाड़ी से उतरने लगते हैं , होटेल का मॅनेजर खुद हमे रिसीव करना आता है..

हम सब ये डिसाइद करते है सब साथ रहेंगे...

इसीलिए एक रूम ही लेते है..जिसे वीर ने पहले ही अपने मॅजिक से बहुत बड़ा बना दिया था..न्ड होटेल के मॅनेजर का माइंड भी डाइवर्ट कर चुका था ...

सब रूम मे आजाते हैं और फिर सब बारी बारी फ्रेश होते होजते हैं ...

वीर - हाँ तो दोस्तों अपने अपने गर्म कपड़े पहन लो ठंड बहुत है पर कही ऐसा ना हो घूमने की जगह हम मे से कोई बीमार हो जाए ...ऑर ये बताओ पहले रेस्ट करना है या घूमने जाना है .

प्रीत..जानू अब रेस्ट क्या करना चलो ना घूमने चलते है...

सब तय्यार होके होटेल से बाहर निकलते है..ऑर चलते है घूमने..

होटेल से सब लोग सीधा बाज़ार मे जाते है यहाँ बस स्टॅंड था वहाँ से बाज़ार शुरू होता है..

वीर सबको कुछ रुपी दे देता हैं ताकि सब अपनी मर्ज़ी से शॉपिंग कर सके ..

ऐसे ही सब अपनी अपनी मस्ती मे शॉपिंग करते रहते है...और यहाँ अछा व्यू मिलता वहाँ पिक्स ले लेते...

शॉपिंग और थोड़ा घूम कर साव मस्ती करते हुए होटेल वापिस आ जाते है..

अट होटेल रूम..

नहिना- भाई सॉफ्टी खाने का बड़ा मन कर रहा है .

संजू..मुझे भी चाहिए..

नहिना..भाई आप चलो मेरे साथ हम ले आते है..

नहिना वीर को ज़बरदस्ती अपने साथ खीच के ले चलती है.... जब सब घूम के वापस आरहे थे तभी रास्ते मे उन्होने अच्छा सा आइस क्रीम पार्लर देखा था ..

बट नहिना उसको आइस क्रीम पार्लर की बजाए एक सुनसान रास्ते ले चलती है जो उसके थोड़ा आगे ही था ..

वीर ( थोड़ा कन्फ्यूज़ होके )- नहिना ये कहाँ ले आई..

नहिना ( नॉटी स्टाइल मे ) - सॉफ्टी खाने..

वीर..पर यहाँ थोड़ी है सॉफ्टी..वो तो वहाँ पीछे रह गया हैं...चलो चलते है वापस

नहिना.. वीर रूको ना , अभी तुमको मैं सॉफ्टी खा के दिखाती हूँ. नहिना पीछे मुड़ती है कि ऑर तेज़ी से अपने लिप्स वीर के लिप्स पर रख चूसने लगती है..

वीर अचानक हमले से शॉक हो जाता है.. उसको विश्वास नही हो रहा था कि नहिना ऐसा कुछ करेगी वो बी अचानक से....पहले तो वो थोड़ा रेज़िस्ट करता है बट थोड़ी देर मे वो बी नहिना का साथ देने लगता है..दोनो बड़े मज़े से किस किए जा रहे थे..

10 मिनिट बाद जब दोनो की सासे उखड़ने लगी तब दोनो अलग होते है..

वीर...नहिना क्या ये सही है, तुम जानती तो हो ना मैं तुम्हारा भाई हूँ..

नहिना...मेरी नज़र मे तो सब सही है..जब आप संजू दी को प्यार दे सकते है फिर मुझे क्यूँ नही..??

वीर तुरंत समझ जाता है कि नहिना को मेरे ऑर संजू के बारे मे पता लग चुका है..

वीर..ह्म अगर तुम्हारा मन भर गया हो तो सॉफ्टी ले कर वापस चलते है...

नहिना- नही ... मुझे यही और चाहिए..

वीर... अभी नही बाद मे..चलो चलते है..सब वेट कर रहे होंगे हमारा ..

दोनो वहाँ से वापस आइस क्रीम पार्लर जाते है ऑर सॉफ्टी पॅक करवाते है..ऑर पहुँचते है होटेल..सब सॉफ्टी देख खुश हो जाते है...

वीर ..तो गाइस .अब सब सो जाओ..कल रोहतांग जाएगे. घूमने..वहाँ सिरफ़ ऑर सिरफ़ बर्फ होगी.

फिर सब कुछ देर मे सो जाते है

आज फिर नहिना ऑर प्रिया ने वीर को अपने बीच सुला लिया.. दोनो ने संजू ओर प्रीत को कसम दे रखी थी जब तक वो यहाँ है वीर के साथ ही सोएगी..

सब ऐसे ही मस्ती करते सो जाते है..देर रात तक वीर को नींद नही आई कॉज़ एक तरफ नहिना उसके साथ पंगे कर रही थी ओर दूसरी तरफ प्रिया..

हमारे लव बर्ड्स परी ऑर बिस्वा एक दूसरे का हाथ पकड़ आराम से सो रहे थे.

इन मॉर्निंग ..

संजू की आँख पहले खुलती है..ऑर देखती है दोनो नहिना ओर प्रिया के बीच वीर फसा हुआ है..एक तरफ से प्रिया हग कर लेटी हुई है ओर वही दूसरी तरफ नहिना..

वीर की ऐसी हालत देख संजू के फेस पर स्माइल आ जाती है

संजू के बाद वीर की आँख खुलती है..वो धीरे से दोनो लड़कियों के बीच से निकल कर फ्रेश होने चला जाता है.. बट उसे ये नही पता था कि अंदर संजू नहा रही थी...

वीर अबी नींद मे ही आँखे बंद किए बाथरूम मे घुस जाता है..अंदर से लॉक कर जब आँख खोलता है ऑर सामने जैसे ही उसकी नज़र संजू पर पड़ती है तो उसकी नज़र वहीं थम जाती है

संजू आँख बंद किए शवर के नीचे खड़ी थी , उसके जिस्म पे एक भी कपड़े नही था , वो बिल्कुल न्यूड थी और उसके उपर पानी गिर रहा था ...

इतना सेक्सी सीन देख कर वीर का लंड शॉर्ट मे ललकारे मारने लगता है.

वीर संजू को देखता देखता धीरे धीरे संजू के करीब पहुँच जाता है , संजू अभी भी बेपरवाह आँखे बंद किए नहा रही थी ...

वीर संजू के करीब पहुँच कर एक धीमी आवाज़ निकालता है..

वीर....संजू..

और जैसे ही संजू आवाज़ सुनती है वो अपनी आँखें खोल वीर को बाथरूम मे देखती है तो वो हड़बड़ा जाती है..उसे समझ नही आ रहा था..ये क्या हुआ..

पर जब वो वीर की आँखो मे अपने लिए प्यार देखती है..तो एक टक उसे देखने लगती है..

वीर..संजू यू आर सो ब्यूटिफुल..

संजू..शर्म नही आती एक नहाती हुई लड़की के बाथरूम मे घुस गये हो...

वीर...मुझे क्या पता था अंदर एक हुश्न की परी नहा रही है..वीर आगे बढ़ संजू को किस करने लगता है

संजू पहले तो हड़बड़ा जाती है....पर फिर वीर का साथ देने लगती है

किस करते करते वीर का हाथ संजू के बूब्स पर चला जाता है..

जैसे ही वीर का हाथ अपने बूब्स पर महसूस करती है तो उसके बॉडी मे करंट दौड़ जाता है..

वीर बड़ी सॉफ्ट्ली से संजू के बूब्स दबाने लगता है ऑर एक हाथ नीचे लेजा कर चिकनी चूत पर रख देता है

चूत पर वीर का हाथ महसूस होते ही संजू झड़ने लगती है... संजू की टांगे काँपने लगती है. और आँखे बंद कर अपने झड़ने का मज़ा लेने लगती है ..

तभी बाहर दरवाजा नॉक होता है.. वीर तुरंत अपनी पवर्स से वहाँ से गायब हो जाता है...

संजू जब अपनी आँखे खोलती है तो वीर को गायब पाती है....थोड़ी देर मे संजू रेडी हो बाहर आजाती है....

जब वो बाहर आती है तो वीर को रूम मे एंटर करते हुए देखती है जो एकदम रेडी होता है..जैसे दोनो की नज़र मिलती है तो संजू शर्मा के अपनी नज़र नीचे कर लेती है..

ऐसे ही सब रेडी हो साइटिंग मे बैठ जाते है

प्रीत..जान कब निकलना है ..

वीर..बस ब्रेकफास्ट कर निकलते है..

प्रिया..आइ आम सो एग्ज़ाइटेड आज स्नो देखने को मिलेगी .स्टडी के चक्कर मे कही भी घूम नही पाई...

वीर...डोंट वरी .प्रिया..आइ प्रॉमिस मैं तुम्हे बिल्कुल बोर नही होने दूँगा..तुम अपनी लाइफ को खुल के जी सकती हो इस टूर पर कोई तुमको नही रोकेगा...

फिर थोड़ी देर मे सब नाश्ता कर निकलते है..रोहतांग पास..

वीर..प्रीत ऑर संजू को साइड मे बुलाता है..

वीर...देखो जान..तुम दोनो मे भी कुछ पवर्स है..जब मैं तुम दोनो के साथ ना भी हूँ तो तुम दोनो बिना डरे सब का मुकाबला कर सकती हो अगर कोई मुसीबत आती है तो..बस आँख बंद कर अपने मन मे जो सोचोगे वो आ जाएगा ..

संजू..भाई हम नही डरते...हमे खुद पर ऑर आप पर पूरा भरोसा है...आप की बेहन हूँ..डरना नही सीखा...

प्रीत..जान मुझे भी अपनी पवर्स.के बारे मे पता है तो ..आप निसचिंत रहे..

फिर ऐसे ही मस्ती करते रोहतांग के पास पहुँच जाते है

वहाँ का महॉल देख प्रिया खुशी से उछल पड़ती है और जाने अंजाने मे वीर के लिप्स पर किस कर देती है..ये देख सभी शॉक हो जाते है....

संजू ऑर प्रीत ये देख कर हँसने लगती हैं...

फिर सभी एक दूसरे का हाथ पकड़ पहाड़ी चढ़ने लगते है...

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वहीं दूसरी ओर पिशाच वीर को मारने का प्लेन कर रहे थे..

पिशाच..हम अलग अलग हमला करेंगे...

पिशाच1..हाँ ये सही रहेगा..अगर एक हारता भी है तो दूसरा है ना..पर एक काम करेगे..हम सब नॉर्मल इंसान के फेस मे उसपर हमला करेगे..उसको भरम मे रखेगे...

पिशाच...हाहहहहहा.अब तू नही बचेगा वीर...हाहहहहहहहहहा.....

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सब एक दूसरे का हाथ पकड़ पहाड़ चढ़ने लगते है.....

मेरे साथ संजू प्रीत थी , बिस्वा परी का हाथ पकड़े चल रहा था और बाकी सब भी हमारे पीछे आने लगे..

नहिना मेरे पास आने की कोशिस कर रही थी पर संजू प्रीत की वजह स कुछ बोली नही..

ऐसे ही मस्ती करते सब पहाड़ के उपर चढ़ जाते है..

.

वहाँ पहले से ही बहुत लोग स्नो का मज़ा ले रहे थे...

प्रिया..वाउ बहुत अदभुत नज़ारा है, चारो तरफ बर्फ ही बर्फ है

संजू- हाँ यार.. और हम कितनी ऊँचाई पर भी है......सच मे बहुत मज़ा आ रहा है...

वीर..तो चलो सब एंजाय करते है..इतना बोल कर वीर एक बर्फ का गोला संजू को मारता है ऑर हँसने लगता है..पर तभी एक गोला वीर को लगता है जो प्रीत ने मारा था...

सब हँसने लगते है ऑर एक दूसरे पर स्नो बॉल की फाइट शुरू हो जाती है ...सब एक दूसरे पर स्नो बॉल बना बना कर फेक रहे थे ..

जब सब थक जाते है तो वही एक बड़े पत्थर पर बैठ जाते है...

प्रीत ..मैं तो थक गयी यार

संजू ..मैं भी यार और अब तो भूख भी लगने लगी है..क्यूँ ना कुछ खाया जाए..

वीर- भूक तो लगने लगी है .. रूको मैं पूछता हूँ अगर कुछ खाने का हो जाए आसपास...

फिर वीर. वहाँ घूम रहे लोगो से पूछने चला जाता है..

वीर वापिस आ कर...

वीर..हाँ दोस्तों सामने वाली पहाड़ी के उस पार एक छोटा सा ढाबा बना हुया है. आप सब बैठो मैं अभी लेकर आता हूँ..

तभी नहिना कुछ बोलने ही वाली थी कि तभी संजू बोल पड़ती है..और नहिना फिर मन मसोज के बैठ जाती है ..उसको वीर के साथ कोई मौका नही मिल रहा था अकेले टाइम स्पेंड करने का..

संजू - चल भाई मैं चलती हूँ तेरे साथ कुछ बात भी करनी है

वीर संजू को साथ ले सामने वाली पहाड़ी की तरफ जाने लगता है ..पर जाने से पहले वीर बिस्वा ऑर आशीष को बाकी सब का ध्यान रखने के लिए बोल देता है...

संजू- क्या बात है जान , आज शरम नही आई ऐसे अपनी बेहन को बाथरूम मे नहाते देखने के लिए वो भी बिना कपड़ो के ....

वीर- क्यू जी... मुझे क्यू शरम आने लगी ...तुम मेरी बेहन थी पर अब मेरी जान और होने वाली बीवी हो..इतना तो बनता है मेरा भी

संजू..ओह रेआली तो फिर डर कर भाग क्यू गये थे...

संजू की बात वीर बखूबी समझ जाता है ..

 


वीर..अगर कहो तो अभी के अभी दोबारा वहीं ले जाऊ..

इससे पहले संजू कोई जवाब देती ..वीर आँख बंद करता है ..ऑर जब आँख खोलता है..तो खुद को ऑर संजू को एक बाथरूम मे पाता है..ये बाथरूम मॅजिकल था

संजू की आँख अभी भी बंद थी..

वीर...जान आँखें तो खोलो अपनी ...

संजू जब आँख खोलती है तो देखती है कि वो खुद नंगी थी , शवर से पानी गिर रहा था और वीर से चिपकी हुई है....जैसा मॉर्निंग मे सीन था बिल्कुल वैसा ही सीन होगया था ...

संजू- ( हड़बड़ा कर ) ये क्या जान.. हम यहाँ कैसे...

और खुद की हालत देख शरमाने लग जाती है...

वीर कुछ नही बोलता बस सीधा संजू को किस करने लगता है.. उसका एक हाथ संजू की चिकनी गान्ड पर घूम रहा था ऑर एक संजू के मुलायम बूब्स पर..

वो संजू के बूब्स के हल्के पिंक निपल्स को मसल्ने लगता है और उसका किस भी वाइल्ड होता जाता है ..

संजू ये सब अचानक से हुए हमले से बहुत ज़्यादा एग्ज़ाइटेड हो जाती है.. एक तो अपने भाई के साथ इस हालत मे और वीर के प्यार को पाकर उसके अंदर प्यार और सेक्स की आग भड़कने लगती है ..

वो भी वीर को वाइल्ड्ली किस मे साथ देने लगती और वीर के मसल्ने से उसकी सिसीकिया भी निकलने लगती हैं जो महॉल को और रोमांचित बना रही थी...

वीर अपने हाथ को चूत पर ले जाता और टाइट्ली रगड़ने लगता है..ऑर देखते ही देखते संजू अपने बूब्स और चूत पे हुए डबल अटॅक को ज़्यादा देर बर्दाश्त नही कर पाती है और एक चीख के साथ झड जाती है..

फिर वीर अपने कपड़े गायब कर संजू को इशारे से अपने लंड की ओर इशारा करता है....

.

वीर का लंड देख संजना पहले डर जाती है. पर वो अब उस महॉल मे प्यार की महक मे जैसे पागल सी हो चुकी थी.. वो नीचे बैठ जाती है और अपनी जान के लंड को अपने हाथो से सहलाते हुए उसको अपने होठों से चूमती है और अपने मूह मे बड़े प्यार से भर कर चूसने लगती है...

वीर का लंड बड़ी मुश्किल से संजू के मुँह मे जा रहा था...फिर भी संजना वीर के लंड को बड़े प्यार से चूसने लगती है..जब वीर को मज़ा आना शुरू होता है तो वो संजू के सिर पर हाथ रख आगे पीछे कमर हिलाने लगता है ..तब संजू भी अपनी स्पीड बढ़ा देती है ...

वीर अपनी आँख बंद किए खड़ा था ऑर इस परम आनंद म खो सा जाता है ....कुछ हे देर मे वीर संजना के गले मे झड जाता है..

संजना भी भूकी शेरनी की तरह सारा रस पी जाती है ..एक बूँद भी वेस्ट नही करती .. उसकी आँखो से लग रहा था जैसे बरसो की प्यास अब जा कर शांत हुई हो...

वीर संजू को उठाता है और अपने गले लगा लेता है..फिर उससे पूछता है ..

वीर - मज़ा आया मेरी जान को ..

संजना हाँ मे सर हिला के शरमाने लगती है और टाइट्ली हग कर लेती है वीर को ...

फिर वीर दोबारा आँख बंद कर खोलता है ऑर दोनो पहाड़ के दूसरी तरफ खड़े होते है.. और दोनो के कपड़े भी वापस आजाते हैं ...बस दोनो की आँखो मे थोड़े देर पहले हुए प्यार की खुमारी थी...

संजना आस पास देख कर ....जान यहाँ तो कोई भी ढाबा नही है....

वीर स्माइल करते हुए -- ये रहा ..

तभी वीर एक तरफ हाथ करता है.ऑर वहाँ एक ढाबा आ जाता है....

संजू ये सब देख कर सब समझ जाती है कि ये सब वीर ने जानबूझ के किया था...

वीर संजू का हाथ पकड़ कर ढाबे पे चला जाता है ..

फिर वीर ऑर संजना दोनो खाना पैक करवा कर वहाँ से अपने दोस्तों के पास वापस आजाते हैं...

वहाँ पहुँच दोनो वहाँ का नज़ारा देख शॉक हो जाते है....

दोनो वहाँ देखते है कि कुछ लोग नीचे गिरे पड़े है ऑर बिस्वा ऑर आशीष 2 लोगो को मार रहे है..

हम दोनो भागते हुए वहाँ पहुँचते है ...

मुझे देख कर प्रिया नहिना और प्रीत आके गले लग जाती ह..

तभी वहाँ पोलीस आती है..और पूछताछ करती है जिसे वहाँ इकट्ठा हुए लोग सब बता देते है ऑर उन लड़को को उठा ले जाते है...

वीर...क्या हुआ था यहाँ ..कोई मुझे बताएगा...

प्रीत.. जान बात ये है कि ..

पास्ट.............

नहिना..वैसे दी आप बहुत लकी है जो आपको वीर मिला..

प्रीत..थॅंक्स दी..आइ विश आपको भी वीर जैसा जीवन साथी मिले .

तभी कुछ दूर बैठे लड़के आपस मे बात कर रहे थे

लड़का 1...यार आइटम बहुत मस्त है यार इस ठंड के मौसम मे मेरे से ओर नही रहा जाता..

लड़का.2 . हमसे कौनसा रहा जाता है..ऑर वैसे भी..उनके साथ 3 लड़के थे जिसमे से 1 चला गया..

लड़का3..फिर देर किस बात की चलो..मज़ा लूटा जाए .

इधर..

बिस्वा माइंड टू माइंड आशिस..

बिस्वा..आशीष..कुछ गड़बड़ होने वाली है ध्यान रखना.

तभी इनके पास कुछ लोग आते है.

लड़का.1..हेलो मॅम हम यहा के गाइड है चलिए आपको एक मस्त जगह दिखाते है ..

नहिना...नही भाई हमे नही जाना..

लड़का..मॅम हम पैसे नही लेंगे आप चलिए तो सही..बहुत मज़ा आएगा..

बिस्वा.. ओह भाई , एक बार मना किया ना समझा नही क्या

लड़का.2...सर हमने ग़लत क्या कहा हम आपको जगह दिखाने की बात ही तो कर रहे है

लड़का3..प्यार से चलिए नही तो जबर दस्ती भी ले चलूँगा

आशीष...देख ओह भाई..अभी भी वक्त है चुप चाप चला जा वरना वो हाल होगा तेरा तू सोच भी नही सकता .

लड़का.5...साले हमे धमकी देता है.देख तेरी आँखो के सामने इन लड़किया का हम क्या हाल करते है.

तभी उस लड़के ने आगे बढ़ पारी का हाथ पकड़ उसे खीचने लगा

ये देख बिस्वा का पारा बढ़ जाता है..

ऑर बिस्वा आगे बढ़ उस लड़के का गला पकड़ ज़ोर से दबा देता है जिस से उस लड़के की गर्दन टूट जाती है ऑर वो वहीं दम तोड़ देता है..

ये देख बाकी सब लड़के बिस्वा पर हमला कर देते है.पर उन्हे क्या पता था कि वो किस से पंगा ले रहे है..

बिस्वा ओर आशीष आगे बढ़ उन लड़को को मारना शुरू कर देते..

2 मिनिट के अंदर सब ज़मीन चाट रहे होते है..

प्रेज़ेंट

बिस्वा - तभी आप यहाँ आ जाते है..

वीर...ओह तो ये बात है..चलो जो हुआ सो हुआ अब खाना खाओ.

फिर सब मिल खाना खाते है....

खाना खाने के बाद थोड़ा रेस्ट करते है..ओर फिरसे मस्ती करने लगते है..

नहिना..वीर चलो ना वहाँ चलते है..प्ल्ज़्ज़ मुझे पिक्स खीचनी है

नहिना की ज़िद के आगे वीर को झुकना पड़ा ऑर नहिना के साथ निकल लिया .... नहिना इस बार कोई मौका नही गवाना चाहती थी ..

वो लोग उपर पहुँच जाते हैं यहाँ कोई और उन्हे नही देख पा रहा था ...

वहाँ नहिना वीर को पकड़ नीचे गिरा देती है ऑर ओर वीर के उपर लेट कर लिप्स पे किस करने लगती है..

वीर...तुम कोई मौका नही छोड़ती तुम्हे पता है ना हम भाई बेहन हैं...

नहिना.. वीर की कमर से तोड़ा उपर उठते हुए ..

अगर हम भाई बेहन है तो ये खड़ा क्यूँ है..नहिना वीर के लंड पर हाथ रख देती है..

वीर...इसे थोड़ी पता तुम मेरी बेहन हो.

नहिना कुछ नही बोलती बस फिरसे किस करने लगती है..

5 मिनिट एक वाइल्ड किस करने के बाद दोनो के लिप्स अलग होते है..दोनो के साँसे उखड़ी हुई थी..

नहिना तब भी नही रुकती , वो कुछ ऐसा करती है कि वीर की आँखें बड़ी हो जाती हैं ...

... तभी नहिना वो करती है..जैसा वीर ने सोचा भी नही था .

नहिना तेज़ी से अपना टॉप निकाल देती है और ब्रा भी .. वो उपर से बिल्कुल नंगी हो जाती है..ऑर वीर का लंड भी उसके पॅंट से बाहर निकाल लेती है..

वीर के लंड को देख कर नहिना की आँखो मे चमक आ जाती है..और उसकी आँखो मे एक अजीब सी प्यास झलकने लगती है ..

नहिना बड़ी अदा से ..प्लज़्ज़्ज़ मुझे प्यार करो वीर

वीर भी नहिना के बूब्स देख गर्म हो चुका था ..

पर वो इस तरह ओपन मे ये सब नही करना चाहता था कही कोई देख लिया तो. ..

वो अपनी आँख बंद कर दोनो के उपेर एक कवच बना देता है जिस से ये होता है कोई भी इन्हे देख नही पाएगा...
 
वीर आगे . नहिना के उपर आ जाता है और उसके गोरे गोरे . को चूसने लगता है ...वो नहिना के लेफ्ट बूब्स को मसल्ने लगता है और राइट वाले बूब्स के निपल को अपने मूह मे भर कर चूसने लगता है.. वीर हल्के से निपल को काटने भी लगता है.. ...जिस से नहिना की सिसकियाँ निकलने लगती है.... उसके अंदर एक अजीब सा तूफान आगया था ..

नहिना ( मदहोशी से ) भाई जबसे तुम्हे देखा है पागल हो गयी हूँ..आज तक किसी लड़के से इतना आकर्षित नही हुई जितना तुमने कर दिया ..क्या है तुम मे ऐसा जो मैं पागल हो जाती हूँ .. दीवानी सी हो गई हूँ ...

आज मुझे अपने आप मे समा लो... ढेर सारा प्यार करो मुझे भाई ....

वीर भी बूब्स चुसता चुसता नीचे की तरफ बढ़ ने लगता है..

वीर एक बार नहिना की तरफ देखता है....नहिना वीर का इशारा समझ जाती है और वो अपना जींस अंडरवेर समेत निकाल देती है .

वीर के सामने अब नहिना की गोरी गुलाबी चूत आजाती है ...वहाँ एक भी बाल नही था और चूत के दोनो लिप्स आपस मे जुड़े हुए थे...

वीर - बिना देरी किए हुए डायरेक्ट चूत पर टूट पड़ता है और चूसने लगता है

.

दोनो को फुल टू मज़ा आ रहा था..

नहिना का ये सब पहला अनुभव था वो भी अपने भाई के साथ जिससे वो कुछ दिन पहले ही मिली थी.. वो तो एक अलग ही दुनिया में खो गई थी और इस पल को फील कर रही थी ...

वीर उसकी चूत को चूस्ते चूस्ते उसके बूब्स भी मसल्ने लगता है जिससे नहिना बर्दाश्त नही कर पाती और भाइईईई बोल के झड़ने लगती है ...

नहिना वहीं बर्फ पर लेटे अपने झड़ने का मज़ा लेने लगती है... क्या मज़ा था.. एक तो प्यार की वजह से उसके अंदर आग भड़क रही थी और नीचे बरफ... दोनो ही नहिना को मदहोश किए जा रहे थे ...

वीर अपने आपको मॅजिक से ठीक करलेता है और नहिना को भी जल्दी से अपनेआप को सवारने को बोलता है ..उसको आए हुए काफ़ी टाइम बीत चुका था और कोई भी आ सकता था ...

वीर अपनी आँख बंद करके वो कवच भी गायब कर देता है..

नहिना वीर के लिप्स पे एक किस करती है और फिर दोनो कुछ पिक्स अलग अलग पॉज़ मे क्लिक करते हैं ...और वापस सबके पास चलने लगते हैं..

नहिना..थॅंक्स भाई..मुझे जिंदगी का पहला मज़ा देने के लिए ...

वीर बस उसको एक प्यारी सी स्माइल देता है

दोनो वहाँ से सबके पास आ जाते है..

बिस्वा - भाई शाम होने वाली है.हमे हेल्ली पॅड के पास चलना चाहिए..

वीर..ह्म बस गाड़ी आती ही होगी.

तभी वहाँ एक गाड़ी आती है..जिस मे से एक फ़ौजी उतरता है..

फ़ौजी...सर चलिए आपका हेल्लीकॉपटर आ गया है..

वीर...अरे सर आपको आने की क्या ज़रूरत थी..किसी ऑर को भेज दिया होता..

फ़ौजी..सर आपके लिए उपर से फ़ोन आया है कि आपकी ख़ास खातिर दारी की जाए ..

चलिए...

फिर सभी निकलते है..

हेल्लीपॅड को देख सब खुश हो जाते है..बहुत शानदार हेल्ली पॅड था....

सब हेलिकॉप्टर मे बैठ जाते है लद्दाख के लिए ...

हेल्लिकॉप्टेर आसमान मे उड़ चुका था ऑर अपनी मंज़िल के लिए निकल पड़ता है..

सभी लड़किया खिड़की के ज़रिए बाहर देख खुश हुए जा रही थी.....

वही दूसरी और जो पीसाच वीर को मारने आए थे वो वीर को देख लेते हैं और हेलिकॉप्टर के साथ साथ अपनेआप को गायब कर के साथ उड़ने लगते हैं .. उन्होने अपना सारा प्लॅनिंग कर लिया था हमला करने का..

इधर..अभी सभी अपनी मंज़िल के करीब पहुँचे ही वाले थे कि हेलिकॉप्टर मे वॉर्निंग का हूटरर्स बजने लगता है और उसका बॅलेन्स बिगड़ने लगता है ..

हेलिकॉप्टर तेज़ी से हिलने लगता है और नीचे की तरफ गिरने लगता है ..किसी को कुछ समझ नही आता कि अचानक से क्या गड़बड़ी हो गई है ...पाइलट बहुत कोशिस कर रहे थे पर वो संभाल नही पा रहे थे...

वीर जब ये देखता है कि हेलिकॉप्टर क्रॅश होने वाला है तो वो तुरंत अपनी आँखे बंद कर लेता है ..और जब उसकी आइज़ ओपन होती है तो उसकी आइज़ ब्लू हो जाती है..

वो एक प्रोटेक्टिव शील्ड बना लेता है जिसके अंदर सारी गर्ल्स और पाइलट वग़ैरह को कवर लेता है ...

थोड़ी देर मे ही हेलिकॉप्टर तेज़ी से ज़मीन से टकराता है और ब्लास्ट हो जाता है ..उसमे तेज़ी से आग लग जाती है ...

चारो तरफ बस आग और हेलिकॉप्टर का मलबा पड़ा हुआ था

बट वीर के शील्ड की वजह से सब ज़मीन पे टकराने से पहले ही सब ज़मीन से कुछ उपर थे और फिर सब ज़मीन पे आजाते है...किसी को मेजर चोट तो नही लगती पर सब बुरी तरह डर चुके थे .. हल्की फुल्की चोट ज़रूर आ गई थी ..

वीर. सभी से आप सब ठीक तो है ना..

प्रीत..हाँ हम ठीक है ..

संजू - भाई मैं भी ठीक हूँ ..

फिर सभी लड़किया और पाइलट जो कि शॉक्ड थे कि कैसे वो और बाकी सब बच गए .. उनके लिए ये सब चमत्कार ही था..

वीर..बिस्वा चलो मेरे साथ..देखते है अगर कोई मदद मिल जाए....

वीर वहाँ से बिस्वा के साथ निकल जाता है....

पीछे बाकी सब अभी भी शील्ड मे ही थे और आशीष भी था सो वीर मदद लेने के लिए आस पास निकल जाता है..

वीर और बिस्वा बाकी सब से काफ़ी दूर आ गये

तभी वहाँ कुछ आदमी आते है..ऑर आ कर ही दोनो पर हमला कर देते है..

वीर अपने बचाव के लिए भी उनपर हमला कर देता है

.वीर उन्हे बहुत मारता है.पर उन पर इस से कोई फ़र्क नही पड़ रहा था...वीर को समझ आजाता है कि ये कोई आम इंसान नही है ..

तभी वीर...अपने हाथ मे तलवार लाता है..ऑर शुरू होती है फाइट..

वीर जैसे ही उनपर वॉर करने ही वाला था कि तभी एक साथ 4 पिशाच वीर पर हमला कर्देते है...जिस से वीर दूर जा गिरता है..ऑर उसके ब्लड भी निकलने लगता है..

उधर प्रीत ऑर संजू नहिना प्रिया का दिल बड़ा बेचैन हो रहा था..

इधर..बिस्वा भी अपने असली रूप मे आ कर उनपर हमला शुरू कर देता है..

वीर ..तुम लोगो ने मुझे गुस्सा दिला कर अच्छा नही किया..पहले तो मैं तुम लोगो के साथ सिरफ़ खेल रहा था...लेकिन अब नही..

वीर भी खड़ा होता है.ऑर बिजली की तेज़ी से पिशाच के पास पहुँच उन्हे पंच मारता है..

पंच बहुत जबरदस्त था जिस से पिशाच के सर के छितरे उड़ जाते है...

जो भी वीर के नज़दीक आता तो वीर सबका सर धड़ से अलग कर देता ...

..

 
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