बिस्वा और आशीष मिलकर बहुत बड़ा मैरेज पैलेस तैयार करते हैं। पैलेंस बहुत ही शानदार था। पैलेस के एड़ दरवाजे में दो शेर बनें हए थे। थोड़ा अंदर जाने पे दो फौवारे थे, और उनके बीच से जाने के लिए एक रेड कापंट बिछा हआ था। चलो थोड़ा और अंदर चलें।
अंदर एक तरफ मंडप लगा हुआ था। बिल्डिंग के बीच में कुछ टेबल और कुर्सियां लगी हुई थी, और एक तरफ खाने पीने का प्रबंध था।
वीर संजू और बाकी का परिवार भी पहुँच गया था पैलेस में। धीरे-धीरे मेहमान भी आने शुरु हो गये थे। वीर के दादाजी, डैड और चाचाजी सभी का स्वागत कर रहे थे। फिर कुछ देर में सभी मंडप के पास पहुँच गये। यही वीर पहले से ही विराजमान था।
फिर पंडित ने दहन को बुलाया। और सारे रीति रिवाजों से उनकी शादी सम्पन हई। फिर चला खाने पीने का दौर। वीर और संज ने एक प्लेट में खाना खाया।
पैलेस में एक स्टेज भी लगाया गया था। यहाँ पे मेहमान के मनोरंजन के लिए गाने बजाने वाले और डान्सर्स भी थी। फिर कुछ देर में सभी डान्सर्स को हटा दिया गया, और शुरू हुआ कपल्म डान्स। जिसमें सबसे पहले वीर और संजू ने डान्म किया। उनके बाद सभी ने कपल डान्स किया।
और आखीर में भूत भंगड़ा किया सभी ने पूरी पागलपंथी वाला। इस सबके बाद। वीर और संजू को उसमें ही एक स्टेज पर एक सोफा पड़ा था वहीं बैठा दिया। हर एक गैस्ट आकर उनको गिफ्ट दे जाता और एक पिक्चर क्लिक करवा के चला जाता। उसी तरह धूम धाम से शादी सम्पन हुई।
दोनों सभी बड़े लोगों का आशीर्वाद लेते हैं। वीर के कालेज से भी कुछ स्टूडेंट और टीचर आए थे। बाकी शहर के सभी बड़े लोग। सब वीर और संजू की गिफ्ट देते और बधाई करते जा रहे थे। वहां से फ्री होकर सब घर को निकल जाते हैं। घर के मुख्य दरवाजे पर विश, नैना, प्रिया, रिया, परी, नेहा सब दरवाजा रोके खड़ी हो जाती हैं।
परी- ऐसे आगे नहीं जाने देंगे पहले जब हल्की करो हाँ।
वीर मस्ती में- "ऐसे कैसे जेब हल्की करो? चलो साइड हो कुछ नहीं मिलेगा किसी को समझे। हटो साइड..."
वीर यह बात थोड़ी रुखाई से बोला था, जिसे सुनकर सभी लड़कियों का चेहरा मुझा जाता है। सभी पीछे हटने ही वाली थी की तभी ……………
वीर- "अपने भाई को अब तक समझ नहीं पाईं.." और वीर अपनी बाहें फैलाकर खड़ा जाता है।
जैसे ही सब लड़कियां पीछे मुड़कर वीर की तरफ देखती हैं तो वीर को बाहें फैलाये खड़ा पाती हैं और खुशी से भागती हुई वीर को हग कर लेती हैं।
वीर- "यह लो...' कहकर वीर सभी लड़कियों को गोल्डेन काई देता है, और कहता है- "कुछ भी चाहिए हो जितना भी खर्च करना हो इससे करना समझी... और हाँ मेरी नानी रिया, आप बड़ी हो जाओ फिर आपको भी मिलेगा। तब तक आपको यह चाकलेट और ये डायमंड नेकलेस."
सब बहुत खुश थे।