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अजय को लगने लगा की ये चिड़िया मेरे जाल में फंस चुकी है। कोई मोका हाथ लग जाय तो टीना की कुंवारी चूत मिल सकती है। मगर ये काम बहुत खतरनाक है।
टीना ने फल काटकर एक प्लेट में रखे- “लीजिए अंकल.." और पलट गई। अजय का लण्ड टीना की गाण्ड की दरार से बाहर निकल गया। उफफ्फ... क्या हाल था इस वक्त अजय का। टीना के हाथों में फल की प्लेट थी। अजय फट से फल खाने लगा।
अजय- टीना तुम भी खाओ।
टीना- “अंकल, आप प्लेट पकड़ोगे। तभी तो मैं खऊँगी..."
अजय- “आहह.. लाओ मैं भी कैसा पागल हो गया हूँ.."
टीना ने फल की प्लेट अजय को पकड़ दी, और बास्केट से एक केला निकालकर खाने लगी- “अंकल मझे तो फल ऐसे ही खाने में मजा आता है...” और केला छीलकर अजय की तरफ स्माइल डाल लिया।
अजय को क्या सीन लग रहा था उफफ्फ... जैसे टीना ने अजय का लण्ड मुँह में डाला हो। अजय बोला- “तुमको केला इतना पसंद है?"
टीना- "जी अंकल, मुझे केला बहुत पसंद है। आई लव बनाना.."
अंजली भी तभी उठकर किचेन में आ गई, और कहा- “क्या हो रहा है यहां पर?"
अजय- "टीना बिना नाश्ता किए जा रही थी, तो मैंने कहा नाश्ता करके जाना..."
अंजली- हाँ बेटा, बिना नाश्ता किए नहीं जाओगी। चलो में नाश्ता तैयार करती
नेहा और समीर को उठा दो..."
टीना नेहा के रूम में चली गई।
अंजली- “सुनो, कम से कम अपना लोवर तो चेंज कर लेते। नीचे अंडरवेर भी नहीं पहना है। घर में जवान बेटियां हैं, कुछ तो शर्म किया करो। जाओ जाकर जल्दी से चेंज कर लो, तब तक मैं नाश्ता तैयार करती हूँ..."
अजय कुछ बोल नहीं पाया और सीधा अपने रूम में जाकर कपड़े चेंज किए, और नाश्ता करके दुकान पर पहुँच गया। टीना- अच्छा नेहा, अब मैं चलती हूँ। तू समीर से बात कर लेना और मुझे बताना।
नेहा- ओह बड़ी जल्दी में है समीर के साथ सोने में? थोड़ा सबर रख गरम-गरम खायेगी तो मुँह जल जायेगा।
टीना- यार रात में तूने बड़ा बेचैन कर दिया। मुझे तो लण्ड की चाहत सी हो गई है।
नेहा- चल, मैं कोशिश करती हैं।
***
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टीना ने फल काटकर एक प्लेट में रखे- “लीजिए अंकल.." और पलट गई। अजय का लण्ड टीना की गाण्ड की दरार से बाहर निकल गया। उफफ्फ... क्या हाल था इस वक्त अजय का। टीना के हाथों में फल की प्लेट थी। अजय फट से फल खाने लगा।
अजय- टीना तुम भी खाओ।
टीना- “अंकल, आप प्लेट पकड़ोगे। तभी तो मैं खऊँगी..."
अजय- “आहह.. लाओ मैं भी कैसा पागल हो गया हूँ.."
टीना ने फल की प्लेट अजय को पकड़ दी, और बास्केट से एक केला निकालकर खाने लगी- “अंकल मझे तो फल ऐसे ही खाने में मजा आता है...” और केला छीलकर अजय की तरफ स्माइल डाल लिया।
अजय को क्या सीन लग रहा था उफफ्फ... जैसे टीना ने अजय का लण्ड मुँह में डाला हो। अजय बोला- “तुमको केला इतना पसंद है?"
टीना- "जी अंकल, मुझे केला बहुत पसंद है। आई लव बनाना.."
अंजली भी तभी उठकर किचेन में आ गई, और कहा- “क्या हो रहा है यहां पर?"
अजय- "टीना बिना नाश्ता किए जा रही थी, तो मैंने कहा नाश्ता करके जाना..."
अंजली- हाँ बेटा, बिना नाश्ता किए नहीं जाओगी। चलो में नाश्ता तैयार करती
नेहा और समीर को उठा दो..."
टीना नेहा के रूम में चली गई।
अंजली- “सुनो, कम से कम अपना लोवर तो चेंज कर लेते। नीचे अंडरवेर भी नहीं पहना है। घर में जवान बेटियां हैं, कुछ तो शर्म किया करो। जाओ जाकर जल्दी से चेंज कर लो, तब तक मैं नाश्ता तैयार करती हूँ..."
अजय कुछ बोल नहीं पाया और सीधा अपने रूम में जाकर कपड़े चेंज किए, और नाश्ता करके दुकान पर पहुँच गया। टीना- अच्छा नेहा, अब मैं चलती हूँ। तू समीर से बात कर लेना और मुझे बताना।
नेहा- ओह बड़ी जल्दी में है समीर के साथ सोने में? थोड़ा सबर रख गरम-गरम खायेगी तो मुँह जल जायेगा।
टीना- यार रात में तूने बड़ा बेचैन कर दिया। मुझे तो लण्ड की चाहत सी हो गई है।
नेहा- चल, मैं कोशिश करती हैं।
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