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Incest जिंदगी के रंग अपनों के संग

में-चार्ली देखो तुम्हारे पास दो ओप्शन है या तो मुझे माफ़ कर दो और ये कॉफ़्फी जो इतने प्यार से मेरी गुड़िया बना के लाई है ले लो नही तो…

चार्ली-नही तो ..क्या ?

में-नही तो में इसे भी पी लूँगा और तुम्हें बाद में मना लूँगा आख़िर ठंड भी तो है इस समय और एक की जगह दो कॉफ़्फी मिल जाए तो कोई बेबकूफ़ ही छोड़ेगा और में बहुत समझदार हू.

और मेरे इतने बोलते ही सब हँसने लगे और मैने चार्ली को गले लगा लिया और चार्ली ने भी पोसिटीब=वे रेस्पॉन्स दिया जो देख के मेरे दिल से एक बहुत बड़ा बोझ उत्तर गया.

ली-भाई एक प्राब्लम है हम चार है और कॉफ़्फी सिर्फ़ तीन और में अपनी शेयर नही करने वाला .

चार्ली-मेरा भी मूड नही है अभी शेयर करने का.

गुड़िया -हू हू हू आप ने मुझे इन का इंट्रो तो दिया नही.

चार्ली-में अपना इंट्रो खुद दूँगा नही तो ये लोग मुझे चार्ली चमपेलीन (मशहूर कॉमेडियन) बना देंगे.

हाई मेरा चार्ली है और में आज से आप लोगो के साथ ही रहुगा बतौर बॉडीगार्ड .

गुड़िया -पर आप की बॉडी तो है ही नही.और एक बार फिर सब हँसने लगे.

चार्ली-बॉडी बहुत है बस आज कल तबीयत कुछ खराब है ना इसलिए दिख नही रही नही तो सलमान भी मेरे आगे पानी कम सीहै था.

ली-हा तबीयत कुछ ज़्यादा ही खराब लग रही है नही तो सलमान को फेल करने वाला जॉनी लीवर को इंटेर्दुएस नही करता.

में-ऐसा कुछ नही है सलमान को तो ये अब भी फैल कर सकता है विश्वास ना हो तो दोनों को एक साथ खड़ा कर के देख लो पब्लिक भी सोच मे पड़ जाएगी.

ली-क्या यही की इसके दिमाग़ में ऐसा क्या फिटटूर आया जो आगे बस समझ जाओ…***

गुड़िया -बहुत बुरी बात है ये आप लड़को में ना बिल्कुल भी सेंस नही होता आप अपने ही दोस्त की बुराई कर रहे है .आप बिल्कुल भी बुरा ना माने में आपके साथ हू चार्ली जी आप थोड़ी मेहनत करेंगे तो आप की बॉडी सलमान क्या अरनॉल्ड से भी अच्छी होगी आप इन की बातो पे ध्यान ही ना दे ये लो कॉफ़्फी पीजिए और बताए की कैसे बनी है और किसी को तो मेरे हाथ की कॉफ़्फी पसंद ही नही आती क्या पता आपको पसंद आ जाए.

ली-मुझे तो बहुत अच्छी लगी कमाल की है किस बबकूफ़ को पसंद नई है इतनी अच्छी कॉफ़्फी या तो उसे टेस्ट की समझ ही नही है या वो पागल है.

में-वो तो बस ऐसे ही मुँह से निकल गया था तुम भी ना तुम ने बनाई है तो अच्छी ना हो ये तो हो ही नही सकता .लाओ दो अभी पी के सब क्लियर कर देता हू.

फिर मैने कॉफ़्फी का एक शिप लिया कॉफ़्फी सच में कमाल की बनी थी शायद ये गुड़िया का प्यार ही था जो मुझे ये इतने पसंद आ रही थी.

में-ये तो सच में कमाल की बनी है तुम्हारे हाथों में तो जादू है.तुम्हारी कॉफ़्फी कहाँ है .

गुड़िया -आप ने तीन कहा था तो मुझे लगा की हम तीन लोग ही होगे तो तीन कप ही लाई थी.

में-कोई नही हम दोनों एक में से ही शेयर कर लेगे.ली तुम और चार्ली आज जॅक का कमरा शेयर कर लो कल देखते है.

चार्ली-थॅंक्स कॉफ़्फी सच में लाजवाब है.

गुड़िया -आप लोगो ने खाना खाया.

ली और चार्ली दोनों एक दूसरे का मुँह देखने लगे जैसे की किसी ने उन से उन की जिंदगी का राज पूछ लिया हो.

गुड़िया -नही वो क्या है ना की आप लोग इतनी रात को आए तो मुझे लगा की आप लोगो ने कुछ नही खाया होगा.और मॉम हमेंशा कहती है की रात में कभी खाली पेट नही सोना चाहिए.

चार्ली-अजय सच में लकी है जो उसी तुम मिले मुझे समझ नही आ रहा की क्या कहु तुम्हारे बारे में अब तक सिर्फ़ सुना था अजय से की मेरी गुड़िया ऐसे है मेरी गुड़िया वैसे है पर आज मिल के सच में मालूम हुआ की वो ऐसा क्यू करता है .हा हम ने खाना खा लिया और तुम हमेंशा ऐसे ही रहना सॉफ और सच्चे दिल वाली मुझे पूरा यकीन है जहाँ तुम रहोगी वहाँ कभी कोई दुखी नही होगा.एक बात पूछो अगर तुम बुरा ना मानो तो.

गुड़िया मेरे तरफ देखते हुए जैसे की परमिशन माँग रही हो की हा बोलू या ना मैने सिर को हा में हिला के उस की बात का समर्थन किया .

गुड़िया -हा पूछिए अगर बताने वाली होगी तो ज़रूर जबाब मिलेगा आपके सवाल का.

ली-हम इतने रात को यहाँ पे आए तुम्हें कुछ अजीब नही लगा तुम हम से आज पहली बार मिलरही हो तुम्हें डर नही लग रहा.

गुड़िया - ये तो कोई सवाल ही नही है.आप लोग कभी भी कही भी मुझे मिलो और अगर मेरे भईया आपके साथ है तो मतलब की वहाँ आप का होना किसी वजह से ही है और वो जगह ज़रूरी है ये मुझे पता है और अगर भाई आपके साथ है तो मतलब आप ग़लत नही है और अगर आप ग़लत नही है तो मुझे आप से डरने की कोई ज़रूरत नही है.

ली-स्मार्ट गर्ल सही कहा तुम ने हमे स्पेशल रिक्वेस्ट पे बुलाया है आपके भाई ने वो क्या है ना की उस को हमेंशा आप की चिंता लगी रहती है इसलिए आज से चार्ली आप का बॉडीगार्ड.

गुड़िया -और आप .

ली-(अपने चेहरे पे फीकी से मुस्कान लाते हुए)मुझे तो एक ही काम आता है आलसी लोगो को ठीक करना और जॅक सर ने कहा है की आपके भाई बहुत ही आलसी हो गये है इसलिए में यहाँ इन को ट्रेन करने आया हू मैने सुना है की पहले ही दिन किसी से बॉक्सिंग में मार खा के आ गये थे.और शायद तुम्हें पता नही है में अपनी स्टेट बॉक्सिंग चेम्पियन हू .

गुड़िया -बिल्कुल ठीक कहा आप ने ये जॅक सर ने अच्छा किया जो आपको बुला दिया मुझे भी ये बिल्कुल पसंद नही की भाई किसी से हारे आप इन्हे सब से बेस्ट बना देना प्ल्ज़.

ली-तुम टेन्षन ना लो इसके लिए कुछ सोच रखा है मैने .

में-अब तुम दोनों को जाना चाहिए.

फिर ली और चार्ली जाने लगे वहाँ से रास्ते में वो कुछ बातें कर रहे थे.

चार्ली-ली क्या ये गुड़िया सच में **
 
ली-बिल्कुल सही सोच रहे हो ये वही है बस ये बात अभी कुछ लोगो को ही पता है इसलिए तुम्हें यहाँ लगा गया है तुम्हारा कामये है की कोई भी उसके पास ना पहुँच पाए किसी को भी ये पता नही होना चाहिए की ये कौन है नही तो एक ऐसे जंग छिड़ जाएगी जिस में सिर्फ़ खून ही खून बहेगा.

चार्ली-पर अजय को इस बारे में बताना तो पड़ेगा ही ना .

ली-अभी नही अभी वो उस काबिल नही है जब सही टाइम पे उसे खुद ही मालूम पड़ जाएगा अभी के लिए बस तुम अपने काम पर ध्यान रखो.

चार्ली-ओके मैने आस पास अपने फाइटर्स को छुपा दिया जो सही टाइम आने पे हमरे काफ़ी काम आएँगे.

ली-मुझे तुम पे पूरा भरोसा है बस किसी तरह ये समय निकल जाए और जॅक सर वापस आ जाए फिर सब ठीक हो जाएगा .

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तो मेरी गुड़िया समझदार भी है और उसे कॉफ़्फी भी बनानी आती है और क्या क्या आता है.

गुड़िया -वो सब बाद में पहले ये बताओ की आप इतनी रात में कहाँ गये थे.

में-कही नही में तो यही था .

गुड़िया -कोई फ़ायदा नही आपको झूट बोलना नही आता और मैने पूरा घर ढूंड लिया था और यहाँ भी वो भी दो बार पर आप कही नही थे.

में-अच्छा और वो क्यू भला.

गुड़िया -आपको मुझे परेशान करने में मज़ा आता है ना .

में-नही बिल्कुल नही पर क्या करू जब भी तुम गुस्सा करती हो ना तब तुम्हारे ये नाक बिल्कुल लाल हो जाती है बिल्कुल किसी आइस क्रीम कोन के तरह और तब तुम मुझे और भी प्यारी लगती हो क्या करू खुद को रोक ही नही पाता .

गुड़िया -अच्छा मेरे नाक आइस क्रीम की कोन की तरह. है और आप की तो बिल्कुल किसी पकोडे की तरह.जाओ मुझे आप से बात नही करनी जब आपको मेरे सवाल का जबाब ही नही देना तो में बेकार में ही क्यू आपको परेशान करू.

में-देकहाँ मैने कहा था ना की तुम्हारी नाक किसी आइस क्रीम की कोने का तरह लाल हो जाती है देखो साबित हो गया चाहो तो खुद देख लो इस टाइम कितने लाल है.

और गुड़िया अपनी नाक को अपने हाथ से टच कर के देखने लगी और जैसे ही उसी समझ आया की मैने उस को बेबकूफ़ बना दिया ना चाहते हुए भी उस की हसी निकल गयी और उस को खुस देख के मेरी भी.वो हँसते हुए मुझे हमेंशा ही प्यारी लगती थी पर आज कुछ ज़्यादा ही प्यारी लग रही थी.

में-में जॅक सर को एरपोर्ट छोड़ने गया था वही लेट हो गया तुम सो गयी थी इसलिए नही बताया.

गुड़िया -ओके पर में सोई कहाँ थी में तो सब के सोने का वेट कर रही थी .

में-अच्छा पर ये तो बिल्कुल भी अच्छी बात नही है.

गुड़िया -तो इसमें क्या कर सकती हू ये आप की ग़लती है आप ने प्रोमिस किया था की जब तक में चाहू आपके पास सो सकती हू ये आपको सोचना चाहिए था.

में-वा आज कल तुम्हारा दिमाग़ काफ़ी चलने लगा है ऐसे मामलो में पर वहाँ और लोग भी तो होगे उन का क्या .

गुड़िया -सब सो रहे है आप टेन्षन ना ले कल हम कहाँ जा रहे है .

में-पता नही पहले सोचा था की उदयपुर चलेगे पर अब वहाँ नही जा सकते .

गुड़िया -क्यू ? ये उदयपुर वही है ना जहाँ बहुत से पुराने महल है और 49किलो का एक ऐसा महल है जिस को बनने में पूरे 200सालो का टाइम लगा था और दुनिया के हर संस्कृति के कुछ ना कुछ पेचन है वहाँ .

में-कमाल की जानकारी है तुम्हारी तो तुम्हें ये सब कैसे पता.

गुड़िया -मैने पढ़ा था वहाँ के बारे में कहते है की उस किले की नीव राजा *****ने ये सोच के रखी थी की ये दुनिया का सबसे आधुनिक किला होगा जो की पूरी तरह से सुरक्षित होगा इसलिए उन्होने किले की बाहरी दीवारो को पत्थर की जगह मिट्टी से बनाया .

में-अच्छा इससे फ़ायदा क्या हुआ तब तो किल्ले की दीवारे कमज़ोर होगी .

गुड़िया -ऐसा नही है उस जमाने में किसी किले को जीतने में तोप की मदद ली जाती थी वो तोप आज के मुक़ाबले में बहुत भारी और बड़ी हुआ करती थी जिस से गोले दागे जाते थे मिट्टी की दीवार होने के कारण गोले जा के मिट्टी में फस जाते और दुश्मन की सेना कभी अंदर नही जा पाती उस किले पे कम से कम 150 से 200 बार हमले हुए पर कभी कोई उसे जीत नही पाया.

में-तो तुम्हें इतना सब सिर्फ़ पढ़ के पता चला.

गुड़िया -नही असल में मैने बाद में इस पे रिसर्च की छोटी से तब पता चला.

में-और कुछ है बताने को या ख़तम हो गया.

गुड़िया -बताने को तो बहुत कुछ है जैसे की कैसे उस एक किले से उस किले के अंदर 49 नये किले बनाए गये जिन में से कुछ तो बहुत ही ज़्यादा फेमस है फॉर एग्ज़ॅंपल शीश महल .

में-इंटरेस्टिंग अब तो हमें वहाँ चलना ही पड़ेगा पर नेक्स्ट टाइम.

गुड़िया -कोई नही मुझे पता है आप अपना प्रोमिस ज़रूर पूरा करेंगे तो अभी हम कहाँ जा रहे है

में- आई आम टोटली ब्लॅंक.अब जब तुम इतनी समझदार हो गयी हो तो कुछ आइडिया दो .

गुड़िया - आपने प्लीज़ नही कहा जब किसी से हेल्प माँगते है तो प्लीज़ बोलते है .

में-दादी अम्मा की जे हो प्लीज़ दादी अम्मा आप हमारा कुछ मार्ग दर्शन करे.

गुड़िया अपने हाथ को हवा में उठाते हुए तथास्तु बच्चा.

में-रुक तुझे अभी बताता हू में तुझे बच्चा दिखता हू तू तो गयी आज.

गुड़िया -पहले पकड़ के तो दिकहाँओ .और फिर हमारी पकड़म पकड़ाई शुरू हो गयी गुड़िया में स्पीड नही थी पर दिमाग़ था वो सीधा ना भाग कर ज़िग ज़ग के स्टाइल में भाग रही थी जिस वजह से में उसे पकड़ नही पा रहा था पर कहते है ना की कोशिश करने वाले की कभी हार नही होती तो मेरी हार का तो कोई सवाल ही नही था.

में-अब बोल छोड़ दिया जाए या सज़ा दी जाए.

गुड़िया -आप और मुझे सज़ा वेरी फन्नी किसी और के सामने मत बोलना नही तो हस के लॉट पोत हो जाएगा.

में-ऐसा क्या चल अभी माफ़ किया बाद में सोचुगा इस बारे में.अब ये बता की कहाँ चले.

गुड़िया -मुझे लगता है की हमें नाना नानी के पास चलना चाहिए बहुत दिन हो गये उन से मिले हुए और में तो कभी उन के घर भी नही गयी.

में-फनती आइडिया हम नाना नानी के घर ही चलेगे और आते हुए अपने गौव भी चलेगे .

गुड़िया -बहुत बाड़िया अभी आप चल के आराम करो रात बहुत हो गयी है कल का कल देखेगे .

में-पर कुछ हट के करते है.

गुड़िया -जैसे की.

में-में सोच रहा था की में तुम्हारा ड्राइवर बन के चलू तो कितना मज़ा आएगा हैं ना.
 
में-में सोच रहा था की में तुम्हारा ड्राइवर बन के चलू तो कितना मज़ा आएगा हैं ना.

गुड़िया -बिल्कुल वकवास आइडिया है ऐसा कभी नही हो सकता में आपके बगैर एक मीं भी वहाँ अकेले नही रहने वाली और पता नही वहाँ का महॉल कैसा होगा.

में-इसे में तो मज़ा है प्लीज़ प्लज़पल्ज़ मान जा ना प्लीज़.

गुड़िया -बिल्कुल भी नही बिल्कुल नही.

में-बस इससे दो दिन के लिए सर्प्राइज़ देंगे बाद में वहाँ सब को.

गुड़िया -नो वे अगर सरप्राइज ही देना है तो आप जिया दी के क़जन या मेरे दोस्त बन के चले.

में-अच्छा चल एक डील करते है अगर तू मुझे मेरी बात मान ले तो में तेरे हिसाब से पूरा एक दिन गुजारूगा.

गुड़िया -कोई भी .

में-कोई भी एनी डे एनी टाइम.

गुड़िया -सब कुछ मेरे हिसाब से खाना पहना सोना ऑल आक्टिविटी .

में-सब कुछ मेरी मा सब कुछ .

गुड़िया -डन .

में-तो डील पक्की अब कोई पीछे नही हटेगा.

गुड़िया -कोई नही आल तो पहले ही हर गये क्यू की दी आपको ऐसा कभी नही करने देंगी .

में-तू उन्हे मनाएगी.

गुड़िया -ये डील में नही है और में क्यू मनायू और अब मुझे नींद आ रही है चलो सोने चलते है.

और मेरी बातो को अनसुना करते हुए मुझे खीचते हुए मुझे मेरे कमरे में ले आई.

गुड़िया -अब बिल्कुल चुप बहुत हो गया.

में-पर.

गुड़िया -मैने कहाँ ना बिल्कुल चुप तो मतलब बिल्कुल चुप.अब अपनी आँखे बंद करे और सोने की कोशिश करे.

और वो मेरे सिर में हाथ फेरने लगी मुझे पता ही नही चला की कब मुझे नींद आ गयी.

………………………………………………….

गुड़िया -मैने कहाँना बिल्कुल चुप तो मतलब बिल्कुल चुप.अब अपनी आँखे बंद करे और सोने की कोशिश करे.

और वो मेरे सिर में हाथ फेरने लगी मुझे पता ही नही चला की कब मुझे नींद आ गयी.

अब आगे*******

सुबह मेरी आख ली के मेसेज से खुली.

ली-गुड मॉर्निंग .

में-काहेकि गुड मॉर्निंग अभी सोने दो.

ली-जैसे तुम्हारी मर्ज़ी शायद आज नहाने का मूड है.

में-क्या मतलब में रोज नहाता हू समझे.

ली-में बिस्तर पे नहाने की बात कर रहा था.

में-क्या मतलब.

ली-अगर अगले दो मिंट में तुम ने अपनी आँखे अपनी मर्ज़ी से नही खोली तो कोई और खुलवा देगा.

तभी मुझे मेरे रूम में कुछ हलचल से महसूस हुई और जैसे ही इसका मतलब समझ में आया में तुरंत उठ के बैठ गया मेरे ऐसे उठने से सभी सरप्राइज हो गये .अब वहाँ का सीन ये था की सामने अमृता दी और रवि खड़े थे रवि के हाथ में पानी से आधी भरी बाल्टी थी जो वो मुझ पे डालने वाला था.

में-तो मोहन प्यारे अब तुम्हारे भी हजामत करने पड़ेगी.

रवि-कैसे बात करता है तू ये तो में अमृता दी के लिए लाया था तू तो भाई है अपना तू आराम से सो जा टेन्षन ना ले.

अमृता-मैने कब मँगाया पानी तुम ने ही तो कहा था की अजय को आज स्पेशल ट्रीटमेंट देते है रवि स्टाइल में .

रवि-नही आप ने कुछ ग़लत सुन लिया शायद मैने कहा था की ****

उस की बात पूरी हो पाती उस से पहले ही मैने उस को पकड़ के बेड पे गिरा दिया इतना शोर सुन के गुड़िया भी जग गयी.

में-तो रवि स्टाइल अभी बताता हू तुझे रुक गुड़िया ज़रा फिज से चाइल्ड पानी की बोतल तो ले के आना आज इसे सबक सिखाता हू .

रवि-गुड़िया कही जाने की ज़रूरत नही है .और अजय देख मुझे चुप चाप से छोड़ दे नही तो .

में-नही तो क्या प्यारे .

रवि-अमृता दी आप देख क्या रही है मेरी हेल्प करे प्लीज़ .

अमृता-में मदद तो करना चाहती हू पर समझ नही आ रहा क्या करू .

रवि- हाई रे मेरी किस्मत हमेंशा ही मुझे धोका मिला है जिंदगी के हर राह पे आज फिर से हे भगवान किसी की किस्मत मेरे जैसे ना लिखना.

में-चुप कर नौटंकी बाज कोई फ़ायदा नही तेरी नौटंकी का .तब तक गुड़िया पानी ले आई और मुझे देते हुए.
 
गुड़िया -आप ऐसा क्यू कर रहे है.

में-क्या करू हमेंशा ये बच के निकल जाता है आज पकड़ में आया है तो सारे दिल के अरमान पूरे करूगा .

गुड़िया -पर हुआ क्या जो भी हो ये ठीक नही है.

रवि-सही कहा गुड़िया ने तू उस की बात नही मानेगा .

में-तुझे पता भी है जनाब क्या करने वाले थे ******.

गुड़िया -मेरे कहने का मतलब की इस छोटी सी बॉटल से क्या होगा बाहर जो पूल है उस में डाल देते है .

रवि-तेरा दिमाग़ तो ठीक है अपने आइडिया अपने पास रख.

में-क्या बात है गुड़िया क्या आइडिया दिया है .और मैने रवि को अपने कंधे पे उठा लिया वो बार बार माफी माँग रहा था पर मुझे तो आज उसे सबक सिखाना ही था दिल में ना जाने कब से ये अरमान था की किसी रवि को सबक सिखा सकूँ नही तो अक्षर नैना दी के वजह से बच जाता था यहाँ पे सोचा होगा की अमृता दी बचा लेंगी उसे.

रवि-अजय यार टर्न तो बहुत समझदार है प्लीज़ छोड़ दे ना मुझे प्लीज़.

में-चल तू भी क्या याद करेगा जा छोड़ दिया तुझे और तपाक की आवाज़ के साथ मिस्टर.रवि पानी में डुबकी लगाते हुए नज़र आए.

गुड़िया -दी जिया दी देखो रवि क्या कर रहा है.

जिया दी हॉल से बाहर आते हुए क्या हुआ क्यू चिल्ला रही है.

गुड़िया -देखो रवि भाई क्या कर रहे है पूल में.

जिया दी-रवि तू तो पहले ही तैयार था तो दोबारा से नहाने की ******

तपाक एक और आवाज़ और दी भी पानी में इस बार ये कमाल मेरी गुड़िया ने किया और में वहाँ पेट पकड़ के हँसने लगा.

रवि-अब पता चला की में यहाँ क्या कर रहा हू.

जिया दी-अमृता मुझे निकालने में थोड़ी मदद कर तब बताती हू दोनों को .

अमृता दी ने जैसे ही अपना हाथ बढ़ाया जिया दी उन्हे भी खीच के पूल में गिरा दिया और इस बार हँसने की बारी रवि और जिया दी की थी.

रवि-पानी से बाहर निकलते हुए तो आज का प्लान क्या है .

में-वोही जो पहले था .

रवि-क्लियर कर .

में-मुझे पागल समझा है क्या मुझे पता है तू मुझे भी पूल में ले जाने का मोका देख रहा है पर मैने भी कच्ची गोलिया नही खेली जो इतने आसानी से तेरे हाथ आ जाऊं.

रवि-अब बहुत देर हो गयी है उसके लिए पीछे देख.

मैने जैसे ही पीछे देखने के लिए मुड़ा रवि ने मुझे पकड़ लिया और पूल में गिरा दिया तभी सामने से निशा आती हुवी दिखाई दी ने गुड़िया को कुछ इशारा किया गुड़िया ने हा में अपनी गर्दन हिलाई और निशा के तरफ चल दी.

गुड़िया - हाई निशा .

निशा-गुड मॉर्निंग बाकी सब लोग कहाँ है .

गुड़िया -बाकी सब वहाँ पूल में है आपको अमृता दी ने बुलाया कुछ बात करनी है उन्हे .

निशा-पर इतनी ठंड में ये लोग पूल में क्या कर रहे है .

गुड़िया -मुझे नही पता आप खुद ही पूछ लो.

तब तक निशा भी पोल के पास आ चुकी थी और जैसे ही वो अमृता से बात करने के लिए आगे आई एक जोरदार चीख के साथ वो भी पोल में.

जिया दी-अब सिर्फ़ तू बची है चुप चाप से आ नही तो .

में-नही कोई भी मेरी गुड़िया को ज़बरदस्ती पोल में नही ला सकता .हा पर मेरी बात अलग है और मैने उस को अपने गोद में उठ लिया और एक छोटे बच्चे के तरह चिल्लाने लगी जैसे बच्चे बचपन में नहाने से बचने के लिए चिल्लाति है जिसे देख सभी की हसी निकल गयी आख़िरकार जब मैने उस को पूल में छोड़ दिया तब जा के उस का चिल्लाना बंद हुआ.

गुड़िया -आप बहुत बुरे हो .और मुझे मारने के लिए आगे आने लगी और में उस से बचने के लिए जिया दी के पीछे छिप गया .

फिर इसे तरह हम ने कुछ देर ऐसे ही मस्ती की फिर सब तैयार होने के लिए चले गये.

वही दूसरी और प्रिया अपने कमरे में काफ़ी परेशान से नज़र आ रही थी और अपने कमरे में ही चक्कर काट रही थी.
 
आख़िर ऐसा क्या है उस में जो मुझे उस की इतनी याद आ रही है में तो जानती भी नही उसी फिर क्यू ऐसा लग रहा है की वो ही मेरे जीने का ज़रिया है जब भी उसे देखती हू तो दिल को एक अलग ही ख़ुसी मिलती है पर वो जब भी सामने आता है तो ना जाने मुझे उस पे गुस्सा आ जाता है और बाद में मुझे अपने किए पे शर्मिंदगी होती है.मेरे वजह से ही उसे उस दिन कितना दर्द सहना पड़ा था आख़िर ये सब हो क्या रहा है.

तभी वो किसी की फोन करती है और उधर से जबाब सुन के फोन रख देती है.

कुछ देर में ही उसके मॉम डॅड और एक आदमी वहाँ आते है.

आदमी-तो प्रिया बेटी क्या हुआ इतना परेशान क्यू हो.

प्रिया-पता नही अंकल पर बहुत अजीब लग रहा है मुझे ऐसा लग रहा है की कुछ तो मुझसे दूर जा रहा है मेरा दिल बहुत घबरा रहा है प्लीज़ कुछ कीजिए प्लीज़ नही तो में पता नही क्या कर लूँगी.

प्रिया मॉम-ऐसा नही कहते मेरे बच्चे किसी ने कुछ कहाँ क्या कुछ हुआ है क्या मुझे बता तू बिल्कुल भी टेन्षन ना ले .

प्रिया -नही मॉम ऐसा कुछ नही है बस दिल बहुत घबरा रहा है .

आदमी-कोई नही बेटा आज तुम आराम करो में तुम्हें नींद का इंजेक्शन दे देता हू शाम तक सब ठीक हो जाएगा.

प्रिया-नही बिल्कुल नही कॉलेज तो में ज़रूर जाउन्गी चाहे कुछ भी हो जाए.

प्रिया डॅड-पर बेटा तुम्हारी तबीयत ठीक नही है ऐसे हालत में कॉलेज जाना ठीक नही.

प्रिया-वो मुझे नही पता पर मुझे कॉलेज जाना ही है बस अब मुझे इस बारे में कोई बात नही करनी आप सब लोग जाए यहाँ से अभी के अभी.

और ना चाहते हुए भी वो लोग वहाँ से चले जाते है.

प्रिया मॉम-क्या हालत हो गयी है मेरी बच्ची की ये सब उस लड़के की वजह से हुआ है भगवान उसी कभी माफ़ नही करेगा.

प्रिया डॅड-हा ये तो है जो कभी तेज आवाज़ सुन के डर जाती थी आज कल बिना चिलाए बात नही करती ये अब उसी के वजह से है मेरी बेटी की जिंदगी नरक बना दी है उस एक हादसे ने .

आदमी-आप लोग टेन्षन ना ले सब ठीक होगा वक़्त सब घाव भर देता है वो भी ठीक हो जाएगी वैसे भी पिछले कुछ दिनों में कमाल की रिकवरी की है प्रिया ने अब आप लोगो ने नोटीस नही किया शायद उस का गुस्सा पहले से काफ़ी कम हो गया है.

प्रिया डॅड-हा ये तो है .अब तो बस आप का ही भरोसा है बस आप मेरे बच्ची को किसी तरह से ठीक कर दे .

ऐसे ही वो लोग अपने में बातें करते हुए हॉल में आ गये वहाँ प्रिया अपने कमरे में कॉलेज जाने के लिए तैयार होती है .वो जैसे ही नहा के आती है एक दम से चीखने लगती है जिसे सुन के एक बार दोबारा सब उसके कमरे में आ जाते है ..
 
प्रिया बाथरूम से बाहर आ के अपने ड्रेसिंग टेबल पे आ के अपने बाल सही करने लगती है तभी उस का ध्यान अपने गले पे जाता है और उसे कुछ याद आता है और वो परेशान हो जाती है और चिल्लाने लगती है उस की आवाज़ सुन के उसके मॉम डॅड उसके रूम में आ जाते है.

प्रिया मॉम-क्या हुआ प्रिया इतना परेशान क्यू है .

प्रिया-मॉम मैने कल रात यहाँ पे अपना लॉकेट रकाहा था वो यहाँ नही है मुझे वो चाहिए किसी भी कीमत पे .

प्रिया मॉम-तू टेन्षन ना ले में तेरे लिए दूसरा सेम तो सेम दूसरा लॉकेट ला दूँगी.

प्रिया-आपको मेरी बात समझ में नही आई की मुझे वोही लॉकेट चाहिए .पहले मुझे ये बताओ को मेरे समान को किस ने हाथ लगाया .

प्रिया डॅड-प्रिया क्या बचपना है ये कोई ऐसे बात करता है अपनी मॉम से उन्होने कहाँ ना की वो दूसरा ला देंगी तो क्यू गुस्सा कर रही हो.

प्रिया-मैने कहाँ ना की मुझे वो ही चाहिए अगर वो नही मिला तो मुझे नही पता में क्या करूँगी .

पमॉम-आप भी ना आप चुप रहो.ठीक है प्रिया तुम बिल्कुल भी परेशान ना हो में ढूंडती हो सुबह रानी के तुम्हारे कमरे के सफाई की थी में उस से पता करती हू शायद उस ने कही रख दिया हो तू आराम से तैयार हो के नाश्ता कर तेरे कॉलेज जाने से पहले तुझे तेरा लॉकेट मिल जाएगा .

वो किसी तरह प्रिया को समझा के नीचे नाश्ते के लिए ले जाती है है और प्रिया को नाश्ता करने लगती है फिर प्रिया को नाश्ते के टेबल पे छोड़ के अपने कमरे में चली जाती है उन को ऐसे जाते हुए देख प्रिया के डॅड को कुछ अजीब लगता है और वो भी उन के पीछे कमरे में चले जाते है .वहाँ प्रिया की मॉम अपने लोकर से वो लॉकेट निकल रही होती है.

प्रिया डॅड-ये लॉकेट तुम्हारे पास कैसे .

प्रिया मॉम-जब कल रात में प्रिया के रूम में गयी थी तभी मैने इसे वहाँ रखा हुआ देखा बस ये लास्ट निशानी रह गयी है उसके पास मैने सोचा की उस की इस आख़िरी निशानी को भी उस से दूर कर दे पर मुझे नही पता था की वो इतनी परेशान हो जाएगी.

प्रिया डॅड -उसी भले ही अब कुछ याद ना हो पर आज भी वो उस को भूल नही पाई है तुम्हारे कहने पे ही मैने उसके माइंड को ब्लॉक करवा के उस को मेनुपीलेट किया है जिस से हमारी बच्ची की ऐसे हालत हो गयी है .कही ना कही उस की इस हालत के ज़िम्मेदार हम भी है अब में तुम्हारे हाथ जोड़ता हू प्लीज़ उसे उसके हाल पे छोड़ दो हम पहले ही अपनी बच्ची को बहुत दुख दर्द दे चुके है अब और नही .

प्रिया मॉम-पर मैने तो ये उस की भलाई के लिए ही किया था.

प्रिया डॅड-पर नतीजा क्या निकला जिंदा लाश बन गयी है वो में अपनी बच्ची को फिर से खुश देखना चाहता हू इसके लिए में कुछ भी करूगा और अब अगर तुम ने मुझे रोकने या मेरे रास्ते में आने की कोशिश की तो अच्छा नही होगा.

और फिर वो उस लॉकेट को ले के बाहर को निकल जाते है.

इधर प्रिया अपने लॉकेट को पा के बहुत खुश हो जाती है जैसे की उस की जिंदगी की सबसे कीमती चीज़ मिल गयी हो वो खुद से एक वादा करती है की अब से वो कभी भी लॉकेट को खुद से अलग नही करेगी चाहे कुछ भी हो जाए.
 
इधर अजय सब को ली और चार्ली से मिलवाता है ली सब से एक नये रूप में मिलता है और खुद को अजय का नया पर्सनल स्पोर्ट्स कोच बता के इंट्रो देता है.पर कमाल की बात ये थी की गुड़िया भी उसे पहचान नही पाती जब की रात के और अब के ली में करीब 20 सालो का फ़र्क था ये बात समझ से बाहर थी.

में-(ली ये न्यू लुक किस लिए और गुड़िया ने तुम को पहचाना क्यू नही)

ली-(क्यू की मैने उस की रात की सभी मेमोरी मिटा दी है )

में-(हमारे बीच डील हुवी थी की तुम सब अपनी किसी भी ट्रिक का उसे मेरे फॅमिली मेंबर पे नही करोगे)

ली-(पर साथ में सेफ्टी की बात भी हुवी थी और तुम मेरे काम में अपनी तंग देना बंद करो इतना अच्छी तरह से कान खोल के सुन लो की तुम्हारे फॅमिली और मौत के बीच सिर्फ़ में ही खड़ा हू इस टाइम नही तो बाकी तुम समझदार हो)

निशा-कहाँ खोए हुए हो .

अमृता-खोया होगा किसी के सपनो में.

गुड़िया -ऐसा नही है अगर ऐसा होता तो भाई मुझे ज़रूर बताते हा ना भाई.

में-ऐसे कोई भी बात जो मेरी गुड़िया को पता होनी चाहिए पहले से पता है तो क्या कहूँ.

जिया दी -में नही मानती की इसकी अब तक कोई गर्लफ्रेंड नही है या तो ये झूट बोल रहा है या कन्फ्यूज़ है की किस को गर्लफ्रेंड सेलेक्ट करे क्यू की हॅंडसम है बॉडी भी अच्छी है पैसे वाला है और मोस्ट इंपॉर्टेंट बहुत ही क्यूट है सॉरी रवि तू भी क्यूट है पर इसकी बात ही कुछ और है.

निशा-ऐसा बिल्कुल नही है पूरे कॉलेज में मुझे छोड़ के कोई लड़की तो घास भी नही डालती इसे .

रवि-ये तुम्हारी ग़लतफमी है अगर ये चाहे तो ये पूरे कॉलेज की लड़कियों को अपने पीछे खड़ा कर सकता है .(मेरे पास आ के कुछ ज़्यादा तो नही बोल दिया मैने .)

में-कुछ बहुत ज़्यादा बोल दिया है पर कोई नही तेरे लिए ये भी.

(अब निशा के चेहरे पे से हसी गायब थी वो जानती थी की उस से बहुत बड़ी ग़लती हो गयी है)

रवि-तो निशा जी आपको चॅलेंज मंजूर है जो हारेगा वो जीतने वाले की एक बात मानेगा चाहे वो कुछ भी हो.

निशा-नही वो में तो बस ****अभी उस की बात पूरी होती उस से पहले ही अमृता ने डन कर दिया निशा का तो चेहरा ही उतर गया .

चार्ली-तो हम कहाँ जा रहे है.

जिया-हम का क्या मतलब .

चार्ली मेरे तरफ देखते हुए.वो दी ये लोग भी हमारे साथ जा रहे है और फिर जीतने ज़्यादा लोग उतना अच्छा .

जिया -ओके तो पहले बताना था.

में-गुड़िया तेरी सहेली क्या नाम था उस का काली.

गुड़िया -नही रानी मैने उस से बात की है हम उसी उसके घर से पिकप कर लेंगे .आप असली बात भूल रहे है शायद या इरादा बदल गया अब.

जिया -ओके तो पहले बताना था.
 
अब आ आगे***

में-अच्छा कोई नही मेरा भी टाइम आएगा तब देख लूँगा तुझे.दी में क्या सोच रहा था की ***

गुड़िया -की आगे भी तो कुछ बोलो ...

में-की इस ट्रिप में कुछ हट के करते है क्यू मज़ा आएगा.

जिया दी-जैसे की.

में-में सोच रहा था की क्यू ना में ड्राइवर बन के चलू वैसे भी मुझे वहाँ कोई नही पहचानता बाद में सरप्राइज देंगे.

ये सुन के सब मुझे ऐसे घूर्ने लगे जैसे की मैने कोई बहुत बड़ा गुनाह कर दिया हो.

जिया दी-ओके ऑल राइट अगर तुझे ड्राइवर बनाना है तो कोई नही तेरी मर्ज़ी पर फिर हम तुझे ड्राइवर की तरह ही ट्रीट करेंगे .

में-मुझे मंज़ूर है .

गुड़िया -दी ये ठीक नही है आपको भाई को मना करना चाहिए.

जिया दी-अरे वा क्या मुझे नही पता की तूने पहले ही हा कर ली है इसके लिए नही तो ये हम से इस तरह परमिशन नही ले रहा होता .

गुड़िया -ओके तो आप सब को बता दूं की ये मेरे ड्राइवर बन के जाएगे तो अगर किसी ने भाई का मज़ाक उड़ाया या कुछ कहा तो में उस को छोड़ने वाली नही हू.

में- मेरी झासी की रानी शांत कोई कुछ नही करेगा (और उस को हग कर लिया )

अमृता-तुम दोनों को तो बस मोका चाहिए यार हद है यहाँ हम भी है कोई हमें ऐसे नज़रअंदाज करे मुझे पसंद नही.

में-आप तो स्पेशल है और स्पेशल लोगो के लिए तो स्पेशल वक़्त ही होता है ये तो मामूली है क्यू है ना.

गुड़िया -हा दी आप बहुत स्पेशल हो में तो मामूली हूँ.

जिया दी-अमृता तुझे नही पता की इन दोनों से कोई नही जीत सकता चलो अब लेट हो रहे है.

में-ओके आप लोग आगे चलो में मॉम से मिल के आता हू .

सब आगे चले गये और में मॉम से मिलने चला गया जो हमारे लिए टिफिन तैयार कर रही थी रास्ते के लिए.

उधर प्रिया पार्किंग में अपनी कार खड़ी कर के किसी को ढूँढने लगती है शायद किसी को ढूँढ रही थी.पर या तो वो अभी आया नही था या आई नही थी.

प्रिया कॉलेज के मेनगेट पे किसी का इंतज़त करने लगे वो हर दो मिनट बाद अपनी हाथ में बँधी घड़ी के तरफ देखती और फिर गेट के तरफ ये सिलसिला कोई 1 घंटे तक चला आख़िर कर के वो हार मानती हुवी वही बैठ जाती है और रोने लगती है जिस से वहाँ के सभी स्टूडेंट उसके चारो तरफ सर्कल बना के खड़े हो जाते है .

दी आप सब आगे चलो में मॉम से मिल के आता हू.

जिया दी-ओके

फिर दी सब को ले के बाहर चली गयी और में मॉम से मिलने के लिए किचन में चल दिया.

मॉम-तुम लोगो की तैयारी हो गयी बस .बस मुझे 5 मिंट दो मैने भी लगभग सब तैयार कर लिया है .

में-मॉम आराम से कोई जल्दी नही है आप बिल्कुल भी टेन्षन ना ले .कितना अच्छा होता आप भी हमारे साथ चलती तो.

मॉम-सच में दिल तो मेरा भी कर रहा है पर तेरे डॅड का भी तो ध्यान रखना है तुझे तो पता है की वो कितने लापरवाह है अपनी सेहत को ले के और काम तो पूछ मत फॅमिली से बढ़ के है उन के लिए.

में-मॉम आप टेन्षन ना ले में जल्द ही सब कुछ ठीक कर दूँगा .आप का कोई मसेज देना है वहाँ पे.

मॉम-नही कुछ ख़ास नही मैने तेरे छोटे मामा को फोन कर के बता दिया है वो तुम्हें लेने के लिए हाइवे पे ही मिल जाएगे.

में-ओके पर आप ने ये तो नही बताया की में भी आ रहा हू.

मॉम-नही मैने कुछ नही बताया बस इतना ही कहा है की गुड़िया और उसके फ्रेंड्स वीकेंड पे आ रहे है मुझे पता है तेरे कोई काम सीधे तो होते नही इसलिए मैने ज़्यादा रिस्क नही लिया .

में-मॉम आप कमाल हो आप सुपर मॉम हो आपको सब पता है थॅंक्स .(और कस के गले लगा लिया )

मॉम-चल छोड़ मुझे तेरे लिए एक सर्प्राइज़ है बाहर जा के देख तेरे मामा ने भेजा है यू एस से.

में-मामा ने क्या भेजा है मॉम मैने तो कुछ नही माँगा और उन्हे पता है की मुझे कुछ ज़्यादा चीज़ो का शोक भी नही है फिर ये क्या है और आया कब.
 
मॉम-कल शाम को आया था तू तो था नही इसलिए मैने गुप्ता जी से बोल के उसे गैराज में रखवा दिया है शायद कोई कार है चाबी सुबह ही गुड़िया ले गयी है मुझसे मुझे लगा उस ने बता दिया हो गा तुझे .

में-आप तो जानती है ना वो सिस तो मेरी ही है ना कोई बात ऐसे कैसे सीधी सी बता दे .थॅंक्स मॉम में आपको बाहर मिलता हू.

वहाँ गैराज का सीन भी बड़ा अजीब था सभी लाइन में खड़े हो के गुड़िया को घूर रहे थे और वो गाड़ी के आगे अपने दोनों हाथ फलाए हुए खड़ी थी जैसे उन को आगे आने से और गाड़ी पे पड़े कवर को हटाने से रोक रही हो.

में-क्या हो रहा है यहाँ पे.

अमृता-कुछ ख़ास नही बस तेरी ये चमची ने हमारा रास्ता रोक रखा है .

गुड़िया -मैने किसी का कोई रास्ता नही रोक रखा जिस को जाना है वो जा सकता है पर इस गाड़ी पे से कोई कवर नही हटाएगा ये मेरे भाई की न्यू कार है कल ही यू एस से आई है .

में-कोई नही देख लेने दे एन को भी पता तो चले की हमारी चाय्स कैसे है .

उधर प्रिया की जब आख खुली तो वो हॉस्पिटल के बेड पे थी .और उसके मॉम डॅड और कॉलेज के और स्टूडेंट जिन्होने उसे वहाँ पहुँचाया था वो उसके आस पास खड़े थे.

होश में आते ही प्रिया वहाँ माजूद लोगो में भी किसी को ढूँढने लगी और उसे वहाँ ना पा के एक बार फिर से अपनी आँखे बंद कर लेती है तभी उसके आँखों से आँसू की दो बूंदे निकल जाती है .

प्रिया मॉम-देखो जी कैसे हालत हो गयी है हमारी बच्ची की आप कुछ करते क्यू नही में इसे ऐसे नही देख सकती.

प्रिया. डॅड -तो में क्या करू ये सब तुम्हारा ही तो किया धरा है .बस बहुत हो चुका में आज ही वापस जा रहा हूँ उस को ले के ही वापस आउन्गा चाहे उसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े.

प्रिया मॉम-में आपको नही रोकूगी में तो यही चाहती हू की मेरी बच्ची खुश रहे पहले भी मैने यही सोच के आपको ऐसा करने पे मज़बूर किया था पर अब और नही आप जल्द से जल्द मेरी बच्ची की ख़ुसीओ को ले के आए .

तभी डॉक्टर रूटीन चेकप के लिए आते है और सभी रिपोर्ट देख के सुबह तक वही रखने की सलाह देते है और वापस चले जाते है.प.डॅड उन सभी स्टूडेंट को थॅंक्स बोल के वापस भेज देते है और खुद भी निकल जाते है अब हॉस्पिटल में सिर्फ़ प्रिया मॉम और प्रिया ही रहते है.

जिया दी-गुड़िया चल अब नौटंकी बंद कर और गाड़ी पर से कवर हटाने दे.

में-दी में हटा ता हू आप गुस्सा ना करे.

मैने जैसे ही गाड़ी पे से कवर हटाया सब के मुँह खुल गये सब गाड़ी को ऐसे घूर्ने लगे जैसे की दोबारा देखने को ना मिले.

में-कैसे लगी ये मेरी पसंद है सब कुछ मैने इसे एक नया लुक दिया है अपने पसंद से.

रवि- अवेसम यार पर ये तूने कब ले कसम से कमाल की है.

अमृता-ये किस कंपनी की है.

निशा-मेरे ख़याल से ये कस्टम बाइक के जैसे ही कुछ न्यू थीम पे तुम ने डिजाइन करवाया है.

में-बिल्कुल राइट ये 1975 की रॉयल ए*** है इस गाड़ी के टोटल 1500 मॉडेल ही आए थे मार्केट में जिस में से अब केवल 50 से भी कम बाकी है ये एक बहुत ही रेर कार है इसे मैने और मामा जी ने एक जंक यार्ड से लिया था तब ये बस एक खटारा थी उसके बाद हम ने वहाँ के ही एक कस्टम कंपनी से इसे रिस्टोर करवाया है अब आपके सामने है अब ये अपनी तरह की इकलौती गाड़ी है .

गुड़िया -मुझे तो पहले ही पता था.

निशा-शायद हम लोग लेट हो रहे है अभी.

अमृता-पर इस पे से नज़र ही कहाँ हट रही है .

रवि-चल बे चाबी दे मुझे इसे में ड्राइव करूगा.

गुड़िया -ऐसा सोचना भी मत ये मेरी है इसे तो सिर्फ़ भाई और में ही ड्राइव करेंगे.

अमृता-पर तुझे ड्राइविंग कहाँ आती है .

गुड़िया -तो क्या हुआ अभी नही आती ना कभी तो आ जाएगी.

जिया दी-छोड़ो सब रवि अभी के लिए तू अपनी गाड़ी ही ड्राइव कर ले बाद में देखते है और चलो सब हम लेट हो रहे है.

फिर हम सब अपने अपने पसंद की गाड़ी पे निकल पड़े अपने सफ़र के लिए.रोड पे हर कोई हमारी गाड़ी ही देख रहा था चाहे वो बच्चा हो या बुड्दा लड़की हो या औरत सभी की नज़रे हम पे ही थी और होनी भी चाहिए थी आख़िर मेरी कार थी ही ऐसे वो किसी ने कहा है ना की ओल्ड इज गोल्ड वोही था यहाँ भी.

चार्ली-ली मुझे कबूतो के मौजूदगी का अहसाश हो रहा है .

ली-तुम्हें पक्का यकीन है की ये वो ही है .

चार्ली-बिल्कुल लास्ट टाइम की लड़ाई में मैने उस की पवर को बहुत अच्छे से एनालाइस किया था और ये 100% वो ही है.

ली-ये अच्छी खबर नही है मुझे लगता है की अब वो समय आ गया है जब मुझे अजय को उसके पास्ट से रूबरू करवा देना चाहिए.

चार्ली-मुझे भी यही लगता है लास्ट टाइम मैने उस से निकल रही उस अंजान शक्ति को भी देखा था जो की बाहर आने को बेकरार है और अगर सही समय पे उस ने उस पे काबू नही किया तो एक बार फिर खून की नदिया बह जाएगी .

ली-इस ट्रिप के एंड पे में अजय को सब कुछ क्लियर कर दूँगा .तुम इस्कबूतो का कुछ करो.

चार्ली-पागल समझा है क्या वो बहुत ताकतवर है में अकेले नही जाने वाला लास्ट टाइम में बड़ी मुस्किल से बचा था पागल है वो.

ली-पागल तो तुम भी हो और ट्राइ तो करना ही पड़ेगा में तुम्हारे आस पास ही रहुगा.
 
चार्ली-ठीक है में ढूंढता हू और तुम को मिलता हू बाद में .और फिर चार्ली ने वहाँ से अपनी बाइक को दूसरी तरफ़ मोड़ लिया और जंगल की तरफ निकल गया.

हम ने गुड़िया के फ्रेंड् को उसके घर से पिक किया और चल दिए अपने सफ़र पे कोई 4से 4.30 घंटे का समय लगा हमें वहाँ पहुँचने में पर वहाँ उम्मीद के मुताबिक कोई नही था.

रवि-लो भाई यहाँ तो कोई नही है अब क्या करे.

में-कोई नही यार वैसे मामा को आना चाहिए था यहाँ पे ज़रूर किसी काम में फस गये होगे कोई नही हम लोग किसी से रास्ता पूछ के चले चलते है .

अमृता-गुड तो जाओ जा के किसी से रास्ता पता करो अब.

में-ये काम तो मिस्टर.रवि का है.आपको शायद पता नही पर रवि की पर्सनालटी ही ऐसे है को सामने वाला फ्लॅट हो जाता है क्यू रवि तूने बताया नही अभी तक.

रवि-हा वो क्या है ना मैने सोचा की सही टाइम पे बता दूँगा.

में-कोई नही अब तू कर के ही दिखा दे इनलोगो को भी तो मालूम पड़े की मेरा दोस्त क्या चीज़ है.

रवि-मुझे ऐसा लगता है की ये सही समय नही वो क्या है ना आज मेरा गला बैठा हुआ है.

में-भाई देख में सब कुछ से सकता हू पर कोई तुझे डरपोक या नालयक या कामचोर कहे ये मुझ से बर्दास्त नही.

रवि-कमीने मेरी साइड ले रहा है या अपनी दिल को भडास निकाल रहा है .

में-कैसे बात कर रहा है यार .तो तू जा रहा है ना.

रवि-वेट आंड वॉच और हो सके तो कुछ सीख भी लिओ मेरे से.

और फिर रवि वहाँ पे बने छोटे छोटे दुकानो पे चला गया पता करने.उसके जाते ही सब अपना पेट पकड़ के हँसने लगे.

में-ऐसा भी क्या हो गया जो इतनी हसी आ रही है आप लोगो को.

अमृता-सच में तू तो कमाल का इंसान है तूने रवि को चने के झाड़ पे चड़ा के अपना काम निकाल लिया कमाल ही कर दिया.

जिया दी-पर ये अच्छा नही किया तूने में छोड़ुगी नही तुझे इसके लिए.

में-सॉरी दी आप खुद ही सोचिए की यहाँ के लोगो से बात करना कितना मुस्किल काम है और तो अच्छे से जानती है को मेरे सारे मुस्किल कामो में रवि ही आगे रहता है फिर चाहे राज़ी हो या में राज़ी करू.

गुड़िया -आप ने बड़ी आसानी से उन्हे बुद्धू बना दिया.

कोई 20 मिंट लग गये रवि को उस गौव का रास्ता पूछने में जब वो मेरे पास आया तो काफ़ी गुस्से में था.

में-सब ठीक तो है ना.

रवि-हा सब ठीक है बस यहाँ के लोगो को बात करने के तमीज़ नही है चल रास्ता पता चल गया यहाँ से करीब 8किलो दूर है .

में-ओके चल .

हम लोग फिर निकल पड़े अपने अपने रस्तो पर हम अभी कोई 2 से 3किलो मीटर ही गये होगे की 4से 5गाड़ियाँ हमारे सामने आ के रुकी जिन में करीब 25 से 30 आदमी थे उन सब के आगे एक जिप्स्सी (ओपन जिप्स्सी जिसे यूपी में चुनाव में प्रचार के लिए यूज करते है )में 4 लोग थे जो अच्छे घर से लग रहे थे.

में-गुड़िया आप गाड़ी में ही रूको में देखता हू क्या बात है.और सभी को फोन कर के गाड़ी में रुकने को बोल दिया.

रवि-में भी आता हू .

में-नही तू गाड़ी में ही रुक.

रवि-ज़्यादा दिमाग़ ना लगा और चल.मेरे मना करने से पहले ही वो बाहर आ चुका था में भी अपनी गाड़ी से नीचे उतर के उन के तरफ बढ़ गया.
 
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