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अपडेट 87
कुछ मिनटों के बाद जब मेरे शरीर में थोड़ी सी जान आई तो मैंने देखा कि चाची के बाल अभी भी हल्के गीले ही थे और चाची क्या सुंदर लग रही थी ! मैं क्या बताऊँ आपको !
इस सबके बाद मुझे भूख लग गई थी और मैं यह भी जानता था कि चाची को अगर मैं फिर से चोदना चाहता हूँ तो उनके शरीर में थोड़ी सी जान भी होनी चाहिए जो मैं पहले ही पूरी तरह से निकाल चुका था. मैं उठा, अंडरवियर पहना, फिर रसोई में चला गया.
चाची ने खाना बना कर रखा तो मैं दो प्लेट में खाना लेकर चाची के पास गया और चाची को उठाया और खाने की प्लेट सामने रख दी खाना देखकर चाची बोली- भूख लगी थी तो मुझसे बोल देते, मैं खाना लगा देती!
और मेरा जवाब था- आप भी तो थक गई थी, अगर मैंने प्लेट लाया तो क्या गलत हो गया? और मैं जानता हूँ आपको भी भूख लगी होगी इस खेल के बाद !
यह सुनना था कि चाची ने मुझे गले लगा लिया और फिर एक प्यारा सा चुम्बन दे दिया और इसके बाद चाची बड़े प्यार से मुझे चुम्बन पर चुम्बन देती रही और मुझे ऐसे चूमती रही जैसे मुझसे ज्यादा प्यारा कोई है ही नहीं उनके लिए इस पूरी दुनिया में.
उसके बाद मैंने उनको अलग किया और अपने हाथों से खाना खिलाया, और उनके साथ मैंने भी खाया. इस सबके बाद चाची ऐसी फ़िदा हुई कि बोली- तुम बताओ रेशु, मैं क्या करूँ तुम्हारे लिए?
मैंने कहा- रहने दो चाची ! अभी बोलूँगा तो पीछे हट जाओगी ! मेरे मन की कोई नहीं करता है !
यह सुन कर चाची बोली- तुम जान मांग लो रेशु ! वो भी हाजिर है ! मैं बिलकुल मना नहीं करूंगी किसी भी बात के लिए ! तुम जो कहोगे वो करूंगी !
मैंने कहा- ठीक है ! पहले खा लो अच्छे से, फिर उसके बाद अपने बाल सुखा लो अच्छे से ! फिर बताता हूँ !
यह सुनना था कि चाची ने फिर से चूमना शुरू कर दिया.
मैंने पूछा- अब मैंने क्या कर दिया जिसका यह इनाम मुझे दे रही हो?
तो बोली- आज तक इतना प्यार मुझे कभी भी तुम्हारे चाचा से नहीं मिला तुम्हारे चाचा ने कभी मेरी चिंता नहीं की, इतनी ज्यादा जितना तुम करते हो !
चाची खड़े होकर बाल सूखा रही थी
उस वक्त उनको देख कर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और जब चाची बाल सुखा कर आई वो भी मेरे लंड को देख कर मेरे पास आकर मेरे गले लग गई और बड़े प्यार से बोली- बताओ ना ? क्या करूँ मैं तुम्हारे लिए ?
मैंने कहा- ठीक है, बताता हूँ !
चाची से मैंने कहा- जाओ जाकर पहले काले रंग की ब्रा और पैंटी पहन कर आ जाओ और अच्छा वाला परफ्यूम भी लगा लो..
और चाची बिना कुछ सवाल किए सीधे कमरे में जाकर मेरे कहे अनुसार तैयार हो कर आ गई.
बोली- अब कहो, क्या करना है?
मैं पलट कर लेट गया, मैंने कहा- मेरी पीठ पर चूमना शुरू करो और हर चुम्बन के साथ चूसना भी !
चाची ने बिना कुछ सोचे समझे मुझे चूसना शुरू कर दिया. जैसे जैसे चाची मुझे चूसती जा रही थी, मेरी मस्ती बढ़ती जा रही थी. थोड़ी देर की बात थी, मेरा दिमाग मेरे काबू में नहीं रहा और मैंने पलट कर चाची को अपने ऊपर ले लिया, उनको चूमना शुरू कर दिया और धीरे से चाची को खिसका कर नीचे लिटाया और चाची से कहा- मेरा लंड निकालो और इसको पूरी मस्ती के साथ चूसो !
एक बार को तो चाची थोड़ा सा संकुचाई पर उसके बाद मेरी तरफ प्यार से देखा और सीधे मेरा अंडरवियर उतार कर मेरा लंड चूमना और चूसना शुरू कर दिया.
चाची चूसती रही और मैं मस्ती में चुसवाता रहा.
थोड़ी ही देर में मेरे लंड ने पानी छोड़ने की तैयारी कर ली, मैंने कहा- चाची, मैं झड़ने वाला हूँ ! जो कहूँगा वो करोगी ना?
चाची बोली- रेशु तुमसे वादा किया है, जान मांगोगे तो वो भी दे दूँगी लेकिन ना नहीं करूंगी.
मैंने कहा- ठीक है चाची ! आप घूम कर अपनी चूत को मेरे मुँह पर रख लो और मेरे लंड को चूसो और तब तक चूसती रहना जब तक मेरे लंड से आखरी बूँद भी ना निकल जाए.
चाची ने एक बार मेरी तरफ देखा और फिर बिना किसी झिझक के अपनी चूत को मेरे मुँह पर रख दिया और मैंने चाची की पेंटी को बगल में हटा कर चूत को चूसना शुरू कर दिया. और चाची ने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया.
इधर मैं झड़ने की कगार पर था और चाची भी झड़ने ही वाली हालात में आ गई.
चाची बोली- आह रेशु, मैं अब टिक नहीं पाऊँगी !
तो मैंने चाची की चूत को चूसना बंद कीया और चाची ने मेरा लंड तेजी से चूसना शुरु कर दिया. इसका नतीजा यह हुआ कि मैं बस झड़ने की कगार पर आ गया, और उधर मैंने चाची की चूत को चूसना शुरू कर दिया और कुछ ही देर में हम दोनों ही एक दूसरे के मुँह में अपना अपना पानी छोड़ने लगे और चाची मेरे लंड को अपने वादे के मुताबिक़ तब तक चूसती रही जब तक उसमें से एक एक बूँद बाहर ना आ गई.
चाची की चुसाई ऐसी थी कि मैं पूरी तरह से पस्त हो चुका था,
जब चाची ने मुझे पूरा निचोड़ लिया तो मेरे बगल में आकर मुझे चूमा और बोली- बोलो रेशु? और क्या करूँ?
मैंने कहा- चाची, थोड़ी देर बस मेरे पास ऐसे ही मेरी बाँहों में आ कर लेटी रहो ! फिर बताता हूँ क्या करना है.
चाची ने पास में से एक कम्बल उठाया और उसे ओढ़ कर मेरे पास चिपक कर लेट गई. हम दोनों को कब नींद आ गई, पता ही नहीं चला. और जब नींद खुली तो सुबह की रोशनी पूरे आंगन में बिखरी हुई थी, चाची मुझसे चिपक कर मेरी बाहों में लेटी हुई थी पर जागी हुई.
मैंने चाची को देखा तो चाची ने बड़े प्यार से मुझे होंठों पर चूम लिया.
मैंने कहा- आपने मुझे जगाया क्यों नहीं?
तो बोली- तुम सोते हुए बड़े प्यारे लग रहे थे, इसलिए नहीं जगाया.
मैंने पूछा- कब से देख रही हो?
तो जवाब मिला- नहीं मालूम !
चाची का इस तरह से देखना और उनका लगभग नंगा बदन मेरे लंड को खड़ा करने के लिए काफी था, मैंने चाची से कहा- चाची, अभी कल वाला वादा बाकी है !
तो वो बोली- हाँ रेशु, बोलो ना अब क्या करूँ? वैसे भी तुम्हारे चाचा का अभी फोन आया था वह अभी चार घंटे और नहीं आएंगे तो अगले चार घंटे पूरी तरह से हमारे हैं.
मैंने कहा- पीछे तो नहीं हटोगी?
तो जवाब मिला- जब कल पीछे नहीं हटी तो अभी कैसे पीछे हट जाऊँगी?
मैंने कहा- ठीक है चाची ! आपकी मर्जी !
मैंने उनसे कहा- जाओ, जाकर दूध से मलाई निकाल कर ले आओ एक कटोरी में !
और चाची ने बिना सोचे समझे आदेश का पालन किया.
कुछ मिनटों के बाद जब मेरे शरीर में थोड़ी सी जान आई तो मैंने देखा कि चाची के बाल अभी भी हल्के गीले ही थे और चाची क्या सुंदर लग रही थी ! मैं क्या बताऊँ आपको !
इस सबके बाद मुझे भूख लग गई थी और मैं यह भी जानता था कि चाची को अगर मैं फिर से चोदना चाहता हूँ तो उनके शरीर में थोड़ी सी जान भी होनी चाहिए जो मैं पहले ही पूरी तरह से निकाल चुका था. मैं उठा, अंडरवियर पहना, फिर रसोई में चला गया.
चाची ने खाना बना कर रखा तो मैं दो प्लेट में खाना लेकर चाची के पास गया और चाची को उठाया और खाने की प्लेट सामने रख दी खाना देखकर चाची बोली- भूख लगी थी तो मुझसे बोल देते, मैं खाना लगा देती!
और मेरा जवाब था- आप भी तो थक गई थी, अगर मैंने प्लेट लाया तो क्या गलत हो गया? और मैं जानता हूँ आपको भी भूख लगी होगी इस खेल के बाद !
यह सुनना था कि चाची ने मुझे गले लगा लिया और फिर एक प्यारा सा चुम्बन दे दिया और इसके बाद चाची बड़े प्यार से मुझे चुम्बन पर चुम्बन देती रही और मुझे ऐसे चूमती रही जैसे मुझसे ज्यादा प्यारा कोई है ही नहीं उनके लिए इस पूरी दुनिया में.
उसके बाद मैंने उनको अलग किया और अपने हाथों से खाना खिलाया, और उनके साथ मैंने भी खाया. इस सबके बाद चाची ऐसी फ़िदा हुई कि बोली- तुम बताओ रेशु, मैं क्या करूँ तुम्हारे लिए?
मैंने कहा- रहने दो चाची ! अभी बोलूँगा तो पीछे हट जाओगी ! मेरे मन की कोई नहीं करता है !
यह सुन कर चाची बोली- तुम जान मांग लो रेशु ! वो भी हाजिर है ! मैं बिलकुल मना नहीं करूंगी किसी भी बात के लिए ! तुम जो कहोगे वो करूंगी !
मैंने कहा- ठीक है ! पहले खा लो अच्छे से, फिर उसके बाद अपने बाल सुखा लो अच्छे से ! फिर बताता हूँ !
यह सुनना था कि चाची ने फिर से चूमना शुरू कर दिया.
मैंने पूछा- अब मैंने क्या कर दिया जिसका यह इनाम मुझे दे रही हो?
तो बोली- आज तक इतना प्यार मुझे कभी भी तुम्हारे चाचा से नहीं मिला तुम्हारे चाचा ने कभी मेरी चिंता नहीं की, इतनी ज्यादा जितना तुम करते हो !
चाची खड़े होकर बाल सूखा रही थी
उस वक्त उनको देख कर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और जब चाची बाल सुखा कर आई वो भी मेरे लंड को देख कर मेरे पास आकर मेरे गले लग गई और बड़े प्यार से बोली- बताओ ना ? क्या करूँ मैं तुम्हारे लिए ?
मैंने कहा- ठीक है, बताता हूँ !
चाची से मैंने कहा- जाओ जाकर पहले काले रंग की ब्रा और पैंटी पहन कर आ जाओ और अच्छा वाला परफ्यूम भी लगा लो..
और चाची बिना कुछ सवाल किए सीधे कमरे में जाकर मेरे कहे अनुसार तैयार हो कर आ गई.
बोली- अब कहो, क्या करना है?
मैं पलट कर लेट गया, मैंने कहा- मेरी पीठ पर चूमना शुरू करो और हर चुम्बन के साथ चूसना भी !
चाची ने बिना कुछ सोचे समझे मुझे चूसना शुरू कर दिया. जैसे जैसे चाची मुझे चूसती जा रही थी, मेरी मस्ती बढ़ती जा रही थी. थोड़ी देर की बात थी, मेरा दिमाग मेरे काबू में नहीं रहा और मैंने पलट कर चाची को अपने ऊपर ले लिया, उनको चूमना शुरू कर दिया और धीरे से चाची को खिसका कर नीचे लिटाया और चाची से कहा- मेरा लंड निकालो और इसको पूरी मस्ती के साथ चूसो !
एक बार को तो चाची थोड़ा सा संकुचाई पर उसके बाद मेरी तरफ प्यार से देखा और सीधे मेरा अंडरवियर उतार कर मेरा लंड चूमना और चूसना शुरू कर दिया.
चाची चूसती रही और मैं मस्ती में चुसवाता रहा.
थोड़ी ही देर में मेरे लंड ने पानी छोड़ने की तैयारी कर ली, मैंने कहा- चाची, मैं झड़ने वाला हूँ ! जो कहूँगा वो करोगी ना?
चाची बोली- रेशु तुमसे वादा किया है, जान मांगोगे तो वो भी दे दूँगी लेकिन ना नहीं करूंगी.
मैंने कहा- ठीक है चाची ! आप घूम कर अपनी चूत को मेरे मुँह पर रख लो और मेरे लंड को चूसो और तब तक चूसती रहना जब तक मेरे लंड से आखरी बूँद भी ना निकल जाए.
चाची ने एक बार मेरी तरफ देखा और फिर बिना किसी झिझक के अपनी चूत को मेरे मुँह पर रख दिया और मैंने चाची की पेंटी को बगल में हटा कर चूत को चूसना शुरू कर दिया. और चाची ने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया.
इधर मैं झड़ने की कगार पर था और चाची भी झड़ने ही वाली हालात में आ गई.
चाची बोली- आह रेशु, मैं अब टिक नहीं पाऊँगी !
तो मैंने चाची की चूत को चूसना बंद कीया और चाची ने मेरा लंड तेजी से चूसना शुरु कर दिया. इसका नतीजा यह हुआ कि मैं बस झड़ने की कगार पर आ गया, और उधर मैंने चाची की चूत को चूसना शुरू कर दिया और कुछ ही देर में हम दोनों ही एक दूसरे के मुँह में अपना अपना पानी छोड़ने लगे और चाची मेरे लंड को अपने वादे के मुताबिक़ तब तक चूसती रही जब तक उसमें से एक एक बूँद बाहर ना आ गई.
चाची की चुसाई ऐसी थी कि मैं पूरी तरह से पस्त हो चुका था,
जब चाची ने मुझे पूरा निचोड़ लिया तो मेरे बगल में आकर मुझे चूमा और बोली- बोलो रेशु? और क्या करूँ?
मैंने कहा- चाची, थोड़ी देर बस मेरे पास ऐसे ही मेरी बाँहों में आ कर लेटी रहो ! फिर बताता हूँ क्या करना है.
चाची ने पास में से एक कम्बल उठाया और उसे ओढ़ कर मेरे पास चिपक कर लेट गई. हम दोनों को कब नींद आ गई, पता ही नहीं चला. और जब नींद खुली तो सुबह की रोशनी पूरे आंगन में बिखरी हुई थी, चाची मुझसे चिपक कर मेरी बाहों में लेटी हुई थी पर जागी हुई.
मैंने चाची को देखा तो चाची ने बड़े प्यार से मुझे होंठों पर चूम लिया.
मैंने कहा- आपने मुझे जगाया क्यों नहीं?
तो बोली- तुम सोते हुए बड़े प्यारे लग रहे थे, इसलिए नहीं जगाया.
मैंने पूछा- कब से देख रही हो?
तो जवाब मिला- नहीं मालूम !
चाची का इस तरह से देखना और उनका लगभग नंगा बदन मेरे लंड को खड़ा करने के लिए काफी था, मैंने चाची से कहा- चाची, अभी कल वाला वादा बाकी है !
तो वो बोली- हाँ रेशु, बोलो ना अब क्या करूँ? वैसे भी तुम्हारे चाचा का अभी फोन आया था वह अभी चार घंटे और नहीं आएंगे तो अगले चार घंटे पूरी तरह से हमारे हैं.
मैंने कहा- पीछे तो नहीं हटोगी?
तो जवाब मिला- जब कल पीछे नहीं हटी तो अभी कैसे पीछे हट जाऊँगी?
मैंने कहा- ठीक है चाची ! आपकी मर्जी !
मैंने उनसे कहा- जाओ, जाकर दूध से मलाई निकाल कर ले आओ एक कटोरी में !
और चाची ने बिना सोचे समझे आदेश का पालन किया.