S
StoryPublisher
Guest
चाची भी मेरी इस हरकत से थोड़ी सी हैरान हो गयी..और में चाची की फिंगर से चाची की चुत को चोदने लगा..और फिर चाची समझ गयी तो मैंने उनका हाथ छोड़ दिया और में उठा और चाची के मुँह में अपनी मिडिल फिंगर डाली और चाची ने भी मेरी ऊंगली को अपने मस्त सलीवा से गीला कर दिया. चाची मेरी ऊँगली चूसने में और अपनी चुत को सेहलाने में मस्त हो गयी थी, वो मेरी ऊंगली नहीं छोड़ रही थी, पर मैंने उनके मुँह से ऊंगली निकली और फिर चाची के एसहोल के पास आ गया और चाची की गांड के छेद को दुसरे हाथ से हल्का सा चौड़ा किया और अपनी ऊँगली उसमे दाल दी. जैसे ही मैंने चाची के गांड के छेद को चौड़ा करने के लिए छुआ तभी चाची समझ गयी की में क्या करने जा रहा हू..तो चाची मुझे रोकने को उठने गयी पर मैंने झट से ऊंगली दाल दी और चाची इससे पहले कुछ कहे..मैने उन्हें शांत रहने का इशारा किया और फिर से वो लेट गयी..और फिर चाची की चुत में से उनकी ऊंगली निकल के मैंने चाची की ऊँगली को अपने मुँह में फिर से लिया और चाची की ऊंगली को चाटा और मस्त चूसा भी, फिर अपने सलीवा से मैंने चाची की ऊंगली को भर के फिर से चाची की चुत में डाल दिया और चाची को सहलाने को कहा..और इधर मैंने धीरे धीरे चाची की गांड में अपनी ऊँगली अंदर बाहर करने लगा..पहले तो चाची को दर्द नहीं हुआ..पर कुछ देर बाद जैसे ही चाची की गांड में मैंने ऊंगली को थोड़ा स्पीड में अंदर बाहर करना शुरू किया..की चाची मचलने लगी..उनकी साँसे बड़ी तेज़ हो गयी..और वो रररस्सस्स्स्ससरेरेशू..प्लीज..स्टॉप बोल के सेंटेंस भी पुरा नहीं कर पायी.और इधर मैंने चाची की हालत देख के मैंने और भी स्पीड बढा दी और चाची तड़प के मरे और भी जोर से चिल्लने लागी..पर अभी वो रररस्सस्स्स्ससरेरेशू ही बोल पायी. फिर तो चाची ने चिल्लाना छोड़ दिया और वो बस मेरी शरण में हो ऐसे बस एन्जॉय कर रही थी, और एक वक़्त तो जितना स्पीड में में चाची की गांड में अपनी ऊँगली अंदर बाहर कर रहा था उससे भी तेज़ चाची अपनी ऊँगली अपनी चुत में अंदर बाहर कर रही थी.और उनकी स्पीड से पता चल रहा था की अब वो झाड़नेवाली हे.बॉस बड़ा अच्छा लग रहा था.फर थोड़ी देर बाद चाची ने अपनी ऊँगली अंदर हिलाना बंद कर दिया और एक दो सेकंड के लिए अपनी ऊँगली अंदर दाल के रुक गयी..मैने सोचा की अब वो झाड़नेवाली हे..पर वो फिर से ऊंगली अंदर बाहर करने लगी और फिर एकदम से ऊंगली बाहर निकल के मुझे चुत को चटने को कहा और जैसे ही मैंने चुत के पास मुँह रक्खा की चाची ने जोरदार दम लगा के स्क्वीरट किया..और झड गयी.
मास्त फव्वारे की झड़ी सी लग गयी, चाची ने एक एक कर के काम से काम ५ बार स्क्वीरट किया. मैंने अपने चेहरे से साफ़ किया और चाची अब चैन से लेटी थी. मैं उनके पास जा के बैठा..उन्होंने अपना सर मेरे गोद में रख दिया और में उन्हें सहलाने लगा..चाचि अब टोटली शांत हो गयी थी. पता नहीं मुझे इस हाल में भी अच्छा लग रहा था चाची मेरे गोद में वो भी स्क्वीरट करने के बाद फुल्ली नुड..मेरा लंड अभी भी तना हुआ था फिर कुछ देर बाद चाची को होश आया की में तो झडा ही नही..तो उन्होंने अपने आप मेरे बिना कोई फाॅर्स किये, और न ही बिना कोई हिंट दिये..अपना सर मेरे लंड के पास लाया और मैंने अपने पैर खोल दिया..और वो निचे आ के मेरे लंड को चूसने लगी. और वो तो हैंडजॉब इतनी अच्छे से कर रही थी, मुझे मज़ा आ रहा था मेरा लंड अब मस्त तन चुक्का था.चाचि भी मस्त अपने मुँह में डाल के अपनी जीभ से मेरे लंड से खेले जा रही थी..कुछ देर बाद मुझे लगा की अब जोर करने पे लंड से वीर्य निकल जायेगा तो मैंने चाची को रोक दिया.और मुस्कुरा के कहा
रेशु- "चाची..इतने जल्दी नही..अभी तो मज़ा बाकि हे...!
और चाची सरप्राइज हो के बैठ गयी और कहा..
चाची- "ओह गॉड नही..प्लीज रेशु, अब और नही, में थक गयी हू, और बाहर से भी में थक के आई थी, पता नहीं कैसे तुम ने ये सब स्टार्ट कर दिया..."!
और चाची मना करने लगी.
कहानी जारी रहेगी
मास्त फव्वारे की झड़ी सी लग गयी, चाची ने एक एक कर के काम से काम ५ बार स्क्वीरट किया. मैंने अपने चेहरे से साफ़ किया और चाची अब चैन से लेटी थी. मैं उनके पास जा के बैठा..उन्होंने अपना सर मेरे गोद में रख दिया और में उन्हें सहलाने लगा..चाचि अब टोटली शांत हो गयी थी. पता नहीं मुझे इस हाल में भी अच्छा लग रहा था चाची मेरे गोद में वो भी स्क्वीरट करने के बाद फुल्ली नुड..मेरा लंड अभी भी तना हुआ था फिर कुछ देर बाद चाची को होश आया की में तो झडा ही नही..तो उन्होंने अपने आप मेरे बिना कोई फाॅर्स किये, और न ही बिना कोई हिंट दिये..अपना सर मेरे लंड के पास लाया और मैंने अपने पैर खोल दिया..और वो निचे आ के मेरे लंड को चूसने लगी. और वो तो हैंडजॉब इतनी अच्छे से कर रही थी, मुझे मज़ा आ रहा था मेरा लंड अब मस्त तन चुक्का था.चाचि भी मस्त अपने मुँह में डाल के अपनी जीभ से मेरे लंड से खेले जा रही थी..कुछ देर बाद मुझे लगा की अब जोर करने पे लंड से वीर्य निकल जायेगा तो मैंने चाची को रोक दिया.और मुस्कुरा के कहा
रेशु- "चाची..इतने जल्दी नही..अभी तो मज़ा बाकि हे...!
और चाची सरप्राइज हो के बैठ गयी और कहा..
चाची- "ओह गॉड नही..प्लीज रेशु, अब और नही, में थक गयी हू, और बाहर से भी में थक के आई थी, पता नहीं कैसे तुम ने ये सब स्टार्ट कर दिया..."!
और चाची मना करने लगी.
कहानी जारी रहेगी