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अपने भाई के इस वार से काजल की साँसें और धड़कनें बहुत तेज़ हो गई थीं और उसने अपने हाथ से रमेश के सर के बाल जोर से पकड़ लिए. काजल सिसकारियां भी नहीं ले पा रही थी क्योंकि रमेश ने अपने होंठों से उसके होंठों पर ताला लगाया हुआ था. वो अपने पैरों को जमीन पर रगड़ने और उमेठने लगी.
थोड़ी देर और चुम्बन के बाद रमेश ने अपने सारे कपड़े खोल दिए और काजल की दोनों टांगों को फैलाकर उस पर अपना लंड सैट कर दिया. अब रमेश और काजल, दोनों भाई बहन बिल्कुल नंगे चुदाई की मुद्रा में थे.
रमेश अपने लंड पर तेल लगाने की सोचने लगा क्योंकि काजल की चूत अभी नई थी, पर काजल की चूत में पहले ही इतना पानी भरा हुआ था कि वो एकदम चिकनी हो गई थी. रमेश ने अपनी दो उंगलियां उसकी चूत में डालकर चैक किया, तो उंगलियां फिसलते हुए एकदम से चूत के अन्दर चली गईं. इसका मतलब ये भी था कि काजल ने आज से पहले अपनी चूत को उंगली से चोदा था.
फिर रमेश ने काजल की चूत पर तेल लगाने का ख्याल अपने दिल से निकाल दिया. उसने अपना लंड काजल की चूत पर थोड़ा सा रगड़ा. इससे काजल की चूत का चिकना पानी उसके लंड पर लग गया और लंड भी गीला हो गया.
अब समय आ चुका था जब काजल की चूत का सील टूटने वाला कार्यक्रम का उद्घाटन होना था.
रमेश ने काजल की तरफ देखा और पूछा- काजल, तू तैयार है?
काजल- भैया, अब मत तड़पाओ प्लीज.. अब मैं इससे ज्यादा तैयार कभी नहीं हो पाऊँगी. प्लीज मेरी चूत को चोद दो, मेरी सील तोड़ दो. मैं आपका ये एहसान जिंदगी भर नहीं भूलूंगी.
रमेश- ठीक है फिर.. थोड़ा दर्द होगा, पर थोड़ी ही देर में मजा आने लगेगा.
काजल- अगर मैं मर भी जाऊं तो आप चुदाई मत रोकना. अपने भाई से चुदते हुए मर जाने से अच्छी मौत नहीं हो सकती.
मयूरी ये बात सुनकर अपने होंठ और जुबान को सुरेश के होंठों से अलग करते हुए बोली- एकदम सही कहा काजल.. आज तुझे वही सब मिल रहा है, जो मुझे 5 साल पहले मिला था. बेस्ट ऑफ़ लक मेरी जान.. इस परमसुख का आनन्द ले लो. अपने भाई के लंड से चुदाई को एन्जॉय कर मेरी प्यारी काजल.
ये सब सुन कर रमेश और काजल और जोश में आ गए. रमेश ने एक झटका लगा दिया और उसका लगभग आधा लंड काजल की चूत में चला गया. काजल दर्द के मारे चीख पड़ी. उसने जोर से सोफे को पकड़ लिया और उसकी आँखों से आंसू बहने लगे.
इतनी टाइट चूत होने की वजह से रमेश को भी अपने लंड में थोड़ा दर्द का एहसास हुआ, पर उसको काजल की आँखों में आंसू देख कर थोड़ी देर रुकने का ख्याल आया. वो काजल की चूत में लंड डाले हुए वैसे ही थोड़ी देर तक उसके ऊपर पड़ा रहा.
थोड़ी देर में काजल का दर्द कम हो गया तो वो अपनी गांड को नीचे से धीरे-धीरे उठा उठा कर रमेश को चोदने लगी. रमेश भी समझ गया कि बहन की चूत फिर से तैयार है. उसने धीरे से एक और झटका लगाया और इस बार उसका लंड काजल की चूत में पूरा घुस गया.
थोड़ी देर और चुम्बन के बाद रमेश ने अपने सारे कपड़े खोल दिए और काजल की दोनों टांगों को फैलाकर उस पर अपना लंड सैट कर दिया. अब रमेश और काजल, दोनों भाई बहन बिल्कुल नंगे चुदाई की मुद्रा में थे.
रमेश अपने लंड पर तेल लगाने की सोचने लगा क्योंकि काजल की चूत अभी नई थी, पर काजल की चूत में पहले ही इतना पानी भरा हुआ था कि वो एकदम चिकनी हो गई थी. रमेश ने अपनी दो उंगलियां उसकी चूत में डालकर चैक किया, तो उंगलियां फिसलते हुए एकदम से चूत के अन्दर चली गईं. इसका मतलब ये भी था कि काजल ने आज से पहले अपनी चूत को उंगली से चोदा था.
फिर रमेश ने काजल की चूत पर तेल लगाने का ख्याल अपने दिल से निकाल दिया. उसने अपना लंड काजल की चूत पर थोड़ा सा रगड़ा. इससे काजल की चूत का चिकना पानी उसके लंड पर लग गया और लंड भी गीला हो गया.
अब समय आ चुका था जब काजल की चूत का सील टूटने वाला कार्यक्रम का उद्घाटन होना था.
रमेश ने काजल की तरफ देखा और पूछा- काजल, तू तैयार है?
काजल- भैया, अब मत तड़पाओ प्लीज.. अब मैं इससे ज्यादा तैयार कभी नहीं हो पाऊँगी. प्लीज मेरी चूत को चोद दो, मेरी सील तोड़ दो. मैं आपका ये एहसान जिंदगी भर नहीं भूलूंगी.
रमेश- ठीक है फिर.. थोड़ा दर्द होगा, पर थोड़ी ही देर में मजा आने लगेगा.
काजल- अगर मैं मर भी जाऊं तो आप चुदाई मत रोकना. अपने भाई से चुदते हुए मर जाने से अच्छी मौत नहीं हो सकती.
मयूरी ये बात सुनकर अपने होंठ और जुबान को सुरेश के होंठों से अलग करते हुए बोली- एकदम सही कहा काजल.. आज तुझे वही सब मिल रहा है, जो मुझे 5 साल पहले मिला था. बेस्ट ऑफ़ लक मेरी जान.. इस परमसुख का आनन्द ले लो. अपने भाई के लंड से चुदाई को एन्जॉय कर मेरी प्यारी काजल.
ये सब सुन कर रमेश और काजल और जोश में आ गए. रमेश ने एक झटका लगा दिया और उसका लगभग आधा लंड काजल की चूत में चला गया. काजल दर्द के मारे चीख पड़ी. उसने जोर से सोफे को पकड़ लिया और उसकी आँखों से आंसू बहने लगे.
इतनी टाइट चूत होने की वजह से रमेश को भी अपने लंड में थोड़ा दर्द का एहसास हुआ, पर उसको काजल की आँखों में आंसू देख कर थोड़ी देर रुकने का ख्याल आया. वो काजल की चूत में लंड डाले हुए वैसे ही थोड़ी देर तक उसके ऊपर पड़ा रहा.
थोड़ी देर में काजल का दर्द कम हो गया तो वो अपनी गांड को नीचे से धीरे-धीरे उठा उठा कर रमेश को चोदने लगी. रमेश भी समझ गया कि बहन की चूत फिर से तैयार है. उसने धीरे से एक और झटका लगाया और इस बार उसका लंड काजल की चूत में पूरा घुस गया.