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यह कहते हुए काजल एक अच्छे बच्चे की तरह अपने पापा के आदेश का पालन किया. वो उठी और उनकी तरफ चल दी. फिर मोहन लाल के मन में कुछ ख्याल आया, वो मुस्कुराया और उसने काजल को रोका- पर रुको.. मैं ही वहां आता हूँ. चलो बहू.. सोफे के पास चलते हैं.
मयूरी- जी बाबू जी..
मयूरी ने मोहन लाल के कमर में हाथ डाला जैसे दोनों प्रेमी प्रेमिका हों और दोनों सोफे के तरफ बढ़े. रमेश और सुरेश ने अपने पापा के लिए वहां जगह बनाई और मोहन लाल बीच में बैठ गया. फिर मोहन लाल का आदेश जारी हुआ- बहू और काजल.. अब तुम दोनों मिलकर एक साथ मेरा लंड चूसो.. मैं अपनी बहू और बेटी दोनों को एक साथ अपना लंड चूसते हुए देखना चाहता हूँ.
काजल और मयूरी मोहन लाल के आदेश का पालन किया और उसके लंड को एक साथ चूसने लगीं. उनके होंठ कभी कभी आपस में टकरा रहे थे, पर दोनों जैसे प्रतिस्पर्धा कर रही थीं कि कौन ज्यादा से ज्यादा इस लंड को चूस सकती है.
मोहन लाल ने दोनों को चूसते हुए देखकर उनके सर पे हाथ रखते हुए कहा- सदा खुश रहो मेरे बच्चों.. आज तुम दोनों ने मुझे जीते जी स्वर्ग का एहसास करा दिया है.
फिर मोहन लाल ने रमेश और सुरेश को देखते हुए कहा- तुम्हें पता है? तुम्हारी माँ को मैं और तुम्हारे नाना एक साथ चोदा करते थे. और तुम्हारी माँ को हम दोनों से एक साथ चुदवाना बहुत अच्छा लगता था. आज अगर वो जिन्दा होती, तो ये सब देख कर बहुत खुश होती. वो तुम दोनों से भी चुदवाने की इच्छा रखती थी, पर ये बात वो कभी तुम्हें बता नहीं पाई और वक़्त से पहले ही गुजर गई.
सुरेश- पापा.. ये क्या कह रहे हैं आप? आप और नाना एक साथ माँ को चोदते थे?
रमेश- और माँ हमसे भी चुदना चाहती थी? तो ये बात उसने कभी बताया क्यों नहीं.. हम तो ख़ुशी-खुशी उसको चोद देते पापा..!
मोहन लाल- घर में एक बेटी भी थी और हम तुम लोगों के सामने कभी सेक्स को लेकर इतना सहज नहीं हो पाए बेटा. आज उसकी आत्मा को जरूर शांति मिल जाएगी.
इधर मयूरी सोच रही है कि ‘उसके अपने पापा और भाइयों से चुदना..’ और ‘उसके दोनों भाइयों का अपनी माँ को चोदना..’ कोई बड़ी बात नहीं थी. ये तो शायद हर घर में होता है, बस कोई किसी को बताता नहीं है. इतनी देर में उसको ये तो समझ आ गया था कि हर बाप अपनी जवान बेटी को चोदने की इच्छा रखता है, हर भाई अपनी बहन को चोदना चाहता है, हर बेटी और बहन अपने बाप और भाई से चुदवाना चाहती है. बस कोई शुरुआत नहीं कर पाता.
मयूरी- जी बाबू जी..
मयूरी ने मोहन लाल के कमर में हाथ डाला जैसे दोनों प्रेमी प्रेमिका हों और दोनों सोफे के तरफ बढ़े. रमेश और सुरेश ने अपने पापा के लिए वहां जगह बनाई और मोहन लाल बीच में बैठ गया. फिर मोहन लाल का आदेश जारी हुआ- बहू और काजल.. अब तुम दोनों मिलकर एक साथ मेरा लंड चूसो.. मैं अपनी बहू और बेटी दोनों को एक साथ अपना लंड चूसते हुए देखना चाहता हूँ.
काजल और मयूरी मोहन लाल के आदेश का पालन किया और उसके लंड को एक साथ चूसने लगीं. उनके होंठ कभी कभी आपस में टकरा रहे थे, पर दोनों जैसे प्रतिस्पर्धा कर रही थीं कि कौन ज्यादा से ज्यादा इस लंड को चूस सकती है.
मोहन लाल ने दोनों को चूसते हुए देखकर उनके सर पे हाथ रखते हुए कहा- सदा खुश रहो मेरे बच्चों.. आज तुम दोनों ने मुझे जीते जी स्वर्ग का एहसास करा दिया है.
फिर मोहन लाल ने रमेश और सुरेश को देखते हुए कहा- तुम्हें पता है? तुम्हारी माँ को मैं और तुम्हारे नाना एक साथ चोदा करते थे. और तुम्हारी माँ को हम दोनों से एक साथ चुदवाना बहुत अच्छा लगता था. आज अगर वो जिन्दा होती, तो ये सब देख कर बहुत खुश होती. वो तुम दोनों से भी चुदवाने की इच्छा रखती थी, पर ये बात वो कभी तुम्हें बता नहीं पाई और वक़्त से पहले ही गुजर गई.
सुरेश- पापा.. ये क्या कह रहे हैं आप? आप और नाना एक साथ माँ को चोदते थे?
रमेश- और माँ हमसे भी चुदना चाहती थी? तो ये बात उसने कभी बताया क्यों नहीं.. हम तो ख़ुशी-खुशी उसको चोद देते पापा..!
मोहन लाल- घर में एक बेटी भी थी और हम तुम लोगों के सामने कभी सेक्स को लेकर इतना सहज नहीं हो पाए बेटा. आज उसकी आत्मा को जरूर शांति मिल जाएगी.
इधर मयूरी सोच रही है कि ‘उसके अपने पापा और भाइयों से चुदना..’ और ‘उसके दोनों भाइयों का अपनी माँ को चोदना..’ कोई बड़ी बात नहीं थी. ये तो शायद हर घर में होता है, बस कोई किसी को बताता नहीं है. इतनी देर में उसको ये तो समझ आ गया था कि हर बाप अपनी जवान बेटी को चोदने की इच्छा रखता है, हर भाई अपनी बहन को चोदना चाहता है, हर बेटी और बहन अपने बाप और भाई से चुदवाना चाहती है. बस कोई शुरुआत नहीं कर पाता.