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Guest
अंदर जाते ही रजत ने बातचीत की पहल की:
रजत- भैया… मुझे सच में नहीं पता था कि आपका सपना के साथ कुछ चक्कर चल रहा है? और जिस दिन मुझे पता चला उसी दिन से मैंने उस से बातचीत करना बंद कर दिया. कसम से…
विक्रम- मैं अब समझ गया छोटे… ये मेरी ग़लतफहमी थी… मयूरी सच कह रही है, सपना ने हम दोनों का चूतिया काटा है… पर मैं यह बात समझ नहीं पाया… मुझे माफ़ कर दे…
और ऐसा कहते हुए विक्रम रजत के गले लग गया… फिर रजत ने कुछ महसूस किया और बोला शरारती अंदाज में- भैया… आपका लंड तो अभी से खड़ा है?
विक्रम झट से उसके लंड को पकड़ते हुए- और ये क्या है? तेरा खड़ा नहीं है क्या?
रजत हँसते हुए- पर भैया… अपने अपनी छोटी बहन की चूचियां दबायी… चूत चाटी और उसको अपना लंड भी चुसाया? छी… छी… आपको शर्म नहीं आयी?
विक्रम- और तूने…? अपनी बड़ी बहन की चूचियों को मसला? उसकी चूत तो चाटी ही, उसकी गांड भी चाटी? और अब तेरा ये लंड उसकी चूत फाड़ने को बेताब है?
रजत- हाँ भैया… जिसकी बहन इतनी धमाकेदार माल हो, वो अपनी बहन को चोदे बिना कैसे रह सकता है? पता नहीं अब तक कैसे मैंने अपने आपको कण्ट्रोल में रखा… जब भी इसकी भारी-भारी चूचियों और बड़े-बड़े गांड को देखता तो तो बस मुठ मार के रह जाता था. पर आज ईश्वर ने ये मौका दिया है… चलो… दोनों भाई पक्का बहनचोद बन जाते हैं… और उसकी चूत के चीथड़े उड़ाते हैं.
विक्रम- हाँ मेरे भाई… सपना ने अपनी चूत मारने नहीं दी, पर इसकी तो मैं छोडूंगा नहीं… चल!
दोनों भाई कमरे से बाहर आये और मयूरी के पास पहुंचे. बाहर आते ही दोनों ने मयूरी की ब्रा को निकाल फेंका और उसकी एक एक चूची को अपने हाथ में भर लिया.
फिर विक्रम बोला- मयूरी, तू यही चाहती है ना कि हम दोनों भाई एक साथ तुझे चोदें… तो तेरी ये ख्वाहिश हम जरूर पूरी करेंगे… हमने अपनी पुरानी बातों पर सुलह कर ली है… और अब तुझे एक-साथ अपने दोनों भाइयों का लंड का मजा मिलेगा… अब तो तू खुश है न?
मयूरी को पक्का पता था कि यही होने वाला है. इतनी अच्छी चूत चटाई और लंड चुसाई के बाद मयूरी के शरीर का भोग करने से तो स्वयं भगवान् भी मना नहीं कर सकते थे, ये तो फिर भी दो सामान्य इंसान थे.
विक्रम की बात सुन लेने के बाद ख़ुशी से अपने दोनों भाइयों का लंड अपने एक-एक हाथ में भरते हुए मयूरी बोली- हाँ मेरे भाइयो… मुझे पता था… तुम दोनों मेरी जवानी की प्यास को ऐसे तड़पने के लिए नहीं छोड़ोगे… मुझे पता था कि तुम मेरी राखी का कर्ज जरूर उतारोगे. आओ मेरे बहनचोद भाइयो… चोद दो अपनी बहन को… और इतना चोदो कि मैं तृप्त हो जाऊँ… मेरी जवानी की प्यास बुझ जाये.
रजत- भैया… मुझे सच में नहीं पता था कि आपका सपना के साथ कुछ चक्कर चल रहा है? और जिस दिन मुझे पता चला उसी दिन से मैंने उस से बातचीत करना बंद कर दिया. कसम से…
विक्रम- मैं अब समझ गया छोटे… ये मेरी ग़लतफहमी थी… मयूरी सच कह रही है, सपना ने हम दोनों का चूतिया काटा है… पर मैं यह बात समझ नहीं पाया… मुझे माफ़ कर दे…
और ऐसा कहते हुए विक्रम रजत के गले लग गया… फिर रजत ने कुछ महसूस किया और बोला शरारती अंदाज में- भैया… आपका लंड तो अभी से खड़ा है?
विक्रम झट से उसके लंड को पकड़ते हुए- और ये क्या है? तेरा खड़ा नहीं है क्या?
रजत हँसते हुए- पर भैया… अपने अपनी छोटी बहन की चूचियां दबायी… चूत चाटी और उसको अपना लंड भी चुसाया? छी… छी… आपको शर्म नहीं आयी?
विक्रम- और तूने…? अपनी बड़ी बहन की चूचियों को मसला? उसकी चूत तो चाटी ही, उसकी गांड भी चाटी? और अब तेरा ये लंड उसकी चूत फाड़ने को बेताब है?
रजत- हाँ भैया… जिसकी बहन इतनी धमाकेदार माल हो, वो अपनी बहन को चोदे बिना कैसे रह सकता है? पता नहीं अब तक कैसे मैंने अपने आपको कण्ट्रोल में रखा… जब भी इसकी भारी-भारी चूचियों और बड़े-बड़े गांड को देखता तो तो बस मुठ मार के रह जाता था. पर आज ईश्वर ने ये मौका दिया है… चलो… दोनों भाई पक्का बहनचोद बन जाते हैं… और उसकी चूत के चीथड़े उड़ाते हैं.
विक्रम- हाँ मेरे भाई… सपना ने अपनी चूत मारने नहीं दी, पर इसकी तो मैं छोडूंगा नहीं… चल!
दोनों भाई कमरे से बाहर आये और मयूरी के पास पहुंचे. बाहर आते ही दोनों ने मयूरी की ब्रा को निकाल फेंका और उसकी एक एक चूची को अपने हाथ में भर लिया.
फिर विक्रम बोला- मयूरी, तू यही चाहती है ना कि हम दोनों भाई एक साथ तुझे चोदें… तो तेरी ये ख्वाहिश हम जरूर पूरी करेंगे… हमने अपनी पुरानी बातों पर सुलह कर ली है… और अब तुझे एक-साथ अपने दोनों भाइयों का लंड का मजा मिलेगा… अब तो तू खुश है न?
मयूरी को पक्का पता था कि यही होने वाला है. इतनी अच्छी चूत चटाई और लंड चुसाई के बाद मयूरी के शरीर का भोग करने से तो स्वयं भगवान् भी मना नहीं कर सकते थे, ये तो फिर भी दो सामान्य इंसान थे.
विक्रम की बात सुन लेने के बाद ख़ुशी से अपने दोनों भाइयों का लंड अपने एक-एक हाथ में भरते हुए मयूरी बोली- हाँ मेरे भाइयो… मुझे पता था… तुम दोनों मेरी जवानी की प्यास को ऐसे तड़पने के लिए नहीं छोड़ोगे… मुझे पता था कि तुम मेरी राखी का कर्ज जरूर उतारोगे. आओ मेरे बहनचोद भाइयो… चोद दो अपनी बहन को… और इतना चोदो कि मैं तृप्त हो जाऊँ… मेरी जवानी की प्यास बुझ जाये.