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Incest परिवार बिना कुछ नहीं

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समर ने बाथरूम का दरवाजा खोला तो वो अपने आप खुलता चला गया क्योंकि राम्या गेट बंद करना भूल गई थी। समर जैसे ही अंदर घुसा तो उसकी नजरे राम्या पर पड़ी तो उसकी सांसे जैसे रुक सी गई। राम्या खड़ी हुई थी और उसके कपड़े भीग जाने के कारण जिस्म का हर कटाव साफ नजर आ रहा था, दोनो चूचियां अपना आकर लिए साफ नजर आ रही थी । राम्या जानती थी कि समर गेट पर हैं इसलिए वो आराम से पानी डालती रही जिससे उसकी चूचियां अब और भी ज्यादा साफ दिख रही थी। राम्या ने अपनी दोनो आंखे जान बूझकर बंद कर रखी थी ताकि समर आराम से बिना किसी शर्म झिझक के उसे जी भरकर देख सके। समर अपनी बहन को पहली बार इस हालत में देख रहा था , उसे आज पहली बार एहसास हुआ कि उसकी बहन कितनी हसीन और सेक्सी हैं , उसकी मा काम्या से किसी भी तरह से कम नहीं , बल्कि उससे कहीं ज्यादा खूबसूरत। समर का गला सूख गया और आंखे लाल हो गई।

तभी राम्या फर्श पर घुटने मोड़कर बैठ गई और अपनी जांघें पूरी तरह से खोल दी जिससे उसकी चूत का उभार साफ़ नजर आने लगा

। समर की हालत और ज्यादा खराब हो गई और पहली बार उसके लंड में हलचल हुई। राम्या ने अपनी अगली चाल चलते हुए अपनी समीज को थोड़ा सा ऊपर उठा दिया जिससे उसकी एक चूची आधे से ज्यादा नंगी हो गई और उसने अपनी चूची पर हाथ फेरना शुरू कर दिया

। राम्या आज समर पर जुल्म पर ज़ुल्म कर रही थी। समर के लंड में तनाव बढ़ गया और उसने सिर उठाना शुरू कर दिया। समर ने पेंट के उपर से ही अपने लंड को सहलाना शुरु कर दिया तो उसके लंड पूरी तरह से तन गया और उसके ट्रैक सुइट को आगे से उठा दिया । समर यकीन नहीं कर पा रहा था कि उसकी बहन को नहाते हुए देखकर उसका लंड खड़ा हो रहा हैं ।

राम्या ने अब अपनी टांगे थोड़ा और मोड़ ली जिससे उसकी गांड़ समर के सामने आ गई। उफ्फ गांड़ पर बस एक पतली सी सफेद कपडे की लाइन थी जो मुश्किल से गांड़ के छेद को छुपा पा रही थी। समर ने ये कामुक दृश्य देख कर अपने लंड को सहलाना शुरू कर दिया।

तभी उसे किसी के आने की आहट सुनाई पड़ी तो वो गेट बंद करके पीछे हट गया। उसने देखा कि काम्या उधर ही आ रही थी तो उसने अपनी मां को देख कर स्माइल किया तो काम्या भी उसे स्माइल देती हुई उसके पास आ गई ।

समर:" गुड मॉर्निंग मम्मी, आप बहुत खूबसूरत लग रही है आज।

काम्या:" गुड मॉर्निंग बेटा। खूबसूरत तो मैं हूं ही।

ऐसा कहकर वो बाथरूम की तरफ बढ़ती है नहाने के लिए तो समर की गांड़ फट गई कि कहीं मम्मी को अंदर नहाती हुई राम्या को देखकर शक ना हो जाए कि मैं अपनी बहन को देख रहा था नहाते हुए।

वो काम्या को और खीच लिया और अपनी बांहों में भर लिया। तो काम्या डर गई और बोली:"

" अरे कुछ तो शर्म कर, घर में राम्या और माही दोनो हैं। कहीं देख लिया तो।

समर:" तो देख ले की मैं अपनी मा को कितना प्यार करता हूं, सबसे ज्यादा।

और बोलकर एक काम्या का गाल चूम लिया

काम्या:" तू यहां क्या कर रहा है?

समर सकपका सा गया, फिर अपने आपको संयत करते हुए कहा:" मम्मी उपर बाथरूम में पानी नहीं आ रहा हैं इसलिए नीचे नहाने आ गया था लेकिन ये राम्या की बच्ची एक घंटे से घुसी हुई हैं अंदर, पता नहीं एक महीने से नहाई नहीं क्या?

काम्या:"आ जाएगी, ओह, बेटा अब तुम उससे गुस्सा मत हुआ करो, अब उसका सबसे बड़ा सहारा तुम ही तो हो।

तभी काम्या की नजर उसके खड़े हुए लंड पर जाती है तो उसे शरारत सूझ गईं । वो लंड की तरफ देखते हुए मुस्कुरा कर बोली:" उफ्फ इतना गुस्सा कि इसे भी खड़ा कर लिया, थोड़ा सा अपने आपको कंट्रोल किया कर"!

समर काम्या की बात सुनकर मुस्कुरा दिया और बोला:"

" मम्मी ये गुस्से से नहीं बल्कि आपके लिए खड़ा हुआ है यकीन नहीं आता तो आप खुद ही पूछ लीजिए "!

इतना कहकर उसने अपना लंड काम्या की तरफ उभार दिया तो काम्या ने जैसे ही लंड को हाथ में लिया तो दरवाजा खुलने की आवाज अाई तो उसने अपना हाथ हटा दिया। राम्या बाथरूम से बाहर निकल आई थी नहाकर और एक गुलाब के फूल की तरह खिली हुई लग रही थी।

समर से बर्दाश्त नहीं हुआ और वो उससे छेड़ते हुए कहा:"

" क्या बात हैं आज बंदरिया बहुत खूबसूरत लग रही है सुबह सुबह।"!!

राम्या उसकी तरफ एक स्माइल करती है और उपर की तरफ चली गई। वो अब समर से किसी तरह की लड़ाई नहीं चाहती थी क्योंकि उससे अब झगड़ा नहीं प्यार चाहिए था अपने भाई का।सच में कितनी बदल गई थी वो ।

समर:" मम्मी देखा आपने, कितनी बदल गई है ये लड़की, पहले हैं देखो दहाड़ती रहती थी और अब तो भीगी बिल्ली सी बन गई है"!!

काम्या:" हान बेटा करण की मौत का शायद सबसे ज्यादा दुख इसे हुआ है क्योंकि ये अपने बाप से सबसे ज्यादा प्यार करती थी। इसलिए अब तुम्हारी जिम्मेदारी हैं इसका खयाल रखना""!!

समर:" मम्मी मैं अपनी बहन की ज़िन्दगी खुशियों से भर दूंगा। उसकी हर एक इच्छा पुरी करूंगा।:"!

समर को अखाड़े के लिए लेट हो रहा था इसलिए वो नहाने के लिए घुस गया।

थोड़ी देर बाद सारा परिवार टेबल पर नाश्ता कर रहा था कि तभी समर का फोन बज उठा ।फोन अखाड़े से जय सिंह का था जिसे उस दिन समर ने राम्या की स्कूटी गिफ्ट करी थी और ये समर का सबसे खास बंदा था।

समर:" हान जय सिंह बोलो कैसे हो?

जय सिंह:" सर वो किसी ने अखाड़े में आग लगा दी है और जो रिकॉर्ड हमने सरकार को भेजने के लिए तैयार किया था सब जलकर राख हो गया हैं।

समर:" ओह नो, क्या बकवास कर रहे हो तुम!!.

जय सिंह:" सर आप जल्दी से आ जाइए।

समर की हालत खराब हो चुकी थी। चेहरे पर हवाईया उड़ रही थी।

काम्या डरी हुई:" क्या हुआ बेटा , सब ठीक तो है?

समर :" मम्मी किसी ने रात अखाड़े में आग लगा दी हैं और जब कुछ जलकर राख हो गया।

ये बोलकर उसकी आंखो में आंसू आ गए। वो बहुत फुर्ती के साथ घर से निकला तो सभी लोग उसके साथ चल दिए। अखाड़े जाकर देखा तो सब कुछ तो चारो तरफ धुआं और राख बिखरी हुई थी और फायर बिग्रेड की गाड़ियां आग बुझाने में लगी हुई थी।समर की आंखो के आगे अंधेरा सा छा गया और समर अपना सिर पकड़कर बैठ गया।
 
माही और राम्या की आंखों से आंसू निकल पड़े। काम्या की हालत भी कुछ जुदा नहीं थी। काम्या ने हिम्मत दिखाते हुए समर को उठाया और उसे सहारा दिया।

तभी जय सिंह दौड़ता हुआ आया और उसके साथ ही कुछ दूसरे पहलवान भी थे।

समर:" कैसे हुआ ये सब?

जय सिंह:" सर एक रात को यहां आकर रूकी थी जिसमे कुछ लोग थे उन्होंने गार्ड को गोली मार दी और फिर अंदर घुसकर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। हमने रोकने की कोशिश करी तो उन्होंने सब पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। हमारे गार्ड मारे गए और 4 पहलवान।

समर को इतने लोगो के मारे जाने की बात से सदमा पहुंचा और वो रो पड़ा। बड़ी मुश्किल से उसे काम्या और जय सिंह ने संभाला। समर ने अपना रोता हुआ चेहरा उपर उठाया और उसकी आंखो में आंसुओ कि जगह अब ज्वाला धधक रही थी। चेहरा गुस्से के कारण पूरा लाल पड़ हुआ और मुट्ठियां भींच गई।

जय सिंह:" हमने पुलिस को इनफॉर्म कर दिया हैं !!

तभी वहां पुलिस की गाड़ी आकर रुकी तो इंस्पेक्टर हुसैन खान बाहर निकला। जय सिंह उसके पास पहुंचा और उसे समर के पास लाया । खान ने एक बार समर को उपर से नीचे तक घुरा।

खान:" कैसे हुआ ये सब , क्या आपको किसी भी शक हैं ?

समर:' किसी ने रात को आग लगा दी जिस कारण सब कुछ जलकर राख हो गया। मेरी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है

खान:" तो फिर आग क्या कोई यहां दीवाली मनाने के लिए लगा गया है, ध्यान रहे मेरा नाम खान हैं और मैं जुर्म करने वालो की ज़िन्दगी खा जाता हूं। कहीं तुमने ही तो ये सब नहीं कराया हैं लोन के लालच में??

समर का मूड खराब हो गया। उसने गुस्से से खान की तरफ देखा और अपने शब्दो को चबाते हुए कहा:" अपनी जुबान को लगाम दो खान, मुझ पर शक करने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई?? मैंने कोई लोन नहीं लिया हुआ हैं।

खान उसकी आंखो में झांकता हुए:" पुलिस वालो का काम गई शक से शुरू होता हैं मिस्टर समर। अगर लोन नहीं था जब तो इतने लोगो की मौत का हर्जाना भरने में तुम्हारा सब कुछ बिक जाएगा।

समर कोई जवाब नहीं देता हैं और सब कुछ बिकने की बात पर काम्या राम्या माही की हालत खराब हो गई।

खान:" एक महीने पहले कोई ट्रक वाला तुम्हारे बाप को गलत साइड के टक्कर मारकर मार दिया और आज तुम्हारे पूरे अखाड़े को जला दिया गया हैं और तुम बोल रहे हो कि तुम्हारी किसी से कोई दुश्मनी नहीं हैं।

समर:" हान खान मेरी सच में किसी से कोई दुश्मनी नहीं हैं, तुम्हरा काम हैं जांच करना , तुम अपना काम करो

खान का चेहरा गुस्से से तमतमा उठा। उसने समर की आंखो के आगे डंडा लहराते हुए कहा:"

" मुझे मेरा काम कैसे करना हैं मैं खुद बेहतर जनता हूं, तुम्हारी नहीं तो तुम्हारे बाप की किसी से दुश्मनी रही होगी।

समर :" मेरे पापा एक दम सज्जन और दयालु इंसान थे , उसकी किसी से कोई दुश्मनी हो ही नहीं सकती।

खान को लगता हैं कि समर सच बोल रहा हैं तो वो काम्या की तरफ नजर डालता है:"

" आपका क्या कहना हैं काम्या मैडम??

काम्या:" जी मेरे पति एक सीधे इंसान थे, उन्होंने किसी को थप्पड़ तक नहीं मारा।

खान:" ओह, कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी से रंजिश या पारिवारिक लड़ाई रही हो।

आपके पति कितने भाई थे?

काम्या: जी वो अकेले थे, उसका कोई भाई नहीं था। बस एक बहन हैं माही।

खान:" आपको यहां इस शहर में आए हुए कितने दिन हुए हैं? अब से पहले आप कहां रहते थे?

काम्या:" हमे यहां आए हुए 24 साल हो गए हैं और हम पहले एक कबीले से जुड़े हुए थे जहां हम सबका आज भी आना जाना लगा रहता है।

खान इसके बाद कोई सवाल नही करता और लाशों को पोस्ट मार्टम के लिए भेज देता हैं। थोड़ी देर बाद ही सीसीटीवी कैमरे की फुटेज आ गई तो गाड़ी भी नजर आ गई जिस पर मुंबई का नंबर था।

खान:" मुंबई से आपका क्या लिंक हैं जो वहां से यहां तक गाड़ी अाई?

समर:" मैं कुछ नहीं जानता खान , आप अपनी जांच पूरी करो और मुझे परेशान मत करो।

इंस्पेक्टर चला गया और एक अपनी जांच में लग गया। गाड़ी का नंबर किसी महादेव के नाम पर था। जांच में पता चला कि गाड़ी कुछ दिन पहले ही चोरी ही गई थी और उसकी रिपोर्ट भी थाने में दर्ज है।

खान सोच में पड़ गया इसका मतलब मुजरिम जरूरत से ज्यादा चालाक हैं। लेकिन हुसैन खान से पाला पड़ा है उसका , साले को पाताल से भी धुंध निकालूंगा।

तभी उस ट्रैक की भी डिटेल आ गई जिसने करण को टक्कर मारी थी। उसका नंबर कोलकाता में किसी अवतार के नाम पर दर्ज था और खान की उम्मीद के मुताबिक वो भी चोरी किया हुआ था जिसकी रिपोर्ट भी दर्ज थी।

मतलब कातिल जान बूझकर अलग अलग शहर की गाड़ियां इस्तेमाल कर रहा है ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
 
खान ने ट्रैक ड्राइवर के चेहरे को ध्यान से देखा तो उसे लगा कि इसे उसने कहीं देखा हैं। दिमाग पर जोर डालने पर याद आया कि ये तो वो ही आदमी हैं जिसमें रात फैक्ट्री में आग लगाई थी। इसका मतलब साफ है कि दोनों कांड एक ही आदमी ने किए हैं।

खान ने समर को थाने बुला लिया और उसे सारी बातें समझाई। समर को फोटो देखे से लगा कि उसने इस आदमी को कहीं देखा हैं। काफी जोर दिमाग पर डालने के बाद भी जब कुछ याद नहीं आया तो उसने खान को कहा कि वो याद करके बताएगा और अपने घर वापिस लौट गया।।

अगला एक सप्ताह समर के परिवार के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। मौत का हर्जाना भरने के लिए उसने अपनी गाड़ी बंगला सब कुछ बेच दिया। कल तक एक शानदार ज़िन्दगी जीने वाला परिवार आज सड़क पर सा गया। ऐसे में परिवार का सहारा एक बार फिर से सोनम बनी और वो सबको अपने घर ले गई। ।

पुलिस के हाथ कुछ खास नहीं लग पा रहा था क्योंकि आग लगाने आए सारे आदमी बाहर के थे। लेकिन खान अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा था।

राम्या और माही बात बात पर रो पड़ते थे। सोनम और उसका परिवार बड़ी मुश्किल से सबको संभाल रहा था। शाम को राम्या को मुंबई से शीला मैडम का काल आया । शीला ने उसे मुंबई आने के लिए कहा और बताया कि एक परफ्यूम बनाने वाली कंपनी उससे अपना विज्ञापन कराना चाहती है जिसके लिए कंपनी उसका टिकट भी कराने के लिए तैयार हैं।

राम्या ने सबसे पूछा तो सबने उसे जाने के लिए कहा ताकि थोड़े पैसे एक जाए। दो घंटे बाद ही राम्या मुंबई के लिए उड़ गई। वहां जाकर उसने सबसे पहले राहुल को कॉल किया और बताया कि वो दो दिन के लिए मुंबई अाई है।

राहुल खुश हो गया और चल पड़ा मुंबई कि तरफ राम्या से मिलने के लिए। उधर राम्या ने विज्ञापन शूट किया तो कंपनी ने उसे 50 लाख का एक नगद चेक दिया। राम्या खुश हो गई कि अब वो परिवार के लिए एक घर खरीद सकती हैं।

वो रात को शीला मैडम के यहां रुकी और उसे अपने साथ हुए हादसों के बारे में बताया तो शीला ने उसे तसल्ली दी और समझाया की जल्दी ही सब ठीक हो जाएगा। अगले दिन सुबह तक राहुल(भीमा) मुंबई आ गया और राम्या ने उससे मिलने के लिए एक पार्क में बुला लिया।

राहुल राम्या को देखकर बहुत खुश हुआ और उसकी तरफ स्माइल दी। राम्या ने भी एक फीकी सी स्माइल के साथ उसका स्वागत किया। राहुल ने अपना हाथ आगे बढाया तो राम्या ने उससे हाथ मिलाया और दोनो वहीं पड़ी हुई एक बेंच पर बैठ गए।

राहुल:" ओह राम्या मैं तुम्हे बता नहीं सकता कि मैं आज कितना खुश हूं, मेरे सामने मिस इंडिया बैठी हुई है जिसे मै दुनिया में सबसे ज्यादा पसंद करता हूं।

राम्या कोई जवाब नही देती तो राहुल पूछता है:"

" क्या हुआ रानी इतनी गुमशुम क्यों हो? क्या मैंने कुछ गलत बोल दिया क्या?

राम्या की आंखो में आंसु आ गए तो राहुल ने उन्हें अपने रुमाल से साफ किया और उसे अपने गले लगा लिया तो राम्या भी उसके गले लग गई।

राहुल उसके बालो को सहलाते हुए:" क्या हुआ रानी इतनी दुखी क्यों हो ?

राम्या उसे सारी बात बता देती कि किसी कुत्ते ने उसके भाई का अखाड़ा जला दिया और नुकसान की भरपाई करने के लिए उनका घर तक बिक गया हैं। आज वो दूसरो के रहमो करम पर जिंदा हैं।

राहुल :" तुम्हारे साथ इतना सब कुछ हो गया और तूने मुझे बताया भी नहीं। क्या मुझे अपना नहीं समझती ?

राम्या इससे कसकर लिपट गई और बोली:"

" नहीं राहुल, एक तुम पर ही तो मैं परिवार के बाद भरोसा करती हूं, बस याद नहीं रहा।

राहुल अपनी जेब से एक चेक बुक निकालता है और एक चेक में 80 लाख रुपए भरकर राम्या की तरफ बढ़ देता हैं तो राम्या लेने से मना कर देती है तो राहुल उसे समझाते हुए:

" ले लो राम्या, उधार समझकर रख लो जब सब ठीक हो जाए मुझे वापिस कर देना।

राम्या को उसकी बात सुनकर उस पर बड़ा प्यार आया और उसने राहुल के गाल को चूम लिया तो राहुल ने भी राम्या का गाल चूम लिया तो राम्या शर्म के मारे लाल हो गई और उसके गले लग गई।

राम्या:" आई लव यू राहुल सो मच।

राहुल:" मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूं रानी। चलो आज मैं तुम्हें अपने साथ अपने फार्म हाउस लेकर चलता हूं जहां हम दोनों होंगे।

राम्या:" नहीं राहुल, अभी मुझे वापिस घर जाना होगा ताकि मैं अपने लिए घर खरीद सकू। अगली बार मैं पक्का तुम्हारे साथ चलूंगी।

राहुल;" एक रात की ही तो बात है राम्या, मेरा मन नहीं लगता तुम्हारे बिना, चलो ना मेरे साथ प्लीज़।

राम्या:" आज नहीं राहुल, प्रोमिस अगली बार मैं खुद पक्का तुम्हारे साथ चलूंगी। समझने की कोशिश करो मेरी मजबूरी ।

राहुल:" ठीक है रानी, मैं तुम्हारा इंतजार करूंगा ।

ऐसा कहकर वो रानी का माथा चूम लेता है और फिर राम्या निकल पड़ी अपने घर की तरफ।

शाम तक वो घर पहुंच चुकी थी और उसने सबको बताया कि उसने विज्ञापन मिल गया हा और 50 लाख रुपए भी। राहुल से मिले चेक के बारे में उसने नहीं बताया क्योंकि वो उसे खर्च नहीं करना चाहती थी ।

राम्या और समर ने एक छोटा सा मगर खूबसूरत मकान खरीद लिया जिसमें सिर्फ तीन कमरे बने हुए थे। फिर से उनके सिर पर छत आ गई थी । राम्या बहुत खुश थी कि उसने अपने परिवार के लिए कुछ तो अच्छा किया।

अगले दिन समर पुलिस स्टेशन जा रहा था कि उसे ठोकर लग गई और वो नीचे गिर गया। तभी एक गोली उसकी बालो को छूती हुई निकल गई। समर ने फुर्ती से अपने पैरो पर खड़ा हुआ और उसने गोली कि दिशा में देखा तो उसे सामने छत पर एक आदमी दिखाई दिया जिसमे समर पर गोलियों की बौछार कर दी। लेकिन समर सावधान था इसलिए पलटा मार कर बच गया। तभी बंदूक की गोलियां खत्म हो गई और वो आदमी भागने लगा। समर ने उसका पीछा किया और आखिरकार उसे पकड़ लिया तो वो आदमी अपने जेब से जहर की गोली निकाल कर खाने लगा तो समर ने उसके हाथ से गोली दूर फेंक दी।
 
पुलिस स्टेशन पास ही था इसलिए गोलियों की आवाज सुनकर खान भी आ गया और उस बदमाश को पकड़ लिया। खान उसे थाने ले गया और बिना कुछ पूछे ही उसकी एक टांग में गोली मार दी।

आदमी दर्द से तड़प उठा। खान ने एक बोरा मंगवा लिया जिसमें कुछ भूखे चूहे भरे हुए थे। खान

ने सिपाही को कहा कि ये थैला इसके मुंह पर बांध दो।

आदमी:" साहब मेरा नाम छोटा ढक्कन हैं और मुझे मुंबई के नामी बदमाश तेजा भाई ने इसे मारने के लिए 1 करोड़ रुपए दिए थे। मैं उससे ज्यादा कुछ नहीं जानता ।

खान सबसे पहले एक गाड़ी को समर के घर पर भेज देता हैं ताकि उसकी परिवार को सुरक्षा मिल जाए।

खान:" अब बताओ समर तुम्हे क्या कहना हैं इस बारे में?

समर:" खान साहब मैं अभी भी यही कहूंगा कि मेरी किसी से कोई दुश्मनी नहीं हैं।

खान सोच में पड़ गया। ऐसा कैसे हो सकता हैं यार

खान:" देखो कोई तो है जो तुम्हे बर्बाद कर देना चाहता है । किसी की हत्या के लिए एक करोड़ रुपए बहुत नदी रकम होती हैं, इतना पैसा कोई क्यों खर्च करना चाहता है तुम्हारे लिए ?

समर अपने दिमाग के घोड़े दौड़ा रहा था मगर कुछ समझ नहीं आ रहा था। धीरे धीरे रात गहराने लगी और वो अपने नए घर की तरफ चल दिया।

घर गया तो सभी लोग डरे हुए थे क्योंकि घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस वाले मौजूद थे मानो किसी बॉर्डर पर तैनात हो। घर के अंदर घुसते ही तीनो समर से लिपट गई।

राम्या:" भाई मुझे बहुत डर लग रहा है, हमारे साथ ये क्या हो रहा है ?

समर:" डर मत अपने भाई पर भरोसा रखो। मैं सब ठीक कर दूंगा।

काम्या आंखो में पानी लिए समर की तरफ देखती हैं और बोली:

" आज तुम पर किसी ने गोली भी चलाई हैं, मेरे सामने आ जाए तो उसका कुत्ते का खून पी जाऊंगी।

समर:" मम्मी आप फिक्र मत करो , जब तक आप सबका प्यार मेरे साथ हैं कोई मेरा कुछ नही बिगाड़ सकता ।

माही कुछ नहीं बोल रही थी वो तो बस पागलों की तरह समर दे लिपटी हुई थी। किसी का भी खाना खाने का मन नहीं था लेकिन फिर भी सबने थोड़ा थोड़ा खाना खाया। रात को सब एक साथ ही डबल बेड पर सो गए।

दूसरी तरफ इंस्पेक्टर खान मुंबई के लिए निकल गया था ताकि तेजा को पकड़ सके।

वहीं दूसरी तरफ तेजा के अड्डे पर तेजा और एक नकाबपोश बैठे हुए थे । जी हां ये वहीं नकाबपोश था जिसने करण का एक्सिडेंट करवाया, समर का अखाड़ा जला दिया और उस पर गोलियां चलाई।

तेजा:" भाई समर आज बच गया हमारे आदमी के हाथो, लेकिन जल्दी ही उसे मर दिया जाएगा।

नकाबपोश:" समर के मरते ही मैं अपने उस काम को अंजाम दूंगा जिसके लिए मैं पिछले 20 साल से तड़फ रहा हूं।बस जल्दी से उसको हटा दो रास्ते से तुम। पैसा जितना चाहिए मैं दूंगा।

तेजा:" जुर्म की दुनिया में जुबान की कीमत होती हैं, समर एक हफ्ते से ज्यादा जिंदा नहीं रहेगा। ये तेजा का वादा हैं।

नकाबपोश खुश हो गया और वहां से निकल गया। उसकी आंखे से आग की लपटे सी निकल रही थी।

आखिर कौन हैं ये नकाबपोश और क्यों समर और उसके परिवार को बर्बाद कर देना चाहता हूं ????

जैसे ही कबीले में भीमा को समर के अखाड़े जलने के बारे में पता चला तो वो परेशान हो गया।उसने समर को फोन किया!

भीमा:' ये सब कैसे हुआ सरदार ?

समर:" पता नहीं किसी ने अखाड़ा जला दिया और पापा की मौत भी उसकी ही वजह से हुई है और उसने है मुझ पर गोलियां भी चलवाई हैं।

भीमा:" कौन हरामजादा हो सकता हैं जो ऐसा कर रहा हैं?

समर:" बस अब जल्दी ही पता चल जाएगा क्योंकि मुझ पर गोली चलाने वाला गिरफ्तार हो चुका हैं और उसे किसी तेजा भाई ने भेजा था। इंस्पेक्टर खान उसे जल्दी ही गिरफ्तार कर लेगा।
 
भीमा ये सुनकर थोड़ा परेशान से हो गया फिर उसके होठों पर एक जहरीली मुस्कान आ गई और वो बोला:" ये तो बहुत अच्छी बात हैं, वो जल्दी से जल्दी पकड़ा जाए ताकि तुम पर आगे कोई मुसीबत ना आ सके।

समर:" हान , अगर मुझे पता चल जाए कि कौन हरामाजदा ये सब कर रहा है तो उसे जिंदा जला दूंगा।

भीमा:" पता चल जाएगा। मैं तुम्हारे साथ हूं और जल्दी ही तुम्हारे पास आ रहा हूं ताकि मिलकर उसे ढूंढ़ सके। बाद में करता हूं। बाय।

इतना कहकर उसने फोन काट दिया और सीधे फोन मिलाया तेजा भाई के पास।

भीमा:" तेजा तुम्हे पकड़ने के लिए इंस्पेक्टर खान आ रहा हैं क्योंकि तुम्हारे आदमी पकड़ा गया है और उसने सब कुछ उगल दिया है ।

तेजा:" ओह, लेकिन उस तेजा तो क्या उसकी परछाई भी नहीं मिलेगी । मैं ये मुल्क छोड़कर जा रहा हूं कुछ दिनों के लिए।

भीमा:" ठीक हैं, तुम जाओ , अगर फस गए तो मुसीबत आ जाएगी।

और इतना बोलकर भीमा ने फोन काट दिया।

भीमा जी हान भीमा ही था जो समर की बर्बादी के लिए जिम्मेदार था।

भीमा के साथ उसके कुछ जंगली साथी भी बैठे हुए थे जो एक काम में उसका साथ दे रहे थे।

भीमा:" कुछ दिन और बढ़ गए समर की ज़िन्दगी के , लेकिन जल्दी ही उसे मेरे हाथो मरना होगा।मैंने अपने मरते हुए बाप और भाई से वादा किया था कि मैं करण को बर्बाद कर दूंगा और उसकी बहन को सबकी रखैल बनाऊंगा। बस समर के मरते ही मेरा सपना पूरा हो जाएगा। "!!

कलवा:" हान, भीमा भाई मुझे माही बहुत पसंद हैं, और राम्या तो जब से मिस इंडिया बनी हैं बार बार हिलाता रहता हूं उसका नाम लेकर। अगर हम समर को नहीं मार पाए तो ?

भीमा:" खामोश , उसे मरना ही होगा। लेकिन दूसरा रास्ता भी हैं मेरे पास। मैंने राहुल बनकर राम्या को अपने प्यार के जाल में फंसा लिया हैं । काश वो कल फार्म हाउस के लिए मान जाती तो उसे नशे की गोलियां देकर उसकी नंगी की फिल्म बनाता और उसको चोद देता, फिर माही को वो वीडियो दिखा कर ब्लैकमेल करता और उसको तुम सबकी रखैल बना देता। समर तो ये सब देख कर शर्म से ही मर जाता।

कलवा: लेकिन सरदार, राम्या तो आपकी बहन की लड़की हैं,

भीमा:" मेरे लिए सब मर चुके हैं, जब मेरे पास कोई रास्ता नहीं बचा तो मुझे अच्छा होने का ढोंग करना पड़ा ताकि उनका विश्वास जीत सकू। अब मैंने उसे सड़क पर ला दिया है। कल मुझे अखाड़े के लिए सरकार से समर्थन मिला जाएगा तो समर का सपना था। कल की रात हमारे लिए खुशी की रात होगी।

चलो अब रात बहुत हो गई है। कल सुबह मिलेंगे। गुड नाईट सबको।

और उसके बाद सबकी महफ़िल खत्म हो गई। सभी लोग अपने घरों में चले गए।

जैसे ही खान तेजा के अड्डे पर पहुंचा तो वहां कोई नहीं था। उसका मतलब तेजा को पहले ही खबर मिल चुकी थी। किसने दी होगी उसे ये खबर।खान अपने स्तर पर जगह तेजा का पता करता हैं लेकिन मुझे कोई खास खबर नहीं मिलती । लास्ट में परेशान होकर वो वापिस अपने शहर चंडीगढ़ की तरफ लौट पड़ा।

समर ने जय सिंह और अपने आदमियों को चारो तरफ लगा रखा था ताकि पता चल सके कि कौन हैं जो उसके साथ ये खूनी खेल खेल रहा हैं। लेकिन कुछ खास खबर नहीं मिल पा रही थी।

काम्या , राम्या और माही का घर से निकलना बंद हो गया था।

अगले दिन अखाड़े के लिए सरकार की घोषणा थी और इस बार ये टेंडर मिला भीमा को।

भीमा खुशी के मारे पागल हो रहा था।

जैसे ही समर को पता चला तो उसने कॉल करके भीमा को मुबारक दिया। भीमा ने उसे कबीले आने का न्योता दिया तो समर ने कहा कि जल्दी ही वो आएगा।

आज कबीले में पार्टी थी । पूरी रात नाच गाना होता रहा, सब मस्ती में झूम रहे थे, खास तौर से कलवा क्योंकि वो भीमा का सबसे खास आदमी था। आधी रात हो गई तो सभी लोग अपने अपने घरों कि तरफ लौट पड़े । कलवे की एक बहन थी चंदा जो बहुत खूबसूरत थी, आज उसने प्रोग्राम में बहुत अच्छा नाच किया। अपने गांड़ हिला हिला कर सबको दीवाना बना दिया था।

जैसे ही प्रोग्राम खत्म हुआ भीमा ने अपने मुंह पर कपड़ा लपेटा और चंदा को बेहोश किया और और उठा कर भाग लिया। कलवा नशे में होने के कारण कुछ नहीं कर पाया और बस बेबस आंखो से देखता रहा। भीमा उसे उठाकर नीचे तहखाने में ले गया जिसका भीमा से अलग किसी को भी पता नहीं था।
 
चंदा पूरी तरह से कांप रही थी। उसने भीमा को पहचान लिया था। वो भीमा से सबसे ज्यादा नफरत करती थी क्योंकि वो जानती थी कि भीमा माही को सबकी रखैल बनाना चाहता था और एक औरत होने के नाते उसे माही से हमदर्दी थी।

चंदा:" ये क्या बदतमीजी है, मुझे यहां क्यों लाया क्या गया हैं?

भीमा:" मुझे तो पसंद आ गई है मेरी जान , तेरे साथ सुहागरात मनाने के लिए तुझे यहां लाया गया है, उफ्फ तेरी ये गांड़ इसने मुझे दीवाना बना दिया है। आज तेरी गांड़ मेरे लंड के नाम। !!

चंदा:" नहीं भीमा ऐसा मत करना मेरे साथ , मैं तुम्हारी बहन जैसी हूं , मुझे छोड़ दो।

भीमा:" बहन जैसी हैं तो क्या हुआ मैं बहन चोद बन जाऊंगा। आ जा मेरी जान अब ।

चंदा डर के मारे भागती हैं लेकिन गेट बंद होने के कारण नहीं भाग पाती, भीमा लपक कर उसे पकड़ लेता हैं और उसके कपड़े फाड़ कर उसे पूरी नंगी कर देता हैं।

चंदा:" मुझे छोड़ दो , जाने दो मुझे, रहम करो मुझ पर।

भीमा अपने सारे कपड़े उतार देता है तो उसका काला मोटा लन्ड आजाद हो गया जिसे देखकर चंदा की चींख निकल गई।भीमा चंदा को पकड़ लेता हैं और उसकी मोटी मोटी चूचियां जानवरो की तरह भींचने लगता हैं तो चंदा की दर्द भरी पूरे तहखाने में गूंजने लगी।

भीमा:" चिल्ला साली, खूब जोर से चिल्ला, यहां कोई आने वाला नहीं हैं , तेरी आवाज़ यहीं दबकर रह जाएगी।

चंदा को जब बचाव का कोई रास्ता नहीं सूझा तो उसने जोर से भीमा के टट्टे दबा दिए तो भीमा दर्द से तड़प उठा और वहीं फर्श पर गिर गया।

भीमा के गिरते ही चंदा बाहर की तरफ भागने लगी लेकिन तभी दर्द से तड़प रहे भीमा ने उसे पकड़ लिया और उसके मुंह पर थप्पड़ की बरसात सी कर दी। चंदा का मुंह लाल हो गया तो उसने गुस्से में भीमा के कंधे पर काट लिया तो भीमा ने उसके पेट में एक जोरदार लात मारी जिससे चंदा दूर गिरी और दर्द से कराह उठी क्योंकि उसकी एक टांग टूट गई थी।

भीमा पूरी तरह से नशे में था । वो पागलों की तरह ठहाके मारने लगा, उसने चंदा को उठा कर एक बेड पर रस्सी से बांध दिया। भीमा ने चंदा की गांड़ पर थूका और अपना लंड को उसकी गांड़ में ठोक दिया। चंदा की दर्द भरी चींखें गूंजने लगी और वो बेहोश हो गई, भीमा पहली की तरह उसकी गांड़ में धक्के मारने लगा, तो चंदा की गांड़ से खून बहने लगा। भीमा को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था, वो तो बस जानवर की तरह लगा रहा और चंदा के जिस्म को दांतो से काटता रहा।

जैसे ही भीमा ने आखिरी धक्का लगाया तो चंदा की दर्द भरी चींखं फिर से निकल गई, भीमा उसकी कमर पर गिर गया।

नशे में धुत्त भीमा चंदा के उपर ऐसे ही पड़ा रहा पूरी रात। अगले सुबह उसने फिर से उसकी गांड़ मारी और उसे ऐसे ही बंधा हुआ छोड़कर बाहर निकल गया। चंदा अपनी किस्मत पर आंसू बहाती रही।

कलवा बहुत दुखी था । चंदा को कोई उसकी आंखो के सामने से उठा ले गया और वो कुछ नहीं कर पाया, उसने कसम खाई कि आज के बाद वो कभी शराब नहीं पिएगा और चंदा की खोज में जुट गया। कलवा भीमा के पास पहुंचा और उसे उसे अपनी चंदा के बारे में बताया तो मन ही मन भीमा मुस्कुरा उठा।

भीमा:" ये नीच हरकत किसने की हैं उसका नाम बताओ ?

कलवा:"सरदार नहीं पता चला पाया कि कौन था। अब कुछ भी करके उसका पता लगाना होगा।

भीमा:" जाओ सारे कबीले को बुलाओ कि भीमा ने बुलाया है।

थोड़ी देर बाद ही सारा कबीला एक मैदान में था। भीमा स्टेज पर बैठा हुआ था।

भीमा:" कल रात कोई चंदा को उठा कर ले गया है उसका पता करो कि किसने ये नीच काम किया है ? उसे फांसी दी जाएगी।

सभी लोग अपने अपने स्तर पर चंदा की खोज में लग गए लेकिन कोई नहीं ढूंढ़ पाया। भीमा दोपहर को तहखाने में गया और चंदा को खाने के लिए रोटी दी तो ना चाहते हुए भी चंदा ने खाना खाया क्योंकि वो जानती थी कि अगर जिंदा रहेगी तभी यहां से निकल पायेगी।

भीमा:" आज के बाद हर रोज मैं तेरे रात सुहागरात मनाऊंगा, तुझे अब ज़िन्दगी भर यहां मेरी रखैल बनकर रहना पड़ेगा। हा हा हा हा।

चंदा उसकी तरफ नफरत से देखती है और कुछ नहीं बोलती । भीमा बाहर निकल आया।
 
उधर खान वापिस आ गया था मुंबई से । उसे समझ नहीं आ रहा था कि तेजा को उसके आने की खबर कैसे मिल गई। वो फिर से तेजा के आदमी से उसके नए ठिकाने के बारे में पूछता हैं तो उसे कुछ नहीं पता था। वो फिर खाना खाता हैं और सफर से थके होने के कारण सो जाता हैं।

दूसरी तरफ समर घर बैठा हुआ अपने दिमाग पर जोर डाल रहा था कि उसने इस आदमी को कहां देखा हैं जिसने उसका अखाड़ा जलाया हैं। उसे कुछ याद नहीं आ रहा था। खाना बन चुका था इसलिए सारा परिवार खाना खाता हैं और फिर सब लोग सो गए ।

अगले दिन सुबह खान समर को थाने बुलाता हैं । समर थाने आ चुका था, वो खान को देखता हैं तो उसे लगता हैं कि खान काफी परेशान हैं।

खान:" मैं मुंबई तेजा को पकड़ने के लिए गया था लेकिन वो पहले ही भाग गया था क्योंकि उस खबर मिल चुकी थी। कहीं तुमने तो किसी को नहीं बताया कि मैं मुंबई जा रहा हूं ।

समर:" इंस्पेक्टर साहब जब देखो आज मुझपर ही शक करते रहते हैं। मैं भला ऐसा क्यों करूंगा ?

खान:" शक के बिना कोई केस पूरा नहीं होता मिस्टर , याद कीजिए क्या आपकी किसी से कोई बात हुई थी इस बारे में? चाहे कोई घर का रहा हो या बाहर का ?

समर सोचने लगा तो उसे याद आया कि उसकी भीमा से बात हुई थी इस बारे में लेकिन भीमा ऐसा नहीं कर सकता, वो तो बिलकुल बदल गया हैं।

खान उसके चेहरे के भाव ध्यान से पढ़ रहा था। उसने थोड़ा सख्त आवाज में पूछा:"

" हान बताओ फिर किससे बात हुई थी तुम्हारी?

समर:"भीमा से बात हुई थी लेकिन वो ऐसा नहीं कर सकता।

खान की आंखो में चमक आ गई!उसने पूछा:".

" ये भीमा कौन है और क्या करता है?

समर:" वो मेरा मामा हैं और यहां से 1100 किलोमीटर दूर कबीले में रहता है। वो भी एक बहुत बड़ा पहलवान हैं।

खान:" तुम बता रहे थे कि तुमने सरकार को भेजने के लिए एक फाइल बनाई थी ताकि तुम रजिस्टर्ड हो जाओ, अभी किसी मिला हैं वो सरकारी टेंडर ?

समर को तो जैसे यकीन ही नहीं हुआ क्योंकि जो खान उससे पूछ रहा था वो तो उसने सोचा भी नहीं था।

समर:" भीमा को मिला हैं,

खान के दिमाग की बत्ती जल उठी। उसके होंठो पर स्माइल आ गई और उसने पूछा:"

"कहीं ऐसा तो नहीं कि उसने टेंडर लेने के लिए तुम्हारा अखाड़ा जला दिया हो। हो सकता हैं कि तुम्हारी सारी बर्बादी के पीछे वो ही जिम्मेदार हो।

समर ने दिमाग ने भी उसी दिशा में सोचना शुरू कर दिया। तभी उसे याद आया कि किस तरह से भीमा ने अपने बाप को वादा किया था कि वो हमे बर्बाद कर देगा और माही को सबकी रखैल बनाएगा। लेकिन वो ये बात खान को नहीं बताता।

खान:" क्या छुपाने कि कोशिश कर रहे हो खान से ?

समर:' कुछ नहीं खान सर। जो कुछ भी मुझे पता था आपको सब बता दिया।

खान:" मुझे भीमा का मोबाइल नंबर चाहिए ताकि उसकी कॉल डिटेल्स निकलवा सकू।

समर उसे नंबर दे देता हैं वो खान वो नंबर सर्विलांस पर लगा देता हैं उसके बाद समर वहां से निकल गया। जाते जाते वो अपने सात उस इंसान का फोटो ले गया जो उसका अखाड़ा जलाने में शामिल था।
 
समर उसे नंबर दे देता हैं वो खान वो नंबर सर्विलांस पर लगा देता हैं उसके बाद समर वहां से निकल गया। जाते जाते वो अपने सात उस इंसान का फोटो ले गया जो उसका अखाड़ा जलाने में शामिल था।

घर जाकर उसने काम्या को वो फोटो दिखाया तो उसे भी समझ नहीं आया कि ये किसकी फोटो हैं । सब लोग खाना खा रहे थे कि समर पानी पीने के लिए आगे झुका तो उसकी जेब से वो फोटो निकल कर टेबल पर गिर गई।

माही उसे देखते ही पहचान गई।

माही:" आपके पास कलवा भाई की ये फोटो कहां से आई?

समर की आंखे चौड़ी हो और दिमाग में सायरन बज गया।

समर:" क्या तुम इसे जानती हो माही?

माही:" हान ये तो कलवा हैं जो कबीले में रहता हैं । इसकी बहन का नाम चंदा हैं जिसमें मेरा बहुत ध्यान रखा था जब मैं कबीले में कैद थी। ये भीमा का सबसे खास आदमी हैं।

समर के दिमाग में एक के बाद एक धमाके हो रहे थे। उफ्फ इसका मतलब सारे लफड़े की जड़ भीमा हैं । उसकी आंखो में नफरत की चिंगारियां निकलने लगी।

काम्या:" क्या हुआ ? ये फोटो तुझे कहां से मिला? अरे ये तो बार हमारे घर भी आया था जब हमने पूरी रात जागकर नक्शा तैयार किया था।

समर को भी याद आ गया कि मैंने इसे अपने घर ही देखा था। एक के बाद एक उन्हें सारी बातें बता देता हैं। किसी को भी जैसे यकीन नहीं हो रहा था, क्या भीमा सच में इतना गिर सकता हैं। राम्या बोलती हैं:"

" भाई मुझे पूरा यकीन हैं कि ये उसका ही काम हैं , वो जानवर हैं मेरी नजरो में और हमेशा जानवर ही रहेगा, वो ही कर सकता हैं ये नीच काम।

समर:" ठीक हैं अब मैं अपने तरीके से खुद सब कुछ ठीक कर दूंगा। मुझे सबसे पहले खुद कलवा को ढूंढ़ना होगा।

उसके बाद सारा परिवार एक साथ ही लेट गया और सब सोने को कोशिश में जुट गए।

दूसरी तरफ खान कॉल डिटेल्स निकलवा चुका था। उसे कुछ खास नहीं मिला सिवाय राम्या नंबर के कि राम्या उससे बात करती हैं और दोनो एक दूसरे से प्यार करते हैं।

( भीमा ने तेजा को दूसरे नंबर से कॉल किया था इसलिए को नहीं पकड़ में आया)!

समर अगले समर जय सिंह के साथ कबीले के लिए निकल गया ताकि सारी बातें जान सके। क्या सच में भीमा हैं या कोई और उसकी बरबादी का कारण ?

कबीले जाकर उसने अपना भेष बदल लिया और तहकीकात में जुट गया । उसे तलाश थी कलवा की जो कि इस वक़्त भीमा के घर पर मौजूद था। कबीले में वो भिखारी बना हुआ था और घर घर जाकर कलवा को ढूंढ़ रहा था। उसे पता चला कि कलवा की बहन चंदा को किसी ने उठा लिया हैं।

रात में जैसे ही भीमा के घर से बाहर निकला तो की आंखे चमक उठी। जैसे ही एक अंधेरे से गुजरा तो समर ने उसका मुंह पकड़कर उसे बेहोश किया और कंधे पर उठा कर जंगल की तरफ चल दिया।

जंगल में ले जाकर उसने कलवा को पटक दिया तो कलवा को होश आ गया लेकिन समर को देखते ही वो फिर से बेहोश हो गया। जय सिंह ने उसके मुंह पर पानी मारा तो उसने फिर से डरते हुए अपने आंखे खोल दी।

समर:" कलवा मेरे अखाड़े को आग तूने किसी के कहने पर लगाई हैं ?

कलवा:" नहीं, मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है , मुझे छोड़ दो।
 
समर उसके एक हाथ को पकड़ कर तोड़ देता हैं। कलवा की दर्द भरी आवाज उसके मुंह में दब गई क्योंकि जय सिंह उसका मुंह दबा चुका था।

समर:" अभी याद आया कि दूसरा हाथ भी तोड़ दू?

कलवा:" मैं नहीं बता सकता , वो मुझे मार डालेगा।

समर:" और अगर नहीं बताया तो मैं तुम्हें मार दूंगा। जल्दी अपना मुंह खोलो ?

कलवा:" भीमा के कहने पर मैंने ये सब किया हैं । उसने है तुम्हारे बाप को मारा, वो ही तुम्हारी बर्बादी के लिए जिम्मेदार हैं और वो तुम्हे।.....

इससे आगे के शब्द उसके मुंह में ही रह गए क्योंकि समर ने उसका गला दबा दिया जिस कारण उसके मुंह से आवाज नहीं निकल पाई ।

समर:" मर गया हरामजादा । अब मैं भीमा को ऐसी मौत दूंगा कि मौत भी कांप उठेगी।

उसके बाद वो चल पड़ा भीमा को तबाह करने के लिए। गुस्से में समर ठीक से नहीं देख पाया कि कलवा की सांसे अभी चल रही थी। समर के जाते ही उसने भीमा को फोन करके सब कुछ बता दिया तो भीमा अपनी जान बचाने के लिए कबीला छोड़कर भाग गया।

समर भीमा के घर पहुंचा तो उसने देखा कि भीमा भाग चुका था। समर ने सबसे पहले काम्या को फोन किया और बताया कि सब कुछ भीमा ने किया हैं और वो भाग गया है।

उसके बाद वो घर की तलाशी लेने लगा तो उसे एक दीवार के पीछे कुछ शक हुआ क्योंकि दीवार से एक कपड़ा बाहर लटक रहा था। उसने पास जाकर हल्का सा जोर दिया तो दीवार अपनी जगह से खिसक गई और तहखाने का रास्ता खुल गया। समर अंदर घुस गया तो उसने चंदा को देखा जो नंगी ही बेड पर बंधी हुई थी।

उसने उसे खोल दिया और कपडे दिए । चंदा ने अपने कपड़े पहने और समर के साथ बाहर आ गई।

समर अपने असली रूप में आ गया तो चंदा उसे पहचान गई और उसके पैरो में गिर पड़ी। समर ने उसे उठाया और उसके घर की तरफ चल दिया छोड़ने के लिए ।

सभी लोग समर को सलाम कर रहे थे क्योंकि उनका असली सरदार ही था। समर एक मीटिंग बुलाता हैं तो सारे कबीले वाले एक जगह इकट्ठा हो गए, कलवा भी आ गया जो कि भीड़ में पीछे छिपा हुआ था।

चंदा को देखकर सब लोग खुश हुए कि कबीले की लड़की मिल गई हैं। सब लोग जानना चाहते थे कि उसके साथ क्या हुआ था।

चंदा:" मुझे भीमा उठाकर ले गया था और नीचे तहखाने में कैद कर लिया था और रोज मेरे जिस्म से खेलता रहा । जानवरो जैसा सलूक किया उसने मेरे साथ !!

ये बोलकर चंदा अपनी कमर सबको दिखा देती हैं जो काटे और नोचे जाने के कारण लाल। हो गई थी और जगह जगह निशान पड़े हुए थे।

लोगो को जैसे यकीन ही नहीं हुआ क्योंकि इनके लिए तो भीमा साक्षात देवता था।

समर:" आपके सरदार करण का भी खून हो गया हैं जिसके लिए सिर्फ भीमा जिम्मेदार हैं। मेरा अखाड़ा जला दिया गया, मेरे उपर हमला किया गया जो सब भीमा ने कराया हैं।
 
चारो तरफ सन्नाटा । लोग मानने के लिए तैयार नहीं थे। तभी पीछे खड़ा हुआ कलवा धीरे धीरे आगे की तरफ आया कोएंकी उसका दिल टूट गया था भीमा के अपनी बहन पर किए गए अत्याचार देखकर। कलवा को देखते ही समर की आंखो में खून उतर आया क्योंकि उसकी वजह से ही भीमा भागा था। समर उसकी तरफ बढ़ा तो कलवा उसके पैरो में गिर गया और माफी मांगने लगा।समर पीछे हट गया।

कलवा:" ये बात सच है कि भीमा ने ही ये सब किया है और मैने उसका साथ इस सारे काम में दिया हैं। और उसने मेरी ही बहन के साथ ये सब किया, उसे जीने का कोई हक नहीं है।!!

तभी भीड़ में से आवाज अाई कि जीने का हक तो तुझे भी नहीं है और देखते ही देखते भीड़ ने उसे चारो और से घेर लिया और मारने लगे। समर सबको पीछे हटाने कि कोशिश करता रहा लेकिन भीड़ के सिर पर खून सवार था। जल्दी ही कलवा की लाश बीच में पड़ी हुई थी जिसे देखकर चंदा रो पड़ी।

इतने में ही पुलिस की कुछ गाड़ियां वहां आपके रुकी और इंस्पेक्टर खान बाहर निकला।लाश को लोगो ने घेर लिया ताकि कोई देख न सके।

खान:" समर तुम यहां? हम लोग भीमा को शक के आधार पर उठाने आए हैं। कहां मिलेगा वो?

समर:" असली मुजरिम वहीं हैं और वो भाग गया हैं क्योंकि उस पता चल गया था कि उसकी पोल खुल चुकी हैं।

खान:" भाग गया या तुमने मार दिया?

समर: " भाग गया हैं अभी तो लेकिन याद रखना खान उसकी मौत मेरे ही हाथो होगी।

खान:" उसे सजा कानून के हिसाब से मिलेगी, अगर तुमने उसे मारा तो फांसी पर लटकने के लिए तैयार रहना।

समर:" वो तो वक़्त ही बताएगा।

उसके बाद खान वापिस लौट गया। खान के जाने के बाद कलवा का अंतिम संस्कार किया गया और रामू नाम के एक जिम्मेदार लड़के को कबीले का मुखिया बना दिया। चंदा की देखभाल करने वाला अब कोई नहीं रह गया था इसलिए समर उसे अपने साथ लेकर शहर आ गया। जय सिंह चंदा को देख कर उसपर मोहित गया था।

घर पर आकर उसने देखा तो पुलिस सिक्योरिटी हट चुकी थी। घर आकर उसने सबको सारी बाते बताई तो सबको एक सुकून मिला कि असली मुजरिम का पता चल गया।

लेकिन भीमा भाग गया था इसलिए खतरा अभी भी बना हुआ था। क्योंकि वो हमला जरूर करेगा।

चंदा माही से मिलकर बहुत खुश हुई। जय सिंह ने बताया कि वो चंदा से शादी करना चाहता है सबकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। अगले दिन मंदिर में दोनो की शादी हो गई जिसमें पूरा परिवार शामिल रहा। अखाड़े के अंदर दो कमरे बच गए थे जलने से इसलिए वो उसने जय सिंह को रहने के लिए दे दिए । सुहागरात को जय हिन्द को पता चला कि चंदा की चूत कुंवारी हैं वो उसका दीवाना हो गया।

समर अपने पूरे परिवार के साथ बैठा हुआ था।

समर:" मम्मी मैं चाहता हूं कि हम अपना पहले वाला घर फिर से खरीद ले लेकिन उसके लिए हमें 2 करोड़ रुपए चाहिए ।

राम्या:" भाई मैं पूरी मेहनत करुगी । विज्ञापन करूंगी, कुछ भी करके अपना घर वापिस लूंगी।

माही:" मैं भी अपन ब्यूटी पार्लर पूरी मेहनत से चलाऊंगी ताकि हम अपना सम्मान फिर से हासिल कर सके।

काम्या:" मैं माही का पूरा साथ दूंगी।

फिर क्या था । चारो लग गए अपने काम पर, राम्या को कुछ विज्ञापन मिल गए , वहीं समर ने भी कुश्ती में बड़े बड़े नामी पहलवानों को हराया और अकेले दम पर ही 5 करोड़ कमा लिए। पूरी परिवार की एक महीने की बचत कोई 8 करोड़ रुपए हुई।
 
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