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Incest परिवार बिना कुछ नहीं

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लेकिन रात को देर से सोने के कारण समर की आंखे नहीं खुलती और वो सोया पड़ा था । काफी देर तक उसका इंतजार करने के बाद वो उसके कमरे में जाती हैं और जैसे ही गेट को खोलती हैं तो समर बेड पर लेटा हुआ नजर आता है जो गहरी नींद में सोया हुआ था। राम्या उसे ध्यान से देखती हैं कि वो कितनी अच्छी नींद में सोया हैं और कितना प्यार लग रहा है । वो उसे आवाज लगाने जा ही रही थी कि समर नींद में अपने सीधा हो कर कर लेट जाता है जिससे उसकी चादर हट जाती हैं और राम्या की आंखे खुली की खुली रह जाती हैं । चादर के हैटी ही राम्या की नजर उसके शॉर्ट पर पड़ती है जिसमें एक बहुत बड़ा तम्बू बना हुआ था। राम्या का गला सूख गया था और उसकी सांसे तेज हो गई थी।

है भगवान ये कितना बड़ा हैहोग , देखो कैसे पूरी शॉर्ट उपर उठा रखी है, उफ्फ ।

करने नींद में करवट लेता है और वो डर जाती हैं कि कहीं समर की आंखे ना खुल जाए, और कमरे से बाहर जा जाती हैं और फिर उसे आवाज लगती हैं।

राम्या: समर भाई उठ जाओ, दौड़ के लिए जाना हैं

समर जैसे ही अपनी बहन की आवाज सुनता हैं वो उठ जाता है और तैयार होने लगता है ।

तैयार होने के बाद वो बाहर आता हैं और दोनो भाई बहन दौड़ने के लिए निकाल जाते हैं ।

सभी साथ में नाश्ता कर रहे होते हैं ।

करण: अरे समर बेटा कभी अखाड़े में भी आ जाया करो , ये हमारी परम्परा है कि लड़के को पहलवान होना जरूरी होता हैं ।

ये सुनकर राम्या हंसने लगती है और उसका मजाक उड़ाते हुए: है भगवान पहलवान और ये ?? ये कैसा मजाक हैं पापा " ।

ये सुनकर माही और काम्या मुस्कुरा देती हैं जबकि समर का खून खोल जाता है और वो गुस्से से: तू तो चुप कर , कभी आज तक दौड़ में नहीं जीती मुझसे और मुझे बात बता रही हैं और आज जब तेरे पैर में चोट लगी थी तो तुझे में ही गोद में लेकर आया था। " ।

ये सुनते ही राम्या अपना मुंह बना लेती हैं और उसे वो पल याद आ जाता है जब समर ने उसे अपनी गोद में उठाया हुआ था , कैसे उसका लंड खड़ा हो रहा था और उसके नितंबों पर चुभ रहा था। ये सोचते ही उसका चेहरा शर्म से लाल हो जाता है और मुंह नीचे करके चुपचाप नाश्ता करने लगती हैं ।

करण: बेटा आज रविवार है और दो महीने के बाद कुश्ती प्रतियोगिता होगी , हर साल हमारा ही अखाड़ा जीतता आ रहा है लेकिन इस बार दूसरे अखाड़े वालों ने बाहर से पहलवान बुलाया हैं हमे हराने के लिए, बस इसी बात को लेकर परेशान रहता हूं मैं।

राम्या: मेरे पापा से बड़ा कोई पहलवान हो ही नहीं सकता , आप तो उसे एक मिनट से पहले ही धूल चाटो दोगे" और ऐसा बोलकर वो पापा के दोनो को जोर से दबाती हैं ।

राम्या: देखो मेरी पापा की बॉडी , समर तू तो अभी इनका आधा भी नहीं हैं " और ऐसा बोलकर जोर जोर से हंसते हुए उसका मजाक उड़ाने लगती हैं । सभी हसने लगते है तो समर भी हंस पड़ता हैं।

इसी तरह छेड़छाड़ के साथ उनका नाश्ता खतम होता हैं और करण अखाड़े चला जाता है और राम्या टीवी देखने लगती हैं क्योंकि उसके पैर में अभी दर्द था इसलिए वो हॉल में ही बैठ जाती हैं ।

समर महसूस कर रहा था कि रात से माही कुछ उदास हैं , जैसे ही उसकी मम्मी किचन में जाती हैं समर अपनी बुआ से: बुआ क्या हुआ आप की तबीयत तो ठीक है ?

माही जो अपनी ही सोच में गुम थी अचानक हड़बड़ाते हुए: हा , हा ठीक हूं बिल्कुल ।

समर: बुआ अगर कोई भी दिक्कत हो तो मुझे बताना , मुझे अच्छा नहीं लगता जब आप दुखी होती हो। अब तो पापा भी मान गए हैं आपकी बात, फिर ये उदासी क्यों ?

अब माही उसे क्या बताती कि वो सिर्फ उसकी वजह से ही दुखी है!

माही: नहीं समर सब मेरा इतना खयाल रखते हैं , में दिखी हो ही नही सकती।

तभी काम्या आती हैं और समर को बाजार से कुछ घर का सामान लाने को बोलती हैं और माही को कहती हैं : माही तुम भी इसकी साथ चले जाओ , तुम्हे अच्छे से पता हैं कि घर में किस किस चीज़ की ज़रूरत है और हम कैसी क्वालिटी इस्तेमाल करते हैं।

माही: जी भाभी , आज तो मेरा ब्यूटी पार्लर भी बंद हैं, मै चली जाती हूं इसके साथ ।

और समर अपनी बाइक अपाची बाइक निकालता हैं और अपनी बुआ को बिठाकर बाजार चला जाता है । बाइक पर पीछे बैठी बुआ ऊंचाई पर थी और समर आगे बैठा हुए जिसकी सीट थोड़ी नीचे थी जिस कारण माही का बदन उसके टच हो रहा था।

माही को ना जाने क्यों समर अच्छा लगने लगा था लेकिन उसके मन में कोई पाप नहीं था , और जब से उसने कसम वाली बात सुनी थी उस बहुत प्यार आता था समर पर , उफ्फ कितना सुन्दर हैं समर , चेहरा कितना चॉकलेटी हैं, ।

और भैया इसे पहलवान कैसे बनाएंगे ?

माही ये सब सोच ही रही थी कि तभी सामने से एक ट्रक आता है और वो उन्हें साइड मारकर भाग जाता है ।

समर और माही दूर जाकर गिरते हैं और माही का सिर फट जाता है और खून निकलने लगता है जबकि समर को भी हाथ में चोट लगी थी और उसके हाथ से भी खून बह रहा था। समर अपनी चोट की परवाह ना करते हुए माही को तरफ भागता है और उसे जल्दी से अपनी गोद में उठा लेता हैं और अपनी बाइक को तरफ देखता है ताकि जल्दी से जल्दी हॉस्पिटल जा सके लेकिन टक्कर के कारण बाइक टूट चुकी थी और स्टार्ट होने की हालत में नहीं थी। समर आने जाने वाली गाड़ियों को लिफ्ट मांगता है लेकिन कोई उसकी हेल्प नहीं करता उधर माही का खून लगातार बह रहा था।

समर उसको गोद में उठाए हुए ही हॉस्पिटल की तरफ भागता हैं , समर के चेहरे से बहता हुआ खून माही के चेहरे पर गिर रहा था ,। दोनो के कपड़े लाल हो चुके थे , समर की सांस फूल चुकी थी लेकिन वो पागलों की तरह भागा जा रहा था, माही की आंखे कभी खुल रही थी तो कभी बंद हो रही थी , उसे बस इतना पता था कि वो समर की बांहों में हैं ।

तभी हॉस्पिटल आ जाता है और समर उसे एडमिट करता है । डॉक्टर चेक करते हैं और बोलते है कि इनका तो काफी खून बह चुका है , इन्हे खून लगाना होगा।

समर तुरंत अपना हाथ आगे कर देता हैं और बोलता हैं कि डाक्टर साहब जितने खून की जरूरत हो ले लो लेकिन बुआ को कुछ नहीं होना चाहिए।

डॉक्टर: अरे तुम्हारा तो पहले ही खून बह रहा है, तुम्हारा खून नही ले सकते हम क्योंकि इससे तुम्हारी जान को खतरा हो सकता है ।

माही की आंखे कमजोरी के कारण बंद हो चुकी थी । वो सुन और समझ तो सब पा रही थी लेकिन बोलने कि हालत में नहीं थी।

समर: आप मेरी फिक्र मत कीजिए और इनका इलाज शुरू करिए। मुझे कुछ नहीं होगा।

और ऐसा बोलकर वो ख़ून देने की लिए लेट जाता है , डॉक्टर के पास भी कोई दूसरा तरीका नहीं था इसलिए वो ना चाहते हुए भी उसका खून लेता है और माही को लगाने लगता हैं।

जैसे जैसे समर के जिस्म से खून निकल रहा था उसका जिस्म ठंडा पड़ता जा रहा था।

तभी माही की हालत में कुछ सुधार होने लगता है खून की वजह से।

ये बात अब तक उनके घर तक पहुंच गई थी कि उनका एक्सिडेंट हुए हैं और पागलों कि तरह दौड़ते हुए करण और काम्या , राम्या सब हॉस्पिटल पहुंच चुके थे।

माही की चेक करने के बाद डाक्टर बोलता है कि अब वो खतरे से बाहर हैं जबकि समर के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। उसका बहुत खून बह गया है और कमजोरी की हालत में ज्यादा तेज भागने के कारण उसकी माश पेशिया क्षिथिल पड़ गई है ।

करण: कुछ भी करो डॉक्टर लेकिन मेरे बेटे को बचाओ । पैसा चाहे कितना भी लग जाए लेकिन मेरा बेटा बचना चाहिए।

डॉक्टर: ठीक है मैं कोशिश करता हूं, इसके लिए मुझे एक्सपर्ट की एक टीम बुलानी होगी।

इतना कहकर डॉक्टर अपनी तैयारी में लग जाता है , दूसरी तरफ काम्या और राम्या का बुरा हाल था , उनकी आंखो से लगातार आंसू बहे जा रहे थे। करण उन्हें तसल्ली देता है ।

डाक्टर की टीम आ गई थी और उन्होंने समर का इलाज शुरू कर दिया था , उसे ४ बॉटल खून लगा और थेरेपी दी गई । अंत में डाक्टर की टीम बाहर आती हैं और करण को बोलती हैं कि आपकी बेटा अब खतरे से बाहर हैं , इसे चमत्कार है कहा जाएगा ।

करण, राम्या और काम्या तीनों सुकून की सांस लेते हैं और डाक्टर को बोलते हैं कि क्या वो अपने बेटे को देख सकते हैं ?

डाक्टर: हान , लेकिन वो अभी बेहोश हैं , आप सिर्फ खिड़की से ही देखना।

वो तीनो जाते हैं और वो खिड़की से देखते हैं वो उनका दिल बाहर आता है उसे मशीनों के बीच जकड़ा हुए देखकर जो को उसके शरीर को अभी भी गर्मी वाली थेरेपी से रही थी।

फिर वो माही के कमरे में जाते हैं , माही भी अभी बेहोश थी लेकिन उसकी हालत अब काफी हद तक ठीक थी।

काम्या: है भगवान तेरा लाख लाख शुक्र है कि मेरा बेटा और माही दोनो बच गए।

तभी माही में शरीर में हलचल होती है और वो धीरे से अपनी आंखे खोल देती हैं तो जैसे ही वो सबको देखती हैं उसकी आंखो से आंसू निकाल पड़ते हैं ।

माही: भाभी समर कहां हैं और कैसा हैं वो ?

काम्या: ठीक है अब लेकिन अभी आईसीयू में हैं ।

जैसे जी माही ये सब सुनती हैं उसका दिल भर आता हैं और वो जोर जोर से रोने लगती हैं ।

माही : मुझे बचाने के चक्कर में उसकी ये हालत हुई हैं । है भगवान चाहे मेरी जान ले ले लेकिन समर को कुछ नहीं होना चाहिए।

और ऐसा बोलते हुए फफक फफक कर रो पड़ती है ।

काम्या: चुप कर पगली , ऐसी अशुभ बाते मुंह से नहीं निकालते "!

और उसे अपने गले से लगा लेती हैं ।

माही: भाभी मुझे एक बात समर को देख लेने दो प्लीज़,

काम्या: माही अभी तुम्हारी हालत पूरी तरह से ठीक नहीं है , उसकी फिक्र मत करो वो ठीक है ।

माही जोर जोर से रोते हुए: नहीं प्लीज़ बस एक बार , प्लीज़ प्लीज़ ।

और ऐसा बोलकर फिर से रों पड़ती है ।

काम्या उसे समझाने की पूरी कोशिश करती हैं लेकिन लास्ट में हर जाती हैं और उसे चोरी से लेकर समर के कमरे में आती हैं।

जैसे ही माही समर को देखती हैं उसकी आंखो से फिर से पानी बहने लगता है ।

माही: ये सब मेरी मेरी वजह से हुआ है अगर समर को कुछ हुए तो मैं भी जिंदा नहीं रहूंगी "

और ऐसा बोलकर जोर जोर से रोने लगती हैं , जैसे ही उसके रोने कि आवाज समर के कानों में पड़ती हैं बेहोशी की हालत में भी वो रों पड़ता है और उसकी आंखो से आंसू निकाल पड़ते हैं।

काम्या माही को उसके कमरे में लेकर आती हैं और आराम से लिटा देती हैं ।

जैसे ही डाक्टर समर को चेक करने आते हैं उन्हें उसकी आंखो से बहते हुए आंसू दिखते हैं तो उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहता।

और वो मशीनों कि स्पीड बढ़ा देते हैं ताकि वो जल्दी ठीक हो सके।

डाक्टर करण को अपने पास बुलाते हैं और उसे बताते हैं के उनका बेटा एक दो दिन में ही बिल्कुल ठीक हो जाएगा क्योंकि उसकी मांस पेशियां काम करना शुरू कर चुकी हैं , अभी हमने उसकी आंखो में आंसू देखे हैं और ये किसी चमत्कार से कम नहीं है।

रात होते होते समर को होश आ जाता है और ये देखकर राम्या खुशी से दौड़ती हुई काम्या के पास आती है और उसे बताती है कि भाई को होश आ गया है। जैसे ही माही और काम्या ये सुनते हैं खुशी की लहर उनके चेहरे पर दौड़ जाती हैं और वो दोनों पागलों कि तरह दौड़ती हुई समर के रूम को तरफ आती हैं।

डाक्टर समर को मशीनों से बाहर निकालते है , अब उसके सभी अंग ठीक तरह से काम कर रहे थे बस कमजोरी थी अब।

समर: पापा बुआ कहां हैं ? ठीक तो हैं वो ? इससे पहले कि करण को जवाब देता इतने तक माही और काम्या समर के रूम में आ चुकी थी ।

माही उसे अपने गले लगा लेती हैं और उसके चेहरे पर किस की झड़ी लगा देती हैं ।

 
माही उसे अपने गले लगा लेती हैं और उसके चेहरे पर किस की झड़ी लगा देती हैं ।

और समर भी उसे अपने गले लगा लेता हैं जिसे उसे छोड़ना ही नहीं चाहता हो। उन दोनो का प्यार देखकर करण, राम्या और काम्या की आंखे भर आती हैं और फिर काम्या उन्हें अलग करती हैं ।

काम्या: कितनी खुशी की बात है कि अब सब ठीक हो गया है ।

करण: हम्म । भगवान हमारी खुशियों को किसी की नजर ना लगाएं।

फिर वो माही को उसके करने में ले जाते हैं और समर भी बेड पर पर लेट जाता है और आराम करने लगता है ।

करण डाक्टर से मिलता है तो डाक्टर बोलता हैं कि दोनो ठीक है लेकिन सावधानी को ध्यान में रखते हुए उन्हें आज यहीं रहना दिया जाए।

करण: आप जैसे ठीक समझे । मैं एक नहीं दो दिन बाद जाऊंगा इन्हे घर लेकर ।

और दो दिन कब गुज़र जाते हैं पता ही नहीं चलता। और अब वो दोनो घर आ चुके थे और पूरी तरह से ठीक थे, डाक्टर ने एक क्रीम और ऑयल दिया था समर की बॉडी मसाज के लिए ताकि उसे और फायदा मिल सके। घर का माहौल फिर से खुशनुमा हो चुका था।

उधर दो दिन से ठीक से नहीं से पाने के कारण करण और काम्या को जोर की नींद आ रही थी और वो बिस्तर पर पड़ते ही सो गए जबकि राम्या माही और समर को खाना खिलाती हैं और किचन में चली जाती हैं ताकि बर्तन साफ कर सके।

अब उपर की फ्लोर पर सिर्फ माही और समर रह जाए थे। माही का मन नहीं लग रहा था । उसका समर को देखने का बहुत मन कर रहा था। माही उठती हैं और समर के कमरे में चली जाती हैं और उससे बात करने लगती हैं ।

माही: समर मुझे बहुत खुशी हुई कि तुम जल्दी ठीक हो गए।

समर: बुआ मुझे अपने ठीक होने से ज्यादा इस बात की खुशी हैं कि आप ठीक हो ।

माही : समर लेकिन तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था । मेरी जान बचाने के लिए तुमने अपनी जान खतरे में डाल दी थी । अगर तुम्हे कुछ हो जाता तो में नहीं जी पाती।

समर को बुआ के ये शब्द सुनकर ना जाने क्यों खुशी होती है और वो बोलता हैं: मुझे कुछ नहीं होगा बुआ और जब तक मैं हूं आपको कुछ नहीं होने दूंगा।

माही जैसे ही उसकी ये लाइन सुनती हैं उसे समर पर बड़ा प्यार आता है और वो आगे बढ़कर उसे गले लगा लेती हैं। समर भी इसे उसे जोर से अपनी बांहों में भर लेता है और अपने सीने से चिपका लेता हैं । दोनो काफी डर तक एक दूसरे के दिल की धड़कन सुनते रहते हैं । ये सिर्फ प्यार था इसमें वासना तो नाम मात्र भी नहीं थी। जैसे ही उनके कानो में राम्या के उपर आने कि आवाज पड़ती हैं वो दोनो तेजी से अलग हो जाते है ।

राम्या अंदर आती हैं और उनसे बात करने लगती हैं । तीनो के बीच खूब हंसी मजाक होता है और थकान के कारण राम्या को भी नींद आने लगती हैं तो वो दोनो को गुड नाईट बोलती हैं और अपने कमरे में चली जाती हैं और घोड़े बेचकर सो जाती हैं।

अब कमरे में माही और समर दोनो बचे थे और दोनो ही एक दूसरे के चेहरे को बड़े प्यार से देख रहे थे।

तभी माही को कुछ याद आता हैं वो वो समर से पूछती हैं कि तुम्हारी वो क्रीम और ऑयल की शीशी कहां हैं जो डाक्टर ने दी थी ? तुम्हारी मसाज भी तो होनी समर।

समर: बुआ वो तो नीचे रखी हैं हॉल में , अब नीचे कौन जाएगा , कल कर लूंगा।

माही गुस्से से उसे आंख दिखाते हुए: अपना मुंह बंद रखो , में लेकर आती हैं , तुम्हे तो कोई फिक्र ही नहीं हैं "

और ऐसा बोलकर वो तेजी से नीचे चली जाती हैं । समर नहीं चाहता था कि अभी उसकी मसाज हो क्योंकि उसके हाथ में अभी दर्द था और वो मसाज कर पाने की हालत में नहीं था।

और वो बिल्कुल नहीं चाहता था कि इसकी बुआ उसकी मसाज करे । इसलिए वो माही के निकालते ही अपना गेट बंद कर लेता है और जोर जोर से खरांटे मारने का ड्रामा करना लगता है ।

जैसे ही माही क्रीम और ऑयल लेकर उपर आती हैं तो उसे पता चला कि समर ने अपना गेट बंद कर लिया है और वो सो गया है उसे अच्छा लगता है । लेकिन इसे यकीन नहीं हो रहा था कि उसे इतनी जल्दी नींद कैसे आ गई है।

वो उसे आवाज लगाती हैं: समर के बच्चे दरवाजा खोल , " ।

लेकिन समर जानबूझकर कोई जवाब नहीं देता तो माही धीरे से गेट को देखती हैं तो उसे एक हॉल नजर आता है और वो उस पर अपनी आंखे गड़ा देती हैं और चुपचाप देखने लगती हैं।

कुछ देर के बाद समर को लगता है कि माही चली गई है तो वो अपनी आंखे खोल देता है और बैठ जाता है।जैसे ही माही उसे बैठा हुआ देखती हैं तो उसे आवाज लगाती हैं कि बहुत जल्दी उठकर बैठ गया। चल अब ड्रामा बंद कर और जल्दी से दरवाजा खोल ।

समर के पास अब कोई रास्ता नहीं था। वो चुपचाप दरवाजा खोलता है और नजरे नीचे करके खड़ा हो जाता है जैसे उसकी चोरी पकड़ी गई हो।

माही : देखो कितना शरीफ बना हुआ खड़ा हैं , मुझे उल्लू बना रह था, रुक अभी मजा चखाती हूं तुझे और ऐसा लेकर समर की तरफ बढ़ती हैं और उसे पकड़ कर बिस्तर पर गिरा देती शिन और उसके ऊपर चढ़ कर बैठ जाती हैं और बोलती हैं: अभी मजा आया?

समर: प्लीज़ उतर जाओ , अब नहीं करूंगा ।

माही: नहीं मुझे पता है कि तू पक्का शैतान हैं और नहीं सुधरने वाला और आज तो मैं तुझे सबक सीखा कर है रहूंगी।

और ऐसा बोलते हुए उसके दोनो हाथो को पकड़ा लेती हैं और उन्हें जोर से दबा देती हैं

समर: मान जाओ आप नहीं तो आपकी खैर नहीं आज !

माही उसे जीभ दिखा कर चिड़ाते हुए: क्या कर लेगा तू , कुछ नहीं होगा तुझसे।

इतना सुनते ही समर जोर लगाकर उससे अपने दोनो हाथ छुड़ा लेता हैं और उसे अपने ऊपर से हटाते हुए उसे बेड पर गिरा देता है और और खुद उसके उपर आ जाता है और बोलता हैं कि अब बताओ क्या हुआ बस इतना ही दम था क्या ?

माही : अच्छा बाबा मुझे छोड़ दे तू जीत गया , मैं हर गई बस।

समर: बस इतनी जल्दी हार मान ली , अब बोलो ना क्या कर सकती हो?

माही उसके चहेरे को देखती हैं तो उसे उस पर बड़ा प्यार आता है और बोलती हैं कि रुक अभी बताती हूं "

और ऐसा बोलते हुए अपनी गर्दन को उपर उठाते हुए उसके गाल चूम लेती हैं तो समर को एक झटका सा लगता है। उसके गालों पर आज पहली बार किसी के होंठो का एहसास हुआ था और माही की रसीले , नाजुक होंठो की चुभन तो बहुत की बात ही अलग थी।

 
माही उसे चिढाती हैं कि देख लिया की मैं क्या कर सकती हैं ? और एक बार फिर से उसके गाल चूम लेती हैं ।समर की तो जैसे सांस ही रुक गई थी , उफ्फ कितना प्यारा एहसास था किस का ।

माही: अब बोल ना समर के बच्चे कौन बोलती बंद हो गई "

तभी समर अपने उपर से काबू खो देता है और और वो उसके गलो को चूम लेता हैं दोनो को एक एक करके।

माही समर के लिप्स जैसे ही अपने गाल पर महसूस करती हैं वो शर्म के मारे अपनी आंखे बंद कर लेती हैं और उसकी सांसों की गति बढ़ गई थी जिससे उसकी चूचिया उपर नीचे हो रही थी। करण उसकी आंखे बंद होते ही फिर से उसके गाल चूम लेता है और माही होश में आते हुए उसे पूरी ताकत लगाकर अपने उपर से हटाती हैं और बोलती हैं: बस समर और कितना प्यार करेगा मुझसे। अब आराम से लेट मुझे तेरी मसाज करनी है।

समर को अपने उपर से हटाते हुए वो उसे बेड पर लिटा देती हैं और उसको बोलती हैं कि चल जल्दी अपनी शर्ट उतार । लेकिन समर से हाथ में चोट लगी होने के कारण बटन नहीं खुल पा रहे थे जिसे देख कर माही खुद आगे बढ़ती है और उसकी शर्ट के बटन खोलने लगती हैं, जैसे ही उसे अपनी छाती पर माही के नाजुक हाथो की कोमल उंगलियों का एहसास होता है उसकी हालत खराब होने लगती हैं और धीरे धीरे माही उसकी शर्ट के सभी बटन खोल देती हैं और फिर एक झटके से उसकी शर्ट को बाहर निकाल देती हैं । समर ने नीचे बनियान नहीं पहना था जिस कारण उसका चोड़ी छाती उसकी माही के आगे नंगी हो जाती हैं और माही की नजरे जैसे ही उसकी छाती पर पड़ती है उसकी दिल की धड़कन बढ़ जाती है । उफ्फ कितनी चोड़ी और एक दम सपाट छाती हैं समर की , और इसकी नजरे जैसे उसकी छाती से हट ही नहीं रही थी।

समर को शर्म महसूस हो रही थी , वो तेजी से बोलता है कि जल्दी से मालिश करो"।

माही जैसे होश में आते हुए अपने दोनो हाथ में क्रीम और ऑयल लेती हैं और अच्छे से मिक्स करके उसके कंधो की मालिश शुरू कर देती है। जैसे ही समर के कंधो पर उसके हाथ पड़ते हैं समर की हालत खराब होने लगती है और माही का भी कुछ ऐसा ही हाल था। फिर वो धीरे धीरे अपने हाथो से उसके पूरे हाथ पर मालिश करने लगती है , जैसे जैसे उसकी उंगलियां समर के जिस्म पर घूम रही थी समर के रोंगटे खड़े हो रहे थे और पूरे जिस्म में कम्पन होना शुरू हो चुका था। उसके दोनो हाथो की उंगलियों को वो अपने दोनो हाथों की उंगलियों में फसाती हैं और अच्छे से उसकी उंगलियों की मसाज करती हैं । फिर अपने दोनों हाथों में फिर से क्रीम लेती हैं और समर की आंखो में देखते हुए अपने दोनों हाथ उसके सीने पैर रख देती हैं और बड़े प्यार से मालिश शुरू कर देती हैं । जैसे ही उसके हाथ समर के सीने पर पड़ते हैं तो समर के मुंह से आह निकल पड़ती हैं जिसे वो बड़ी मुश्किल से दबा लेता है । और माही के लिए तो ये ज़िन्दगी का पहला एहसास था जब उसने किसी मर्द की छाती को छुआ था। उफ्फ कितनी टाइट थी उसकी छाती , लगातार जिम करने और कसरत करने के कारण उसकी छाती में कट पड़ गए और उनकी गोलाई ऐसा लग रही थी मानो किसी लड़की की चूची हो, और छाती पर पिंक रंग के निप्पल जो कि माही के हाथ की रगड़ से खड़े हो थे। माही उसकी पूरी छाती पर हाथ घुमा रही थी जिससे समर के जिस्म में झटके से लग रहे थे और उस बहुत अच्छा लग रहा था। फिर वो नीचे आते हुए उसकी पेट कि मालिश करती हैं और फिर कंधो से लेकर , छाती पेट सब की मालिश करने लगती हैं। समर तो जैसे उसकी उंगलियों के स्पर्श से मस्त हो चुका था। और माही की भी सांसे तेज हो गई थी जिस कारण उसके भारी भरकम चूचियां उपर नीचे हो रही थी जो समर की हालत और खराब कर रही थी जिस कारण उसके लंड अपनी औकात पर आ चुका था।

माही फिर नीचे आते हुए उसकी पैंट के हुक खोल देती हैं और उसे निकाल देती हैं । अब समर सिर्फ ब्लैक रंग के अंडर वियर में आ जाता है जिसमें एक बड़ा उभर साफ नजर आ रहा था जिसने उसकी अंडर वियर को आगे से उठा रखा था। माही के नजर जैसे ही उसके अंडर वियर के उभरे हुए भाग पर पड़ती है उसकी हालत खराब होने लगती हैं और उसकी चूत में हलचल मच जाती हैं । वहीं जैसे ही समर को एहसास होता है कि माही उसके लंड के उभर को देख रही हैं उसका लंड जोश में आ जाता है और उपर नीचे होने लगता है ।

माही फिर उसकी टांग की मालिश शुरू करती हैं और क्रीम उसकी टांग पर मसलने लगती हैं । दोनो को ये एहसास पागल किए दे रहा था। माही ने अपना नाईट सुट पहन रखा था जो इसके जिस्म पर पूरी तरह से कसा हुए था और और हर उभर साफ दिख रहा था। माही उसके बगल में बैठ हुई उसकी टांगो की मालिश कर रही थी और चोरी चोरी उसके लंड के उभर को निहार रही थी। उफ्फ कितना ज्यादा उठा हुए लंड हैं इसका , हाय कितना बड़ा होगा , करण भाई के लंड से काफी लबमऊ और मोटा लग रहा है। फिर माही उसकी जांघो तक हाथ ले जाकर मालिश करने लगती हैं तो समर की आंखे मस्ती से खुल और बंद हो रही थी , उसके की कोई सीमा नहीं थी । माही आगे को होती हैं जिसे उसका हाथ उपर तक जा सके और जैसे जी वो आगे को होती हैं उसकी घुटने समर की टांगो से जुड़ जाए हैं और एक बहुत ही कामुक एहसास दोनो की होता है। माही अब अपना हाथ उपर ले जाए हुए अच्छे से उसकी जांघो को मालिश करने लगती हैं और लंड अब तक किसी लोहे कि तरह टाइट हो चुका था मानो उसका अंडर वियर फाड़ने पर आमादा हो । लंड को उछलता हुए देखकर माही की चूत भी गीली होने लगती है । फिर वो उसकी जांघो की अंदर तक मालिश करने लगती हैं जिससे उसके हाथ उसके टट्टो से टकरा जाते हैं जिससे करण के मुंह से एक मस्ती भरी आह निकलती हैं जिसे माही साफ सुनती हैं । वो और अच्छे से मालिश करने के लिए उसकी दोनो टांगो के बीच में आकर बैठ जाती हैं ताकि वो छाती टांगो से छाती तक साथ मालिश कर सके। जैसे ही वो उसकी टांगो के बीच में आती हैं उसकी नजरे फिर से सबसे पहले उसके कड़क लंड पर पड़ती है जिसे देखते ही उसका जोश बढ़ जाता है और वो मालिश शुरू करती हैं लेकिन समर की दोनो टांगो पर क्रीम लगे होने के कारण उसे कपड़े खराब होने का डर महसूस होता है और वो अपने नाइट सुट को आंखे बंद करके निकाल देती हैं और उसका जिस्म सिर्फ एक लिंगरी में आ गया था जिसकी तनी उसके दोनो कंधो पर थी और बस वो उसकी चूचियों को छुपा आप रही थी और नीचे उसकी गान्ड पर आकर एक पेंटी के रूम में उसकी चूत को छुपा रही थी । असल में इस सेक्सी लिंगरी में उसका जिस्म छुप कम और दिख ज्यादा रहा था। उसकी बड़ी बड़ी ठोस चूचियां बाहर निकालने को बेताब थी और उसकी गान्ड तो जैसे आज पूरे उफान पर थी।

माही अभी उसकी टांगो के बीच में बैठी थी इसलिए समर उसे ध्यान से नहीं देख पा रहा था क्योंकि मजे के कारण उसका मुंह उपर की और उठा हुआ था।

 
माही अब दोनो हाथो पर क्रीम लेती हैं और उसके पैरो को मालिश शुर करती हैं । धीरे धीरे उसके हाथ उपर की ओर उसकी जांघो तक जाने लगते हैं , जैसे ही उसके हाथ उपर की तरफ बढ़ते हैं वो आगे को हो जाती हैं जिससे उसकी नंगी टांगें समर की नंगी टांगो से टकरा जाती हैं और समर के मुंह से सिसकी निकाल पड़ती है और जैसे ही वो माही की तरफ देखता हैं उसकी आंखे फटी की फटी रह जाती हैं क्योंकि उसकी पारदर्शी लिंगरी में उसकी मस्त चूचियां उपर नीचे होती हुई साफ दिख रही थी, और उनके निप्पल पूरे तन चुके थे । उफ्फ समर की तो हालत खराब हो चुकी थी , उसका लंड जोश में आकर माही की टांगो पेट पर ठोकर मर रहा था।

लंड कि रगड़ से माही की चूत पूरी गीली हो चुकी थी और काम रस उसकी जांघो तक आ रहा था। फिर माही आगे बढ़ते हुए अपने दोनो हाथ उसकी छाती पर ले जाती हैं और प्यार से फिराने लगती हैं। इस बार जैसे हो वो आगे हुई गजब हो गया लंड उसकी लिंगरी के उपर से उसकी चूत पर अड गया था। इस एहसास से दोनो पागल हो चुके थे और उनकी अांहे कमरे में गूंज रही थी । अब मालिश जैसे वासना में बदल चुकी थी । एक तरफ माही की प्यासी चूत तो दूसरी तरफ समर की ज़िन्दगी का पहला एहसास।

माही जैसे ही अपने हाथ आगे ले जाती उसकी छाती पर तो लंड पूरी लंबाई में उसकी चूत से रगड़ खा रहा था और उसकी चूत से निकलता हुआ रस लंड को पूरी तरह से भिगो चुका था। माही तो जैसे मजे से पागल हो चुकी थी और समर का लंड जैसे आज लोहे का बन गया था। मालिश तो अब खतम सी हो गई थी क्योंकि वो अब माही दोनो हाथो से उसकी छाती को मसल रही थी और उसके निपल को उंगलियों में लेकर मरोड़ रही थी ।उधर समर भी अपने लंड को नीचे से माही की चूत पर रगड़ रहा था जिससे माही और उत्तेजित हो रही थी । माही तेजी से लंड पर अपनी चूत रगड़ रही थी जिस करण लिंगरी उसकी चूत के होंठो पर से हट चुकी थी, जैसे ही समर को नंगी चूत का एहसास होता है वो एक हाथ नीचे लाते हुए जैसे ही माही की गांड़ उपर उठती हैं वो तेजी से अंडर वियर को नीचे खिसका देता है और और जैसे ही माही की गांड़ नीचे आती हैं तो नंगा कड़क लंड उसकी नंगी चूत के होंठो को रगड़ देता हैं । जैसे ही माही को नंगे लंड का पहला एहसास अपनी चूत पर होता है वो सिसक पड़ती है और मुंह से सिसकियां लेते हुए अपनी चूत को बुरी तरह से उसके लंड पर रगड़ने लगती हैं जिससे का धैर्य जवाब दे जाता है और वो जोश में आते हुए अपने दोनो हाथ उसके भारी चूतड़ों पर ले जाता है और उन्हें दबाने लगता है । जैसे ही उसके हाथ माही के मस्त गांड़ पर पड़ते हैं माही स्वर्ग में तैरने लगती हैं ।

माही: उफ्फ , आह सी सी आह समर आह , है भगवान कितना मजा आ रहा है ।

माही की चूत से इतना काम रस निकाल चुका था कि समर के लंड का सुपारा पूरी तरह से गीला हो चुका था । माही पागलों की स्पीड से अपनी चूत उसके लंड पर रगड़ रही थी और समर भी उसके गांड़ को उपर नीचे उठने में सहयोग कर रहा था। इस बारे जैसे ही उसी चूत उपर उठती हैं लंड पुर टाइट होते हुए सीधा खड़ा हो जाता है और जिससे ही चूत पूरी तेजी से नीचे आती है तो सुपाड़ा उसकी चूत के होंठो को फैलाते हुए अंदर दबाव डालता और आधा अन्दर घुस जाता है। जैसे ही सुपाड़ा अंदर घुसता हैं माही की चूत पुट की आवाज से साथ खुल जाती हैं और उसके होंठो से एक दर्द भरी , मस्ती भरी सिसकी निकल जाती हैं और वो समर के छाती पर गिरते हुए अपने होंठ उसके होंठो से जोड़ देती हैं और उसकी चूत का बांध टूट जाता है और उसका रस निकल पड़ता हैं , जैसे ही समर को अपने लंड पर चूत रस का मस्त एहसास होता है उसका भी लंड वीर्य की बौछार कर देता हैं और वो भी दोनो हाथो में उसकी ठोस चूची भरकर दबा देता हैं साथ ही साथ उसके लिप्स को चूसने लगता है । जब तक दोनो को पिचकारी निकालती रहती हैं दोनो एक दूसरे के होंठो को जोर जोर से चूसते रहते हैं और फिर माही इसी हालत में उसकी छाती पर गिर पड़ती है और समर उसे अपनी बांहों में कसकर भर लेता है और दोनो ऐसे ही जाते हैं ।

सुबह जैसे ही माही की आंख खुलती हैं तो उसे अपने हालात का एहसास होता है कि वो मात्र एक झीनी सी लिंगरी में समर की बांहों में उससे लिपटी हुई हैं और समर के हाथ उसकी कमर से होते हुए उसके लगभग नंगे चूतड़ों पर टिके हुए हैं और उसका मोटा तगड़ा लंड अभी भी उसकी चूत कि फांकों से सटा हुआ है । उफ्फ कितना मोटा लग रहा है समर का लंड , ये सोचते ही उसकी चूत में चीटियां सी चलने लगती हैं और वो अपना हाथ उठाती हैं और अपनी चूत पर के जाकर रखती हैं तो उसका हाथ समर के लंड को छू जाता है जिससे उसके मुंह से एक आह निकल जाती हैं और वो उठ कर बैठ जाती हैं तो उसकी नजर पहली बार समर के लंड पर पड़ती है तो उसकी चूचियां उपर नीचे होने लगती हैं । उफ्फ कितना लंबा और मोटा हैं इसका लंड , करण भाई के लंड से तो बहुत ज्यादा मोटा और लम्बा हैं और ये भगवान ये इसके लंड में गांठे कैसी है । वो एक बार उसके लंड को हाथ से छूने का लालच नहीं छोड़ पाती और फिर एक बार समर की तरफ देखती हैं जो इस वक़्त गहरी नींद में सोया था। धीरे धीरे से अपने हाथ को उसके लंड पर रख देती हैं जैसे ही इसका हाथ लंड से टच होता है तो लंड उफनते हुए एक जोरदार झटका उपर की ओर लेता हैं मानो अपनी खुशी जाहिर कर रहा हो और समर के जिस्म में हलचल होती है मानो वो जागने वाला हो।

माही तेजी से अपना हाथ पीछे हटा लेती हैं और समर की तरफ देखती हैं जो कि सीधा सोया हुआ था। माही फिर से हिम्मत करके अपने हाथ की उंगली उसके लंड पर ले जाती हैं और हल्का हल्का उसे सहलाने लगती हैं , फिर वो आगे बढ़ते हुए उसके लंड को पकड़ लेती हैं और जैसे ही उसकी उंगलियां लंड की गांठो पर पड़ती है उसके मुंह से एक आह निकल जाती हैं और वो देखती हैं कि कहीं कहीं से उसका लन्ड कुछ ज्यादा मोटा हैं तो कहीं उससे भी ज्यादा मोटा । वो लंड के सुपाड़े को सहलाने हैं और सोचती हैं हाय कितना मोटा सुपाड़ा हैं इसका गोल गोल एक दम लाल मोटे कश्मीरी आलू के आकार का, ये तो जिसकी चूत में भी घिसेगा उसकी फाड़ कर रख देगा । जैसे ही उसके जेहन में चूत शब्द आता है तो उसकी नजर सीधे अपनी चूत पर पड़ती है और वो अपनी टांगे खोल देती हैं तो उसे एहसास होता है कि रात उसकी कोमल चूत के मुंह पर ये लंड कैसे ठोकर मर रहा था । उफ्फ कितनी लाल हो गई है मेरी चूत कि फांके इसके लंड कि रगड़ से । और रात तो मेरी चूत में सुपाड़ा जब टच हो रहा था तो कितना मजा आ रहा था । उफ्फ जब टच करने से ही इतना मजा आया तो जान अंदर जाएगा तो मजे से मेरा तो हाल बेहाल हो जाएगा , लेकिन क्या मेरी मासूम चूत इस मोटे अजगर को निगल पायेगी। वो उत्तेजना के वशीभूत एक बार फिर से लंड की और देखती हैं और इसे सहलाने लगती हैं । उसका हाथ अब पूरे लंड पर घूम रहा था । जैसे ही हाथ गांठो पर छुआ तो उसे एक अजीब सी मस्त रगड़ का एहसास हुआ । उफ्फ जब हाथो पर ही गांठ की इतनी मस्त रगड़ हैं तो चूत पर तो गांठो की रगड़ जन्नत दिखा देगी ये सोचकर वो जोश में आते हुए उसके लंड को जोर से दबा देती हैं जिससे समर को दर्द का एहसास होता है और वो नींद में कराह पड़ता है। माही को अपनी गलती का एहसास होता है जब उसे समर के चेहरे पर दर्द कि लकीर दिखती हैं । वो समर के मुंह के पास जाती हैं और और गौर से देखती हैं तो उसे समर पर बड़ा प्यार आता है और वो धीरे से उसके होंठो को चूमती हैं और और और अपना नाईट सूट उठाकर एक नजर फिर से उसके मस्त लंड पर डालती हैं और तेजी से बाहर निकल कर अपने कमरे में घुस जाती हैं ।

उधर कुछ देर बाद समर की भी आंखे खुल जाती हैं वो जैसे ही उसकी आखों के आंखे रात के दृश्य घूमते हैं उसका लन्ड और टाइट हो जाता है । उफ्फ कितनी मस्त हैं उसका बुआ का शरीर ,

उठी उठी मस्त कठोर चूचियां, पीछे को उभरी हुई बड़ी बड़ी गांड़ । हाय रात वो कैसे अपनी चूत उसके लंड पर रगड़ रही थी, कितना मजा आ रहा था मुझे और माही की तो मजे के कारण दोनो आंखे ही बंद थी। उसके लिप्स कितने रसीले और नाजुक हैं , उफ्फ उसकी चूत कितनी टाइट लग रही थी , इतना जोर लगाने के बाद भी सिर्फ आधा ही सुपाड़ा घुस पाया था ऐसा लग रहा था जैसे अभी चुदाई ही ना हुई हो। कितना रस निकल रहा था चूत से। उफ्फ कितनी प्यासी हैं माही की चूत , इसकी तो रोज दमदार चुदाई होनी चाहिए तभी जाकर उसकी गर्मी शांत होगी।

काश माही मेरी किस्मत में होती ।

तभी उसे उपर किसी के आने की आहट दी और उसने अपने उपर चादर डाल दी। करण आया था

करण: बेटा अब कैसी तबीयत हैं ? सॉरी में रात थका होने के कारण जल्दी सो गया था।"

समर: पापा लग रहा है जैसे एक दम ठीक हूं।

करण: अच्छी बात है बेटा । तुम्हे अभी आराम की सख्त जरूरत है। बस घर में लेटो और आराम करो

समर: जी पापा।

और फिर समर नहाने चला जाता है । नाश्ते की टेबल पर सबकी मुलाकात होती है । माही आ कुछ ज्यादा ही खूबसूरत लग रही थी। उसने एक नीले रंग की टी शर्ट और ब्लैक रंग की जींस पहनी थी । टी शर्ट उसके जिस्म पर एक दम टाइट आ रही हैं और और बूब्स पूरे तने हुए थे। करना की तो जैसे हालात खराब हो रही थी । वो बार बार माही की तरफ चोरी चोरी देख रहा था लेकिन माही आराम से नाश्ता करने में व्यस्त थी।

करण: माही कैसी हो अभी? काफी खूबसूरत लग रही हो। माही: शुक्रिया भाई। बस आप सबका प्यार हैं

और नजरे नीचे करके फिर से खाने लगती हैं जबकि करण दीवानों की तरह उसकी तरफ देख रहा था लेकिन माही की को प्रतिक्रिया नहीं थी। नाश्ता खत्म करने के बाद करण ऑफिस चला जाता है और राम्या भी अपनी सहेली के घर चली जाती हैं। घर में अब सिर्फ काम्या और माही के साथ समर रह गया था। काम्या किचेन में चली जाती हैं तो हॉल में बस अब माही और समर बचे थे।

रात जो उनके बीच हुआ था उसके बाद अब तक उनमें कोई बात नहीं हुई थी। दोनो ही नजरे नीची करके टीवी देख रहे थे।

 
दोनो के मन में बहुत से सवाल थे जो उन्हें एक दूसरे से पूछने थे लेकिन हिम्मत दोनो में से को भी नहीं जुटा पा रहा था। माही धीरे से अपनी नजरे उपर उठाती है और अपने पास बैठे समर की तरफ देखती जिसका ध्यान पूरी तरह से टीवी पर था। समर को देखती हुई माही को रात वाली घटना याद आने लगती है और उसकी नजरे समर के लिप्स पर पड़ती है जिन्हे रात वो जोश में आकर चूस रही थी । ये सोचते ही उसका चेहरा शर्म से लाल हो जाता हैं वो फिर से टीवी की तरफ देखने लगती हैं जिसमें एक मस्त रोमांटिक सीन आ रहा था जिसमें हीरो और हीरोइन दोनो एक दूसरे कि आंखो में देख रहे थे और फिर हीरोइन अपने होंठो पर जीभ फिराने लगती हैं और उन्हें गीला करके हीरो की आंखो में देखते हुए अपने लिप्स उसकी और बढ़ा देती हैं और किस शुरू हो जाती हैं। माही और समर दोनो की हालत खराब हो गई थी ये सीन देखकर और उनके धड़कने बढ़ने लगी थी। दोनो की नजरे एक साथ उपर उठती हैं और एक दूसरे से टकरा जाती हैं और दोनो प्यार से एक दूसरे की आंखो में देख रहे थे । तभी माही अपने लिप्स उसके चेहरे के पास ले जाती हैं और अपनी जीभ बाहर निकाल कर अपने होंठो को रस से पूरा गीला करती हैं और नजरे नीची कर लेती हैं जैसे उसने समर को खुला आमंत्रण दे दिया था। अब समर से इससे ज्यादा कंट्रोल नहीं होता, वो आगे बढ़ता हैं और माही के चेहरे को उपर उठाता हैं और उसकी आखो में देखने लगता है मानो उससे किस करने की इजाज़त मांग रहा हो। माही उसकी आंखो में देखते हुए मुस्करा कर नजरे नीची कर लेती है और अपने होंठो को उपर उभार देती हैं समर के होंठो के बिल्कुल सामने।

समर अब अपने प्यासे होंठो को उसके जलते हुए होंठो पर रख देता हैं और चूसने लगता है ।मजे के कारण दोनो की आंखे बंद हो चुकी थी । माही के हाथ समर के सिर पर आते हैं और उसके बालों को सहलाने लगते हैं और समर अपने दोनो हाथ उसकी कमर में डालकर उसे अपने से पूरी तरह चिपका लेता हैं और उसकी गांड़ को मसलते हुए उसके होठों को चूसने लगता है। समर कभी उसके नीचे वाले होठ को चूस रहा था तो कभी उपर वाले को। उफ्फ कितना प्यारा एहसास था माही के होंठो का। अब माही भी उसका साथ देते हुए उसके लिप्स को चूसने लगती हैं तो लंबाई कम होने के कारण वो उसके पैरो पर चढ़ जाती हैं और उसके लिप्स को जोर से चूसना शुरू कर देती हैं ।ऐसा लग रहा था मानो वो दोनो एक दूसरे के होंठो को खा ही जाएंगे।

दोनो को सांसे पूरी तरह से उखड़ रही थी लेकिन कोई पीछे हटने को तैयार नहीं था। दोनो के होंठ सांस लेने के लिए एक पल को अलग होते हैं और फिर से जुड़ जाते हैं। अब माही आगे बढ़ते हुए अपना मुंह खोल देती हैं और समर अपनी जीभ उसके मुंह के अंदर घुसा देता हैं तो माही उसे कुल्फी की तरह चूसने लगती हैं । अब उनके बीच शर्म के सारे पर्दे हट चुके थे। समर के हाथ उसकी गांड़ को जोर जोर से मसल रहे थे और माही भी अब उसकी कमर पर हाथ घुमा रही थी। माही की दोनो चूचियां अब समर की सीने में घुसी हुई थी जिनका मस्त एहसास उसे और जोश दिला रहा था और नीचे उसका लन्ड पूरे जोश में खड़ा हो चुका था और माही की चूत पर अड गया था। माही और समर दोनो एक दूसरे को जीभ चूस रहे थे। दोनो को कोई होश नहीं था कि वो कहां हैं और क्या कर रहे हैं । दोनो पूरी तरह से एक दूसरे में खोए हुए थे। तभी इधर किचेन में काम्या के हाथ से प्लेट छूटकर नीचे गिर जाती हैं तो उसकी आवाज से जैसे दोनो को होश आता हैं और एक दूसरे की आंखो में देखते हैं और ना चाहते हुए दोनो मायूसी के साथ अलग हो जाते हैं । थोड़ी देर बाद काम्या भी आ जाती हैं और वो तीनो टीवी देखते हुए बाते करते रहते हैं। उधर दोपहर को राम्या भी घर आ जाती है और सभी में मिलाकर खाना खाते हैं

खाना खाने के बाद काम्या नीचे अपने कमरे में सोने आराम करने के लिए चली जाती हैं और वो तीनो टीवी बंद करते हुए उपर चले जाते हैं और अपने अपने कमरे में घुस जाते है। माही से अब समर से दूरी बर्दाश्त नहीं हो रही थी तो थोड़ी देर बाद वो समर के गेट के बाहर आती है और उसे खट खटाती हैं । लेकिन समर सो चुका था और फिर से जोर से खट

खटाती हैं तो राम्या उसे राम्या के गेट खुलने की आवाज आती है तो वो समझदारी काम लेते हुए राम्या के गेट के बाहर खड़ी हो जाती हैं मानो वो उसका ही गेट बजा रही थी लेकिन उसका मूड चौपट हो चुका था। राम्या दरवाजा खोलती हैं और पूछती हैं कि क्या हुए बुआ ?

माही बहाना बनाते हुए: नींद नहीं आ रही थी सोचा तुझसे बात कर लू। कहीं मैंने तुम्हे डिस्टर्ब तो नहीं किया राम्या ?

और राम्या के कुछ बोलने से पहली ही वो अपनी चाल चल देती हैं कि अगर तुम्हे नींद आ रही है तो तुम आराम करो मैं अपने रूम में चली जाती हूं। और मुड़कर चलने लगती हैं तभी राम्या उसका हाथ पकड़कर उसे रोक लेती हैं और बोलती है कि क्या बात कर रही हो बुआ ?

आओ बैठो , दोनो बात करेंगे

और उसका हाथ पकड़ते हुए उसे अपने रूम के अंदर ले जाती हैं और माही ना चाहते हुए भी उसके साथ जाने को मजबूर थी इसलिए चुपचाप अंदर आ जाती हैं ।

राम्या: बताओ बुआ अब आपकी हालत कैसी हैं ? मैं तो डर ही गई थी।

माही: सब ठीक है राम्या, मुझे ज्यादा चोट नहीं थी , बस समर की फ़िक्र थी। अब वो ठीक है।

राम्या: बुआ मैं डर ही गई थी उसकी हालत देखकर।

माही: मेरा तो जैसे दिल ही भर आया था जब उसकी हालत देखी थी।सबकी कितनी फिक्र करता हैं वो घर में।

राम्या खुश होते हुए: भाई किसका है आखिर वो "।

और माही उसकी इस बात पर हल्के से मुक्सुरा देती है।

माही: और तेरी एक्टिंग का क्या हुआ ? आगे एडमिशन ले लो और पढ़ाई शुरू करो।

राम्या: हान जी सोच तो मैं भी यहीं रही हूं क्योंकि मेरी तमन्ना एक कामयाब मॉडल बनना हैं ।

माही उसको ध्यान से देखते हुए उपर से नीचे तक नजर डालती हैं और फिर बोलती हैं कि फिगर तो तेरा एक दम परफेक्ट हैं मॉडल बनने के लिए।

राम्या को जैसे ही उसकी नजरे अपने जिस्म पर महसूस होती है शर्म से उसकी नजरे झुक जाती हैं और और होंठो पर मुस्कान आ जाती हैं ।

माही: हाय देखो कैसे शर्मा रही हैं हमारी मॉडल "!

और उसके मजाक बनाने लगती है तो राम्या को गुस्सा आ जाता है और वो मुंह फुला लेती हैं और बोलती हैं कि है जाओ मैं बात नहीं करती आपसे।

माही उसे मनाते हुए: अच्छा बाबा ठीक है सॉरी और अपने दोनो कान पकड़ लेती हैं जिसे देखकर राम्या हंस पड़ती हैं ।

ऐसे ही उन दोनो की प्यार भरी मजाक चलती रहती हैं । धीरे धीरे शाम हो जाती है और उन्हें काम्या आवाज लगाती है कि नीचे आ जाओ और मेरी हेल्प करो खाना बनाने में । जैसे ही वो दोनो काम्या की आवाज सुनती हैं नीचे आ जाती हैं और काम में लग जाती हैं ।

काम्या: माही तुम आराम करो अभी। जब ठीक हो जाओ पूरी तरह से काम शुर करना" ।

माही: नहीं भाभी मैं ठीक हूं अब काम्या: नहीं , मैंने मना कर दिया तो कर दिया और उसका हाथ पकड़कर उसे किचेन से बाहर हॉल में ले आती हैं और बोलती हैं कि यहां बैठकर टीवी देखो।

माही अनमने मन से बैठ जाती हैं और टीवी देखने लगती हैं। काम्या और राम्या अब तक खाना बना चुकी थी और कारण भी ऑफिस से वापिस आ गया था।

करण : समर कहां हैं दिख नहीं रहा है कैसी तबीयत हैं अब उसकी ?

काम्या: काफी ठीक लग रहा है और उपर सो रहा है अपने रूम में।

करण: अच्छा ठीक है अच्छी बात हैं कि वो अब ठीक है । एक काम करो उसे उठाओ और खाना लगाओ तब तक में फ्रेश होकर आता हूं।

माही जैसे ही सुनती हैं कि समर को जगाना हैं वो खुशी से उपर की तरफ जाने के लिए आगे बढ़ती हैं तो काम्या उसे रोक देती हैं कि वो अभी ज्यादा भागदौड़ ना करें उसे अभी आराम कि जरूरत है। माही उदास सी होकर बैठ जाती हैं और काम्या राम्या को इसे जागने के लिए भेजती हैं।

राम्या उपर जाकर उसे आवाज लगाती हैं तो समर गहरी नींद में था । राम्या गेट खोलती हैं और अंदर घुस जाती हैं तो वो देखती है कि समर बिल्कुल सीधा लेटा हुआ हैं और शायद कोई सपना देख रहा हैं क्योंकि नींद में भी वो मुस्कुरा रहा था। राम्या उसके पास बैठ जाती हैं और उसके प्यारे चेहरे को देखती हैं तो उसे बड़ा प्यार आता है वो उसके माथे पर किस करती हैं और प्यार से उसे आवाज लगाती हैं कि भाई उठ जाओ।

समर एक अंगड़ाई लेता हुआ उठ जाता है और देखता हैं की 8 बजने वाले हैं और पापा भी आ गए होंगे तो वो जल्दी से उठ जाता है और राम्या को थैंक्स बोलते हुए फ्रेश होने चला जाता है।

फिर सब साथ में खाना खाते हैं और राम्या और काम्या किचेन में चली जाती है तो हॉल में करण , माही और समर रह जाते हैं । करण माही की तरफ देखता है कि शायद वो कोई आगे बढ़ने का इशारा दे लेकिन माही तो जैसे बिल्कुल ही बदल सी गई थी । वो चुपचाप नजरे नीचे किए हुए बैठी थी। करण को लगता है कि यहां उसकी दाल नहीं गलने वाली और वो घूमने बाहर चला जाता है। तब तक काम्या और राम्या भी आ गए थे और सब बैठे हुए गप्पे मारने लगते हैं । 10 बजे के बाद काम्या अपने रूम में सोने चली जाती हैं और राम्या भी उपर चली जाती हैं तो हॉल में अब सिर्फ माही और समर बचे थे । राम्या के जाते ही माही अपनी नजरे समर के चेहरे पर जमा देती हैं तो समर भी उसकी आंखो में देखने लगता हैं। माही उसे देखकर प्यार से पूछती हैं कि अब कैसे फील कर रहे हो ?

समर: बुआ अब मैं बिल्कुल अच्छा महसूस कर रहा हूं।

माही: अच्छी बात हैं, अपना ध्यान रखो और दावा टाइम से खाते रहो , और साथ ही साथ मालिश भी होनी बहुत जरूरी है तुम्हारी ।

समर जैसे ही मालिश शब्द सुनता हैं तो उसे खुशी होती है रात की बातो को याद करके और वो मुस्कुरा देता है ।

माही सब कुछ समझ रही थी और बस उससे समर से दूरी और बर्दाश्त नहीं हो रही थी ।वो समर की तरफ इशारा करते हुए बोलती हैं कि चलो फिर चलते हैं उपर अपने रूम में ।

दोनो उपर चले जाते है और माही अपने रूम में चली जाती हैं तो ये देखकर समर को बुरा लगता हैं कि आज रात वो मालिश नहीं करेगी क्या उसकी।

उधर माही जैसे ही अपने रूम में जाती हैं वो खुशी के मारे पागल हो रही थी कि अब उसे मालिश के बहाने समर के साथ रहने का मौका मिलेगा । उफ्फ कितना अच्छा लगा था रात उसके साथ। ये सोचकर उसकी धड़कन बढ़ जाती हैं और उसकी चूचियां उपर नीचे होने लगती हैं और माही की आंखो में रंगीन डोरे तैर जाते हैं।

वो अपनी जीन्स और टी शर्ट उतार देती हैं और अपनी ब्रा पेंटी को ऐसे उतार फेंकती हैं जैसे मानो वो उसके जानी दुश्मन हो । और फिर रात सिर्फ एक झीनी सी शर्ट पहनती हैं जो को मुश्किल से उसकी जांघो तक आ रही थी और उसकी गांड़ का उभर साफ दिख रहा था।

वो अपने आपको शीशे में देखती है और जैसे ही घूमती हैं तो उसकी गांड़ पर से शर्ट हट जाती हैं और इसकी नजर अपनी खुद की गांड़ पर पड़ती हैं वो एक अजीब सा नशा हो जाता हैं और वो एक उंगली अपनी चूत पर ले जाती हैं जो को गीली होने लगी थी और उंगली को अच्छे से चूत रस से भिगोकर उपर लाते हुए अपने मुंह में डालकर चूसने लगती हैं । जैसे ही शीशे में खुद से उसकी नजरे टकराती है तो आज उसे बिल्कुल शर्म नहीं आती हैं ।

और वो हल्का सा मेकअप करती हैं मानो आज उसकी सुहाग रात हैं , मादकता उसके हर अंग से झलक रही थी। फिर वो समर के रूम की तरफ चल पड़ती हैं। उसकी चूत इतनी गीली हो चुकी थी कि पानी उसकी जांघो तक आ रहा था। समर के रूम के बाहर आकर वो समर का रूम बिना आवाज किए हुए धकेलती हैं तो दरवाजे बिना आवाज किए खुलता चला जाता है और उसकी नजर समर पर पड़ती है जो मानो उसका ही इंतजार कर रहा था। समर उसे देखता ही रह जाता हैं । उफ्फ कितनी कातिल लग रही थी आज माही , जवानी आज उसके अंग अंग से टपक रही थी । शर्ट के ऊपर के दो बटन खुले हुए थे जिस कारण उसकी चूचियां आधे से ज्यादा बाहर थी और जो अंदर थी ऐसा लग रहा था मानो वो कैद से बाहर आने के लिए फड़फड़ा रही हो। तेजी से सांस लेने कारण उसकी चूचियां टेनिस बाल की तरह से उछल रही थी। और नीचे से उसकी गोरी चित्ती चिकनी जांघें कहर ढा रही थी जिस पर चूत से निकाल हुआ पानी साफ़ चमक रहा था। अब समर से बर्दाश्त करना मुशिकल हो रहा था। वो आगे बढ़ता है और माही को गले लगा लेता है तो माही भी जोश में आकर उससे चिपक जाती हैं। समर : बुआ एक बात बोलूं बुरा तो नहीं मानोगी?

माही को उसके मुंह से बुआ सुनना अच्छा नहीं लग रहा था। माही: ठीक है नहीं मानूंगी लेकिन मेरी भी एक शर्त है पहले तुझे वो माननी पड़ेगी। "

समर: बोलो बुआ?

माही उसकी आंखो में देखते हुए: आज के बाद तुम मुझे बुआ नहीं कहोगे बल्कि माही कहकर बुलाओगे।

समर को तो जैसे यकीन ही नहीं हुआ मगर उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था। वो उसके गालों पर एक जोरदार किस करता है।

समर: ठीक है मा मा माही ।

 
माही बोलते हुए उसकी जुबां लड़खड़ा रही थी लेकिन वो जैसे तैसे करके बोल देता है। माही को जैसे ही उसके मुंह से माही शब्द सुनाई देता है वो खुशी से झूम उठती है और उसके होंठ चूम लेती हैं और बोलती हैं: थैंक्स समर , अब बोलो क्या बोलना चाहते थे?

समर : आज आप बहुत सेक्सी लग रही हो माही ।

माही जैसे ही उसकी से अपने लिए सेक्सी शब्द सुनती हैं उसकी चूत तड़पने लगती हैं और चूचियां और ज्यादा टाईट होने लगती हैं। और वो उसका चेहरा चूमने लगती हैं । फिर माह समर को बोलती हैं कि चलो जल्दी से लेट जाओ तुम्हारी मालिश भी तो करनी हैं अभी। ये सुनते ही समर अपने आप ही अपने कपड़े निकाल देता हैं और सिर्फ अंडर वियर में बेड पर लेट जाता है तो माही की नजरे उसके अंडर वियर में बने हुए उभार पर पड़ती है तो मुंह से एक मस्त सिसकी निकल पड़ती हैं और वो आगे बढ़ते हुए टेबल से क्रीम और ऑयल की बॉटल उठाने के लिए झुकती हैं तो उसकी शर्ट उपर को खींचती चली जाती हैं और उसकी गांड़ पूरी तरह से नंगी हो जाती हैं । जैसे ही समर की नजर उसकी मस्त गांड़ पर पड़ती है तो उसे एहसास होता है कि माही की गांड़ पीछे की ओर कितनी उभरी हुई हैं और कितनी मस्त लग रही है । उसकी गांड़ के दोनो पाटो के बीच से उसकी चूत झांक रही थी जो पूरी तरह से गीली हो चुकी थी।

माही को पता था कि उसकी गांड़ पूरी तरह से नंगी हो चुकी है और पेंटी ना होने के कारण उसकी चूत भी समर को नजर आ रही होगी इसलिए वो आराम से झुकी रहती है और क्रीम और ऑयल की बॉटल को उठाने में देर लगा रही थी। समर तो जैसे पागल हो चुका था , वो जोश में आते हुए अपने लंड को बाहर निकाल लेता है और जोर जोर से रगड़ने लगता है , माही धीरे से उसकी तरफ देखती हैं तो समर को अपनी चूत और गांड़ घूरते हुए पाती हैं और वो देखती हैं कि कैसे वो जोर जोर से अपना लंड रगड़ रहा है । फिर माही धीरे से खड़ी होती है और समर की तरफ बढ़ती हैं जो कि अब तक उत्तेजना के मारे पागल हो चुका था और अपना लंड हिला रहा था। माही आगे बढ़ते हुए उसके लंड से उसके हाथ हटा देती हैं और बोलती है कि मालिश करना मेरा काम है तेरा नहीं और उसके लंड को हाथ में थाम लेती हैं और दबाने लगती हैं। दोनो की आंखे मस्ती से बंद हो चुकी थी। तभी नीचे से करण की आवाज आती है जो बाहर से सा आ गया था । वो काम्या को आवाज देता हैं तो काम्या बाहर हॉल में आती हैं और देखती हैं कि करण के साथ एक लड़का आया था जो कि हॉस्पिटल मैं उसने देखा था।

करण: काम्या ये राजू हैं और मैं इसे डाक्टर साहब ने भेजा है ताकि ये अच्छे से समर की मालिश कर सके और आज से ये अगले एक हफ्ते तक रोज रात को समर के रूम में ही उसके साथ सोया करेगा ताकि उसका ध्यान अच्छे से रख सके।

करण के ये शब्द जैसे ही माही के कानो में पड़ते हैं तो उसकी जैसे जान ही निकल जाती हैं। उसकी आंखो में आंसू आ जाते हैं क्योंकि उसके सारे सपने टूट गए थे जो उसने आज रात के लिए देखे थे।समर का भी जोश ठंडा हो चुका था।

माही उसके ढीले हो चुके लंड को छोड़ देती है और बहुत दुखी मन से समर की तरफ देखती हुई अपने रूम में घुस जाती हैं। उधर समर भी अपने कपड़े पहन लेता हैं ।जैसे ही माही रूम में घुसती है तो उसके ठीक बाद करण राजू को लेकर उपर आता है और समर को बताता है कि ये राजू हैं। जो अब अगले एक हफ्ते तक रात को रोज तुम्हारी मालिश करेगा और तुम्हारे साथ ही सोएगा।

समर: जी ठीक हैं पापा।

करण: अपना ध्यान रखना बेटा । मैं अपने सोने जा रहा हूं गुड नाईट। और करण नीचे आ जाता हैं और काम्या को बांहों में लेकर से जाता है।

उधर माही जैसे ही कमरे में पहुंचती है गुस्से में गेट को जोर से बंद करती हैं और बेड पर बैठ जाती हैं ।

समर जैसे ही गेट की आवाज सुनता है वो समझ जाता है कि माही का मूड खराब हो गया है तो को राजू को बोलता हैं कि तुम आराम से बैठो तब तक मैं बाथरूम से होकर आता हूं"। और ऐसा कहकर रूम से बाहर आता हैं और धीरे से माही के गेट को खोलता है और अंदर घुस जाता है जैसे ही माही की नजर समर पर पड़ती है वो पागलों की तरह दौड़कर उसके गले लग जाती मानो ये उनका आखिरी मिलन हों और उसके चेहरे को पागलों की तरह से चूमने लगती हैं ।समर भी उसे अपने गले लगा लेता है और अपनी बांहों उसकी कमर पर बांधते हुए और जोर से कस लेता हैं ।

माही : आई लव यू समर, मैं तुम्हारे बिना नहीं जी पाऊंगी। "

समर जैसे ही माही के मुंह से आई लव यू सुनता हैं वो दीवानों कि तरह उसे चूमने लगता है।

समर: लव यू टू मेरी जान माही, मैं भी आपसे बहुत प्यार करता हूं खुद से भी ज्यादा।

माही जैसे ही समर का जवाब सुनती हैं वो अपने लिप्स उसके लिप्स से जोड़ देती हैं और जोर जोर से चूसने लगती हैं मानो आज उन्हें खा है जायेगी।"समर भी उसका साथ देते हुए उसके होंठ चूसने लगता है। काफी देर तक एक दूसरे के होंठो का रस चूसने के बाद वो अलग होते हैं।

समर: मुझे वापिस रूम में जाना होगा । राजू मेरा इंतजार कर रहा होगा, मैं बाथरूम का बहाना बनाकर आया हू।

माही: प्लीज़ मत जाओ मेरे सनम" और ऐसे बोलते हुए जोर से उससे चिपक जाती है।

समर: मन तो मेरा भी नहीं हैं माही लेकिन क्या करू मजबूरी है जाना पड़ेगा।

माही : ठीक है अच्छे से मालिश कराना उससे ताकि जल्दी बिल्कुल ठीक हो जाओ

और फिर एक आखरी किस उसके गालों पर करती हैं और उसे बाहों में लिए हुए बाहर तक छोड़ने आती हैं । समर अब अपने रूम में आ चुका था और राजू उसकी मालिश अच्छे से करता हैं । उधर माही उदास मन के साथ सो जाती हैं ।

अगला एक सप्ताह बहुत तेजी से बीत गया और समर अब बिल्कुल ठीक हो चुका था।

आज घर में खुशी का माहौल था क्योंकि समर पूरी तरह से ठीक हो चुका था और सबसे ज्यादा खुश तो माही लग रही थी। सुबह सभी नाश्ते की टेबल पर मिलते हैं और नाश्ता शुरू करते हैं और साथ ही साथ बातचीत भी शुरू हो जाती हैं।

करण: आज बहुत खुशी का दिन हैं समर बिल्कुल ठीक हो गया है पार्टी तो होनी ही चाहिए।

काम्या: हां जी पार्टी तो बनती हैं। और वैसे ही आज रविवार हैं तो आपकी छुट्टी भी हैं।

राम्या: पापा मेरा भूल भुलैया देखने का बड़ा मन हैं। मैं देखना चाहती हूं कि लोग वहां रास्ता कैसे भूल जाते हैं इसलिए हमें सबको आज वहीं जाना चाहिए "।

सभी को राम्या का प्रस्ताव पसंद आत है वो वो सब निकलने की तैयारी करने लगते हैं। कोई एक घंटे के बाद समर , करण और काम्या तैयार होकर माही और राम्या का नीचे इंतजार कर रहे होते हैं। तभी थोड़ी देर बाद राम्या और माही नीचे आती हैं तो समर की आंखे उन्हें देख कर चोड़ी हो जाती हैं। दोनो बहुत खूबसूरत लग रही थी जैसे जुड़वा बहने हो क्योंकि दोनो ने आज एक जैसी ड्रेस पहन रखी थी। माही ने आज एक काले रंग की जींस और लाइट ग्रीन रंग का टॉप पहना हुआ था जिसमें उसमे जिस्म का हर कटाव साफ नजर आ रहा था। बड़ी बड़ी आंखें, उनमें लगा गहरे काले रंग का काजल, और गहरे लाल रंग की लिपस्टिक लगे उसके रसीले लिप्स मानो चूसे जाने के लिए बेकरार हो, चूचियां आज कुछ ज्यादा ही तनी हुई थी मानो उन्हें झुकना पसंद ना हो और जीन्स उसकी गांड़ पर बहुत टाइट आ रही थी जिससे उसकी गांड़ की चौड़ाई का एहसास हो रहा था । उसकी गांड़ उसके चलने से उपर नीचे थिरक रही थी जिससे समर के दिल पर छुरी सी चल रही थी वो तो पलके तक झपकाना भूल चुका था और एक टक माही को प्यार से देख रहा था तभी माही भी उसकी आंखो में देखती हैं और दोनो एक साथ मुस्कुरा देते हैं। तभी उसे काम्या की आवाज आती हैं कि चलो जल्दी बाहर पापा इंतजार कर रहे हैं सबका ।

सभी बाहर आकर गाड़ी में बैठ जाते हैं और करण गाड़ी आगे बढ़ा देता है। करण और काम्या आगे बैठे थे जबकि पीछे खिड़की के पास समर और माही बीच में और दूसरी खिड़की के पास राम्या बैठी हुई थीं।

करण ने बहुत ही रोमांटिक गाने चला रखे थे जिसका असर काम्या के साथ साथ माही पर भी हो रहा था जबकि राम्या ने गाड़ी में बैठते ही अपना हेडफोन लगा लिया था और अपनी पसंद के आने सुनने में व्यस्त हो गई मानो उसे दुनिया को कोई खबर ही ना रही हो। माही एक बार राम्या की तरफ देखती हैं और अपना बैग उठाकर अपनी गोद में रख लेती हैं और बैग के अंदर अपना हाथ घुसा देती हैं मानो उसके के कुछ निकाल रही हो और बड़ी ही कामुक नजरो से समर की और देखती हैं । समर सब कुछ समझ जाता है और अपना एक हाथ माही की जांघ पर रख देता हैं । गाड़ी अपनी स्पीड से आगे चल रही थी उधर माही की धड़कन भी बढ़ने लगी थी। ना जाने कैसा जादू था समर के एहसास में कि वो सब कुछ भूल जाती थी। वो धीरे धीरे अपना हाथ से उसकी जांघ सहलाने लगता है तो माही का शरीर कांपने लगा । तभी गाड़ी एक सुरंग के अंदर घुसती हैं जिसमें अंधेरा था , मौके का फायदा उठाते हुए समर माही के होंठ चूसने लगता है और माही भी उसका साथ देते हुए उसके होठ चूसने लगती है। समर एक हाथ से माही के बूब्स दबा देता है जिससे माही को एक बहुत ही सुखद एहसास हुआ और उसने अपने बूब्स समर के हाथ में दबा दिए। समर जितनी जोर से उसके बूब्स दबाता वो उससे कहीं ज्यादा तेजी से उपर उभरकर कर आते मानो उन्हें झुकना पसंद नहीं था। जैसे ही गाड़ी सुरंग से बाहर निकलती हैं दोनों का किस टूट जाता है और दोनो सही से बैठ जाते हैं । माही एक हाथ बैग के साइड से निकलती हैं और समर की जांघ पर रख देती हैं और धीरे धीरे सहलाने लगती है और फिर अपनी सारी ताकत समेटकर अपने हाथ का दबाव उसके लंड पर बढ़ा देती हैं ।जैसे ही समर को लंड पर माही के हाथ का एहसास होता है हालत खराब होने लगी थी । वो एक बार करण और काम्या की और देखता हैं तो उसे पता चलता है कि वो दोनो अपनी बातो में मस्त हैं । फिर वो एक सरसरी नजर राम्या पर डालता हैं जो जिसकी आंखे बंद हो गई थी , शायद सो गई थी या आंखे बंद करके गाने सुन रही थी।समर अपना एक हाथ नीचे लाते हुए माही के हाथ पर रख देता हैं जिससे माही के हाथ का दबाव लंड पर बढ़ जाता है और माही का जिस्म सुलग उठा था। वो लंड पर हाथ आगे पीछे करने लगती हैं तो समर एक बार माही की तरफ देखता है जिसकी आंखे पूरी तरह से लाल हो चुकी थी और उसकी आंखे में देखते हुए वो का हाथ अपने लंड पर से उपर के और उठाता हैं और फिर धीरे से जैसे ही नीचे रखता हैं तो माही को उसके नंगे लंड का एहसास होता है क्योंकि समर इसी बीच पेंट की ज़िप खोल कर लंड बाहर निकाल चुका था , जैसे ही माही की उंगलियां नंगे लंड पर पड़ती हैं तो उसका जिस्म लहराने लगता हैं और जोर जोर से लंड को दाबने लगती हैं। आज माही को लंड कुछ ज्यादा ही मोटा और अकड़ा हुआ लग रहा था जिसके एहसा से उसकी चूत में नमी आने लगी थी।

समर से अभी अब बर्दाश्त नहीं होता और वो अपना एक हाथ बैग से पीछे से जाकर जांघ पर रख देता हैं और सहलाने लगता है जिससे माही को बहुत मजा आने लगा था और वो जोर जोर से उसका लंड दबाना शुरु कर देती हैं , समर अपने हाथ को जैसे ही उसकी जांघ से सरकाते हुए चूत की तरफ लेकर जाता है तो उसे पता चलता है कि माही अपनी जीन्स की ज़िप खोल चुकी थी और समर अपना हाथ उसकी जींस में घुसा देता है और पेंटी के उपर से उसकी चूत सहलाने लगता है जो की गीली हो गई थी । जैसे ही माही को पेंटी के ऊपर से समर की उंगलियां अपनी चूत पर महसूस होती है मजे के कारण उसकी एक सिसकी निकल पड़ती हैं जिसे समर के साथ साथ पास बैठी राम्या भी सुन लेती हैं तो पूछती हैं कि क्या हुआ बुआ ?

माही डर जाती हैं और अपना हाथ लंड से पीछे खींच लेती हैं जबकि समर भी उसकी चूत पर से हाथ हटा देता है ।

माही: कुछ नहीं राम्या ऐसे ही बैठे बैठ नस पर नस चढ गई थी पैर की । अभी ठीक है।

करण: बस और दो मिनट का रास्ता बचा है , पहुंचने वाले हैं।

 
माही और समर दोनो जैसे ही ये सुनते हैं तो अपनी हालत ठीक करने लगते हैं और आराम से बैठ जाते हैं । समर भी अपने खड़े हुए लंड को पेंट में डालता है मगर उभर साफ दिख रहा था उपर से ही । वो परेशान ही जाता है कि अब क्या होगा किसी ने देख लिया तो ।

तभी करण गाड़ी रोक देता हैं और पार्किंग में लगाने लगता हैं जबकि समर का लंड पहले की तरह ही टाइट था और उसकी पैंट में बम्बू बना रखा था। एक एक करके सभी लोग गाड़ी से बाहर निकल जाते हैं पर समर शर्म के कारण बाहर नहीं निकलता तो करण उसे आवाज लगाता हैं कि समर बाहर आ जाओ , हम आ चुके हैं।

समर को जब कुछ समझ नहीं आता तो वो ऐसे ड्रामा करता हैं जैसे नींद में हो और आंखे बंद कर लेता हैं।

काम्या: कितना सोता हैं समर भी। आप चलो में इसको जगाकर लाती हूं और वो फिर से गाड़ी के अंदर घुस जाती हैं तो समर की हालत डर के मारे खराब होने लगती हैं कि अब क्या होगा।

काम्या: चलो बेटा उठ जाओ सब इंतजार कर रहे है तुम्हारा ।

समर जैसे नींद से जागा हो ।

समर: हान मम्मी आप चलो में आता हूं , और धीरे धीरे बाहर आने लगता है ।

काम्या आगे आगे चल रही थी और पीछे पीछे समर जिसका लंड अभी भी खड़ा हुआ था।

चलते हुए काम्या की मस्त गांड़ उपर नीचे थिरक रही थी , जैसे ही उसकी नजर अपने मा कि गांड़ पर पड़ती है तो वो अपनी नजर शर्म से झुका लेता है कि ये सब ठीक नहीं है क्योंकि वो मेरी मां हैं । लेकिन लंड तो जैसे आज बगावत कर रहा था। मा हैं तो क्या हुआ गांड़ देख इसकी कितनी मस्त हैं , ऐसी गांड़ तो शायद ही किसी की हो , और समर को किम करदाशियां जी गांड़ याद आ जाती हैं कि मम्मी की गांड़ किसी भी तरह से उससे कम नहीं हैं। उधर काम्या देखती हैं कि समर कहां हैं , और जैसे ही वो पीछे देखती हैं तो उसे एक झटका सा लगता है क्योंकि समर उसकी गांड़ को घुर घुर कर देख रहा था। उसे अपनी आंखो पर यकीन नहीं होता और उसे लगता है कि ये उसके मन का वहम हैं और इससे ज्यादा कुछ नहीं । जैसे ही काम्या मुडी थी तो समर समझ गया था कि उसकी मम्मी को पता चल गया हैं की वो उसकी गांड़ देख रहा है तो उसकी डर के मारे हालत खराब हों जाती हैं कि पता नहीं मम्मी क्या सोचेगी मेरे बारे में और ये सोचते ही उसका लन्ड नीचे बैठ जाता है । समर एक सुकून की सांस लेता हैं और तेजी से चलते हुए सबके साथ आ जाता है। वो सब एक टेबल पर बैठ जाते हैं और सभी एक एक कप गर्मागर्म चाय पीते हैं और साथ में पनीर पकोड़े।

सभी के अंदर गर्मी आ जाती हैं और फिर वो अंदर घुस जाते हैं और करण उन सबके लिए टिकट लेने जाता हैं ।

करण: भाई मुझे 5 टिकट देना ।

वार्ड बॉय: सर कौन से लेवल के टिकट चाहिए आपको ?

करण: लेवल मलतब ?

वार्ड बॉय : सर यहां दो तरह की भूल भुलैया हैं , एक साधारण जिसमें बच्चे और वो आदमी जाते हैं जिन्हें अंदर खो जाने का डर ज्यादा होता है जबकि दूसरे में वो लोग जाते हैं को निडर होते हैं, यहां खोने के चांसेज ज्यादा होते हैं क्योंकि यहां अंधेरा काफी होता है इतना की आपको अपनी भी सिर्फ परछाई दिखाई देगी जो आपको और ज्यादा डराएगी। वैसे हमने हर गैलरी के गेट पर एक रेडियम लगा रखा है जो कि जलता रहता है और उसके बराबर में एक अलार्म हैं। अगर किसी को डर ज्यादा लगे और खो जाए तो वो 10 मिनट के बाद अलार्म बटन दबा सकता है जिससे सारी लाइट जल जाती हैं । अगर 10 मिनट से पहले कोई जलाता है तो उसे उस दिन का सबसे बड़ा कायर समझ जाता है और उसके नाम का एक बोर्ड बाहर लगा दिया जाता है ।"

करण को ये सुनकर काफी हैरानी होती है और वो सबको बताता है तो सभी लोग एक साथ दूसरे वाला लेवल चुनते हैं सिर्फ काम्या को छोड़कर । टिकट लेकर वो सभी लोग अंदर चले जाते है और अलग अलग गैलरी में घुस जाते हैं ।जाने से पहले एक बार माह समर को देखती हैं और स्माइल देती हैं ।

सभी लोग अंदर आ चुके थे जहां पूरी तरह से अंधेरा था , सिर्फ हर गैलरी के गेट पर रेडियम जल रहा था जहां से अगर कोई गुजरता था वो इसे देखकर ऐसा महसूस होता था कि मानो भूत देख लिया हो।

माही अंदर घुस तो गई थी लेकिन अंधेरे के कारण उसे डर बहुत लग रहा था । और जैसे ही एक साया जलते हुए रेडियम के सामने से गुज़रा माही के डर के मारे रोंगटे खड़े हो गए जैसे के उसने कोई भूत देख लिया हो । और वो जल्दी से समर को ढूंढने की कोशिश करने लगी तभी उसे एक साया अपने पास महसूस हुए जिसने उसे अपनी खींच लिया और उसे बांहों में भरकर अपने सीने से लगा लिया । माही भी उससे लिपट गई क्योंकि उसकी लम्बाई और शरीर देखने में बिल्कुल समर जैसा था। उस साए ने अपने जलते हुए होंठ माही के होंठो पर रख दिए और चूसने लगा । माही भी उसका साथ देते हुए उसके होंठ चूसने लगी । तो समर ने अपना हाथ नीचे लेट हुए उसकी टाईट जीन्स के अंदर घुसा दिया और उसकी चूत को कच्छी के उपर से दबा दिया जिससे माही का रोम रोम सुलग उठा और उसने समर का लंड पकड़ लिया। लेकिन लंड पकड़ते ही इसे एक तेज झटका लगा क्योंकि इस लंड में गांठे नहीं थी । इसका मतलब ये समर नहीं नहीं कोई और था, है भगवान कहीं ये करण तो नहीं हैं , जैसे ही माही को ये एहसास हुआ शर्म और डर के मारे उसकी हालत खराब हो गई और उसने अपना हाथ लंड से हटा लिया तो साए ने उसका हाथ फिर से लंड पर रख दिया और उसकी पेंटी में हाथ डालते हुए चूत को अच्छे से रगड़ने लगा।

माही अपनी पूरी ताकत लगाती हैं और इससे छूट जाती हैं और बाहर की तरफ भागती हैं । वो साया उसका पीछा करता है और जैसे ही वो साया रेडियम के पास से गुजरता है वो हल्की सी रोशनी में उसे मालूम हो जाता है कि ये तो सचमुच करण हैं । डर के मारे वो दाई तरफ मुड़ जाती है और एक साए से टकरा जाती है, जैसे ही माही गिरने को होती हैं वो साया उसे संभाल लेता है और अपने गले लगा लेता है । उसके हाथो के स्पर्श से माही को एहसास हो जाता है कि ये समर हैं और वो उससे लिपट जाती हैं।समर भी उसे अपने सीने से लगा लेता हैं

माही: आई लव यू मेरी जान ।

समर: लव यू टू माही। कहां खो गई थी मैंने तुम्हे ही धुंध रहा था।

माही को जैसे ही अपने साथ हुए हादसा याद आता है और कुछ बोल नहीं पाती है और जोर से समर से चिपक जाती हैं। फिर हिम्मत करके जवाब देती हैं: अंधेरे में कुछ पता ही नहीं चला था। "

और वो समर के होंठ चूसने लगती हैं तो समर भी इसके होंठ चूसते हुए अपने दोनो हाथों से उसकी गांड़ दबाने लगता है तो माही जोश में आते हुए उससे चिपक जाती है और उसके होंठ को जोर जोर से चूसने लगती हैं। फिर समर किस तोड़ते हुए अपने हाथ उसके बूब्स पर रखकर दबाने लगता है तो माही की बहुत मजा आने लगता हैं और वो उसके हाथ हटाते हुए अपनी टी शर्ट उपर उठा देती हैं और समर से चिपक जाती हैं । समर को उसके नंगे बूब्स का एहसास होता है क्योंकि माही ने नीचे ब्रा नहीं पहनी थी । वो आ पूरी तैयारी के साथ अाई थी।जैसे ही समर को इसके कठोर निप्पल का एहसास होता है समर का लंड एक जोरदार झटके के साथ खड़ा हो जाता है और समर उसकी ठोस, सुडौल चूचियों को हाथो में भर लेता है, उफ्फ उस ऐसा लग रहा मानो उसके हाथो में रूई के नरम गोले हो , और वो जोश में उन्हें दबा देता हैं तो उसे इनकी कठोरता का एहसास होता है और वो जोर जोर से उन्हें दाबने लगता है। उफ्फ कितनी बड़ी बड़ी चूची हैं माही की, लेकिन एक दम ठोस। चूची इतनी बड़ी थी कि उसके पूरे हाथ में नहीं आ रही थी । आज उसे पहली बर बूब्स का कोमल एहसास हुआ था , जैसे ही समर का दबाव उसके बूब्स पर पड़ता है मजे के कारण माही का मुंह खुल जाता हैं और वो हल्की हल्की सिसकियां

लेने लगती हैं । और अपनी चूत को नीचे से उसके लंड पर रगड़ने लगती हैं । समर अब अपने होंठो को आगे बढ़ाते हुए उसके बूब्स पर रख देता है । उफ्फ माही जैसे ही समर की होंठो का एहसास अपनी चूची पर होता है उसका जिस्म हवा में उड़ने लगता हैं मजे के कारण और वो उसके मुंह से आह निकल जाती हैं: हाय उफ्फ , सी ई उफ़ हाय कितना अच्छा लग रहा है। "

और अपना हाथ उसके सिर के पीछे लाते हुए अपनी चूची पर उसका सिर दबा देती हैं और समर जोश में आते हुए उसके उसके निप्पल को जोर जोर से चूसने लगता है । माही के मजे की अब कोई सीमा नहीं थी । माही: आह आह उफ़ खा जाओ मेरी जान, पूरी मुंह में लेकर चूसो , जोर से चूसो , है भगवान ये कैसा अदभुत एहसास हैं एकदम आनंदमय। '

और माही नीचे हाथ लाते हुए उसके लंड को पेंट से बाहर निकाल लेती हैं और हाथ से दबाने लगती हैं। समर जैसे ही अपने होंठ उसकी चूची से हटाता हैं तो माही उसका सिर पकड़कर दूसरी चूची पर उसके मुंह झुका देती हैं।

माही: इसे भी चूसी मेरी जान। आज आह । मजे के कारण माही का पूरा शरीर लहरा रहा था , वो उत्तेंजना से एक दम पागल हो गई थी। तभी समर उसकी दूसरी चूची चूसते चूसते अपना हाथ उसकी पेंट के अंदर घुसा देता है और उसकी चूत को हाथ से दबा देता हैं । आज पहली बार उसकी चूत पर समर की उंगली लगी थी , उसके जिस्म उसके काबू से बाहर हो जाता है और वो जोश में आकर उसका लंड ऐसे दबा रही थी मानो उसे उखड़ ही देगी आज।

 
समर जैसे ही उसके चूत को छूता हैं उसके उंगलियां गीली हो जाती हैं क्योंकि माही की चूत से रस निकल रहा था। अब समर उसकी चूत के होंठो को मसलते हुए खोलता हैं और जैसे ही उंगली अंदर घुसाने कि कोशिश करता हैं तो माही अपनी दोनो टांगे भीच लेती हैं ।

माही: प्लीज़ समर उंगली नहीं , आज तक मैंने उंगली नहीं घुसाई हैं। मैं चाहती ही की पहली बार इसमें मेरे पति का वो घुसे।

समर ये बात सुनकर हैरान हो जाता है और यकीन नहीं कर पाता कि माही सच बोल रही है क्योंकि जिस तरह से वो उसका हाथ लगते ही होश खो देती हैं उसे लगा था कि माही अब तक चुदाई का मजा ले चुकी होगी।

आज समर की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था वो उसके होठों को चूसने लगता है। जैसे ही उसे पता चला कि माही अनछुई हैं वो उसकी चूत को उपर से ही हल्के हल्के मसलने लगता हैं तो माही जैसे स्वर्ग में उड़ रही थी। वो मस्ती में पूरी डूब चुकी थी , उसका पूरा शरीर लहरा रहा था और वो अपनी चूत को जोर जोर से उसके हाथ पर रगड़ रही थी।

उधर करण जैसे ही गैलरी में आता है तो उसे अंधेरे में कुछ नहीं दिखाई देता और वो आगे बढ रहा था माही की तलाश में । तभी उसे एहसास होता हैं कि माही उसके सामने वाली गैलरी से निकल रही है।उसकी आंखों में चमक आ जाती हैं और वो भागकर उसे पकड़ लेता है और उसके मुंह पर हाथ रखकर उसे एक कमरे में खींच लेता हैं और उसे अपने सीने से चिपका लेता हैं तो माही उससे छूटने की कोशिश करती हैं जैसे कुछ बोलना चाह रही हो लेकिन मुंह पर करण का हाथ होने के कारण उसकी आवाज नहीं निकल रही थी । करण अपना दूसरा हाथ नीचे लेट हुए उसकी चूत को पेंटी के उपर से अपनी मुट्ठी में भर लेता है और जोर जोर से दबाने लगता है । दरसअल अंधेरे के कारण करण को पता नहीं चला था और वो गलती से राम्या को पकड़ लिया था माही सामझ कर ।

जैसे ही राम्या को हाथ चूत पर महसूस होता हैं इसके रोंगटे खड़े हो जाते हैं और वो कांपने लगती हैं लेकिन उस कहीं ना कहीं ये सब गलत लग रहा था और अपने आपको छुड़ाने लगी । लेकिन करण तो आज उसे छोड़ने के मूड में नहीं था वो एक उंगली उसकी सुखी चूत में घुसाने लगता हैं तो राम्या को दर्द होने लगता जान क्योंकि उसकी चूत एक दम टाइट और अनछुई थी। करण सब समझ जाता है और फिर वो हाथ को उसकी पैंट से बाहर निकालता हैं और अपने मुंह में डालकर गीली करता हैं। जैसे ही उंगली राम्या की पेंट से बाहर आती हैं वो सुकून कि सांस लेती हैं लेकिन तभी करण अपनी गीली हो चुकी उंगली को फिर से नीचे लाते हुए उसकी पेंटें घुसा देता है और उसकी चूत पर रखकर जोर से अन्दर दबा देता हैं जिससे आधी उंगली अंदर चली जाती हैं और और राम्या के मुंह से एक घुटी घूटी आह निकल जाती हैं क्योंकि गीली उंगली घुसने से उसकी चूत में दर्द के साथ साथ को मजा आया था वो अदभुत था । उसकी आह सुनकर करण तेजी से उंगली अंडर बाहर करने लगता है और राम्या तो जैसे मजे से कूक रही थी। उसका जिस्म मस्त हो चुका था और उसके मजे कि कोई सीमा नहीं थी।

उसे एहसास नहीं था कि चूत इतना मजा दे सकती हैं और वो सोचती हैं कि ये पता नहीं कौन अजनबी है , अंधेरे में इसे पता भी नही चलेगा कि मैं कौन हू। ये खयाल मन में आए ही राम्या को और मजा आने लगता हैं

तभी करण उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख देता और राम्या के हाथ की उपर अपना हाथ रखते हुए लंड पर रगड़ने लगता है। जैसे ही राम्या के मुंह पर से करण का हाथ हट जाता है तो उसकी सिसकी बाहर निकलने लगती हैं। करण उसकी सिसकी सुनी कर जोश में आते हुए उंगली की स्पीड और बढ़ा देता है और तेजी से उसकी चूत उंगली से चोदने लगता है। राम्या की आहेऊ और तेज होने लगती है और वो पानी कमर नीचे से उठा कर उसकी उंगली पर मारने लगती हैं और अपने हाथ को पहली बार उसके लंड पर दबा देती है और उसे मसलने लगती हैं।

करण उसे दीवार से लगा देता हैं और एक हाथ को उसकी टी शर्ट के अंदर घुसा कर उसकी चूची को पकड़ा लेता है और जोर जोर से दाबने लगता हैं। राम्या की चूची एक दम मस्त साइज़ की थी और उसके शरीर का सबसे सवेंदेंशील हिस्सा थी । चूची पर हाथ पड़ते ही वो उत्तेजना से पागल हो जाती हैं और जोश में आते हुए उसके उपर लंड को पकड़ लेती है तो उसे एहसास हुआ को उसका लन्ड बहुत लंबा और मोटा था जिसे वो जोर जोर से हिलाने लगती हैं मानो उसकी मुट्ठी मार रही हो। दोनो ही अपने चरम पर पहुंचने वाले थे। तभी राम्या का शरीर बुरी तरह से कांपने लगा था। चूत पूरी गीली हो जाने के कारण उगली पूरी स्पीड से अन्दर बाहर हो रही थी। राम्या नीचे से अपनी गांड़ उठाते हुए उसे और अंदर लेने की कोशिश कर रही थी। तभी उसका पुर शरीर कांपने लगता है और उसकी चूत में जोरदार कम्पन होता है और वो जोर से सिसकी लेते हुए झड़ने लगती हैं और करण पूरी ताकत से उंगली को उसकी चूत में अंदर तक घुसा देता हैं तो राम्या भी उसके लंड को जोर से दबाती हैं जिससे करण के मुंह से एक मस्ती भरी आह निकलती हैं और वो वीर्य की बौछारें राम्या के हाथ में मारने लगता हैं।

उधर समर माही की चूत को रगड़ रहा था। माही भी अपनी चूत उठाकर उसके हाथ पर जोर जोर से मार रही थी । माही का पानी बाद निकलने ही वाला था कि किसी ने डर जाने कि वजह से अलार्म बजा दिया था जिससे लाइट ऑन हो जाती हैं और माही को ऐसा लगता हैं कि उसके उपर फिर से जुल्म हो गया और वो एक बार झड़ते झड़ते रह जाती हैं। दोनो अपने आप को ठीक करते हुए बाहर निकालने लगते हैं।

दूसरी तरफ लाइट ऑन होते ही पूरा कमरा जगमगा जाता है और जैसे ही करण की नजर राम्या पर पड़ती है उसका आंखे फटी की फटी रह जाती हैं। उफ्फ वो अपनी सगी बेटी के साथ ये सब कर रहा था। राम्या की हालत तो जैसे काटो तो खून नहीं।उसका चूत में उंगली डालने वाला कोई और नहीं उसका सगा बाप था। उफ्फ वो अनजाने में अपने सगे बाप के साथ ही मजे कर रही थी ये सोचकर उसका सिर नीचे झुक जाता हूं तो उसकी आंखे अपने हाथ पर पड़ती है जिसे करण के वीर्य भरा हुए था। उधर करण के हाथ में भी राम्या का चूत रस भरा हुआ था। राम्या भरी हुई आंखो से करनी की तरफ देखती हैं और रोने लगती हैं। करण का तो जैसे आज दिल ही टूट गया था। वो नजरे नीचे किए हुए आगे बढता हैं और राम्या को अपने गले लगाकर रोने लगता हैं । दोनो बाप बेटी एक दूसरे के गले लगकर रो रहे थे। राम्या को अपनी हालत का कुछ भी होश नहीं था। करण अपना हाथ नीचे लेट हुए उसकी पैंट की जिप बंद करता है और उससे चिपक कर रोने लगता है। राम्या को एहसास होता हैं कि उसकी पैंट बंद हो चुकी हैं जबकि करण का लंड अभी भी बाहर हैं और कोई भी आ सकता है तो वो तेजी से लंड को हाथ से पकड़ती हैं और उसके पेंट में डालकर उसकी जिप बन्द कर देती हैं। और फिर तेजी से बाहर निकल जाती हैं।

चारो लोग बाहर आ चुके थे । करण और राम्या एक दूसरे से आंख नहीं मिला पा रहे थे तो माही की गीली चूत उसे फिर से परेशान कर रही थी । आज दूसरी बार वो झड़ते झड़ते रह गई थी। इसकी चूत में पूरी तरह से हलचल मचिय हुई थी। चूत का रोम रोम सुलग रहा था।

काम्या भी आ जाती हैं और सभी साथ में घूमने लगते हैं । फिर दोपहर के बाद सब लोग खाना खाने के लिए जाते हैं। माही टेबल पर समर के पास ही बैठी हुई थी जबकि करण और राम्या एक दूसरे के ठीक सामने। आज राम्या के आवाज नहीं निकाल रही थी।

काम्या: आज राम्या मुझे लगता है डर गई हैं अंदर अंधेरे में। देखो कैसे चुपचाप बैठी हैं

समर उसका मजा लेते हुए: घर में शेर बनी रहती हैं और यहां आवाज नहीं निकाल रही

काम्या: ऐसा क्या देख लिया जो इतनी डर गई हैं।

अब राम्या क्या बताती हैं उसने लंड देख लिया हैं और वो भी अपने सगे बाप का।

समर धीरे से अपना एक हाथ माही की जांघ पर रख कर सहलाने लगता हैं तो माही को एक झटका सा लगता है उसे समर से ये उम्मीद नहीं थी कि वो सबके बीच ऐसा कर सकता हैं ।

काम्या: क्या हुआ माही ?

माही बहाना बनाते हुए: कुछ नहीं खाना अटक गया है गले में" और ऐसा बोलकर पानी का गिलास उठाती हैं और पीने लगती हैं।

काम्या: ध्यान से खा माही। आप पता नहीं तुम्हारा भी ध्यान कहां हैं , गाड़ी मैं तुम्हारी नस पर नस आ गई थी।

ये सुनकर समर और माही दोनो के चेहरे पर एक स्माइल आ जाती हैं। अब माही क्या बताती कि मेरी चूत सुबह से गीली हैं जिसकी वजह से ये सब हो रहा है।

समर उसकी जहंगी को सहलाते सहलाते हाथ नीचे ले जाकर उसकी चूत को पेंट के उपर से ही पकड़ लेता है।

माही के हाथ से चम्मच छुट जाती हैं और सब उसकी तरफ देखते हैं कि अब क्या हुआ ,?

माही: आज सुबह से ही मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं है। इसलिए ऐसा हो रहा है और फिर से खाना खाने लग जाती हैं।

अब समर उसके चूत को फिर से रगड़ने लगता हूं जिससे उसकी चूत फिर से गीली होने लगी थी। माही से बर्दाश्त नहीं हो रहा था। समर उसे आज सुबह से ही छेड़ रहा था जिस वजह से उसका रोम रोम जल रहा था। कच्छी पूरी गीली हो चुकी थी।

जैसे ही सब खाना खा लेते हैं तो करण बिल चुकाने चला जाता हैं काम्या और माही उसका उसका इंतजार करने लगते हैं।

जैसे ही करण बाहर आता हैं तो माही बोलती हैं कि भाई मुझे शॉपिंग करनी हैं ।

 
करण फिर सबको शॉपिंग मॉल ले जाता है और अपना कार्ड समर को दे देता हैं और बोलता हैं कि जाओ सब लोग शॉपिंग कर लो मेरा मन ठीक नहीं है मैं यहीं सबका इंतजार करूंगा गाड़ी में ही।

और सभी लोग अंदर घुस जाते हैं। फिर काम्या राम्या को अपने साथ लेडीज सेक्शन में ले जाती हैं और सामान देखने लगती हैं। जबकि माही और समर फर्स्ट फ्लोर पर चले जाते हैं और एक लेडीज शोरूम में घुस जाते हैं जहां एक खूबसूरत लड़की काउंटर पर बैठी हुई थी।

लड़की: बैठ जाए मैडम, आपका स्वागत है बताए आपको क्या दिखाऊं?

माही एक नजर लगे हुए आइटम पर डालती हैं जो कि सारे वेस्टर्न आउटफिट के थे, एक से बढ़कर एक थे। तभी समर की नजर एक ब्लैक रंग की शॉर्ट लिंगरी पर जाती हैं जो कि बहुत खूबसूरत लग रही थी। माही उसे देखती है तो खुशी से झूम पड़ती हैं।

लड़की: वाऊ मैडम आपके बॉय फ्रेंड कि पसंद एक दम लाजवाब हैं। इससे मस्त आइटम हमारे पास नहीं है। जैसे ही माही लड़की के मुंह से बॉय फ्रेंड सुनती हैं वो एक कातिल मुस्कान के साथ समर को देखते हुए हल्के से एक आंख दबा देती हैं।

लड़की उसे शीशे से बाहर निकलती हैं माही को अच्छे से दिखती हैं । ये एक वेस्टर्न आउटफिट था जिसमें कंधो पर दो पतली सी तनी थी और नीचे सिर्फ गांड़ तक आ पाती और नीचे का हिस्सा पेंटी के रूप में सिर्फ एक पतली सी लाइन थी जो कि मुश्किल से चूत को छुपा सकती थी और पीछे एक लाइन सिर्फ गांड़ के छेद पर आती और पूरी गांड़ लगभग नंगी ही नजर आती उसे पहनकर ।

माही उसे खरीद लेती हैं और समर बोलता है कि इसके पैसे वो खुद देगा , पापा के कार्ड से नहीं लेगा। और अपने जेब से पर्स निकाल कर लड़की को पैसे देता हैं तो माही एक दम खिल जाती हैं और आस पास देखते हुए समर के होंठ चूम लेती हैं। लड़की: मैडम थोड़ा सब्र करो, घर जाने तक तो रुकी रहो " और मुस्कुरा देती हैं ।

माही और समर दोनों स्माइल करते हैं और नीचे आ जाते हैं जहां पहले से ही काम्या,राम्या और करण उनका वेट कर रहे थे। रात होने वाली थी इसलिए सबके गाड़ी में आते ही करण गाड़ी घर की तरफ घुमा देता है।

गाड़ी चलती जा रही थी और धीरे धीरे सड़क पर पूरा अंधेरा फैल चुका था।

दिन भर की थकान के कारण काम्या को नींद आने लगती हैं तो करण को लाइट बंद करने को बोलती हैं। करण गाड़ी में जल रहा बल्ब बंद कर देता है और अब गाड़ी में पूरा अंधेरा था बस सामने से आने वाली गाड़ियों की लाइट पड़ने से थोड़ी रोशनी होती थी। पीछे राम्या भी सो चुकी थी।

माही मौके का पूरा फायदा उठाते हुए अपने होंठ समर के होंठो से जोड़ देती हैं दोनो किस करने लगते हैं। फिर वो माही के बूब्स दबाने लगता है और एक हाथ नीचे लाते हुए उसकी पैंट में घुसा देता हैं और उसकी चूत को सहलाने लगता है।

माही का जिस्म झटके खाने लगता हैं और वो उसके लंड को पकड़ कर बाहर निकालटी हैं और दाबने लगती हैं। उफ्फ दोनो के सिर पर सेक्स पूरी तरह से हावी हो चुका था दो।एक दूसरे के जिस्म से खेल रहे थे तभी करण गाड़ी की लाइट जला देता हैं क्योंकि पुलिस आने जाने वाली सभी गाडियां चेक कर रही थी । दोनो फिर से अलग हो जाते हैं सीधे बैठ जाते हैं । पुलिस एक सरसरी नजर पीछे डालती हैं और करण को जाने का इशारा करती हैं और करण फिर से गाड़ी की लाइट बुझा देता हैं और आगे बढ़ जाता हैं। जैसे ही लाइट बंद होती हैं माही समर का हाथ पकड़ कर अपनी चूत पर रख देती हैं और सहलाने लगती हैं। माही का जिस्म आग आग का गोला बना हुए था। पूरा जल रहा था। शरीर का जर्रा जर्रा बस प्यार मांग रहा था । समर उसकी चूत को सहलाने लगता है तो माही से मजा बर्दाश्त नही होता और वो अपना हाथ अपनी चूचियों पर लाकर उन्हें दाबने लगती हैं।

माही को अब किसी को फिक्र नहीं थी , शर्म लिहाज , डर सब कुछ भूल चुकी थी और बस झड़ जाना चाहती थीं । उसकी चूत में अब तूफान उठना शुरू हो गया था और उसका मजा बढ़ता जा रहा था। किसी भी पल वो झड़ सकती थी लेकिन तभी करण ब्रेक मार देता है क्योंकि घर आ चुका था। माही पर एक और जुल्म । जैसे ही वो झड़ने वाली थी फिर से उसकी किस्मत धोका दे गई । और वो गुस्से से अपनी चूत जोर से दबाती है और दूसरे हाथ से समर का लंड ऐसे दबाती हैं मानो सारा गुस्सा उस पर ही निकाल रही हो।

लंड दबते ही समर के मुंह से आह निकल जाती हैं जिसे वो बड़ी मुश्किल से दबाता हैं। जितना जुल्म सुबह से माही की चूत पर हो रहा था इतना ही उसके लंड पर भी तो हो रहा था जो सुबह से खड़ा ही था।

करण बल्ब जला देता है। और दोनो ना चाहते हुए भी अलग हो जाते है। फिर सभी लोग अंदर आते हैं और काम्या और करण दिन भर की थकान के कारण बिस्तर पर पड़ते ही गहरी नींद के आगोश में चले जाते हैं। उधर उपर राम्या भी थक चुकी थी आज और करण के साथ हुए हादसे की वजह से उसके सिर में दर्द था और वो अपना गेट बंद करती हैं और सो जाती हैं। समर फ्रेश होने बाथरूम जाता हैं और फिर अपने कमरे में आकर माही का इंतजार करने लगता हैं। उसका लन्ड आज से पहले इतना टाइट नहीं हुआ था कभी , लग रहा था जैसे फट ही जाएगा।

उधर माही कमरे के अंदर घुसती हैं और अपनी आज खरीदी हुई नई लिंगरी लेकर बाथरूम में घुस जाती हैं । आज वो खूब अच्छे से रगड़ रगड़ कर नहाती है मानो जिस्म का हर हिस्सा चमका देना चाहती हो। अपनी चूत को अच्छे से साफ करती हैं एक दम चिकना कर लेती हैं और लिंगरी पहन कर आपे कमरे में आ जाती है । फिर एक मस्त परफ्यूम अपनी पूरी बॉडी पर लगाती हैं और अच्छे से सज धज कर अपने आपको शीशे में देखती हैं तो अपने हुस्न पर वो खुद ही मोहित हो जाती हैं और फिर अपनी चूचियों को तिरछी नजरों से देखती हैं उसकी चूत खुद ही गीली होने लगती हैं। उसके दोनो चूचियां आज मानो बगावत पर थी और टाइट लिंगरी में बड़ी मुश्किल से समा रही थी। और ठोस निप्पल तो जैसे लिंगरी को फाड़ देना चाहते थे क्योंकि लिंगरी निप्पल वाले हिस्से से उठी हुई थी। ।

 
समर: आह माही उफ्फ , मेरा लन्ड भी चूस लिया, हाय और जोर से चूसो मेरी जान।

माही जोश में आते हुए उसके लंड को और तेजी से चूसने लगती हैं जिससे समर उसकी चूत को जोर जोर से रगड़ रहा था। जितनी जोर से माही लंड चूसती समर उससे भी ज्यादा जोर से उसकी चूत रगड़ता।

अचानक समर को लगता हैं कि वो हवा में उड़ रहा है और उसका जिस्म हल्का पड़ने लगा हैं तो उसके मुंह से एक के बाद सिसकियां निकालने लगती है और वो अपना लंड माही मुंह से निकालते हुए उसे अपने ऊपर खींच लेता है जिससे माही की गीली चूत उसके लंड के सुपाड़े पर टिक जाती हैं और वो दोनो हाथो में माही की चूचियां भर लेटा और जोर से दाबने लगता हैं । माही की तो आंखे फिर से आंनद से बंद हो चुकी थी और वो अपनी चूत जोर जोर से उसकी मोटे सुपाड़े पर रगड़ रही थी ।तभी समर को लगता कि इसकी लंड फट रहा है तो वो जोश में आते हुए अपनी कमर उपर उठाते हुए एक जोर का धक्का मार देता हैं और माही भी जोश में आते हुए अपनी चूत उसके लंड पर दबा देती हैं ।सुपाड़ा चूसे जाने के कारण पूरा गीला हो गया था और चूत तो पहले से ही आंसू बहा रही थी , सुपाड़ा जोर से उसकी चूत कि पंखुड़ी को अपने चौड़ाई के हिसाब से फैलाते हुए पूरा अंडर घुस जाता है और माही दर्द के कारण चींखं पड़ती हैं और अपने दोनो हाथ उसकी गरदन में डालते हुए अपने होठ समर होठो से जोड़ देती हैं और एक साथ जोर से सिसकते हुए दोनो झड़ जाते हैं और माही की चूत अपना पूरा रस बहा देती हैं जो समर के लंड को भिगोते हुए उसकी जांघो तक आ गया था और उनके जांघे आपस में चिपक जाती हैं ।

दोनो ने जैसे परम आंनद पा लिया था।दोनो की सांसे पूरी तरह से उखड़ी हुई थी मानो मैराथन दौड़कर आए हो। समर माही के बालो में अपने हाथ घुमा रहा था और माही फिर से उसके सीने से लगी हुई थी। समर माही की तरफ देखता हैं तो माही की आंखे मजे से बंद थी और उसके रसीले होंठ नजर आते है । वो फिर से अपने होठ उसके होठों पर रख देता हैं और चूसने लगता है ।माही भी उसे किस करने लगती हैं उसके होठ चूसने लगती थी, कभी उपर वाले को तो कभी नीचे वाले होठ को। माही अभी तक समर के उपर लेती हुई थी जिस करण लंड चूत से सटा हुआ था लेकिन अब पानी निकलने के कारण शांत पड़ा हुआ था । समर किस करते करते अपने दोनों हाथ फिर से माही की मस्त कठोर उभरी हुई गांड़ पर रख देता हैं और दबाने लगता है जैसे ही समर के हाथ उसकी गांड़ पर पड़ते हैं माही सिसक पड़ती हैं। माही का जिस्म फिर से सुलगने लगा था और उसे अपनी चूत में फिर से खुजली महसूस हुई। चूत गीली होने लगी थी और वो अपनी चूत को लंड पर रगड़ने लगती हैं जिस कारण लंड भी अपना मुंह उठाना शुरू कर देता है। समर से अब कंट्रोल नहीं होता और वो जोर जोर से माही की गांड़ मसलने लगता है।माही जोश में आती जा रही थी और वो अपनी जीभ समर के मुंह में घुसा देती हैं और उसकी जीभ चूसने लगती हैं जिसका सीधा असर समर के लंड पर होता है और वो पूरा अकड़ते हुए खड़ा हो जाता है और अपना पुर दबाव माही की चूत पर डालने लगता हैं

माही की आंखे मजे के कारण एक बार फिर से बंद हो चुकी थी और वो अपनी चूत को लंड की पूरी लंबाई पर रगड़ रही थी। जब भी लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के मुंह से छूता हर बर उसके मुंह से सिसकियां निकल रही थी। अब माही की चूत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी और लंड के सुपाड़े को भी भिगो चुकी रही थी। माही बंद आंखो के साथ अपनी गीली चूत उपर उठाती हैं और उसे एक गहरी सांस लेते हुए समर के लंड के सुपाड़े पर फिर से दबा देती हैं जिससे एक बार फिर से पूरी सुपाड़ा तेजी के साथ अंदर घुस जाता है और एक बार माही को दर्द तो होता है लेकिन मजा उससे कहीं ज्यादा आता हैं क्योंकि सुपाड़ा एक बार पहले ही उसकी चूत को अपने आकार से फैला चुका था। जैसे ही सुपाड़ा फिर से घुसा माही के मुंह से एक आह निकल गई।

माही: आह घुस गया फिर से अंदर।

उफ्फ कितना मजा आ रहा है " अपनी चूत को उपर की तरफ उठाती हैं तो ऐसा लगता है जैसे सुपाड़ा चूत में बुरी तरह से चिपक गया है , जैसे ही वो पूरा दम लगती हैं तो लंड उसकी चूत के साथ उपर उठता चला जाता है । समर भी अपनी गांड़ उपर करते हुए उसका साथ देता हैं और वो फिर अपनी चूत से सुपाड़े पर धक्के मारने लगती हैं । समर को ऐसा लग रहा मानो उसका सुपाड़ा एक बहुत ही टाईट जलती हुई गुफा में घुस गया है । चूत एक दम टाइट थी और अपने पूरे दबाव के साथ लंड को कस रही थी। कुछ देर बाद चूत लंड के सुपाड़े को अपने आकर से एडजस्ट कर लेती हैं और अब माही उस पर पागलों कि तरह से धक्के लगा रही थी । उसका पूरा जिस्म कांप रहा था मजे के कारण और उसकी मादक सिसकियां पूरे कमरे में गूंज रही थी । वो और मजा लेने के लिए चूत जोर को जोर से दबाती हैं और समर भी लंड को धक्का देता है वो माही को दर्द का एहसास होता है क्योंकि सुपाड़े के ठीक ऊपर समर के लंड में एक बहुत मोटी गांठ थी इस कारण लंड सुपाड़े से आगे नहीं घुस पाता । समर समझ जाता है कि उसे आगे बढ़ने के लिए चिकनाई की जरूरत होगी।लेकिन सॉफ्ट जेल क्रीम तो राम्या के रूम में हैं और वो अभी नहीं मिल पाएगी। तभी उसकी आंखो में चमक आ जाती हैं और वो माही के चूत को चूसने का प्लान करता हैं।

समर उसे आज पूरी मस्त करके चोदना चाहता था ताकि उसे बहुत कम दर्द हो इसलिए वो माही को एक पलटी देकर अपने नीचे कर लेता हैं और उसके होंठो को चूसने लगता हैं । सुपाड़ा अभी भी चूत के अंदर ही था जिस पर माही अपनी गीली चूत रगड़ रही थी। उसके होंठो को चूसते हुए अपने दोनो हाथ उसकी चूचियों पर रख देता हैं और दाबने लगता है । माही तो जैसे मस्त हो चुकी थी और अपनी चूचियों को उसके हाथ में उभार देती हैं । समर जोश में आते हुए उन्हें जोर जोर से दाबने लगता हैं। माही की चूची जितना दब रही थी उससे कहीं उससे उपर की ओर आ रही थी मानो उन्हें झुकना पसंद ना हो। तभी समर अपने होठ नीचे लाते हुए उसकी एक चूची पर रख देता हैं और निप्पल को जीभ से चाट लेता है ।

माही ये बर्दाश्त नहीं कर पाती और उसके मुंह से एक आह निकल पड़ती हैं आह उफ्फ खा जाओ मेरी चूचियों को समर , पूरी मुंह में लेकर चूसो मेरी जान। और वो बहुत तेजी से अपनी चूत सुपाड़े पर उछालने लगती हैं ।

समर अपनी जीभ उसके निप्पल पर गोल गोल घुमाने लगता हैं जिससे माही तड़प उठी थी।

माही: आह बहुत मजा आ रहा हैं उफ्फ हाय मेरी जान लोगे क्या समर, पूरी मुंह में ले लो और चूसो"

अब समर उसकी एक चूची को पूरा मुंह में भर लेता है और जोर जोर से चूसने लगता था। चूची अब लपालप उसके मुंह में जा रही थी जिससे माही की हालत खराब होने लगती हैं और चूत और ज्यादा पानी छोड़ने लगती हैं और समर के आधे लंड को पूरा भिगो चुकी थी।

माही से इतना मजा बर्दाश्त नहीं हो रहा है उसका जिस्म समर के नीचे उछल रहा था , अब माही अपनी चूत को जोर जोर से सुपाड़े पर उछाल रही थी और लंड कि पहली गांठ हर बार चूत पर ज्यादा जोर डाल रही थी जिससे माही को दर्द के साथ और मजा आ रहा था ।समर भी समझ गया था कि उसका प्लान काम कर रहा है और थोड़ी ही देर में उसका पूरा लंड उसकी चूत में होगा। लेकिन वो जल्दबाजी नहीं करना चाह रहा था। इसलिए वो माही की चूची को पूरे जोश से चूस रहा था और दूसरी को मजे से दाब रहा था ।

माही उसके इस हमले से बच नहीं पा रही थी और उसकी सिसकियां और ऊंची होती जा रही थी।

माही उसका मुंह पकड़ कर अपनी दूसरी चूची पर उसे झुका देती हैं और समर उसे चूसने लगता है । माही मजे से दोहरी होती जा रही थी और पता नहीं क्या क्या बड़बड़ाती जा रही थी।

उसकी चूत ने लंड को पूरी तरह से गीला कर दिया था जिस कारण लंड की गांठ पूरी तरह से चूत में घुसने को तैयार थी बस समर को नीचे से धक्का लगाने की देर थी लेकिन समर अभी माही की चूत चूसना चाहता था ताकि और चिकनाई पैदा हो सकें । लेकिन माही से बर्दाश्त नहीं हो रहा था और वो एक हाथ से उसके लंड को पूरा सीधा करके पकड़ती हैं और अपनी पूरी ताकत लगाते हुए तेजी से अपनी चूत को उपर की तरफ उछालती हैं ।

जैसे ही माही समर का लंड हाथ से पकड़ के सीधा करती हैं समर उसका इरादा समझ चुका था और वो जानता था कि इस पोजिशन में माही की चूत पूरी तरह फट जाएगी और उसे बहुत दर्द होगा इसलिए जैसे ही माही की चूत तेजी से उपर आती हैं वो अपने लंड को उपर की तरफ खींच लेता है जिस कारण लंड का सुपाड़ा भी चूत से बाहर आ जाता हैं । माही को ऐसा लगता हैं की जैसे उसके उसके जिस्म से उसकी जान निकल गई है और प्यासी निगाहों से एक बार समर की तरफ देखती हैं और फिर उसके लंड की तरफ देखकर अपनी आंखे फिर से समर की आंखो से मिला देती है मानो उसे कह रही हो कि पूरा लंड चूत में घुसा दो। समर सब कुछ समझ जाता हैं और माही के कान में बोलता है कि बस थोड़ा सा सब्र करो मेरी जान। एक बात चूत को पूरा गीला कर लू

माही अपनी चूत पर हाथ ले जाती हैं और अच्छे से चूत पर रगड़कर कर समर को दिखाती हैं , माही का हाथ पूरी तरह से गीला था उससे चूत रस टपक रहा था।

अब समर से इससे ज्यादा बर्दाश्त नहीं होता और वो माही की टांगो को पूरा खोल देता है और उनके बीच में आ जाता है और ध्यान से पहली बर उसकी चूत देखता हैं तो उसे एहसास होता है कि माही के छोटी सी चूत कितनी खूबसूरत हैं , चूत के दोनों लिप्स आपस में पूरी तरह से जुडे हुए थे जिनमें से रस टपक कर उसकी पूरी चूत पर फैल रहा था। वो अपना एक हाथ आगे लाते हुए धीरे से उसकी गुलाबी चूत के होंठो को हल्का सा खोल देता है और जैसे ही चूत खुलती है उसमे से रस की कुछ बूंदे टपक कर उसका स्वागत करती हैं और समर के हाथ को भिगो देती हैं। समर माही की आंखो में देखते हुए उसके चूत रस से भीगी हुई उंगली को मुंह में डालकर चूसने लगता है । माही तो जैसे ये सब देख रह कर पागल हो गई थी। वो अपने दोनो हाथो से उसका सिर पकड़ कर अपनी चूत पर झुका देती हैं ताकि समर जल्दी से उसकी चूत पूरी गीली कर सके। समर अपने प्यासे होंठो को उसकी चूत पर जोड़ देता हैं और उसकी चूत को चूसने लगता हैं। जैसे ही समर के होंठ उसकी चूत पर पड़ते हैं माही का बदन एक तेज झटका खाता हैं और उसकी सिसकी निकल पड़ती है।

माही: आह मेरी जान, ये कैसा एहसास है , और चाटो ।

समर जोश में आते हुए उसकी चूत के उपर नीचे दोनो लिप्स पर अपने होठ घुमाने लगता हैं और जीभ निकाल कर चाट लेता है।

माही तो आज जैसे मजे से पागल सी हो गई थी वो जोश में आते हुए अपनी एक चूची को अपने मुंह में लेकर चूसने लगती हैं । ।

माही: हाय खा मेरी चूत को समर आज , पूरी चाट चाट लो , पूरी मुंह में भरकर चूसो इतनी गीली कर दो कि पूरा लंड एक ही बार में अंदर घुस जाए। " और जोर जोर से अपना निपल चूसने लगती हैं । समर अब जोश में आते हुए उसकी पूरी चूत को मुंह में भर लेता है और जोर जोर से चूसने लगता है। माही आपे से बाहर हो चुकी थी उसका पुर जिसके लहरा रहा था। मजे के कारण वो मचल रही थी, सिसक रही थी और उसकी सिसकियां कमरे का माहौल और गर्म कर रही थी।

माही: आह बहुत मजा आ रहा है समर , जीभ से इतना मजा आ रहा है तो लंड से कितना आएगा। "और मत तड़पाओ मेरी जान अब तो घुसा दो अंदर ।

लेकिन समर को उसकी चूत चूसने में पूरा मजा आ रहा था और वो पूरी तेजी से चूसने लगता है तो माही को लगता हैं कि उसकी चूत में सैलाब आने वाला है और वो मजे से अपनी चूत जोर जोर से इसके मुंह पर रगड़ने लगी थी

 
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