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Incest परिवार बिना कुछ नहीं

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" आह समर, घुस गया फिर से तेरा लंड, कितना मजा देता है ये! हाय मेरी चूत फिर से चूद जाएगी ऐसे तो, हाय मा उफ्फ ये लंड"

काम्या ने आगे बढ़कर अपने बेटे के होंठो को चूसना चालू कर दिया और अपनी जीभ उसके मुंह में घुसा कर उसकी जीभ चूसने लगी। समर जैसे मजे से बौखला सा गया और उसने अपने दोनो हाथ अपनी मा के कंधो पर रखते हुए उसे पूरी ताकत से नीचे दबा दिया जिससे पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया। , काम्या किस में डूबी हुई थी इसलिए उसे कुछ होश नहीं था। जैसे ही लंड घुसा किस अपने आप टूट गई क्योंकि ना तो अभी चूत सही से गीली हुई थी और ना ही लंड।

लंड ने उसकी चूत की पंखुड़ियों को बुरी तरह से फैला दिया और सुपाड़ा चूत को रगड़ता हुआ जड़ में जाकर रुका।

" आह मर गई मैं, उफ्फ

बताकर तो घुसा देता, aahaaaaa maaaaaaa siiiiii riiiiii

हाय मेरी चूत चुद गई "

काम्या को लंड सूखा ही घुस जाने के कारण जलन होने लगी तो उसने अपनी गांड़ को उपर की तरफ उठाना चाहा तो समर ने दोनो हाथो से उसकी गांड़ को पकड़ लिया। लंड ऐसे ही घुसा रहा और समर अपनी मां की आंखों में देखते हुए गहरे पानी में जाने लगा । जल्दी ही अपनी उसकी गर्दन तक आ गया । अब समर की सिर्फ गर्दन बाहर थी जिस पर काम्या लिपटी हुई थी। अब वो चाहकर भी उससे छुट नहीं सकती थी क्योंकि वो अपनी में डूब जाती।

ठंडा ठंडा पानी काम्या की चूत की दीवारों को ठंडक देना लगा तो उसका दर्द काफी हद तक कम हो गया । काम्या ने अपने बेटे के होंठो को चूम लिया और अपनी गांड़ उपर की तरफ उठाकर फिर से लंड पर दबा दी। लंड चूत को पूरा खोलते हुआ बाहर निकला और दोनो गांठ सहित फिर से अंदर घुस गया।

काम्या: आह उफ़, कितना अच्छा लग रहा हैं पानी में चुदकर, मार अपनी कम्मो की चूत, पूरा घुसा घुसा कर मार।

और वो उसके लंड पर उछलने लगी।काम्या को बहुत मजा आ रहा था , वो पहली बार पानी के अंदर चुद रही थी जिस कारण चुदाई का मजा ज्यादा आ रहा था।

समर अपने लंड को नीचे से उसकी चूत में घुसाने लगा। और काम्या की आंखो में देखते हुए बोला:

" हाय कितनी टाइट और मस्त चूत हैं तेरी कम्मो, आज तू नहीं बच सकती लंड के कहर से, अगर मुझे छोड़ा तो पानी में गिर जाएगी। "

समर ने उसे जता दिया की आज उसकी चूत का हलवा बनने वाला है और वो चाह कर भी बच नहीं पाएगी। काम्या को ज्यादा जोश आ गया और लंड को पूरा अन्दर घुसा कर बोली:

" हाय मेरी जान, तेरा लॉल्ला कितना अच्छा हैं, मार मेरी चूत, दिखा आज अपना दम, जोर से चोद ना अपनी कम्मो को।"

समर ने दोनो हाथो से उसकी गांड़ को पकड़ लिया और पूरी तेजी से अपने शक्तिशाली लंड पर उछालने लगा। हर बार काम्या की चूत पूरी खुल रही थी और लंड की गांठ उसकी चूत की पंखुड़ियों को पूरा दबाव डालते हुए बुरी तरह से रगड़ रही थी जिससे काम्या का पूरा जिस्म मजे से हिल रहा था और वो अपने आपे से बाहर हो गईं।

"आह मेरी जान, ऐसे ही चोदता रह, तेरा लंड तो मेरी जान हैं, हाय मेरे बेटे का लंड , मा री चुदने में इतना मजा क्यों है!!

तभी समर ने अपना लंड बाहर निकाला तो काम्या की फैली हुई चूत में समुन्द्र का ठंडा पानी घुसने लगा तो इस अहसास से काम्या का हाल बेहाल हो गया और उसका मुंह मजे से खुल गया।

" हाय मा री, उफ्फ कितना अच्छा लग रहा है हाय ठंडा पानी,

समर ने तेजी से अपना लंड फिर से उसकी चूत में घुसा दिया और बिना देर किए चोदना शुरू कर दिया । अंदर घुसा हुआ पानी फच फच की आवाज करता हुआ बाहर आने लगा। काम्या बहुत जोर जोर से सिसकियां ले रही थी , उसकी आवाज दूर दूर तक गूंज रही थी लेकिन सुनने वाली कोई नहीं था। वो पूरी ताकत से अपनी चूत लंड पर पटकने लगी और अपनी चूत की दीवारों को अंदर से कस लिया तो लंड पुरा फसकर जाने लगा ।काम्या की चूत इस रगड़ को बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसकी चूत में तूफान उठने लगा।

"आह मेरी चूत तो गई , बाड दो लंड पुरा, हाय मेरी मा, चुद मेरी चूत।"

और काम्या की चूत ने अपना रस छोड़ दिया और काम्या ने मदहोशी में अपने होंठो से समर की गर्दन चाटने लगी। चूत से निकले रस के कारण लंड पूरा चिकना हो गया तो समर पूरी ताकत से उसे चोदने लगा।हर धक्का पहले से तेज पड़ रहा था।

हर धक्के पर काम्या कांप रही थी

समर ने अपने दोनो हाथों से उसकी गांड़ को पकड़ कर लंड पर पटकना शुरु कर दिया लंड काम्या की चूत में हाहाकार मचाने लगा। उसकी चूत की दीवारें बुरी तरह से रगड़ी जा रही थी जिससे उसे फिर से जलन होने लगी और उसके मुंह से अब दर्द भरी सिसकारियां निकलने लगीं।

" आह समर, दर्द होता हैं , थोड़ा प्यार से कर , दुख रही है अब। "

समर ने और तेजी से उसकी चूत को मारना शुरू कर दिया तो काम्या दर्द से बिलबिला उठी और समर की गर्दन में अपने दोनो हाथ लपेट कर उससे चिपक गई मानो दर्द भगा रही हो।

जैसे ही काम्या चिपकी तो लंड का दबाव ज्यादा पड़ा और वो सीधे उसकी मा की बच्चेदानी से अड गया। काम्या का रोम रोम दर्द से भर उठा। उसने अपनी गांड़ जैसे ही लंड से उठानी चाही तो समर ने एक हाथ से उसकी गांड़ को रोक दिया और दूसरे हाथ से उसकी गांड़ पर थप्पड़ बरसाने लगा।

" आह, छोड़ दे मुझे कमीने , मुझे नहीं झिल रहा हैं तेरा ये मूसल जैसा लंड," आह मर गई मा री"

समर ने फिर से लंड पुरी ताकत से ठोकना शुरू कर दिया तो काम्या दर्द से सिसकने लगी और समर की आंखो में देखते हुए रहम की भीख मांगने लगी।मगर समर तो जैसे जानवर बन गया था , उस पर कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था, वो पूरी ताकत से अपनी मा की चूत फ़ाड़ रहा था।

समर ने धीरे से अपने मुंह को उसके कान के पास लाया और बोला:

" साली कम्मो तुझे लंड चाहिए था ना, अब चुद , और क्या बोली थी कि कोई रहम मत करना चाहे मुझे कितना भी दर्द हो" ,आज नहीं छोडूंगा तेरी चूत।"

काम्या समझ गई कि जोश में उसने बहुत बड़ी गलती कर दी थी

और वो बच कर भाग भी नहीं सकती थी। इसलिए इसमें अपने आपको पूरी तरह से अपने बेटे के हवाले कर दिया और अपने शरीर को एकदम ढीला छोड़ दिया।

समर खुश हो गया और उसने काम्या के होंठ चूम लिए और पूरी ताकत से चूत कि धज्जियां उड़ाने लगा। काम्या भी करके उसका पानी निकालना चाह रही थी इसलिए दर्द से तड़प रही होने के बाद भी उसने जीभ से समर की गर्दन को सहलाना शुरू कर दिया और अपनी चूत को लंड पर कसने लगी।

चूत के कसते ही लंड पुरा फस फस कर अंदर जाने लगा तो लंड पर चूत की रगड़ ज्यादा जोर से पड़ने लगी। नतीजा ये हुआ कि समर में उबाल आना शुरू हो गया और समर एक पागल सांड की तरह उसे चोदने लगा। हर धक्के पर लंड उसकी बच्चेदानी को हिला रहा था।काम्या का दर्द और ज्यादा बढ़ गया था लेकिन उसके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं था। तभी उसने पूरी ताकत से अपनी चूत लंड पर कस दी तो लंड बहुत मुश्किल से निकलने लगा। इस एहसास से काम्या की चूत फिर से गर्म हो गई और उसे अब दर्द की जगह मजा आना शुरु हो गया ।

"

आह समर बस चोद अपनी कम्मो को, मेरा फिर से निकलने वाला है आह मेरी चूत चुद गई ।

Aahahhah !!siiiiiiiii

तभी काम्या ने अपनी गांड़ को लंड पर पूरा दबा कर जड़ तक लंड को घुसा लिया , उसने जोश में आकर समर की गर्दन में दांत गडा दिए और उसकी चूत ने अपना रस फिर से बिखेर दिया तो जैसे ही काम्या का रस निकला लंड भी फट गया और वीर्य की बौछार काम्या की चूत में मारने लगा और काम्या की गांड़ को जोर दे दबा दिया।

दोनो मा बेटे ऐसे ही एक दूसरे से चिपके हुए खड़े रहे पानी के अंदर। इस भयंकर चुदाई से काम्या का रोम रोम मस्ती से भर उठा।उसकी चूत को ऐसे ही धमाकेदार चुदाई चाहिए थी।

समर की आंखो में देखते हुए काम्या मुस्कुराई और उसके होंठ चूमते हुए शिकायती लहजे में बोली:

" एक दम पूरे ज़ालिम हो तुम, बिल्कुल नहीं रहम नहीं किया अपने मा की चूत पर। "

समर प्यार से पूछा :

" क्यों अच्छा नहीं लगा क्या?

काम्या उससे और ज्यादा जोर से चिपक गई और पीठ सहलाते हुए बोली:

" तूने मेरी चूत के साथ मेरी रूह को भी तृप्त कर दिया है मेरे लाल,चुदाई में दर्द भी अलग ही मजा देता हैं समर, लंड का काम चोदना होता हैं रहम करना नहीं"

समर खुश होकर अपने दोनो हाथ उसकी गांड़ पर ले गया और अपनी मा की आंखो में देखते हुए बोला:

" फिर तो मुझे मेरा इनाम मिलना चाहिए "

और ऐसा कहकर उसने गांड़ को दबा दिया। काम्या के होंठो पर एक कातिल मुस्कुराहट आ गई और उसने अपनी गांड़ को अपने बेटे के हाथो में ढीला छोड़ दिया।

और बोली:

" तेरा इनाम तेरे हाथ में है, कल पूरी तरह से मिल जाएगा। "

समर अपनी मां की गांड़ दबाता हुआ पानी से बाहर आने लगा। दोनों मा बेटे एक दूसरे में पूरी तरह से खोए हुए थे। समर उसे नंगा लिए हुए ही कमरे में आया तो काम्या ने अपने आंखे खोली और समर को बेड पर लिटा कर उसकी छाती पर उससे चिपक कर सो गई ।

अगले दिन सुबह काम्या की आंखे खुली तो उसने देखा कि वो नंगी अपने बेटे के सीने पर पड़ी हुई हैं और समर का लंड उसकी चूत से लगा हुआ है तो उसने प्यार से अपने बेटे का माथा चूम लिया।

काम्या के किस करने से समर भी उठ गया और उसने फिर से अपनी मा को अपनी बांहों में कस लिया तो काम्या फिर से उससे लिपट गई। समर ने लंड ने सिर उठाना शुरु कर दिया था। काम्या ने एक बार नीचे हाथ ले जाकर उसके लंड को मसल दिया तो समर ने जोश में आकर अपन मा का मुंह चूम लिया और अपने हाथ जैसे ही उसकी कमर पर रखे तो काम्या ने धीरे से उसके कान में कहा :

" बेटा घर चले, अगर राम्या और करण घर हमसे पहले पहुंच गए तो उन्हें क्या जवाब देंगे ?

दोनो मा बेटे जल्दी से तैयार हो गए और चल पड़े वापिस अपने घर की तरफ।

सुबह के 10 बजे तक वो अपने घर पहुंच चुके थे। घर जाकर जैसे ही समर ने गेट खोला तो उसे अपने सारे घर में गर्म कालीन बिछी हुई मिली और घर में हर कमरे में ब्लोअर लग चुका था। घर के अंदर अब ठंड बिल्कुल भी नहीं थी। उसने मा की तरफ देखा तो काम्या ने उसे स्माइल दी और गेट बंद कर दिया ।

दरवाजा बंद होते ही काम्या ने समर को अपने गले लगा लिया ।

समर भी अपनी मा से लिपट गया और उसके गाल चूसने लगा।दोनो मा बेटे जोश में आ गए ।

काम्या ने अपनी जीन्स और पेंट एक झटके के साथ उतार फैंकी और एक हल्के पिंक रंग की ब्रा पेंटी में आ गई । वो एक दम सेक्स की देवी लग रही थी। उसकी चूचियों तन गई थी और बाहर निकलने को बेताब हो रही थी। पेंटी का चूत का आगे से हिस्सा पूरा गीला हो चुका था।

फिर वो कामुक अंदाज में अपने बेटे की तरफ देखते हुए अपने दोनो हाथ अपनी कमर के पीछे ले जाकर ब्रा खोल देती हैं और उतार कर एक तरफ़ फेंक देती हैं। समर का लंड पुरा तन चुका था, वो अपने कपड़े निकाल कर फेंक देता है और पूरा नंगा हो गया। उसका मूसल जैसा लंड हवा में लहराने लगा जिसे देख कर काम्या की आंखो में चमक आ गई। उसने अदा के साथ एक हाथ अपनी चूची से लाते हुए अपनी पेंटी पर रख दिया जो पूरी तरह से रस से भीग गई थी। उसने हल्का सा दबाव दिया तो पेंटी उसकी चूत के होंठो में घुस गई। काम्या पेंटी से अपनी चूत रगड़ने लगी।

समर पागलों की तरह अपने मा की अदाएं देख कर अपना लंड मसल रहा था। लंड झटके पर झटके मार रहा था। काम्या ने फिर पेंटी को उतार कर फेंक दिया और पूरी तरह से नंगी हो गई और अपनी चूत अपने बेटे के सामने पेश कर दी।

समर से अब बर्दाश्त नहीं हुआ । वो आगे बढ़ा और अपनी मा के नंगे बदन को अपने नंगे बदन से चिपका लिया। काम्या भी अपने बेटे से लिपट गई। लंड सीधा चूत पर अड गया। काम्या उपर नीचे होती हुई अपनी चूत लंड पर रगड़ने लगी। काम्या की चूत से निकले रस से समर के लंड का सुपाड़ा पूरा चिकना हो गया था , काम्या ने अपनी एक टांग उठाकर अपनी चूत को पूरी तरह से खोल कर अपने बेटे के लंड पर सेट कर दिया। उफ्फ समर जोश में आकर अपनी मा की चूची को मुंह में भर लिया और काम्या ने मस्ती में आकर चूत को लंड पर दबा दिया तो सुपाड़ा पूरा अन्दर घुस गया।

जैसे ही सुपाड़ा अंदर घुसा काम्या के मुंह से मस्ती भरी सिसकी निकल पड़ी।

" हाय समर, फिर से घुस गया है तेरी मा की चूत में, हाय मेरी चूत उफ्फ मेरी मा, !

काम्या से अब बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने अपने बेटे को वहीं हॉल में कालीन पर गिरा दिया और उसके ऊपर दोनो पैर करके उसकी टांगो के बीच में आ गई। लंड चूत को छू रहा था।

काम्या उसकी आंखो में देखते हुए बोली:

"पूरे घर में गर्म कालीन इसलिए बिछवाई हैं ताकि जहां मन करे वहां चुदवा सकू".

और ऐसा कहकर अपने बेटे के होंठ चूसने लगी और थोड़ा नीचे की तरफ होते हुए चूत को लंड पर टिका दिया। लंड का मोटा सुपाड़ा चूत के मुंह पर लग चुका था, काम्या समर की आंखो में देखते हुए अपने मुंह से ढेर सारा थूक निकाल कर उसके लंड पर लगाती हैं तो समर जोश में आकर अपनी मा की चूचियां पकड़ लेता है और दबाना शुरू कर दिया। काम्या एक झटके के अपना बदन पूरा ढीला छोड़ कर अपने बेटे के लंड पर बैठ गई और एक ही झटके में पुरा लंड जड़ तक अन्दर घुस गया। जैसे ही लंड की आखिरी गांठ खुशी काम्या की चूत फट गई और उसके मुंह से दर्द भरी सिसकारियां निकल पड़ी।
 
" हाय मा री मर गई , कितना मोटा कर रखा है लंड को तूने , हर बार लगता हैं जैसे पहली बार चुद रही हूं।" उफ्फ मेरी चूत हाय री"

काम्या समर की आंखो में देखते हुए थोड़ा उपर उठती हैं और फिर से लंड पर बैठ गई। लंड फिर से जड़ तक घुस गया। काम्या आज पहली बार इस पोजिशन में चुद रही थी और उसे पूरा मजा आ रहा था। इस बार जैसे ही लंड घुसा उसका जिस्म मजे से कांप उठा और उसने पूरी ताकत से लंड पर उठक बैठक शुरू कर दी। लंड तेजी से उसकी चूत में अंदर बाहर होने लगा जिससे मजे से काम्या का मुंह खुलने लगा"!

"आह चुद रही है मेरी चूत, हाय मेरे लाल और मार अपनी मा की चूत, पूरा घुसा दे अंदर तक"!!

समर ने भी अब जोश में आकर नीचे से अपना लंड उछालना शुरुर कर दिया तो चुदाई जी की स्पीड और तेज हो गई। दोनो मा बेटे एक दूसरे की आंखो में देखते हुए चुदाई कर रहे थे। चूत हर बार पूरा लंड ले रही थी , दोनो मा बेटे एक दूसरे के अंगों को चूम रहे थे, काट रहे थे, कुचल रहे थे।

तभी समर ने पूरी ताकत से अपनी मा की चूत में लन्ड उछालना शुरू कर दिया तो काम्या की चूत में हलचल मच गई और उसने भी अपनी कमर की गति बढ़ा दी। लंड की गांठ पूरी तरह से चूत को रगड़ रही थी जिस कारण काम्या का धैर्य जवाब देने लगा और उसकी चूत में कम्पन शुरू हो गया।

"आह मेरी चूत , मेरा रस छूटने वाला है , घुसा से पूरा अपनी मा की चूत में लंड को"!!.

और समर ने पूरी ताकत के साथ अपनी गांड़ को उछाला और काम्या भी लंड पर बैठ गई जिससे लंड जड़ तक घुस कर उसकी बच्चेदानी से जा टकराया और काम्या की चूत ने रस बहाने शुरू कर दिया और काम्या अपने बेटी की छाती पर गिर पड़ीं।

जैसे ही काम्या की चूत से रस टपकना बंद हुआ तो समर ने उसे पलट कर अपने नीचे कर लिया और अपनी मा की टांगे खोल कर उसके उपर चढ़ गया। उसने बिना देर किए एक ही धक्के में लंड जड़ तक घुसा दिया

काम्या की चूची को दबाते हुए चुदाई शुरू कर दी। उफ्फ काम्या की हर धक्के पर सिसकियां निकलने लगी। पूरा घर काम्या की मादक सिसकियां से गूंज रहा था।

समर के धक्के तेज होते गए और काम्या की सिसकियां उससे भी ज्यादा तेज हो गई।

" Aahhhhhhh ! हाय मा मेरी चूत, समर फट जायेगी ये, रहम कर मेरी चूत पर"। Offfff siiiiiiii maaaaaaaa aaaaaahhhhgh naiiiiiiij aaaaaahhhhgh ""!!!

समर ने अपनी मा को पूरी ताकत से चोदना शुरू कर दिया। हर धक्के में लंड पुरा जड़ तक घुस रहा रहा था। काम्या ने भी मस्ती में आकर अपनी चूत पुरी टाइट कर ली जिससे लंड पूरा कसा हुआ घुसने लगा।।

" आह चोद मेरी चूत, और चोद कर अपनी मा को, हाय राम मजा हैं चुदाई में बहुत" हाय मेरी चूत।

तभी समर में धक्कों में तूफानी तेजी आ गई और उसने एक आखिरी धक्का मारकर अपना लंड जड़ तक अपनी मा जी की चूत में घुसा दिया और उसके लंड से वीर्य की पिचकारी छूट गई।

समर ऐसे ही काम्या के उपर लेटा रहा और काम्या ने भी अपने बेटे को जोर से कस रखा था। जो चुदाई का मजा उससे अपने बेटे के साथ मिल रहा था वो सच में अदभुत था।

काम्या ने इसी मजे के वशीभूत होकर समर का मुंह चूम लिया। लंड शीला होकर चूत से बाहर निकल गया। काम्या ने समर को अपने उपर से हटा दिया और नंगी ही अपनी गांड़ मटकाती हुई बाथरूम की तरफ भाग गई। समर प्यासी नजरों से उसकी गांड़ घूरता रहा।

दोनो देर बाद दोनो मा बेटे फ्रेश हो चुके थे।काम्या ने नाश्ता तैयार कर दिया और दोनो ने प्यार से एक दूसरे को खिलाया। काम्या जानती थी कि आज राम्या और करण आ जाएंगे और फिर उसकी चूत को तरसना पड़ेगा समर के लंड के लिए।

वो उदास थी पर क्या कर सकती थी, और एक अब करण से चुदना नहीं चाहती थी क्योंकि समर ने सचमुच उसकी चूत का भोसड़ा बना कर रख दिया था। काम्या और समर दोनो एक दूसरे की आंखो मद में देख रहे थे कि तभी काम्या के मोबाइल पर संदेश आया ।

काम्या ने जैसे ही पढ़ा उसकी आंखे खुशी से चमक उठी, चूचियां अकड़ती चली गई, चूत ने रस टपकाना शुरू कर दिया। संदेश राम्या का था

" मा मैं मिस इंडिया बन गई हू, और अब पापा के साथ 3 दिन के लिए स्विट्जरलैंड जा रही हू।आप अपना ध्यान रखना।

बाय बाय।"

दोनो मा बेटे इस संदेश से झूम उठे एक बार फिर से कपडे उनके जिस्म से उतरते चले गए और काम्या समर की गोद में बैठ गई और अपने दोनो हाथ उसकी गर्दन में लपेट दिए। चूचियां समर के सीने में दब गई और काम्या ने अपनी चूत लंड पर चिपका दी। समर ने नीचे से झटका दिया और लंड अंदर घुसता चला गया । चुदाई फिर से शुरू हो गई , दोनो में से कोई भी हार मानने को तैयार नहीं था। लेकिन कब तक काम्या समर के उस राक्षसी लंड का सामना कर पाती ,आखिर कार उसकी चूत ने अपना रस बहा दिया और एक भयंकर चुदाई के बाद समर ने भी अपनी के अंदर ही अपना वीर्य छोड़ दिया ।

दोनो मा बेटे थक गए थे इसलिए काम्या उसे अपने बेडरूम में ले गई और दोनों एक दूसरे की बाहों में सो गए।

उनकी आंखे खुली तो शाम हो चुकी थी । काम्या ने अपने बेटे के होंठो पर किस किया और बाथरूम में चली गई। जल्दी ही दोनो मा बेटे फ्रेश हो चुके थे। चूंकि अगले दिन काम्या का जन्मदिन था इसलिए समर अपनी मा को सरप्राइज देना चाहता था तो वो बाजार में चला गया और जरूरी सामान खरीदने लगा। सभी सामान लेने के बाद उसने उसने काम्या को कॉल किया और बोला कि वो घर के पास वाले पार्क में उसका इंतजार कर रहा है तो काम्या घर पर ताला लगाकर पार्क की और जाने लगी।

जैसे ही काम्या घर से निकली समर घर के अंदर घुस गया और उपर जाकर सारा सामान अपने कमरे में रख दिया और फिर तेजी से पार्क की तरफ चल दिया। काम्या उसका ही इंतजार कर रही थी। दोनो मा बेटे पार्क में घूमते रहे और एक दूसरे को प्यासी नजरो से देखते रहें। धीरे धीरे रात बढ़ने लगी और वो दोनो भी अपने घर की तरफ बढ़ गए।

अंदर जाते ही समर काम्या के उपर टूट पड़ा और अपनी मा के होंठो को चूसने लगा।काम्या भी उसका साथ देने लगी, और दोनो मा बेटे किस में डूब गए।फिर एक दो अलग हुए और काम्या किचेन की तरफ जाने लगी तो समर भी उपर अपने रूम में चला गया और रूम को सजाना शुर कर दिया। पूरे कमरे को सजाया और बेड पर कुछ गुलाब की पत्तियां बिखेर दी जहां आज वो अपनी को प्यार करने वाला था। एक टेबल पर उसने केक सजा दिया और उसमे मैजिक कैंडल लगा दी । फिर उसने अपनी मां का पसंदीदा परफ्यूम पूरे कमरे में छिड़क दिया और बाथरूम की तरफ चल पड़ा।

नीचे किचेन में काम्या खाना बना रही थी। वो जानती थी कि कल उसका जन्मदिन हैं लेकिन उसका बेटा शायद चुदाई के चक्कर में भूल गया हैं इसलिए वो उदास थी और चुपचाप खाना बना रही थी। जल्दी ही खाना बन गया और दोनो मा बेटे खाना खाने लगे तो समर ने अपनी मा को अपनी गोद में बिठा कर खाना खिलाया। खाना खाने के बाद काम्या ने अपनी बांहे अपने बेटे के गले में डाल दी तो समर अपनी मा को अपनी गोद में लेकर काम्या के बेडरूम की तरफ चल दिया।

बेड पर ले जाकर उसने काम्या को लिटा दिया और उसके माथे पर एक किस किया ।

समर:" मा मुझे नींद आ रही है , मैं सो जाऊं क्या?

काम्या को एहसास हो गया कि उसका बेटा सचमुच उसका जन्म दिन भूल गया है इसलिए सोने के लिए बोल रहा है। उसे बहुत दुख हुआ क्योंकि उस समर से ये उम्मीद नहीं थी।

उसने उदास नजरो से एक बार समर की तरफ देखा और बोली:

" ठीक हैं समर तुम आराम करो ।

समर उठकर रूम से बाहर निकल गया तो काम्या सोचने लगी कम से कम उसे मेरे पास ही सोना चाहिए था । फिर उसने घड़ी की तरफ देखा तो 11:45 हो गए थे बस 15 मिनट बची थी उसका जन्मदिन शुरू होने में और साथ ही साथ नया साल भी।

समर अपने रूम में चला गया । उसने टेबल पर कुछ बीयर की बोतलें रख दी और कुछ ताजे फल जो उसकी मा को बहुत पसंद थे। फिर उसने एक एक करके सभी कैंडल को जला दिया और समर ने रूम की लाइट को बंद कर दिया तो कमरा कैंडल की रोशनी से जगमगा उठा।
 
रात के 12 बज चुके थे और काम्या उदास थी। तभी उसका दरवाजा खुला और समर अंदर आ गया । काम्या की आंखों में आंसू थे कि उसका बेटा उसका जन्मदिन भूल गया हैं , समर ने अपनी मा के चेहरे को साफ किया और बिना कुछ बोले उसे अपनी बाहों में उठा लिया और आपके कमरे की तरफ चल दिया।

काम्या बहुत हैरानी से अपने बेटे का चेहरा देख रही थी कि इसे क्या हुआ हैं। जल्दी ही समर के गेट के बाहर खड़े थे। समर ने अपने मा को दरवाजा खोलने का इशारा किया । काम्या ने जैसे ही दरवाजे को अंदर की तरफ ढकेला तो उसकी आंखे खुशी से छलक आई अंदर नजर डालते ही ।

वो पलटी और अपने बेटे के चेहरे पर किस की बरसात करने लगी। समर ने उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसके गाल चूम कर बोला:

" जन्मदिन मुबारक हो मेरी कम्मो , आपको ज़िन्दगी की हर खुशी मिले"!

काम्या की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। समर उससे कितना ज्यादा प्यार करता है उसे महसूस हो रहा था। उसने अपने बेटे की आंखो में देखते हुए कहा:

" थैंक्स बेटा , मुझे ये तोहफा देने के लिए , मेरी तो अब बस एक ही इच्छा हैं कि बाकी बची हुई ज़िन्दगी तेरी बांहों में गुजार दू।"

समर: " मा मैं भी आपके बिना नहीं जी पाऊंगा। आप मेरी रूह मद में बस गई हो।

काम्या अपने बेटे से लिपट गई तो समर उसे अपने गले से लगाए हुए ही कमरे के अंदर घुस गया। अपने पसंदीदा परफ्यूम की महक से काम्या का रोम रोम खिल उठा। उसने बेड को ध्यान से देखा तो पाया कि वो उस पर गुलाब की पत्तियां बिखरी हुई है तो उसकी आंखो में रंगीन डोरे आ गए और चूत गीली होना शुरू हो गई।

काम्या ने काले रंग का एक शर्ट सूट पहना हुआ था जो उसकी जांघो तक आ रहा था और उसके उपर के दो बटन खुले हुए थे जिस कारण उसकी आधे दे ज्यादा चूचियां दिख रही थी।

समर ने कैंडल जलाई और फिर काम्या उन्हें बुझाने लगी । एक के बाद एक कैंडल बुझने लगी लेकिन मैजिक कैंडल होने के कारण फिर से जल रही थी, काम्या का मुंह थक गया फूंक मारते मारते लेकिन कैंडल बुझा नहीं पाई। समर उसके मजे पूरे के रहा था।

समर:" क्या मम्मी बुझाओ ना कैंडल ? थक गई क्या ?

काम्या:"बुझाती हूं लेकिन आज तू मुझे पूरे दिन सिर्फ कम्मो पुकारेगा मम्मी नहीं '!

समर ने काम्या के गाल पर अपने दांत गडा दिए और चूस लिया।

समर:" ठीक हैं मेरी कम्मो।

काम्या खुश हो गई और पूरी हिम्मत से कैंडल बुझा दी । सभी कैंडल बुझती चुकी थी। काम्या बहुत खुश थी और समर ताली बजाकर उसका उसका साथ दे रहा था। फिर काम्या ने केक काटा और अपने हाथ से समर को खिलाने लगी तो समर ने अपनी मा का हाथ पकड़ लिया और केक लेकर अपनी मा के मुंह से लगा लिया।

काम्या:" अरे बेटा पहले तुम खाओ, मुझे अच्छा लगेगा।

समर: " नहीं मेरी कम्मो डार्लिंग, पहले में आपको अपने हाथ से खिलाता हूं "!

और ऐसा कहकर वो केक अपनी मा के मुंह से लगा दिया। काम्या अपना मुंह पीछे कर लेती हैं और बोलती हैं:

" अच्छा बाबा ठीक हैं दोनो साथ में खाते हैं , अब खुश बस।"

समर खुश हो गया और उसने केक को अपनी मा के होंठो पर लगा दिया और अपना मुंह आगे बढ़ा दिया तो मा बेटे एक दूसरे की आंखो में देखते हुए केक खाने लगे। केक जैसे जैसे कम होता जा रहा था दोनो की आंखे में चमक आ रही थी। केक जैसे ही खत्म हुआ दोनो के होंठ जुड़ गए और समर ने अपनी मा के होंठो को चूसना शुरू कर दिया तो काम्या भी अपने बेटे के होंठ चूसने लगी।

समर ने अपना हाथ काम्या की गांड़ पर रख दिया और मसलने लगा। काम्या ने अपनी जीभ समर के मुंह में घुसा दी और दोनो मजे से एक दूसरे की जीभ चूसने लगे। उफ्फ किस धीरे धीरे बढ़ता चला गया।

कोई 2 मिनट तक एक दूसरे का रस चूसने के बाद वो अलग हुए तो समर ने काम्या की गांड़ को दबाते हुए कहा:

" कम्मो आज तो मुझे गांड़ चाहिए, बता मरवाएगी ना अपनी गांड़ मुझसे "!!

कम्मो उसका लंड पकड़ कर दबा देती हैं और बोलती हैं:

" अपने बेटे से नहीं गांड़ नहीं मरवाऊंगी तो और किससे से मरवांगी मेरे लाल"!! लेकिन आज मेरा जन्मदिन हैं और आज तू मुझे दर्द देना चाहता है क्या?

समर अपनी मा को जोर से अपनी बांहों में कस लेता है।

समर:" नहीं कम्मो, तुझे दर्द देने के बारे में तो मैं सोच भी नहीं सकता "!! लेकिन मुझे तुम्हारी गांड़ बहुत पसंद है। ""!!

काम्या अपनी चूची उसके सीने में गड़ाते हुए:

"मार लेना गांड़ भी अपनी कम्मो की लेकिन आज सिर्फ और सिर्फ चूत मिलेगी तुझे। बोल मंजूर है??

समर अपनी मा की गांड़ में लंड रगड़ते हुए: ठीक हैं कम्मो, लेकिन चूत में अपने तरीके से मारूंगा, और प्रोमिस करो कि तुम मुझे मना नहीं करोगी। "!!

काम्या उसकी आंखो में देखते हुए बोली:

" ठीक हैं तेरी कम्मो वादा करती हैं कि जैसे तेरा मन करे वैसे मेरी चूत मार।" बस अब खुश !!!

समर खुश हो गया और दोनो ने एक दूसरे को केक खिलाया और दोनो एक दुसरे के कपडे उतारने लगे। कपडे दोनो के शरीर पर से उतरते चले गए जब तक कि वो दोनो पूरे नंगे नहीं हो गए। नंगा होते ही समर का वो खतरनाक लंड काम्या की आंखो के आगे लहरा गया जो कि पूरी तरह से तन कर खड़ा हुआ था, उसकी चूत में खौफ की एक लहर दौड़ गई ये सोचकर कि पता नहीं आज उसके साथ समर कैसे चुदाई करेगा । कैसे झेल पायेगी वो इस लंड को ।

समर ने नंगा होते ही अपने दोनो हाथ फैला दिए तो काम्या उसकी बांहों में समा गई और फिर अपने दोनो हाथ उसकी गर्दन में लपेट कर उसकी गोद में चढ़ गई, लंड सीधा चूत पर जा लगा। दोनो मा बेटे एक साथ सिसक पड़े।

समर अपनी कम्मो को बेड पर ले गया और उसे गुलाब की पत्तियों पर लिटा दिया तो कम्मो ने उसे अपने ऊपर खींच लिया और किस करने लगी।समर भी किस में उसका साथ देने लगा।

समर:"कम्मो तुम अपनी दोनो आंखे बंद कर लो , जब तक मैं ना कहूं अपनी आंखे मत खोलना। "

कम्मो अपने बेटे की बात मानते हुए अपनी आंखे बंद करके लेट गई। समर तेजी से माही के रूम में आया और उसके कुछ दुपट्टे लेकर वापिस कम्मो के पास चला गया। कम्मो अभी तक आंखे बंद किए लेती हुई थी।

समर:" कम्मो अगर तुम्हे अभी भी अपने वादे से पीछे हटना है तो हट सकती हो , फिर बाद में मुझे मत कुछ बोलना"!!

कम्मो आंखे बंद किए हुए ही बोलती हैं":

" मैंने अपना सब अब तेरे नाम कर दिया हैं और तेरी कम्मो पीछे हटने वालो में से नहीं हैं।"!!
 
समर फिर बेड चढ़ गया और उसने कम्मो के दोनो हाथो को फैलाते हुए दुपट्टे के साथ कसकर बांध दिया। उफ्फ जैसे ही कम्मो को महसूस हुआ कि उसके बेटे के उसके दोनो हाथ बांध दिए हैं तो उसके जिस्म की धड़कन बढ़ गई और चूचियां उपर नीचे होने लगी लेकिन उसने अपनी आंखे नहीं खोली। समर ने उसके बाद अपनी मा के पैरो को भी कसकर पूरा टाइट करके फैला कर दुपट्टे से बांध दिया । कम्मो इतनी बुरी तरह से बंध चुकी थी कि हिल भी नहीं सकती थी। समर ने एक मोटा तकिया काम्या की गांड़ के नीचे लगा दिया जिससे उसकी चूत पुरी तरह से उभर कर सामने आ गई।

समर उसके उपर लेट गया और उसे आंखे खोलने के लिए कहा तो कम्मो ने अपनी आंखे खोल दी और अपने बेटे की तरफ देखा।

कम्मो:" उफ्फ शैतान लड़के मेरे हाथ पैर बांध दिए , चल क्या रहा है तेरे मन में !!"

समर:" आज मैं आपको अपनी मर्जी से प्यार करना चाहता हूं, जितना मेरा मन करे उतना प्यार मेरी कम्मो"!!

कम्मो:" तेरी मा भी तो पागल हैं री तेरे प्यार के लिए, बस अब देर मत कर आजा कर ले अपनी मनमानी आज"!!

काम्या ने जैसे ही उसे अपनी बाहों में कसने के लिए अपने हाथ आगे करने चाहे तो उसे एहसास हुआ कि उसके दोनो हाथ तो बंधे हुए हैं। समर उसकी हालत देखकर मुस्कुरा उठा और काम्या शर्म के मारे लजा गई।

समर उसके उपर से उतर गया और अपने लंड को एक बार अच्छे से उसकी आंखो के सामने लहरा दिया। उफ्फ लंड की नीली नीली नशे उभर कर साफ दिख रही थी। काम्या ने लंड को ध्यान से देखा तो उसकी बदन में सिरहन दौड़ गई और चूत उसकी टांगो के बीच दुबक सी गई।

समर काम्या के पास बैठ गया और अपनी मा के होंठो को चूसना शुरू कर दिया तो काम्या भी अपनी गर्दन उठा कर उसका साथ देने लगीं तो समर ने अपने होंठो को पीछे खींच लिया और जीभ निकाल कर काम्या को चिडा दिया। काम्या तड़प कर रह गई लेकिन कुछ ना कर पाई।

समर ने फिर से उसके होंठो को चूम लिया और अपने जीभ उसके होंठो पर फेरने लगा। काम्या फिर से तड़प उठी और जैसे ही उसके होंठ चूसने शुरु किए तो समर फिर से पीछे हट गया। उफ्फ काम्या की आंखो में बोखलाहट साफ दिख रही थी।

काम्या:" ऐसे क्यों कर रहा हैं मेरे साथ , देख मैं तेरी मा हूं, अपनी मा को मत तड़पा ज़ालिम।

समर:" हाय मेरी कम्मो, आज मैं तुझे अपनी मर्जी से प्यार करूंगा, आज तू सिर्फ मेरी कम्मो हैं मेरी मा"!

समर ने फिर से काम्या के होंठो को चूसना शुरू कर दिया और अपनी जीभ उसके मुंह में घुसा दी और उसकी जीभ को चूसने लगा।काम्या भी उसके जीभ चूसने लगी , उफ्फ दोनो मा बेटे एक दूसरे के होठों को चूस रहे थे, जीभ चूस रहे थे, हल्का हल्का काट रहे थे।

काम्या की चूत से रस टपक रहा था तो उसने एक बार समर के लंड की तरफ प्यासी नजरो से देखा और अपने बेटे को अपने उपर आने का इशारा किया तो समर अपनी मा के उपर चढ़ गया। लंड सीधा चूत पर जा लगा और काम्या अपनी चूत पर उसकी रगड़ महसूस करने लगी। काम्या की चूची समर ने सीने में घुस गई।



समर ने अपनी मा की गर्दन को जीभ से चाटना शुरू किया तो काम्या के मुंह से सिसकियां निकलने लगी। समर ने उसकी गरदन को हल्का हल्का दांतो से काटना शुरू कर दिया तो काम्या की सिसकियां ऊंची होने लगी, फिर समर ने अपनी में कंधे में अपने दांत गडा दिए तो काम्या फिर से दर्द और मजे से सिसकियां लेने लगी।

काम्या:" हाय राम, थोड़ा प्यार से मेरे लाल, जान निकाल देगा क्या आज अपनी कम्मो की तू "!!

समर ने जी भरकर अपनी मा की चूचियों को प्यार से देखा। उफ्फ गोल मटोल चूचियां, एक दम नारियल के आकर की और बिल्कुल ठोस , पूरी तरह से तने हुए निप्पल अपनी अकड़ दिखा रहे थे। समर ने अपनी मा के चूचियों को मसलना शुरू कर दिया तो काम्या की चूत और ज्यादा रस टपकाने लगी। निप्पल समर का पूरी तरह से सामना कर रहे थे। जितना वो नीचे दबाता उतना ही ज्यादा वो अपना सिर उपर उठाते।

काम्या मजे से अपनी चूची दबवा रही थी, उसके सीने में तीखा तीखा दर्द हो रहा था। उफ्फ वो आज पूरी तरह से मजबुर थी।

दबाए जाने से उसकी चूचियो पर लाल निशान पड़ गए थे।

तभी समर ने अपनी जीभ निकाल कर उसकी चूची पर फेर दी तो काम्या के मुंह से एक मस्ती भरी आह निकल पड़ी।

" आह समर चूस ले अपनी मा की चूची मेरे लाल" हाय मत तड़पा मुझे"!!

समर ने फिर से काम्या के निप्पल पर अपनी जीभ फिरा दी और हल्का सा दांतो से काट दिया तो काम्या फिर से मचल उठी। उसकी आंखे वासना से दहक कर लाल सुर्ख हो रही थी। चूत से निकल कर रस जांघो तक आ रहा था, काम्या पूरी तरह से तड़प रही थी लंड के लिए और समर उसे और ज्यादा तडपा रहा था। लंड चूत पर रगड़ खा रहा था जिससे काम्या का पूरा जिस्म मस्ती में उड़ रहा था। वो अपनी चूत में लंड घुसा लेना चाह रही थी लेकिन बंधी हुई होने के कारण कुछ नहीं कर पा रही थी।

समर उसकी दोनो चुचियों पर बारी बारी से अपनी जीभ फेर रहा था। काम्या की चूचियां उछल उछल पड़ रही थी समर के मुंह में जाने के लिए लेकिन समर उसे पूरा तड़पा रहा था सिर्फ निप्पल चूस रहा था। काम्या से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने तड़पते हुए कहा:

" उफ्फ चूस ले ना मेरी चूची,क्यों मेरी जान लेने पर तुला हुआ है आज हाय मा"!!

समर फिर उसकी एक चूची को अपना मुंह खोल कर अपने मुंह में भर लिया और चूसने लगा। उफ्फ मजे से कम्मो की आंखे बंद हो गई। समर जोर जोर से चूसने लगा तो काम्या की सिसकियां पूरे घर में गूंजने लगी।

" हाय , उफ्फ चूस ऐसे ही अपनी कम्मो को , पूरी मुंह में ले ले ना शैतान लड़के _!!

समर ने अब पूरी तरह से अपनी मा की चूचियों पर धावा बोल दिया। एक पर अपने हाथ से जुल्म करने लगा तो दूसरी को जीभ से प्यार। उफ्फ काम्या को एक साथ दोनो एहसास हो रहे थे जिस कारण उसकी प्यास और बढ़ती जा रही थी। अच्छे से उसकी चूचियां को मसलने , चूमने, चूसने, काटने के बाद उसने अपने लंड का दबाव चूत पर बढ़ा दिया तो सुपाड़ा चूत के होंठो को फ़ैलाने लगा तो काम्या प्यासी नजरो से आपने बेटे को अंदर पूरा घुसा देने के लिए इशारा कर दी। लेकिन समर ने अपना लंड चूत पर से हटा दिया तो काम्या की चूत में और ज्यादा आग लग गई। उसने समर को गुस्से से देखा और बोली:

" घुसा दे ना मेरे लाल, मार ले अपनी कम्मो की चूत , आ जा चोद मुझे"!!
 
लेकिन समर ने जीभ निकाल कर उसके पेट को सहलाना शुरू कर दिया और वहीं टेबल पर रखी ट्रे से बर्फ के कुछ टुकड़े उठाकर कम्मो की चूत में डाल दिए। कम्मो जल बिन मछली की तरह तड़पने लगी।वो पूरी ताकत से अपनी टांगे और हाथ खोलने की कोशिश करने लगी लेकिन कुछ नहीं कर पाई। गर्म चूत में बर्फ के ठंडे टुकड़े और ज्यादा आग लगा रहे थे । उसका पूरा जिस्म कांप रहा था, उसने बड़ी उम्मीद से अपने बेटे की तरफ देखा और बोली:

" चाहे तो मेरी गांड़ मार ले लेकिन बर्फ बाहर निकाल ले मेरी चूत से , आह मेरी चूत और ज्यादा जल रही है , रहम कर साले"!!

समर ऐसे ही उसे तड़पाता रहा और फिर अपनी मा की चूत में अपनी जीभ डालकर बर्फ के टुकड़े निकाल लिए और काम्या को दिखाते हुए चूसने लगा। उफ्फ काम्या ने बड़ी हसरत भरी नजरो से उसकी और देखा और वासना के वशीभूत अपना मुंह खोल दिया तो समर ने बर्फ के कुछ टुकड़े काम्या के मुंह में डाल दिए। काम्या खुद ही अपनी चूत के रस का स्वाद लेने लगी।वो चूस चूस कर बर्फ के टुकड़े खा गई।

समर ने फिर अपनी मा की जांघो को चूसना शुरु कर दिया तो काम्या फिर से सिसकने लगी। तभी समर ने अपनी जीभ निकाल कर उसकी जांघ पर फेर दी तो काम्या फिर से लहराने लगी। उफ्फ काम्या तो आज जैसे पागल सी हो गई थी और समर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था।

काम्या को लंड चाहिए था हर हाल में , उसकी प्यास आज सबसे ज्यादा भड़क उठी थी।

तभी समर काम्या की चूत के पास चाटने लगा तो काम्या की चूत ने बहुत उम्मीद के साथ अपना मुंह खोल दिया कि आओ हमे भी चूस लो। उफ्फ लेकिन समर चूत के पास जीभ ले जाता और फिर से काम्या को चिड़ाते हुए पीछे खींच लेता। काम्या की चूत रेगिस्तान की तरह तप रही थी जिसमे से रस की बूंदे टपक रही थी। अगली बार समर ने काम्या की चूत के उपर अपनी जीभ फिरा दी तो काम्या की सिसकी निकल पड़ी।

" चूस ले अपनी मा की चूत, देख तो कैसे तड़प रही है ये, होंठ भी खोल दिए हैं इसने तेरे लिए"

लेकिन समर प्यार से उसकी चूत को देखता रहा और फिर ट्रे में से एक काला अंगूर उठाया और अपने मुंह में लेकर चूसने लगा। काम्या तड़पती हुई उसे देख रही थी , तभी समर ने उसकी चूत का मुंह खोलकर अंगूर को अपनी मा की चूत में सरका दिया। काम्या उछलने लगी, मचलने लगी, तड़पने लगी ।

उसने अपने बेटे की आंखो में देखते हुए उसे चूत चूसने का इशारा किया तो समर ने उपर आकर काम्या के होंठ चूम लिए । फिर समर पूरी ताकत से उसकी चूचियो को तोड़ने मरोड़ने लगा।

काम्या से बर्दाश्त नहीं हुआ और वो तड़प उठी.।

काम्या" ; समर बस कर हार गई मैं तुझसे , तू गांड़ मार ले मेरी बस खोल दे मुझे "!! आह नहीं मा री, मेरी चूत जल जाएगी आज, कुछ कर ज़ालिम"!

समर ने अपनी मा की चूत को चूम लिया। उफ्फ काम्या चूत को खोलकर समर को उकसा दिया। समर ने अब अपनी जीभ चूत पर टिका दी तो काम्या सिसक उठी।

" चूस जा अब चूत मेरी, खा जा अंगूर को फोड़ दे उसे चूत में ही मेरी।

समर उसकी चूत को जानवर की तरह चूसने लगा।

काम्या को कुछ सुकून मिला । समर उसकी चूत को अंदर तक चाटने लगा और अंगूर दबा दिया जिससे वो अंदर ही फुट गया। समर ने अंगूर को बाहर निकाला तो काम्या तड़प उठी ।

" आह मेरे मुंह में डाल दे मेरी चूत का अंगूर हाय, कितना टेस्टी होगा ये "!!

समर ने अंगूर को काम्या के मुंह में डाल दिया काम्या उसे जीभ से चूस चूस कर खाने लगीं। समर फिर से उसकी चूत पर टूट पड़ा और अंदर तक चूसने लगा। उफ्फ चूत पूरी तरह से गीली हो गई थी। काम्या की चूत में हलचल होने लगी तो वो इधर उधर हिलने की कोशिश करने लगी तो समर समझ गया कि ये कभी भी झड़ सकती हैं , इसलिए उसने अपना मुंह चूत पर से हटा दिया।

काम्या झड़ते झड़ते बची। उसकी तड़प और ज्यादा बढ़ गई तो उसने समर को अपने उपर आने का इशारा किया तो समर अपनी मा के उपर फिर से चढ़ गया। लंड सीधा चूत पर जा लगा और काम्या की चूची उसके सीने में घुस गई। काम्या ने मादक अंदाज में अपने होंठो पर जीभ फिराई तो समर अपनी मा के होंठो पर टूट पड़ा। दोनो एक दूसरे के होठों को चूसने लगे।

लंड का मोटा सुपाड़ा चूत पर पूरा दबाव बना रहा था जिस कारण चूत खुलने लगी । लंड पुरी तरह से सूखा हुआ था जबकि चूत गीली हो गई थी।

" अब तो घुसा दे री लंड अपनी मा की चूत में समर, जल रही है मेरी चूत आज"!

समर उसकी चूची को दबाते हुए:

" लंड सूखा हुआ है चूसना पड़ेगा तुम्हे ताकि गीला हो जाए।।

काम्या: " तू आज सूखा ही घुसा दे , मुझसे बर्दाश्त नही हो रहा, मार ना मेरी चूत।
 
समर लंड में सुपाड़े को चूत पर रगड़ रहा था जिस कारण काम्या की आग और ज्यादा भड़क रही थी। उसने समर को देखा और बोली:

" मर जाएगी तेरी कम्मो, तू कुछ कर ना मेरी चूत का, तुझे रोज गांड़ दूंगी बस घुस जा मेरी चूत में"!!

अब समर भी अपना धैर्य खो दिया और अपने लंड को काम्या की चूत पर लगाकर एक तगड़ा धक्का लगाया तो लंड चूत को खोलते हुए पूरा अंदर घुस गया।

" आह समर, उफ्फ मर गई री मेरी मां, सूखा हैं बिल्कुल लंड, चुद गई मेरी चूत।

तभी समर ने काम्या के दोनो हाथ खोल दिए । उफ्फ हाथ खुलते ही काम्या समर से लिपट गई और उसकी कमर पर गुस्से से मारने लगी। समर ने उसकी चूचियों को दबाना शुरू किया तो काम्या ने अपने दोनो हाथ उसकी गर्दन में लपेट दिए। लंड ने चूत को पूरा फैला दिया था। दोनो गांठ अंदर थी जिस कारण चूत के होंठ लंड का कस गए थे।

समर ने अपना पूरा लंड जोर से खींच कर बाहर निकाला और फिर से पूरी ताकत से एक और धक्का लगाया तो लंड सीधे कम्मो की बच्चेदानी से जा टकराया।



" आह ऐसे ही चोद अपनी मा की चूत, बहुत तड़पी है मेरी चूत, हाय मार और मार पटक पटक कर चोद मुझे।

समर ने कम्मो की चूत में तगड़े धक्के लगाने शुरू कर दिए तो लंड पिस्टन की तरह अन्दर बाहर होने लगा।काम्या जोश में आकर समर के चेहरे पर पागलों की तरह चूमने लगी। कभी दांतो से काट रही थी तो कभी जीभ से सहला रही थी। समर ने उसकी एक चूची को मुंह में भर लिया और जोर जोर से चूसने लगा । काम्या पूरी तरह से मस्त हो चुकी थी उसके मुंह से निकली हुई सिसकियां और तेज होती चली गई।

" Aaahhhhh !! Siiiiiiii uffffff marrrrrrrrrr meriiii chutttttttt आह हाय मा री, और चोद अपनी मा की चूत !!

समर ने हाथ नीचे ले जाकर काम्या के पैरो को भी खोल दिया तो काम्या ने एक दम से अपने टांगे समर की टांगो पर चढ़ा दी और दोनो हाथ समर की गांड़ पर रख कर चूत पर दबाने लगी।

समर हर धक्के पर लंड पुरा बाहर निकाल रहा था और फिर एक ही धक्के में पूरा घुसा देता था। काम्या की चूत की दीवारें लंड से बुरी तरह से रगड़ रही थी । एक ही धक्के में उसे तीन धक्कों का मजा आ रहा था क्योंकि सुपाड़े के साथ साथ गांठ भी अंदर बाहर हो रही थी। काम्या का पूरे जिस्म हवा में लहराने लगा और वो नीचे से गांड़ उठा उठा कर अपने बेटे का लंड लेने लगी।

काम्या के सहयोग करते ही चुदाई की स्पीड और ज्यादा बढ़ गई और हर धक्के पर लंड अब उसकी बच्चेदानी को हिला रहा था ।मजे से काम्या की आंखे बंद हो चुकी थी और उसका मुंह खुलता चला गया।

" हाय मेरी चूत, बच्चेदानी में लग रहा है लंड , उफ्फ तेरा असली घर तो यहीं हैं मेरे लाल, चोद दे मुझे, और चोद, मार मेरी चूत हाय मा री, !!

समर ने उसकी टांगो को थोड़ा सा और फैला दिया और लंड पेलने लगा। हर धक्के पर काम्या को लग रहा था कि उसकी चूत फट जाएगी, उसकी बच्चेदानी सिकुड़ और फैल रही थी। काम्या की चूत की दीवारो में कम्पन होने लगा और उसकी चूत में तूफान सा उठना शुरू हो गया।

" आह आह उफ्फ मा री, मेरी चूत झड़ने वाली हैं , घुसा दे जल्दी अन्दर पूरा लंड जड़ तक "!!

और काम्या ने पूरी ताकत से अपनी गांड़ उपर उठाकर लंड को अपनी चूत की गहराईयों में उतार लिया और समर ने भी एक शक्तिशाली धक्का मारा तो उसके टट्टे काम्या की चूत से मिल गए। काम्या ने अपने दोनो हाथ समर को कमर पर इतने जोर से कस दिए मानो उसकी हड्डी तक तोड़ देना चाहती हो और काम्या की चूत ने अपना रस बहा दिया।

" हाय गई मेरी चूत, मर गई मैं, उफ्फ मा री चुद गई मैं तो हाय राम"!!

समर भी चूत की गर्मी बर्दाश्त नही कर पाया उसे उसके लंड ने भी अपनी मा की चूत में ही अपना रस छोड़ दिया और समर अपनी मा की चूचियों पर ढेर हो गया।एक के बाद एक पिचकारी चूत को ठंडा करने लगी , दोनो मा बेटे ऐसे ही चिपके हुए पड़े रहे।

समर ने उस पूरी रात अपनी मा को जमकर चोदा, उठा उठा कर चोदा, पटक पटक कर चोदा और काम्या भी अपने बेटे से चुदती रही।

दोनो मा बेटे सुबह देर तक सोते रहे। पहले काम्या की आंख खुली तो अपने आप को अपने बेटे की बांहों में नंगी पाकर उसके होंठो पर स्माइल आ गई ।

वो सोचने लगी उफ्फ क्या जबरदस्त चुदाई हुई है रात मेरी । मेरे बेटे के लंड ने मेरी चूत का रोम रोम महका दिया हैं, जिस्म और रूह दोनो को एक सुकून मिल गया है। उसने अपने जिस्म पर पड़े अपने बेटे के दांतों के निशान देखे, पूरा जिस्म जगह जगह से लाल पड़ गया था चूचियों पर काटे जाने के निशान थे । चूत जो हर टाइम भट्टी की तरह सुलगती रहती थी आज लंड की मार से अपना मुंह दबाए पड़ी हुई थी ,उसकी प्यास बुझ चुकी थी कम से कम अगले कुछ दिनों के लिए ।

काम्या एक बार समर की तरफ देखती हैं तो उसे अपने बेटे पर बहुत प्यार आया और उसने उसका मुंह चूम लिया। काम्या सोचने लगी कि उसका बेटा उससे इतना प्यार करता हैं थी उसे भी अपने बेटे को अब ज्यादा नहीं तरसाना चाहिए।

उफ्फ तो क्या मैं उससे अपनी गांड़ मरा लू, उफ्फ नहीं उसका मोटा लंड चूत में ही बड़ी मुश्किल से घुसता है , गांड़ का तो गाजियाबाद बना देगा मेरी।

क्या करू एक मन तो करता है कि अपने बेटे की तड़प शांत करनी चाहिए, लेकिन क्या मेरी गांड़ लंड को झेल पायेगी। लंड तो शुरु में चूत भी नहीं झेल पाई थी लेकिन अब पूरा लंड घुस जाता हैं मेरी चित में लेकिन चूत में अभी भी दर्द होता हैं जब घुसता हैं, उफ्फ लेकिन बाद में मजा भी बहुत ज्यादा आता हैं।

अगर चूत में घुस गया हैं तो गांड़ में भी घुस जाएगा, हाय उस दिन तो उसने एक ही धक्के में मेरी गांड़ में घुसा दिया था, उफ्फ लेकिन दर्द से मेरी जान निकल गई थी। इतना दर्द मै नहीं झेल पाऊंगी।

लेकिन अगर लंड धीरे धीरे घुसा तो क्या इतना ही दर्द होगा। अगर मैं खुद धीरे धीरे अन्दर लू तो दर्द कम होना चाहिए लेकिन अगर ज्यादा हुआ तो !!

मेरा बेटा मेरे उपर अपनी जान छिड़कता हैं तो एक मा होने के नाते मेरा फ़र्ज़ बनता हैं कि

मुझे अपने बेटे के लिए एक बार कोशिश करके देखना चाहिए,
 
ये विचार मन में आते ही एक फ्रेश होने के लिए बाथरूम में घुस गई और अच्छे से नहाकर अपनी गांड़ के छेद को बाथरूम में लगे शीशे में देख कर निहारने के। उफ्फ कितना छोटा सा हैं ये ,एक दम पूरी तरह टाइट हैं,

उसने दोनो हाथो से अपने चूतड़ों को अच्छे से फैलाया तो गांड़ पूरी तरह से खुल गई। उसने एक उंगली को अपनी गांड़ के छेद पर फिराना शुरू किया तो उसे अजीब सा मज़ा आने लगा, गांड़ का भुरा छेद बंद और खुलने लगा।

तभी उसने अपनी सबसे छोटी उंगली को मुंह में भर कर अच्छे से गीला किया और अपनी गांड़ के छेद पर रगड़ने लगी। उसने शीशे में एक बार अपनी आंखों में देखा तो उसके होंठो पर स्माइल आ गई और उसने उंगली का दबाव अपनी गांड़ पर बढ़ा दिया तो उंगली गांड़ की मांसपेशियों को खोलने लगी तो उसके मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकल पड़ी। उसने थोड़ा सा ज्यादा दबाव बढ़ाया तो उसकी गांड़ में दर्द का एहसास हुआ तो उसने अपनी उंगली पर दबाव कम कर दिया।

कैसे घूसेगा इतना मोटा लंड जब उंगली ही नहीं घुस पा रही है। तभी उसके मन में एक विचार आया और उसने अपने मुंह से ढेर सारा थूक निकाल कर उंगली को फिर से गीला किया और अपनी गांड़ के छेद पर रख दिया। उसने अपनी गांड़ की मांसपेशियों को बाहर की तरफ खोला तो उसकी गांड़ का छल्ला खुलता चला गया और उंगली अपने बाप अंदर घुसने लगी। काम्या को दर्द हो रहा था लेकिन उंगली की रगड़ गांड़ की मांसपेशियों को अच्छे से रगड़ रही थी जिस कारण मजा बहुत

आ रहा था। हल्का सा और दबाव डालते ही पूरी उंगली अंदर घुस गई और उसने अपनी गांड़ को कस दिया जिससे उंगली अंदर भींच गई । इस मस्त एहसास से उसके मुंह से आह निकल पड़ी

" आह, उफ्फ हाय पूरी उंगली घुस गई मेरी गांड़ में , अच्छा लग रहा है हाय मा री।

तभी उसके मन में सॉफ्ट जेल क्रीम का विचार आया तो वो अपनी गांड़ में उंगली घुसाए हुए ही समर के बेडरूम में आ गई जो अभी तक सोया हुए पड़ा था। समर का लंड पुरी तरह से तन कर हवा में लहरा रहा था जिसे देखकर आज पहली बार काम्या की गांड़ में हलचल हुई।

उसने लंड को देखते हुए बेड की दराज से सॉफ्ट जेल क्रीम निकाली और अपनी गांड़ को अच्छे से फैलाकर ट्यूब का मुंह अपनी गांड़ में घुसा कर ट्यूब पर दबाव बढ़ा दिया जिस कारण सॉफ्ट जेल क्रीम उसकी गांड़ में भर गई।

काम्या ने ट्यूब की एक तरफ रख दिया और फिर से एक उंगली को अपनी गांड़ में लंड को देखते हुए घुसाने लगी। काम्या पूरी तरह से बेशर्म हो चुकी थी उसे कोई शर्म नहीं थी।

गांड़ में उंगली घुसा कर उसने अच्छे से क्रीम को गांड़ के अंदर तक लगा दिया ताकि उसकी गांड़ की मांसपेशिया थोड़ी नरम पड़ जाए।उसके बाद उसने अपनी उंगली को गांड़ से बाहर निकाल लिया और उंगली पर लगी क्रीम समर के लंड पर चुपद दी। ऐसा करते हुए उसकी गांड़ अपने आप खुल बंद होने लगी मानो काम्या जी को बता रही हो कि मैं लंड लेने के लिए तैयार हूं।

फिर काम्या ने अपने मुंह से ढेर सारा थूक निकाल कर अपने बेटे के लंड को पूरा जड़ तक चिकना कर दिया और उसकी कमर के दोनो और अपनी टांगे करके बैठ गई । गांड़ का छेद ठीक लंड के सुपाड़े पर था। उसने अपने आपको आने वाले दर्द के लिए तैयार किया और धीरे धीरे लंड पर दबाव डालने लगी और दोनो हाथो से अपनी गांड़ के छेद को पूरा फैला दिया। काम्या ने अपनी गांड़ को बाहर की तरफ खोला तो सुपाड़ा हल्का सा अंदर घुसने लग लगा जिस कारण दर्द की एक तेज लहर काम्या के जिस्म में दौड़ गई। काम्या समझ गई कि अभी उसकी गांड़ पूरी तरह से लंड लेने के लिए तैयार नहीं है।

काम्या की चूत पुरी तरह से गीली होकर टपक रही थी। उसने एक बार थूक से अपनी चूत को अच्छे से गीला किया और लंड को चूत के छेद पर सेट करके एक ही झटके में लंड पर बैठ गई। लंड पुरा जड़ तक काम्या की चूत में घुस गया और काम्या के मुंह से फिर से दर्द भरी सिसकारियां निकलने लगी।

"आह घुस गया मेरी चूत में लंड, उफ्फ गांड़ में क्यों नहीं घुस जाता ऐसे ही हाय, मेरी चूत अब फिर से चुदेगी।

लंड चूत में घुसते ही समर की आंख खुल गई और उसने काम्या की चूचियों को दबाना शुरू कर दिया।चूचियों पर अपने बेटे का हाथ पड़ते ही काम्या जोश में आ गई और लंड पर उछलने लगी जिससे उसकी गांड़ पूरी तरह से उछल रही थी और गांड़ की मांसपेशियों पर लगी सॉफ्ट जेल क्रीम गांड़ को अंदर से और ज्यादा चिकना कर रही थी। चूत में लंड पुरी स्पीड से अंदर बाहर हो रहा था , मजे से काम्या की आंखे बंद हो गई थी।
 
तभी समर ने अपनी मा को धक्का देकर बेड पर लिटा दिया और उसकी टांगों को घुटनों से मोड़ दिया तो काम्या बेड पर घोड़ी बन गई जिससे उसकी चूत और गांड़ दोनो पूरी तरह से खुल कर उसके बेटे के सामने आ गए।

उफ्फ समर ने गांड़ के छेद पर जैसे ही जेल क्रीम लगी हुई देखी उसकी आंखे खुशी से चमक उठी। उफ्फ मा ने खुद ही अपनी गांड़ पर क्रीम लगाई हैं इसका मतलब वो मुझसे अपनी गांड़ मराने के लिए तैयार हैं।

समर ने लंड को सीधे काम्या की गांड़ के छेद पर टिका दिया और एक जोरदार धक्का लगाया तो काम्या ने अपनी गांड़ डर के मारे अंदर को भींच ली जिससे लंड नहीं घुस पाया।

समर ने शिकायती नजरों से अपनी मा की तरफ देखा तो काम्या अपनी चूत को लंड पर धकेलते हुए बोली:

" शाम तक रुक जा मेरे लाल, थोड़ा और नरम पड़ जाने से अंदर से, देख तेरे लिए ही तो सॉफ्ट जेल क्रीम लगाई हैं । उफ्फ अभी तू मेरी चूत मार अच्छे से।

समर अपनी मा की बेट सुनकर जोश में आ गया और अपने लंड का एक बड़ा ही तगड़ा धक्का उसकी चूत में लगा दिया जिससे लंड जड़ तक जा घुसा।

" आह, चोद ऐसे ही, पूरा घुसा घुसा कर चोद अपनी मा की चूत,

हर धक्के पर काम्या की गांड़ का छेद खुल और बंद हो रहा था। समर ने अपनी एक उंगली को गीला करते हुए उसकी गांड़ पर टिका दिया तो काम्या ने उसकी तरफ देखते हुए अपनी गांड़ उंगली पर दबा दी जिससे एक ही झटके में समर की आधी उंगली काम्या की गांड़ में घुस गई। समर की उंगली की मोटाई काम्या की उंगली से दो गुनी थी । उंगली घुसते ही काम्या को दर्द का एहसास हुआ और उसकी आह निकल पड़ी।

" हाय मा री , तेरी उंगली नहीं कितनी मोटी हैं , दर्द करती हैं ये भी, चूत मार अपनी मा की , चूत में मजा हैं बहुत, हाय मेरी चूत_!!

समर ने उसकी चूत में तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए और उंगली को काम्या की गांड़ में अंदर बाहर करने लगा। जल्दी ही पूरी उंगली काम्या की गांड़ में चली गई। गांड़ से दर्द जैसे गायब हो गया और अब उंगली की रगड़ से काम्या को मजा आने लगा। वो अब अपनी गांड़ उंगली पर धकेल रही थी लेकिन लंड चूत में घुस रहा था।

काम्या को आज से पहले इतना मजा कभी नहीं आया था।

वो किसी मशीन की तरह अपनी गांड़ आगे पीछे कर रही थी, आज वो पूरी तरह से झूम रही थी।

" आह मेरी चूत, गांड़ में पूरी उंगली घुस गई, चोद मेरी चूत, उफ्फ रात को तुझे गांड़ तोहफे में दूंगी , तेरे मा खुद अपने जन्म दिन पर तेरा लंड अपनी गांड़ में लेगी। हाय मेरी चूत, उफ्फ मा री मर गई तो""!!

समर ने काम्या को पूरी ताकत से चोदना शुरू किया तो उसकी गांड़ हिलने लगी और लंड बच्चेदानी को टकराने लगा। काम्या की चूत लंड की मोटी गांठ की रगड़ नहीं झेल पाई और इसकी चूत में कम्पन शुरू हो गई।

"। हाय मेरे बच्चे, तेरी मा का निकलने वाला है, और चोद मेरी चूत,

तभी समर ने एक तगड़ा धक्का लगाया और लंड जड़ तक काम्या की चूत में घुस गया। साथ ही समर की उंगली भी काम्या की गांड़ में घुस गई। काम्या से दोहरा हमला बर्दाश्त नहीं हुआ और उसकी चूत ने भी अपना रस बहा दिया।

" हाय समर, मर गई मेरी चूत, गई में तो"!!

और काम्या बेड पर गिर पड़ी तो समर भी अपनी मा के उपर गिरता चला गया और लंड काम्या की चूत में पूरे अंदर तक घुस कर वीर्य की बौछार करने लगा। दोनो मा बेटे ऐसे ही पड़े रहे। लंड मुरझा कर बाहर निकल गया। काम्या लंड की तरफ देखते हुए बोली:..

" तैयार रखना अपने घोड़े को, आज इसे मेरी गांड़ की गुफा में दौड़ लगानी हैं।"!!

समर उसकी मोटी उभरी हुई गांड़ को हाथो से भींच देता है।

" मा मेरी जान कम्मो, आज तेरी गांड़ की खैर नहीं, अच्छे से क्रीम ले, मेरा घोड़ा आज अपनी टापो से इसका नक्शा बदल देगा।

काम्या और समर दोनो फ्रेश हो गए और फिल्म देखने चले गए।काम्या आज अपनी गांड़ को पुर मटका मटका कर चल रही थी जिससे क्रीम अन्दर गांड़ के अंदर फैलती जा रही थी और समर अपनी मा की मटकटी हुई गांड़ को देख कर आंहे भर रहा था और लंड तो जैसे आज पागल हो रहा था। उफ्फ समर को अपनी मा की गांड़ सबसे ज्यादा अच्छी लगती थी क्योंकि काम्या की गांड़ एक दम पूरी तरह से बाहर को निकली हुई थी मानो दो ढोल जोड़ दिए गए हो।

पूरे दिन काम्या अपने बेटे पर ज़ुल्म पर ज़ुल्म करती रही, समर का लंड इतना टाइट हो रहा था मानो दबाव से फट ही जाएगा, समर से बर्दाश्त नहीं हो रहा था ।

मूवी खतम होते होते शाम होने लगी तो समर अपनी मा को लेकर एक बढ़िया होटल में गया जहां दोनो मा बेटे ने अच्छे से खाना खाया। फिर वो दोनो अपने घर की तरफ लौट पड़े,जैसे जैसे घर नजदीक आता जा रहा था समर का लंड खुशी से और ज्यादा उछल रहा था जबकि काम्या जो आज सुबह से समर को तड़पा रही थी उसकी धड़कने बढ़ने लगी। उसकी चूत पुरी गीली हो चुकी थी और गांड़ में गुदगुदी सी हो रही थी। गांड़ का छेद अपने आप खुल और बंद हो रहा था, काम्या को अब कहीं ना कहीं लंड से थोड़ा डर लग रहा था।
 
जैसे ही दोनो घर पहुंचे तो समर ने गाड़ी को पार्क किया ।बाहर पूरी तरह से अंधेरा हो चुका था,समर और काम्या गाड़ी से बाहर निकले और घर की तरफ चल पड़े। काम्या आगे आगे चल रही थी जबकि समर उसकी गांड़ पर नजर टिकाए पीछे चल रहा था।

काम्या की गांड़ अब ज्यादा नहीं मटक रही थी क्योंकि लंड का डर उसके उपर हावी हो चुका था। समर तेजी से आगे आया और एक हाथ से काम्या की गांड़ को जोर से मसल दिया। काम्या के मुंह से एक दर्द भरी आह निकल पड़ीं । दोनो अभी बाहर ही थे पार्किंग के इसलिए काम्या डर गई कि कोई पड़ोसी ना देख ले।

काम्या: अरे बेशर्म कुछ तो शर्म कर , अंदर तो चलने दे कहीं किसी ने देख लिया तो !!

समर :" क्या मा मुझे किसी का डर नहीं है, अपनी मा को प्यार कर रहा हूं,

काम्या: " ऐसे खुलेआम मा को प्यार मत कर मेरे लाल, मुझे जमाने की फ़िक्र हैं समझा कर !!

समर एक बार ध्यान से इधर उधर देखा और फिर काम्या को आगे बढ़ कर अपने गोद में उठा लिया । काम्या की डर के मारे हालत खराब हो गई, समर तेजी से उसे लेकर घर के अंदर घुस गया ।

अंदर जाते ही काम्या ने अपने दोनो हाथ अपने बेटे की गर्दन में लपेट दिए और उससे चिपक गई। समर जैसे ही आगे बढ़ने लगा तो काम्या ने उसका गाल चूमते हुए अपने गांड़ का दबाव उसके लंड पर बढ़ा दिया और फिर धीरे से फुसफुसाई:

" गेट तो लॉक करने से मुझे, इतनी जल्दबाजी ठीक नहीं होती मेरी जान।!!

काम्या ने एक हाथ से गेट का लॉक कर दिया और फिर से अपने बेटे से चिपक कर उसके होंठ चूमने लगी। समर ने अपनी मा की गांड़ पर दोनों हाथो का दबाव बढ़ा दिया और जोर जोर से काम्या की गांड़ सहलाने लगा।

तभी समर ने पूरी ताकत से अपनी मा की गांड़ को भींच दिया तो काम्या के मुंह से एक दर्द भरी आह निकल पड़ी।

" आह उफ्फ शैतान कहीं का, थोड़ा प्यार से नहीं दबा सकता था। "

और काम्या उसकी गोद से उतर गई और उसकी पैंट खोलकर लंड को बाहर निकाल लिया और उसका लंड पकड़ते हुए उसे अपने बेडरूम की तरफ ले जाने लगी। समर ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसकी मा उसका लंड पकड़कर उसे अपने बेडरूम में ले जाएगी। समर पुरी तरह से मस्त हो चुका था।

काम्या ने उसे बेड पर लिया दिया और उसके लंड को चूम लिया तो समर के जिस्म में मस्ती की एक तेज लहर दौड़ गई। समर ने जैसे ही अपने हाथ से काम्या का मुंह लंड पर दबाना चाहा तो काम्या उठकर बाहर की तरफ जाने लगी तो समर तड़प उठा।

समर :" मा मत जाओ, आ जाओ मेरे पास मुझे प्यार करो आओ मेरी कम्मो "!!

काम्या उसे अपनी जीभ दिखाते हुए:

" थोड़ा सा सब्र कर मेरे लाल, सब्र का फल मीठा होता है, मुझे नहा कर आने दे और तू भी जल्दी से फ्रेश हो जा।

काम्या ने अपनी गांड़ अच्छे से समर की आंखो के सामने हिला दी तो समर अपनी पलके तक झपकाना भूल गया। काम्या बाथरूम की तरफ बढ़ गई और अंदर जाकर दरवाजा बंद कर दिया।

तभी समर के मन में एक विचार आया और उसने बेकरी वाले को एक केक का ऑर्डर कर दिया और फिर नहाने चला गया। समर दोनो मा बेटे अपने अपने जिस्म को अच्छे से चमका रहे थे, रगड़ रहे थे ताकि दोनो एक दूसरे से ज्यादा सुन्दर लग सके।

समर जल्दी ही नहा कर बाहर आ गया और अपनी मा का वेट करने लगा। समर सिर्फ एक अंदर वियर और बनियान पहने हुए था।

काम्या का जिस्म पूरी तरह से साफ हो चुका था। उसने टिश्यू पेपर से अपनी गांड़ के छेद को अच्छे से अंदर तक बहुत अच्छी तरह से साफ किया और अपने बेटे का पसंदीदा परफ्यूम अपनी गांड़ पर छिड़क दिया। फिर उसने अपने बाल खुले ही छोड़ दिए और सिर्फ एक टॉवेल लपेट कर बाहर की तरफ चल पड़ी।

जैसे ही वो हॉल में पहुंची तो उसे समर दिखाई दिया ,काम्या को इस रूप में देखते ही वो खुश हो गया। काम्या धीरे धीरे अपने बेडरूम मक की तरफ बढ़ रही थी और पीछे से समर काम्या की चिकनी जांघो को घूर रहा था, गांड़ पूरी तरह से टॉवेल के अंदर छिपी हुई थी।

काम्या जानती थी कि उसकी बेटा उसकी गांड़ को निहार रहा हैं इसलिए उसने जानबूझकर टॉवेल पर अपने हाथो की पकड़ ढीली कर दी जिससे टॉवेल उसके जिस्म से फिसलता हुआ नीचे फर्श पर गिर गया। काम्या का नंगा जिस्म समर की आंखो के आगे लहरा गया।

तभी काम्या जमीन से टॉवल उठाने के लिए झुकी तो उसकी गांड़ पुरी तरह से खुल कर समर की आंखो के सामने आ गई। समर ये जानेलवा नजारा देख कर जोश में आ गया और अपने लंड को बाहर निकाल कर मसलने लगा।

काम्या ने टॉवेल को उठाया और फिर धीरे धीरे अपनी गांड़ को मटकाती हुई उपर की तरफ उठने लगी । गांड़ पूरी तरह से हिल रही थी जिस कारण समर का धैर्य जवाब दे गया वो उठा और अपनी मा की तरफ बढ़ा। काम्या समझ गई कि उसका काम हो गया है इसलिए वो तेजी से अपने बेडरूम की तरफ भागी और गेट को अंदर से बंद कर दिया। समर पूरी तरह से तड़प रहा था।

समर:" मा गेट खोल, मुझे मत तड़पा और ज्यादा "!!

काम्या उसे जवाब नहीं देती और चुप चाप एक लिंगरी पहन लेती हैं और अच्छे से अपना मेक अप करके दरवाजा खोल दिया। समर तेजी से अंदर घुसा , उसे डर था कि कहीं फिर से उसकी मा गेट बंद ना कर लें।
 
समर ने अपनी मा को देखा तो देखता ही रह गया। काम्या ने काले रंग की नेट वाली लिंगरी पहनी हुई थी और वो उसका बूब्स लगभग पूरे ही बाहर थे और चूत को आधे से ज्यादा बाहर झांक रही थी। काम्या को इस खूबसूरत लिंगरी में देख कर अपने पर काबू नहीं रख पाया और काम्या को अपनी बांहों में भर लिया। काम्या भी अब तक पूरी तरह से पिघल चुकी थी इसलिए उसने भी अपने दोनो हाथ अपने बेटे की कमर पर कस दिए। समर ने अपनी मा के लाल सुर्ख लिपस्टिक लगे होंठो पर अपने होंठ रख दिए। दोनो की आंखे इस मखमली एहसास से बंद हो गई और दोनो ने एक दूसरे के होठों को चूसना शुरू कर दिया। दोनो बारी बारी से एक दूसरे के होठों का रस पी रहे थे। तभी काम्या ने अपनी जीभ अपने बेटे के मुंह में घुसा दी और दोनो मा बेटे एक दूसरे की जीभ को चूसने लगे। दोनो पूरी तरह से किस में डूबे हुए थे कि तरवाजे पर नॉक हुई।

दोनो एक दम से होश में आ गए। एक पल के लिए तो समर भी डर गया फिर उसे याद आया कि केक वाला आया होगा इसलिए उसने काम्या को छेड़ते हुए कहा:

" मा अब पता नहीं कौन आ गया कवाब में हड्डी बनने के लिए, पता नहीं कौन है और क्यों आया हैं"!

काम्या तो बुरी तरह से डर गई थी। उसे लगा कि कोई गड़बड़ ना हो जाए ।आज की रात के लिए उसने कुछ सपने देखे थे, आज वो पूरी तरह से अपने बेटे की हो जाना चाहती थी।

काम्या ने उदास नजरो से समर की तरफ देखते हुए कहा:

" चाहे कोई भी अंदर मत आने देना , बाहर से ही भेज देना कोई भी बहाना बनाकर। आज हमारे बीच में कोई नहीं आ सकता।

समर अपनी मा का मुंह चूम लेता है और फिर धीरे से अपने कपड़े ठीक करके गेट की तरफ चल देता है। जैसे जैसे समर गेट की तरफ जा रहा था काम्या की धड़कने बढ़ रही थी। उसके दोनो हाथ जुड़ चुके थे,

" है भगवान आज मुझे मेरे बेटे का प्यार पा लेने दे। मुझ पर दया करना।

तभी समर गेट खोल दिया तो केक लेकर लड़का अंदर आ गया और समर ने केक लेकर उसे पैसे दिए तो वो लड़का चला गया। उसके जाते जी जैसे ही समर ने डोर बंद किया तो काम्या खुशी के मारे भागती हुई अाई और समर की कमर से चिपक गई।

समर ने काम्या को अपनी बांहों में उठा लिया और उसे लेकर बेडरूम की तरफ चल पड़ा, जल्दी ही केक टेबल पर सज चुका था। काम्या को समझ नहीं आ रहा था कि आज समर ने केक क्यों मंगाया हैं।

तभी समर काम्या को प्यार से देखते हुए उपर छत की तरफ चला गया और जल्दी से बियर की कुछ कैन लेकर वापिस आ गया। बियर देखकर काम्या की आंखे चमक उठी। वो आगे बढ़कर समर की गोद में बैठ गई और फिर बीयर की कैन उठा कर एक घूंट पिया और फिर कैन उसने समर के होंठो पर लगा दी तो समर काम्या को आंखो में देखते हुए पूरी कैन एक ही सांस में पी गया।

उसके बाद समर ने कैन उठाकर अपनी मा के होंठो से लगा दी तो काम्या ने एक तगड़ा घूंट भर कर अपने होंठ समर के होंठो पर रख दिए और अपना मुंह खोलकर बियर उसके मुंह में उड़ेल दी। दोनो मा बेटे थोड़ी ही देर में 4 कैन पी चुके थे जिस असर असर उन पर साफ दिख रहा था ।समर की आंखे लाल सुर्ख हो चुकी थी जबकि काम्या का पूरा जिस्म मस्ती से लहरा रहा था। समर ने एक बार फिर से अपनी मा के होंठो को चूसना शुरू कर दिया तो काम्या भी उसके साथ लग गई और दोनो एक दूसरे के होठों को चूसने, चूमने काटने लगे।

जैसे ही किस खत्म हुआ तो काम्या ने अपने बेटे को बेड पर लिया दिया और खुद उसके उपर लेट गई । काम्या की चूत लिंगरी से हल्की सी बाहर निकल रही थी जिस कारण समर का मोटा लन्ड उस पर दबाव डाल रहा था। काम्या ने अपने बेटे की आंखो में देखते हुए उसके बनियान को अपने नाखूनों से फाडकर अपने बेटे को उपर से नंगा कर दिया।

उसने ध्यान से अपने बेटे की चौड़ी छाती को ध्यान से देखा जिस पर घने सारे काले बाल उगे हुए थे जिन पर उसने हाथ फिराना शुरू कर दिया। छाती पर अपनी मा के हाथ लगते ही समर ने दोनो हाथो से अपनी मा की लगभग नंगी गांड़ हो पकड़ लिया और जोर जोर से दबाने लगा जिस कारण काम्या मस्ती में आ गई और उसने समर की छाती पर अपनी जीभ से लाइन खींचनी शुरू कर दी। समर इस एहसास से मस्ती से भर उठा और उसने अपनी मा की गांड़ को पूरी ताकत से दबाना शुरू कर दिया। काम्या की मोटी सख्त गांड़ पूरी तरह से समर के हाथो में आ गई जिसे वो मसल रहा था।

काम्या ने अपना मुंह नीचे लाते हुए समर के एक निप्पल पर अपनी जीभ फेर दी तो उसके मुंह से एक मस्त आह निकल गई। समर का पूरी जिस्म मस्ती से झूम उठा। काम्या ने समर की आंखो मद देखते हुए उसके निप्पल को अपने मुंह में भर लिया और जीभ से चाटने लगी तो कभी दांतो से हल्का हल्का काटने लगी। समर का बुरा हाल हो गया , आज उसे अपनी की दवाई का स्वाद मिल रहा था , गुदगुदी के कारण सी अपनी मा का मुंह अपने निपल्स से हटाने लगा तो काम्या ने शिकायती नजरों से उसकी तरफ देखा तो समर ने अपने हाथ फिर पीछे कर लिए और फिर से अपनी मा की गांड़ को दबोच लिया ।

काम्या फिर से समर की निप्पल चाटने लगी तो समर का धैर्य जवाब दे गया और उसके मुंह से एक के बाद एक मादक सिसकियां निकलने लगी। काम्या की जीभ की रगड़ समर को पागल कर रही थी जिस कारण वो मजे की नई ऊंचाइयों को छू रहा था। काम्या ने उसकी निप्पल चूसते चूसते ही अपने एक हाथ को नीचे लाकर अपनी चूत पर से लिंगरी को हटा दिया जिस से समर का लंड चूत पर अड गया। काम्या धीरे धीरे अपनी चूत का दबाव अपने बेटे के लंड पर बढ़ाने लगीं जिससे लंड पुरी तरह से खड़ा हो चुका था और आज इतना टाइट हो गया था मानो लंड माशपेशियों से बना ना होकर कोई लोहे की रॉड हो।

आज काम्या समर से अपना पूरा बदला ले रही थी। जहां एक ओर वो अपनी जीभ से अपने बेटे के निप्पल चूस रही थी तो दूसरी तरफ अपनी चूत से उसके लंड को तरसा रही थी , तड़पा रही थी। समर पूरी तरह से तड़फ रहा था, उसके जिस्म का रोम रोम प्यार मांग रहा था। समर ने अपने दोनो हाथों से अपनी मा की गांड़ को पकड़ कर फैलाते हुए अपनी उंगली को उसकी लिंगरी हटाकर काम्या के गांड़ के छेद पर रख दिया। काम्या से अपनी गांड़ पर अपनी उंगली की रगड़ बर्दाश्त नहीं हुई और समर का निप्पल उसके मुंह से निकल गया।
 
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