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उनके जाते ही काम्या ने अपना हाथ सीधे समर के लंड पर रख दिया और उसे सहलाते हुए बोली:"
" अपने घोड़े को आज शाम के लिए तैयार रखना क्योंकि तेरी मा अपनी गीली चूत के साथ इसका इंतजार करेगी।
समर ने काम्या की गांड़ को अपने हाथो में भर लिया और जोर जोर से दबाते हुए कहा:
" हाय कितनी उभरी हुई और चिकनी हैं तेरी गांड़ कम्मो, आज मुझे चूत नहीं गांड़ चाहिए।
काम्या लंड को जोर से रगड़ते हुए :
" उफ्फ कितना मोटा लन्ड हैं तेरा मेरे बेटे, चूत में ही इतनी मुश्किल से घुसता हैं, हाय मेरी गान्ड फट जायेगी। उस दिन भी कितना दर्द हुआ था तुझे कुछ पता भी हैं
समर उसकी गांड़ के छेद पर एक उंगली दबाते हुए:
" हाय अब इतना दर्द नहीं होगा और पहले से भी ज्यादा मजा आएगा, बोल मरवाएगी ना अपनी गांड़ कम्मो ?
गांड़ के छेद पर उंगली लगते ही काम्या की सांस जैसे रुक सी गई और उसने आगे को झुकते हुए अपनी गांड़ को समर के लंड पर अड़ा दिया और रगड़ते हुए कहा
"उफ्फ मार लेना अपनी कम्मो की गांड़ लेकिन प्यार से मेरे लाल,
समर अपना लंड उसकी गांड़ के छेद पर रगड़ते हुए:" हाय मैं तो खूब उठा उठा कर मारूंगा।
इतना कहकर समर अपनी मा की चूची पकड़ कर दबा देता हैं तो काम्या का जिस्म मजे से लहरा गया। तभी उपर से राम्या के आने की आहट सुनाई पड़ी तो दोनो मा बेटे अलग हो गए। राम्या आकर हॉल में बैठ गई तो समर अखाड़े के लिए जाने लगा तो राम्या उसे जाते हुए उदास नजरो से देखती रही। समर के जाने के बाद राम्या सोच में पड़ गई कि अब वो क्या करे क्योंकि कोई ड्रेस प्रतियोगिता थी ही नहीं अब वो माही को क्या बताएगी उसकी कुछ समझ में नहीं आ रहा था।
वो शाम को बीमारी का बहाना बनाकर जाने से मना कर देगी, तभी उसने सोचा कि वो तो बाद की बात हैं मुझे इतनी जल्दी हर नहीं माननी चाहिए और कोई ऐसा तरीका ढूंढना होगा जिससे मेरे साथ समर ही जाए। मेरा नाम भी राम्या हैं इतनी आसानी से हार नहीं मानने वाली ।
उधर समर अखाड़े पहुंच गया और काम में जुट गया। कोई 12 बजे तक फाइल बन गई लेकिन क्योंकि आज सन्डे था इसलिए जमा नहीं हो सकती थी इसलिए वो वापिस अपने घर की तरफ लौट पड़ा। रास्ते में जैसे ही वो आइस क्रीम होटल के बाहर से निकला तो उसे राम्या की याद आ गई। उफ्फ कितना हसीन किस था उसका अपनी बहन के साथ, ऐसा एहसास तो उसे आज माही या काम्या के साथ कभी नहीं हुआ था ये सोचते ही उसके लंड। में हलचल शुरू हो गई और वो अपने घर की तरफ चल दिया।
घर जाकर वो फ्रेश हुआ और माही के साथ सोनम भी आ गई और सबने साथ में ही खाना खाया। खाना खाने के बाद समर उपर जाकर सो गया तो राम्या माही को बोली
" भाभी हम शाम को ठीक साढ़े पांच बजे निकल जायेंगे आप उसी हिसाब से अपन काम खत्म कर लेना।
ये सुनकर माही बोली:" ठीक हैं राम्या मैं कोशिश करूंगी और आराम से काम खत्म हो जाएगा।
राम्या:" मैं भी आपके साथ चलती हूं ताकि आपकी कुछ मदद कर सकू।
माही स्माइल करती और और तीनो ब्यूटी पार्लर की तरफ चल पड़ी। घर में अब सिर्फ काम्या और समर बच गए थे। समर सो चुका था ये देखने के बाद काम्या ने भी सोने का विचार किया और सो गई क्योंकि आज शाम उसके लिए हसीन होने वाली थी।
जैसे जैसे टाइम निकलता जा रहा था राम्या की हालत खराब होती जा रही थी। तभी उसने एक प्लान किया जैसे ही सोनम सामान लेने के लिए गई तो उसने एक उधर इधर ध्यान से देखा और और सोनम की चेयर के बोल्ट ढीले कर दिए और दूसरी तरफ चली गई। सोनम जैसे ही वापिस अाई और सामान लगाने के लिए चेयर पर बैठी तो वो धड़ाम से नीचे गिर पड़ी और चिकना फर्श होने के कारण सामान से सज चुकी रैंक से जा टकराई जिससे एक के बाद एक चार पांच रैंक का सामान फर्श पर गिर पड़ा।
माही और राम्या दौड़ती हुई अाई और उसे उठाया ।
माही:" सोनम चोट तो नहीं लगी ?तुम ठीक तो हो ना
सोनम:' हान मैं ठीक हूं लेकिन सारा सामान फिर से बिखर गया।
माही:' सामान का कुछ नहीं ,फिर से लग जाएगा तुम ठीक हो ये खुशी की बात हैं।
माही कुछ सोचती हैं और फिर उदास नजरो से राम्या की तरफ देखती हुई बोली:"
" राम्या एक काम करना तुम समर के साथ चली जाना, मुझे अब टाइम लगा जाएगा क्योंकि फिर से सबकुछ सजाना होगा।
राम्या मन ही मन में खुशी से झूमती हुई:"
" हम फिर से कोशिश करते हैं और अगर सामान सेट हो गया तो आप मेरे साथ चल पड़ना।
राम्या जानती थी कि अब समान नहीं लग पाएगा इसलिए वो फुली नहीं समा रही थी।
पांच बजने वाले थे और आधे से ज्यादा काम अभी पड़ा हुआ था। इसलिए वो सब चाय पीने के लिए घर की तरफ चल पड़े। माही ने समर को उठाया और उसे कहा कि वो राम्या के साथ नहीं जा पाएगी इसलिए वो तैयार हो जाए तो समर उदास हो गया क्योंकि वो तो आज कम्मो की गांड़ मारने का प्लान कर चुका था।
राम्या भी बाथरूम में घुस गई और अच्छे से रगड़ रगड़ कर अपने आपको साफ किया। उसके होंठ अपने भाई को याद करके फड़क रहे थे, मानो फिर से चूसे जाने के लिए बेताब हो । राम्या स्माइल करती हैं और एक उंगली अपने होंठो पर फेरती हुई सोचती हैं बस थोड़ी देर और फिर देखना मेरा भाई आज तुम्हरा सारा रस निचोड़ देगा ।
वो अपने कमरे में घुस गई और उसने एक बहुत ही खूबसूरत काले रंग की ड्रेस पहनी जो कंधो पर से बिल्कुल नंगी थी और पीछे कमर पर भी सिर्फ एक स्ट्रिप ही बंधी हुई थी और पूरी कमर नंगी थी। उसकी चूचियां आधे से ज्यादा बाहर झांक रही थी और निप्पल अपना उभार लिए साफ नजर आ रहे थे। उसके खुले हुए काले बाल उसके मुंह के दोनो और फैल कर उसकी सुन्दरता में चार चांद लगा रहे थे।
ड्रेस नीचे उसकी जांघो तक आ रही थी और उसकी केले के तने के माफिक चिकनी जांघें साफ नजर आ रही थी। राम्या ने आज नीचे ब्रा पेंटी नहीं पहनी हुई थी वो शीशे में देखते हुए आगे को झुकी तो उसकी ड्रेस खिसक कर उपर हो गई और उसकी चूत और गांड़ बिल्कुल नंगी हो गई । राम्या की आंखे जल उठी और उसने उंगली से अपनी चूत को सहलाया और फिर सीधी हो गई और एक लंबा कोट पहन कर अपनी सेक्सी ड्रेस को छुपा लिया और नीचे की तरफ चल पड़ी।
सभी लोग उसका ही इंतजार कर रहे थे। काम्या उसे देखकर खुश हो गई और काम्या से ज्यादा उसकी चूत और गांड़, लेकिन उस बेचारी को क्या पता था कि बाजी उलट चुकी थी।
काम्या:" बहुत प्यारी लग रही है मेरी गुड़िया, माही ध्यान रहे कि हमारी राम्या आज पहला इनाम जीतकर आनी चाहिए।
माही उदास मन लिए हुए:"
" अपने घोड़े को आज शाम के लिए तैयार रखना क्योंकि तेरी मा अपनी गीली चूत के साथ इसका इंतजार करेगी।
समर ने काम्या की गांड़ को अपने हाथो में भर लिया और जोर जोर से दबाते हुए कहा:
" हाय कितनी उभरी हुई और चिकनी हैं तेरी गांड़ कम्मो, आज मुझे चूत नहीं गांड़ चाहिए।
काम्या लंड को जोर से रगड़ते हुए :
" उफ्फ कितना मोटा लन्ड हैं तेरा मेरे बेटे, चूत में ही इतनी मुश्किल से घुसता हैं, हाय मेरी गान्ड फट जायेगी। उस दिन भी कितना दर्द हुआ था तुझे कुछ पता भी हैं
समर उसकी गांड़ के छेद पर एक उंगली दबाते हुए:
" हाय अब इतना दर्द नहीं होगा और पहले से भी ज्यादा मजा आएगा, बोल मरवाएगी ना अपनी गांड़ कम्मो ?
गांड़ के छेद पर उंगली लगते ही काम्या की सांस जैसे रुक सी गई और उसने आगे को झुकते हुए अपनी गांड़ को समर के लंड पर अड़ा दिया और रगड़ते हुए कहा
"उफ्फ मार लेना अपनी कम्मो की गांड़ लेकिन प्यार से मेरे लाल,
समर अपना लंड उसकी गांड़ के छेद पर रगड़ते हुए:" हाय मैं तो खूब उठा उठा कर मारूंगा।
इतना कहकर समर अपनी मा की चूची पकड़ कर दबा देता हैं तो काम्या का जिस्म मजे से लहरा गया। तभी उपर से राम्या के आने की आहट सुनाई पड़ी तो दोनो मा बेटे अलग हो गए। राम्या आकर हॉल में बैठ गई तो समर अखाड़े के लिए जाने लगा तो राम्या उसे जाते हुए उदास नजरो से देखती रही। समर के जाने के बाद राम्या सोच में पड़ गई कि अब वो क्या करे क्योंकि कोई ड्रेस प्रतियोगिता थी ही नहीं अब वो माही को क्या बताएगी उसकी कुछ समझ में नहीं आ रहा था।
वो शाम को बीमारी का बहाना बनाकर जाने से मना कर देगी, तभी उसने सोचा कि वो तो बाद की बात हैं मुझे इतनी जल्दी हर नहीं माननी चाहिए और कोई ऐसा तरीका ढूंढना होगा जिससे मेरे साथ समर ही जाए। मेरा नाम भी राम्या हैं इतनी आसानी से हार नहीं मानने वाली ।
उधर समर अखाड़े पहुंच गया और काम में जुट गया। कोई 12 बजे तक फाइल बन गई लेकिन क्योंकि आज सन्डे था इसलिए जमा नहीं हो सकती थी इसलिए वो वापिस अपने घर की तरफ लौट पड़ा। रास्ते में जैसे ही वो आइस क्रीम होटल के बाहर से निकला तो उसे राम्या की याद आ गई। उफ्फ कितना हसीन किस था उसका अपनी बहन के साथ, ऐसा एहसास तो उसे आज माही या काम्या के साथ कभी नहीं हुआ था ये सोचते ही उसके लंड। में हलचल शुरू हो गई और वो अपने घर की तरफ चल दिया।
घर जाकर वो फ्रेश हुआ और माही के साथ सोनम भी आ गई और सबने साथ में ही खाना खाया। खाना खाने के बाद समर उपर जाकर सो गया तो राम्या माही को बोली
" भाभी हम शाम को ठीक साढ़े पांच बजे निकल जायेंगे आप उसी हिसाब से अपन काम खत्म कर लेना।
ये सुनकर माही बोली:" ठीक हैं राम्या मैं कोशिश करूंगी और आराम से काम खत्म हो जाएगा।
राम्या:" मैं भी आपके साथ चलती हूं ताकि आपकी कुछ मदद कर सकू।
माही स्माइल करती और और तीनो ब्यूटी पार्लर की तरफ चल पड़ी। घर में अब सिर्फ काम्या और समर बच गए थे। समर सो चुका था ये देखने के बाद काम्या ने भी सोने का विचार किया और सो गई क्योंकि आज शाम उसके लिए हसीन होने वाली थी।
जैसे जैसे टाइम निकलता जा रहा था राम्या की हालत खराब होती जा रही थी। तभी उसने एक प्लान किया जैसे ही सोनम सामान लेने के लिए गई तो उसने एक उधर इधर ध्यान से देखा और और सोनम की चेयर के बोल्ट ढीले कर दिए और दूसरी तरफ चली गई। सोनम जैसे ही वापिस अाई और सामान लगाने के लिए चेयर पर बैठी तो वो धड़ाम से नीचे गिर पड़ी और चिकना फर्श होने के कारण सामान से सज चुकी रैंक से जा टकराई जिससे एक के बाद एक चार पांच रैंक का सामान फर्श पर गिर पड़ा।
माही और राम्या दौड़ती हुई अाई और उसे उठाया ।
माही:" सोनम चोट तो नहीं लगी ?तुम ठीक तो हो ना
सोनम:' हान मैं ठीक हूं लेकिन सारा सामान फिर से बिखर गया।
माही:' सामान का कुछ नहीं ,फिर से लग जाएगा तुम ठीक हो ये खुशी की बात हैं।
माही कुछ सोचती हैं और फिर उदास नजरो से राम्या की तरफ देखती हुई बोली:"
" राम्या एक काम करना तुम समर के साथ चली जाना, मुझे अब टाइम लगा जाएगा क्योंकि फिर से सबकुछ सजाना होगा।
राम्या मन ही मन में खुशी से झूमती हुई:"
" हम फिर से कोशिश करते हैं और अगर सामान सेट हो गया तो आप मेरे साथ चल पड़ना।
राम्या जानती थी कि अब समान नहीं लग पाएगा इसलिए वो फुली नहीं समा रही थी।
पांच बजने वाले थे और आधे से ज्यादा काम अभी पड़ा हुआ था। इसलिए वो सब चाय पीने के लिए घर की तरफ चल पड़े। माही ने समर को उठाया और उसे कहा कि वो राम्या के साथ नहीं जा पाएगी इसलिए वो तैयार हो जाए तो समर उदास हो गया क्योंकि वो तो आज कम्मो की गांड़ मारने का प्लान कर चुका था।
राम्या भी बाथरूम में घुस गई और अच्छे से रगड़ रगड़ कर अपने आपको साफ किया। उसके होंठ अपने भाई को याद करके फड़क रहे थे, मानो फिर से चूसे जाने के लिए बेताब हो । राम्या स्माइल करती हैं और एक उंगली अपने होंठो पर फेरती हुई सोचती हैं बस थोड़ी देर और फिर देखना मेरा भाई आज तुम्हरा सारा रस निचोड़ देगा ।
वो अपने कमरे में घुस गई और उसने एक बहुत ही खूबसूरत काले रंग की ड्रेस पहनी जो कंधो पर से बिल्कुल नंगी थी और पीछे कमर पर भी सिर्फ एक स्ट्रिप ही बंधी हुई थी और पूरी कमर नंगी थी। उसकी चूचियां आधे से ज्यादा बाहर झांक रही थी और निप्पल अपना उभार लिए साफ नजर आ रहे थे। उसके खुले हुए काले बाल उसके मुंह के दोनो और फैल कर उसकी सुन्दरता में चार चांद लगा रहे थे।
ड्रेस नीचे उसकी जांघो तक आ रही थी और उसकी केले के तने के माफिक चिकनी जांघें साफ नजर आ रही थी। राम्या ने आज नीचे ब्रा पेंटी नहीं पहनी हुई थी वो शीशे में देखते हुए आगे को झुकी तो उसकी ड्रेस खिसक कर उपर हो गई और उसकी चूत और गांड़ बिल्कुल नंगी हो गई । राम्या की आंखे जल उठी और उसने उंगली से अपनी चूत को सहलाया और फिर सीधी हो गई और एक लंबा कोट पहन कर अपनी सेक्सी ड्रेस को छुपा लिया और नीचे की तरफ चल पड़ी।
सभी लोग उसका ही इंतजार कर रहे थे। काम्या उसे देखकर खुश हो गई और काम्या से ज्यादा उसकी चूत और गांड़, लेकिन उस बेचारी को क्या पता था कि बाजी उलट चुकी थी।
काम्या:" बहुत प्यारी लग रही है मेरी गुड़िया, माही ध्यान रहे कि हमारी राम्या आज पहला इनाम जीतकर आनी चाहिए।
माही उदास मन लिए हुए:"