" आह राम्या, उफ्फ कितनी अच्छी हैं तू, हाय ऐसा मजा तो माही ने आज तक नहीं दिया।
राम्या उसके दूसरे निप्पल पर बियर डालते हुए:"
" भाई, बहन जैसा मजा माही कहां दे पायेगी, आह मेरे भाई, मेरे यार !
राम्या ने उसकी दूसरी निप्पल को में में भर लिया और दांतो से काटने लगीं तो समर के हाथ राम्या के सिर पर अपने आप पहुंच गए और उसका सिर अपनी छाती पर दाबने लगे।
राम्या मजे से उसके निप्पल चूस रही थी, समर पूरी तरह से मदहोश हुआ अपने बहन की जीभ की रगड़ का आंनद उठा रहा था। राम्या के होंठ अब थोड़ा नीचे की तरफ बढ़ गए और उसका पेट चूमते हुए उसकी जांघो को चाटने लगे तो समर का लंड झटके मारते हुए बाहर निकल आने का प्रयास करने लगा।
राम्या उसकी जांघो को चाट रही थी , चूम रही थी, हल्का हल्का काट रही थी, और समर पूरी तरह से अपनी बहन की काबू में था। राम्या आज उसे वो सुख दे रही थी जिसका उसे आज तक एहसास भी नहीं था। राम्या ने अपनी जीभ निकालते हुए अंडर वियर के उपर से ही लंड के उभार पर जीभ फेरी तो समर के मुंह से एक आह निकल पड़ी। राम्या ने दांतो से उसके अंडर वियर को पकड़ा और नीचे की तरफ सरका दिया तो लंड तेजी से उछलता हुआ बाहर की तरफ आया और सीधे राम्या के माथे पर लगा मानो अपना गुस्सा ज़ाहिर कर रहा हो कि पहले क्यों नहीं निकाला मुझे बाहर !!
राम्या को लगा जैसे उसके माथे पर कोई लोहे को छड़ आकर लगी हो उसे हल्का सा दर्द हुआ लेकिन उसने बर्दाश्त करते हुए लंड को ध्यान से देखा। उफ्फ है भगवान कितना तगड़ा है ये , उसने लंड को दोनो हाथों की मुट्ठियों में भर लिया लेकिन फिर भी कम से कम चार इंच लंड बाहर था, और मोटा इतना था मानो दो खीरे एक साथ जोड़ दिए गए हो , हाय मा खाली सुपाड़ा ही कम से कम दो इंच का होगा।। लंड गांठो वाली जगह पर से कुछ ज्यादा ही मोटा था । लंड की लंबाई मोटाई को अच्छे से महसूस करके राम्या को पसीना अा गया और उसे आज महसूस हुआ कि माही क्यों इसे लोला बोलती हैं।
राम्या ने धड़कते दिल के साथ लोले को हाथो से जोर से दबाया लेकिन वो इतना ठोस हो गया था कि टस से मस नहीं हुआ तो राम्या ने धड़कते दिल के साथ अपने होंठ लंड के सुपाड़े पर रख दिए और चाट लिया तो समर के जिस्म ने एक झटका सा खाया और उसने राम्या के बालो को सहलाना शुरू कर दिया। राम्या ने हिम्मत करके अपना मुंह खोला तो सुपाड़ा आधा उसके मुंह में चला गया। राम्या ने थोड़ा सा मुंह और खोला तो पूरा सुपाड़ा अंदर चला गया और राम्या ने सुपाड़ा चूसना शुरू कर दिया
। समर तो मस्ती से भर उठा, उसके जिस्म में आनंद की लहरे दौड़ने लगी और और उसे लगा कि उसके लंड में उबाल अा रहा हैं तो उसने जोर से राम्या का सिर लंड पर दबा दिया जिससे करीब आधा लंड राम्या के मुंह को चोदते हुए अंदर घुस गया और इसके साथ ही समर के लंड ने अपने रस की बौछारें अपनी बहन के मुंह में कर दी और राम्या की चूत में एक उंगली घुसा दी तो सुबह से जल रही राम्या की चूत ने भी अपना रस बहा दिया और उसने अपनी जांघो को भींचते हुए समर की उंगली को कस लिया।
राम्या को दर्द तो हुआ लेकिन वो बर्दाश्त कर गई और अपने भाई के रस को पीती चली गई। जैसे ही वीर्य की बौछार बंद हुई तो राम्या आपके भाई के सीने पर गिर पड़ी। समर को हैरानी हो रही थी कि आज तक उसका इतनी जल्दी कभी नहीं निकला, उफ्फ बहन के होंठो का एहसास ही अलग था, कितने कामुक तरह से उसने मेरे निप्पल चूसे, उफ्फ कैसे लंड चाट रही थी।
दोनो भाई बहन एक दूसरे से लिपटे हुए पड़े थे। दोनो का रस एक एक बार निकल चुका था इसलिए सुकून के कुछ पल एक दूसरे की बाहों में महसूस कर रहे थे।
थोड़ी देर के बाद समर ने अपनी बांहे राम्या की कमर पर कस दी तो राम्या ने आंखे खोल कर अपने भाई की तरह देखते हुए अपनी आंखे उसकी आंखे से मिला दी और थोड़ा सा झुकते हुए उसके गाल को चूम लिया।
समर ने एक पलटा देकर राम्या को नीचे कर दिया और खुद इसके उपर चढ़ गया। राम्या ने खुशी के मारे अपने भाई को पूरी तरह से कस लिया। समर पूरी तरह से नंगा हो चुका था इसलिए उसका लंड अपने आप पेंटी के ऊपर से राम्या की चूत पर अड गया। राम्या ने समर की आंख में देखते हुए कहा:"
" आह भाई, मुझे प्यार कर, बहुत प्यार चाहिए तुम्हारी गुड़िया को!!
समर ने अपने होंठ राम्या के गाल पर रख दिए और चूसने लगा। उसके दोनो गालों को जी भर कर चूसने के बाद समर ने राम्या की कान की लौ को जीभ से चाटना शुरू किया तो राम्या का जिस्म लहराने लगा और उसकी आंखे मस्ती से बंद हो गई। समर ने आगे बढ़कर अपने होंठो को राम्या के होंठो पर रख दिया और चूसने लगा। दोनो भाई बहन एक दूसरे के होठों को चूसने लगे, उफ्फ राम्या ने अपनी जीभ अपने भाई के मुंह में घुसा दी और दोनो एक दूसरे की जीभ चूसने लगे। राम्या की चूचियां ब्रा के ऊपर से ही समर में घुसा जा रही थी जबकि लंड ने फिर से अपना सिर उठाना शुरू कर दिया जिसे राम्या ने एक हाथ नीचे ले जाकर पकड़ किया और सहलाने लगी।
सांस लेने के लिए दोनो के होंठ अलग हुए और फिर से जुड़ गए, दोनो एक दूसरे के होठों को इस तरह चूस रहे थे मानो खा जाना चाहते हो। होंठो को जी भर कर चूसने के बाद समर ने अपने जीभ अपनी बहन की गर्दन पर फिरानी शुरू कर दी तो राम्या के मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगीं। गर्दन पर समर की खुरदरी जीभ उस स्वर्ग की सैर करा रही थी। उसने जोश में आकर लंड को तोड़ना मरोड़ना शुरु कर दिया तो लंड को एक के एक झटके लगने लगे और एक पूरी तरह से खड़ा होता चला गया और राम्या के हाथ से बाहर निकल गया।
समर ने अपने दांत राम्या के कंधे में गड़ा दिए और हल्का हल्का काटने लगा तो राम्या ने समर को पूरी ताकत से कस लिया। समर ने उसके बाद थोड़ा नीचे आते ही पहली बार आज ध्यान से अपनी बहन की ब्रा में बंद चूचियों को देखा जो उपर नीचे हो रही थी और बड़ी मुश्किल से ब्रा में समा रही थी। समर ने अपनी जीभ आगे बढ़ा कर चूची के उभार को चूम लिया तो राम्या सिसक उठी। समर ने दोनो हाथो में उसकी चुचियों को भर लिया और हल्का हल्का दाबने लगा तो राम्या को अपनी चूचियों में मीठा मीठा दर्द महसूस होने लगा और उसने फिर से अपने भाई के लंड को पेंटी के उपर से ही अपनी चूत पर लगा दिया और अपनी चूत लंड पर रगड़ने लगी। चूत से निकले रस से पेंटी भीग कर चिपचिपा गई थी जिससे लंड कि रगड़ ज्यादा कामुक एहसास दे रही थी।
समर ने होश में आते हुए राम्या की ब्रा के हुक को खोल दिया तो उसकी चूचियां आजाद होते हुए बाहर को छलक पड़ी
। समर ने जी भर कर उन्हें देखा। एक दम गोल गोल, बिल्कुल बर्फ के नीचे की तरह सफ़ेद और ठोस, बड़े कश्मीर सेब के आकार की, निप्पल एक दम छोटे छोटे और तने हुए जो समर को ललचाई नजरों से देख रहे थे। समर ने दोनो हाथो में दोनो चूचियों को भर दिया। उफ्फ दम उसके बड़े बड़े हाथ के आकार की चूचिया मानो भगवान ने समर के हाथो का नाप लेकर सिर्फ उसके लिए ये चूचियां बनाई हो। समर ने राम्या की चुचियों को हल्का हल्का सहलाना शुरू कर दिया और राम्या पूरी तरह से मदहोश हो गई और अपनी गांड़ उठा उठा कर चूत लंड पर रगड़ने लगीं।समर उसकी चूचियों को दबाने लगा तो अभिमानी चूचियां जितना दबती उससे कहीं ज्यादा बाहर की तरफ उछलती जिससे समर का धैर्य जवाब दे गया और उसने चूचियों को सबक सिखाने के लिए पूरी ताकत से दबाना चालू कर दिया तो राम्या के मुंह से दर्द और मस्ती भरी मिली जुली सिसकियां निकलने लगी।
" आह भाई, थोड़ा प्यार से दबा, उफ्फ मा दर्द होता है, हाय री
समर राम्या की सिसकी सुनकर जोश में अा गया और अपने लंड को उसकी चूत पर पूरी लंबाई में रगड़ने लगा और चुचियों को भींचने लगा मानो सपाट कर देना चाहता हो। राम्या कभी सिसक रही थी, मचल रही थी, उछल रही थी। समर ने अपनी बहन की एक चूची को जीभ निकाल कर चाट लिया तो राम्या कस कर अपने भाई से लिपट गई और उसका सिर अपनी चूची पर झुका दिया तो समर में उसकी बेताबी को समझते हुए जीभ निकाल कर निप्पल को चाटने लगा तो राम्या के जिस्म में चीटियां सी रेंगने लगी और वो अपने भाई के सिर को पूरी ताकत से अपनी चूंची पर दबाने लगी।
समर उसके निप्पल को होंठो से चूस रहा है, जीभ से सहला रहा तो बीच बीच में दांतो से हल्का हल्का काट रहा था। समर राम्या का कर्ज सूद समेत उतार रहा था। दूसरी चूची अभी भी समर के हाथो में थी और दब रही थी। समर ने राम्या की एक चूची को मुंह में भर लिया तो राम्या के मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगी।
" आह भाई, उफ्फ हाय, ऐसे ही चूस, खा जा आज, उफ्फ भाई पी जा सारा दूध तुझे ताकत मिलेगी।
समर किसी छोटे बच्चे की तरह उसकी चूची को जोर जोर से चूसने लगा तो राम्या की सिसकियां पूरे कमरे में गूंजने लगी जिन्हे सुनने वाला दूर दूर तक कोई नहीं था।
राम्या ने अपनी दूसरी चूची को समर के मुंह की तरफ बढ़ा दिया और बोली:
" आह भाई, इसे भी चूस, इसे भी प्यार चाहिए, आह मा री, उफ्फ ये मजा
समर ने जोश में आते हुए दोनो चूची के निप्पल को एक साथ मिलाया और दोनो को मुंह में भर लिया तो राम्या का सब्र जवाब दे गया और उसने अपने मुंह से ढेर सारा थूक लंड पर लगा दिया और नीचे से पेंटी सहित अपनी चूत लंड पर उछाल दी तो लंड फिसल गया और राम्या के मुंह से एक आह निकल पड़ी। उसने फिर से लंड को पकड़ा और हाथ से अपनी चूत के छेद पर टिका कर रखते हुए नीचे से फिर से धक्का लगाया तो समर उसकी चूचियों को पूरा मुंह में भरने के लिए आगे को झुका जिससे लंड चूत के मुंह पर हल्का सा दबाव डालकर रह गया।
राम्या तड़प उठी ,उसकी चूत जल रही थी, उसे कुछ भी करके लंड अपनी अपनी चूत में चाहिए था। वो अपने भाई के नीचे पड़ी हुईं आंहें भर रही थी जबकि समर मस्ती से उसकी चूची चूस रहा था। समर जी भर कर उसकी चूचियां को चूसने के बाद थोड़ा सा नीचे को आया और देखा कि उसकी पेंटी पूरी तरह से रस से भीग चुकी है। समर ने सीधे अपने होंठ राम्या की चूत पर पेंटी के उपर ही रख दिए और चूम लिया।
राम्या के मुंह से मस्ती भरी सिसकारियां निकल पड़ी।
" आह भाई, उफ्फ जल रही हूं मैं, आह बर्दाश्त नहीं होता, चढ़ जा तू अपनी बहन पर।
और उसे अपने ऊपर खींचने लगी तो समर ने बहुत प्यार से उसकी चूत को मुट्ठी में भर लिया और उसकी जांघो को चाटने लगा। राम्या तो पागल सी हो उठी, उसने दोनो हाथो से समर के सिर को पकड़ लिया और अपनी चूत पर दबाने लगी । समर ने धीरे से उसकी पेंटी को एक तरफ सरका दिया और पहली बार अपनी बहन की चूत का दीदार किया।
। चूत के ठीक ऊपर " समर भाई" लिखा हुआ था जिसे देखकर समर को बहुत खुशी हुई और उसने राम्या की तरफ देखा तो राम्या ने उसकी तरफ मुस्कुरा दिया।समर में फिर से अपनी नजरे चूत पर टिका दी, उफ्फ राम्या की चूत एक दम कसी हुई, चूत के होंठ एक दम गुलाबी रंगत लिए हुए, बिल्कुल मुलायम और नाजुक, लाल रंग के होंठ जो रस से भीग जाने के कारण एक दूसरे से चिपके हुए, हल्का का रस बाहर की तरफ निकलता हुआ जो जांघो तक बह रहा था। समर उसकी जांघो को चूत के जोड़ तक चाटने लगा। उफ्फ राम्या की चूत खुशी के मारे अपना रस बहा रही थी। समर ने उसकी चूत के आस पास चाटना शुरू कर दिया तो राम्या उसके सिर को पकड़ कर अपनी चूत की तरफ खींचने लगी। लेकिन समर उसे पूरी तरह से तड़पा रहा था और जैसे ही उसके होंठ चूत के पास जाते तो अपना मुंह पीछे कर लेता। राम्या से बर्दाश्त नहीं हुआ और सिसकते हुए बोली;"..
" उफ्फ समर के बच्चे, क्यों तड़पा रहा है, हाय चूस ले ना अपनी बहन की चूत, देख कैस तड़प रही है तेरे लिए।
समर ने देखा कि राम्या की चूत के होंठ फूल पिचक रहे हैं और फड़फड़ा रहे हैं और हल्की हल्की गर्म गरम भाप सी निकल रही थी । राम्या ने अपनी चूत को हल्का सा खोल दिया तो चूत के अंदर गुलाबी रंग नजर आने लगा जिसे देखकर समर अपने होश खो बैठा और अपने प्यासे होंठो को सीधे अपनी बहन की जलती हुई चूत पर रख दिया।
चूत पर अपने भाई के होंठ पड़ते ही राम्या के मुंह से एक बहुत तेज मस्ती भरी आह निकल पड़ी।
" आह भाई मेरी चूत, उफ्फ हाय मेरी, गई मेरी चूत है भगवान ये कैसा एहसास हैं।
और इसके साथ ही राम्या की चूत ने एक बार फिर से रस की बौछारें अपने भाई के मुंह में कर दी। समर खुशी के साथ अपनी बहन के रस को पीता चला गया। जब तक चूत से रस टपकता रहा समर चूसता रहा, उसने एक भी बूंद को व्यर्थ नहीं जाने दिया।
जैसे ही रस टपकना बंद हुआ तो समर ने एक बार जीभ निकाल कर पूरी चूत को चाट लिया तो राम्या फिर से सिसक उठी और उसने मस्ती में आकर फिर से अपने भाई के लोले को पकड़ लिया तो अब पहले से ज्यादा अकड़ रहा था। समर ने राम्या को चूत के उपर जहां उसका नाम लिखा था चाटना शुरू कर दिया तो इस एहसास से राम्या के जिस्म में फिर से तरंगे उठने लगी और उसका जिस्म एक बार फिर से तपने लगा। राम्या के खुद ही अपनी एक चूची को मुंह में भर लिया और चूसने लगीं। दुसरे हाथ से उसने समर के सिर को अपनी चूत पर दबाना शुरू किया तो समर ने उसकी चूत को जीभ निकाल कर चाटना शुरू कर दिया । वो चूत पर उपर से नीचे जीभ फिरा रहा था और राम्या फिर से तड़पने लगी। समर ने राम्या की चूत को हल्का सा खोल कर अपनी जीभ को अंदर घुसा दिया तो राम्या के मुंह से चूची अपने आप बाहर निकल गई और मस्ती भरी सिसकारियां निकलने लगी।
" आह भाई, मेरी जान, ऐसे ही चूस, घुसा घुसा कर चूस, हाय मेरे भाई कितना अच्छा है तू।
समर जीभ से उसकी चूत की दीवारों को चाटने लगा तो राम्या की सिसकियां बढ़ने लगी और जो कमरे से बाहर तक निकल रही थीं ।राम्या जानती थी कि घर में कोई नहीं हैं इसलिए वो जी भरकर सिसक रही थी। उसने लंड को बुरी नजर से मसलना शुरू कर दिया। समर ने अगली चाल चलते हुए जीभ के साथ साथ एक उंगली भी राम्या की चूत में घुसा दी तड़प जल बिन मछली की तरह तड़पने लगी।
" आह भाई, बस कर, उफ्फ हाय मा, चढ़ मेरे उपर, उफ्फ मार जाऊंगी नहीं तो !!
राम्या से बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने पूरी ताकत से समर को अपने उपर खीच लिया तो समर उसके उपर छाता चला गया। समर ने लंड को चूत पर रगड़ना शुरू किया तो राम्या और ज्यादा तड़पने लगी, लंड का सुपाड़ा चूत के होंठो पर दबाव डालता और फिर से हट जाता, राम्या अपने भाई के भारी भरकम जिस्म के नीचे पड़ी हुई थी और नीचे से अपनी चूत लंड पर रगड़ रही थी।
राम्या ने अपना हाथ नीचे लाकर लंड के सुपाड़े को चूत के छेद पर टिका दिया तो लंड के मोटे तगड़े सुपाड़े के नीचे चूत छुप सी गई।राम्या की धड़कने आगे वाले पल को महसूस करके बढ़ने लगी और उसने अपने भाई की तरफ देखते हुए उसे लंड घुसाने का इशारा कर दिया तो समर लंड के सुपाड़े को चूत के छेद पर रगड़कर गीला करने लगा
। राम्या से लंड की रगड़ बर्दाश्त नहीं हुई और सिसक उठी और बोली:"
" आह भाई, घुसा दे लोला अपनी बहन की चूत में, उफ्फ मार ले मेरी चूत हाय, मत तड़पा अब।हाय मा जल रही है।
समर ने लंड का हल्का सा धक्का चूत पर लगाया तो वो फिसल गया और उपर जा लगा, दोनो एक साथ तड़प उठे। लंड सूखा हुआ ये देखकर समर ने अपने मुंह से ढेर सारा थूक निकाल कर लंड पर लगा दिया और अपनी बहन की चूत में घुसने लायक बना दिया। राम्या भी कहां पीछे रहने वाली थी, उसने भी अपनी चूत पर ढेर सारा थूक लगाया। राम्या ने खुद अपने हाथ से पकड़ कर लंड को चूत के मुंह पर टिका दिया और समर की तरफ देखते हुए अपने होंठो पर जीभ फिराकर उसे लंड घुसाने का इशारा किया।
समर ने भी जोश में आते हुए लंड का एक तेज धक्का अपनी बहन की चूत में लगा दिया तो लंड का सुपाड़ा दबाव डालते हुए पूरा अंदर घुस गया। राम्या को एक दर्द का एहसास हुआ और उसकी चूत के होठ लंड के चारों ओर कस गए।
" आह भाई, घुस गया, उफ्फ कितना मोटा हैं मेरा लोला, हाय मा मेरी चूत तो फट जायेगी आज।
समर की सिसकियां सुनकर समर ने जोश में आते हुए उसकी एक चूची को मुंह में भर लिया और फिर से एक तगड़ा धक्का अपनी बहन की चूत में जड़ दिया तो लंड दो इंच और सरक गया और राम्या दर्द से कराह उठी और उसने अपने दोनो हाथ उसकी कमर पर लपेट दिए। राम्या की चूत बहुत कसी हुई थी जिसमें समर का लंड पुरी तरह से फस गया था।राम्या ने अपने दांतो को भींचते हुए समर को इशारा किया तो समर ने एक और तगड़ा धक्का लगाया तो लंड की पहली गांठ चूत को फाड़ते हुए अंदर घुस गई।
" आह मा, मर गई, फट गई मेरी चूत, निकाल ले लंड, एसआईआईआई मुझे नहीं चुदना, आह उफ्फ हाय मा री।
राम्या समर के नीचे से निकलने की कोशिश करने लगी तो समर ने पूरी ताकत से उसे कस लिया और उसकी चूचियां चूसने लगा। चूत से खून निकल रहा था जो बेड शीट को लाल कर चुका था। चूत के होंठ फटकर लंड के चारों ओर कस गए थे मानो लंड का ही कोई हिस्सा हो। धीरे धीरे राम्या का दर्द कम हुआ तो उसने इशारे से बताया कि अब दर्द कम हैं तो समर ने उतने लंड से हल्के हल्के धक्के लगाने शुरू कर दिए तो राम्या को फिर से दर्द होने लगा, उसने फिर से ढेर सारा थूक निकाल कर लंड पर लगाया तो उसे हैरानी हुई क्योंकि अभी सबसे मोटी गांठ बाहर थी और करीब चार इंच लंड भी।
लंड फिर से पूरा चिकना हो चुका था और थूक टपक रहा था। राम्या ने आगे बढ़कर समर के होंठो को चूम लिया और बोली:
" आह भाई, पूरा घुसा दो, उफ्फ भर दो मेरी चूत जड़ तक , हाय मा उफ्फ मेरी चूत फट जायेगी
समर ने जोश में आते हुए राम्या की दोनो चूचियों की पकड़ लिया और लंड का एक तगड़ा धक्का अपनी बहन की चूत में जड़ दिया तो लंड चूत के बुरी तरह से फाड़ते हुए जड़ तक जा घुसा।