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Incest परिवार में सबके साथ धुंआधार चुदाई।

पार्ट-38

मैं बाथरूम जाने लगा तो दीदी ने मेरा हाथ पकड़ा और बोली चलो एक साथ नहाते है।

मम्मी- नही राज को भेज दे पहले, तू मुन्ने को नहला कर नहाना।

दीदी- ठीक है, पर राज के कपड़े तो मैं यही उतार कर भेजूंगी।

ये कहकर दीदी ने मेरी टी शर्ट उतार दी। फिर मेरी निक्कर उतार दी, जिसमे से मेरा 10 इंच का पूरा सीधा खड़ा दिखने लगा।

दीदी नीचे झुकी और मेरा लन्ड हाथ मे पकड़ कर देखने लगी। दीदी- वाह, मेरे भाई क्या मस्त लन्ड है तेरा, ये तो मेरी चुत फाड़ कर रख देगा। जब से तेरा भांजा हुआ है, तेरे जीजाजी ने मेरी चुत ने मारी, बस गाँड़ ही मारते है। अब से मैं तेरी पत्नी, तेरी रखैल, तेरी रण्डी हुँ, तू मेरी चुत भी मारना ओर गाँड़ भी। तेरी जीजाजी के सामने भी मैं तुझसे अपनी चुत गाँड़ मरवाऊंगी।

फिर दीदी ने देखा मम्मी भी मेरे लन्ड को घूर घूर कर देख रही है।

दीदी - मम्मी देख क्या रही हो? आप भी ले लेना ये लन्ड बहुत मज़ा आएगा।

मम्मी(मुस्कुराते हुए)- पागल, कुछ भी बोलती है।

फिर दीदी ने मेरे लन्ड पर किस किया और मुझे नहाने जाने को बोला। जब मैं जाने लगा तो बाथरूम के गेट के पास ही मम्मी अभी तक नंगी ही खड़ी थी, जिससे बाथरूम में घुसते टाइम मेरा लन्ड मम्मी की गाँड़ पर लगा, तो दीदी ने मुझे और मम्मी को स्टेच्यू कर दिया, मैं और मम्मी वैसे ही वहीं खड़े रहे। दीदी मेरे पास आई और मुझे पीछे से धक्का दे दिया जिस से मेरा लन्ड मम्मी की गाँड़ मे पूरा दब गया फिर दीदी ने मेरे हाथ पकड़ कर मम्मी को मोटी मोटी चूचियों पर रख दिया और खुद मेरे पीछे से चिपक कर मेरे हाथों से मम्मी की चुचियाँ दबाने लगी। क्या मस्त मोटी मोटी और इस उम्र में भी इतनी टाइट चुचियाँ है मम्मी की। मम्मी आँखे बन्द कर मजा लेने लगी, फिर दीदी ने मम्मी के निप्पल दबा दिए। मम्मी के मुह से आ आ आ आ ह ह ह ह निकल गयी, फिर दीदी ने अपना एक हाथ मम्मी की चुत पर रखा और एक उंगली मम्मी की चुत में डाल दी, और मैं पीछे से मम्मी के बूब्स दबाता हुआ मम्मी की गर्दन पर किस करने लगा। इतने में मम्मी के फ़ोन पर पापा का फ़ोन आया, तो मम्मी हमसे दूर हो गई, ओर पापा को फ़ोन पर बोली की 10 मिनट में तैयार हो कर आती हुँ।

मम्मी अपने कपड़े पहनने लगी, और मुझे भी जल्दी से नहाने का बोला, तो मैं बाथरूम में नहाने चला गया। 10 मिनट में मैं नहा कर नंगा ही बाहर आया तो मम्मी ने कपड़े पहन लिए थे। मम्मी ने एक टाइट सूट पहन हुआ था, जिसमे वो पटाखा लग रही थी, मम्मी के सूट का गला बहुत बड़ा था, जिसमे से मम्मी के बूब्स की लाइन पूरी दिख रही थी, जिसे देखते ही मेरे लन्ड रॉड की तरह हो गया। मेरा लन्ड देख कर दीदी बोली मम्मी देख लो आपकी चुचियाँ देख राज का हाल। मम्मी मेरा लन्ड देख मुस्कुराने लगी। फिर मैं भी पाने कपड़े पहनने लगा, कपड़े पहन कर मैं भी तैयार हो गया। मैं और मम्मी तैयार हो कर रूम से निकल गए लता मौसी के रूम की तरफ। मम्मी ने दीदी को भी जल्दी नहाने को बोला।

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पार्ट-39

मैं और मम्मी जब लता मौसी के रूम की तरफ जा रहे थे तो हेमा मौसी, नाविका भाभी और अनमोल दीदी भी निकले अपने रूम से और हमारे साथ चलने लगे। मैं उन औरतों के पीछे चलने लगा और सबकी मोटी गाँड़ देखने लगा।

फिर हम लता मौसी के रूम पर पहुँचे, तो वहाँ सब आज चंडीगढ़ रुकने का कह रहे थे लता मौसी को तो लता मौसी मान गयी, पर इस शर्त पर की आज का दिन सभी कपल्स साथ मे रहेंगे। अगर मर्दों ने दिन में अपनी दारू पार्टी करनी है तो वो भी अपनी बीवियों के साथ करें, रात को सबकी अपनी मर्जी है, जो जैसे चाहे करे। सब मान गए। मैंने देखा की टीना दीदी और देव नही आये। मैंने हेमा मौसी से पूछा उन दोनों का तो मौसी ने कहा कि वो रूम पर है।

सबने पहले सुकना लेक पर जाने का प्रोग्राम बनाया, पर सुदीप जीजाजी, सोना दीदी, मोना दीदी, गौरव जीजाजी, व्योम भैया, हिमांशी भाभी, अनिल भैया और सपना भाभी ने मना कर दिया। फिर ये तय हुआ कि जो जाना चाहे वो चले। तो बाकियों से पूछा तो मेरी दीदी दीपिका और विकास जीजाजी, दीपक भैया और नाविका भाभी, प्राची दीदी सुमित जीजाजी, ग़ज़ल दीदी अंकित जीजाजी ने भी मना कर दिया। इन सबके बच्चे अपने नाना नानी, दादा दादी के साथ लेक पर जाने को तैयार थे।

टीना दीदी और देव की तबियत ठीक नही है कह कर उन्होंने ने भी मना कर दिया। मैंने सोचा कि मैं भी क्या करूँगा जा कर, यहाँ ही दीपिका दीदी, टीना दीदी या देव किसी की तो गाँड़ मारूँगा, तो मैंने भी मना कर दिया।

बाकी सब लेक पर जाने के लिए निकल गए और हम जो नही गए वो रह गए थे।

सुदीप जीजाजी, सोना दीदी, मोना दीदी, गौरव जीजाजी, व्योम भैया, हिमांशी भाभी, अनिल भैया और सपना भाभी ये सब एक कमरे में घुस गए।

दीपिका दीदी, विकास जीजाजी, दीपक भैया और नाविका भाभी, ये चारों एक कमरे में घुस गए।

प्राची दीदी, सुमित जीजाजी, ग़ज़ल दीदी, अंकित जीजाजी एक कमरे में घुस गए।

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पार्ट- 40

मैंने सोचा अब मैं क्या करूँ, तो मैं टीना दीदी और देव के पास गया। मैं जाते ही टीना दीदी जो बेड पर लेटी हुई थी, उसके ऊपर चढ़ गया, दीदी मुझे अपने से हटाने लगी।

टीना दीदी- राज, छोड़ दे मुझे मेरी पूरे शरीर मे दर्द हो रहा है। अब 2 दिन मैं कुछ नही करूंगी। देख मेरे बूब्स भी तूने लाल कर दिए और चुत भी सूजा दी।

प्लीज मेरे भाई, अपनी बहन पर तरस खा।

राज- ठीक है दीदी, मेरा लन्ड ही चूस लो।

टीना दीदी- नही भाई, मेरी सच मे कुछ करने की हिम्मत नही है।

राज- ठीक है।

फिर मैंने देव को कहा।

राज- देव, तू ही चूस ले मेरा लन्ड।

देव - नही

राज(हँसते हुए)- चल गाँड़ ही मरवा ले।

देव(गाली देते हुए)- बहनचोद, अब मेरी गाँड़ का नाम भी लिया तो तेरी गाँड़ फाड़ दूंगा, साले अपनी बहन की गाँड़ मार।

फिर मैंने सोचा साला रुकना बेकार हो गया, इस से अच्छा तो लेक पर ही चला जाता। मैं रूम से बाहर निकल गया और सुदीप जीजाजी वाले रूम की साइड गया तो वहां रूम से चुदाई की आवाजे आ रही थी, मैंने की होल से अंदर देखा तो सुदीप अनिल भैया सोना दीदी को, सुदीप जीजाजी सपना भाभी को, व्योम भैया मोना दीदी को और गौरव जीजाजी हिमांशी भाभी को चोद रहे थे। इस सभी ने बहुत दारू पी हुई थी।

फिर मैं वहां से प्राची दीदी और ग़ज़ल दीदी वाले रूम में गया तो वो भी अपने पति आपस में बदल कर चुदाई लर रही थी, ये दोनों तो पहले भी बहुत बार अपने पति बदल कर चुदाई कर चुकी थी।

फिर मैं दीपिका दीदी के रूम वाली साइड गया, और उनके की होल से देखा कि दीपिका दीदी, जीजाजी, दीपक भैया, नविका भाभी चारो बिल्कुल लगे बैठे दारू पी रहे है। मैंने देखा दीदी की बड़ी गाँड़ क्या कमाल लग रही थी, नविका भाभी भी कुछ कम नही है, उनकी गाँड़ भी बहुत मस्त गोरी थी। फिर नाविका भाभी और दीपिका दीदी दोनो खड़ी हुई, और टी वी पर अपना चौधरी के गानो पर डांस करने लगी। फिर दोनों एक दम से पलटी ओर सपना चौधरी की तरह गाँड़ हिलाने लगी।

दीपिका दीदी की गाँड़ तो पूरी राइट लेफ्ट हिल रही थी, उनकी गाँड़ का छेद भी पूरा खुला हुआ दिख रहा था। नविका भाभी की गाँड़ भी मस्त हिल रही थी, फिर जीजाजी और दीपक भैया खड़े हुए तो जीजाजी का लन्ड करीब 8 इंच और भैया के 6 इंच रॉड की तरह खड़े थे। भैया दीदी के पास गया, औऱ नीचे बैठ कर दीदी की चुत चाटने लगे। जीजाजी ने नाविका भाभी को उठा कर बेड पर पटक दिया, और उनके ऊपर चढ़ गए। ये सब देख मेरा दिमाग खराब हो रहा था।

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पार्ट- 41

मैं टीना दीदी के रूम में गया, ओर जाते ही नंगा हो गया।

फिर मैंने टीना दीदी को नंगा कर दिया और उस के ऊपर चढ़ गया। टीना दीदी चिल्लाने लगी- छोड़ दे मुझे।

पर मैं नही माना और अपना लन्ड उसकी चुत में घुसा दिया और धक्के मारने लगा। टीना दीदी रोने लगी पर मैं उसको चोदता रहा। आधा घंटा चोदने के बाद मैं उसकी चुत में ही झड़ गया।

वो रो रही थी, पर मुझसे नाराज नही थी। उसको और देव को बहुत दर्द हो रहा था, तो मैने उनसे बोला कि 2-2 पेग मार लो, दर्द कम हो जाएगा। वो दोनों मान गए, तो मैने दारु की बोतल, पानी और चखना मंगवा लिया रूम में।

हम तीनों दारू पीने लगे। उन दोनों के दो पेग हुए थे, मैं चार पेग मारा गया तब तक। फिर वो दोनों 1 पेग ओर मार कर सो गए। उनके सोने के बाद मैं दीपिका दीदी के रूम के पास गया और की होल से देखा कि जीजाजी नाविका भाभी को चोद रहे है, और दीदी दीपक भैया का लन्ड चूस कर खड़ा करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि भैया उनको चोदने से पहले ही झड़ गए थे। दीदी 15 मिनट लन्ड चुसती रही, भैया का लन्ड खड़ा नही हो रहा था। तो दीदी निराश होकर साइड में बैठ गई।

दीपिका दीदी- साले भड़वे, तेरे लन्ड में दम नही है क्या।

तभी मेरे फ़ोन की रिंग बजी, मैंने देखा लता मौसी का फ़ोन था।

मैंने फ़ोन उठाया।

राज- हेलो

लता मौसी- बेटा कहाँ है तू।

राज- होटल में।

मौसी- ठीक है, तैयार हो कर होटल के नीचे आ जा, मैं आधे घंटे में आ रही हूँ। कोई जरूरी काम हो गया मुझे, तू चल मेरे साथ।

राज- ठीक है मौसी।

मैं सोचते हुए टीना दीदी के रूम की तरफ गया- साला आज तो मूड की माँ ही चुद गयी, न चुत मिली ढंग से न गाँड़ मिली, अब ये बूढ़ी दारू भी नही पीने देगी ढंग से।

रूम में पहुंचते ही मैं सबसे पहले दारू जो पड़ी थी, 4 पेग थे, वो पी गया 2 डबल पेग बना कर। फिर वेटर को बुला कर रूम साफ करवा दिया।

टीना दीदी और देव सो रहे थे, फिर मैं अपने रूम में गया, और तैयार होकर होटल के गेट पर चला गया और थोड़ा साइड होकर जिस से मैं किसी को न दिखूं सिगरेट पीने लगा। 10 मिनट बाद लता मौसी ऑटो में पहुंच गई, और में उनके साथ ऑटो में बैठ गया।

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पार्ट- 42

ऑटो में बैठते ही मैंने मौसी से बात की।

राज- मौसी हम कहाँ जा रहे है?

लता मौसी- बेटा, मेरी एक सहेली आशा नागपाल के पति को हार्ट अटैक आया है, उसकी तबियत बहुत खराब है, वो यही चंडीगढ़ में रहती है। वो अपने पति को पी. जी.आई लेकर गयी है, हम वहीं जा रहे है।

राज- ठीक है मौसी।

ऑटो अपनी स्पीड से जा रहा था और मैं मौसी के साथ बैठा था, इतने में मौसी ने ऑटो वाले को एक औरत की तरफ इशारा करते हुए कहा कि वहाँ रोकना, उसको भी लेना है।

ऑटो वाले ने उस औरत के पास ऑटो रोका, तो मौसी ने उसको आवाज़ लगाकर ऑटो में बैठने को कहा और वो भी ऑटो में मेरे साथ आकर बैठ गईं, क्योंकि मौसी दूसरी ओर थी इसलिए अब मैं बीच मे था दोनो के।

वो औरत भी मौसी की सहेली है, और वो पी.जी.आई में डॉक्टर थी, पर अब वो भी मौसी की तरह रिटायर्ड है। उसका नाम डॉ. हेमलता सोलंकी है, उसकी पी जी आई में बहुत अच्छी जान पहचान है, इसलिए मौसी ने उसे भी साथ ले लिया और वो मौसी की सहेली आशा की भी सहेली है।

डॉ हेमलता की हाइट लगभग 5.6 है। उनके बूब्स 38 d है, उनकी गाँड़ भी बड़ी है, वो 62 साल की थी, पर लगती पूरी जवान थी, उसने जीन्स शर्ट पहनी हुई थी, जिसमे जीन्स में उसकी गाँड़ बहुत मस्त लग रही थी और शर्ट में उनके बूब्स भी बहुत बड़े लग रहे थे।

अब मैं दो दो मस्त सेक्सी बुढियों के बीच बैठा था। और मैं दोनो के बीच एक तरह से दबा हुआ था। ऊपर से मेरे दारू पी हुई थी, उसका सुरूर भी पूरा बना हुआ था। मैं बस दोनो के सेक्सी जिस्मों से चिपक कर बैठा था, और मेरा लन्ड खड़ा हो गया था।

डॉ हेमलता- आज मेरा ड्राइवर नही आया, वो अपने गाँव गया हुआ है और मुझे गाड़ी चलानी नही आती। अब ड्राइवर को कॉल किया है, कल तक आ जायेगा।

मौसी- कोई बात नही।

डॉ हेमलता- लता, आशा से तेरी कोई बात हुई क्या?

मौसी- हाँ हेमलता, वो बहुत घबराई हुई है। उसके बच्चे भी अमेरिका में है, तो उसे अब हमारी जरूरत है।

डॉ हेमलता- मैंने पी जी आई में फ़ोन कर दिया, की वो मेरी फ्रेंड है, आप जल्दी से उसका इलाज शुरू करो, मैं भी आ रही हु।

मौसी- थैंक्स, मेरे कहने पर तू आयी।

डॉ हेमलता(मौसी का हाथ पकड़ते हुए)- दोस्त दोस्त के काम नही आएगा तो कौन आएगा।

उन दोनों का हाथ मेरी गोद में था। जिस से मेरा खड़ा लन्ड डॉ हेमलता के हाथ पर टच हुआ, मैं नशे में था तो मैने अपना लन्ड थोड़ा उनके हाथ की तरफ बढ़ा दिया, तो उसने मुझे गुस्से से घूरा।

डॉ हेमलता(धीरे से)- लता, ये लड़का कौन है?

मौसी- ये मेरा भांजा है राज।

राज- नमस्ते आँटी।

मौसी मुझे घूरने लगी और इशारा किया कि पैर छुओ।

मैं पैर छूने के लिए झुका तो मेरा लन्ड उनके हाथ पर गया। मैं पैर छूकर ऊपर हुआ तो डॉ आँटी ने मुझे अपने गले लगा लिया। जिस से मेरा मुँह सीधा उनके मोटे बूब्स पर जा लगा।

डॉ आँटी(मुझे खुद के साथ पूरा दबाते हुए)- कितना संस्कारी लड़का है।

उनके बूब्स पर मेरे मुँह पूरा दब गया, क्या गज़ब के बूब्स है डॉ आँटी के, मेरा लन्ड पूरा रॉड की तरह हो गया।

फिर 2 मिनट बाद हम पी जी आई पहुंच गए।

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पार्ट- 43

फिर 2 मिनट बाद हम पी जी आई पहुंच गए, तो उन्होने मुझे खुद से अलग किया और नीचे उतरने लगी, तो पीछे से मैंने उनकी गाँड़ देखी। उनकी गाँड़ जीन्स में क्या मस्त लग रही थी, बिल्कुल दीपिका दीदी की गाँड़ की तरह। फिर मैं भी नीचे उतरा और ऑटो वाले को पैसे देने लगा। इतने में मौसी भी नीचे उतर गयी। मौसी और डॉ आँटी दोनो तेजी से चलते हुए हॉस्पिटल के अंदर जाने लगी, मैं उनके पीछे चलने लगा। पीछे से मैं डॉ आँटी की गाँड़ देख रहा था, क्या मस्त गाँड़ हिल रही थी डॉ आँटी की, फिर हम आपरेशन थिएटर के बाहर पहुंचे तो वहाँ आशा आँटी बाहर बैठी रो रही थी। अंकल का आपरेशन हो रहा था, उनके स्टंट डल रहे थे। तो डॉ आँटी फटाफट चेंज कर वो डॉ के आपरेशन वाले कपड़े पहन कर आपरेशन थिएटर में चली गयी। मौसी आशा आँटी के गले लग उनको दिलासा दे रही थी, की सब सही हो जाएगा। मैं भी वही एक बेंच पर बैठ गया और उनको देखने लगा। आशा आँटी आपरेशन थिएटर के गेट में से अंदर देखने के लिए खड़ी हुई तो मैंने देखा कि आशा आँटी की हाइट करीब 5.11 इंच, एवरेज बॉडी, ना ज्यादा मोटी न पतली पर आशा आँटी के बूब्स सबसे कमाल के है, उनके बूब्स 40 ff है, जो उनको देखो तो अलग ही दिखते है दूर से। जिन भाई, बहनो, मम्मियों और मेरी प्यारी रंडियो को ब्रा साइज का पता है, वो खुद ही सोच लो कि 40 ff में बूब्स कितने बड़े होते है। हमारे दो सिर से भी बड़ा एक बूब्स ओर बहुत भारी भी। जब वो खड़ी गेट से अंदर देख रही थी तो मैं उनके बूब्स घूर रहा था, तो मैंने ध्यान से देखा तो पता चली की उन्होंने नीचे ब्रा नही पहनी हुई, शायद जल्दी में नही पहनी होगी। उनके बूब्स नीचे झुके हुए थे क्योंकि बहुत भारी बूब्स है उनके और उनके निप्पल उभरे हुए सूट में से दिख रहे थे। उनका एक निप्पल करीब 5 इंच बड़ा और 2 इंच उभरा दिख रहा था। इतने बड़े बूब्स तो मैंने सिर्फ ब्लू फिल्म में ही देखे थे। मैं उनके बूब्स देखता रहा। करीब 1 घंटे बाद आपरेशन करके डॉक्टर्स बाहर आये और उन्होंने कहा अब आपके पति सेफ है। फिर वो रोना बन्द कर चुप हुई और डॉ आँटी ने उन्हें मौसी और मुझे कैंटीन की तरफ चलने को कहा, की चलो चल कर चाय पीते है। आशा आँटी बोली कि पहले मैं अपने पति को देख लू आप चलो मैं आती हुँ, मौसी ने कहा आप चलो मैं आशा के साथ आती हुँ। तो मैं और डॉ आँटी कैंटीन की तरफ गए, और वहाँ जाकर टेबल पर बैठ गए। डॉ आँटी मुझसे पूछने लगी।

डॉ आँटी- बेटा राज, तुम किस क्लास में पढ़ते हो।

राज- आँटी मैं 1st ईयर में हुँ।

डॉ आँटी- अच्छा, कॉलेज में हो, फिर तो कोई गर्लफ्रैंड भी होगी तुम्हारी।

राज- नही आँटी।

डॉ आँटी- क्यों बेटा, तुम इतने हैंडसम हो, कोई गर्लफ़्रेंड नही बनी। बोलो

राज- नही आँटी।

इतने में मौसी और आशा आँटी भी हमारी तरफ आते दिखे तो मैं बोला, मौसी आ गई।

मैं लता मौसी और आशा आँटी को आते हुए देखने लगा आशा आँटी जैसे ही अपना कदम बढ़ा रही थी उनके बहुत बड़े बड़े बूब्स जो बिना ब्रा के थे, मस्त हिल रहे थे, जैसे कोई फुटबॉल को उछाल हो, ओर थिरक भी रहे थे। मैं उन्हें घूरने लगा, मुझे घूरते हुए डॉ आँटी ने देख लिया और जब मैंने उन्हें देखा तो उन्होंने मुझे स्माइल कर दी।

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पार्ट- 44

फिर वो दोनों भी हमारे पास आकर बैठ गयी, फिर हमने चाय मंगाई ओर चाय पीने लगे।

आधे घण्टे बाद हम चाय पीकर वापिस ओटी के पास गए तो, आशा आँटी के हस्बैंड को रूम में शिफ्ट कर रहे थे। उनका अलग रूम था। फिर हम उस रूम में बैठ गए, अंकल अभी बेहोश थे। मौसी और दोनों आंटियां बाते करने लगी, मैं हॉस्पिटल से बाहर आ गया और सिगरेट पीकर व कोल्ड ड्रिंक पीकर आधे घंटे बाद वापिस अंदर गया।

मैं रूम में पहुँचा तो अंकल को होश आया गया था।

मेरे अंदर जाते ही मौसी बोली बेटा चले। रात के 8 बज गए थे।

मैंने हाँ में सिर हिलाया।

मौसी- ठीक है आशा, मैं चलती हूँ, कोई काम हो तो फोन कर देना, मैं आ जाऊंगी और हेमलता आज रात यही रुकेगी तेरे साथ।

आशा- ठीक है लता।

फिर मैं और मौसी हॉस्पिटल से बाहर आये और ऑटो में बैठकर होटल की तरफ निकल गए।

जब हम होटल पहुंचे तो जो लेक पर घूमने गए थे, सब आ चुके थे।

सभी मर्दों का कल की तरह सारी रात अलग दारू पीने का प्लान था, पर कई औरतें अपने अपने पतियों को मना कर रही थी, और बाकी कल की तरह खुद भी दारू पीना चाहती थी।

फिर मैं भी अपने रूम में गया, तो वहाँ मम्मी,दीदी और जीजाजी थे। पापा कल की तरह मर्दों के साथ दारू पीने दूसरे रूम में चले गये थे और जीजाजी दीदी को मना रहे थे कि वो उन्हें जाने की परमिशन दे दे। मैं वाशरूम में गया, ओर थोड़ा फ्रेश हुआ। जब मैं

वाशरूम से बाहर आया तो जीजाजी भी दारू पीने जा चुके थे। फिर मम्मी और दीदी भी दारू पीने लेडीज वाले प्रोग्राम में चली गयी। मैं फिर टीना दीदी वाले रूम में गया तो देव और टीना बैठे थे, तो मैंने उनसे बियर पीने जाने का पूछा तो वो दोनों मना करने लगे। मैं फिर अकेला ही निकल गया, और कल वाले बियर बार में चला गया। मैंने वहाँ 2 बियर पी और रात को करीब 11 बजे वहां से निकला। मैं होटल जा रहा था तो कल वाली जगह मैं मूतने के लिए रुका और मूतने लगा। जैसे ही मैं मूत के पीछे मुड़ा, तो चार लड़के मेरे पीछे खड़े थे, उनके हाथ मे चाकू था। उन्होंने मुझे पकड़ लिया, और मुझे बोले कि

जेब मैं जितना भी माल है निकाल दे। मैंने ध्यान से देखा तो ये वहीं लड़के थे जो वाटरपार्क में दीपिका दीदी की गाँड़ दबा रहे थे, फिर उस वजह से हमसे वाटरपार्क में पीटे थे।

उन में से एक लड़के ने मेरी जेब मे हाथ डाला और मेरी जेब में 1200 रुपये थे, वो निकाल लिए और मोबाइल भी निकाला। तो उन में से एक लड़का बोला, मोबाइल मत निकाल, मोबाइल से फस सकते है। मोबाइल की बैटरी और सिम निकाल कर फेंक दे और मोबाइल वापिस इसकी जेब मे डाल दे, तो उसने ऐसा ही किया।

फिर जिस एक लड़के ने जिसने दीपिका दीदी की गाँड़ दबाई थी, उसने मुझे थप्पड़ मारे और दीपिका दीदी के बारे में गलत गलत बोलता रहा कि मैं उसको अपनी रांड बनाऊंगा, उसकी रण्डी को सड़कों पर सरेआम नंगा करके उसकी गाँड़ मारूँगा, पता नही कितनो से गाँड़ मरवाकर इस्तनि मस्त गाँड़ की है उस रण्डी ने और भी बहुत बोलता रहा, और बीच बीच मे मेरे मुँह पर थप्पड़ भी मारता रहा, कभी पेट पर लात भी मार देता था। जब वो मेरे पेट मे लात मारता तो मेरे मुह से चीख भी निकलती।

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पार्ट- 45

फिर एक दम से 2 पुलिस वाले मेरी चीख सुन कर उस तरफ आ गए, तो वो लड़के मुझे छोड़ कर भाग गए, फिर पुलिस वालों ने मुझे पूछा तो मैने बताया कि मैं अपनी फैमिली के साथ होटल में रुका हूँ। फिर वो मुझे होटल ले गए और फैमिली को बुलाने को कहा, तो मैने लता मौसी को बुला लिया, जिनके साथ दीपिका दीदी भी आ गयी। वो लता मौसी को जानते थे, फिर वो लता मौसी को पूरी बात बता कर चले गए।

फिर दीपिका दीदी मुझे रूम में लेकर गई, मुझे बिस्तर पर लेटा कर खुद मेरे साथ बैठ गयी और मुझसे पूछने लगी कि कौन थे। रूम में मैं और दीपिका दीदी ही थे।

दीपिका दीदी- राज, कौन थे लड़के। हाय मेरे भाई को इतनी बुरी तरह से पीटा।

फिर दीदी ने मेरे गाल देखे तो थपेड़ो से लाल हो गए थे।

दीदी- बता राज कैसे हुआ ये, कौन थे वो।

राज- दीदी वो मैं ऐसे ही घूमने गया था। तो उन वाटरपार्क लड़कों ने मुझे पकड़ लिया, और मुझसे सारे पैसे ले लिए, मुझे गालिया दी, आपमे बारे में गलत बोलने लगे और मुझे मारा।

दीदी(सोचते हुए)- वाटरपार्क वाले कौनसे लड़के।

राज- दीदी वही जो आप को छेड़ रहे थे और हमने जिनकी पिटाई की थी।

दीदी- उन लड़कों को गाली देते हुए, साले हरामी कहीं के एक बच्चे को इतना मारा। भाई और कहाँ मारा है तेरे, मैं दीदी पेट मे।

दीदी ने मेरी टीशर्ट ऊपर कर दी और मेरा पेट देखने लगी।

फिर दीदी बोली चल तू आराम कर, मैं अभी आती हुँ और तेरे लिए कुछ खाने को भी मंगवाती हुँ।

फिर दीदी चली गयी और में सोचने लगा कि साला ये क्या हो रहा है मेरे साथ कल का दिन मजे से भरा था और आज का दिन तो हर प्रोग्राम की माँ ही चुद गई।

5 मिनट बाद दीदी रूम में अपने बेटे के साथ आई, दीदी बेड पर बैठ गयी और उनके पीछे वेटर भी खाना लेकर आया। वेटर के जाने के बाद दीदी खड़ी हुई और दरवाजे को अंदर से बंद कर वापिस बेड पर बिल्कुल मेरे साथ बैठ गयी। दीदी ने पजामा टीशर्ट पहनी हुई थी, उन्होंने अपनी टीशर्ट ऊपर कर ब्रा भी ऊपर कर ली और अपने दोनों मुम्मे आजाद कर दिए और एक मुम्मे से अपने बेटे को दूध पिलाने लगी। मैं दीदी वाली साइड मुँह कर के लेट गया और दीदी का मुम्मा देखने लगा।

दीदी(मेरे सिर पर हाथ फेरते हुए)- सॉरी भाई, मेरी वजह से आज उन लड़कों ने तुझे मारा।

राज- नही दीदी, इसमे आपकी गलती थोड़ी है।

दीदी (थोड़ा झुकी और मेरे माथे पर किस की)- मेरा प्यारा भाई, तू बहुत अच्छा है। लव यू। चल अब उठ और खाना खा ले।

जब दीदी मेरी तरफ झुकी तो उनका एक नंगा मुम्मा भी मेरे कंधे पर लगने लगा, जिस से मेरे लन्ड में तनाव आने लगा।

फिर दीदी सीधी हुई और फिर अपने दूसरे मुम्मे से बेटे को दूध पिलाने लगी।

राज- दीदी आप फ्री हो जाओ, फिर एक साथ खाना खाते है।

दीपिका दीदी- ठीक है भाई, बस मुन्ना अभी 10 मिनट में सो जाएगा।

फिर मैं दीदी की तरफ देखने लगा, दीदी मुन्ने को दूध पिला रही थी, और मैं दीदी के मुम्मे घूर रहा था।

दीदी- राज, क्या देख रहा है?

राज- मुन्ने को दीदी।

फिर मैं मुन्ने के सिर पर हाथ रख कर सहलाने लगा, मेरा हाथ दीदी के मुम्मे पर भी टच होने लगा।

दीदी- क्यो ऐसा क्या देख रहा है मुन्ने में।

राज- यहीं देख रहा हूं दीदी कि मुन्ना कैसे दूध पी रहा है, इतनी आवाज़ कर रहा है दूध पीते हुए।

दीदी- बेटा तू भी ऐसे ही पीता था मम्मी का दूध।

राज- सच मे, मैं नही मानता।

दीदी- चल आज तू मेरा दूध पी कर देख लेना, की आवाज़ आती है या नही।

राज- ठीक है दीदी।

इतने में मुन्ना भी सो गया, और दीदी ने उसे साइड में सुला दिया।

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पार्ट- 46

राज- दीदी अब मैं पी कर देखूं।

दीदी- अभी नही बेटा, पहले खाना खा लो, सोते टाइम पी लेना और आज मेरे पास यहीं सो जाना।

राज- ओके दीदी।

फिर दीदी खड़ी हुई और अपनी ब्रा टीशर्ट नीचे की और खाना डालने लगी।

फिर दीदी खाना डाल कर मेरे साथ खाने लगी।

दीपिका दीदी अपने हाथ से मुझे खाना खिला रही थी, मैंने भी दीदी को अपने हाथ से खाना खिलाया। फिर खाना खा कर दीदी बोली।

दीदी- भाई मैं अभी आती हुँ।

10 मिनट बाद पापा, मम्मी और दीदी जीजाजी और लता मौसी पाँचो आ गये। मम्मी ने आते ही मुझे गले लगा किया और मम्मी के मोटे बूब्स मेरे मुंह पर दबने लगे।

मम्मी- मेरे बेटे को कहीं ज्यादा लगी तो नही कहते हुए मेरी शरीर पर हाथ फेरने लगी।

राज- नही मम्मी।

मम्मी- दीपिका, आज नविका और अनमोल को मत बुलाना सोने के लिए। आज राज अपने साथ हो सोयेगा। राज बेटा, आज तू यहीं सोना।

राज- ओके मम्मी।

पापा- बेटा फिक्र मत कर, उन लड़कों को छोड़ेंगे नही।

लता मौसी- पुलिस में कंप्लेन तो कर ही दी है। मैंने मंत्री जी को भी बोल दिया। पुलिस ने वाटरपार्क से भी सीसीटीवी मंगा ली उन की फ़ोटो के लिए, और अब उनकी तलाश कर रही है।

फिर पापा और जीजाजी वापिस दारू पीने चले गए।

जीजाजी जाते हुए- राज, अगर रात को कोई जरूरत पड़े तो मुझे बुला लेना।

फिर जीजाजी दीदी को आंख मारते हुए बोले- दीपिका, राज का अच्छे से ध्यान रखना।

दीदी(स्माइल करते हुए)- जो हुकुम मेरे आका।

और जीजाजी ने दीदी की गाँड़ पर मेरे सामने थप्पड़ मार कर रगड़ दी गाँड़।

फिर जीजाजी भी चले गए। लता मौसी(मुझे गले लगाते हुए)- मेरे प्यारे भांजे तू फिक्र मत कर, तू सबके लिए इतना करता है, तुझे कुछ दिन नही देंगे हम। आशा भी कह रही थी नही छोड़ेंगे जिन्होंने राज पर हमला किया, कल आशा आँटी के हसबैंड भी कॉल करेंगे, उनकी भी पहुँच बहुत ऊपर तक है।

मौसी ने मुझे आने साथ पूरा चिपका रखा था, मेरा मुँह उनके मोटे मोटे मुम्मों पर था, मुझे महसूस हुआ कि लता मौसी ने सूट के अंदर ब्रा नही पहनी हुई क्योकिं मेरे होठों पर मुझे सूट के ऊपर से ही उनके बूब्स के निप्पल महसूस हो रहे थे, जो सूट में उभरे हुए भी साफ दिख रहे थे। मौसी के निप्पल अपने होंठो पर महसूस होने पर मैंने कुछ आगे बढ़ने की सोचा और लता मौसी की हवस बढ़ाने की सोचा, क्योंकि टीना दीदी से शादी करने के लिए लता मौसी को पटाना सबसे जरूरी था, तो मुझे ये मौका लगा मौसी में कुछ आग जगाने का। मैं रोने लगा और रोते हुए लता मौसी की कमर में हाथ डाल कर उन्हें जोर से हग किया और बोला कि मुझे बहुत मारा उन्होंने। मैं जैसे ही बोल कर चुप हुआ तो सूट के ऊपर से ही मौसी के बूब्स की निप्पल जो उभरे हुए थे, मजिने अपने होंठो में ले लिए और रोने लगा। मौसी को अपने निप्पल मेरे होंठो में होने का एहसास तो हो गया, पर शायद उन्होंने सोचा कि मैंने गलती से ऐसा किया, तो मौसी मेरे सर को और अपने सीने में दबाती हुई बोली।

लता मौसी- बेटा चुप हो जा, हम उन लड़कों को नही छोड़ेंगे।

फिर मैं मौसी के साथ ऐसे ही रोता हुआ लिपटा रहा 10 मिनट तक निप्पल मुँह में लेकर।

फिर मौसी मुझे खुद से अलग करते हुए बोली चल बेटा अब सो जा और मौसी रूम से चली गयी।

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पार्ट-47

उनके जाते ही मम्मी के गेट को अंदर से लॉक कर दिया, फिर दीदी चेंज करने वाशरूम में चली गयी।

मम्मी- राज बेटा, दिखा तेरे कहाँ कहाँ लगी है?

राज - मम्मी अब मैं ठीक हूँ।

मम्मी- नही बेटा दिखा।

मम्मी ने मेरी टी शर्ट ऊपर कर उतार दी और मेरी पीठ पर देखने लगी, फिर मेरे पेट देखा तो वो लाल हुआ पड़ा था।

तो मम्मी बोली- जालिमो ने कितना मार है मेरे बेटे को।

फिर मम्मी ने मेरे पाजामा उतारने को कहा, तो मैंने उतार दिया।

अब मैं सिर्फ अंडर वियर में था, उसके अलावा मेरे शरीर पर कोई कपड़ा नही था। मेरे कच्छे में से मेरे लन्ड का उभार बहुत उभरा हुआ दिख रहा था।

मम्मी उसे घूर घूर कर देख रहे थे, फिर मम्मी मेरे पैर के पास देखने लगी की वहां तो कहीं नही लगी मेरी।

मम्मी- शुक्र है यहां नही लगी।

फिर मम्मी खड़ी हो गयी और बैग से अपनी नाइटी निकलने लगी। मैंने वापिस कपड़े पहन लिए। मम्मी ने अपनी नाइटी निकाल ली, मैने देखा मम्मी ने डार्क ब्लू कलर की जालीदार नाइटी निकाली है।

इतने में दीदी चेंज करके बाहर आई, तो मैं तो दीपिका दीदी को देखता ही रह गया।

दीदी ने ब्लैक कलर की नाइटी पहनी हुई थी, जो उनकी चुत तक ही थी, जिसमे दीदी की गाँड़ पूरी दिख रही थी। ब्लैक नाइटी में दीदी का गोरा बदन बहुत चमक रहा था। चुत पर चड्डी भी बस नाम की थी, जिसने सिर्फ चुत को आगे से थोड़ा कवर कर रखा था, बाकी तो कपड़ा नही बस पतली रस्सी ही थी चड्डी में, ब्रा पहनी हुई नही लग रही थी दीदी के।

दीदी के आते ही मम्मी वाशरूम में चली गयी।

मैं बेड के एक साइड में था, दीदी मेरे साथ आकर बेड पर लेट गई, मैं भी लेट गया, जिस से मेरा हाथ दीदी की कमर पर लगने लगा। दीदी मेरे भांजे को थोड़ा आगे करने के लिए टेढ़ी हुई, तो पीछे से दीदी की गाँड़ से नाइटी ऊपर हो गई।

वाव! दीदी की गाँड़ क्या लग रही थी, पूरी नंगी बड़ी गाँड़, जिसे देखते ही मेरे लन्ड पूरे जोश में आ गया। मैं दीदी की गाँड़ देखते देखते अपना हाथ नीचे ले गया और थोड़ा सा दीपिका दीदी की गाँड़ पर लगा दिया।

इतने में मम्मी वाशरूम से बाहर आई, तो मैं सीधा हो गया।

मम्मी को देखा को पिंक जालीदार नाइटी में मम्मी गज़ब लग रही थी, मम्मी ने नाइटी के नीचे ब्रा नही पहनी थी, मम्मी की बड़ी बड़ी चुचियाँ और उनके निप्पल साफ दिख रहे थे, गोरा बदन क़यामत लग रहा था। घुटनो तक नाइटी थी मम्मी की। मेरी नजर मम्मी की चुत वाली तरफ गयी तो मम्मी ने पैंटी भी नही पहनी थी, जालीदार नाइटी में से मम्मी की चुत के हल्के हल्के बाल भी दिख रहे थे।

मम्मी भी आकर बेड के दूसरी साइड लेट गयी।

दीदी- राज तू क्या ऐसे सोयेगा, तू भी खुल्ले कपड़े पहन कर सोया कर देख हमने भी ऐसे ही पहने है। बेटा रात को जितना खुल्ला सो सको उतना ही खुल्ला सोया करो।

मम्मी- हाँ बेटे, तू निक्कर पहन कर सो जा।

फिर मैं खड़ा हुआ और मैंने पजामा टीशर्ट उतार दी, तो मम्मी और दीदी मेरे कच्छे में उभरे मेरे लन्ड को देख रही थी। मैंने बैग से अपनी निक्कर निकली और पहन ने लगा तो दीदी ने मेरी निक्कर पकड़ ली और हँसते हुए बोली।

दीदी- निक्कर क्यो, कच्छा पहना हुआ है, बस ऐसे ही सोजा।

मम्मी- पागल है क्या तू दीपिका, निक्कर पहनने दे राज को।

दीदी- मम्मी राज ने कच्छा तो पहना है,आपका दामाद तो रात को बिल्कुल नंगा ही सोता है, जितना खुल्ला सोयो उतना अच्छा होता है। मैंने भी यहाँ नाइटी पहनी है, वर्ना मैं भी बिल्कुल नंगी ही सोती हुँ।

मम्मी- बेशर्म, चुप कर। राज चल तू कच्छे में ही सो जा।

फिर मैं भी लेट गया।

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