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पार्ट- 48
अब बेड के एक साइड मैं, मेरे साथ मेरी सेक्सी सगी दीपिका दीदी, फिर भांजा, फिर मेरी सेक्सी मम्मी लेटे हुए थे।
मैंने धीरे से दीदी के कान में कहा- दीदी आपने कहा था, रात को दूध पी लेना मेरा, अब पिलाओ।
दीदी- रुक बेटा, अभी लाइट बन्द करने दे।
फिर दीदी ने मम्मी को बोला कि लाइट बन्द करने को तो मम्मी जहां लेटी उधर ही था लाइट का बटन था तो मम्मी ने हाथ ऊपर किया लाइट बन्द करने के लिए तो मैं मम्मी को देख रहा था, जैसे ही मम्मी ने अपना बायाँ हाथ लाइट बन्द करने के लिए ऊपर किया, मम्मी की बायीं चूची भी ऊपर की ओर हुई, बिना ब्रा के मम्मी की चूची पूरी तनी हुई थी और मम्मी की जालीदार नाइटी में से मम्मी की निप्पल भी उभरी हुई दकह रही थी, फिर मम्मी ने लाइट बन्द कर दी।
उसके बाद दीदी ने मुन्ने को देखा कि वो सो रहा है और फिर मेरी तरफ मुँह कर लिया दीदी ने।
दीदी ने मेरी तरफ मुँह किया और मेरे हाथ पकड़ कर नाइटी के ऊपर से ही अपने मुम्मे पर पर रख दिया और धीरे से बोली पहले इसको दबा और जैसे जैसे मैं कहूँ वैसे करना।
मैं- ठीक है दीदी।
मैं दीदी के मुम्मे दबाने लगा, क्या मस्त मुम्मे है दीदी के, बड़े बड़े तने हुए, पूरे टाइट मुम्मे, मैं दीदी के मुम्मे जोर जोर से दबाने लगा। दीदी धीरे से मेरे कान में बोली आराम से दबा, दर्द होता है। फिर मैं आराम से दीदी के मोटे मोटे मुम्मे दबाने लगा, कभी मसलता, कभी निप्पल फबता तो दीदी के मुम्मों से दूध निकल जाता, दीदी के नाइटी निप्पल वाली जगह से दूध निकलने की वजह से गीली हो गयी थी।
मैं काफी देर दीदी के मुम्मे ऐसे ही दबाता रहा, फिर जब हमें लगा कि मम्मी सो गई है तब,
दीदी अपना मुँह मेरे मुँह के पास लाई और अपनी जीभ बाहर निकाल कर मेरे मुँह को चाटने लगी, जैसे कुत्ते चाटते है।
मेरा मुँह चाटते चाटते दीदी ने मेरे कान में अपनी जीभ डाल दी और घुमाने लगी। कान में जीभ में मेरा लन्ड में तनाव बढ़ने लगा। दीदी मेरे कान में अंदर तक अपनी जीभ डालने लगी और मेरे लन्ड में तनाव बढ़ने लगा। दोस्तो सच मे जब कान में कोई जीभ डाले तो लन्ड का तनाव बहुत बढ़ता है।
फिर दीदी ने जीभ कान से निकाल कर मेरे होंठों पर रख ली और मेरे होंठ चाटने लगी, होंठ चाटते चाटते दीदी ने मेरे होंठ अपने होंठों में दबा लिए और मेरे होंठ चूसने लगी और मुझे अपनी छाती से लगा लिया।
मैं अपना हाथ दीदी की मोटी गाँड़ पर ले गया और दीदी की नाइटी ऊपर की और दीदी को गाँड़ से पकड़ कर अपने साथ दबा लिया, जिससे मेरा लन्ड कच्छे में से ही दीदी की चुत पर दबने लगा।
मैं दीदी की गाँड़ पर हाथ फेरने लगा। दीदी ने अपना एक हाथ नीचे कर लिया और मेरा लन्ड कच्छे के ऊपर से ही पकड़ लिया और दबाने लगी।
फिर दीदी ने अपना हाथ मेरे कच्छे के अंदर डाल लिया और मेरा लन्ड मसलने लगी।
rajveerarora 6373 @ gmail. com
अब बेड के एक साइड मैं, मेरे साथ मेरी सेक्सी सगी दीपिका दीदी, फिर भांजा, फिर मेरी सेक्सी मम्मी लेटे हुए थे।
मैंने धीरे से दीदी के कान में कहा- दीदी आपने कहा था, रात को दूध पी लेना मेरा, अब पिलाओ।
दीदी- रुक बेटा, अभी लाइट बन्द करने दे।
फिर दीदी ने मम्मी को बोला कि लाइट बन्द करने को तो मम्मी जहां लेटी उधर ही था लाइट का बटन था तो मम्मी ने हाथ ऊपर किया लाइट बन्द करने के लिए तो मैं मम्मी को देख रहा था, जैसे ही मम्मी ने अपना बायाँ हाथ लाइट बन्द करने के लिए ऊपर किया, मम्मी की बायीं चूची भी ऊपर की ओर हुई, बिना ब्रा के मम्मी की चूची पूरी तनी हुई थी और मम्मी की जालीदार नाइटी में से मम्मी की निप्पल भी उभरी हुई दकह रही थी, फिर मम्मी ने लाइट बन्द कर दी।
उसके बाद दीदी ने मुन्ने को देखा कि वो सो रहा है और फिर मेरी तरफ मुँह कर लिया दीदी ने।
दीदी ने मेरी तरफ मुँह किया और मेरे हाथ पकड़ कर नाइटी के ऊपर से ही अपने मुम्मे पर पर रख दिया और धीरे से बोली पहले इसको दबा और जैसे जैसे मैं कहूँ वैसे करना।
मैं- ठीक है दीदी।
मैं दीदी के मुम्मे दबाने लगा, क्या मस्त मुम्मे है दीदी के, बड़े बड़े तने हुए, पूरे टाइट मुम्मे, मैं दीदी के मुम्मे जोर जोर से दबाने लगा। दीदी धीरे से मेरे कान में बोली आराम से दबा, दर्द होता है। फिर मैं आराम से दीदी के मोटे मोटे मुम्मे दबाने लगा, कभी मसलता, कभी निप्पल फबता तो दीदी के मुम्मों से दूध निकल जाता, दीदी के नाइटी निप्पल वाली जगह से दूध निकलने की वजह से गीली हो गयी थी।
मैं काफी देर दीदी के मुम्मे ऐसे ही दबाता रहा, फिर जब हमें लगा कि मम्मी सो गई है तब,
दीदी अपना मुँह मेरे मुँह के पास लाई और अपनी जीभ बाहर निकाल कर मेरे मुँह को चाटने लगी, जैसे कुत्ते चाटते है।
मेरा मुँह चाटते चाटते दीदी ने मेरे कान में अपनी जीभ डाल दी और घुमाने लगी। कान में जीभ में मेरा लन्ड में तनाव बढ़ने लगा। दीदी मेरे कान में अंदर तक अपनी जीभ डालने लगी और मेरे लन्ड में तनाव बढ़ने लगा। दोस्तो सच मे जब कान में कोई जीभ डाले तो लन्ड का तनाव बहुत बढ़ता है।
फिर दीदी ने जीभ कान से निकाल कर मेरे होंठों पर रख ली और मेरे होंठ चाटने लगी, होंठ चाटते चाटते दीदी ने मेरे होंठ अपने होंठों में दबा लिए और मेरे होंठ चूसने लगी और मुझे अपनी छाती से लगा लिया।
मैं अपना हाथ दीदी की मोटी गाँड़ पर ले गया और दीदी की नाइटी ऊपर की और दीदी को गाँड़ से पकड़ कर अपने साथ दबा लिया, जिससे मेरा लन्ड कच्छे में से ही दीदी की चुत पर दबने लगा।
मैं दीदी की गाँड़ पर हाथ फेरने लगा। दीदी ने अपना एक हाथ नीचे कर लिया और मेरा लन्ड कच्छे के ऊपर से ही पकड़ लिया और दबाने लगी।
फिर दीदी ने अपना हाथ मेरे कच्छे के अंदर डाल लिया और मेरा लन्ड मसलने लगी।
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