S
StoryPublisher
Guest
पार्ट- 68
फिर मौसी मेरे छाती पर चूमने लगी, चाटने लगी, जिस से मेरा लन्ड फिर से खड़ा हो गया तो मौसी अपनी गाँड़ मेरे लन्ड पर रगड़ने लगी।
मौसी ने फिर आपनी गाँड़ ऊपर की ओर गाँड़ का मोरा मेरे लन्ड पर सैट कर के धीरे धीरे ऊपर बैठने लगी। मेरा लन्ड धीरे धीरे मौसी की गाँड़ में घुसने लगा। मैंने मौसी को कमर से कस कर पकड़ा और नीचे से जोर की एक झटका मारा जिस से मेरा आधे से ज्यादा लन्ड मौसी की गाँड़ में घुस गया।
मौसी के मुँह से जोरदार चीख निकली।
मैंने एक ओर झटके मारा तो मेरा पूरा लन्ड मौसी की चुत में घुस गया और मौसी बहुत जोर से चीखी।
मौसी- साले हरामजादे आराम से डाल।
मैं- साली कुतिया तू अभी भी बहुत रौब झाड़ रही है। तुझे तो रण्डी की तरह ही चोदूँगा।
फिर मैं नीचे से तेज तेज धक्के मारने लगा, मौसी के मुह से जोर जोर की सिसकिया निकलने लगी।
मौसी- हाय आ आ आ आ मर गई आ आ।
हाय मार दिया या आ आ आ ह ह ह साले आ आराम से आ आ आ
मैं- साली रण्डी ले पूरा लन्ड तेरी गाँड़ फाड़ दूँगा, तेरी माँ को चोदू, तेरी बहन को चोदू, तेरी बेटी को चोदू, साली रण्डी।
लता मौसी- हाँ साले चोद मेरी बहन, बेटी, भाँजी। आ आ ह ह मेरी बहन तेरी माँ मधु ही तो है, आ आ आ मेरी भाँजी तेरी बहन दीपिका ही तो है।
मैंने मौसी की गाँड़ में जोरदार धक्का मारा।
मैं- ले साली रण्डी, तेरे सारे खानदान को चोदूगा।
मौसी- आ आ आ ह ह छोड़ साले।
मैं- कितनो से चुदी है तू आज तक रण्डी।
मौसी- बहुत लोगों से।
मैं- किस किस से।
मौसी- बड़े बड़े मंत्रियों, नेताओं, अधिकारियों से, आ आ आ ह ह ह ह पर अब साला कोई चोदता ही नही।
ऐसे मौसी को चोदते चोदते 20 मिनट बाद मैं मौसी की गाँड़ में झड़ गया। उसके बाद मौसी मेरे ऊपर लेट गई।
अब मैं और मौसी बहुत थक गए थे। फिर मैं और मौसी एक दूसरे को लिप किस करने लगे और ऐसे ही किस करते करते हम सो गए।
फिर मौसी मेरे छाती पर चूमने लगी, चाटने लगी, जिस से मेरा लन्ड फिर से खड़ा हो गया तो मौसी अपनी गाँड़ मेरे लन्ड पर रगड़ने लगी।
मौसी ने फिर आपनी गाँड़ ऊपर की ओर गाँड़ का मोरा मेरे लन्ड पर सैट कर के धीरे धीरे ऊपर बैठने लगी। मेरा लन्ड धीरे धीरे मौसी की गाँड़ में घुसने लगा। मैंने मौसी को कमर से कस कर पकड़ा और नीचे से जोर की एक झटका मारा जिस से मेरा आधे से ज्यादा लन्ड मौसी की गाँड़ में घुस गया।
मौसी के मुँह से जोरदार चीख निकली।
मैंने एक ओर झटके मारा तो मेरा पूरा लन्ड मौसी की चुत में घुस गया और मौसी बहुत जोर से चीखी।
मौसी- साले हरामजादे आराम से डाल।
मैं- साली कुतिया तू अभी भी बहुत रौब झाड़ रही है। तुझे तो रण्डी की तरह ही चोदूँगा।
फिर मैं नीचे से तेज तेज धक्के मारने लगा, मौसी के मुह से जोर जोर की सिसकिया निकलने लगी।
मौसी- हाय आ आ आ आ मर गई आ आ।
हाय मार दिया या आ आ आ ह ह ह साले आ आराम से आ आ आ
मैं- साली रण्डी ले पूरा लन्ड तेरी गाँड़ फाड़ दूँगा, तेरी माँ को चोदू, तेरी बहन को चोदू, तेरी बेटी को चोदू, साली रण्डी।
लता मौसी- हाँ साले चोद मेरी बहन, बेटी, भाँजी। आ आ ह ह मेरी बहन तेरी माँ मधु ही तो है, आ आ आ मेरी भाँजी तेरी बहन दीपिका ही तो है।
मैंने मौसी की गाँड़ में जोरदार धक्का मारा।
मैं- ले साली रण्डी, तेरे सारे खानदान को चोदूगा।
मौसी- आ आ आ ह ह छोड़ साले।
मैं- कितनो से चुदी है तू आज तक रण्डी।
मौसी- बहुत लोगों से।
मैं- किस किस से।
मौसी- बड़े बड़े मंत्रियों, नेताओं, अधिकारियों से, आ आ आ ह ह ह ह पर अब साला कोई चोदता ही नही।
ऐसे मौसी को चोदते चोदते 20 मिनट बाद मैं मौसी की गाँड़ में झड़ गया। उसके बाद मौसी मेरे ऊपर लेट गई।
अब मैं और मौसी बहुत थक गए थे। फिर मैं और मौसी एक दूसरे को लिप किस करने लगे और ऐसे ही किस करते करते हम सो गए।