S
StoryPublisher
Guest
राज डॉली को चूमते हुए अपनी गोद में उठा कर फिर से बॅड पर लिटा देता है...
और राज अपने सारे कपड़े उतार कर नंगा हो जाता है ...
राज का लंड पूरे अट्रॅक्षन लिए टाँगों के बीच में किसी स्प्रिंग की तरह झूल रहा था ...
डॉली के जिस्म पर सिर्फ़ एक पेंटी ही बची थी जिसे राज आगे बढ़कर अपने हाथो से उतार देता है ...
राज की नज़रे डॉली की क्लीन शेव चूत पर पड़ती है ...
डॉली की चूत कितनी प्यारी लग रही थी आज बड़ा ही नूवर झलक रहा था चूत पर ...
राज तो चूत की सुंदरता पर इतना मोहित हो गया की अपनी पलके झपकाना ही भूल गया ..
डॉली... ऐसे क्या देख रहे हो राज ..
राज ... देख रहा हूँ डॉली कितनी हसीन लग रही हो तुम...
तुम्हारे जिस्म के रोए रोए को महसूस करूँ उसे इतना प्यार करूँ ...
डॉली... ऊओ राज जेसा तुम्हारा दिल चाहे वाइज़ प्यार करो अब में तुम्हारी हूँ बस तुम्हारी अपने प्यार के अमृत से मेरी सूखी ज़मीन का हरा कर दो ....
राज फॉरन डॉली की चूत पर अपने
हाथ फेरने लगता है ...
डॉली.... आआहह सस्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईई
कितनी चिकनी चूत थी डॉली की राज का हाथ भी रपट रहा था फेरने पर..राज जेसे ही अपने प्यासे होंठ डॉली की चूत पर रखता है..
डॉली हवा में उछलने लगती है राज चूत की काली जो आपस में चिपके हुए थी उसके बीच में अपनी जीब से खोलने की कोशिश करने लगता है ...
राज अपनी जीब से चूत को चाट रहा था जिससे चूत की काली खिलने को और भी बेताब होने लगती है ..
डॉली.... आआईीइसस्स्सीईई
आआअहह सस्सीईईईई
राज प्लीज़ अब और ना तडपाओ जल्दी से मुझे औरत बना दो ...
...
राज के होंठ लगकर डॉली की चूत और भी गीली हो चुकी थी..
डॉली अब राज के लंड को अपने अंदर लेने के लिए पूरी तरह वियाक़ुल हो चुकी थी ...
डॉली की तड़प देखकर राज अपने होंठ चूत से हटा कर बिल्कुल डॉली की टाँगों के बीच आ जाता है.. और अपने लंड को हाथो से पकड़कर डॉली की छोटी सी चूत की फांको पर फेरने लगता है ..
राज डॉली को बेपनाह मुहब्बत करने लगा था राज के लिए डॉली जिगर का टुकड़ा बन चुकी थी ..
डॉली की चूत पर अपना लंड रगड़ते हुए राज को अपने लंड
का रूप किसी दानव जेसा भयानक लगने लगा था जो एक धक्के में डॉली की चूत के चिथड़े चिथड़े उड़ा सकता था ...
ये सोचकर राज से डॉली की चूत में धक्का नही लग रहा था..
राज यू ही काफ़ी देर तक अपने लंड को चूत के ऊपर ऊपर रगड़ता रहता है ...
और राज अपने सारे कपड़े उतार कर नंगा हो जाता है ...
राज का लंड पूरे अट्रॅक्षन लिए टाँगों के बीच में किसी स्प्रिंग की तरह झूल रहा था ...
डॉली के जिस्म पर सिर्फ़ एक पेंटी ही बची थी जिसे राज आगे बढ़कर अपने हाथो से उतार देता है ...
राज की नज़रे डॉली की क्लीन शेव चूत पर पड़ती है ...
डॉली की चूत कितनी प्यारी लग रही थी आज बड़ा ही नूवर झलक रहा था चूत पर ...
राज तो चूत की सुंदरता पर इतना मोहित हो गया की अपनी पलके झपकाना ही भूल गया ..
डॉली... ऐसे क्या देख रहे हो राज ..
राज ... देख रहा हूँ डॉली कितनी हसीन लग रही हो तुम...
तुम्हारे जिस्म के रोए रोए को महसूस करूँ उसे इतना प्यार करूँ ...
डॉली... ऊओ राज जेसा तुम्हारा दिल चाहे वाइज़ प्यार करो अब में तुम्हारी हूँ बस तुम्हारी अपने प्यार के अमृत से मेरी सूखी ज़मीन का हरा कर दो ....
राज फॉरन डॉली की चूत पर अपने
हाथ फेरने लगता है ...
डॉली.... आआहह सस्स्स्स्स्स्स्स्सीईईईईईईई
कितनी चिकनी चूत थी डॉली की राज का हाथ भी रपट रहा था फेरने पर..राज जेसे ही अपने प्यासे होंठ डॉली की चूत पर रखता है..
डॉली हवा में उछलने लगती है राज चूत की काली जो आपस में चिपके हुए थी उसके बीच में अपनी जीब से खोलने की कोशिश करने लगता है ...
राज अपनी जीब से चूत को चाट रहा था जिससे चूत की काली खिलने को और भी बेताब होने लगती है ..
डॉली.... आआईीइसस्स्सीईई
आआअहह सस्सीईईईई
राज प्लीज़ अब और ना तडपाओ जल्दी से मुझे औरत बना दो ...
...
राज के होंठ लगकर डॉली की चूत और भी गीली हो चुकी थी..
डॉली अब राज के लंड को अपने अंदर लेने के लिए पूरी तरह वियाक़ुल हो चुकी थी ...
डॉली की तड़प देखकर राज अपने होंठ चूत से हटा कर बिल्कुल डॉली की टाँगों के बीच आ जाता है.. और अपने लंड को हाथो से पकड़कर डॉली की छोटी सी चूत की फांको पर फेरने लगता है ..
राज डॉली को बेपनाह मुहब्बत करने लगा था राज के लिए डॉली जिगर का टुकड़ा बन चुकी थी ..
डॉली की चूत पर अपना लंड रगड़ते हुए राज को अपने लंड
का रूप किसी दानव जेसा भयानक लगने लगा था जो एक धक्के में डॉली की चूत के चिथड़े चिथड़े उड़ा सकता था ...
ये सोचकर राज से डॉली की चूत में धक्का नही लग रहा था..
राज यू ही काफ़ी देर तक अपने लंड को चूत के ऊपर ऊपर रगड़ता रहता है ...