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Incest बेटे को बनाया यार complete

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Guest
बेटे को बनाया यार

मेरा नाम कविता है, मैं एक विधवा औरत हूँ. मैं इंदौर की रहने वाली हूँ, मेरे पति एक बड़े बिल्डर थे. मेरे बेटे वंश के पांच साल के होते ही मेरे पति ने उसे बोर्डिंग में डाल दिया था. वो सिर्फ छुट्टियों में ही घर आता था.

इधर वंश से फुर्सत मिलते ही मैंने क्लब आदि ज्वाइन कर लिए थे. पैसे की कोई कमी नहीं थी, इसलिए मुझे क्लब वगैरह में जाने शराब और सिगरेट आदि का शौक भी खूब लग गया था. हाई सोसाइटी में उठने बैठने के कारण, मेरे पति ने मुझे अपने बिजनेस में खूब इस्तेमाल किया था. जब भी किसी अधिकारी से उनको काम निकलवाना होता था, तो वे मुझे उसके सामने मुझे परोस देते थे. मेरा स्वाभाव भी कुछ इसी तरह का बिंदास जीवन बिताने का रहा था.

एक दिन अचानक एक झंझावात मेरी जिन्दगी में आया और मेरे पति की एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई. उस वक्त मेरी उम्र केवल 36 साल की थी.

अब मेरी उम्र अभी 41 साल की हो गई है. मेरा फिगर 36-32-38 का है. चूंकि मेरे पति 5 साल पहले खत्म हो गए थे. उस टाईम मेरा बेटा वंश भोपाल से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था. जब पति की डेथ हुई थी, तो मैं बहुत टूट गई थी. हमारी सारी फैमिली छत्तीसगढ़ में रहती है. मैं उनके पास भी नहीं जा सकती थी, क्योंकि अभी वंश की पढ़ाई भी चल रही थी और मुझे पति का बिज़नेस भी देखना था. उनके बिजनेस का सारा लोड मेरे ऊपर आ गया था. काफी सारा पैसा फैला हुआ था. धीरे धीरे सब मैनेज करने के बाद मैंने सारे रुके हुए बिलों का पैसा निकलवा लिया … जोकि करोड़ों में थी. अब मैं उस रकम के ब्याज और निवेश से अपने खर्च पूरा करने लगी.

फिलहाल मेरा कोई पास कोई सहारा नहीं था. मेरे पास पैसा बहुत था. इसलिए जब भी मेरा मन करता था, तो तब कॉलब्वॉय बुला लेती और बहुत एन्जॉय कर लेती. पर जब मेरा बेटा सेकंड ईयर का एग्ज़ाम दे कर घर आया, तो वो मुझे बहुत स्मार्ट लगने लगा था.

इस बीच फेसबुक के माध्यम से मेरी बहुत सी सहेलियां बन गई थीं, जो अपने बेटों के साथ सेक्स करती थीं. मैं RSS की सेक्स स्टोरी भी पढ़ती थी. उसमें भी मैंने सगे माँ बेटे के बीच सेक्स रिश्तों की कहानी पढ़ी थीं. इस पर मैंने सोचा कि मैं अपने बेटे को ही पटा लेती हूँ.

वंश केवल 5 दिन रुकने के बाद चला गया. उसके जाने के बाद मैंने पक्का मन बना लिया था और सोच लिया था कि मैं अपने बेटे के साथ ही मजे करूंगी.

ये सोच कर मैंने जिम ज्वाइन किया और योगा क्लास भी ज्वाइन कर ली. मैं अपनी फिजिक को लेकर बहुत मेहनत करने लगी. चूंकि मुझ पर किसी की कोई रोक टोक थी नहीं, तो मैं मन चाहे ड्रेस पहनती थी. जिसमें मुझे लैगी कुर्ती पहनना बहुत पसंद थी. अब मैं कैपरी और टाईट टॉप, जो कि स्लीब लैस हुआ करता था, पहनने लगी थी. इसमें मेरी जवानी निखर कर आने लगी और मैं अब 25 साल की मस्त लौंडिया सी दिखने लगी.

फिर 8 महीने बाद मैं अपने बेटे के पास मिलने गई. तो उस वक्त मैंने रेड कलर की साड़ी और काले कलर का ब्लाउज पहना हुआ था.

जब मैं कार से उतरी, तो वो मुझे देखता ही रह गया. वो बोला- वाओ … मम्मी आप तो पहचान में ही नहीं आ रही हो.

वो मेरे पैर छूने नीचे झुका, तो मैंने उसको गले से लगा लिया और उसका माथा चूमा. इसके बाद हम दोनों उसके फ्लैट में अन्दर आ गए.

इसके बाद वंश ने मुझसे बोला कि मम्मी आप रियली बहुत सुन्दर लग रही हो.

मैं हंस कर बोली- क्या मैं पहले सुन्दर नहीं थी?

वंश बोला- वो बात नहीं है मम्मी.

मैं बोली- तो क्या बात है?

वंश बोला- नहीं कुछ नहीं.

फिर मैं फ्रेश हुई और एक शॉर्ट गाउन निकाल कर उससे बोली- वंश मैं ये पहन लूँ?

वंश बोला- मम्मी, आप तो लेडी की जगह गर्ल बन के रहने लगी हो.

मैं बोली- तुझे नहीं पसंद तो बोल दे.

वंश बोला- नहीं मम्मी मैंने ऐसा नहीं बोला.

उसके बाद मैं वो शॉर्ट गाउन पहनने के लिए बाथरूम में चली गई. उधर मिरर में इस गाउन को पहन कर मैं खुद को निहारने लगी. ये गाउन मेरी मरमरी जाँघों तक ही आ रहा था. इसमें मेरे चूतड़ों के उभार हिल रहे थे और साथ ही में मेरी पेंटी की इलास्टिक भी साफ़ नुमाया हो रही थी. ये गाउन बेबी पिंक कलर का था. इसका गला भी इतना खुला हुआ था कि उसमें से मेरे मम्मों की क्लीवेज साफ़ दिख रही थी. मैं काफी देर तक इस गाउन को पहन कर खुद को देखती रही और अपनी चूचियों को सहलाते हुए, अपनी चूत को रगड़ने लगी.

फिर जब मैं बाथरूम से बाहर आई, तो वंश मुझे देखता ही रह गया मुझे!

उसके बाद हम दोनों बातें करने लगे. कुछ देर बाद रात हो गई, तो मैं बोली- खाना बाहर से ले आ, आज मैं बहुत थक गई हूं.

उसने बोला- ठीक है मम्मी … मैं अभी ले आता हूँ.

जब तक वंश खाना लेने गया, तब तक मैंने जल्दी से बैग से बोतल निकाल कर दो पैग स्मेललैस बोडका के लगा लिए और एक सिगरेट खींच कर मुँह में इलाइची दबा ली और उसके आने का इन्तजार करने लगी.

वंश कुछ ही देर में आलू परांठा काजू-करी, सलाद पापड़ और बिरयानी ले आया.

मेरे पति बिल्डर थे, तो हम लोग नॉनवेज खाना सीख गए थे. इसलिए हम सब तरह का खाना खा लेते थे.
 
हम दोनों ने खाना खाया और बातें करते रहे. फिर वंश बोला- मम्मी … डैडी जब से नहीं रहे हैं, उसके बाद से आज मैं आपको खुश देख रहा हूं. मुझे बड़ा अच्छा लगा कि आप खुश हो. मैं भी आपको हमेशा खुश रखूंगा. मम्मी परसों मेरे एग्ज़ाम खत्म हो जाएंगे, अगर आप कहो तो हम दोनों कहीं घूमने चलें, इससे आपका भी मूड फ्रेश हो जाएगा.

मैं बोली- ठीक है … पर तू मेरे साथ क्यों जा रहा है. अपनी किसी गर्लफ्रेंड के साथ भी जा सकता है ना.

वंश बोला- नो मम्मी मेरी कोई गर्लफ्रेंड ही नहीं है.

मैं बोली- चल झूठा.

तो वो हंस कर बोला- आपकी कसम मम्मी.

मैं बोली- मेरी कसम मत खा … चल बता मुझे कहां ले कर चलेगा?

वो बोला- मम्मी आप तो ऐसे बोल रही हो, जैसे आप मेरी गर्लफ्रेंड हो.

मैं बोली- तू मुझे अपनी गर्लफ्रेंड ही समझ ले.

वो बोला- नहीं मम्मी … मैं आपको ऐसा कैसे बोल सकता हूँ.

मैंने उसको अपनी बांहों में लेकर कहा- क्यों तू मुझे प्यार नहीं करता क्या?

उसका बदन मेरे इस तरह से उसको अपनी बांहों में लेने से एकदम से झनझना सा गया और मेरे मम्मों की गर्माहट से उसका लंड मुझे खड़ा सा होता महसूस हुआ है.

मैंने उसके गाल पर एक किस करते हुए हंस कर कहा- हम्म … मुझे लग रहा है अब तू मेरा ब्वॉयफ्रेंड बनने लायक हो गया है.

उसको इस बात का अहसास हो गया कि उसका लंड खड़ा होने लगा था, तो वो मुझसे छूटने की कोशिश करने लगा, लेकिन मैंने उसको और जोर से अपनी छाती से लगा लिया. फिर एकदम से छोड़ दिया. मुझे उसके जवान जिस्म की महक ने अन्दर तक चुदास से भर दिया था.

इसके बाद हम दोनों एक ही बिस्तर पर सो गए. उसके सो जाने के बाद मैं उससे चिपक गई और उसको अपने सीने से लगा कर उसे अपनी छातियों की गर्माहट का अहसास कराने लगी.

सुबह मैं जल्दी उठी और मैंने उसके लिये नाश्ता बना दिया. फिर नहा कर मैंने एक सिल्की शॉर्ट गाउन पहन लिया. आज मैंने ब्रा नहीं पहनी थी. मैंने जानबूझ कर उसको मेरे आमों की झलक दिखाई, जिससे मेरे पूरे निप्पल तक दिखे जा रहे थे.

उसके बाद वो उठा, तो मैंने उसका सर अपनी गोद में रख कर उसको कॉफ़ी पिलाई. कॉफ़ी पीने के बाद वो उठा, तो मैंने देखा कि उसकी नजर मेरे मम्मों से हट ही नहीं रही थी. मेरे कड़क हो चुके निप्पल मेरे सिल्की गाउन से साफ़ अपने होने का अहसास करा रहे थे.

मैं उससे झुकते हुए बोली- क्या हुआ?

वो हड़बड़ा गया और बोला- क..कुछ नहीं मम्मी.

वो बिना इससे अधिक कुछ कहे सीधा बाथरूम में चला गया. मैंने देखा कि उसका लंड उसके बॉक्सर में पहाड़ सा फूल रहा था. मेरे चेहरे पर एक अश्लील सी मुस्कराहट आ गई.

वंश ने बाथरूम से आ के नाश्ता किया. मैंने देखा कि वो मुझे हवस भरी निगाह से देख रहा था.

फिर वो एग्ज़ाम देने चला गया और शाम को आ कर बोला- मम्मी हम लोग शिमला चलेंगे.

मैं बोली- वहां तो कपल जाते हैं.

वो बोला- मम्मी तो क्या किया जाए … आप ही बताओ?

मैं बोली कि मैं क्या बताऊं … तू ही बता.

वो हंस कर बोला- तो एक काम करते हैं, मैं आपको गर्लफ्रेंड समझ लेता हूँ और शिमला ले चलता हूँ.

ये कह कर वो हंसने लगा.
 
मैंने भी उसकी हंसी में साथ दिया और उसको शिमला चलने के लिए हामी भर दी.

हम रात में खाना खा कर सो गए. आज मैं बहुत खुश थी कि कल शिमला में मेरी लाइफ बदल जाएगी. यही सोचते सोचते मुझे नींद आ गई.

अगले दिन सुबह मैं उठी. बाथरूम में गई और पूरे कपड़े उतार कर नंगी हो गई. फिर अपने जिस्म पर पानी डाल के चिल्लाते हुए बाहर आ गई.

मेरा बेटा डर के उठा और बोला- क्या हुआ मम्मी?

मैं अपने शरीर को छिपाने का असफल प्रयास करते हुए बोली- छिपकली है वहां वंश.

इतनी देर में वंश मेरा पूरा जिस्म देख चुका था. जब वो तौलिया ले के पास आया, तो मैंने देखा कि उसका लंड पूरा टाइट हो चुका था. अपनी मम्मी को ऐसे देख कर उसका लंड खड़ा हुआ, मतलब मेरा काम बन गया.

इसके कुछ देर बाद वंश नाश्ता करके अपना एग्ज़ाम देने चला गया और मैं शिमला जाने के लिए पैकिंग करने लगी.

मैंने इंदौर से ही अपने लिए जीन्स टी-शर्ट, चुस्त टॉप, बिकनी वाले शॉर्ट्स ले कर आई थी. मैंने वो सब रख लिए. हमारी फ्लाइट तीन बजे की थी. वंश एक बजे घर आया. मैं जाने के लिए पूरी तैयार थी. बस मुझे कपड़े पहनना बाकी था.

मैंने वंश बोला कि बेटा मैं सच में तेरी गर्लफ्रेंड बनके चलूँ ना या मम्मी?

तो वंश हंस कर बोला- मम्मी बन के तो हमेशा घूमी हो आप … अब आप जो मन में आए वैसे चलो.

उसकी इस बात से मैंने उसका मन समझ लिया और मैंने उसे गाल पर एक किस करके कहा- ठीक है … तू मेरा इंट्रो किसी से भी मम्मी बता कर नहीं करना.

उसने भी हामी भर दी और मुझे किस कर लिया. आज उसका किस एक ब्वॉयफ्रेंड जैसा ही लगा.

मैंने कैपरी और स्लीव लैस टॉप पहन लिया. तो वंश ने मुझे देख कर हग कर लिया और मुझे किस करते हुए बोला- तो चलने को रेडी है न मेरी गर्लफ्रेंड?

मैंने भी उसको अपने सीने से चिपका कर हां कहा और हम दोनों मुस्कुराते हुए घर से निकल गए.
 
मैं एयरोड्रम पहुंच कर प्लेन तक का रास्ता तय करते वक्त अपने बेटे की बांहों में बांहें डाल कर चल रही थी. देखने वाले सब लोगों को यही लग रहा था कि हम दोनों एक कपल हैं.

कुछ देर बाद हम चैक इन करके फ्लाइट में बैठ गए.

मैं वंश से बोली- वंश क्या हम रियल कपल नहीं बन सकते?

वंश मेरी तरफ देखता हुआ बोला- मम्मी आप ये क्या बोल रही हो?

मैं बोली- हां … मैं ठीक बोल रही हूँ … जो तूने सुना है मैं वही कहना चाहती हूँ.

वंश ने मद्धिम स्वर में कहा- लेकिन मम्मी ये गलत है.

मैं बोली- वंश, हमारे पास करोड़ों रुपए हैं … हम दोनों चाहें, तो पूरी जिन्दगी ऐश करेंगे, फिर भी पैसा खत्म नहीं होगा. फिर जब तेरा मुझसे मन भर जाएगा, तब मैं तेरी शादी करा दूंगी. अभी तू 20 का है … मैं 41 की हूँ. पन्द्रह साल बाद मैं 56 की हो जाऊंगी, तब तेरा भी मन भर जाएगा या उससे पहले भी भर गया, तो मैं तेरी शादी करा दूंगी. अगर तुझे ये अजीब लग रहा है, तो सुबह मेरे नंगे जिस्म को देख कर तेरा लंड क्यों खड़ा हुआ था. मैंने इसके बाद तुझे अपना ब्वॉयफ्रेंड बनाया, तब भी तुझे मेरा साथ पसंद आया था.

मेरी इस खुली भाषा को सुनकर वंश के चेहरे के रंग बदलने लगे. मैं भी इतना कह कर वंश की तरफ देखने लगी. उसकी आंखें मुझे और सुनने के लिए मेरे चेहरे पर ही लगी थीं. शायद वो राजी था, पर वो सब कुछ मुझसे ही उगलवाना चाहता था.

मैंने उसके पैन्ट पर लंड के पास हाथ रखते हुए कहा. इसके ठीक बाद उसकी आंखों में वासना की हवस और हल्की सी शर्म दोनों दिखने लगी थीं. मैंने उसको गले से लगाया और उसके लंड को पकड़ कर उसको लिप किस कर दिया. उसने भी मेरी चूचियों को हल्के से दबा दिया. हम दोनों ने एक दूसरे का मन पढ़ लिया था. इस हवाई सफर के दौरान हम दोनों एक दूसरे के हाथ को हाथों में लिए बस कसमसाते रहे और अपनी भावनाओं को आंखों से ही व्यक्त करते रहे.

हम दोनों में इतना तय हो गया था कि मैं उसको वंश ही कहूंगी और वो मुझे हनी कहेगा.

कुछ देर बाद हम दोनों शिमला पहुंच गए. मैंने पहले से ही एक होटल में हनीमून रूम बुक करा दिया था. हम दोनों न्यू कपल के जैसे रूम में गए. रूम सर्विस वाला आया, तो उसने एक रेड वाइन की बोतल कॉमप्लीमेंट्री दी, मिनरल वाटर दिया.

फिर वो बोला- सर कुछ और चाहिये हो तो प्लीज़ 9 नम्बर पे कॉल कर दीजिएगा.

वंश ने एक ब्लैक डॉग की बोतल लाने की कह दिया, जोकि वो कुछ ही देर में ले आया.

सर्विस ब्वॉय के जाते ही मैं उठ कर डोर बन्द करने गई. मैंने ‘डू नॉट डिस्टर्ब’ का साइनबोर्ड लगा कर डोर लॉक कर दिया और अन्दर आ गई. वंश सोफे पर बैठा था. मैं जा कर उसकी गोद में बैठ गई.

मैं बोली- वंश तू सच सच बता, जब उस दिन मैं तेरे पास आई थी, तब तूने मुझे देख कर क्या सोचा था.

उसने हंस कर मेरी बात को टाल दिया.

मैंने उससे आगे पूछा- उसके बाद मेरी गोद में कॉफ़ी पीते टाईम और मेरे निप्पलों को देख कर क्या महसूस किया था. तू एक बार मुझे सच बता दे वंश कि मेरे नंगे जिस्म को देख कर तेरा लंड खड़ा क्यों हुआ था. वंश मैं तुझे जिन्दगी भर बहुत खुश रखूँगी.

वो मेरे कंधों को सहलाता हुआ बोला- हनी मैं तुमको नहीं पहचान पाया था … मैं सोच रहा था कि साला कितना मस्त माल आया है. पर जब मेरी कार में नजर गई, तब मैं तुमको पहचान पाया था. फिर जब तुम फ्लैट में अन्दर आई थीं, मैं तब से यही सोच रहा था कि तुम कितनी हॉट हो गई हो, सेक्सी हो गई हो.

मैं उसकी बात से खुश होकर उसके लंड को दबा दिया और कहा- हम्म … इसके आगे तुमने क्या सोचा?

वंश- आगे जब तुम गर्लफ्रेंड बनने का बोलीं, तब मेरे मन में लग रहा था कि अगर रियल में तुम मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ तो कितना मजा आ जाएगा.

मैंने- फिर?

वंश- जब तुम फ्लाइट में मुझसे लंड शब्द यूज करते हुए बोलीं, तो मुझे लगा शायद तुम मुझे चैक कर रही हो … इसलिए मैं थोड़ा डर गया था.

मैंने उसके ऐसा बोलते ही उसके होंठों में अपने होंठों को रख दिया और चूसने लगी.

कुछ ही पलों आग भड़क उठी और हम दोनों की जीभें एक दूसरे के मुँह में एक दूसरे के रस को चूस रहे थे. इसी तरह किस करते करते दोनों ने एक दूसरे के कपड़े उतार दिए.

वंश ने वाइन की बोतल उठाई और खोल कर एक घूँट मुँह में लिया और मेरे मुँह में डाल दिया. मैं भी चूंकि हाई सोसाइटी में रह कर ड्रिंक और स्मोकिंग करने लगी थी. इसलिए मैं रेड वाइन पी गई.

‘उउफ्फ्फ … मेरा वंश आई लव यू..’

वंश भी बोला- आई लव यू माय हनी.
 
मैं बोली- यस हनी ही कहना … मम्मी नहीं … बल्कि तू मुझे कविता डार्लिंग बोल.

वंश बोला- हाँ कविता डार्लिंग.

मैं बोली- वंश तू आज उस चूत को चोदेगा … जहाँ से तू निकला है.

इसके बाद मैंने अपने पर्स से ट्रिपल फाइव सिगरेट का पैकेट निकाला और एक सिगरेट सुलगा ली. एक ही सिगरेट को हम दोनों ने बारी बारी से खींचते हुए पूरी वाइन पी ली.

हम दोनों इस दौरान एक दूसरे के जिस्म को चाट रहे थे. जल्दी ही हम दोनों 69 में आ गए. मैं और मेरा बेटा वंश पूरी जीभ डाल के एक दूसरे की गांड चाट रहे थे. मैं उसका लंड गले तक ले रही थी और वो मेरी चूत और गांड को अपनी जीभ को नुकीली करके अन्दर तक चाट रहा था.

उसको और मुझे वाइन ज्यादा पीने की वजह से सुसु आ गई. मैंने और मेरे बेटे ने एक दूसरे की सूसू भी पी ली.

उउउफ्फ क्या नमकीन मस्त स्वाद था.

उसके बाद वंश बोला- कविता डार्लिंग आज तो मैं पहले अपनी मम्मी को चोदूंगा … कल से गर्लफ्रेंड को चोदूंगा.

मैं बोली- हाँ मेरे लाल … जल्दी से अपनी माँ चोद दे … साले तू पहले मादरचोद बन जा.

उसने मुझे गाली देते सुना तो उसने मुझे भी गाली देते हुए बिस्तर लाके पटक दिया और मेरी टांगें फाड़ते हुए लंड सैट किया. फिर वो बोला- ले मेरी छिनाल मम्मी … ले बहन की लौड़ी मेरा एक बार में पूरा लंड ले.

उसने अपना 8 इंच का मोटा लंड एक बार में ही मेरी चूत में पूरा घुसेड़ डाला.

उसका मोटा लंड लेते ही मेरी आह निकल गई ‘आआह्ह्ह … साले मादरचोद … धीरे चोद भोसड़ी के … आह्ह्ह … आज ही चूत फाड़ेगा क्या?’

वंश ने कहा- साली छिनाल तू न जाने कितने लौड़े खा चुकी होगी … तब मेरे लंड से चुदने आई रंडी साली … ले कुतिया.

मैं बोली- तू भी तो मादरचोद नौसीखिया नहीं दिख रहा है … सच सच बता भोसड़ी के इसके पहले तूने किस किस को चोदा है?

वंश मेरी चूत में अपने मूसल की ठोकर देता हुआ बोला- मेरी छिनाल मम्मी … हफ्ते में एक दो कॉलगर्ल्स को चोदे बिना तो मेरी आग ही शांत नहीं होती है.

मैं कह उठी- वाह जियो मेरे लाल … मैं भी कई कॉलब्वॉय्स से चुदी हूँ, पर तेरे जितना तगड़ा लंड नहीं मिला. इतना बड़ा लंड तो तेरे बाप का भी नहीं था. आह चोद बेटा … अपनी रांड मम्मी को पेल … आआअहह … उउउफ्फ बेटा … चोद आई लव यू बेटा … मेरा वन्शू … आआअह्ह चोद दे फाड़ दे मेरी चूत आआह्ह … बेटा चोद दे …

वंश- यस मम्मी उउ … आज तो तेरी चूत का भोसड़ा ही बना दूंगा. आह मम्मी आई लव यू.

मैंने कहा- बेटा क्या हम दोनों शादी करके मुंबई में रह सकते हैं.

बेटा बोला- हाँ मम्मी …
 
मैं उसके लंड का मजा लेने लगी- उउउह … उम्म्म … आह्ह्ह … आआहहह … उउउफ्फ चोद दे बेटा.

उसने बोला- इसके बाद मम्मी मुझे तेरी गांड चोदना है.

मैं बोली- मैं पूरी तरह से तेरी हूं मेरे लाल.

ये सुनते ही वंश बोला- तो चल घोड़ी बन जा मेरी रंडी … अभी तेरी गांड का भी मजा लेने का मूड बन गया … साली कुतिया.

मैं जल्दी से घोड़ी बन गई और उसने पहले कुछ पल मेरी गांड चाटी और अपना लंड लहराते हुए मेरी गांड में डाल दिया.

उसका मोटा बांस जैसा लंड मेरी गांड को चीरता हुआ अन्दर चला गया. वो तो गनीमत थी कि मेरी गांड का छेद पहले से खुला हुआ था. ये मेरे पति ने एक बार मुझे दारू के नशे में टुन्न करके अपने एक अधिकारी के लंड से खुलवाया था. उसके बाद तो न जाने कितनी बार मेरी गांड ने तरह तरह के लंड निगले थे.

तब भी इस बार काफी दिनों से मेरी गांड में लंड न जाने से मेरी गांड मुंद सी गई थी. वंश का लंड गांड में खलबली मचा गया. मेरी एक तेज स्वर में आह्ह्ह्ह निकल गई. मेरे आंसू आ गए.

साला अपने बाप पर ही गया था मादरचोद बेटा था. बहन का लौड़ा मेरे जैसा ही अय्याश निकला था. उसने पीछे से हाथ बढ़ा कर मेरे झूलते मम्मों को अपनी मुठ्ठी में दबोचा और मेरी गांड को चोदना चालू कर दिया.

हालांकि कुछ ही करारे धक्कों के बाद मेरी गांड ने मस्ती करना शुरू कर दिया था. पूरे कमरे में हमारी गरमागरम सांसों की जोर जोर से आवाज और ‘फ्च्फ्च्फ् … व्ह्च्फ्च..’ और मेरे कंठ से निकलती ‘आअह उम्म्ह… अहह… हय… याह… आउउऊ उउउ …’ की गूंजें फ़ैल गई थीं.

कुछ ही देर में वो और मैं झड़ने वाले थे. मैं बोली- आअहह बेटा आई लव यू मेरी जान … मेरी चूत में ही झड़ना.

वो बोला- मम्मी आप प्रेगनेंट हो जाओगी.

मैं बोली- तू जी भर के चोद बेटा … मैंने आपरेशन करा लिया है … डर मत बस अपनी आग शांत कर ले.

लेकिन उसने पूरा वीर्य मेरे मुँह में और मेरे चेहरे पर डाला.

‘आआहह उउम्म्म्म … ऊआह्ह्ह..’

अपनी औलाद से चुदने में पूरी कसर निकल गई थी … मैं अपने बेटे से सुबह 5 बजे चुदती रही. हम दोनों थक हार के ब्लैक डॉग के दो दो पैग लगा के सो गए.

मेरे बेटे के लंड ने मेरी जवानी को कुचल कर रख दिया था. मुझे आज बड़ी तृप्ति मिली थी.

चुदाई के बाद हम दोनों नंगे ही सो गए.

मेरी नींद सुबह 11 बजे खुली, तो वंश का हाथ मेरे चूचों में था. हमने रात में ड्रिंक की थी, तो नशा उतरा नहीं था. मैं फ्रेश होने गई, वहां से आई और वंश की बांहों में आ गई.

मैं उसको चूमते हुए बोली- बेबी, सुबह हो गई.

उसने आंख खोली तो मैंने उसके होंठों में अपने होंठ लगा कर उसे किस किया. वो मुझसे लिपट गया. मैं उसकी गर्दन में चुम्बन करने लगी, फिर उसके सीने में जीभ से चाटते हुए मैं उसकी नाभि तक आ पहुंची. वंश समझ गया था. वो सीधा होते हुए एकदम से चित लेट गया. मैं भी नंगी थी, लगातार उसके जिस्म को चूमते चाटती जा रही थी.

उफ्फ … उसके बाद उसके लंड को देखा, तो वो एकदम मूसल सा खड़ा लहरा रहा था. मैंने अपने बेटे के लंड को पकड़ा और ऊपर करके उस पर अपनी जीभ फिराते हुए लंड को चाटने का मजा लिया. फिर वंश के लंड के लड्डुओं पर आकर मैंने एक लड्डू को अपने मुँह में भर लिया. उसके एक लड्डू को मैंने पूरे मनोयोग से चूसा.

आह्ह्ह …

फिर मैंने जांघों के बीच में चाटा और वंश को बोला- बेटा गुड मॉर्निंग!
 
यह कहते ही मैंने उसके लंड को गप से पूरा अन्दर ले लिया और पूरे मन से उसके लंड को ऐसे चूसने लगी, जैसे लॉलीपॉप चूसते हैं. वंश के मुँह से सिर्फ ‘आअहह फ्फ्फ मम्मी डार्लिंग … स्वीटहार्ट कविता आई लव यू..’ के सिवा कुछ नहीं निकल रहा था. मेरे मुँह में बेटे का लंड और उसकी गांड में मेरी उंगली थी, जिसे मैं बीच बीच में चाट भी रही थी. उसके बाद मैंने उसकी गांड चाटी.

तभी मेरे प्यारे बेटे ने मुझे पलट दिया और हम 69 में आ गए.

उफ्फ्फ … अभी भी वो सब आपको बताते हुए मेरी चुत गीली हो रही है.

उसने मेरी चूत पर अपनी जीभ टिका दी और मेरे मुँह में वंश का लंड चलने लगा. मैं उसके लंड को चूस जरूर रही थी, लेकिन एक तरह से इस वक्त वंश मेरे मुँह को चोद रहा था. उसने मेरी चूत के दाने को अपने होंठों में दबाते हुए खींचा, जिससे मेरी रो पड़ी. मेरी चूत का रस छूट गया. चूत भलभला कर रिसने लगी. वंश ने अपने होंठों को फैला कर मेरी चूत पर एक तरह से ढक्कन सा लगा लिया था और वो मेरी चूत से टपकने वाले मेरे चूतरस का एक कतरा भी खराब नहीं जाने देना चाहता था.

इससे उसकी कामोत्तेजना भी बढ़ गई और वो भी मेरे मुँह में झड़ने लगा.

हम दोनों झड़ गए थे. हम दोनों ने एक दूसरे का पूरा माल पी लिया. वंश ने मेरी चूत का रस चाट चाट कर मेरी चूत को फिर से गर्म कर दिया था. सुबह का वक्त था, तो वैसे भी अभी उत्तेजना जल्दी से बढ़ गई थी. मेरी चूत लंड लंड करने लगी थी. इसलिए मैंने भी अपने बेटे के लंड को चूस चूस कर फिर से खड़ा कर दिया.

वंश चूत चाट कर चित लेटा हुआ था. मैं झट से पलट सीधी हुई और अपने बेटे के खड़े लंड पर बैठ गई. मैंने उसके लंड को अपने हाथ से अपनी फुद्दी के छेद में फ़िट किया और तभी नीचे से वंश ने ठोकर मार दी. उसका पूरा लंड सरसराता हुआ मेरी चूत में अन्दर तक घुसता चला गया. मैं अपनी चूचियों को उछालते हुए उसके लंड पर जोर जोर से घुड़सवारी करने लगी.

पूरा कमरा सिर्फ ‘फच फच..’ और ‘आह उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह्ह..’ की आवाज़ों से गूंज रहा था.

मैं लंड पर कूदते हुए अपने बेटे से बोली- बेबी मुझे कुछ दिन तेरी गर्लफ्रेंड बन के रहना है.

वो बोला- ठीक है मम्मी.

मैं उससे चुदती रही.

‘आआहह आअह्ह उफ्फ आअह्ह्ह …’ उसके मजबूत लंड से मेरी चुत को खुजली से बड़ी राहत मिल रही थी. मैं अपनी गांड ऊपर तक उठा कर लंड ले रही थी और मेरा बेटा भी नीचे से झटके दे दे कर मेरी चूत का बजा बजा रहा था.

‘आअह्ह जोर जोर से आआहह उह बेटा … चोद चोद बेटा आअह …’

वंश बोला- हाँ मम्मी आअह्ह ले ना.

मैं- आअह उफ्फ … बेटा तूने मम्मी समझ के तो मुझे रात भर चोदा है ना … अब रांड कॉल गर्ल छिनाल समझ के चोद … आअहह बेटा.

वंश बोला- हाँ मेरी रंडी कविता … आअहह आई लव यू उउम्म … आह्ह्ह … आअहह उफ्फ … उम्म … मुउह्ह्ह्हा …

वो मुझे बड़ी बेदर्दी से चोदे जा रहा था. मुझे बड़ी राहत मिल रही थी.

तभी उसने एक झटके में मुझे पलट दिया और कमर के नीचे तकिया लगा कर मेरे ऊपर छा गया. मैंने जल्दी से उसका लंड अपनी चूत में सैट कर लिया. उसने एक जोरदार झटका मारा और अपना पूरा मूसल मेरी चूत की जड़ तक गाड़ दिया. उसकी इस हरकत से मेरी चीख निकल गई- आआ ह्ह्ह … मार दिया मादरचोद ने.

वो हंसने लगा और साला कमीना रुका भी नहीं. उसने मुझे धकापेल चोदना चालू कर दिया.

धीरे धीरे मुझे मज़ा आने लगा और मैं सातवें आसमान में उड़ने लगी. मैं बोली- आह बेटा वेरी गुड … आअहह चोद दे … मैं बहुत खुशनसीब हूं कि तेरे जैसा बेटा मुझे मिला.

मैं इसी तरह अपने बेटे से चुदती रही और मेरा प्यारा बेटा चोदता रहा.

आखिरकार बीस मिनट की चुदाई के बाद मैं लस्त पस्त हो गई. मेरी चूत बहने लगी. उसने भी लंड निकाल कर अपना रस मेरे पेट पर निकाला और वो मेरी चूत चाटने लगा.

उसके बाद थोड़ी देर तक हम दोनों ने रेस्ट किया. फिर साथ में बाथरूम में आ गए. मैंने ब्रश में पेस्ट लगाया और मग में सूसू की. मैंने वंश से भी मग में सूसू करवाई. हम दोनों ने उसी सूसू से अपना मुँह गीला किया. उसके बाद मैंने और वंश ने साथ में एक ही ब्रश से ब्रश किया और सूसू से मुँह साफ़ किया.

उफ्फ्फ्फ क्या मज़ा आया.

उसके बाद हमने कमरे में आकर वोदका के पैग बनाए और वापस बाथरूम में आ गए.
 
कमोड को बन्द करके उस पर वंश बैठ गया और मैं उसकी जांघों में बैठ गई. हम दोनों ने इसी अवस्था में पैग लगाये और सिगरेट का मजा लिया.

तभी वंश को सुसु लग गई, तो मैं झट से नीचे बैठ गई और उसने कमोड से खड़े होकर मेरे ऊपर मूतना चालू कर दिया. उसका मूत मेरे सर में बालों से होते हुए माथे में … और माथे से होते हुए नाक में … और नाक से मुँह में जाने लगा. मुझे उसके नमकीन मूत्र का मजा आने लगा. इसके बाद बाकी का मूत्र धीरे-धीरे मेरे पूरे जिस्म पर फ़ैलने लगा.

उफ्फ … वो क्या मस्त रंगीन माहौल था. मैं अपने बेटे के मूत को किसी अमृत के जैसे पी रही थी और चाट रही थी. मेरे मुँह से आहें और कराहें निकली जा रही थीं- उम्म … आह्ह्ह उम्म्म … ऊऊहह … आआहह उफ्फ … आई लव यू वंश … मेरा प्यारा बेटा … मेरा बेबी म्म्मुआहह.

उसने मुझे अपने मूत से नहलाया. उसके बाद मेरे ऊपर वोदका डाल दी और फिर मेरे जिस्म को चाटा.

आअह्ह्ह … कितना हसीन था ये सब.

वंश बोला- मम्मी मैं आपके पूरे जिस्म को चाटूंगा … आई लव यू मम्मी … आपके जैसा जिस्म किसी का भी नहीं होगा.

मैं बोली- तेरे लिये ही तो जिम और योग करके शरीर को ऐसा मस्त बनाया है. बेटा आई लव यू टू मच. आह्ह!

उसके बाद वो कमोड पर बैठ गया और मैंने उसकी जांघों को अपनी जांघों के ऊपर रख कर पैरों को फ्लश की तरफ करते हुए उसके पैरों को अपनी कमर में फंसा लिया. अब मेरे वंश ने अपने लंड मेरी चूत में डाल कर मुझे चोदना चालू कर दिया. मेरा बेटा मेरे मम्मों को दबा रहा था और मैं उसके मुँह में अपना थूक डाल कर उसे चूस रही थी. वो भी मेरे थूक को जीभ निकाल कर चाट कर मुझे मजा दे रहा था. साथ ही वो मुझे जोर जोर से चोद भी रहा था.

‘आआह उफ …’ इस तरह से चुदाई करने में बड़ा मजा आ रहा था. हम दोनों बेताबी से किस करने लगे और एक दूसरे की लार को चाटे जा रहे थे. वो मेरे मुँह में अपना मुँह लगा कर मेरी चूत में अपना पूरा लंड पेल कर मुझे चोद रहा था.

जैसे ही बीच बीच में वो मेरे होंठों को छोड़ता, मेरे मुँह से कामुक आवाजें निकलने लगतीं- आह्ह्ह्ह … और जोर जोर से चोद दे मेरी जान … ऊफ्फ्फ आअह्ह … मुआहह.

दस मिनट मुझे यूं ही हचक कर चोदने के बाद उसने मुझे घुमा दिया और फ्लश के पास टिका दिया. अब वो नीचे बैठ के पीछे से मेरी गांड चाटने लगा. अपनी पूरी जीभ मेरी गांड में अन्दर तक डाल कर मुझे मजा देने लगा.

मैं बोली- बेटा टट्टी आ जाएगी.

वंश बोला- मैं चाट लूँगा.

‘आआह्ह्ह … बेटा आई लव यू.’

उसने मेरी पूरी गांड को अन्दर तक अपने थूक से गीली कर दिया. इसके बाद बिना मुझे बताए उसने अपने मोटे लंड को एक बार में मेरी गांड में पूरा का पूरा डाल दिया. एकदम से बांस जैसा लंड मेरी गांड में घुस जाने से मेरी सांस रुक गई और आंखों में आंसू आ गए. उसने अपने बलिष्ठ हाथों से मेरा सर फ्लशटैंक से चिपका दिया. मैंने घूमना चाहा तो उसने मेरे सर फ्लशटैंक में दबा कर जानवर बना गया.

अब वो पीछे से जोर जोर से मेरी गांड मार रहा था. मेरा बेटा अपनी माँ की गांड मारने के लिए एकदम से जंगली जानवर बन गया था.

मैं सिर्फ ‘आह … औउऊ … ऊऊई … मर गईईई..’ बोल पा रही थी.

वो मेरे बालों को पकड़ कर अपने लंड को जबरदस्त तरीके से मेरी गांड में अन्दर बाहर करते हुए बोल रहा था- ले साली रंडी … माँ की लौड़ी छिनाल अब मुझसे ऐसे ही चुदने की आदत डाल ले कुतिया … आआहह … ले पूरा लंड अन्दर ले.

उसकी हाहाकारी ठोकरों से कुछ ही मिनट में मेरी गांड का दर्द थोड़ा कम हो गया और मुझे भी मज़ा आने लगा.

मैं भी अपनी गांड के छेद का सत्यानाश करवाते हुए बोली- आह मेरे लाल आअह्ह … चोद दे … मेरी गांड को भी फाड़ दे … आअह्ह … उफ्फ्फ आई लव यू वंश माय बेबी … उम्म्महह!

वंश बोला- आई लव यू टू मम्मी मेरी जान उफ्फ्फ… आआहह … क्या गांड मरवाती हो!

गांड में उसके लंड के साथ मैं अपनी चूत के दाने को भी मसले जा रही थी.

कुछ ही देर में हम दोनों साथ में झड़ गए और शॉवर ऑन करके वहीं फर्श पर नंगे पड़े रहे.
 
दस मिनट हम दोनों उठे और एक दूसरे की बांहों में बाहें डाल के बाथरूम से बाहर आ गए.

मैंने रेड ब्रा पेन्टी स्ट्रिंग वाली और ब्लैक कलर का घुटने तक का सिल्क का गाउन पहन लिया. अपने होंठों पर फ़ूड ग्रेड वाली रेड लिपस्टिक लगाई. आँखों में आई ब्रो, आई लाईनर और काजल लगा कर हम दोनों लंच करने जाने के लिए तैयार हो गए. जाने से पहले वंश ने वोदका की बोतल से लम्बे लम्बे दो तीन घूंट नीट ही लगा लिए और मेरी तरफ बोतल बढ़ा दी. उसने एक सिगरेट सुलगा ली. मैंने वंश के हाथ से शराब की बोतल ले कर गिलास में बोदका लेकर पी ली. बोतल से पीने से मेरी लिपस्टिक खराब होने का डर था. इसके बाद वंश ने सिगरेट मेरी तरफ बढ़ाई तो मैंने दो तीन कश खींचे और धुंआ वंश के सीने में फूंक दिया. वंश मुझे आँख मारते हुए अपने हाथों में हाथ डाल कर ले जाने लगा.

अपने सगे बेटे से चुदाई का मजा करने के बाद हम दोनों लंच करने गए, वहाँ जितने भी शादीशुदा जोड़े और प्रेमी प्रेमिका थे, सब हम दोनों माँ बेटे को देख रहे थे, पर किसी को नहीं पता कि हम माँ बेटे हैं. मैं और वंश एक दूसरे की बांहों में बांहें डाल के आये और खाने की टेबल में बैठ गए. वंश ने खाना ऑर्डर किया. खाने में काजू करी, बटर नॉन पुलाव बूंदी रायता और पापड़ आदि सब मंगाया. वेटर सबसे पहले पापड़ लाया, जिसे एक साइड से मैंने अपने मुँह में पकड़ा और दूसरी साइड से वंश ने दबा लिया. इस तरह हमने बिना किसी की परवाह किये एक साथ पापड़ खाया. सभी हम दोनों माँ बेटे को देख रहे थे, पर उन्हें लग रहा था कि हम कपल हैं.

हमने खाना खाया और क्लब में आ गए. वहाँ हमने डांस किया. बांहों में बांहें डाल कर किस करते हुए बहुत एन्जॉय किया.

उसके बाद हम रूम में आ गए. अब मैं अपने बेटे से बोली- आज तुम मेरी चुदाई ऐसे करो जैसे मेरे साथ जबरदस्ती की जा रही हो!

वो भी पूरे मूड में आ गया और एकदम किसी गुंडे जैसे रोल में आकर गुस्से में मुझे गोद में उठा कर मेरे साथ गुंडे जैसा बिहेव करने लगा.

मैं भी उससे किसी अबला नारी जैसे बोलने लगी- छोड़ मुझे कुत्ते कमीने … मैं तेरी माँ समान हूं.

मैंने उसे एक झापड़ मार दिया. इस पर उसने मुझे बेड पर पटक दिया और अपने कपड़े खोलने लगा.

मैं उससे बोली- बेटा मुझे छोड़ दे.

उसने बेल्ट उतार कर मुझे मारना चालू कर दिया. उसने मुझे बहुत मारा, ऊपर से मेरी आंखों में आंसू और अन्दर दिल में खुशी थी. उसने मारने के बाद मेरे मुँह में थूक दिया और मुझे बाल पकड़ कर उठाया. इसके बाद मेरे सीने में हाथ रख के एक झटके में गाउन को फाड़ दिया और ब्रा को भी फाड़ दिया.

मैं बोली- बेटा छोड़ दे मुझे.

मैं उसके पैरों में गिर गई.

मेरा बेटा वंश मुझसे बोला- उठ साली रांड … मादरचोदी.

उसने मुझे बाल पकड़ कर उठाया. एक झापड़ मेरे गाल में दे मारा और उठा के बिस्तर में पटक दिया. मेरी टांगें जैसे ही सीधी हुईं, उसने पेंटी को खींच के फाड़ दिया. मैं भी ड्रामा करते हुए उससे रहम की भीख माँग रही थी.

मैं- आह … मुझे छोड़ दे.

अब वंश मेरे ऊपर चढ़ कर मुझे किस करने लगा. मैं नखरे करने लगती … तो वो मुझे मारने लगता था. उसके बाद उसने मेरी जांघ चाटी और मेरी बगलों को चाटने लगा. उसके बाद उसने मेरे पूरे जिस्म को चाटा. मेरा ऐसा एक भी अंग नहीं बचा होगा, जिसको मेरे लाड़ले बेटे ने ना चाटा हो.

मेरे कंठ से ‘आहह … उफ्फफ्फ आह्ह..’ निकलने लगी थी.

अब मैं भी पूरी गर्म हो गई थी. मैं भी उसकी बगलें चाटने लगी. हम दोनों का जिस्म पसीना से लथपथ था. सच में कितनी नशीली खुशबू थी और बहुत नशीला स्वाद भी था.

‘उफ्फ …’ उस पल को याद करके तो मेरे मुँह में अभी भी पानी आ गया.
 
हम दोनों माँ बेटे एक दूसरे के जिस्म को चाट रहे थे. जब वंश मेरी अंडर आर्म्स चाट रहा था, मुझे बहुत गुदगुदी लग रही थी. इसके बाद उसने मेरी गांड के छेद को चाटना चालू कर दिया. उसने मेरे चूतड़ों में चमाट मारना चालू कर दिया. मेरे लाल वंश ने जोर जोर से मार मार के मेरी पूरी गांड लाल कर दी. जीभ से चाट चाट कर उसने मेरी गांड का छेद पूरा चिपचिपा और बहुत गीला गीला कर दिया. उसने मेरी गांड के छेद में जीभ डाल डाल के खूब चाटा.

मेरी गांड में अपनी जीभ को नुकीली करके अन्दर तक डाल कर वंश बोल रहा था- साली रंडी तेरी गांड … चूत … मुँह पूरा जिस्म मेरा है … साली कुतिया.

मैं भी बोल उठी- हां चोद दे मादरचोद … तेरे लौड़े में जितनी दम हो, चोद हरामी साले आज मेरी चूत का भोसड़ा बना दे … आआह्ह्ह … उफ्फ … आई लव यू माय सन … उउम्म … ऊआहह …

फिर मैं और वंश 69 में आ गए और एक दूसरे के लंड चूत को चाटने लगे. मैं उसके लंड को पूरा गले गले तक ले रही थी और वंश मेरी चूत को और गांड को पूरी जीभ डाल के चाट रहा था. हम दोनों की मादक आहों और कराहों से पूरा कमरा गूँज उठा था.

‘उम्म्ह… अहह… हय… याह… उफ्फ्फ बेटा..’

‘आआह्ह मम्मी..’

फिर वंश बोला- मम्मी मैं जिन्दगी भर तुमको चोदूंगा आहह!

मैं बोली- हां चोद ले मेरी जान … चाट मेरी चूत को मेरे लाल … आअहह!

तभी वो मेरे मुँह में झड़ने लगा और मूतने भी लगा.

आआह्ह … बहुत मस्त स्वाद था उसके बीज और मूत का … मुझे तो मजा आ गया. तभी मैं भी उसके मुँह में झड़ गई. हम दोनों ने एक दूसरे का माल पी लिया था.

मैं बोली- बेटा रोज सुबह मैं तेरा मूत और बीज पियूंगी … आज से सुबह से चाय कॉफ़ी बन्द.

वो बोला- ठीक है मम्मी … मैं भी आपकी पेशाब पियूंगा.

उसने मुझे फिर से मारना चालू कर दिया मेरे पूरे जिस्म में बेल्ट के निशान आ गए. साला कुत्ता कहीं का … मुझे काट भी रहा था. उसने मेरी गांड में भी काटा और बूब्स में भी अपने दांत गड़ा दिए.

वंश बोला- चल उठ जा मेरी रंडी मम्मी … साली दारू ले कर आ.

मेरे से चलते नहीं बन रहा था, फिर भी मैं संभल कर गांड मटकाते हुए गई और टेबल से बोतल उठा लाई.

वंश बोला- छिनाल बोतल से क्या तेरी चूत में व्हिस्की डाल कर पियूंगा … भोसड़ी की साली जाके गिलास ले के आ कुतिया.

मैं भी बोली- चूत में डाल कर पी ले कमीने!

उस कमीने ने मुझे एक लात मारी, जिससे मैं टेबल पर जा कर गिरी और हंसते हुए उठ कर गिलास और पानी की बोतल ले आई.

मैंने वंश से दारू की बोतल ले कर पैग बनाए. उसने गिलास लिया और घूँट भर कर मेरे चेहरे पर थूक दिया. फिर बाकी पूरा पैग पी लिया.

मैं अपने चेहरे की दारू जीभ निकाल के चाट रही थी. मैंने अपने लिए भी एक पैग बनाया. पहले उसको मैंने वंश को पिलाया. उसके पीने के बाद उसने अपने हाथ से मुझे भी बाकी का पैग पिलाया.

हम दोनों इसी तरह दारू पीते रहे.

मैंने 5 पैग पी लिये, उसने भी 5 पैग खींच लिए थे. मैं बहुत नशे में थी और वंश का लंड सहला रही थी. उसका लंड पूरा टाइट हो गया, मैं नीचे झुकी और लंड को मुँह में डाल के चूसने लगी.

मेरा बेटा बस ‘आअह्ह आह्ह वेरी गुड मम्मी आह्ह्ह आअहह …’ कर रहा था और मैं उसका लंड गपागप चूस रही थी.

अब उसका लंड पूरा गीला हो गया. मैं और वंश बैठ गए और पैरों को एक दूसरे की कमर में फंसा लिए. अब वंश ने मुझे चोदना चालू कर दिया. वो बहुत जोर जोर से धक्के लगाने लगा.

“आहह … उफ्फ उम्म … आहह ओह बेटा आह आह चोद दे अपनी रंडी माँ को चोद … फाड़ दे मेरी चूत … आह बेटा आआह …”

वंश बोला- साली तुझे जिन्दगी भर रखैल बना कर रखूंगा.

मैंने उसको एक झापड़ मारा और बोली- साले मादरचोद … रखैल नहीं, बीवी बनाना है.

मेरे चांटे से उसको नहीं पता क्या हुआ, वो मुझे और जोर जोर से चोदने लगा. मेरी चूत में मुझे उसका लंड किसी गरम सरिया सा लगने लगा.

“आह्ह आहह आअह्ह बेटा धीरे … आअह्ह्ह जान निकाल देगा क्या तू? आआह …’

पूरा कमरा हमारी आहों से गूंज रहा था. शिमला की ठंडक में भी वो पूरा पसीना पसीना हो गया.

अब वो लेट गया मैं उसके ऊपर आ गई. मैंने उसके पसीने को चाटा और उसके लंड को चूस कर गीला कर दिया. फिर उसके लंड में चूत गपा कर बैठ गई. मैं अपने बेटे के मूसल लंड की सवारी करने लगी. मेरे दूध हिल रहे थे और मेरे मुँह से गरम सीत्कारें निकल रही थीं- आह … उह्ह … कितना अन्दर तक जा रहा है साले मादरचोद … पूरी चूत की जड़ तक ठोकर लग रही है.

वंश मेरे दूध मसलते हुए बोला- और जोर से मम्मी … आअहह आअह्ह्ह …

मैं जोर जोर से धक्के लगाने लगी- आअह्ह आअह्ह उऊफ बेटा चोद दे मुझे.
 
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