S
StoryPublisher
Guest
मम्मी ने कहा- तुम दोनों मेरे साथ अब क्या करना चाहेंगे?
हम दोनों उन्हें देखकर बोले- हमारे लण्ड की चुसाई कीजिये न मम्मी!
इतना सुनकर मम्मी फिर अपने घुटनों पर बैठ गई और हम दोनों को खड़े होने के लिए कहा।
वे एक एक करके हमारे लन्ड को चूसे जा रही थी। फिर उन्होंने हम से कहा- तुम दोनों एक दूसरे के करीब आ जाओ और दोनों लंड एक साथ मेरे मुँह में डालो और जोर जोर से झटके मारो जब तक मेरे मुँह में झड़ नहीं जाते।
हम दोनों ने ऐसा ही किया। मम्मी की आँखों से आंसू आ रहे थे फिर भी हम नहीं रुके और कुछ देर की चुसाई के बाद हम दोनों मम्मी के मुँह के अंदर ही झड़ने लगे।
मम्मी हमारा सारा माल निगल गयी।
उसके बाद हम दोनों बैठ गए। मम्मी भी ठीक हमारे बीच में बैठ गई और अपनी चूत से खेलने लगी। उन्होंने अपने पैरों को फैलाया और अपनी चूत को जोर-जोर से सहलाने लगी। उसके बाद हम तीनों ने वैसे ही नंगे होकर खाना खाया।
खाना खाकर हम वापस लिविंग रूम में आ गए। मम्मी अभी भी ब्रा पैंटी मैं थी।
करण ने कहा- मम्मी, आप अपनी ब्रा उतार लो, मैं अपना लंड आपके स्तनों पर रगड़ना चाहता हूँ।
मम्मी ने कहा- ठीक है बेबी … तुम मेरे स्तनों की चुदाई कर सकते हो।
और मम्मी ने अपनी ब्रा उतार दी और उनके दोनों स्तन बाहर आये और अलग-अलग उछले।
मम्मी फिर से अपने घुटनों पर बैठ गयी और करण अपने लंड को उनके स्तनों के बीच रगड़ने लगा।
मम्मी ने मेरी तरफ देखते हुए मुझसे पूछा- रोहन तुम क्या करना चाहते हो?
मैंने कह- मैं अपना लंड तुम्हारी गांड में डालना चाहता हूँ मम्मी!
मम्मी ने मुझे बुलाया और नीचे लेटने के लिए कहा। मैंने वैसा ही किया। मेरे लेटने के बाद मम्मी मेरे ऊपर आकर बैठ गयी और मैंने लन्ड पर थूक लगाकर उनकी गांड के छेद पर सेट कर दिया और अपना सुपारा अंदर घुसेड़ दिया। मम्मी फिर धीरे धीरे मेरे लण्ड को अपनी गांड के अंदर ले गयी और उछल उछाल कर चुदवाने लगी। मम्मी थोड़ा उम्म्ह… अहह… हय… याह… कराहते हुए उछल कर मेरे लंड पर नीचे झुक रही थी जबकि करण उनके स्तन चोद रहा था।
करण ने मम्मी की तरफ देखा और कहा- आई एम कमिंग कम मम्मी!
मम्मी ने कहा- मेरे बच्चे हाँ … मेरे स्तन पर गिरा दे अपना वीर्य।
करण ने अपने वीर्य से मम्मी के स्तनों को ढक दिया और मैं भी उनकी गांड को जोर से मार रहा था।
करण के हो जाने के बाद मैंने अपनी माँ को बताया कि मैं भी झड़ने के लिए तैयार हूँ तो मम्मी और जोर जोर से उछलने लगी और मैं उनकी कसी हुई गांड के अंदर झड़ने लगा।
मम्मी भी करण के वीर्य को अपने स्तनों पर मल रही थी। मम्मी काफी गर्म हो चुकी थी और काफी समय से उनकी चूत के अंदर लण्ड भी नहीं गया था।
मैंने मम्मी को उठाया और सोफे पर बैठा दिया। मम्मी भी अपनी टांगोब को फैलाकर अपनी चूत को मसल रही थी।
हम दोनों उन्हें देखकर बोले- हमारे लण्ड की चुसाई कीजिये न मम्मी!
इतना सुनकर मम्मी फिर अपने घुटनों पर बैठ गई और हम दोनों को खड़े होने के लिए कहा।
वे एक एक करके हमारे लन्ड को चूसे जा रही थी। फिर उन्होंने हम से कहा- तुम दोनों एक दूसरे के करीब आ जाओ और दोनों लंड एक साथ मेरे मुँह में डालो और जोर जोर से झटके मारो जब तक मेरे मुँह में झड़ नहीं जाते।
हम दोनों ने ऐसा ही किया। मम्मी की आँखों से आंसू आ रहे थे फिर भी हम नहीं रुके और कुछ देर की चुसाई के बाद हम दोनों मम्मी के मुँह के अंदर ही झड़ने लगे।
मम्मी हमारा सारा माल निगल गयी।
उसके बाद हम दोनों बैठ गए। मम्मी भी ठीक हमारे बीच में बैठ गई और अपनी चूत से खेलने लगी। उन्होंने अपने पैरों को फैलाया और अपनी चूत को जोर-जोर से सहलाने लगी। उसके बाद हम तीनों ने वैसे ही नंगे होकर खाना खाया।
खाना खाकर हम वापस लिविंग रूम में आ गए। मम्मी अभी भी ब्रा पैंटी मैं थी।
करण ने कहा- मम्मी, आप अपनी ब्रा उतार लो, मैं अपना लंड आपके स्तनों पर रगड़ना चाहता हूँ।
मम्मी ने कहा- ठीक है बेबी … तुम मेरे स्तनों की चुदाई कर सकते हो।
और मम्मी ने अपनी ब्रा उतार दी और उनके दोनों स्तन बाहर आये और अलग-अलग उछले।
मम्मी फिर से अपने घुटनों पर बैठ गयी और करण अपने लंड को उनके स्तनों के बीच रगड़ने लगा।
मम्मी ने मेरी तरफ देखते हुए मुझसे पूछा- रोहन तुम क्या करना चाहते हो?
मैंने कह- मैं अपना लंड तुम्हारी गांड में डालना चाहता हूँ मम्मी!
मम्मी ने मुझे बुलाया और नीचे लेटने के लिए कहा। मैंने वैसा ही किया। मेरे लेटने के बाद मम्मी मेरे ऊपर आकर बैठ गयी और मैंने लन्ड पर थूक लगाकर उनकी गांड के छेद पर सेट कर दिया और अपना सुपारा अंदर घुसेड़ दिया। मम्मी फिर धीरे धीरे मेरे लण्ड को अपनी गांड के अंदर ले गयी और उछल उछाल कर चुदवाने लगी। मम्मी थोड़ा उम्म्ह… अहह… हय… याह… कराहते हुए उछल कर मेरे लंड पर नीचे झुक रही थी जबकि करण उनके स्तन चोद रहा था।
करण ने मम्मी की तरफ देखा और कहा- आई एम कमिंग कम मम्मी!
मम्मी ने कहा- मेरे बच्चे हाँ … मेरे स्तन पर गिरा दे अपना वीर्य।
करण ने अपने वीर्य से मम्मी के स्तनों को ढक दिया और मैं भी उनकी गांड को जोर से मार रहा था।
करण के हो जाने के बाद मैंने अपनी माँ को बताया कि मैं भी झड़ने के लिए तैयार हूँ तो मम्मी और जोर जोर से उछलने लगी और मैं उनकी कसी हुई गांड के अंदर झड़ने लगा।
मम्मी भी करण के वीर्य को अपने स्तनों पर मल रही थी। मम्मी काफी गर्म हो चुकी थी और काफी समय से उनकी चूत के अंदर लण्ड भी नहीं गया था।
मैंने मम्मी को उठाया और सोफे पर बैठा दिया। मम्मी भी अपनी टांगोब को फैलाकर अपनी चूत को मसल रही थी।