S
StoryPublisher
Guest
अपडेट 3
********
मैं अपने घर पहुचा जब मैं यहाँ से गया था तब हमारा घर एक मंज़िला था लेकिन अब ये दो मंज़िला हो गया था अंधेरा भी हो चुका था मैने बेल बजाई और दरवाजा खुलने का इंतज़ार करने लगा
"कॉन है" एक जनाना आवाज़ दरवाजे के पिछे से आई और दरवाजा खुल गया
"अरे कैसे लड़के हो तुम लिफ्ट तो देदि थी ना अब तुम्हे क्या चाहिए जो मेरे घर भी आगये" दरवाजा खोलने वाली लड़की बोली
उसे यहाँ देख कर तो मेरी सिट्टी पिटी गुम हो गई थी जब ये मेरे घर मे है और मेरे घर को अपना घर बोल रही है तो पक्का ये मेरी दोनो बहनो मे से एक होगी और सारे रास्ते मैं इसके बारे मे ना जाने क्या क्या सोचता रहा और कैसे मैने इसके सामने कुत्तो की चुदाई का
मज़ा लिया और जब स्कूटी पर ये मेरे पिछे बैठी थी तो कैसे मैने ब्रेक लगा लगा कर इसके बूब्स अपनी पीठ पर दबवाए थे 'हे भगवान
अब क्या होगा अगर सच मे ये मेरी बहन निकली तो, कहीं ये सारी बाते पापा से ना बता दे वरना एक बार फिर वो मुझे घर निकाला दे देंगे'
हे भगवान ऐसा मत करना मैं मन ही मन बड़बड़ा रहा था जब कि वो बार बार मुझसे पुछ रही थी क्या काम है यहाँ क्यों आए हो लेकिन जैसे मैं तो इस दुनिया मे था ही नही मेरी गर्दन झुकी हुई थी तभी मुझे एक दूसरी आवाज़ सुनाई दी
"क्या हुआ डॉली कॉन है" इस आवाज़ को सुनते ही मेरी फटी गान्ड और ज़्यादा फट गयी ये मेरी मम्मी की आवाज़ थी यानी अब ये पक्का हो गया था कि ये मेरी छोटी बहन डॉली है मैं मन ही मन अपने आप को कोसने लगा कि अभी कुच्छ देर पहले ही मैं अपनी बहन के बारे मे कितना गंदा गंदा सोच रहा था
"पता नही मम्मी कॉन है पहले मुझे रास्ते मे मिला था मुझसे लिफ्ट माँग रहा था गाओं तक आने के लिए लेकिन मैने नही दी लेकिन जब थोड़ा आगे जाकर मेरी गाड़ी पंचर हो गई तो टाइयर चेंज करने के बदले मैने इसे लिफ्ट दी और सामने ही चौराहे पर छोड़ दिया लेकिन ये साहब है कि मेरे पिछे पिछे घर तक ही आगये और अब पुच्छने पर आने का कारण भी नही बता रहे है" डॉली बोली
"क्या बात है भाई, क्यों इस तरह लड़की का पिछा कर रहे हो" मम्मी बोली
अब पहली बार मैने डरते डरते अपनी गर्दन उपर उठाई मुझे नही पता था कि ये जानने के बाद कि मैं उसका भाई हूँ डॉली कैसे रिक्ट करेगी
मेरे गर्दन उठाते ही मम्मी ने कुच्छ सेकेंड तक मुझे देखा और जैसे ही उन्होने मुझे पहचाना वो ज़ोर से "सोनुउऊउउ....." चिल्लाते हुए दौड़ कर मेरे गले से लग गई और उन्होने मेरे चेहरे पर पप्पीयो की बरसात सी कर दी
********
मैं अपने घर पहुचा जब मैं यहाँ से गया था तब हमारा घर एक मंज़िला था लेकिन अब ये दो मंज़िला हो गया था अंधेरा भी हो चुका था मैने बेल बजाई और दरवाजा खुलने का इंतज़ार करने लगा
"कॉन है" एक जनाना आवाज़ दरवाजे के पिछे से आई और दरवाजा खुल गया
"अरे कैसे लड़के हो तुम लिफ्ट तो देदि थी ना अब तुम्हे क्या चाहिए जो मेरे घर भी आगये" दरवाजा खोलने वाली लड़की बोली
उसे यहाँ देख कर तो मेरी सिट्टी पिटी गुम हो गई थी जब ये मेरे घर मे है और मेरे घर को अपना घर बोल रही है तो पक्का ये मेरी दोनो बहनो मे से एक होगी और सारे रास्ते मैं इसके बारे मे ना जाने क्या क्या सोचता रहा और कैसे मैने इसके सामने कुत्तो की चुदाई का
मज़ा लिया और जब स्कूटी पर ये मेरे पिछे बैठी थी तो कैसे मैने ब्रेक लगा लगा कर इसके बूब्स अपनी पीठ पर दबवाए थे 'हे भगवान
अब क्या होगा अगर सच मे ये मेरी बहन निकली तो, कहीं ये सारी बाते पापा से ना बता दे वरना एक बार फिर वो मुझे घर निकाला दे देंगे'
हे भगवान ऐसा मत करना मैं मन ही मन बड़बड़ा रहा था जब कि वो बार बार मुझसे पुछ रही थी क्या काम है यहाँ क्यों आए हो लेकिन जैसे मैं तो इस दुनिया मे था ही नही मेरी गर्दन झुकी हुई थी तभी मुझे एक दूसरी आवाज़ सुनाई दी
"क्या हुआ डॉली कॉन है" इस आवाज़ को सुनते ही मेरी फटी गान्ड और ज़्यादा फट गयी ये मेरी मम्मी की आवाज़ थी यानी अब ये पक्का हो गया था कि ये मेरी छोटी बहन डॉली है मैं मन ही मन अपने आप को कोसने लगा कि अभी कुच्छ देर पहले ही मैं अपनी बहन के बारे मे कितना गंदा गंदा सोच रहा था
"पता नही मम्मी कॉन है पहले मुझे रास्ते मे मिला था मुझसे लिफ्ट माँग रहा था गाओं तक आने के लिए लेकिन मैने नही दी लेकिन जब थोड़ा आगे जाकर मेरी गाड़ी पंचर हो गई तो टाइयर चेंज करने के बदले मैने इसे लिफ्ट दी और सामने ही चौराहे पर छोड़ दिया लेकिन ये साहब है कि मेरे पिछे पिछे घर तक ही आगये और अब पुच्छने पर आने का कारण भी नही बता रहे है" डॉली बोली
"क्या बात है भाई, क्यों इस तरह लड़की का पिछा कर रहे हो" मम्मी बोली
अब पहली बार मैने डरते डरते अपनी गर्दन उपर उठाई मुझे नही पता था कि ये जानने के बाद कि मैं उसका भाई हूँ डॉली कैसे रिक्ट करेगी
मेरे गर्दन उठाते ही मम्मी ने कुच्छ सेकेंड तक मुझे देखा और जैसे ही उन्होने मुझे पहचाना वो ज़ोर से "सोनुउऊउउ....." चिल्लाते हुए दौड़ कर मेरे गले से लग गई और उन्होने मेरे चेहरे पर पप्पीयो की बरसात सी कर दी