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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना
अपडेट 149
दिलीप- अभी तो दोपहर ही था
मैं सोच रहा था क्या करूँ
तभी मेरा फोन बजने लगा
मैने देखा फोन अखिल का था
दिलीप- हाँ बोल
अखिल- सिर्फ़ हाँ बोल ना हेलो ना हाई तेरा एकलौता दोस्त हूँ
दिलीप- यार अभी मूड ठीक नही है
अखिल- मूड तो मेरा भी ठीक नही है
दिलीप- क्यूँ तुझे क्या हुआ
अखिल- एक आदमी से पेमेंट लेना है साला दे ही नही रहा है
मन तो करता है साले के यहाँ 4 5 लड़कियाँ भेजके उसकी हड्डिया तुडवा दूं
दिलीप- लड़के क्यूँ नही
अखिल- देख लड़के भेजूँगा तो उसकी फॅमिली में से कोई लड़की पोलीस को बोलेगी
इसके भेजे हुए गुंडे ने मुझे छेड़ा मेरी तो लग जाएगी
[लुक्खे की बात सुनके मेरे दिमाग़ की घंटी बज गयी कि क्या आइडिया है टपोरी लड़किया]
दिलीप- अच्छा कुछ दिनो के लिए मुझे 5 या 6 लड़कियाँ चाहिए
अखिल- अबे मैं कोई दल्ला हूँ क्या
दिलीप- पहले पूरी बात सुन मुझे टपोरी लड़कियो की एक गॅंग चाहिए
जिसमें 5 या 6 लड़कियाँ हो
गॅंग की किसी भी मेंबर का पोलीस रेकॉर्ड ना हो
और सुन लड़किया थोड़ी जेंटल होनी चाहिए
अखिल- जेंटल मतलब
दिलीप- मतलब पढ़ी लिखी टपोरी लड़कियाँ
अखिल- यह तेरा फॅमिली मॅटर है
दिलीप- हाँ
अखिल- तब तो तू उसकी गान्ड मार लेगा
दिलीप- आज सब का पता करके बता शायद कल ही मुझे चाहिए
अखिल- मैं एक बात तो मैं बताना भूल ही गया वो मेरी जो शुगर फॅक्टरी है
उसका लीगल मालिक तो मैं हूँ लेकिन वो पैसा तो तेरा था ना
प्रॉफिट में से मैं तेरा आधा हिस्सा अलग रख रहा हूँ भेजवा दूं तेरे पास
दिलीप- जब बोलू तब भेजवा देना भाबी कैसी है
अखिल- एक दम अच्छी तू हमारी तरफ कब आएगा
दिलीप- जल्द ही आउन्गा
अच्छा सुन जो पेमेंट नही दे रहा है
उसे खांचा कार्ड से फोन कर
उसे बोल कि आपकी जान को ख़तरा है
और आपको सिर्फ़ अखिल बचा सकता है अगर वो मज़ाक समझे
तेरे शहर में अभी किसी बिज्निस मॅन का मर्डर हुआ है
तो उसे यही बोलना क़ि मैं उनको भी फोन किया था
लेकिन उन्होने मेरी बात को सीरीयस नही लिया और मारे गये
तेरे पीछे दुम हिलाता रहेगा
आखिल- क्या आइडिया है इसमें तो कुछ ग़लत भी नही है
दिलीप- फिर मैने फोन कट कर दिया
अब बारी थी किरण मौसी को मनाने की
मैं किरण मौसी के रूम में आ गया
और किरण मौसी पास बैठ गया
दिलीप- मासी आपसे कुछ मांगू तो देंगी
किरण मौसी- मेरे पास क्या है
दिलीप- ठीक है रहने दीजिए
किरण मौसी- बैठो अपनी माँ की तरह हो बोलो क्या चाहिए
दिलीप- मुझे आपके घर जाना है कल
किरण मौसी- नही
दिलीप- क्यूँ
किरण मौसी- इसी लिए मैं यह बात बड़ी माँ के सिवा किसी को नही बता रही थी
दिलीप- बड़ी नानी को पता है कि वो आपको गाली देती है और बेल्ट से
किरण मौसी- नही वो सिर्फ़ यह जानती हैं कि मेरी दोनो बेटी और मेरी ननद मुझसे नफ़रत करती हैं
दिलीप- मैं सिर्फ़ आपके घर जाना चाहता हूँ
किरण मौसी- नही
दिलीप- [किरण मौसी ऐसे नही मानेंगी] आप को मेरी कसम
किरण मौसी- तुम किसी की भी कसम दे दो मैं नही मानूँगी
दिलीप- [क्या करूँ मासी तो मान ही नही रही हैं]
आपको माँ की कसम
किरण मौसी- क्यूँ मेरी जान के पीछे पड़े हो ठीक है चलना लेकिन बड़ी माँ से मैं बात नही करूँगी
दिलीप- मैं बात कर लेता हूँ
[फिर मैं बड़ी नानी के रूम में आ गया]
बड़ी नानी-दिलीप तबीयत तो ठीक है ना
दिलीप- आपको तो मेरी तबीयत खराब ही लगती है
[मैं बड़ी नानी की गोद में सर रखके लेट गया
बड़ी नानी मेरा सर दबाने लगी]
कल किरण मौसी अपने घर जा रही हैं मैं भी उनके साथ जाउ
[किरण मौसी हम सबको दो दिन पहले ही कल अपने घर जाने का बोल चुकी थी]
बड़ी नानी- वहाँ जाके क्या करेगा
दिलीप- अपनी दोनो बहनो को मनाउन्गा
बड़ी नानी- वो नही मानेंगी
दिलीप- आपको मुझपे विश्वास नही है
बड़ी नानी- खुद से ज़्यादा है ठीक है चला जा
लेकिन अगर कुछ गड़बड़ हुई तो वापस आजाना
[फिर मैं वँया को जाके बता दिया वँया एक ही बार में मान गई
ऐसे ही रात हो गयी
वँया मेरे कपड़े पॅक कर दी
[मैने अखिल को फोन किया
अखिल को अड्रेस्स और टाइम बोल दिया कि गांग यहाँ पे पहुँचा देना
लुक्खे ने पेमेंट भी खुद ही कर दिया
बोला कि 6 लड़किया हैं और एक पासवर्ड बोलना होगा
और पासवर्ड क्या था
मैं लुक्खा हूँ
फिर मैं थोड़ी देर विदू से बात करके सो गया
सुबह मैं और किरण मौसी गाड़ी में बैठके चल दिए
लखन हमे छोड़ने आया था
4 घंटे बाद हम किरण मौसी के घर पहुँचे.,.
अपडेट 149आ
लखन- छोटे मालिक कसरत रोज़ कीजिएगा
दिलीप- [ यह कहके लखन वापस गाओं चला गया
किरण मौसी का घर बहुत बड़ा था
बंग्लॉ टाइप
एक तरफ गार्डेन तो दूसरी तरफ स्विम्मिंग पूल आस पास कोई घर भी नही था
मैं अपना और किरण मौसी का बॅग लेके अंदर गया
घर में एक नौकर भी नही था
टपोरी गॅंग के आने में अभी टाइम लगने वाला था
किरण मौसी- चलो तुम्हारा रूम उपर है
दिलीप- और आपका रूम
किरण मौसी- मेरा भी उपर ही है
[मैं किरण मौसी के रूम में आ गया
यह रूम भी सिंपल था
किरण मौसी- यह बगल वाला रूम तुम्हारा है
जाओ जाके फ्रेश हो जाओ
[मैं बगल वाले रूम में आ गया
[मेरा फोन बजने लगा
अखिल का था
अखिल- कामिनी अपने भाई की कंपनी चलाती है
कामिनी की माँ बिना शादी के ही प्रेगनेंट हो गयी
कामिनी की माँ उसे जन्म देते ही मर गयी
मरते वक़्त वो अपने बेटी कामिनी को कामिनी के सौतेले भाई को सौंप गयी
कामिनी के भाई ने अपनी कंपनी को कामिनी के नाम कर दिया था
और घर अपनी बीवी के
कामिनी का भाई 10 साल पहले रोड आक्सिडेंट में मर गया
कामिनी की भाभी पूरा दिन घर में ही रहती है
कामिनी की भाभी का नाम किरण
किरण की दोनो बेटियाँ इस कॉलेज में पढ़ती हैं
और कामिनी का आज तक किसी भी लड़के के साथ चक्कर नही चला
[फिर फोन कट हो गया
मैं अखिल को सॉफ शब्दो में बोले हुआ था कि वो कामिनी की भाभी के बारे में कुछ भी पता ना लगाए ]
फिर मैं फ्रेश होके नीचे आया और पूरे घर को देखने लगा
फिर मैं छत पे आ गया
अभी तक ना मुझे कामिनी दिखी थी
और ना काव्या और करुणा
तभी बंग्लॉ के बाहर एक गाड़ी आके रुकी
उसमें से तीन लड़कियाँ निकली
तीनो के हाथ में बॅग्स थे
तीनो शहेर वाले कपड़े पहने हुई थी
शूकर है कपड़े पहनने की तमीज़ तो है
वॉचमन तीनो को देख कर सलाम करता है
तीनो लड़की में से एक वॉचमन से बात करने लगती हैं
दोनो लड़किया जो बात सुन रही थी
वो उदास हो जाती है
और पहली लड़की मुस्कुराने लगती है
फिर तीनो लड़की अंदर आने लगती हैं
दोनो लड़कियो की नज़र मुझपे पड़ती है
मैं वापस अपने रूम में आता हूँ
और गॅंग वाली को फोन लगाता हूँ
गॅंग वाली एक घंटा बोलती है
फिर मैं किरण मौसी के रूम में आ गया
किरण मौसी- दिलीप कामिनी मेरे साथ जो करती है अकेले में करती है
सिर्फ़ नफ़रत सबके सामने दिखाती हैं
दिलीप- तीन लड़किया आई हैं अभी घर में
किरण मौसी- चलो तुम्हे सबसे मिल्वाती हूँ
अपने आपको शांत रखना
[मैं और मासी नीचे आए
तीनो सोफे पे बैठके टीवी देख रही थी
मासी को देख कर करुणा और काव्या दोनो में से कोई खुश नही हुई
कामिनी- भाभी ज़रा हम सबके लिए पानी लाना
[मासी किचन में जाके पानी ले आई
कामिनी थोड़ा पानी पीके
कामिनी- भाभी कितना ठंडा पानी है
[मासी फिर से गयी पानी लेने
कामिनी फिर से पानी पीके
कामिनी- भाभी अब यह गरम पानी है
[मासी फिरसे पानी लेने गयी
मैं भी किचन में गया
दिलीप- आप रुकिये
किरण मौसी- कोई बात नही
दिलीप- [मैने मासी एक हाथ से ट्रे ले लिया
एक ग्लास में ठंडा पानी एक ग्लास में गरम पानी
और एक ग्लास में सादा पानी और एक ग्लास खाली]
मैं वो ट्रे ले जाके कामिनी के सामने रख दिया]
ठंडा पानी
गरम पानी
सादा पानी
जो पीना है पी लीजिए
कामिनी- भाभी यह कौन है
किरण मौसी- मेरा भांजा है दिलीप
कामिनी- वोही ना जिसकी माँ घर से भागके शादी की थी
दिलीप- और आप वहीं हैं ना जिसकी माँ बिना शादी के प्रेज्ञेट हो गयी थी..,
अपडेट 150
दिलीप- मेरी बात सुनके कामिनी गुस्से से लाल पीली हो गयी
और एक झटके में खड़ी हो गयी
जैसे ही कामिनी मुझे थप्पड़ मारने के लिए हाथ उठाई
किरण मौसी मुझे दो थप्पड़ मार दी
कामिनी- भाभी अपने भान्जे को कह दीजिए कि मेरे घर से निकल जाए
वरना सेक्यूरिटी को कहके बाहर फेंकवा दूँगी
किरण मौसी- कामिनी मेरी बात सुन
भाभी- एक बार में आप सुनती क्यूँ नही हैं
[फिर कामिनी किसी को फोन मिलाने लगी]
दिलीप- सेक्यूरिटी को बुलाने की ज़रूरत नही है मैं खुद जा रहा हूँ
किरण मौसी- दिलीप
दिलीप- मुझे सिर्फ़ 2 घंटा दे दीजिए मैं अपने रहने का बंदोबस्त कर लेता हूँ
[कामिनी मुझे उंगली दिखा कर]
कामिनी- सिर्फ़ 2 घंटे
[फिर तीनो अपने रूम में चली गयी]
किरण मौसी- देखा मैं इस लिए तुमको यहाँ नही लाना चाहती थी
[किरण मौसी रोने लगी]
दिलीप- अब अगर आप रोई हैं तो मैं छत पे जाउन्गा और वहाँ से कूद जाउन्गा
किरण मौसी- ठीक है नही रोती
लेकिन तुम जाओगे कहाँ अभी
दिलीप- कही नही जा रहा हूँ आप अपने रूम में जाइए
[किरण मौसी अपने रूम में चली गयी]
मैं तो बस टपोरी गॅंग के आने का वेट कर रहा था
[1 घंटे बाद मुझे फोन आया
मैं बंग्लॉ के बाहर आ गया
थोड़ी ही दूर पे एक जीप खड़ी थी
मैं जीप के पास गया
जीप में 6 लड़किया बैठी थी
सब की एज 25 से 30 के बीच होगी
दिलीप- आप सब यहाँ
लड़की- तुम दिलीप हो
दिलीप- मैं लुक्खा हूँ
लड़की- बोलो क्या काम है
दिलीप- इस घर में 4 लोग रहते हैं
3 को बिल्कुल भी तकलीफ़ नही देनी है
लेकिन 1 को मैं जो बोलूँगा आपको उसके साथ करना है
लड़की- हमारे साथ काम करने के लिए रूल्स पता है ना
दिलीप- आप में से किसी को भी घूर नही सकता
आप किसी लड़की की इज़्ज़त लूटने में मदद नही करती
आप किसी का खून नही करती
लड़की- बच्चे हो लेकिन समझदार हो
दिलीप- मेरे साथ काम करने का मैं रूल बता दूं
लड़की- तुम्हारे रूल्स भी हैं
आइ मीन बताओ
दिलीप- आपके तीन रूल्स के अलावा मैं जो कहूँगा आपको करना है
मतलब जिसके साथ जो बोलूँगा करने आपको करना पड़ेगा
लड़की- डन
अब बोलो क्या करना है
दिलीप- [मैं अपना मोबाइल निकालके कामिनी की फोटो दिखाया]
इसको इसके ही रूम में किडनॅप करना है
लड़की- हो जाएगा
दिलीप- [मैं करुणा और काव्या की फोटो दिखाया]
इन दोनो को भी इनके रूम में किडनॅप करना है
लेकिन ऐसा लगना चाहिए कि इन्दोनो को कामिनी किडनॅप करवाई है
लड़की- यह भी हो जाएगा
दिलीप- [फिर मैं किरण मौसी की फोटो दिखाया]
इनको कोई तकलीफ़ नही होनी चाहिए यह मेरी मासी है
लड़की- यह भी हो जाएगा
दिलीप- तो काम शुरू कर दीजिए
मैं अपनी मासी को उनके रूम में ले जाउन्गा
तब आप अपना काम शुरू कर देना
[फिर सब मेरे साथ बंग्लॉ में आ गई
हुआ यह कि मैं वॉचमन को बातो में लगाया
और सब अंदर चली गयी
किरण मौसी अपने रूम में थी
मैने बाहर से कुण्डी लगा दिया
तब तक 4 लड़किया काव्या और करुणा के रूम में घुस गयी
और जो बॉस थी और उसकी असिस्टेंट वो कामिनी के रूम में घुस गयी
जब 4 लड़किया करुणा और काव्या के रूम में घुसी
करुणा और काव्या कुछ बोलने ही वाली थी
कि लड़की3 करुणा के मुँह पे रुमाल रख दी
और लड़की4 भी काव्या के साथ ऐसा ही की
फिर दोनो को एक चेयर पे बिठा के हाथ पैर दोनो बाँधके
मुँह पे टेप चिपका दी
कामिनी के साथ भी ऐसा ही हुआ
अब मुझे इंतेज़ार था कामिनी के होश में आने का.,.
अपडेट 150अ
दिलीप- [मैं लाल मिर्च का पाउडर [लमप] जेब में रखके कामिनी के रूम में गया जहाँ वो किडनॅप हुई बैठी थी]
कब तक होश में आएगी
लड़की- 1 घंटा लग जाएगा
दिलीप- वैसे आपका नाम क्या है
लड़की- रिमी
[ऐसे ही 1 घंटा बीत गया
कामिनी को थोड़ा होश आने लगा था
दिलीप- आप दोनो बाहर जाइए
[रिमी और लड़की2 बाहर चली गयी]
कामिनी पूरी होश में आ चुकी थी
और छटपटा रही थी
दिलीप- वैसे आपको पता है कि किरण मौसी ने मुझे थप्पड़ क्यूँ मारा
मैं बताता हूँ जिनको मैं अपना समझता हूँ
वो मुझे थप्पड़ क्या गोली भी मार दे तो मैं उफ्फ नही करता
लेकिन जिनसे मैं नफ़रत करता हूँ
वो मुझे उंगली भी दिखा दे तो मैं उनकी फाड़ डालता हूँ
वैसे यह ग़लत बात है मैं बोले जा रहा हूँ आप चुप हैं
[मैने कामिनी के मुँह से टेप हटा दिया
और टेप हटते ही कामिनी मुझे गाली देने लगी
जिसकी मुझे उम्मीद थी
मैं थोड़ा मिर्ची पाउडर कामिनी के मुँह में डाल दिया
कामिनी- पानी पानी पानी दे दो प्लीज़
दिलीप- पहले माफी मांगिए
कामिनी- आइ आम सॉरी पानी
दिलीप- यह क्या था हिन्दी में माफी मांगिए
कामिनी- मुझे माफ़ कर मुझे माफ़ कर दो
[मैं कामिनी को थोड़ा सा पानी पिला दिया]
दिलीप- अब आप यह बताइए कि आप किरण मौसी से नफ़रत क्यूँ करती हैं
कामिनी- उसी की वजह से मैं अपने बाप जैसा भाई खो दी
दिलीप- तो फिर काव्या और करुणा के दिल में नफ़रत क्यूँ है
कामिनी- भाभी को मैं तड़पाना चाहती थी
दिलीप- इसका मतलब आप काव्या और करुणा से भी नफ़रत करती हैं
कामिनी- मैं क्यूँ उनसे नफ़रत करूँगी वो दोनो तो गुड़िया है मेरी
दिलीप- मासी भी मेरी अपनी है इसी लिए आप भी तड़पेंगी और वो दोनो भी
कामिनी- उन्दोनो की कोई ग़लती नही है जो सज़ा देनी है मुझे दो
दिलीप- उन्दोनो के मुँह में तो पूरा दबा डालूँगा
और पानी भी नही दूँगा
[कामिनी चीखते हुए रोने लगी
मैने उसके मुँह पे टेप चिपका दिया और बाहर आ गया
दिलीप- शाम हो गयी है
रिमी- तो
दिलीप- खाना बनाइए जाके
रिमी- पागल तो नही हो गये हो
दिलीप- मैने कहा था कि जो काम बोलूँगा करेंगी
[रिमी और उसकी असिस्तंट पैर पटकते हुए किचन में चली गयी]
अब वो काम था जिससे शायद मैं अपने आप से नफ़रत करूँगा
मैं काव्या के रूम में आ गया
गेट नॉक किया
लड़की3 बाहर आई
लड़की3- दोनो होश में आचुकी हैं
और छटपटा रही हैं
और हम सबने मिलके कामिनी का नाम लेके
उन्हे यकीन दिला दिया है
कि कामिनी ही उन दोनो को किडनॅप कराई है
दिलीप- ठीक है आप सब बाहर आ जाओ
और अपनी बॉस के पास जाओ
[चारो लड़किया किचन में चली गयी]
मैं अपने जूते उतार दिया
और अपने मुँह पे मास्क लगाके रूम में गया और दोनो के पास बैठ गया
दोनो मुझे आँखें फाड़ के देख रही थी
मैं अपने फोन को साइलेंट पे डाला
और झूठ का नंबर डाइयल करके कान में लगाया
दिलीप- हेलो कामिनी जी काम हो गया है
दोनो चिड़िया हमारे कब्ज़े में है आप क्या कर रही हैं
किरण को नंगा करके बेल्ट से मार रही हैं
और गालिया भी दे रही हैं क्या बात हैपर आप ऐसा क्यूँ कर रही हैं
अच्छा यह घर किरण के नाम पे है
इसी लिए आप किरण की दोनो बेटी को उसके खिलाफ भड़का रही हो
लेकिन किरण आपकी गाली और आपकी मार क्यूँ बर्दाश्त कर रही है
आप किरण को धमकाए हुई हैं कि आप किरण की दोनो बेटियो का वीडियो बनाए हुई हैं
वो भी बिना कपड़ो के नही कामिनी जी मैं दूसरे रूम में हूँ
यहाँ मेरी बात कोई नही सुन रहा है
[फिर मैं फोन कट करके काव्या और करुणा के मुँह से टेप हटा दिया...
अपडेट 150बी
काव्या- तुम्हे क्या लगता है तुम हमे कामिनी बुआ के खिलाफ भड़काओगे और हम भड़क जाएँगी
करुणा- हमारी कामिनी बुआ ऐसा कर ही नही सकती वो हमसे प्यार करती हैं हमारे सिवा उनका है ह कौन
दिलीप- मुझे कामिनी से क्या मतलब मुझे तो सिर्फ़ पैसा चाहिए
कामिनी यह सब करके 1000 करोड़ की मालकिन बन जाएगी
और मुझे सिर्फ़ 1करोड़ मिलेगा
1 मिनट रूको
[मैने अपने मोबाइल में एक फोटो निकाला जिसमें किरण मौसी पूरी नंगी हैं और उनके जिस्म पे चोट के निशान है]
यह देखो यही तुम्हारी माँ है
[काव्या और करुणा उस फोटो को देख कर खो गयी]
देखो तुम्हारी बुआ क्या करेगी कि जैसे ही तुम्हारी माँ यह घर उसके नाम करेंगी
वो तुम्हारी माँ को मार देगी और तुम्हे कहेगी कि तुम्हारी माँ किसी के साथ भाग गयी
काव्या- [रोते हुए] लेकिन तुम हमारी मदद क्यूँ कर रहे हो कामिनी को धोखा क्यूँ दे रहे हो
करुणा- काव्या यह तू क्या बोल रही है यह हमारी कामिनी बुआ हैं वो ऐसा कर ही नही सकती
काव्या- [रोते हुए] दीदी आपने देखा ना कि माँ के जिस्म पे कैसे चोट के निशान हैं
माँ दिन भर तो घर में ही रहती थी
और घर में किसी का भी आना अलाउड फिर यह सब कामिनी ही कर सकती है
तुम बताओ तुम कामिनी को धोखा क्यूँ दे रहे हो
दिलीप- वो इसलिए कि मैं कोई खूनी नही हूँ कामिनी तुम्हारी माँ को मार देगी
लेकिन तुम्हारी माँ का भाई बहुत ख़तरनाक है
इसी लिए वो तुम्हे अपने साथ मिलाके रखेगी
ताकि उसपे कोई शक ना करे
फिर फाइल क्लोज़ हो जाएगी
कुछ दिन बाद जब मामला शांत होगा
तो वो तुम दोनो को मारके विदेश भाग जाएगी
करुणा- लेकिन अगर वो हमे अपने साथ मिलना चाहती हैं
तो फिर तुम सब हमे यकीन दिलाने पे क्यूँ तुले हो कि कामिनी ही हमे किडनॅप कराई है
दिलीप- क्यूंकी वो यह देखना चाहती है कि तुम सब हमारी बात पे विश्वास करती हो कि नही
करुणा- अगर हम यकीन कर ले कि हमारी इस हालत की ज़िम्मेदार कामिनी बुआ हैं तो
दिलीप- तो क्या उधर तुम्हारी माँ मरेगी
और इधर मैं तुम दोनो का गला काट दूँगा
[यह सुनके तो दोनो को साँप सूंघ गया]
करुणा- तो फिर वो प्यार वो अपनापन वो अपने हाथो से हमे खिलाना
वो हमारे सोने के बाद सोना वो हमे जो चाहिए वो दिलाना
[चीखते हुए] वो सब क्या था
दिलीप- एक मिनट बताता हूँ
[मैने अपने मोबाइल में एक ऑडियो प्ले कर दिया
यह वो ऑडियो था जिसमें किरण मौसी मुझे अपनी कहानी सुना रही थी
कि कैसे कामिनी और उसकी दोनो बेटी उससे नफ़रत करती हैं
मारने और गाली देने वाली बात मैं रेकॉर्ड ही नही किया था]
अब समझी कामिनी अपनी झूठी नफ़रत की वजह से यह सब कर रही है
मैं तुम दोनो को यह बाते सिर्फ़ इसलिए बता रहा हूँ
ताकि तुम दोनो कामिनी से ज़्यादा पैसे मुझे ऑफर करो
करुणा- लेकिन अभी भी हम समझ नही पा रही हैं कि कामिनी बुआ माँ से नफ़रत करती हैं
हम भी करती हैं लेकिन कामिनी बुआ के साथ हम बचपन से हैं
उन्हे देख कर कभी नही लगा कि उन्हे पैसो का नशा है
दिलीप- जैसे बकरे को हलाल करने से पहले उसे खिलाया जाता है उसे पीलाया जाता है
उसका ख्याल रक्खा जाता है वैसे ही तुम्हारी बुआ तुम्हारे साथ कर रही है
[काव्या तो सिर्फ़ रोए जा रही थी आज उसको तकलीफ़ हो रहा था वो तड़प रही थी
मेरी मासी कितनी तडपी होगी जब यह तीनो उन्हे नफ़रत भरी नज़र से देखती थी]
करुणा- तुम्हे सिर्फ़ पैसे से मतलब है
दिलीप- हाँ
करुणा- कितने चाहिए
दिलीप- 10 करोड़ और तुम दोनो के साथ एक रात...
अपडेट 150सी
दिलीप- [ मेरी बात सुनके दोनो बुत बन गयी
और मेरा दिल रो रहा था
मुझे अपने आप से नफ़रत होने लगी थी]
करुणा- एक रात मतलब
दिलीप- क्या तुम भी 20 साल की खूबसूरत लड़की को यह नही पता कि जब कोई लड़का किसी लड़की के साथ सेक्स करता है तो उसे रात बिताना कहते हैं वैसे ही मैं तुम दोनो के साथ पूरी रात बिताना चाहता हूँ
करुणा- 10 की जगह 20 करोड़ ले लो लेकिन हम यह नही कर सकेंगी
काव्या- हम तुम्हे 20 करोड़ रुपया भी देंगी हम दोनो तुम्हारे साथ एक रात भी बिताएँगे
तुम हमारे साथ जो करना चाहो कर लेना लेकिन तुम्हे हमारा एक काम करना होगा
[इस वक़्त काव्या की आँखो में सिर्फ़ नफ़रत दिख रही थी नफ़रत जो कामिनी को तडपाने के लिए काफ़ी थी
दिलीप- मुझे क्या करना होगा
करुणा- काव्या यह क्या हो गया है तुझे
काव्या- नफ़रत
[गुस्से में] मुझे कामिनी चाहिए मैं उसके नंगे जिस्म पे वैसे ही बेल्ट बरसाना चाहती हूँ
जैसे वो मेरी माँ के जिस्म पे बरसाती है
मैं उसकी चीखें सुनना चाहती हूँ
जैसे वो मेरी माँ की चीखें सुनती है
जैसे उसकी वजह से आज तक मेरी माँ तड़प रही है
वैसे ही मैं उसे तड़पाना चाहती हूँ
दिलीप- मुझे 20 करोड़ मिल रहे हैं
उपर से तुम दोनो 1 रात के लिए
मुझे और क्या चाहिए
काव्या- तुम्हे हमारा एक और काम करना होगा
दिलीप- क्या
काव्या- [गुस्से में] तुम्हे कामिनी का रेप करना होगा
तुम्हे उसके जिस्म को नोचना होगा
उसे हर तरफ़ से ज़लील करना होगा
तुम समझ रहे हो ना ज़लील करने का क्या मतलब होता है
दिलीप- बिल्कुल समझ रहा हूँ यह भी कर दूँगा
[फिर मैं रूम से बाहर आ गया गेट लॉक करके ज़मीन पे बैठ गया
लड़की3 मेरे पास आई और मेरे कान में बोली तुम्हारी मासी गेट पीट रही है
दिलीप- ठीक है आप जाओ अब से दोनो रूम में कोई नही जाएगा
लड़की- ठीक है
[फिर मैं किरण मौसी के रूम पे गया
और जैसे ही कुण्डी खोला किरण मौसी मेरे गले लग गयी
किरण मौसी- कहाँ चले गये थे तुम और यह लड़किया कौन हैं
दिलीप- आप पहले बैठिए
[किरण मौसी मेरे साथ बेड पे बैठ गयी]
मैं एक कोशिश कर रहा हूँ
आपकी दोनो बेटी और कामिनी के दिल मे आपके लिए जो नफ़रत है वो मिटाने की
किरण मौसी- मैं कुछ समझी नही
दिलीप- आप मुझे अपना मानती हैं या नही
किरण मौसी- हाँ
दिलीप- तो फिर मुझपे विश्वास कीजिए मैं सब ठीक कर दूँगा
किरण मौसी- दिलीप मुझे तुम पे पूरा विश्वास है कि तुम कुछ ग़लत नही करोगे
मेरा विश्वास मत तोड़ना
दिलीप- नही तोड़ूँगा आप तब तक इस रूम में रहेंगी
जब तक मैं आप से ना कहूँ
किरण मौसी- ठीक है
[फिर मैं रूम से बाहर आके गेट लॉक कर दिया
और किचन में आया
गॅंग खाना खा रही थी
मैं एक प्लेट में खाना डाला और किरण मौसी के रूम में गया
किरण मौसी खाना खाने लगी
फिर मैं प्लेट लेके किचन में आया
और खाना खाने लगा
जब मैं खाना खा रहा था तब रिमी मुझे गुस्से से घूर रही थी
मैं रिमी के पास गया
दिलीप- मुझे घूर्ना बंद कीजिए
[मेरी बात सुनके गॅंग की सारी लड़किया रिमी को घूर्ने लगी
रिमी- तुम कुछ ज़्यादा नही बोल रहे हो अखिल की वजह से चुप हूँ
वरना तुम्हारी हड्डिया तोड़ देती
दिलीप- मैने क्या किया
रिमी- हमसे खाना बनवा रहे हो खुद खा रहे हो और सबको खिला रहे हो
हम कामवाली हैं क्या
दिलीप- तो आप चाहती है कि मैं आपको अपने हाथो से खाना खिलाऊ
[यह सुनके रिमी मुझपे झपटने वाली थी कि बाकी लड़किया उसे पकड़ ली
लड़की2- तुम जाओ
[मैं कामिनी के लिए खाना प्लेट में डालके कामिनी के रूम पे पहुँचा...
अपडेट 151
दिलीप- कामिनी कुर्सी ज़ोर ज़ोर से हिला रही थी
ताकि हाथ या पैर की रस्सी ढीली हो जाए
मैं खाने की प्लेट कामिनी के सामने रख दिया
कामिनी अपना मुँह फेर ली
दिलीप- तुम्हारी दोनो लड़कियों के मुँह में मिर्ची पाउडर रख आऊ जब तक खाना नही खाओगी
उन्हे पानी की एक बूँद भी नही मिलेगी
खाओगी ना खाना
[कामिनी अपनी गर्दन हाँ में हिलाने लगी]
मैने कामिनी के मुँह से टेप हटा दिया
और कामिनी को खाना खिलाने लगा
कामिनी- [रोते हुए] अब तो उन्हे पानी पिला दो
दिलीप- पिला दूँगा पहले तुम खाना तो खा लो
[कामिनी रोती हुई सिसकती हुई पूरा खाना खा ली]
[फिर मैं रूम से बाहर आ गया
और 5 मिनट बाद मैं वापस रूम में चला गया
दिलीप- वैसे तुम्हारी दोनो लाडली है बहुत खूबसूरत
कामिनी- वो तुम्हारी बहने हैं
दिलीप- किरण मौसी आपकी कौन थी
कामिनी- वो मेरा और भाभी का मॅटर है
तुम्हे कोई हक़ नही पहुँचता यह सब करने का
दिलीप- हक़ की बात तुम ना ही करो तो अच्छा है
वरना अभी दोनो के कपड़े फाड़ दूँगा
फेर अपनी दोनो गुड़िया को बिना कपड़ो के देखती रहना
कामिनी- तुम उनके साथ ऐसा क्यूँ कर रहे हो
वो भाभी की बेटियाँ हैं उनको तो पता भी नही है
कि मैं भाभी को गालियाँ देती हूँ उन्हे बेल्ट से मारती हूँ
तुम मुझसे बदला लो मुझे गाली दो मुझे जान से मार दो लेकिन उन्हे छोड़ दो
उनकी कोई ग़लती नही है
तुम्हे मैं अपनी सारी प्रॉपर्टी दे दूँगी तुम उन्हे छोड़ दो
दिलीप- पैसे से मेरी किरण मौसी की वो तड़प वो आँसू वो दुख जो वो 10 साल से झेल रही है मिट जाएगी
कामिनी- भाभी को उनकी ग़लती की सज़ा मिली है वोही मेरे भाई की मौत की ज़िम्मेदार हैं
दिलीप- इसी लिए तो मैं अपनी किरण मौसी का बदला तुमसे नही तुम्हारी दोनो गुड़िया से लूँगा
उन्हे आज रात औरत बनाउन्गा तभी मेरा बदला पूरा होगा
कल जो तुम इतनी घटिया गाली दे रही थी फोन पे वो फोन मैने उठाया था
अब तुम्हारी दोनो लाडली कली से फूल बनेंगी
कामिनी- [रोते हुए] दिलीप ऐसा मत करो प्लीज़ वो तुम्हारी बहने है वो तुम्हारी किरण मौसी की बेटियाँ हैं
तुम चाहो तो मेरी इज़्ज़त लूट लो लेकिन उन्हे छोड़ दो दिलीप प्लीज़ फॉर गॉड सके
[मैं कामिनी के मुँह पे टेप चिपका दिया और रूम से बाहर आ गया]
[कामिनी जितना ज़्यादा तडपेगी काव्या और करुणा के लिए
उतनी ही तकलीफ़ उतना ही दर्द होगा
जब काव्या और करुणा गाली देते हुए बेल्ट से मारेंगी
कामिनी जो काव्या और करुणा के लिए अपनी इज़्ज़त तक मुझे देने को तय्यार है
जब काव्या और करुणा कामिनी के सामने मुझे कहेंगी कि कामिनी का रेप करो
तब एहसास होगा कामिनी को कि अपनो की मार बर्दाश्त हो जाती है
लेकिन अपनो की नफ़रत अपनो की दुतकार बर्दाश्त नही होती]
मैं यह सब सोचते हुए काव्या के रूम में आ गया मास्क पहन के]
काव्या और करुणा उस वक़्त से रोए जा रही थी
दिलीप- इतना रोती क्यूँ हो तुम दोनो लगता है माँ का असर है तुम्हारी माँ भी तो रो रही है
काव्या- क्या हुआ माँ को
दिलीप- वोही तुम्हारी कामिनी बुआ तुम्हारी माँ को बेल्ट से मार रही थी
और तुम्हारी माँ तुम्हारे लिए रो रही है
काव्या- तुम तो कह रहे थे तुम हमारी मदद करोगे
दिलीप- कामिनी को फँसाने के लिए वक़्त तो लगेगा ना
एक बार वो बेहोश हो जाए फिर मैं तुम दोनो को खोल दूँगा
फिर तुम जो चाहे कर लेना उसके साथ
करुणा- और यह सब लड़कियाँ
दिलीप- इनकी फ़िक़र तुम मत करो
[फिर मैं रूम से बाहर आ गया और नीचे गया जहाँ गॅंग टीवी देख रही थी]
हाँ तो देवियो आपके प्रस्थान करने का समय आ गया है अभी के अभी
रिमी- क्यूँ कही तुम हमारे जाने के बाद उन लड़कियो की इज़्ज़त के साथ तो नही खेलोगे
दिलीप- देखिए आप जितनी नफ़रत रेपिस्ट से करती हैं
उससे ज़्यादा नफ़रत मैं खुद रेपिस्ट से करता हूँ
आप रेपिस्ट को देख कर शायद उसके हाथ पैर तोड़ेंगी
लेकिन मैं उसके जिंदगी जहन्नुम बना दूँगा
वैसे भी आपको एक हफ्ते का पैसा मिला था
मैं तो आपको 12 घंटे में ही छुट्टी दे रहा हूँ
और वैसे मैने कहा था कि मैं जो बोलूँगा आप करेंगी
तो प्रस्थान कीजिए
[रिमी और उसकी गॅंग रात 10 बजे घर से चली गयी...
अपडेट 152
दिलीप- रिमी के जाने से अब मेरे सब काम होने वाले थे
मैं सोच रहा था कि अपनी आखरी चाल अभी चलूं या कल सुबह
मगर तीनो को रात भर बाँध कर रखना भी तो पड़ेगा
अभी करना सही रहेगा कहीं सुबह कोई आ गया तो
मैं कामिनी के रूम में पहुँचा जहाँ वो बुरी तरह छटपटा रही थी
मुझे देखते ही वो ऐसे मुँह बनाने लगी जैसे मुझे गाली दे रही हो
मैं उसके पास गया और उसके मुँह से टेप हटा दिया
कामिनी- मुझे बाथरूम जाना है
दिलीप- देखो वैसे तो यह आम बात है
लेकिन अगर भागने की कोशिश की तो तुम्हारी दोनो गुड़िया की इज़्ज़त नही रहेगी
दिमाग़ कह रहा है कि तुम्हारे साथ बाथरूम मे जाऊ ताकि तुम कहीं भाग ना जाओ
लेकिन दिल रेस्पेक्ट करता है तुम्हारा नही औरतो की इसलिए भरोसा कर रहा हूँ
[फिर मैने कामिनी के हाथ पैर खोल दिए वो बाथरूम में घुस गयी
थोड़ी देर बाद कामिनी वापस कुर्सी पे आके बैठ गयी
मैं कामिनी को बाँध दिया
दिलीप- अच्छा यह बताओ कि काव्या ज़्यादा खूबसूरत है या करुणा
कामिनी- तुम्हे क्या है
दिलीप- कामिनी जी जो ज़्यादा खूबसूरत होगी उसको औरत लास्ट में बनाउन्गा ना
आज मेरी दो सुहागरात है
[कामिनी फिर से मुझे गाली देने लगी वो भी शुद्ध हिन्दी में]
मैने कामिनी के मुँह पे टेप चिपका दिया और उसे बेहोश कर दिया
फिर मैने किरण मौसी के रूम को लॉक कर दिया
और कामिनी को बेड पे लेटा दिया
कामिनी के हाथ पैर बँधे हुए थे
मैने अपना मोबाइल और कामिनी का मोबाइल साइलेंट पे डाला और एक अच्छी सी जगह देख कर छुपा दिया लेकिन वीडियो रेकॉर्डिंग ऑन करके
मैं काव्या के रूम के बाहर आया
और मास्क पहन लिया
और रूम में घुस गया
दिलीप- देखो मैने तुम्हारा काम कर दिया है
कामिनी अपने रूम में बेहोश पड़ी है
अगर तुम दोनो ने कोई चालाकी की तो मेरी सारी लड़किया तुम्हारी माँ की गर्दन काट देंगी
काव्या- हम अपनी बात से कभी नही मुकरते हैं तुमको जो चाहिए मिल जाएगा
करुणा- तुम तय्यार रहना क्यूंकी असली सज़ा तुम ही दोगे कामिनी को
दिलीप- देखो मैं कामिनी के मुँह पे टेप चिपकाए हुए हूँ
जिस वक़्त से उसे मैं धोखा दिया हूँ वो मुझे गालियाँ दे रही है
तो तुमको जो करना हो करना उसके साथ
बस उसके मुँह से टेप मत हटाना
अगर वो मुझे गाली देगी तो मैं अपना आपा खो दूँगा
काव्या- ठीक है अब हमे खोल दो
[फिर मैं दोनो को खोल दिया खुलते ही दोनो बाथरूम में भागी
थोड़ी देर बाद दोनो बाहर आ गई
फिर दोनो अलमारी में से एक बेल्ट निकालके अपने हाथो में मोड़ ली
मुझे पता था अब कामिनी की चमड़ी उधड़ने वाली है
कामिनी को मार का दुख नही होगा
कामिनी को दुख तब होगा जब वो अपनी दोनो गुड़िया के मुँह से गाली सुनेगी वो भी गंदी गाली
काव्या- तुमको अगर कामिनी की सज़ा देखनी है तो तुम गेट पर से देख लेना
काव्या और करुणा तेज़ी के साथ कामिनी के रूम पे पहुँची और अंदर चली गयी
दोनो कामिनी को अजीब नज़रो से देख रही थी
जैसे सोच रही हो कि कामिनी के साथ यह सब करे की नही
सोचेंगी ही जिसके साथ 20 साल तक रही हो
एक बहेन की तरह उसके जिस्म को तकलीफ़ देना
लेकिन यही सज़ा है कामिनी की
मौसा जी कामिनी के साथ 15 साल तक रहे
लेकिन मेरी किरण मौसी कामिनी के साथ 20 साल रही
वो भी इतने दुख के साथ
कामिनी जब किरण मौसी के साथ ऐसा कर सकती है
तो काव्या और करुणा भी कामिनी के साथ ऐसा कर सकती हैं....