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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना
एलीना अपने लॅपटॉप पे कुछ काम कर रही थी
मैं जाके एलीना के पास बैठ गया
एलीना एक नज़र मुझे देखी
और वापस खटपट करने लगी
थोड़ी देर तक मैं ऐसे ही एलीना को देखता रहा फिर मैं एलीना की आँखो से उसका बड़ा सा चश्मा उतार दिया
एलीना अरे अरे करती रह गयी
एलीना- क्या कर रहे हो मैं काम कर रही हूँ दो मेरा चश्मा
दिलीप- पहले बताओ क्या कर रही हो
एलीना- वो एक नया केस आया है उसी पे काम कर रही हूँ
दिलीप- कैसा केस
एलीना- एक आदमी पकड़ा गया है उसे कुछ याद नही है
पर डिपार्टमेंट को यकीन नही है
तो मुझे उन्हे बताना है कि उसकी सच्चाई कैसे सामने लाई जाए
दिलीप- इंडिया में कौनसी डिपार्टमेंट आ गई
एलीना- इंटररपोल
दिलीप- वाह वैसे केस रीड करने के बाद क्या आइडिया मिला तुम्हे
एलीना- कोई आइडिया नही
दिलीप- शादी के बाद यही होता है
एलीना- मुझे काम करना है या तो चुप रहो
या फिर अपनी दूसरी वाइफ के पास जाओ
दिलीप- कितनी रूड हो तुम
अच्छा एक बात बताओ
जो आदमी पकड़ा गया है उसकी फॅमिली है
एलीना- एक बहेन है
दिलीप- सही सोचा था मैं एक आइडिया है
एलीना- बताओ
दिलीप- पहले वादा करो अगर मेरा आइडिया काम कर गया तो मैं जो माँगूंगा दोगि
एलीना- प्रॉमिस
दिलीप- आइडिया यह है कि डिपार्टमेंट ऐसी फोटो बनाए जिसमें उस आदमी की बेहेन को बहुत बुरी तरह से मारा गया है
एलीना- पर उसकी बहेन का कोई पता नही है
दिलीप- उसकी फोटो बनानी है
उसके मिलने या ना मिलने से क्या फरक़ पड़ता है
एलीना- मेरा चस्मा दोगे तभी तो टाइप करूँगी
[मैं एलीना के हाथ से लॅपटॉप ले लिया और आइडिया टाइप करके सेंड कर दिया
और लॅपटॉप बंद करके साइड में रख दिया
एलीना- क्या बच्चो जैसी हरकत कर रहे हो
दिलीप- रात भर सोई क्यूँ नही
एलीना- अभी 1 घंटे पहले ही उठी हूँ
दिलीप- तुम बोलोगि और मैं मान लूँगा
एलीना- आज तुम बहुत हॅंडसम दिख रहे हो
दिलीप- बात मत बदलो
एलीना- गुस्सा क्यूँ हो रहे हो
वो मुझे नींद ही नही आई
दिलीप- मेरी वजह से तुम्हे दुख पहुँचा है
एलीना- नो
दिलीप- अरे तो वजह बताओगी
एलीना- मैं तुम्हारी बीवी हूँ
दिलीप- इतना खुश हो गयी कि रात भर सोई नही
एलीना- तुम मेरे लिए मेरी लाइफ से बढ़के हो
दिलीप- इसी लिए काम करने में इतना बिज़ी थी नही
एलीना- वो मैं देखना चाहती थी कि तुम हे कोई फरक़ पड़ता है कि नही
[एलीना शायद यह सोचती है कि मैं उसे कम प्यार करता हूँ
लेकिन प्यार कम या ज़्यादा नही होता प्यार सिर्फ़ प्यार होता है...
एलीना- क्या हुआ कहाँ खो गये
दिलीप- तुम्हारे बारे में सोच रहा हूँ
एलीना- आज कितना अच्छा दिन है
दिलीप- अभी सुबह है
एलीना- ठंडी ठंडी हवा भी चल रही है
दिलीप- रोज चलती है
एलीना- तुम
[मैं एलीना के होंठो पे अपनी उंगली रख दिया
दिलीप- घुमाके फिराके बात करना कब से शुरू कर दी तुम
मेरे लिए बदलने की ज़रूरत नही है
तुम जैसी भी हो मेरी वाइफ हो और मैं तुमसे प्यार करता हूँ
एलीना- सॉरी और प्लीज़ मुझे ग़लत मत समझना
वो वो वो मुझे किस करो ना
दिलीप- एक बार फिर से बोलो
एलीना- करना है तो करो वरना रहने दो
मुझे शरमाना नही आता
मेरा बचपन यहाँ नही बीता है
दिलीप- कहाँ की बात कहाँ ले जा रही हो
[एलीना मुँह फूला कर बैठ गयी]
गुस्सा क्यूँ होती हो मुझे पता है कि तुम्हारे दिल में कोई बात आती है तो तुम बोल देती हो
मेरी तरफ देखो एलीना
[एलीना मेरी तरफ नही देखी
मैं एलीना का कंधा पकड़के अपनी तरफ घुमाया
और एलीना दोबारा दूसरी तरफ घूमती उससे पहले ही मैं अपने होन्ट एलीना के होन्ट पे रख दिया
मुझसे पहले ही एलीना मेरे होंठो को चूसने लगी
मैं एलीना की कमर में हाथ डालके उसे अपनी गोद में बिठा लिया
और उसके होंठो को चूसने लगा
एलीना मुझे पहली बार किस कर रही थी
मेरे होंठो के हर हिस्से को चूस रही थी
मैं भी एलीना के होंठो को बड़े प्यार से चूस रहा था
हम दोनो पता नही कितने देर तक एक दूसरे के होंठो को चूस्ते रहे फिर मैं अपने होन्ट एलीना के होन्ट से अलग किया
दिलीप- तुमने ऐसा क्यूँ कहा कि बुरा मत मानना
एलीना- मैने सुना है कि अगर कोई लड़की बोल्ड है तो इंडियन में उसे कुछ और समझते हैं
दिलीप- तुम्हारी तरह मैं भी इटली में ही बड़ा हुआ हूँ
मुझे पता है कि इटली इन सब बातो में अमेरिका से भी आगे है
वैसे यह तुम्हारा पहला किस था लेकिन क्या किस था
एलीना- तुम्हे कैसे पता की यह मेरा पहला किस था
दिलीप- मेरे सिवा तुम्हारी नज़र कहीं और गयी ही नही है
एलीना- अब जाओ मुझे काम करना है
दिलीप- क्या काम काम कर रही हो
थोड़ी देर चुप रहो
[और मैं एलीना को अपने सीने से लगा लिया
एलीना को कुछ ज़्यादा ही जोश आ गया
और वो कुछ ज़्यादा ही ज़ोर से मेरे सीने से लग गयी
दिलीप- एलीना
एलीना- ह्म
दिलीप- तुम बहुत ही अच्छी हो
एलीना- तुम भी बहुत अच्छे हो
मुझे पता है कि मैं तुम्हारी लाइफ में रहूं या ना रहूं तुम्हारी लाइफ चलती ही रहेगी
लेकिन तुम अगर मेरे लाइफ से चले गये तो मैं जी नही पाउन्गी
दिलीप- मैं जानता हूँ
[थोड़ी देर बाद मैं अपने रूम में आ गया और कपड़े बदलके नीचे गया
मैं देखा विदू किचन में थी
और मेरी बहने भी
मेरी बहने विदू को शायद छेड़ रही थी
तभी बड़े मामा और पापा आते हुए मुझे दिखाई दिए
थोड़ी देर बाद हम सब नाश्ता करने लगे
बड़ी मामी किरण मौसी बड़ी नानी के साथ मंदिर चली गयी
मेरी बहने मुझे छेड़ने लगी
तभी रॉकी आ गया
रॉकी के साथ मैं घर से बाहर आ गया
कुछ ज़रूरी बात करके वो शहेर चला गया
फिर छोटे मामा और छोटी मामी भी शहेर चले गये
काव्या और करुणा भी चली गयी
थोड़ी देर टहलने के बाद मैं अपने रूम में गया तो मेरी तीनो बीविया टीवी देख रही थी
मैं जाके विदू की गोद में अपना सर रखके लेट गया
टीवी पे कपिल शर्मा की फिल्म किस किस को प्यार करू देख रहा था
टीवी पे कपिल शर्मा की फिल्म किस किस को प्यार करू देख रहा था
मूवी ख़तम होते ही
वँया मेरी तरफ देखी
वँया- कोई चौथी भी है
दिलीप- क्या मतलब
वँया- मतलब तुम्हे अच्छे से पता है ज़्यादा भोले मत बनो
दिलीप- वँया आक्टिंग मत करो टीवी देखो
एलीना- आक्टिंग तुम कर रहे हो
दिलीप- अब तुम्हे क्या हो गया
वँया- सच सच बताओ
दिलीप- उसकी तीन शादी हादसे में हुई
और चौथी जिससे वो प्यार करता था
वँया- तुम सारे मर्द एक जैसे होते हो
[तभी मेरे फोन पे एसएमएस आया
रॉकी का ही एसएमएस था
अभी तो शुरुआत है
वैसे मनझली भाभी को मैं ही बोला था कि कलर्स पे एक बहुत ही बढ़िया फिल्म आ रही है
[मैं दाँत पीसके रह गया
कोई बात नही बेटा तेरी सिर्फ़ एक आजाए फिर मैं तेरी बॅंड बजाउन्गा...
वँया- कहाँ खो गये
ज़रूर अपनी चौथी के बारे में सोच रहे हो
दिलीप- यह तुम क्या कह रही हो
एलीना- वोही जो तुम हम से छिपा रहे हो
दिलीप- एलीना आग में पेट्रोल डालना बंद करोगी
एलीना- देखा अगर तुम सच्चे होते तो इस तरह गुस्सा नही होते
[मैं विदू की तरफ देखा जो मुझे ही देख रही थी
दिलीप- आप कुछ नही बोलेंगी
विदू- मैं कहाँ कुछ कह रही हूँ
वँया- दीदी पे गुस्सा क्यूँ हो रहे हो
दिलीप- एक मिनिट इधर आओ
[वँया जैसे ही मेरे पास आई मैने उसे अपने सीने से लगा लिया]
अब बोलो क्या कह रही थी
मेरी चौथी है
वँया- मुझे तो एलीना यह सब करने को कही थी
[एलीना का मुँह खुला का खुला रह गया
दिलीप- तो यह सब तुम्हारा आइडिया था हां
एलीना- कब से तुम्हारे सामने ही बैठी हूँ
दिलीप- मेरा बॅंड बजाने के लिए
एलीना- सॉरी
[एलीना अपने कान पकड़ ली]
दिलीप- 2 जगह खाली है आप दोनो के लिए
[एलीना भी मेरे सीने से लग गयी
दिलीप- आपको अलग से इन्विटेशन देना पड़ेगा
[और विदू भी मेरे सीने से लग गयी
फिर हम टीवी देखने लगे
लेकिन साला किस्मत ही खराब है
मैं झट से टीवी ऑफ कर दिया
वँया- चलने दो ना
एलीना- फिल्म अच्छी लग रही है
दिलीप- मुझे नही देखना टीवी
विदू- सुपेरहित फिल्म है नो एंट्री
दिलीप- आप को भी मस्ती सूझ रही है
विदू- मैं किचन में जा रही हूँ
एलीना- मैं भी चलती हूँ
[विदू और एलीना किचन में चली गयी
मुझे नींद आरहि थी तो मैं वँया की गोद में सर रखके सो गया
उधर जब विदू और एलीना किचन में पहुँची
एलीना- आप सब कुछ बना लेती हैं
विदू- हां
एलीना- मैं सिर्फ़ ओमलेट और कॉफी ही बना पाती हूँ
विदू- सीखना है
एलीना- आप सीखएँगी
विदू- लगता है तुम मुझे अपना नही समझती
एलीना- ऐसा नही है बस कभी इतनी बड़ी फॅमिली में नही रही
तो पता नही किससे क्या बात करनी चाहिए
विदू- तुम डॉक्टर ही हो ना
[एलीना विदू को देखने लगी]
मेरा मतलब है एक डॉक्टर नर्वस हो रही है
और वैसे तुम मुझसे 6 महीने ही छोटी हो
तो आप आप करना बंद करो
एलीना- नही कर सकती
विदू- क्यूँ
एलीना- दिलीप हम तीनो में सबसे ज़्यादा आप के करीब है
और वो तो आपको तुम भी नही कहता
तो मैं कैसे कह सकती हूँ
विदू- तुम अब भी जॉब करोगी
एलीना- नही अब मैं बहुत थक गयी हूँ
अब दिलीप की सेवा करूँगी
विदू- मैं भी यही करने वाली हूँ
[विदू और एलीना हँसने लगी
फिर दोनो मिलके खाना बनाने लगी
थोड़ी देर बाद बड़ी नानी किरण मौसी और बड़ी मामी मंदिर से वापस आ गई
बड़ी नानी अपने रूम में चली गयी
बड़ी मामी और किरण मौसी किचन में गयी
बड़ी मामी- तुम दोनो क्या कर रही हो
विदू- खाना बना रही हूँ माँ और यह सीख रही है
किरण मौसी- भाभी आपको नही लगता कि यह बिल्कुल आपके जैसी है
बड़ी मामी- वो कैसे
किरण मौसी- भैया के लिए आप इतने तरह के खाने बनाती थी
बड़ी मामी- तू क्या मेरी कहानी बताने लगी चल तुझसे बात करनी है
किरण मौसी- शूकर है अब भाभी को किचन से छुट्टी मिल गयी
[ खाना बनाने के बाद विदू और एलीना जब मेरे रूम में पहुँची तो मैं विदू की गोद में सर रखके सोया हुआ था
और वँया भी सोई हुई थी
विदू आके हम दोनो को उठाई
[फिर हम सबने खाना खाया
खाना इतना टेस्टी था की मैं कुछ ज़्यादा ही खा लिया
किरण मौसी- कैसा लगा खाना
दिलीप- बहुत टेस्टी है
मन कर रहा है खाना जिसने बनाया है उसके हाथो को चूम लूँ
किरण मौसी- पता है कौन बनाई है
दिलीप- विदू ने
किरण मौसी- तुझे कैसे पता
दिलीप- आपके और सासू माँ के हाथ का बना खाना खा चुका हूँ
तो मुझे पता है कि खाना आप दोनो नही बनाई है
किरण मौसी- अच्छा सुन कल मैं जा रही हूँ
दिलीप- क्यूँ
क्मासी- क्यूँ क्या काव्या और करुणा कह रही थी
दिलीप- ठीक है
[खाना ख़ाके मैं अपने रूम में आ गया....
थोड़ी देर तक जब मेरी तीनो बीवियो में से कोई नही आई
तो मैं अपने रूम से बाहर आया विदू के रूम में गया
विदू नही थी
फिर मैं वँया के रूम में गया वँया नही थी
अब बचा था एलीना का रूम
तो मैं पहुँचा एलीना के रूम पे
रूम के गेट पे पहुँचा ही था
मेरी तीनो बीवियो के हँसने की आवाज़ आई
मैं थोड़ा सा गेट खोलके झाँका तो देखा
एलीना साड़ी पहने हुए थी
मैं अपना फोन निकालके फोटो खींच लिया
सुबह एलीना जीन्स और टीशर्ट में थी
मैं तो बस अपनी हँसती खिलखिलती बीवियो को देखता रहा
फिर मैं अपने रूम में गया
और अपना लॅपटॉप निकालके ईमेल चेक करने लगा
तभी एक मेसेज पे मेरी नज़र पड़ी
मैं उस मेसेज को क्लिक किया
मेसेज एलीना के फादर का था
वो अपनी सारी प्रॉपर्टी एलीना के नाम कर चुके थे
और अब वो जैल में थे
उन्हे उम्र क़ैद की सज़ा मिली है
फिर मैं और मेसेज को देखने लगा
मुझे एक मिशन दिया गया था
मैं मिशन पढ़ने लगा
तभी मुझे रोने की आवाज़ आई
मैं लॅपटॉप बंद किया देखा वँया मेरे पीछे खड़ी रो रही थी
मैं बेड से खड़ा हुआ और वँया का चेहरा पकड़ के पूछा क्या हुआ है
लेकिन वँया रोए ही जा रही थी
मैं वँया को अपने गले लगा लिया लेकिन वँया बस रोए जा रही थी
मैं वँया को अपने आप से अलग किया
दिलीप- अगर मुझसे प्यार करती हो तो प्लीज़ चुप हो जाओ
[वँया एक दम चुप हो गयी]
अब बताओ क्यूँ रही थी
वँया- तुम फिरसे मुझे छोड़ कर चले जाओगे
दिलीप- यह ख्याल कहाँ से आया तुम्हे
मेरी जान निकाल दी तुमने
वँया- तुमको एक मिशन नही मिला है
और तुम अगले हफ्ते चले जाओगे
दिलीप- लगता है मेरी तरह तुम्हारा दिमाग़ भी खाली हो गया है
यह मुझपे है कि मैं मिशन पे जाउन्गा की नही
समझी और मैं कोई मिशन पे नही जा रहा हूँ
वँया- तुम झूठ बोल रहे हो
दिलीप- तुम्हारी कसम विदू की कसम एलीना की कसम
अब यकीन हुआ
वँया- हां
सॉरी तुम्हे बिना मतलब के परेशान कर दी
दिलीप- तुम्हारे सॉरी का मैं आचार डालु
वँया- ऐसा क्यूँ कहते हो
दिलीप- तो और क्या कहूँ
[इससे आगे मैं कुछ कहता उससे पहले ही वँया मेरे होंठो पे अपने होन्ट रखके चूमि और रूम से भाग गयी
साला मैं कुछ समझ ही नही पाया
फिर मैं एलीना के रूम में गया जहाँ एलीना अपने बेड पे बैठी लॅपटॉप चला रही थी
आँखो पे वोही चश्मा लगा था
मैं एलीना के पास गया
और उसकी आँखो से चश्मा उतार दिया
एलीना- तुम फिर शुरू हो गये
दिलीप- तुम कोई 40 साल की हो क्या जो चश्मा पहेन लेती हो
एलीना- काम करने में आसानी होती है
दिलीप- तुम चश्मा नही पहनोगी
एलीना- यह कैसी ज़िद्द है
दिलीप- अगर चस्मा पहनोगी
तो 20 बार तुम्हारे होंठ चुसूंगा
एलीना- नही बिल्कुल नही तुम जब किस करते हो
तो एक किस 15 मिनिट तक करते हो
दिलीप- मैं तुम्हे सिखाउन्गा ना
एलीना- कोई ज़रूरत नही है
[और एलीना पीछे हटने लगी
मैने आगे बढ़के एलीना के चेहरे को पकड़ा एलीना नही नही करती रह गयी
और मैं एलीना के होंठो को चूसने लगा
2 मिनिट बाद ही मैं अपने होन्ट एलीना के होन्ट से अलग कर लिया
एलीना- हो गया अब जाओ
दिलीप- देखो ऐसे अगर जाने को कहोगी तो तुम्हारे पास अवंगा नही
एलीना- ओके
[एलीना के ओक कहते ही मैं बेड से नीचे उतरा और जैसे ही रूम के गेट पे पहुँचके गेट को हाथ लगाया
एलीना पीछे से मेरे गले लग गयी
एलीना- सॉरी सॉरी सॉरी प्लीज़ मत जाओ
मैं तो बस मज़ाक कर रही थी
मैं पीछे मूड गया
और एलीना के गाल सहलाने लगा
दिलीप- दोबारा चश्मा मत पहेनना
एलीना- पहनुँगी
दिलीप- तो 20 किस करूँगा
एलीना- कर लेना
दिलीप- सुबह का और अभी का मिलके 40 हो गया
एलीना- ओह माइ गॉड यह चीटिंग है
दिलीप- चीटिंग की ऐसी की तैसी
[ मैं एलीना के होंठो को चूसने लगा
हम दोनो एक दूसरे को पूरे जोश के साथ किस कर रहे थे
कभी वो मेरे उपरी होन्ट चुस्ती तो कभी नीचले होन्ट
ऐसे किस करते हुए मैं एलीना को अपनी गोद में उठाए बेड पे ले आया
तभी गेट खुला हम दोनो एक झटके में एक दूसरे से अलग हो गये
गेट पे वँया खड़ी थी