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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

अपडेट 100

दिलीप- बहुत थकावट महसूस हो रही थी

मैं 40 मिनिट तक सरला की गान्ड मरता रहा

लेकिन एक सवाल जो मेरे दिमाग़ में घूम रहा था कि सरला मुझसे कल भी माफी माँग सकती थी

तो वो फिर आज क्यों मुझसे चुदवाने आई थी

सरला की तो हालत खराब थी

मैं उठके बैठ गया

सरला भी उठके बैठ गयी

दिलीप- अब सच-2 बताओ कि आप यहाँ क्यूँ आई थी

सरला- मैं कुछ समझी नही

दिलीप- मेरे पास एक और बार करने की ताक़त अभी भी है

और तुमने ही कहा था कि आज रात तुम मेरी हो

यह सुनके सरला की फॅट गई

सरला- मैं तुमसे चुदवाने आई थी

दिलीप- पूरी बात बताओ

सरला- मैं मेरे पति की दूसरी बीवी हूँ

मेरी पति ने जब मुझसे शादी की तो वो 47 साल का था

और मैं 18 साल की

जैसे-2 उसकी उमर बढ़ती हो गयी

वो मेरी चुदाई करना कम करने लगा

एक दिन उसने कहा कि वो मेरी चुदाई नही कर पाएगा

पर मेरी चूत की खुजली बढ़ती गयी

मैने उससे सॉफ-2 कह दी

कि अब मुझे बर्दाश्त नही होता

तो मेरा पति कहता है कि मैं क्या करूँ

इसलिए मैं दूसरे मर्दो से चुदवाने लगी

लेकिन एक दिन मेरी पति ने मुझे किसी और के साथ देख लिया

उस दिन उसने मुझे बहुत मारा

और कहा कि दोबारा ऐसा करते हुए दिखी तो वहीं पे काट दूँगा

फिर कल मैने तुझे देखा

जब मुझे पता चला कि तू ठाकुर है

तो मैं सोची की तेरे साथ चुदवाते हुए अगर मेरा पति मुझे देख भी लेता है

तो वो मेरा कुछ उखाड़ नही पाएगा

दिलीप- पर आप अपने पति को धोखा दे रही हो

सरला- किस बात का धोका मेरी सौतेली माँ ने मुझे बताया कि 21 साल का गबरू जवान से मेरी शादी हो रही है

पर सुहागरात के दिन पता चला कि यह एक 47 का रन्डवा है

इसलिए मैं इतनी चिड़चिड़ी हो गयी

किसी से सही ढंग से बात नही करती

लेकिन मेरी सौतेली माँ अभी तक खुश है

दिलीप- [सरला की बात सुनके मैं सोचने पे मजबूर हो गया

कि मैने जो सरला के साथ किया क्या वो सही था

औरत चाहे कितनी भी बड़ी ग़लती कर्दे

पर उसके आत्मसम्मान को ठेस नही पहुँचाना चाहिए]

मैने सरला की तरफ देखा सरला मुझे ही देख रही थी]

मुझे माफ़ कर दीजिए मैने आपके साथ ग़लत किया

सरला- तुझे माफी माँगने की ज़रूरत नही है

तू तो पहले ही बोल चुका था कि तू मुझे बेरेहमी से चोदेगा

और मेरे अंदर 8 महीने की खुजली थी

तो मैं भी कुछ सोच नही पाई

दिलीप- अभी तक कितने ले चुकी हो

सरला- 12 नही 13 नही नही 14 हाँ 14

मैं सरला को आँखें फाड़के देखने लगा

दिलीप- आप की गान्ड से खून कैसे निकल गया

सरला- इतनी बेरेहमी से गान्ड मार रहा था और बोलता है खून कैसे निकला

दिलीप- आपको अपना वादा याद है ना

सरला- याद है ऋतु को कभी कोई तकलीफ़ नही दूँगी और अब सिर्फ़ तेरे से चुदवाउन्गी

दिलीप- पर चुदवाओगी कहाँ आप तो दूसरे गाओं में रहती हो

सरला- देख तू रवि का दोस्त है तो हर हफ्ते तू रवि के साथ आजाईयो कोई ना कोई जुगाड़ कर ही लेंगे

दिलीप- और आपका पति आपकी बहू आपका बेटा

सरला- मेरा बेटा तो कुछ दिन में शहर चला जाएगा

और मेरे पति का क्या है उसको नींद की गोली खीला कर सुला दूँगी

दिलीप- अब आपको आराम से चोदुन्गा

सरला- ना बाबा ना तू मुझे आज के जैसे ही चोदना ताकि मेरी फुददी एक हफ्ते तक तेरे लिए पानी बहा सके पर गान्ड थोड़ी आराम से मारना देख ना बैठा भी नही जा रहा है

दिलीप- मैं मुस्कुरा दिया अब आप जाओ 2 बज गये हैं लेकिन पहले आप यह बताओ कि आप की एज मतलब उमर कितनी है

सरला- 42 और मुझे थोड़ी बहुत तो इंग्लीश आती है फिर सरला कपड़े पहनने लगी

जब चल रही थी तो गान्ड इतनी ज़ोर से हिलती कि मेरा मन करता अभी एक और बार गान्ड मार लूँ

फिर सरला गेट खोलके बाहर चली गयी

मैने गेट लॉक कर दिया और अपने रूम को सही किया

फिर मैं पैंट पहेन कर बेड पे लेट गया जल्दी ही नींद अ गई

सुबह कोई गेट नॉक करने लगा मैने उठके गेट खोला

रवि की माँ थी जो मुझे देखके शर्मा रही थी

तभी मेरी नज़र अपने उपर गयी

मैं उपर से नंगा था

मैने जल्दी से अपनी शर्ट पहेन लिया

ऋतु की माँ- आप तय्यार हो जाइए 2 घंटे में बिदाई हो गी

ऋतु की माँ मुझे एक जोड़ी कपड़ा देके बोली फिर वो चली गयी

घर में एक ही बाथरूम था मैं उसमें जाके नहा लिया

फिर सबके साथ नाश्ता किया

रवि के पापा- दामाद जी समधन जी नही दिख रही हैं

सरला का बेटा- जी वो माँ के पैर में मोच आ गई है

दिलीप- फिर हम सब नाश्ता करके टाइम पास करने लगे

बिदाई का समय आ गया सारी औरते रोने लगी

फिर ऋतु अपने नये घर यानी ससुराल चली गयी

सरला तो मुझे दिखी ही नही भीड़ ही इतनी थी

एक दफ़ा तो मैं किसी लड़की से पूरा सट गया

शूकर है वो लड़की दीपा थी

फिर मैं और रवि बैठके बाते करने लगे

तभी रवि के माता पिता आ गये

उन्होने मेरा शुक्रिया अदा किया

कि मैं उनकी बेटी की शादी में आके उनका मान बढ़ाया

मैं जैसे ही रवि के घर से निकला कालिया अपनी भैंस मतलब जीप पे बैठा था

मैं लखन के पास पहुँचा

कालिए को आज भी चैन नही मिला मुझे अखाड़े में ले गया

और बुरी तरह कसरत करवाने लगा

फिर मैं घर पहुँचा बड़ी नानी से मिलके अपने रूम में गया

किताब लेके वँया के रूम पहुँचा

फिर वँया जब तक पढ़ती रही तब तक मैं पढ़ा

आज वँया ने ना मुझे टोका बस मैं कुछ पूछता तो जवाब दे देती

पढ़ते पढ़ते शाम हो गयी

वँया अपनी किताब रखके रूम से बाहर चली गयी

मैं फिर भी पढ़ता रहा

क्यूंकी बड़ी नानी के बाद अगर मुझे किसिके साथ अपनापन महसूस होता था तो वँया थी....

 
अपडेट 101

दिलीप- मैं थोड़ी देर और पढ़ता रहा फिर अपने रूम में आगया

तभी फोन बजने लगा

मैं फोन उठाया

हेलो कौन बोल रहा है

मेघा- तेरी दीदी कैसा है तू

दिलीप- मैं ठीक हूँ आप कैसी हो

मेघा- बस एग्ज़ॅम की तय्यारी कर रही हूँ

दिलीप- मैं भीसॉरी मैं आपको फोन नही किया

मेघा- सॉरी मत बोल मैं बड़ी हूँ मुझे फोन करना चाहिए था

सुनीता- क्या कर रही है मुझे फोन दे

[सुनीता दी मेघा दी से मोबाइल छीन के]

सुनीता- हेलो यह तो तुझे बोर करेगी ही

दिलीप- आप को क्या हुआ

सुनीता- क्या होगा तेरी याद आ रही है

मेघा- यह तो मैं बोली थी

दिलीप- अच्छा मतलब आपको मेरी याद नही आती

सुनीता- मैं तो तुझे हर वक़्त याद करती हूँ तू तो मेरा प्यारा भाई है

मेघा- अब मुझे फोन दे

[फिर दोनो झगड़ने लगी]

दिलीप- अच्छा मैं फोन रख रहा हूँ

मेघा- क्यूँ

दिलीप- आप दोनो झगड़ जो रही हो

सुनीता- हम दोनो कभी नही झगड़ते तू बता क्या कर रहा है आज कल

दिलीप- घर में बैठके पढ़ाई कर रहा हूँ

सुनीता- यह तूने बहुत अच्छा किया

अभी तू अपनी पढ़ाई पे ज़्यादा ध्यान दे

[थोड़ी देर बात करके मैं फोन कट कर दिया]

सोचा कि बाकी सबसे बात कर लेता हूँ

अरुणा दी को फोन किया

थोड़ी देर तक बात करता रहा फिर फोन कट कर दिया

[अरुणा दी हमेशा सीरीयस रहती हैं पता नही इनको क्या हो गया है]

अवनी को फोन किया अवनी का फोन बिज़ी आरहा था

फिर मैं अपनी प्यारी विदू को फोन लगाया

विद्या- कैसे हैं मेरे पति देव

दिलीप- मैं ठीक हूँ आप कैसी हैं

विद्या- अगर आप ठीक हैं तो मैं भी ठीक हूँ

दिलीप- खाना खाया आपने

विद्या- नही अभी तो1 घंटा है

दिलीप- एक बात बताइए उस दिन आपने फोन क्यूँ कट कर दिया था

विद्या- पता नही

दिलीप- यह कैसा जवाब हुआ आपको मेरी कसम

विद्या- आज कल दिल बहुत घबराता है कि आप मुझसे दूर हो गये तो

दिलीप- मैं आपसे कभी दूर नही जाउन्गा अगर आपको यही डर है तो मैं किसी लड़की से बात नही करूँगा

विद्या- मैं तो कुछ भी बोलती हूँ आपको यह सब करने की ज़रूरत नही है

दिलीप- ज़रूरत है

विद्या- आपको मेरी कसम

दिलीप- लेकिन क्यूँ

विद्या- क्यूंकी मैं आपसे प्यार करती हूँ और मैं आपको वो सब नही दे सकती जो आप चाहते हैं

दिलीप- मैं कभी आपसे वो सब करने को नही कहूँगा और अगर मुझे इस सब की लत लग गयी तो फिर आप क्या करेंगी

विद्या- ऐसा कुछ नही होगा और अगर हुआ भी तो मैं कभी मना नही करूँगी यह कहके विदू ने फोन कट कर दिया

मैं कान में मोबाइल लगाके सोचता रह गया कि विदू का यह कैसा प्यार है जो हक़ नही जताता

तभी मोबाइल पे मेसेज आया मेसेज विदू का था

ज़्यादा सोचने की ज़रूरत नही है वरना किस नही मिलेगा

यह पढ़के मैं झट से फोन लगाया विदू ने भी झट से फोन उठा लिया हम दोनो एक साथ

उम्म्म्मम्मूऊऊउउन्ह फिर विदू बाइ बोलके फोन कट कर दी

मैं मोबाइल से वो मसेज डेलीट कर दिया

तभी कोई गेट नॉक करने लगा मैने जाके गेट खोला यह वँया थी

फिर मैं नीचे गया खाना ख़ाके अपने रूम में आगया

थोड़ी देर तक और पढ़ाई किया फिर बेड पे लेटते ही नींद आगयि

सुबह वही 6 बजे उठा नाश्ता करके अखाड़े में गया

आज कसरत करने में मज़ा आरहा था शायद अब आदत पड़ गई है

कसरत करने के बाद लखन मेरे लिए वही गिलास लेके आया

आज तो पूछ के ही रहूँगा

दिलीप- लखन आपसे एक बात पुछु

लखन- कहिए छोटे मालिक

दिलीप- इस गिलास में आप क्या मिलाके लाते हैं जब पीता हूँ तो लगता है कि आग निगल रहा हूँ

लखन थोड़ी देर तक चुप रहा

लखन- आप जब से कसरत कर रहे हैं आपको कहीं पे दर्द हुआ

दिलीप- कसरत करते वक़्त होता है बाद में नही होता

लखन- आप को पता है जब मैने कसरत करना शुरू किया था तो मुझे 6 महीने तक दर्द होता रहा

और यह कसरत बड़े बड़े पहेलवन करते हैं आपको दर्द इसलिए नही होता है क्यूंकी आप जो चीज़ पीते हैं

उससे आपका दर्द बिल्कुल गायब हो जाता है

लखन- सिर्फ़ 1 साल आप अगर कसरत करेंगे तो आप की ताक़त 10 गुना बढ़ जाएगी

दिलीप- तो फिर तुम क्यूँ नही पीते यह

लखन- यह मैं आपको नही बता सकता

दिलीप- [मन मे] कितना फेंक रहा है

मैं जो पी रहा हूँ वो यह नही पी सकता अब एक ही रास्ता है

दिलीप- लखन यह हमारा हुक्म है कि आप हमे बताएँ कि आप यह क्यूँ नही पीते

लखन कुछ बोल ही नही रहा था

मैं सीधा बिम्ला के घर पहुँचा गेट खुला ही था

मैं सीधा अंदर चला गया

अंदर बिम्ला और शांति खाट पे बैठके बाते कर रही थी

शांति मुझे देखते ही शरमाने लगी और बिम्ला मुस्कुराने लगी

मैं बिंला के पास पहुँचा शांति खड़ी होके घर से बाहर चली गयी

मैं खाट पे बैठ गया

दिलीप- इसे क्या हुआ

बिम्ला- वो मान गयी है

दिलीप- क्या मान गयी है

बिम्ला- कभी कभी मैं सोचती हूँ कि तू बड़ा समझदार है लेकिन है तू एक नंबर का बेवकूफ़

शांति तेरे बच्चे की माँ बनने के लिए मान गयी है

बिम्ला के इतना कहते ही मैने बिम्ला को किस करना शुरू कर दिया

बिम्ला भी पूरे जोश के साथ मेरे होंठ चूसने लगी

फिर मैने किस तोड़ दिया हम दोनो हाँफने लगे

दिलीप- यह चमत्कार हुआ कैसे

बिम्ला- पहले तू मेरी चुदाई कर

दिलीप- पहले बात करेंगे

बिम्ला- पहले चुदाई करेंगे

दिलीप- पहले बात करेंगे अच्छा छोड़ो मैं आपकी चुदाई करता हूँ आप मुझे बताती जाना

बिम्ला- ठीक है...,.

 
अपडेट 102

दिलीप- मैं और बिम्ला रूम में पहुँचे

फिर हम दोनो अपने कपड़े उतारने लगे

बिम्ला अपनी सारी खोलने लगी

मैने अपनी शर्ट और बनियान निकाल दिया

फिर बिम्ला अपना ब्लाउस उतार दी

बिम्ला के बूब्स आज मुझे अपनी तरफ बुला रहे थे

मैने अपना पैंट और अंडरवेर उतार दिया

बिम्ला अपने पेटिकोट का नाडा खींच दी

एक झटके में पेटिकोट बिम्ला के जिस्म से अलग हो गया

मेरे लंड में सरसराहट होने लगी

बिम्ला धीरे से चलते हुए मेरे पास आई

और घुटनो के बल बैठ गयी

मेरा लंड बिम्ला के गाल को छु रहा था

मेरा लंड बिम्ला के गाल पे झटके खा रहा था

बिम्ला मेरे लंड के सुपाडे पे अपनी ज़ुबान फेरने लगी

आज मेरा लंड कुछ ज़्यादा फूल गया था

बिम्ला मेरे लंड के सुपाडे को अपने होंटो में पकड़के अपना मुँह आगे पीछे करने लगी

मैने बिम्ला के सर पे हाथ रख दिया

बिम्ला मेरे आधे लंड को चूस रही थी

बिम्ला का एक हाथ मेरे आंडो पे था और दूसरा हाथ मेरी जाँघ पे

बिम्ला की चूत से रस टपक के उसके घुटनो तक पहुँच रहा था

बिम्ला मेरे आधे लंड को थोड़ी देर चुस्ती रही

फिर मैं बिम्ला के मुँह में अपना लंड आगे पीछे करने लगा

बिम्ला के थूक से मेरा पूरा लंड भीग चुका था

मैं बिम्ला के मुँह से अपना लंड निकाला

और बिम्ला को घोड़ी बना दिया

बिम्ला बेड पे अपना हाथ रख दी

मैं घुटनो के बल बैठ गया

अपना मुँह बिम्ला की चूत पे रखके चूसने लगा

बिम्ला की चूत पानी पे पानी बहा रही थी

मैं अपने मुँह में चूत के दाने को भरके चूसने लगा

बिम्ला आहे भरने लगी

थोड़ी देर तक बिम्ला की चूत चूस्ता रहा

फिर बिम्ला के पैर काँपने लगे और बिम्ला की चूत पानी छोड़ने लगी

मैं सारा पानी पी गया अब मैं खड़ा हो गया

और अपने लंड पे कॉंडम लगाके बिम्ला की चूत पे अपना लंड सेट किया

दिलीप- काकी अब शुरू करो कहानी

बिम्ला- जब तू मेरे खेत के कागज मुझे देके गया

दिलीप- मैने बिम्ला की कमर पकड़के एक झटका मार दिया मेरा आधा लंड बिम्ला की चूत में चला गया

बिम्ला- अया ऊवू तो मैं सोचने लगी कि शांति को कैसे मनाऊ

दिलीप-मैने एक और धक्का मार दिया मेरा पूरा लंड बिम्ला की चूत को फाड़ता हुआ अंदर तक चला गया

विमला-अया माअर डाअला ऊह अयीयिमया

मैं अपना लंड बिम्ला की चूत में आगे पीछे करने लगा

विमला-तभी मैं सोची शांति को सब सच बता देती हूँ अया और ज़ोर से चोद फाड़ दे मेरी चूत

मैं शांति को अपने घर में लेके आई और शांति को सारी सच्चाई बता दी

कैसे तू विनय को शराब की दुकान से लेके आया अया और ज़ोर से दम नही है क्या

मैं बिम्ला को चोदे जा रहा था और बिम्ला बातो को मिक्स करके बोले जा रही थी

फिर विनय ने तुझे सब सच बता दिया तू विनय के साथ शांति के घर गया

दिलीप-मैं अपना लंड बिम्ला की चूत के मुँह तक लाया और पूरी ताक़त से पेल दिया

बिम्ला की चीख निकल गयी

बिम्ला- उई माँ फिर तू मुझे अपने साथ ले गया शांति को डॉक्टर से दिखाने डॉक्टर से पता चला कि शांति में कोई कमी नही है

दिलीप- थोड़ी देर बाद बिम्ला की चूत ने पानी छोड़ दिया मैने बिम्ला को बेड पे लेटा दिया और एक ही बार में अपना पूरा लंड बिम्ला की चूत में पेल दिया और ताबड तोड़ धक्के मारने लगा पूरे रूम में फॅक- 2 की आवाज़ गूँज रही थी

बिम्ला- और ज़ोर से चोद काश मैं तुझे पहले बता देती तो मेरी जान तो बच जाती आ अया

शांति रोने लगी फिर मैने शांति को तेरी और मेरी सच्चाई बता दी कि तू मेरी मदद कर रहा है और तू सिर्फ़ विनय के लिए शांति को माँ बनाना चाहता है अब और नही बोला जाता बाकी चुदाई के बाद बताउन्गी

दिलीप- मैं बिम्ला की चूत फाड़ने लगा बड़ी शेरनी बन रही थी अब बोल कभी मेरी बात काटेगी

बिम्ला- कभी नही अया अया और ज़ोर से ऊवू सीईईईई मैं तो गयी बिम्ला की चूत ने पानी छोड़ दिया

दिलीप-अब मेरा भी निकलने वाला था मैने अपना लंड बिम्ला की चूत से बाहर निकाला लंड पर से कॉंडम निकाला और अपना लंड हिलाने लगा मैने अपना सारा वीर्य बिम्ला के बूब्स पे छोड़ दिया और हान्फते हुए बिम्ला की बगल में लेट गया

बिम्ला- आज तू क्या ख़ाके आया था कि मेरी चूत फाड़ दी

दिलीप- मेरा बस चले तो हर वक़्त आपकी फुद्दि में अपना लंड डालके आपको चोदता रहूं

बिम्ला- अब सुन क्या हुआ था शांति को मैं सब कुछ बता चुकी थी तेरे यहाँ से जाने तक का फिर मैं उसको बोली कि तेरा पति तो अब दूसरी शादी करेगा ही और उसकी दूसरी बीवी को भी बच्चा नही होगा फिर वो तीसरी करेगा इससे अच्छा है कि तू दिलीप के साथ चुदाई कर और माँ बन जा

शांति बोली कि अचानक अगर मैं माँ बन गयी तो मेरे पति को शक हो जाएगा

बिम्ला- अचानक नही तू अपने पति को यहाँ बुला और उसे बोल कि यहाँ से 9 किमी दूर एक पुराना मंदिर है वहाँ जो जाता है उसकी हर इच्छा पूरी होती है वहाँ के दर्शन करके आ जाना और यही अपनी माँ के घर 2 हफ्ते तक रात को अपने पति के साथ चुदाई करना फिर दोपहर में 2 घंटे के लिए मैं तुझे अपने घर ले आउन्गि उस वक़्त दिलीप के साथ चुदाई करना

शांति अभी यही बताने आई थी कि वो और उसका पति मंदिर जा रहे हैं तभी तू आगया

दिलीप- लेकिन वो मुझे देखके शरमाने क्यूँ लगी

बिम्ला- अरे बुद्धू कोई भी औरत अपने पति के रहते हुए किसी और मर्द से तभी चुदवाति है

या तो वो मजबूर होती है या तो उसको बहुत खुजली होती है शांति का कुछ उल्टा है वो तुझसे चुदवाने के लिए मजबूर भी है और खुश भी है

दिलीप- फिर मैं अपने कपड़े पहेन लिया और पहुँचा घर

मैं 2 घंटे लेट आया था फिर लगा पढ़ाई करने.,.

 
अपडेट 103

दिलीप- आज मैं अकेले पढ़ाई कर रहा था

दोपहर में मैं नीचे गया

डाइनिंग पे सब बैठे थे

बड़े मामा और नयी मामी दोनो एक साथ बैठे थे

मेरे एक तरफ वँया और दूसरी तरफ बड़ी नानी बैठी थी

बड़ी मामी सबके प्लेट में खाना परोस रही थी

सबको खाना परोसने के बाद बड़ी मामी मेरे पास आई

और मेरे पॅलेट में खाना परोसने लगी

पर यह क्या बड़ी मामी मेरी प्लेट में डबल खाना डाल दी

मैने बड़ी मामी की तरफ देखा

बड़ी मामी मुस्कुरा रही थी

]अब इनको क्या हो गया]

मैं धीरे धीरे खाना खाने लगा

थोड़ी देर बाद बड़े मामा और नई मामी अपने रूम में चली गयी

मेरे बगल में बैठी

बड़ी नानी- खाना ख़ाके हलवा ज़रूर खाना

दिलीप- [खुश होते हुए क्यूंकी सूजी का हलवा वो भी बड़ी नानी के हाथ]

आपने बनाया है

बड़ी नानी- नही तेरी मामी ने पहली बार तेरे लिए हलवा बनाया है

हलवा बनाने मैं जा रही थी लेकिन बहू बोली कि मैं बना देती हूँ

दिलीप- [यह सुनके मेरी सारी खुशी हवा हो गयी]

मैं फिर मुँह लटकाए खाना खाने लगा

खाना ख़ाके मेरा पेट तो फटने लगा था

लेकिन मरता क्या ना करता

जैसे ही मैने हलवे का पहला नीवाला अपने मुँह मे डाला

इतना सवदिष्ट था कि मैं जल्दी जल्दी खाने लगा

बड़ी नानी- आराम से बेटा बहुत है

दिलीप- मेरे सामने जितना हलवा रखा था मैं सारा चट कर गया

बड़ी नानी- बहू आज तो कमाल होगया मेरा बेटा तो पहेलवानों की तरह खा रहा है

बड़ी मामी- बड़ी माँ आपका बेटा मेहनत भी तो इतनी करता है

बड़ी नानी- मेरा बेटा है मेहनती तो होगा ही

दिलीप- [जोश में तो खा लिया लेकिन अब फॅट रही थी]

मैं वहाँ से अपने रूम में आया गेट लॉक किया और पेट पकड़के बेड पे लेट गया

आधे घंटे बाद किसीने गेट नॉक किया

मैने जाके गेट खोला

सामने बड़ी मामी ग्लास लेके खड़ी थी बड़ी मामी ग्लास मुझे देते हुए

बड़ी मामी- यह पी लो इससे तुम्हे आराम मिलेगा

दिलीप- [अब मना तो कर नही सकता था उपर से गुस्सा भी आरहा था एक ही साँस में पूरा ग्लास खाली कर दिया]

बड़ी मामी मुस्कुरा कर चली गयी

मैं बेड पे बैठके सोचने लगा कि बड़ी मामी को क्या हो गया

कल तक तो मुझसे बात भी नही करती थी

और आज मुझपे इतना प्यार लूटा रही हैं

क्या सच में वो मेरी चिंता करने लगी हैं जो भी हो देखा जाएगा

मैं किताब लेके पहुँचा वँया के रूम मे गेट नॉक किया

वँया गेट खोलके मुझे बिना देखे वापस जाके पढ़ाई करने लगी

मैं भी जाके बेड पे बैठ गया और पढ़ाई करने लगा

पढ़ाई करते हुए शाम हो गयी वँया मुझसे बात ही नही कर रही थी

मैने किताब को साइड में रख दिया और वँया को देखने लगा

थोड़ी देर बाद वँया का ध्यान मुझपे गया

वँया- क्या हुआ ऐसे क्यूँ देख रहे हो

दिलीप- मैं कुछ नही बोला बस वँया को देखता रहा

वँया- दिलीप क्या हुआ

दिलीप- मैं वँया को देखे जा रहा था

वँया घबरा गयी मेरा कंधे पकड़के हिलाते हुए

वँया- दिलीप

दिलीप- क्या हुआ

वँया- इतनी देर से आवाज़ दे रही हूँ

दिलीप- पता है

वँया- पता है का क्या मतलब हुआ

दिलीप- [हँसते हुए]मैं तो मज़ाक कर रहा था

यह सुनके वँया तकिया उठाके मुझे मारने लगी थोड़ी देर तक वँया मुझे मारती रही मैं भी हंसता रहा

फिर वँया भी मेरे साथ हँसने लगी हम दोनो बहुत देर तक हंसते रहे क्यूँ पता नही कभी कभी आपका दिल झूमने लगता है

आपको पता नही होता कि आप इतना खुश क्यूँ हैं लेकिन फिर भी आप उस पल को पूरी तरह जीते इस वक्त मैं और वँया उसी खुशी में झूम रहे थे

तभी गेट खुला और बड़ी नानी के साथ बड़ी मामी अंदर आगयि

हम अभी भी हंस रहे थे दोनो हमारे पास आगयि

बड़ी नानी- दिलीप क्या हुआ जो इतनी ज़ोर से हंस रहा है नीचे तक आवाज़ आरहि है

दिलीप- मैने हँसना बंद कर दिया कुछ नही बड़ी नानी यह आपकी वँया एग्ज़ॅम की वजह से बहुत परेशान थी इसीलिए मैं इसको जोक सुना रहा हूँ

[वँया मुस्कुरा दी]

बड़ी नानी- अच्छा मुझे भी तो सुना तेरा जोक

[अब क्या बताऊ कि वँया मुझे ब्लॅकमेल कर रही है वो भी मेरे फ़ायदे के लिए मैं सोच में डूबा हुआ था]

वँया- बड़ी दादी मैं इसलिए थोड़ी हंस रही हूँ कि मुझे इसका जोक अच्छा लगा इसका जोक इतना बेकार था कि मुझे हँसी आगयि

बड़ी नानी- अब बहुत हो गयी पढ़ाई थोड़ा आराम करो और तू कभी जोक मत मारना फिर बड़ी नानी और बड़ी मामी चली गयी

दिलीप- कल तुम्हे एक गिफ्ट दूँगा

वँया- [खुश होते हुए] क्या गिफ्ट जल्दी दो ना

दिलीप- बोला तो कल दूँगा

वँया- जब गिफ्ट कल देना था तो आज क्यूँ बताया

दिलीप- [मैने वहाँ से निकलने में ही अपनी भलाई समझी]

मैं अपनी किताब उठाया और गेट के पास आके रुक गया

दिलीप- शुभ रात्रि मेरी चीकी चुहिया यह कहके मैं अपने रूम में आगया और बेड पे लेट गया

गिफ्ट का इसलिए बोला शांति के चक्कर में पता नही कितना टाइम लग जाए पहले ही जाके गिफ्ट ले आउन्गा

थोड़ी देर बाद नीचे जाके खाना खाने लगा

डाइनिंग टेबल पे सब बैठके खाना खा रहे थे खाना ख़ाके मैं अपने रूम में आगया

थोड़ी देर बाद बड़ी नानी मेरे रूम में आगयि मैं उठके बैठ गया

बड़ी नानी- तू मेरी एक बात मानेगा

दिलीप- जी

बड़ी नानी- कुछ समय तू अपनी नयी मामी से बात कर लिया कर

दिलीप- जी कर लूँगा

बड़ी नानी- वो दिन भर अकेली अपने रूम बैठी रहती है ना वँया और ना बहू उससे कभी बात करेंगी इसी लिए कह रही हूँ तू थोड़ा समय उसके साथ रहा कर और तू तो अच्छी तरह जानता है कि अकेलापन कैसा होता है

बड़ी नानी चली गयी

दिलीप- [मैं सोचता रह गया कि मेरे दिल की बात जो मैं भी भूल गया था

बड़ी नानी वो बात कैसे जान गयी...

 
अपडेट 104

दिलीप- थोड़ी देर बाद नींद आ गई सुबह उठके नहा धोके तय्यार हुआ

नीचे गया बड़ी नानी का आशीर्वाद लेके डाइनिंग टेबल पे बैठ गया

फिर नाश्ता करके अखाड़े में पहुँचा आज खूब कसरत किया

लखन को तो यकीन नाì हो रहा था कि मैं अपने आप कसरत कर रहा हूँ

होता यह था कि मैं लखन को परेशान करने के लिए उसको बोलता कि पहले आप करके दिखाओ

कसरत करके लखन का ज़हरीला जूस पिया

दिलीप- आप मेरी बाइक लेके आ जाओ मुझे थोड़ी देर बाद कहीं जाना है यह कहके मैं विनय के घर पहुँचा विनय और उसकी माँ तो खेत गये थे शांति घर पे नही थी मैं बिमला के घर में आया बिमला खाट पे बैठी थी मैने गेट लॉक कर दिया और बिमला के पास बैठ गया

दिलीप- कैसी हो आप

बिमला- ठीक हूँ

दिलीप- शांति कहाँ है

बिमला- बेड रूम में

दिलीप- कितनी देर से

बिमला- आधा घंटा हुआ होगा अच्छा सुन आज उसके साथ आराम से करना कोई जल्द बाजी मत करना

इससे तुझे यह फ़ायदा होगा कि वो कल तेरे साथ खुलके चुदाई करेगी

दिलीप- यह मुझे भी पता है आप उदास लग रही हो

बिमला- तू तो शांति की ही चुदाई करेगा मुझे तो भूल ही जाएगा

दिलीप- मैं शांति की चुदाई सिर्फ़ 2 हफ्ते करूँगा उसके बाद 1 हफ़्ता और 1 एक महीना नो चुदाई

बिमला- तू तो मेरा हार्ट फैल करवाएगा डेढ़ महीना मैं चुदाई के बिना कैसे रहूंगी

दिलीप- अरे मेरी प्यारी काकी फ़िक़र मत करो सनडे को आउन्गा ना और हाँ आपको याद है ना मेरे अलावा किसी के साथ चुदाई मत करना

बिमला- नही करूँगी तेरे जैसा मर्द मुझे कहीं ऑर थोड़ी ही मिलेगा

[बिमला उदास हो गयी]

मैं बेड रूम के अंदर गया शांति बेड पे बैठी हुई थी मुझे देखते ही वो खड़ी हो गयी मैं बात करके समय बर्बाद नही कर सकता था शांति एक सिंपल सी साड़ी पहने हुई थी शांति थोड़ी साँवली थी उसके बूब्स भी मीडियम साइज़ के थे लेकिन उसका चेहरा काफ़ी मासूम और खूबसूरत था

मैं शांति के पास पहुँचा

शांति की साँस भारी हो गयी

उसका दिल ज़ोरो से धड़क रहा था

मैने शांति को गले लगा लिया

शांति बस वैसे ही खड़ी थी

थोड़ी देर तक मैं शांति के जिस्म को महसूस करता रहा

फिर मैने शांति को अपने से अलग किया

और उसके कपकपाते होंठो पे अपने होंठ रखके चूसने लगा

शांति किस करने में मेरा साथ नही दे रही थी

मैं शांति के मुलायम होंटो को चूस्ता रहा

हमें किस करते हुए 10 मिनिट हो गया था मैने किस तोड़ दिया

शांति मुझे देखने लगी मैं फिर शांति को किस करने लगा

उसकी ज़ुबान को अपने मुँह में लेके चूसने लगा

शांति सिर्फ़ मेरी पीठ सहला रही थी

मैं शांति की ज़ुबान का सारा रस निचोड़ने लगा फिर मैने किस तोड़ दिया

और शांति की गर्दन पे अपने होंठ रखके चूमने लगा शांति की अया निकल गयी

मैं शांति की गर्दन के हर हिस्से को चूमने लगा

अब मैं ज़ुबान से शांति की गर्दन को चाटने लगा

फिर मैने अपने हाथ से शांति की साड़ी का पल्लू नीचे गिरा दिया

शांति का दिल जोरो से धड़क रहा था और शांति के बूब्स उपर नीचे हो रहे थे

यह नज़ारा देखके मेरा लंड पैंट से बाहर निकलने को मचलने लगा

मैने शांति की साड़ी को उतार दिया और ब्लाउस के बटन खोलने लगा

शांति सिर्फ़ मुझे देख रही थी जैसे ही मैने शांति का ब्लाउस निकाला शांति के बूब्स मेरे सामने आगये

मैने अपनी शर्ट उतार दी और अपनी बनियान और अपनी पैंट को भी उतार दिया

मेरे लंड का सुपाडा अंडरवेर से बाहर दिख रहा था शांति मेरे लंड के सुपाडे को देखी तो देखती रह गयी

मैने शांति को लिटा दिया और शांति के दोनो बूब्स को दबाने लगा शांति सिसकिया लेने लगी

मैं शांति के निपल पे अपनी ज़ुबान फिराने लगा शांति का बदन काँपने लगा

मैं शांति के निपल को चूस्ते हुए दूसरे निपल को मसल्ने लगा

अब मैं शांति के दूसरे निपल को चूसने लगा मैं शांति के बूब्स बहुत देर तक चूस्ता रहा

फिर मेरी नज़र शांति की नाभि पे गयी मैं शांति की नाभि में अपनी ज़ुबान डालके घुमाने लगा

शांति का बदन अकड़ गया शांति मेरे कंधो को पकड़के झड़ने लगी

मैने शांति के पेटिकोट का नाडा खोल दिया और शांति का पेटिकोट उतार दिया

शांति की चूत बालो से भरी हुई थी मैं समझ गया कि शांति गाओं की पूरी गँवार है

मैं शांति की टाँगो के बीच आगया और शांति की जाँघो को चूमने लगा

मुझे पता था कि शांति मुझे अपनी चूत पे ज़रूर धकेलेगी मैं शांति की जाँघो को चूम रहा था

तभी शांति ने मेरे सर पे हाथ रख दिए मैं शांति की चूत पे अपना मुँह रखके चूसने लगा

तभी मेरी नज़र गेट पे पड़ी बिमला रंडी खाट पे लेटके अपनी चूत में उंगली कर रही थी

आज तो कुछ मज़ा ही नही आरहा था शांति साथ ही नही दे रही थी

मैं शांति की बालो से भरी चूत चूस्ता रहा शांति की चूत ने पानी छोड़ दिया

मैं सारा पानी पी गया फिर मैं शांति की चूत में अपनी 2 उंगली डालके आगे पीछे करने लगा

और चूत के दाने को अपने मुँह में भरके चूसने लगा

अपना दूसरा हाथ शांति के बूब्स पे रखके दबाने लगा

शांति मचलने लगी शांति सोच रही होगी

कि आज तक उसको चुदाई में इतना मज़ा नही आया जितना मेरे चूसने से आरहा था

जब लंड छूट में जाएगा तो कितना मज़ा आएगा मैं अपनी उंगली और अपनी ज़ुबान शांति की चूत में तेज़ चलाने लगा

शांति कुछ बोल नही रही थी लेकिन आहे ज़रूर भर रही थी और उधर से बिमला की सिसकी निकल रही थी

अभी आस पड़ोस के सभी लोग खेत गये हुए थे शांति की चूत ने फिर से पानी छोड़ दिया मैं सारा पानी पी गया.,.,.

 
अपडेट 105

दिलीप- अब वक़्त था शांति की चुदाई करने का

मैने शांति की गान्ड के नीचे तकिया रख दिया

शांति के उपर झुकके शांति की चूत पे अपना लंड सेट किया

शांति को मेरा लंड नही दिख रहा था शांति मुझे देखने लगी

मैं मुस्कुरा दिया और शांति के होंठो पे अपने होंठ रखके एक धक्का मार दिया

मेरा आधा लंड शांति की चूत फाड़ता हुआ अंदर चला गया शांति की चीख मेरे मुँह में ही दब गयी

मैं शांति के होंठ चूसने लगा और बूब्स दबाने लगा थोड़ी देर बाद शांति शांत हुई

मैं अपने आधे लंड से ही शांति को चोदने लगा अब शांति को भी मज़ा आने लगा था

शांति अपनी गान्ड धकेलके मेरा लंड अपनी चूत में ले रही थी शांति मदहोश होने लगी

मैं मौका देखके पूरी ताक़त से अपना लंड शांति की चूत में पेल दिया

मेरा लंड सीधा शांति के बच्चे दानी से टकराया इस बार तो शांति और ज़ोर से चीखी

उसकी आँखो से आँसू बहने लगे

मैं उसके होंठ पूरे जोश के साथ चूस्ते हुए उसके बूब्स दबाने लगा

थोड़ी देर बाद मैं अपना लंड धीरे से शांति की चूत में अंदर बाहर करने लगा

शांति की गर्दन चूमने लगा शांति के बूब्स मसल्ने लगा

शांति को चोदते हुए शांति की चूत के दाने को मसल्ने लगा

एक शांति थी कि कुछ बोल ही नही रही थी सिर्फ़ आहे भर रही थी

लेकिन मैं भी दिलीप था अब शांति की चूत में मेरा लंड आराम से अंदर बाहर हो रहा था

तभी शांति अपने दोनो हाथो से चादर पकड़ ली मैं ताबडा तोड़ धक्के लगाने लगा

शांति की चूत ने पानी छोड़ दिया शांति हाँफने लगी मैं शांति के बूब्स उपर नीचे होते हुए देखके मदहोश हो गया

मेरा लंड और ज़्यादा टाइट हो गया मैं अपना लंड शांति की चूत में से पूरा निकालके एक ही बार में डाल दिया

शांति पूरी हिल गयी मैं 3 4 बार ऐसे ही किया

इस बार मैने पूरी ताक़त से शांति की चूत में अपना लंड पेल दिया

शांति की चीख निकल गयी

शांति- उईईइ माआ डीलीइईप माआर डााला अयाया ऊवू

मैं ताबड तोड़ शांति को चोदने लगा अब शांति थोड़ी खुलके मज़े ले रही थी

मैं भी पूरे जोश के साथ शांति की चूत में अपना लंड पेल रहा था

फिर मैं शांति की चूत से अपना लंड निकाल लिया

शांति मुझे देखने लगी

मैने शांति को घोड़ी बनने को कहा जैसे शांति उठी वो मेरे लंड को देखती रह गयी

शांति बूत बनके मेरे लंड को देख रही थी मैं शांति के निपल को खींच दिया

शांति- अया

दिलीप- क्या हुआ

शांति बिना कुछ कहे घोड़ी बन गयी मैं शांति के पीछे आगया

शांति की कुँवारी गान्ड देखके मेरी नियत फिसलने लगी

मैं जल्दी से अपना लंड शांति की चूत पे सेट किया और एक ही बार में डाल दिया

अब तो मेरी स्पीड बढ़ने लगी थी

मैं पूरी स्पीड के साथ शांति को चोदने लगा

शांति भी मेरा साथ देते हुए अपनी गान्ड पीछे धकेलने लगी

मैं शांति के बूब्स मसल्ते हुए शांति को चोद रहा था

बिमला ने कहा था कि आराम से करना

लेकिन उसे क्या पता जितना आराम से करना होता है मैं शुरू में ही करता हूँ

उसके बाद तो मेरा लंड अपने आप ही किसीकि भी फाड़ने लगता है

एक बार फिर शांति के पैर काँपने लगे और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया

मैने शांति की चूत से अपना लंड निकाल लिया

दिलीप- मैं लेटता हूँ आप मेरे लंड पे कूदो

शांति झेंप गयी

मैं लेट गया शांति मेरे सीने पे हाथ रखके मेरे लंड पे बैठने लगी

मैने शांति की कमर पकड़ा और एक झटके में बिठा दिया

शांति की आह निकल गयी शांति धीरे धीरे मेरे लंड पे उछलने लगी

मैं शांति के बूब्स मसल्ने लगा थोड़ी देर बाद शांति हाँफने लगी

मैने शांति को अपने सीने से लगा लिया और शांति की कमर पकड़के धक्के मारने लगा

अवनी के बाद शांति ही थी जिसे चोदने में मुझे इतना मज़ा आरहा था

शांति की चूत ने फिर से पानी छोड़ दिया

मैने शांति को अपने उपर से हटाया और शांति को लेटा दिया

मैने गेट की तरफ देखा तो बिमला वहाँ पे नही थी

मैं शांति की चूत में अपना लंड डालके धक्के मारने लगा

अब मेरा भी निकलने वाला था मैं ओर ज़ोर्से शांति को चोदने लगा

थोड़ी देर बाद शांति झड़ने लगी

10 12 धक्को में मैने भी अपना वीर्य शांति की चूत में डाल दिया

थोड़ी देर तक वैसे ही लेटा रहा हमारी चुदाई 50 मिनिट तक चली

दिलीप- आप को मज़ा आया

शांति- बहुत मज़ा आया लेकिन मुझे पता है कि मैं तुमसे खुलके नही कर सकी

दिलीप- कोई बात नही

शांति- मैं कल तुम्हे खुश कर दूँगी

दिलीप- कल आप यह जंगल सॉफ करके आना बिमला के पास क्रीम है

शांति- ठीक है

दिलीप- आप अपने पति के साथ खुलके चुदाई करती हैं

शांति- नही वो भी मेरे साथ सब कुछ करते हैं सिर्फ़ मेरी चूत नही चूस्ते

दिलीप- उसके बाद मैं उठके बाथरूम गया

बाल्टी के पानी से खुदको सॉफ किया

बिमला किचन में थी

मैं कपेड़े पहेन कर खाट पे बैठ गया

बिमला मेरे लिए चाइ लेके आगयि

मैं चाइ पीने लगा

दिलीप- वैसे आप कुछ ज़्यादा ही जोश में नही आगयि थी

बिमला- मैं क्या करू तेरा लंड देखके ही मदहोश हो जाती हूँ

दिलीप- मैं बिमला के घर से अखाड़े में आया अपनी बाइक पे बैठके चल दिया शहर

शहर पहुँचके एक बड़ी सी शॉप में गया एक बड़ा सा टेडी बेर ऑर्डर किया

शॉप वाले को अड्रेस बताके मैं अपनी बाइक पे बैठके गाओं की तरफ आने लगा

शॉप वाले ने बोला कि शाम तक डेलिवरी मिल जाएगी

मुझे अखाड़े से निकले 4घंटे हो गये थे

घर पहुँचते ही पाँचवा घंटा भी बीत गया..,,

 
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