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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

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बड़ी माँ रोज धर्मेश को फोन करती कि दिलीप कहाँ है दिलीप कहाँ है उससे बात करनी है

धर्मेश एक ही बात कहता था कि जल्द ही दिलीप को लेके आ जाउन्गा

तभी डॉक्टर आके कहता है कि शक्ति को होश आगया है लेकिन उसकी याददाश्त जा चुकी है

डॉक्टर का यह भी कहना था कि शक्ति की मेमोरी तभी वापस आएगी जब उस पर जानलेवा आक्सिडेंट होगा

धर्मेश हर वक़्त यही सोचता कि बड़ी माँ को अगर पता चला कि दिलीप मर चुका है तो शायद वो भी

इसी लिए धर्मेश डॉक्टर के पास जाता है

उसे कहता है कि शक्ति की मेमोरी अब शायद ही वापस आएगी तो क्यूँ शक्ति का चेहरा सर्जरी करके उसे हाइप्नोटाइज़ किया जाए कि वोही दिलीप है

डॉक्टर शॉक हो जाता है

फिर 6 महीने तक शक्ति को हाइप्नटिज़ किया गया

उसकी प्लास्टिक सर्जरी भी की गयी

अब वो पूरी तरह से दिलीप बन गया था

लेकिन इस सब का एक नुकसान हुआ

शक्ति जो कि अब दिलीप बन गया था उसे 2 महीने में उसे तीन बार अटॅक आया

तीनो बार वो माँ माँ करके आवाज़ देता

और उस हालत में जब कोई उसके पास जाता तो शक्ति उसपे हमला कर देता

एक डॉक्टर की तो जान जाते जाते बची

डॉक्टर का यही कहना था कि हम ने नेचर से छेड़ छाड़ की है

एक इंसान की मर्ज़ी के बिना उसे दूसरा इंसान बनाया

इसी लिए हमे यह सज़ा मिली है

फिर धर्मेश शक्ति जो कि अब दिलीप बन चुका था

उसे गाओं ले आया

बड़ी माँ दिलीप को देखते ही उसे गले लगा लेती हैं

उसका दुलार करने लगती है

धर्मेश बड़ी माँ को यही बताता है

कि दिलीप का आक्सिडेंट हुआ था उसके सर में चोट लगी थी

उसका इलाज करा रहा था

उसे अब कुछ बाते याद नही होगी

और उसे कभी कभी अटॅक आता है

जब वो माँ के लिए रोता है

इसी लिए आप चिंता मत करना

बड़ी माँ बिना कुछ सोचे धर्मेश पे यकीन कर लेती है

क्यूंकी उन्हे पता था कि धर्मेश कभी झूठ नही बोलता है

 
[डाइयरी में बस इतना ही लिखा था

मुझे यानी शक्ति को यकीन नही हो रहा था कि यह सब सच है

मैं अपना सिर पकड़के बैठ गया

मेरी आँखो से लगातार आँसू बह रहे थे

तभी मेरी नज़र वीडियो कॅमरा पे पड़ी मैं उसे ऑन किया और एक वीडियो था उसे प्ले कर दिया

वीडियो में एक लड़का दिखा

अभी मैं जैसा दिखता हूँ बिल्कुल वैसा ही

शायद मेरा छोटा भाई दिलीप

दिलीप- बड़े मामा ने बताया कि आप मेरे बड़े भाई हैं

और आप को मैने गोली मार दी

क्यूंकी आप बड़े मामा को गोली मारने वाले थे

बड़े मामा की बात अभी भी मेरे कानो में गूँज रही है

बड़े मामा ने कहा कि तुम्हारी माँ को कितनी तकलीफ़ हो रही होगी

उसके एक बेटे ने उसके दूसरे बेटे को गोली मार दी

बड़ी नानी को कभी दुख मत देना उन्हो ने मुझे पाला है

मेरे लिए वो मेरे कपड़े धोती हैं खाना बनाके अपने हाथो से खिलाती हैं

मुझे अपने बेटे से ज़्यादा प्यार करती है

बड़े मामा हमेशा मुझे कहते हैं कि एक सच है जो वो मुझे बताएँगे

जब मैं बड़ा हो जाउन्गा

एक बात आपको बताता हूँ

किसी को भी नही बताया

बड़े मामा की जो छोटी बेटी वँया है ना

मेरी वँया मैं उससे बहुत प्यार करता हूँ

इतना प्यार कि उसे देखके मैं अपना हर गम भूल जाता हूँ

आप को मेरी कसम मेरी वँया से शादी करना उसका ख्याल रखना

उसे हर खुशी देना

अपना ख्याल रखना अपने प्यार का ख्याल रखना

और अपने परिवार का ख्याल रखना

मैं प्यार और अपने परिवार का दीवाना हूँ

[और इसी के साथ दिलीप अपने माथे पे गन लगाता है और ट्रिग्गर दबा देता है

इसी के साथ वीडियो बंद हो जाता है ].....

 
मैं चीख पड़ा अपने भाई को मरते देख

क्या यही थी मेरी किस्मत

बचपन में अपने माता पिता से अलग होना

जिसने पाला उसने दिल में किसी के लिए नफ़रत भरी

जब जवान हुआ तो एक पल भी अपने भाई का साथ नसीब नही हुआ

जिंदगी बोझ लग रही थी सच्चाई जान कर

उपर से 2 सालो में क्या हुआ मुझे याद नही

मैं यह सब सोचने में लगा हुआ था

कि किसीने मेरे कंधे पे हाथ रख दिया

पीछे मूड कर देखा तो मेरे बड़े मामा खड़े थे

बड़े मामा- देखो सच तो तुम जान ही गये हो

तुम हमारे साथ रहो या फिर कही और

हम तुम्हे अपना मानते हैं और तुम्हारा परिवार भी

[बड़े मामा की बात सुनके मैं मुस्कुरा दिया

शक्ति- आप को सच में लगता है कि यह मेरी सच्चाई जान लेने के बाद मुझे अपनाएँगे

कभी नही मेरा छोटा भाई दिलीप जिसका दिल मेरे सीने में धड़क रहा है

यह सब उससे प्यार करते हैं

बड़े मामा- यह तुमसे ही प्यार करते हैं

2 साल पहले तुम्हारा भाई मर गया

उस वक़्त तक यह सब उससे नफ़रत करते थे

लेकिन तुमने इनकी नफ़रत को प्यार में बदला

शक्ति- मुझे कुछ याद नही है

और आभी जाता तो मैं इन्हे कभी वापस दिलीप बनके धोखा नही देता

धोखा ख़ाके बहुत तकलीफ़ होती है

 
बड़े मामा- एक बात बताओ

तुम मुझे इतनी जल्दी बड़े मामा क्यूँ कहने लगे

शक्ति- क्यूंकी आप ने कोई ग़लती नही की ग़लती तो मैने की

मेरे पापा ने मुझे बदला लेने को तो बोला

लेकिन मुझे यह बार बार कहा कि पहले पूरा सच जान लेना

बड़े मामा बिना कुछ कहे चले गये मैं भी थोड़ी देर बाद ख़ुफ़िया कमरे से बाहर आया

समझ नही आरहा था क्या करूँ

जैसे ही मैं रूम से बाहर आके सीढ़ियो पे कदम रक्खा मैं शॉक हो गया

पूरा परिवार एक साथ बैठा था

साथ में मेरे पापा राजवीर भी

फिर मैं नीचे पहुँचा

सब मुझे ही देख रहे थे

वँया के सिवा मैं किसी का नाम भी नही जानता था

जिस रूम में मैं ठहरा था

मैं उस रूम में गया

अपने कपड़े एक बॅग में डाला और रूम से बाहर आगया

तभी मेरे सामने सभी लड़किया आगयि

उनमें से एक बोली

मैं अरुणा हूँ

आपके छोटे मामा की बड़ी बेटी

मुझे पता है कि आप दिलीप नही शक्ति हैं

लेकिन मैने आपको ही अपना भाई माना

मेरी नफ़रत या नाराज़गी जो भी थी उसे आपने ही दूर किया

आप शक्ति हैं मेरे बड़े भाई मेरे प्यारे भाई मेरे छोटे भाई

और मैं आपसे अब भी उतना ही प्यार करती हूँ

[अरुणा के चुप होने के बाद एक और लड़की आई

उसने भी मुझे वोही बोला जो अरुणा बोली

फिर 2 लड़किया आगे आई

दोनो की शकल सेम थी

दोनो अपना नाम बताई मेघा और सुनीता

मेघा- अगर आप दिलीप के भाई भी नही होते तब भी आप मेरे लिए भाई से बढ़के हैं

आप ने मुझे दूसरा जीवन दिया है

आप ही की वजह से मैं जिंदा हूँ जी रही हूँ

सुनीता- मैं क्या कहूँ मेघा मेरे लिए मेरी जान है

मेघा के लिए आपने जो किया था

उस वजह से मैं मेघा से भी ज़्यादा आप से प्यार करती हूँ

[तभी 2 लड़किया और आई काव्या और करुणा

काव्या- आप की वजह से मुझे मेरी माँ वापस मिली

और आप से मैं कभी भी नफ़रत नही कर सकती

[करुणा ने भी यही बोला

फिर आगे आई

उन्होने मुझे बताया कि वो मेरी मासी है किरण मासी

मेरी माँ की जुड़वा बहेन

 
किरण मासी- मेरा सबकुछ तुम्हारी वजह से है मेरी तीनो बेटियाँ

अगर तुम यह सोचते हो कि तुम्हारी सच्चाई जान ने के बाद

मैं या कोई भी तुमसे नफ़रत करेगा

तो सुनो हम तुम्हारी सच्चाई जानते हैं

और हम अब भी तुमसे उतना ही प्यार करते हैं...

अगर तुम यह सोचते हो कि तुम्हारी सच्चाई जान ने के बाद

मैं या कोई भी तुमसे नफ़रत करेगा

तो सुनो हम तुम्हारी सच्चाई जानते हैं

और हम अब भी तुमसे उतना ही प्यार करते हैं

[किरण मासी की बात सुन लेने के बाद मुझे यकीन नही हुआ

कि पिच्छले 2 सालो में मैने ऐसा क्या कर दिया जो यह सब मुझसे इतना प्यार करते हैं)

तभी सीढ़ियो से नीचे आती वँया को मैं देखने लगा

शायद वो बहुत रोई थी

उसकी आँखें लाल लग रही थी

वँया मेरे पास पहुँची

मुझे लगा कि वो भी कुछ बोलेगी

लेकिन वो बोली नही

लगातार अपने कोमल हाथो से मुझे दो थप्पड़ मार दी

और रोने लगी

वँया को रोता देख मेरा दिल बेचैन हो उठा

मैं बड़े मामा की तरफ देखने लगा

मैं वापस रूम में आगया

मैं समझ गया था कि पूरे परिवार को पता चल गया है

मैं दिलीप नही शक्ति हूँ

फिर भी वो मुझसे प्यार करते हैं

तभी गेट खुला और मेरे पापा राजवीर अंदर आए

और मेरे पास बैठ गये

मैने अपना मुँह दूसरी तरफ घुमा लिया

 
पापा- शक्ति मैं जानता हूँ की ग़लती मुझसे हुई है

लेकिन उसका भुगतान तुमने किया अपने भाई को खो कर

पता है जिस दिन तुम्हारे माता पिता मरे

उसी दिन मुझे एक फोन आया था

फोन मेरे पिता रंजीत के ख़ास आदमी का था

उसने मुझे बताया कि धर्मेश ने मेरे पिता और मीता और उसकी पति को मार दिया

इस बात पे यकीन करना मुश्किल था

लेकिन वो आदमी जिसने मुझे फोन किया था

वो आखरी साँसे गिन रहा था

मुझसे यही भूल हो गयी मैने सोचा कि कोई मरता हुआ आदमी झूठ नही बोल सकता

शक्ति- मुझे आप से कोई शिकायत नही है

लेकिन मुझे मेरे पिछले 2 साल महसूस ही नही होते

पापा- मैं जल्द ही कोई रास्ता ढूंड लूँगा

[फिर पापा चले गये

और वँया मेरे रूम में आई

मेरे पास बैठ गयी

शक्ति- जी नही भरा तो और मार लो मैं उफ्फ तक नही करूँगा

वँया- मुझे माफ़ कर दीजिए

शक्ति- कोई बात नही लेकिन तुमने मुझे क्यूँ मारा

वँया- आप को याद नही होगा आइए मेरे साथ

[वँया मेरा हाथ पकड़ी और मुझे अपने साथ लेके एक रूम पर गयी

थोड़ा सा गाते खुला था रूम का

अंदर वोही लड़की बैठी मेरी तस्वीर को निहार रही थी

[वँया मुझे वापस अपने रूम में ले आई

वँया- वो लड़की मेरी दी है उसकी ऐसी हालत आपकी वजह से हुई है

शक्ति- मैने क्या किया

वँया- आपने उस लड़की से प्यार किया है

वो लड़की मर के भी आपके प्यार के लिए जिंदा हुई

[फिर वँया मुझे बताई कि कैसे मुझे उस लड़की से प्यार हुआ

वँया- प्लीज़ आप जल्दी ठीक हो जाइए

वरना मेरी दी मर जाएगी

[वँया की बात सुनके मैं शॉक हो गया

मुझे यकीन नही हो रहा था

कि वँया की बड़ी बहेन से मैं प्यार करता हूँ

और वँया से भी

वँया- मैं बस आप से इतना ही कहूँगी

कि होसकता है आपको अभी कुछ महसूस नही हो रहा है

लेकिन अगर मेरी दीदी मर गयी

तो सबसे ज़्यादा आपका मुकसान होगा

 
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