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Incest मैं अपने परिवार का दीवाना

मेरे धक्के इतने तेज़ थे,कि विदू आगे खिसकने लगी,मैं विदू की कमर को मज़बूती से पकड़े विदू की चूत मार रहा था

चुदाई के समय विदू ज़्यादा बात नही करती थी

मुझे भी पसंद नही है

मेरा लंड विदू की चूत के अंदर रगड़ खा रहा था,फतच फतच की आवाज़ आती जब मेरा लंड विदू की चूत में अंदर बाहर होता

कुछ ही देर में विदू एक बार फिर से झड़ने लगी

फिर मैने विदू को पेट के बल लिटा दिया,और विदू की चूत पे अपना लंड सेट किया,इस पोज़िशन में विदू की चूत कुछ ज़्यादा ही टाइट

थी,फिर मैं विदू की चूत मारने लगा,विदू भी आआहए भरे जा रही थी

मेरा लंड विदू की चूत को फाडे जा रहा था

कुछ ही देर में विदू एक बार फिर झड़ने लगी

मैने अपना लंड विदू की चूत से निकाला,और अपना लंड विदू के मुँह में डालके,विदू के मुँह को चोदने लगा,धीरे धीरे मैं अपना लंड विदू के

मुँह में पेल रहा था,कुछ ही देर में मैं झड़ने लगा,विदू मेरे वीर्य की एक एक बूँद पी गयी....

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धीरे धीरे मैं अपना लंड विदू के मुँह में पेल रहा था,कुछ ही देर में मैं झड़ने लगा,विदू मेरे वीर्य की एक एक बूँद पी गयी

फिर मैं फ्रेश हो गया,विदू भी फ्रेश होके कपड़े पहेन ली

मैने देखा विदू शर्मा रही थी

दिलीप- मेरी बीवी मुझसे शरमाती है

यह तो ग़लत है

विदू- मैं क्या कर सकती हूँ

दिलीप- अच्छा पहली बार मेरा रस पीके कैसा लगा

विदू- और कोई टॉपिक नही है आपके पास

दिलीप- बताओ ना

विदू- पहले टेस्ट तोड़ा अजीब लगा,फिर

दिलीप- अच्छा देखिए आप के लिए कुछ सोचा है मैने

विदू- क्या

दिलीप- मैने सोचा है,अब आप छोटे मामा की कंपनी जाय्न कर लो

विदू- मैं आपको छोड़के कही नही जाउन्गी

दिलीप- तो यहाँ रह के अपनी पढ़ाई वेस्ट करनी है

विदू- आप छोड़के कही नही जाउन्गी

दिलीप- लिसन शादी हो गयी है,इसका मतलब यह नही कि अपने आप को भूल जाएँ

विदू- आप को छोड़के कही नही जाउन्गी

दिलीप- दिन भर कॉलेज में बीत जाता है

दिन भर आप अकेली रहती हो,समझो ना बात को

विदू- बड़ी दादी का और माँ का ख्याल रखती हूँ,उसी में वक़्त बीत जाता है

दिलीप- बड़ी मामी बड़ी नानी का ख्याल रख लेंगी'और बड़ी मामी का ख्याल नई मामी रख लेंगी

विदू- ज़रूर कोई बात है बताइए क्या बात है

दिलीप- कोई बात नही है,आप जाने की तय्यारी करो

विदू- मुझे अपने आप से क्यूँ दूर कर रहे हैं

दिलीप- एलीना की तबीयत ठीक हो जाए,फिर उसे भी आपके पास भेज दूँगा

विदू- मैं नही जाउन्गी

दिलीप- गुस्सा मत दिलाइए

[मेरी बात पे विदू हँसने लगी

दिलीप- मुझे ठाकुर बनाके ही छोड़ेंगी आप,जब फ़ैसला सुनाउन्गा तभी जाओगी
 
विदू- मुझे अपने आप से क्यूँ दूर कर रहे हैं

दिलीप- एलीना की तबीयत ठीक हो जाए,फिर उसे भी आपके पास भेज दूँगा

विदू- मैं नही जाउन्गी

दिलीप- गुस्सा मत दिलाइए

[मेरी बात पे विदू हँसने लगी

दिलीप- मुझे ठाकुर बनाके ही छोड़ेंगी आप,जब फ़ैसला सुनाउन्गा तभी जाओगी

विदू- रोज़ मुझसे बात करेंगे,हर सनडे मुझसे मिलने आएँगे

दिलीप- यह भी कोई कहने की बात है

विदू- तो फिर ठीक है

[और विदू रूम में से चली गयी,शायद मुझसे रूठ के,पर यह भी तो सच है,मुझसे शादी करने के बाद यह मुझमें ही सिमट के रह गयी है

एक बार एलीना ठीक हो जाए फिर उसे भी छोटे मामा के यहाँ भेज दूँगा

क्यूंकी वो एक डॉक्टर है,छोटे मामा के हॉस्पिटल में प्राक्टिज़ करेगी

बस ऐसे ही शाम बीत गयी,सब मंदिर से वापस भी आ गए

फिर रात में हम सबने खाना खाया

ऐसे सबके सामने किरण मौसीई की ड्यूप्लिकेट एक दम नॉर्मल रिक्ट करती थी

लेकिन बस एक बार किरण मौसी का पता लग जाए फिर

[एलीना के पास गया,तो उसने सवाल दागने शुरू कर दिए

एलीना- मैं कुछ पूछ रही हूँ

दिलीप- अब अपनी बीवी का अच्छा बुरा भी नही सोच सकता

एलीना- तो तुम तय करोगे

दिलीप- लिसन मैं कोई राजा महाराजा नही हूँ,जो अपनी बीवियो पे हुकुम चलाता फिरू

तुम अपने करियर पे ध्यान दोगि,विदू अपने करियर पे

पढ़ाई किस लिए की थी,मेरी सेवा करने के लिए

एलीना- तुम एक नंबर के नालयक गधे और उल्लू की दुम हो

दिलीप- तुमको जो बोलना है बोलो

और एक बात बताओ मान लो किसी की एकलौती संतान का आक्सिडेंट हो जाए, और वो पागल हो जाए,उस गम में उसके पेरेंट्स मर जाए,तो क्या यह सही होगा

एलीना- यह तो बहुत ग़लत होगा

दिलीप- अब एक बात और सुनो,किसी की एक लौति संतान आक्सिडेंट में पागल हो जाए,और तुम उसकी ट्रीटमेंट करके उसे ठीक कर दो,और वो फॅमिली दोबारा हॅपी फॅमिली बन जाए

यह सही होगा या ग़लत

[एलीना आँखें फाडे मुझे देखती रही फिर अचानक वो मेरे पूरे चेहरे को चूमने लगी

फिर हम एक दूसरे को प्यार करने लगे,सुबह मैं जब नीचे हॉल में गया,तो देखा विदू का मूड एक दम ऑफ है

फिर मैने नाश्ता किया,और अपने रूम में आ गया

कुछ देर में एलीना आई और मुझे किस करके बाहर चली गयी,गाल पे

फिर विदू आई और वो भी मेरे गाल पे किस करके चली गयी

फिर मैं और वँया कॉलेज पहुँचे....

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फिर विदू आई और वो भी मेरे गाल पे किस करके चली गयी

फिर मैं और वँया कॉलेज पहुँचे

फिर टीचर्स क्लास में आके मुझ जैसो को पकाने लगी

वँया तो किताब में ही घुसी पड़ी थी

मैने टीचर को बोला पानी पीना है,और बाहर आ गया फिर मैं कॅंटीन में गया,और एक कॉफी पीने लगा

जब क्लास ऑफ हुआ,तब मैं वापस क्लास में जाके बैठ गया

फिर दूसरी मेडम आई और पकाने लगी

मैं तो बस वँया को देखके टाइम पास करने लगा

वँया को भी समझ आ गया,कि पढ़ाई में मुझे कोई इंटेरेस्ट नही है,फिर भी एक बार जो मैं सुन लेता वो मुझे याद हो जाता
 
मैने टीचर को बोला पानी पीना है,और बाहर आ गया फिर मैं कॅंटीन में गया,और एक कॉफी पीने लगा

जब क्लास ऑफ हुआ,तब मैं वापस क्लास में जाके बैठ गया

फिर दूसरी मेडम आई और पकाने लगी

मैं तो बस वँया को देखके टाइम पास करने लगा

वँया को भी समझ आ गया,कि पढ़ाई में मुझे कोई इंटेरेस्ट नही है,फिर भी एक बार जो मैं सुन लेता वो मुझे याद हो जाता

पूरे टाइम मैं वँया को ही देखता रहा,वँया के साथ बैठी लड़की मुझे अजीब नज़रो से देखने लगी

तभी मेरे सिर पे चौक आके लगा

यह मिसेज शर्मा भी हद करती हैं,मुझे क्लास से ही बाहर निकाल दिया

आइ मीन रियली

फिर मैं कॅंटीन में आके बैठ गया

कुछ समय बाद रिसेस के वक़्त वँया भी कॅंटीन में आई अपनी फ़्रेंड के साथ

और लगी सबके सामने मुझे डाँटने

मुझे तो लगा आज गाल लाल कर ही देगी

तभी एक लड़का दौड़ते हुए कॅंटीन में आया

जो काफ़ी डरा हुआ था

वो लड़का कॅंटीन में एक जगह जाके छिप गया

कुछ देर बाद ही ट्रस्टी की बेटी कुछ गुन्डो के साथ कॅंटीन में एंटर हुई

उसके गुंडे टेबल के नीचे झुक के देखने लगे

मेरा तो खून खौल गया

क्यूंकी कुछ लड़किया छोटे कपड़े पहेन के आई थी,टेबल के नीचे देखने के बहाने गुंडे कुछ और देखने की कोशिश कर रहे थे

एक गुंडा जैसे ही मेरी टेबल पे आके झुका,मैं उसकी गर्दन पकड़के उसे उच्छाल के फेंक दिया

वो गुंडा एक टेबल पे गिरा,और बेहोश हो गया

बाकी के 4 गुंडे मेरी तरफ बढ़ने लगे,एक ने गन भी निकाल ली

तभी ट्रस्टी की बेटी बोली

ट्रस्टी की बेटी- रहने दो हमे और भी ज़रूरी काम है,उस पिल्ले को ढुंढ़ो

[और ट्रस्टी की बेटी अपने गुन्डो के साथ चली गयी

फिर वो लड़का बाहर आया और एक टेबल पे बैठ गया

मैं उसके पास गया

वो एक बार मुझे देखा,और अपना सर पकड़के बैठ गया

दिलीप- यह तुम्हारे पीछे क्यूँ पड़ी थी

लड़का- क्या करोगे जान के

दिलीप- अरे बता दो हम भी ठाकुर हैं,अगर दिल में उतर गये तो फ़ायदे में रहोगे

लड़का- मैं इसकी बेहन से प्यार करता हूँ.अब इतनी मुश्किल से विन्नी मतलब इसकी बहेन मानी है

और यह हमे अलग करने की कोशिश में हैं

जब मैं इसके समझाने से नही माना तो यह गुन्डो से मुझे पिटवाने की धमकी देने लगी

और आज यह गुंडे भी लेके आ गई

दिलीप- काफ़ी ख़तरनाक है

एक काम करो अपने पेरेंट्स को अपने प्यार के बारे में बता दो

अगर वो हां कहते हैं,तो उनसे कहो कि विन्नी के पिता से जाके बात करे

लड़का- मार डालेंगे मेरे डॅड मुझे

दिलीप- तो फिर विन्नी को भूल जा

[यह सुनके मुझे ऐसे देखने लगा,जैसे अभी मुझे चीर फाड़ देगा
 
दिलीप- एक और आइडिया है

विन्नी की बड़ी बहेन किसी से प्यार करने लगे

लड़का- देखो भाई तुमसे डरता हूँ,इसी लिए तुम्हारी बातें सुन रहा हूँ

दिलीप- अच्छा सॉरी

एक काम करो मेरे ग्रूप में आ जाओ,कोई उंगली तक नही उठाएगा तुमपे

[मेरी बात सुनके वो सोच में डूब गया

फिर मेरी तरफ हाथ बढ़ाया

लड़का- राहुल

दिलीप- दिलीप

कहा था ना ठाकुर हैं दिल में उतर गये तो

राहुल- वैसे इतनी कम उम्र में तुम कुछ ज़्यादा स्ट्रॉंग नही हो

दिलीप- यह सब मुझे मेरे पापा ने सिखाया है

[उसके बाद राहुल भी हमारी साथ आके बैठ गया

सबसे पहले मैने राहुल को नोट किया,और मुझे यह पता चला कि यह सीधा सादा शरीफ लड़का है

चलो अच्छा है

फिर कॉलेज ऑफ होने के बाद,मैने सोचा राहुल को उसके घर छोड़ देता हूँ

वरना ट्रस्टी की बेटी का कोई ठीक नही है

तो पहले मैं उसके साथ उसके घर के बाहर पहुँचा,फिर मैं वँया को लेके घर आ गया...

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तो पहले मैं उसके साथ उसके घर के बाहर पहुँचा,फिर मैं वँया को लेके घर आ गया

मैने और मेरी तीन बीवियो ने साथ खाना खाया

फिर हम सब बात करने लगे

बातो में ही वँया को पता चल गया,कि मैं विदू को शहेर भेज रहा हूँ

उसके बाद सब अपने अपने रूम में चली गयी

जानता था तीनो मुझसे नाराज़ हैं

रात में मैने बड़े मामा को सारी बात बता दिया

उन्हो ने कहा अगर विद्या हां कहती है,तो मुझसे पुच्छने की ज़रूरत नही है

फिर मैं विदू के रूम में गया

जहाँ वो अपने कपड़े पॅक कर रही थी

मुझे पता था अगर मैं विदू से बात करूँगा,तो उसे और तकलीफ़ होगी

पर कल थोड़ी जाना है कि विदू कपड़े पॅक कर रही है,सोचा पूछ लूँ

पर नही पुछा और एलीना को प्यार करके सो गया

अगले दिन मैं वँया को लेके कॉलेज चल दिया

रास्ते में मैं बाइक रोका और वँया को उतरने को बोला

वँया बाइक से उतर गयी

दिलीप- मैं जनता हूँ तुम नाराज़ हो मुझसे,पर ऐसा तो मत करो,तुमसे ज़्यादा दुख है,विदू शहेर जा रही है

वँया- पहले तड़प्ते रहते थे दीदी के लिए,अब दीदी तुम्हारे पास है,तो कन्फ्यूज़ हो गये हो,

दिलीप- वजह तुमको बता चुका हूँ

वँया- असली वजह यह है कि तुमने दीदी को अच्छी तरह से भोग लिया है,इसी लिए अब तुम्हे उनकी कोई ज़रूरत नही है,कुछ दिन में तुम एलीना को भेज दोगे,फिर मेरे साथ एंजाय करोगे

[मेरे दिमाग़ ने काम करना बंद ही कर दिया,वँया की बात सुनके,मैं समझ ही नही पाया,कि वँया यह सब मासूमियत में बोल गयी,या फिर नाराज़ होके

पर मैं अपनी एंजल को कुछ कह नही सकता था
 
मेरे दिमाग़ ने काम करना बंद ही कर दिया,वँया की बात सुनके,मैं समझ ही नही पाया,कि वँया यह सब मासूमियत में बोल गयी,या फिर नाराज़ होके

पर मैं अपनी एंजल को कुछ कह नही सकता था

दिलीप- तुम जानती हो तुमने क्या कहा है

क्या मैं सच मे मैं ऐसा हूँ

[मेरी बात सुनके वँया हँसने लगी

अब मैं डरने लगा था,क्यूंकी एक बार ऐसे ही हुआ था,और मैं वँया को थप्पड़ मार दिया

कुछ देर तक वँया हँसी और फिर उसके मुँह से वो शब्द निकले जिसने मुझे अंदर तक हिला के रख दिया]

वँया- बिम्ला के साथ जब तुम अय्याशि करते थे,तब तुम्हे दीदी का ख्याल नही आता था

[यह कहके वँया मुझे कुछ देर देख जब मैं कुछ नही बोला

वँया- अरे क्या हुआ कुछ बोल नही रहे हो

ओह तुम सोच रहे हो की यह बात मुझे कैसे पता चली

वो क्या है जब बिम्ला की बेटी ने देखा कि तुम उसकी माँ के साथ मुँह काला कर रहे हो,तब वो गुस्से से पागल हो गयी

और हवेली पहुँच गयी,बड़ी दादी को सब कुछ बताने

पर मिल गयी उसे मैं

उसने मुझे बताया कि तुम उसकी माँ के साथ मुँह काला करते हो

और वो चली गयी

पर मैने उसकी बात पे विश्वास नही किया

फिर मुझे ख्याल आया कि तुम रोज़ स्कूल के बाद कहाँ जाते हो,एक दिन मैने तुम्हारा पीछा किया,और मुझे क्या पता चला,तुम तो अपनी

दोस्त की बड़ी बहेन के साथ भी मुँह काला करते हो

पता है कितनी तकलीफ़ हुई थी, पर मैं तुमसे कुछ बोल ना पाई,और याद है तुम्हे जब तुमने नई माँ की सिफारिश की थी,तब मैं तुमको दीदी के लिए वो सब क्यूँ कही थी,क्यूंकी मुझे यही लगा कि तुम तो ऐय्याश हो,नई माँ की सिफारिश इसी लिए कर रहे हो,क्यूंकी तुम खुद एक धोकेबाज़ हो,दीदी से इतना प्यार करते हुए किसी और के साथ मुँह काला कर रहे थे

अब फिर तुम्हारे अंदर का अइय्याश जाग गया है

इसी लिए दीदी और एलीना को शहेर भेजना चाहते हो

[अब सारी बात सच ही थी लेकिन यह सच नही है कि मैं विदू एलीना को खुद से दूर करके

ऐय्याशि करना चाहता था

इससे भी ज़्यादा मेरी वँया लगातार आँसू बहाए जा रही थी

वँया- सिर्फ़ एक सवाल का जवाब दो क्या शादी के बाद तुमने किसी के साथ वो सब किया

[मैं उसी वक़्त अपनी गर्दन हाँ में हिला दिया

वँया अपने चेहरे पे थप्पड़ मारने लगी

वँया- लानत है मुझपे मेरे रहते मेरा पति किसी और के पास चला गया

लानत है मुझपे..

वँया अपने चेहरे पे थप्पड़ मारने लगी

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वँया- लानत है मुझपे मेरे रहते मेरा पति किसी और के पास चला गया

लानत है मुझपे

[मुझे अपने आप से घिन आरहि थी

मैने आगे बढ़के वँया को अपने सीने से लगा लिया

दिलीप- जान ले लो उफ्फ तक नही करूँगा,पर अपने साथ ऐसा करोगी,तो अपने आप को इतना दर्द दूँगा,

तुम्हारा गुनेहगार हूँ,लेकिन अपने साथ यह करके मुझे जीते जी ना मारो

[वँया मुझसे अलग होके मेरे आँसू पोछ्के मुझे अपने सीने से लगा ली

पता नही कितनी देर तक मैं वँया के सीने से लगा रहा

वँया- दोबारा कभी ऐसा मत करना

[फिर मैं बाइक पे बैठा और चल दिया कॉलेज

कॉलेज पहुँचा तो वँया क्लास में चली गयी

राहुल मुझसे एक साल सीनियर था

रिसेस टाइम में राहुल मेरे पास आ गया

मुझे पता था कि वँया मुझसे बहुत प्यार करती है'इसी लिए वो मुझे उपरी मन से माफ़ कर चुकी है

वरना यह बात ऐसी तो नही है

कॉलेज ऑफ होने तक राहुल मेरे साथ ही रहा

फिर मैं उसे घर छोड़ के गया

और वँया को लेके वापस घर आ गया

मैने अपने रूम में आके डी को फोन लगाया

डी- बोलिए

दिलीप- तीन दिन में किरण मौसी अपने घर पे होनी चाहिए,और तुम मुझे अपनी असलियत भी बताओगे

[डी कुछ नही बोला और मैं फोन कट कर दिया

फिर हम खाना खाने लगे

कुछ देर में ही विदू समझ गयी कि वँया उदास है

खाना ख़ाके मैं गाओं घूमने चला गया,वँया का उदास चेहरा देखके अपने आप से नफ़रत हो रही थी

[खाना ख़ाके वँया अपने रूम में आके लेट गयी
 
खाना ख़ाके मैं गाओं घूमने चला गया,वँया का उदास चेहरा देखके अपने आप से नफ़रत हो रही थी

[खाना ख़ाके वँया अपने रूम में आके लेट गयी

कुछ देर में विदू वँया के रूम में गयी

विदू को देखके वँया बैठ गयी

विदू वँया के पास जाके बैठ गयी

और वँया को लगातार देखने लगी

वँया- दीदी आप मुझे ऐसे क्यूँ देख रही हो

विदू- देख रही हूँ अपने पति के साथ सुबह से शाम बिताने के बाद भी तू उदास है

क्या किया पति देव जी ने

वँया- आपको कैसे पता कि मैं दिलीप की वजह से परेशान हूँ

विदू- वो छोड़ पूरी बात बता

वँया- कुछ नही उसने मुझे आज डांटा

विदू- क्या तू मुझे बेवकूफ़ समझती है'

वँया- मैं सच कह रही हूँ

विदू- शायद तू मुझे अपनी सौत मान ने लगी है

वँया- नही दी आप ग़लत मत सोचिए

[क्या करूँ अगर आपको बता दूँगी तो पता नही क्या करोगी

विदू- अच्छा छोड़ मत बता मैं अपने पति से पूछ लूँगी

और वो मुझसे कभी झूठ नही बोलेंगे

वँया- यह आपकी ग़लत फहमी है

वो आपसे झूठ बोलता है

विदू- अच्छा मैं भी तो सुनू,क्या झूठ बोला मेरे पति ने

वँया- पहले आप वादा करो आप मेरी पूरी बात सुनोगी

विदू- पक्का वादा

वँया- दिलीप दूसरो के साथ भी सोता है

विदू- क्या कह रही है

वँया- दिलीप मेरे आपके और एलीना के अलावा भी दूसरो के साथ सेक्स करता है

विदू- तुझे कैसे पता

वँया- एक मिनिट आप शॉक नही हुई

विदू- मैं क्यूँ भला शॉक होने लगी

वँया- दीदी आप ठीक तो हैं

विदू- पहले यह बता किसने बताया तुझे

वँया- आप गुस्सा नही हो

विदू- मुझे तो शुरू से ही पता था

वँया- किसने बताया

[वँया को 440 वॉल्ट का झटका लग गया था

विदू- हमारे पति ने

वँया- क्याअ

दीदी आप गुस्सा नही हुई उसपे

विदू- मुझे बुरा लगेगा तो मुझे गुस्सा आएगा ना

वँया- आप उसपे गुस्सा क्यूँ नही हुई

विदू- तुझे क्यूँ गुस्सा आरहा है

वँया- क्यूंकी जब वो कह चुका था,कि वो आपसे प्यार करता है,तो उसके बाद किसी और को छुना भी यह साबित करता है की वो आपसे प्यार नही करता
 
विदू- मेरी वानु इतनी समझदार हो गयी

वँया- दी

विदू- जब दिलीप ने कहा की वो मुझसे प्यार करते हैं

तब मैं उनकी हो गयी पर दिलीप ने ऐसा कुछ नही किया जिससे पिताजी की इज़्ज़त को ठेस पहुँचे

वँया- दी वो हमे धोखा दे रहा है

विदू- अगर शादी से पहले वो तुझे प्यार करते तो क्या तू मना करती

वँया- नही

विदू- क्यूँ

वँया- क्यूंकी वो मुझसे प्यार करता है

विदू- दूसरो के साथ सेक्स करने बाद मेरा पति मुझे मौत के मुँह से वापस ले आता है

और उसके बाद भी वो दूसरो के साथ सेक्स करता है

तो क्या मैं अपनी पति से यह कहूँ कि तुम दूसरो के साथ सेक्स करते हो,इसी लिए मैं तुमसे नाराज़ हूँ

और तुम मुझे धोखा दे रहे हो

वँया- पर दी ऐसा कैसे हो सकता है,कोई किसी से इतना प्यार करते हुए,भी किसी और लड़की के साथ सेक्स कैसे कर सकता है

विदू- देख वानु तेरी सोच सही है,या ग़लत यह तू तय करेगा

मैं सिर्फ़ इतना जानती हूँ मेरा पति मुझसे बहुत प्यार करता है,मेरे लिए कुछ भी कर सकता है

वँया- तो उससे कहिए किसी और के पास ना जाए

विदू- तू भी कहेगी तो वो मान जाएँगे,क्यूंकी तुझसे उनका दिल भी प्यार करता है,और उनकी रूह भी

[यह कहके विदू रूम से चली गयी,और वँया सोचने लगी,दीदी का यह कैसे प्यार है,....

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यह कहके विदू रूम से चली गयी,और वँया सोचने लगी,दीदी का यह कैसे प्यार है

[इधर मैं विनय के घर पहुँचा

मैने विनय को आवाज़ दिया

पर विनय नही आया,फिर मैं घर के अंदर गया

और देखने लगा कोई है कि नही पर कोई नही था

तभी मैं मूड गया और मेरी नज़र बाथरूम पे पड़ी बाथरूम का गेट खुला था और विनय की माँ नहा रही थी

हद तो तब हो गयी जब विनय की माँ भी मूड गयी,और मुझे देखके शॉक हो गयी

मैं तुरंत पीछे मूड गया

एक तो आज वँया ने बॅंड बजा दी थी

उपर से यह सब देखने को मिल रहा है

यार क्या हो रहा है मेरे साथ,घर पे मेरी तीन बीवी है,जब भी मन करे उन्हे प्यार कर सकता हूँ,फिर यह ठरक

अब मैं यह कहूँ कि मैं किसी भी लड़की या औरत को देखके ग़लत नही सोचता हूँ,लेकिन ज़्यादा तर लड़किया और औरते मेरे लंड के नीचे आजाती हैं

कुछ देर बाद काकी कपड़े पहेन के बाहर आ गई

और मुझे पानी लाके दी

मैं तो अपनी सोच में ही डूबा हुआ था

जब वो मेरे कंधे पे हाथ रखी तब मैं होश में आया

विनय की माँ- पानी पी लीजिए

दिलीप- सॉरी काकी पर आप आवाज़ दे सकती थी

विनय की माँ- पहले पानी पी लीजिए

[मैने पानी पी लिया

दिलीप- आप विनय को कह देना मैं उससे मिलने आया था

विनय की माँ- ठीक है

दिलीप- और मैने आप से कितनी बार कहा है,विनय मेरा दोस्त है, आप मुझसे ऐसे बात मत किया करो

विनय की माँ- आप के इतने उपकार है हम मे

दिलीप- काकी दोस्त के लिए कुछ करना उपकार नही होता

आप यह समझ लो

[फिर मैं घर से बाहर आ गया

तभी बिम्ला मुझे दिखी जो मुझे बुला रही थी

मैं उसके पास गया

वो अंदर चली गयी

मैं भी अंदर चला गया

बिम्ला- तुम तो मेरे घर का रास्ता ही भूल गये

दिलीप- वक़्त ही नही मिलता

बिम्ला- तुम्हारी बहुत याद आती है

दिलीप- विनय के रहते हुए

[बिम्ला का मुँह खुला का खुला रह गया

दिलीप- ओवर रिक्ट मत करो

बिम्ला- तुमको कैसे पता चला

दिलीप- एक दिन देखा था मैने

बिम्ला- ओह मैं भी क्या करती,तुम तो आते नही थे,मैं अपने आप को रोक ना पाई

कोई भरोसे का आदमी भी नही मिल रहा था,फिर एक दिन मेरी नज़र विनय पे गयी,और मैं उसे

दिलीप- तुम्हारी बेटी कहाँ है

बिंला- अपने मामा के घर गयी है

दिलीप- पढ़ने

बिंला- घूमने

दिलीप- यह तुम्हारी बेटी कुछ ज़्यादा मामा के घर नही जाने लगी है

बिम्ला- महीने में एक हफ्ते के लिए भेज देती हूँ
 
दिलीप- लिसन तुम्हारी बेटी को पता था,कि मैं तुम्हे चोदता हूँ

और जब भी तुम उसे उसके मामा के घर भेजती हो

वो समझ जाती है कि तुम किस लिए उसे भेज रही हो

बिम्ला- वो अभी बच्ची है

दिलीप- बुरा लगे तो माफ़ करना

पर यह ज़रूरी है

बिंला- क्या ज़रूरी है

दिलीप- यह रंडी जैसी हरकते बंद कर दो

क्या तुझे पता नही है,तुझ से ज़्यादा आग तेरी बेटी में है

बिंला- क्या बकवास कर रहे हो

दिलीप- क्या तुझे पता नही है,अब भी वक़्त है सम्भल जाओ

तुम किसी और से चुदवाने में लगी रहोगी,और कोई दूसरा तुम्हारी बेटी को चोद जाएगा

मुझसे ज़्यादा तुमने दुनिया देखी है

शायद तुमको पता नही है तुम्हारी बेटी एक दिन इतना बहेक गयी थी,अगर मेरी जगह कोई और होता तो पीछे नही हट ता

[मेरी बात सुनके बिम्ला अपनी गर्दन नीचे कर ली

दिलीप- माफी तो पहले ही माँग चुका हूँ

[फिर मैं वापस घर की तरफ चल दिया

तभी मुझे याद आया कि विनय की माँ ने तो यह बताया ही नही कि वो अगर नहा रही थी तो मुझे आवाज़ क्यूँ नही दी

कुछ देर बाद घर पहुँचा

और अपने रूम में आ गया

उसी वक़्त एलीना मेरे रूम में आई
 
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