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Guest
मम्मी मेरे सामने बैठ गयी और मेरे लंड को चुमते हुए अपने मुंह में लेकर उसे चूसने लगी और बीच-२ में बोली "मैं सही कह रही हूँ दीपा...उसका लंड सही में काफी लम्बा था...
तुम्हारे पति जैसा छोटा नहीं है उसका लंड..." और फिर से मेरे लंड को मुंह में डाला और चूसने लगी..
"मैं देखना चाहती हूँ...उसका लंड..." उन्होंने जैसे किसी सम्मोहन में बंध कर कहा... अपने बेटे के लंड की लम्बाई की कहानी सुनकर उनकी चूत के मुंह में फिर से पानी आ गया था...
मैंने उनसे कहा "अगर आप देखना चाहती हैं तो चलो ऊपर...ऋतू उसे मेरे कमरे में लेकर गयी है...आपको मैं उसका लंड दिखता हूँ...जिसका मजा ऋतू ले रही है इस वक़्त...."
दीपा : "पर कैसे...वो मेरे सामने ऋतू के साथ कैसे करेगा...."
मैं : "आप चलो तो सही उन्हें हमारे बारे में कुछ नहीं पता चलेगा..." और मैंने मम्मी के मुंह से बड़ी मुश्किल से अपना लंड छुड़ाया...वो तो मेरे लंड को छोड़ ही नहीं रही थी...उनका पेट अभी तक नहीं भरा था... पर मेरे और पापा के कहने पर उन्होंने अनमने मन से मेरे लंड को बाहर निकाला और हम सभी नंगे ही ऊपर की तरफ चल दिए..
मैंने ऊपर जाकर अपने कमरे में झाँका तो पाया वो दोनों वहां नहीं थे...मैं समझ गया की ऋतू उसे अपने कमरे में ले गयी है..पर वहां तो सुरभि सो रही है.. मैंने सभी को अपने कमरे में ले जाकर चुप रहने को कहा और दीवार वाले छेद से ऋतू के कमरे में झाँका..मेरा अंदाजा सही था..वो दोनों वहीँ पर थे..
मैंने दीपा आंटी को इशारा करके छेद से देखने को कहा और खुद कान लगा कर उनकी बाते सुनने लगा..
अयान : "ऋतू दीदी...आप मुझे यहाँ क्यों ले आई..यहाँ तो सुरभि सो रही है...अगर वो उठ गयी तो ग़जब हो जाएगा..."
ऋतू : "अरे...फ़िक्र मत करो भाई...ये नहीं उठेगी...और अगर कमरे में कोई और भी हो जिसके उठने का डर लगे तो इसी में तो असली अड्वेंचर है..."
अयान :"वो तो ठीक है..पर नीचे क्या हो रहा था...मैंने तुम सभी को नीचे नंगा देखा था..एक साथ...मम्मी को भी..."
ऋतू :"तुम कब बड़े होगे अयान....इतना सब कुछ देख लिया फिर भी पूछ रहे हो...तुम्हे क्या लगा...हम सभी नंगे खड़े होकर कव्वाली गा रहे थे... अरे भाई चुदाई चल रही थी उस कमरे में...और एक बात सुनो...हमारे घर में, सेक्स के बारे में सभी एक दुसरे से काफी खुले हुए हैं...
मैं पापा के साथ और आशु भाई के साथ सेक्स कर लेती हूँ, भाई भी मम्मी के साथ और मेरे साथ सेक्स करते हैं..इसमें काफी मजा आता है... और पापा तुम्हारी मम्मी के साथ सेक्स कर रहे थे, जिसे देखने के लिए मैंने तुम्हे नींद की गोली दी थी..और नीचे जाकर हम भी उस सामूहिक चुदाई में शामिल हो गए, पर तुम्हारी नींद जल्दी खुल गयी और तुम वहां आ गए..और तुमने वो सब कुछ देख लिया...और अभी तक चुतिया की तरह पूछ रहे हो की वहां हम सभी नंगे क्या कर रहे थे..." और ये कहकर वो हंसने लगी..
अयान ने भी अपने सर को खुजलाते हुए कहा "हाँ मैं समझ तो गया था, पर मैंने इस बात की कभी कल्पना भी नहीं की थी की आप सभी लोग सेक्स कर रहे होंगे...खासकर मम्मी के बारे में तो मैंने कभी नहीं सोचा था ऐसा.."
दीपा आंटी और मैं बारी बारी से ऋतू और अयान को देख रहे थे छेद से......
ऋतू :"पर तुम्हारी नजर हट ही नहीं रही थी अपनी मम्मी के नंगे जिस्म से...और तुम्हारा लंड भी खड़ा हो गया था..उन्हें देखकर..
मुझे तो तुमने देखा भी नहीं..मैं भी तो नंगी खड़ी थी वहां पर..." ऋतू ने अयान का लंड उसके पायजामे से पकड़ लिया..
अयान के मुंह से एक लम्बी और ठंडी सी सिसकारी निकली...स्स्स्सस्स्स्स ऋतू.....सच कहूँ तो....मैं अपनी मम्मी के नंगे जिस्म को कई बार सोचकर मुठ मार चूका हूँ....
और अक्सर घर में जब भी वो ब्लाउस और पेटीकोट में घुमती है तो मेरा बुरा हाल हो जाता है...और आज तो मैंने जब उन्हें अपने सामने नंगा देखा तो मेरी आँखें हटी ही नहीं उनपर से..."
मैंने दीपा आंटी की तरफ देखा...वो अपने बेटे के दिल की बातें सुन रही थी बड़े गौर से...
मैंने देखा उनकी एक ऊँगली अपनी चूत के अन्दर थी...मतलब अपने बेटे का इकबालिया बयां सुनकर गर्म हो रही थी वो साली दीपा आंटी...
ऋतू : "यानी तुम अपनी माँ की चूत मारना चाहते हो....है न..."
अयान : "काश ऐसा हो जाए...पर अभी तो तुम मेरे इस लंड का हाल चाल ठीक करो...और इतना कहकर उसने अपने लंड से पायजामे को नीचे सरका दिया और अपना लंड दिखाया ऋतू को...
उसका लंड देखकर ऋतू के साथ साथ दीपा आंटी के मुंह से भी आह सी निकल गयी....
मैंने दीपा आंटी को हटाया और देखा अयान का लंड...वो काफी लम्बा था, मेरे और पापा के लंड से भी लम्बा, पर बिलकुल पतला..उसके लंड पर नसें चमक रही थी... और उसके टट्टे काफी लटके हुए से थे...और काफी बड़े भी..काफी गोरा रंग था उसके लंड़ का..उस ऋतू चुद्दकड़ के मुंह में तो पानी आ गया अयान के लम्बे लंड को देखकर..और वो झट से नीचे बैठी और निगल गयी उसे पूरा एक ही बार में..
अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अयान ने एक लम्बी सिसकारी ली और ऋतू के बालों को पकड़कर उसके सर को दबा लिया और अपना लंड आगे पीछे करने लगा उसके मुंह में...
दीपा आंटी और मैं बारी बारी से ऋतू और अयान को देख रहे थे...
मम्मी और पापा बड़े आराम से बेड पर लेटे हुए एक दुसरे के नंगे शरीर को अपने हाथों से सहला रहे थे..वो लोग चुदाई से काफी थक चुके थे.. मेरा नंगा जिस्म दीपा आंटी के शरीर से घिसाई कर रहा था..कभी वो मेरे सामने होती छेद में अपनी आँखें लगाये और उनकी मोटी गांड मेरे लंड से टच करती और कभी मेरे पीछे होती जब उनके झूलते हुए मुम्मे मेरी कमर की घिसाई करते...
अचानक ऋतू उठी और अयान को फ्रेंच किस करने लगी....उन दोनों में जैसे एक दुसरे के होंठों को काटने की होड़ सी लगी हुई थी...बड़े बैचेन हो रहे थे दोनों एक दुसरे की जीभ को पकड़ने के लिए...
अयान के दोनों हाथों में ऋतू के शानदार ब्रेस्ट थे...जिन्हें वो बड़े मजे से दबा रहा था..वो नीचे झुका और उन दोनों को बारी बारी से अपने मुंह में लेकर चूसने लगा...
तुम्हारे पति जैसा छोटा नहीं है उसका लंड..." और फिर से मेरे लंड को मुंह में डाला और चूसने लगी..
"मैं देखना चाहती हूँ...उसका लंड..." उन्होंने जैसे किसी सम्मोहन में बंध कर कहा... अपने बेटे के लंड की लम्बाई की कहानी सुनकर उनकी चूत के मुंह में फिर से पानी आ गया था...
मैंने उनसे कहा "अगर आप देखना चाहती हैं तो चलो ऊपर...ऋतू उसे मेरे कमरे में लेकर गयी है...आपको मैं उसका लंड दिखता हूँ...जिसका मजा ऋतू ले रही है इस वक़्त...."
दीपा : "पर कैसे...वो मेरे सामने ऋतू के साथ कैसे करेगा...."
मैं : "आप चलो तो सही उन्हें हमारे बारे में कुछ नहीं पता चलेगा..." और मैंने मम्मी के मुंह से बड़ी मुश्किल से अपना लंड छुड़ाया...वो तो मेरे लंड को छोड़ ही नहीं रही थी...उनका पेट अभी तक नहीं भरा था... पर मेरे और पापा के कहने पर उन्होंने अनमने मन से मेरे लंड को बाहर निकाला और हम सभी नंगे ही ऊपर की तरफ चल दिए..
मैंने ऊपर जाकर अपने कमरे में झाँका तो पाया वो दोनों वहां नहीं थे...मैं समझ गया की ऋतू उसे अपने कमरे में ले गयी है..पर वहां तो सुरभि सो रही है.. मैंने सभी को अपने कमरे में ले जाकर चुप रहने को कहा और दीवार वाले छेद से ऋतू के कमरे में झाँका..मेरा अंदाजा सही था..वो दोनों वहीँ पर थे..
मैंने दीपा आंटी को इशारा करके छेद से देखने को कहा और खुद कान लगा कर उनकी बाते सुनने लगा..
अयान : "ऋतू दीदी...आप मुझे यहाँ क्यों ले आई..यहाँ तो सुरभि सो रही है...अगर वो उठ गयी तो ग़जब हो जाएगा..."
ऋतू : "अरे...फ़िक्र मत करो भाई...ये नहीं उठेगी...और अगर कमरे में कोई और भी हो जिसके उठने का डर लगे तो इसी में तो असली अड्वेंचर है..."
अयान :"वो तो ठीक है..पर नीचे क्या हो रहा था...मैंने तुम सभी को नीचे नंगा देखा था..एक साथ...मम्मी को भी..."
ऋतू :"तुम कब बड़े होगे अयान....इतना सब कुछ देख लिया फिर भी पूछ रहे हो...तुम्हे क्या लगा...हम सभी नंगे खड़े होकर कव्वाली गा रहे थे... अरे भाई चुदाई चल रही थी उस कमरे में...और एक बात सुनो...हमारे घर में, सेक्स के बारे में सभी एक दुसरे से काफी खुले हुए हैं...
मैं पापा के साथ और आशु भाई के साथ सेक्स कर लेती हूँ, भाई भी मम्मी के साथ और मेरे साथ सेक्स करते हैं..इसमें काफी मजा आता है... और पापा तुम्हारी मम्मी के साथ सेक्स कर रहे थे, जिसे देखने के लिए मैंने तुम्हे नींद की गोली दी थी..और नीचे जाकर हम भी उस सामूहिक चुदाई में शामिल हो गए, पर तुम्हारी नींद जल्दी खुल गयी और तुम वहां आ गए..और तुमने वो सब कुछ देख लिया...और अभी तक चुतिया की तरह पूछ रहे हो की वहां हम सभी नंगे क्या कर रहे थे..." और ये कहकर वो हंसने लगी..
अयान ने भी अपने सर को खुजलाते हुए कहा "हाँ मैं समझ तो गया था, पर मैंने इस बात की कभी कल्पना भी नहीं की थी की आप सभी लोग सेक्स कर रहे होंगे...खासकर मम्मी के बारे में तो मैंने कभी नहीं सोचा था ऐसा.."
दीपा आंटी और मैं बारी बारी से ऋतू और अयान को देख रहे थे छेद से......
ऋतू :"पर तुम्हारी नजर हट ही नहीं रही थी अपनी मम्मी के नंगे जिस्म से...और तुम्हारा लंड भी खड़ा हो गया था..उन्हें देखकर..
मुझे तो तुमने देखा भी नहीं..मैं भी तो नंगी खड़ी थी वहां पर..." ऋतू ने अयान का लंड उसके पायजामे से पकड़ लिया..
अयान के मुंह से एक लम्बी और ठंडी सी सिसकारी निकली...स्स्स्सस्स्स्स ऋतू.....सच कहूँ तो....मैं अपनी मम्मी के नंगे जिस्म को कई बार सोचकर मुठ मार चूका हूँ....
और अक्सर घर में जब भी वो ब्लाउस और पेटीकोट में घुमती है तो मेरा बुरा हाल हो जाता है...और आज तो मैंने जब उन्हें अपने सामने नंगा देखा तो मेरी आँखें हटी ही नहीं उनपर से..."
मैंने दीपा आंटी की तरफ देखा...वो अपने बेटे के दिल की बातें सुन रही थी बड़े गौर से...
मैंने देखा उनकी एक ऊँगली अपनी चूत के अन्दर थी...मतलब अपने बेटे का इकबालिया बयां सुनकर गर्म हो रही थी वो साली दीपा आंटी...
ऋतू : "यानी तुम अपनी माँ की चूत मारना चाहते हो....है न..."
अयान : "काश ऐसा हो जाए...पर अभी तो तुम मेरे इस लंड का हाल चाल ठीक करो...और इतना कहकर उसने अपने लंड से पायजामे को नीचे सरका दिया और अपना लंड दिखाया ऋतू को...
उसका लंड देखकर ऋतू के साथ साथ दीपा आंटी के मुंह से भी आह सी निकल गयी....
मैंने दीपा आंटी को हटाया और देखा अयान का लंड...वो काफी लम्बा था, मेरे और पापा के लंड से भी लम्बा, पर बिलकुल पतला..उसके लंड पर नसें चमक रही थी... और उसके टट्टे काफी लटके हुए से थे...और काफी बड़े भी..काफी गोरा रंग था उसके लंड़ का..उस ऋतू चुद्दकड़ के मुंह में तो पानी आ गया अयान के लम्बे लंड को देखकर..और वो झट से नीचे बैठी और निगल गयी उसे पूरा एक ही बार में..
अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अयान ने एक लम्बी सिसकारी ली और ऋतू के बालों को पकड़कर उसके सर को दबा लिया और अपना लंड आगे पीछे करने लगा उसके मुंह में...
दीपा आंटी और मैं बारी बारी से ऋतू और अयान को देख रहे थे...
मम्मी और पापा बड़े आराम से बेड पर लेटे हुए एक दुसरे के नंगे शरीर को अपने हाथों से सहला रहे थे..वो लोग चुदाई से काफी थक चुके थे.. मेरा नंगा जिस्म दीपा आंटी के शरीर से घिसाई कर रहा था..कभी वो मेरे सामने होती छेद में अपनी आँखें लगाये और उनकी मोटी गांड मेरे लंड से टच करती और कभी मेरे पीछे होती जब उनके झूलते हुए मुम्मे मेरी कमर की घिसाई करते...
अचानक ऋतू उठी और अयान को फ्रेंच किस करने लगी....उन दोनों में जैसे एक दुसरे के होंठों को काटने की होड़ सी लगी हुई थी...बड़े बैचेन हो रहे थे दोनों एक दुसरे की जीभ को पकड़ने के लिए...
अयान के दोनों हाथों में ऋतू के शानदार ब्रेस्ट थे...जिन्हें वो बड़े मजे से दबा रहा था..वो नीचे झुका और उन दोनों को बारी बारी से अपने मुंह में लेकर चूसने लगा...