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टिया की फीलिंग्स का स्टार्ट

(टिया बचपन से सिर्फ़ एक ही लड़के के क्लोज़ हुई है. वो तरुण

है. टिया के दिल मे तरुण के लिए ये फीलिंग्स बहुत पहले से है.

वो तरुण को ही अपना सब कुछ मानती थी. उसने कभी किसी और लड़के को अपने पास तक नही आने दिया है. उसे जब से प्यार के इस रूप के बारे मे पता लगा उसने बस तरुण को

ही अपने दिल मे पाया. क्योंकि तरुण एक ऐसा लड़का था. जो उसकी

इतना ज़्यादा केर करता था. उसे हँसाता था..हमेशा उसके

साथ रहता था. इसलिए टिया तरुण को अपना सब कुछ मान

चुकी थी. तरुण बचपन से उसके साथ था. इसलिए वो लाइफ मे

मुसीबत के टाइम पर हेल्प के लिए तरुण को ही पाया. ऑर अपनी लाइफ

मे तरुण के अलावा किसी को नही आने देना चाहती..)

तरुण रूम से निकल कर नीचे जाने ही वाला था की उसकी नज़र

टीना के रूम पर पड़ती है.. वो टीना के रूम पर नॉक करता

है. कुछ देर मे टीना डोर खोलती है.

तरुण – “ हाई दी ,



टीना – “ अरे भाई . तू ”

तरुण – “ हा दी आज सुबह से आपसे नही मिला ना तो थोड़ा

टेंशन मे था. “

टीना तरुण को अंदर आने का इशारा करती है. तरुण अंदर जा

कर बेड पर बैठ जाता है. टीना भी गेट बंद करती है लेकिन

लॉक नही करती. ऑर अपनी स्टडी टेबल पर लगी चेयर पर आ कर

बैठ जाती है.

टीना – “ हा वो कॉलेज गयी थी. वैसे स्टडी का लोड बहुत

ज़्यादा है ना. इसलिए टाइम ही नही मिलता. “

तरुण – “ दी इतना स्टडी मे बिज़ी रहना अच्छी बात नही

है.. थोड़ा रेलक्श भी किया करो. “

टीना- “ ओके ओके.. लेकिन तू बता ,, तुझे टेंशन क्यो हो रही थी. ?



तरुण – “ वो दी आपसे मिला नही था ना. इसलिए सोच रहा

था.. आप मुझसे नाराज़ तो नही हो. “

टीना – “ अरे नही भाई. मैं तुझसे कभी नाराज़ हो सकती हू क्या. “

टीना इतना कहते हुए तरुण के पास आ कर खड़ी हो जाती है. ऑर

तरुण के सर पर अपना एक हाथ रख कर.. उसके बालो के साथ

अठखेलियाँ करने लगती है. तरुण को ये बहुत अच्छा लग रहता. वो अपने दोनो हाथ को टीना की कमर मे डाल देता है.

टीना भी तरुण की इस हरकत पर कुछ नही कहती. लेकिन कुछ

देर बाद टीना तरुण को अपने से अलग करती है..

टीना – “ भाई मुझे अभी स्टडी करनी है.. जा ऑर मुझे पढ़ने दे.

तरुण – “ ठीक है दी आप पढ़ो मैं चलता हू; “

तरुण इतना कह कर रूम से बाहर आ जाता है ऑर टीना स्टडी मे

बिज़ी हो जाती है. तरुण जब सीडियो से नीचे आ रहा होता है

तो उसे तानिया ऊपर जाती हुई मिलती है वो तरुण को साइड मे

धक्का देती है

तानिया – “ चल हट बे बंदर ,,,साइड दे “

तरुण साइड मे हो जाता है. ऑर तानिया बहुत जल्दी मे थी. वो

जल्दी से अपने रूम मे चली जाती है. तरुण नीचे हाल मे आ

जाता है. ऑर टीवी देखने लगता है उसके दिमाग़ मे अब तानिया से

बदला लेने का प्लान बन रहा है. तरुण सोच ही रहा था की

कैसे तानिया से बदला ले. तभी वहाँ कामिनी आती है ऑर उसे

टी देती है. तरुण चाय लेता है. . कामिनी टीवी पर कोई सीरियल लगा

कर बैठ जाती है. तन्नू भी अपनी चाय ले कर सोफे पर आ कर बैठ

जाती है. ऑर टिया को आवाज़ लगाती है टिया दौड़ कर वहाँ आती है

ऑर सोफे पर अड्जस्ट होने की कोशिश करती है.

कामिनी – “ टिया यहा क्या ज़रूरी है. दूसरे सोफे पर बैठ जा “

टिया – “ नही मोम मुझे भाई के पास ही बैठना है. “

कामिनी – “ ले तू बैठ यहा अपने भाई के पास .. भाई की

लाडली..”

ऑर इतना कह कर कामिनी दूसरे सोफे पर शिफ्ट हो जाती है. टिया

तरुण के बगल मे बैठ जाती है. टिया तरुण से बिल्कुल सट कर

बैठी है. तरुण के दूसरी ऑर तन्नू बैठी है.. टीवी पर सीरियल

स्टार्ट होता है.. सभी लॅडीस सीरियल देखने बिज़ी हो जाती है.
 
तरुण को सीरियल देखना बहुत बोरिंग लगता है. इसलिए वो

वहाँ से उठ कर जाने लगता है. इतना मे तन्नू ऑर टिया दोनो

उसे हाथो कर पकड़ पर वापस सोफे पर बैठा देतीहै

टिया ऑर तन्नू – “ कहाँ जा रहे हो “

तरुण – “ रूम मे जा रहा हू. ये सीरियल बहुत बोरिंग है .

तन्नू ऑर टिया - ( गुस्से मे )” चुपचाप यही बैठे रहो.

ऑर हमारे सीरियल को कुछ मत बोलना . “

इतने मैं कामिनी

कामिनी – “ तुम सब चुप रहोगे. मुझे सीरियल देखने दो.”

तरुण इस वक्त समझ चुका था की वो इन लॅडीस से नही

जीत सकता ऑर वो वही बैठा जाता है. सभी सीरियल देखने

लगता है. तन्नू ऑर टिया दोनो तरुण से चिपक कर बैठे हुए

है.. तरुण तन्नू की ऑर ध्यान देता है. तन्नू का पूरा

ध्यान टीवी पर था. वो धीरे से तन्नू की जाँघ को सहलाना

स्टार्ट करता है. इस हरकत से तन्नू तरुण की ऑर देखती है.

तरुण भी तन्नू को एक नॉटी स्माइल दे देता है.

तन्नू तरुण का हाथ झटक कर दूर कर देती है. एंड मोम ऑर टिया की ऑर

इशारा करती है.. लेकिन तरुण को इससे कोई फ़र्क नही पड़ता.

क्योंकि वो जानता है सभी का ध्यान सिर्फ़ सीरियल मे है.. वो

फिर से अपना एक हाथ तन्नू की जाँघ पर रखता है. ऑर

सहलाने लगता है.

तन्नू इस बार तरुण का हाथ पकड़ती है

लेकिन हटाती नही.. उसे अपनी जाँघ पर दबाने लगती है. तरुण

अपना हाथ वहाँ से छुड़ा कर तन्नू की कमर मे डाल लेता

है.. ऑर तन्नू की कमर को सहलाने लगता है.. इससे किसी के

देखने पर भी तरुण की हरकत दिखाई नही देगी. क्योंकि

उसे अपना हाथ . तन्नू के पीछे की ऑर कमर को सहला रहा

है.. तन्नू की सांसो की स्पीड अब बढ़ने लगी है. तरुण का

पूरा ध्यान अब तन्नू पर था… तन्नू अब सीरियल नही देख पा

रही है. तन्नू खुद को बड़ी मुस्किल से कंट्रोल कर रही थी.

तन्नू खुद को कंट्रोल किए हुए ही टीवी की ऑर देख रही थी.

तरुण भी टीवी की ऑर देख कर ही ये हरकत कर रहा था. तभी

तरुण को अपनी जाँघ पर कुछ महसूस होता है.. वहाँ टिया.

अपनी जाँघ को तरुण की जाँघ के ऊपर रगड़ रही थी. ऑर

तरुण से चिपकी हुई थी.

टिया पर ध्यान जाते ही. उसको टिया के

छोटे बूब्स का अहसास अपने बाजू पर होता है. ऑर उसके

पसीने छूट जाते है. वो सोच रहा था कहा फस गया.. वो

वहाँ से निकालने के लिए दिमाग़ के घोड़े दौड़ाने लगा. ऑर

तन्नू की कमर को अभी भी सहला रहा था जिससे तन्नू को को शक़ ना हो.. तभी उसे एक ऑर झटका लगता है. टिया की जाँघ

रगड़ती-रगड़ती अब तरुण के लंड तक पहुच चुकी है… इस

हालत मे एसी मे भी तरुण के पसीने छूट रहे है.. अब उसे

डेत वाली फीलिंग होने लगी है.. अब उसके सोचने समझने

की पवर ख़त्म हो गयी है . दिमाग़ एक दम सुन पड़ गया

है. उसे दिल मे इतना डर बन गया की वो सर भी नही घुमा

पा रहा था. कही उसके सर घूमने से टिया या तन्नू मे से

कोई अपना सर ना घुमा दे.. .. वो बस अब सीधे टीवी की ऑर देख

रहा था.
 
इतने मे टीवी पर आड्स आने का अनाउन्सस्मेंट होता है. ऑर

सभी रिलेक्स होते है. टिया जल्दिसे अपनी जाँघ हटा लेती है. ऑर

तन्नू भी तरुण से थोड़ी डिस्टेन्स बना लेती है..

कामिनी – “ तन्नू बेटा. चाय के कप किचन मे ले कर जाओ.”

ऑर तन्नू चाय के कप कलेक्ट करती है. ऑर किचन मे चली

जाती है. इस समय तन्नू ऑर टिया दोनो की पैंटी एक साथ गीली

हो गयी थी. लेकिन तरुण का तो सब कुछ गीला हो गया था.

बेचारा पसीने से तर बतर था. इससे पहले की सीरियल दोबारा

स्टार्ट हो. उसने वहाँ से निकलना ही सही समझा. लेकिन टिया

ने फिर से उसका हाथ पकड़ लिया. लेकिन इस बार तरुण नही

रुका.. वो थके होने का बहाना करके वहाँ से निकल गया.

ऑर अपने रूम मे चला गया.

अब तरुण थोड़ा रिलेक्स हुआ .. ऑर बेड पर लेट गया. इतने मे उसने

सोचा क्यो ना अब बाहर एक राउंड लगा लिया जाए.. इतना सोच कर

वो बाथरूम मे एंटर हो गया. ऑर 15 मिंट मे रेडी हो कर

बाहर आ गया. अपना पर्स पॉकेट मे रख ऑर हॉल की ऑर चल

दिया. वहाँ तब तक सीरियल ख़त्म हो चुका था. कामिनी ने

जब तरुण को देखा

कामिनी – “ बेटा कही जा रहे हो.”

तरुण – “ मोम .. थोड़ा घूमने का मन है. “

इतना सुन कर कामिनी किचन मे चली जाती है. तन्नू ऑर टिया

जब ये सुनते है तो. वो तरुण की ऑर ललचाई नज़रो से देखती

है.

टिया – “ भाई मैं भी आपके साथ चलती हू. मुझे भी

घूमने का बहुत मन है.”

तभी तन्नू भी कुछ बहाना सोचने लगती है.

तन्नू – “ भाई मुझे भी मार्केट जाना है.. मैं तेरे साथ ही

चलती हू.. मुझे मार्केट छोड़ देना.

तरुण ये सब सुन कर शांत हो गया ऑर सोचने लगा. मैं

बाहर दिमाग़ ठंडा करने जा रहा हू. या अपनी बॉडी को गर्म

करने . तरुण कुछ सोच ही रहा था. की क्या करे..तभी

तन्नू ऑर टिया दोनो रेडी हो कर आ जाते है. तरुण दोनो को

देखता है.. ऑर सोचता है इन दोनो के साथ एक साथ बाहर

गया तो.. शायद मैं अपने पैरो पर चल कर कभी वापस

नही आउन्गा..

तरुण – “ मैं बाइक से जा रहा हू. तुम दोनो मे से किसी एक को

ही ले जा सकता हू.

कामिनी – “ अरे बेटा कार ले जा ना.. तीनो साथ मे चले जाओ. “

तरुण – “ मोम मुझे बाइक चलना ज़्यादा पसंद है.. ऑर

मैं घूमने जा रहा हू. ऑफीस नही. “

इतना सुना कर टिया ऑर तन्नू दोनो मे बहस होने लगती है. ऑर

लास्ट मे कामिनी डिसाइड करती है की तन्नू को कुछ काम है

इसलिए वो तरुण के साथ जाएगी. टिया इससे बहुत नाराज़ होती

है.. ऑर मुँह लटका कर अपने रूम मे चली जाती है.

तरुण बाहर जा कर अपनी बाइक निकालता है ऑर तन्नू को पीछे बैठा

कर रवाना हो जाता है. रास्ते मे

तरुण – “ दी आपको कोन्से मार्केट जाना है “

तन्नू – “ मुझे मार्केट नही जाना “

तरुण – (चोकते हुए ) “ आप तो घर पर कह रही थी “

तन्नू “ हा वो तो ऐसे ही बहाना बना रही थी.. हमें अब

कुछ टाइम अकेले मिलेगा ना.. इसलिए. “

तरुण भी समझ जाता है ऑर दोनो स्माइल करने लगते है.. ऑर

तरुण बाइक को थोड़ी ऑर स्पीड दे देता है. वो एक काफ़ी दूर निकल

जाते है. तरुण बाइक को रोकता है.

तन्नू – “ क्या हुआ.? “

तरुण – “ दी हम लोंग राइड पर जा रहे है. एंड आगे सिर्फ़ हाइ

वे है. आप दोनो ऑर पैर करके कॉँफटबल हो कर बैठ जाओ. “तन्नू.. तरुण की बात का मतलब समझ गयी थी. इसलिए वो दोनो ऑर पैर करके तरुण से चिपक कर बैठ गयी.. ऑर तरुण ने

बाइक को हाइ वे पर भगा लिया. तन्नू अपने बूब्स को तरुण

की पीठ पर रगड़ रही थी. तरुण को ये अहसांस बहुत अच्छा

लग रहा था. तन्नू उसे ऐसे चिपकी हुई थी की बीच मे से

हवा भी पास नही हो रही थी. तभी तन्नू को एक शरारत

सूझी.. उसने अपने हाथो को तरुण के लंड के आस–पास

जाँघो पर फेरने लगी. तरुण का लंड अब पेंट के अंदर ही

अंगड़ाई लेने लगा. ऑर कुछ ही देर मे अपनी औकात मे खड़ा हो

गया. तरुण ने अपने एक हाथ से तन्नू का एक हाथ पकड़ा ऑर

अपने लंड पर रख दिया.. ऑर उसे सहलाने का इशारा किया..

लेकिन तन्नू ने अपना हाथ वापस हटा लिया ऑर.. सिर्फ़ जाँघो को

सहलाना जारी रखा... कुछ देर बाद तरुण ने फिर एक बार

तन्नू का हाथ अपने अंड पर रखा.. लेकिन तन्नू ने फिर अपना

हाथ हटा लिया. तन्नू तरुण को सिर्फ़ गर्म कर रही थी.. लेकिन

इससे ज़्यादा कुछ नही करने दे रही थी…

तरुण काफ़ी देर तक ये बर्दास्त करता है.. ऑर कुछ देर बाद ही तरुण की कंट्रोल

करने की पवर ख़त्म हो जाती है.. उसने फिर से बाइक साइड

मे रोक दी. ऑर नीचे उतर गया. तन्नू भी नीचे उतरी..

तन्नू – “ भाई अब क्या हुआ. “

तरुण तन्नू को अपनी ऑर खिचते हुए. अपने से चिपका लेता

है. ऑर तन्नू को अपनी बाहों मे बार लेता है.. तन्नू खुद को

छुड़ाने की कोशिश करती है.

तन्नू – “ भाई छोड़ो क्या कर रहे हो. ? कोई देख लेगा. “

तरुण – “ ये हाइ वे है यहा गाड़ी 70-80 से नीचे नही

चलती.. ऑर वैसे यहा अभी कोई नही है.. “

तन्नू – “ लेकिन भाई ऐसे अच्छा नही लगता “

इतना कह कर तन्नू खुद को तरुण की पकड़ से छुड़ा लेती है.

दोनो अलग खड़े हो जाते है.

तरुण – “ वैसे दी आप जो मेरे साथ कर रही थी ना. वो भी ठीक नही था. “

तन्नू अंजान बनते हुए

तन्नू - “ मैं क्या कर रही थी. ”

तरुण का मूड अब ऑफ हो चुका था.. ऑर उसे तन्नू पर

थोड़ा गुस्सा भी आ रहा था.

तरुण – “ कुछ नही चलो वापस घर चलते है “

तन्नू - “ ठीक है “

इस बार तरुण बाइक बहुत स्लो चला रहा था.. तन्नू अभी

भी तरुण की कमर पर अपने बूब्स रगड़ रही थी.. इससे तरुण

का लंड खड़ा था..

तभी तरुण

तरुण – “ दी आज आप बाइक चलाना चाहेगी “

तन्नू – “ नही . वैसे भी मुझे बाइक चलानी नही आती “

तरुण - “ दी बाइक चलाना बहुत ईज़ी है. बिल्कुल स्कूटी की

तरहा है.. वो तो आपको आती है ना. “

तन्नू – “ हा लेकिन एक मेरा मूड नही है..ऑर तुम बाइक

थोड़ा तेज चलाओ “

तरुण का ये आइडिया फैल हो गया.. वो सोच रहा था. जो तन्नू

ने उसके साथ किया है. वो तन्नू के साथ करेगा.. लेकिन उसकी

फूटी किस्मत.. ने उसका साथ नही दिया

उसके बाद तरुण तन्नू के बूब्स को फील करता हुआ. घर की

ऑर चल दिया. तरुण जब बाइक को गरेज मे एंटर करवा रहा

था तो तानिया ने उन दोनो को इस हालत मे देख लिया.. तरुण

ने बाइक को पार्क किया.. ऑर तन्नू के साथ घर मे एंटर हुआ.

तरुण सोफे पर बैठ कर टीवी देखने लगा. ऑर तन्नू अपने रूम

मे चली गयी. कुछ देर बाद तन्नू किचन मे चली जाती है

ऑर कामिनी की हेल्प करने लगती है. तरुण भी अपने रूम की ऑर

चल देता है.

उधर तानिया को कुछ शक़ होता है.. तन्नू दी तो बहुत

सिंपल है वो सभी से दूरिया बना कर रखती है. ऑर तरुण

के साथ ऐसे बाइक पर.. उसे कुछ गड़बड़ लगती है. वो तन्नू

से पूछ नही सकती थी. क्योंकि वो बड़ी है. वो तरुण से इस

बारे मे बात करने के लिए उसके रूम की ऑर चल देती है…
 
तरुण अपने रूम मे कपड़े निकाल कर बाथ लेने की तैयारी कर

रहा था. वो सिर्फ़ अंडरवेर मे था.. तानिया.. उसे इस हालत

मे देख लेती है. तानिया के अभी तक बहुत बाय्फ्रेंड रहे है. लेकिन किसी की बॉडी ऐसी नही थी तरुण के जैसे.. बिल्कुल फिट एंड शाइन.

सिक्स-पॅक्स. अंडरवेर मे उसका लंड ने बड़ा तंबू बनाया

हुआ था.. ये तन्नू की बदौलत थी. इतना देख कर तानिया

शर्मा जाती है ऑर वापस अपने रूम मे चली जाती है. तरुण

ने तानिया को देखा नही था. तरुण बाथरूम मे चला जाता

है. तानिया. अपने कमरे मे थी. उसकी साँसे तेज हो गयी थी.

वो सोच रही थी. इस जैसे बंदर की बॉडी ऐसी कैसे हो

सकती है. ऑर उसके अंडर वेर मे इतना बड़ा.. ओ माइ गॉड. ऑर वो इन

सब बात को अपने दिमाग़ से रिमूव करने की कोशिश करती है..

ऑर सब भूल जाती है.

तानिया की फीलिंग्स

( तानिया तरुण को बिल्कुल भी पसंद नही करती है. उसकी

नज़रों मे तरुण एक बेकुफ़ लड़का है जिससे कोई लड़की नही पट

सकती.. सही मायनो मे वो एक लूज़र है. ऑर तानिया खुद को

बहुत इंटेलिजेंट मानती है.. उसकी लाइफ मे बहुत बाय्फ्रेंड

आए गये. लेकिन उसने किसी के साथ किस्सिंग से ज़्यादा कुछ

नही किया. वो अभी तक अपने सच्चे प्यार की तलाश मे है. जो

उसके लिए कुछ भी कर जाए.. इसलिए उसके अफेर तो बहुत हुए..

लेकिन कोई सीरीयस नही था “

तरुण अपने बाथरूम से बाहर आता है ऑर लॅपटॉप पर कुछ

मूवीस डाउनलोड करने मे वयस्त हो जाता है. कुछ देर

बाद… उसे याद आता है.. टिया उसके साथ अपनी लिमिट्स क्रॉस

कर रही है. उसे इस बारे मे टिया से बात करनी चाहिए..

तभी तरुण टिया के रूम की ऑर चल देता है.. टिया के रूम का

गेट ओपन था. तरुण अंदर एंटर होता है.. टिया स्टडी टेबल

पर अपनी बुक्स ठीक कर रही थी. तरुण उसके पास जाता है

तरुण – “ टिया इधर आओ. मुझे तुमसे कुछ ज़रूरी बात

करनी है. “

टिया तरुण के पास आ कर बेड पर बैठ जाती है. “

टिया – “ हा भाई बोलो “

तरुण – “ टिया सुन.. जो कुछ भी अभी तक हम लोगो के बीच हुआ है उसे भूल जा वो सब हमारी ग़लती थी.. ऑर अब आगे से हमे सतर्क रहना है की ऐसी ग़लती फिर से ना हो.. ऑर

हमारा रिस्ता बदनाम ना हो… . “

टिया- ( अंजान बनते हुए ) “ भाई आप किस बारे मे बात कर रहे

हो मैं कुछ समझी नही. “

टिया का फेस नीचे हो जाता है ऑर वो थोड़ा सॅड हो जाती है.

लेकिन तरुण इस बारे मे सब कुछ क्लियर करने के मूड से

आया था. अभी उसका सिर्फ़ दिमाग़ काम कर रहा था..

तरुण – “ टिया… देखो जो कुछ भी अभी तक हमारे बीच

हुआ है.. वो सब एक ग़लती थी.. अब प्लीज़ ऐसे कुछ मत करना

… क्योंकि हमारा रिस्ता कुछ अलग है.. इसमे कुछ रूल्स है.

ऑर मैं इन रूल्स को तोड़ कर तुम्हारे साथ कुछ ग़लत नही कर

सकता.“

टिया – “ भाई इसमे ग़लत कुछ नही है. “

तभी तरुण बीच मे ही बोल पड़ता है .

तरुण – “ टिया मैं आगे बहस नही करना चाहता हू.. ऑर अब

हमें अपनी लिमिट्स मे रहना चाहिए.

टिया – “ लेकिन भाई मैं तुमसे प्यार करती हू”

तरुण – “ मैं किसी ऑर से प्यार करता हू “

ये वर्ड तरुण के खुद के नही थे.. उसने अंजाने मे ही बोल

दिए थे. लेकिन टिया को ये सुन कर साँप सूंघ गया. वो बिल्कुल

शांत खड़ी हो गयी. उसे अपने कानो पर यकीन नही हो रहा

था. की उसके साथ ऐसा भी हो सकता है. उसको ऐसा लग रहा

था जैसे उऊस्की दुनिया उजड़ गयी . तरुण ने बिना टिया की ऑर

देखे सीधा अपने रूम मे चला गया.. ऑर रिलेक्स होने की

कोशिश करने लगा.. क्योंकि अभी जो उसने किया है. उसके लिए

पता नही उसके पास हिम्मत कहाँ से आ गयी. अभी तक उसको

अपनी ग़लती का अहसास नही हुआ था की उसने क्या किया है.
 
उधर टिया अपने बाथरूम मे बैठ कर बहुत रो रही थी. उसके सर

पर तो आसमान फट गया था. उसे अब तो कोई उम्मीद नही थी. की

तरुण उसकी लाइफ मे वापस आएगा. वो वही बैठी बैठी रो रही

थी.. ऑर तरुण अपने रूम मे वापस लॅपटॉप को ऑन करता है ऑर

गेम खेलने लगता है. इससे उसका दिमाग़.. सब बातो से दूर

रहता है..कुछ देर तक तरुण गेम्स खेलता रहा. उसके बाद तरुण

बाथरूम मे जा कर फ्रेश होता है ऑर हॉल मे चला जाता है..

वहाँ तन्नू टीवी देख रही है.. ऑर कामिनी डाइनिंग टेबल पर

सब्जिया काट रही है.. तरुण तन्नू के साथ साथ सोफे पर बैठ

जाता है.. तन्नू टीवी पर मूवी देख रही थी. तरुण को टीवी

देखना ज़्यादा पसंद नही है.. .. बुझे मन से वो टीवी को घूर कर देखता रहता है. तभी घर के लेंड़लाइन फोन की रिंग बजती है. कॉल कामिनी अटेंड करती है.

कामिनी – “ हेलो.. “

ये कॉल सोनम का था ( टिया की स्कूल फ्रेंड)

सोनम – “ हेलो आंटी .. सोनम हियर, मुझे टिया से बात

करनी है. “

कामिनी – “ ठीक है बेटा वेट करो मैं टिया को बुलाती हू “

इतना कहा कर कामिनी टिया को ज़ोर से आवाज़ लगती है.. लेकिन टिया

का कोई रेस्पॉन्स नही आता. तब कामिनी तरुण को टिया को

बुलाने के लिए भेजती है. तरुण का बिल्कुल मन नही है टिया

का सामना करने का.. क्योंकि जो बाते टिया के साथ तरुण ने की

थी.. उसके बाद वो टिया से नज़रे मिलने से बचाने की

कोशिश कर रहा था.. लेकिन कामिनी के कहने पर ऊपर टिया के

रूम की ऑर चल देता है. वहाँ उसे टीना आती हुई दिखती है.

उसे दिमाग़ मे आइडिया आता है.

तरुण – “ टीना दी , आप टिया को बोल दो. उसके किसी फ्रेंड का

फोन है.. वो बात करले. “

इतना कह कर तरुण सीडियो के पास खड़ा हो जाता है.ऑर टीना

टिया के रूम पर नॉक करती है.

टीना- “ टिया.. तेरी फ्रेंड का कॉल है.. बात कर ले. “

अंदर से कोई रेस्पॉन्स नही आता.. टीना दोबारा बोलती है

टीना – “ टिया. सुन रही है या नही.. तेरी फ्रेंड का कॉल है .. “

इस बारे अंदर से टिया की आवाज़ आती है जो बहुत रूड है

टिया – “ हा सुन लिया मैने.. मुझे अभी मूड नही है.. मैं

बाद मे बात कर लूँगी. “

टिया बहुत रूडली बात कर रही है.. टीना इतना सुन कर थोड़े

गुस्से मे अपने रूम मे चली गयी. ऑर तरुण के तो रोंगटेखड़े हो गये टिया का ये रूप देख कर.. वो चुपचाप नीचे आ गया. कामिनी अब किचन मे थी.

तरुण – “ मोम टिया का अभी मूड नही है “

कामिनी- “ ओके तो तू उसकी फ्रेंड को बोल दे.. बेचारी बहुत टाइम

से होल्ड पर है. “

इतने मे तरुण फोन का रिसीवर कान से लगाता है.

तरुण – “ हे टिया का मूड अभी बहुत खराब है.. वो तुम

को बाद मे कॉल कर लेगी.. तुम अपना नाम बता दो “

सनम – “ सोनम.. नाम तो याद रहेगा ना “

तरुण – “ सोनम ,,,, हा याद है “

सोनम – “ नाम ही याद है या कुछ ऑर भी याद है. ”

तरुण – ( एक नॉटी स्माइल के साथ.. ऑर अंजान बनते हुए. ) “

नही ऐसा तो कुछ याद नही है “

सोनम – “ नेक्स्ट टाइम मिलोगे तो सब याद दिला दूँगी. “

तरुण – “ ओके देखते है. “

सोआनम – “ तो बताओ.. अब कब मिलोगे. “

तरुण – “ पता नही “

सनम – “ कल टिया को छोड़ने या लेने नही आओगे क्या..? “

तरुण – “ अभी कुछ नही पता . कल की कल देखेंगे. “

इतने मे सामने से तन्नू आती हुई दिखती है. ऑर तरुण बाइ बोल

कर फोन कट कर देता है.
 
तन्नू – “ तुम टिया की फ्रेंड से इतनी क्या बात कर रहे थे. “

तरुण – “ कुछ नही वो पूछ रही थी. टिया का मूड क्यो

खराब है.. आज उनको कुछ ज़्यादा ही होम वर्क दिया है एट्सेटरा..“

तन्नू – “ हा “

उसके बाद तन्नू किचेन मे चली गयी. ऑर कामिनी की हेल्प

करने लगी. तरुण टीवी देखने मे बिज़ी हो गया. तरुण अभी

टिया के बारे मे सोच रहा था.. उसे ऐसा लग रहा था

शायद उसने कुछ ज़्यादा बोल दिया है.. लेकिन टिया के साथ

ऐसा करना ज़रूरी था.. तरुण कही ना कही खुद से नाराज़ भी

था.. लेकिन उसे ये भी लग रहा था की वो बिल्कुल सही है.. अब

तरुण दोहरे जाल मे फस गया था.. उसे खुद समझ मे

नही आ रहा था की क्या करे.. ऐसे ही पूरी शाम बीत जाती है.अब तरुण अपने कमरे मे लॅपटॉप पर कुछ काम कर रहा था.

तभी टीना रूम मे एंटर होती है.

टीना – “ भाई मोम बुला र्है है.. डिन्नर के लिए. “

तरुण – “ ओके दी आप चलिए मैं आता हू. “

टीना वहाँ से चली जाती है. ऑर कुछ देर मे तरुण भी

डाइनिंग हॉल मे चला जाता है. वहाँ पर सभी थे.. सिर्फ़

मयंक ऑर टिया नही थे..

तरुण – “ मोम डॅड नही आए. “

कामिनी – “ नही बेटा वो नाइट मे लेट आएँगे. “’

तरुण चेयर पर बैठ जाता है. ऑर बगल मे टीना बैठी है.

सामने तानिया बैठी है. तरुण ने टिया को नही देखा तो टीना

से पूछता है

तरुण – ( धीरे से फुसफुसाते हुए ) “ दी टिया नही आई “

टीना – “ नही उसे भूक नही है “

तरुण समझ गया था की. उसे भूक क्यो नही है. अब उसे

खुद पर गुस्सा आ रहा है. लेकिन अब वो क्या करे.

तरुण – “ दी एक बारे ऑर बुलाओ ना उसे “

टीना – “ अब मेरा ऊपर जाने का मन नही है.. तू खुद क्यो

नही जाता “

इतना सुन कर तरुण चुप हो गया ऑर सोचने लगा जाऊ या ना

जाऊ.. लेकिन टिया उसकी बहन है. ऑर वो भूकी है.. इतना सोच कर

वो टिया के रूम की ऑर चल दिया, रूम का डोर लॉक था..

तरुण डोर पर नॉक करता है..

तरुण – “ टिया , मैं हू तरुण तेरा भाई “

अंदर से रेस्पॉन्स नही आया

तरुण – “ टिया चल डिन्नर कर ले.. मैं तुझे बुलाने आया हू.”

टिया – “ मुझे भूक नही है.. मैं बाद मे खा लूँगी. अभी

जाओ यहा से ऑर मुझे पढ़ने दो “

तरुण – “ ठीक है लेकिन एक बार गेट तो खोल .. “

टिया – “ नही मुझे डिस्टर्ब मत करो.. मैं पढ़ रही हू. “

तरुण इतना सुन कर डाइनिंग हॉल की ऑर चल दिया. वो टिया से

ज़्यादा बहस नही कर सकता था. उसे अब टिया की कुछ ज़्यादा

ही फिकर होने लगी. कुछ देर मे सभी ने डिन्नर ख़त्म किया..ऑर अपने अपने रूम की ऑर चल दिए.. वही पर कामिनी ऑर तन्नू

किचन मे कुछ काम रने लगे.. वो लोग वहाँ कल के लिए

कुछ तैयारी कर रहे थे.. शायद कुछ स्पेशल था. तरुण

अपने रूम मे बेड पर बैठा टिया के बारे मे सोच रहा है..

उसका गेट खुला है जहा से टिया के रूम के गेट भी

दिखाई दे रहा है..

तरुण वेट कर रहा है की टिया डिन्नर कर

ले.. अभी उसे तन्नू के बारे मे कुछ याद नही था की. वो

आज नाइट मे आने वाली है.तरुण ऐसे ही वहाँ बैठा रहा

कुछ देर बाद तरुण टिया के रूम की ऑर जाता है.. ऑर डोर पर

नॉक करता है.

तरुण – “ टिया प्लीज़ दरवाजा खोलो मुझे तुमको एक बहुत

इंपॉर्टेंट बात बोलनी है. “

इस बार टिया का तुरंत आन्सर आ जाता है. जैसे वो तरुण का

वेट कर रही थी.

टिया – “ मुझे अभी कोई बात नही करनी. “

तरुण – “ टिया प्लीज़ दरवाजा तो खोल… मैं सच बोल रहा

हू. तेरे लिए मैं एक स्पेशल गिफ्ट लाया हू “

टिया – “ क्या है “

तरुण – “ पहले गेट खोलो, फिर बताउन्गा. “

टिया – “ नही…. मुझे कोई गिफ्ट नही चाहिए तुम जाओ. “

तरुण का अब कोई प्लान काम नही कर रहा था. वो सोच रहा

था कैसे टिया को खुश करे.. वो इस बारे मे सोचता हुआ..

अपने रूम की ऑर जा रहा है की अचानक उसका पैर फिसलता है.

ऑर सर दीवार मे जा कर लगता है.. तरुण की दर्द भरी चीख

निकल जाती है. इसे सुन कर टिया भाग कर अपने रूम से बाहर

आ जाती है. तरुण अभी भी ज़मीन पर पड़ा हुआ है.. वहाँ

तानिया ऑर टीना भी आ जाती है. नीचे से कामिनी चिल्लाति है

कामिनी – “ बेटा क्या हुआ.. ? “

तरुण – “ कुछ नही मोम वो मैं गिर गया था. “

टीना ऑर टिया तरुण को संभाल कर उठाने लगती है. लेकिन

तानिया वापस अपने रूम मे जा चुकी थी.
 
तानिया ऑर टीना भी आ जाती है. नीचे से कामिनी चिल्लाति है

कामिनी – “ बेटा क्या हुआ.. ? “

तरुण – “ कुछ नही मोम वो मैं गिर गया था. “

टीना ऑर टिया तरुण को संभाल कर उठाने लगती है. लेकिन

तानिया वापस अपने रूम मे जा चुकी थी.

कामिनी – “ बेटा ज़्यादा चोट तो नही लगी “

तरुण – “ नो मोम.. आई आम ओके “

कामिनी इतना सुन्न कर वापस अपने काम मे वयस्त हो जाती

है. टीना ऑर टिया तरुण को उसके रूम मे ले जाती है.

टीना तरुण की चोट का मुआयना करती है. ज़्यादा चोट नही थी.. टीना

फर्स्ट आड्स बॉक्स लेने चली जाती है. टिया अभी भी तरुण का हाथ

पकड़ कर वही बैठी है.

तरुण – “ टिया…थॅंक्स. “

टिया की आखो मे आसू थे.

टिया – “ किसलिए “

तरुण – “ मेरी इतनी केर करने के लिए, मुझे संभाले के लिए.. “

टिया कुछ नही बोलती..सिर्फ़ अपना फेस दूसरी ऑर घुमा लेती है.

अभी भी टिया की आखो से आसू बह रहे थे. इतने मे टीना

फर्स्ट आड् बॉक्स ले कर आती है. ऑर तरुण का ट्रीटमेंट स्टार्ट करती

है. इससे तरुण को काफ़ी जलन होती है. तरुण ने टिया का हाथ

पकड़ा हुआ है. वो उसे ऑर ज़ोर से दबाता है.. इसे टिया को

तकलीफ़ होती है. लेकिन वो कुछ नही बोलती.कुछ देर बाद..

तरुण – “ टीना दी प्लीज़ एक प्लेट खाना ले कर आओ ना “

टीना- “ लेकिन तुम ने तो डिन्नर कर लिया ना “

इतना सुन कर तरुण बिना कुछ बोले टिया की ऑर इशारा करता है.

टीना समझ जाती है. ऑर नीचे चली जाती है.. टिया भी वहाँ से

जाने लगती है लेकिन तरुण ने उसका हाथ पकड़ा हुआ है. ऑर

उसे खिच कर वापस अपने पास बिठा लेता है..

तरुण – “कहाँ जा रही हो. ? “

टिया – “ मुझे नींद आ रही है.. “

तरुण – “भूके पेट नींद नही आती “

टिया – “ मैने खाना खा लिया “

तरुण – “ झूठ तो ठीक से बोलो.. . वैसे मुझे सब पता है

तुम ने मेरी वजह से खाना नही खाया. “

टिया- “ ऐसा कुछ नही है “

तरुण – “ टिया तुम जानती हो.. तुम झूठ बोलती हुई बिल्कुल अच्छी

नही लगती हो.. अब प्लीज़ मुझे माफ़ कर दो. “

टिया कुछ नही बोलती है.. वो रोती हुई तरुण के गले से लग जाती

है.. टिया के आसुओ से तरुण की टी-शर्ट गीली हो गयी. टिया अपना चेहरा तरुण की छाती मे छुपा रही है. तरुण टिया को अपनी बाहों मे भर लेता है. ऑर उसके आसुओ को पोछता है.. ऑर

उसके माथे पर एक किस देता है. इतने मे टीना गेट पर खाना ले कर आ जाती है.

टीना – “ बहुत दिनों के बाद ऐसा भाई – बहन का प्यार

देखने को मिला है.”

इतना कहते हुए. टीना प्लेट को तरुण के बेड पर रख देती है..

तरुण ऑर टिया कॉँफटबल हो कर बैठ जाते है.

टीना – “ जब तुम भाई- बहन का भरत-मिलाप ख़त्म हो जाए

तो खाना खा लेना. मैं चलती हू. “

इतना कह कर टीना अपने रूम मे चली जाती है. ऑर तरुण अपने

हाथो से टिया को खाना खिलाता है. टिया भी तरुण को थोड़ा

सा खाना खिलाती है.. अब तरुण टिया को ले कर उसके रूम मे

जाता है. टिया अपने बेड पर लेट जाती है. उसके सर के पास तरुण

भी बैठ जाता है.. टिया को अपने गिफ्ट वाली बात याद आती है.

टिया - “ भाई मेरा गिफ्ट कहाँ है “

तरुण – “ कॉन्सा गिफ्ट ? “

टिया – “ वही जो तुम मेरे लिए लाए हो “

तरुण – “ वो गिफ्ट तो मैने सोनम के घर भिजवा दिया. “

टिया ये सुन कर एक जोरदार घुसा तरुण की जाँघ पर मारती है..
 
तरुण को ये मज़ाक बहुत महँगा पड़ा. . फिर भी वो हँसता

हुआ.. टिया को हग करता है. टिया अभी थोड़े गुस्से मे थी.

टिया – “ भाई मुझे ऐसे मज़ाक पसंद नही है. तुम जल्दी

बताओ मेरा गिफ्ट कहाँ है..:

तरुण के पास कोई गिफ्ट नही था. लेकिन वो टिया को फिर से

नाराज़ नही करना चाहता था.

तरुण – “ अभी नही कल दूँगा “

टिया – “ नही भाई मुझे अभी चाहिए “

तरुण – “ टिया अभी मेरे पास नही है, मैने ऑनलाइन ऑर्डर

दिया है. कल तक आएगा. “

टिया ये सुन कर वापस लेट जाती है टिया का सर तरुण की जाँघ के

ऊपर रखा है. तभी तरुण को तन्नू की याद आती है.. अभी

10:30 हो रहे थे. वो तुरंत अपने रूम की ऑर जाने का सोचता है..

तरुण – “ टिया तुम सो जाओ. मैं चलता हू. “

टिया- “ भाई थोड़ी देर ऑर बैठो ना.. मुझे अच्छा लग रहा

है.”

तरुण टिया को मना नही कर सका. ऑर अपना मन मार कर वही

बैठ गया.. तरुण सोच रहा था. इतना तो लेट हो ही गया है.

अब जाने से कोई फ़ायदा नही है. लेकिन उसके दिल मे अभी भी

आशा थी की तन्नू उसका वेट कर रही होगी.. कुछ टाइम बाद

तरुण टिया को आवाज़ दे कर देखता है. टिया अब सो चुकी थी.

तरुण धीरे से वहाँ से निकल जाता है ऑर डोर को क्लोज़ कर

देता है.. तरुण अपने रूम मे जाता है. वहाँ तन्नू नही थी.

अभी टाइम भी 11:30 हो रहा था. वो तन्नू के रूम की ऑर

जाता है. ऑर धीरे से नॉक करता है. तभी डोर बेल बजती

है.. शायद मयंक आया होगा. तरुण डर कर वापस अपने

रूम मे चला जाता है लगभग आधे घंटे बाद तरुण

नीचे पानी लेने जाता है अभी 12:00 बजे रहे थे. तरुण

किचन से पानी लेता है. ऑर ऊपर की ऑर आने लगता है.

तभी उसकी नज़र कामिनी के रूम पर पड़ती है. उसमे लाइट

ओंन थी. उसके दिमाग़ मे कॉंडम वाला सीन याद आता

है.वो चुपके से दरवाजे के पास जाता है. लेकिन दरवाजा

बंद था.तरुण पास मे लगी खिड़की से झाँकता है.. अंदर का

नज़ारा देख कर तरुण की लुल्ली को लंड बनने मे 1 सेक. का भी

टाइम नही लगता ,,.. अंदर कामिनी सिर्फ़ ब्रा ऑर पैंटी मे थी.

वो घुटनो के बल बैठ कर मयंक का लंड चूस रही थी.

तरुण इससे बड़े गौर से देखने लगा. की कैसे उसकी मोम

लंड को अपने मुँह मे ले रही है. कामिनी लंड को अपने गले

तक मुँह मे लेती ऑर बाहर निकालती .. कामिनी के मुँह से लंड का

पानी टपक रहा है.उसकी एक बूँद जो कामिनी के होंठो से

होती हुई नीचे जाती.. उसे तरुण स्लो मोशन मे देख रहा

है तरुण को इससे होने वाली आवाज़ भी सॉफ सुनाई दे रही

है. सपड़-सपड़ तरुण वही अपना लंड हाथ मे ले कर बैठ

गया. वो मूठ नही मार रहा है. सिर्फ़ अपने लंड को सहला

रहा है.

अंदर कामिनी मयंक के लंड को मुँह से मसाज कर रही है. कुछ देर मे मयंक कामिनी के बालो को पकड़ कर तेज़ी से उसके मुँह मे लंड डालने लगता है. कामिनी भी

उसका पूरा साथ दे रही थी. कुछ ही पलों मे तेज झटको के

साथ मयंक अपना सारा पानी कामिनी के मुँह मे छोड़ देता

है.. कामिनी सारा वीर्य पीने की कोशिश करती है. लेकिन अभी भी

उसके मुँह से काफ़ी वीर्य टपक रहा है.. मयंक कामिनी के

होंठो को चूसने लगा.. वो एक दूसरे की लार को पी रहे है..
 
मयंक का एक हाथ कामिनी के बड़े बड़े बूब्स पर है. ऑर

दूसरा हाथ कामिनी की गान्ड पर. मयंक कामिनी की पैंटी नीचे

करनी स्टार्ट करता है. इससे तरुण ऑर जोश मे आ जाता है. ऑर

गौर से कामिनी की गान्ड को देखने लगता है . कुछ ही पॅलो

मे मयंक कामिनी की पैंटी को कामिनी की टाँगो से अलग कर

देता है.. ऑर अपने हाथो को कामिनी की ब्रा मे डाल देता है.

तरुण अभी भी कामिनी की गान्ड को घूर रहा है.. कामिनी

मयंक को बेड पर धकेल देती है.. ऑर अपनी ब्रा उतारने लगती है.

कामिनी की पीठ तरुण की ऑर थी. इसलिए तरुण को कामिनी का सिर्फ़

पीछे का लुक दिख रहा है.. कामिनी अपनी ब्रा उतार कर फेक देती

है.. ऑर मयंक के ऊपर आ कर बैठ जाती है.. कामिनी थोड़ा

ऊपर उठती है.. ऑर मयंक के लंड को अपने हाथो से अपनी

चूत पर सेट करती है. ये सीन तरुण को साफ दिखाई दे रहा

है.

कामिनी एक ही झटके के साथ मयंक के पूरे लंड को अपनी

चूत मे ले लेती है. उसके बाद कामिनी धीरे धीरे आगे पीछे

होना स्टार्ट करती है.

तरुण अब अपने लंड को सहलाना थोड़ा तेज

कर देता है.कामिनी भी अपनी स्पीड बढ़ा देती है.. कामिनी अब

आगे की ऑर झुक जाती है. ऑर मयंक को किस करते हुए. लंड पर

उछल रही है.. मयंक भी नीचे से धक्के मार रहा है.

मयंक कामिनी के बूब्स को अपने मुँह मे कर चूसने लगता

है. अब मयंक ऑर कामिनी अपनी स्पीड को ऑर ज़्यादा बढ़ा देते

है. कामिनी की आहो की आवाज़ अब कुछ तेज होने लगती है.. दोनो

सिर्फ़ सेक्सी आहे भर रहे है.. तभी कामिनी निढाल हो कर

मयंक के ऊपर गिर जाती है.. ऑर दोनो एक दूसरे को किस करने

लगते है.. ये सिलसिला कुछ 10 मिंट चलता है.. फिर मयंक ऑर

कामिनी अलग हो जाते है.. दोनो एक साथ बाथरूम की ऑर जाते है.. बाहर तरुण भी अपने रूम की ऑर जाता है.. वो रूम मे एंटर करके गेट को अंदर से लॉक कर लेता है.
 
फिर मयंक ऑर

कामिनी अलग हो जाते है.. दोनो एक साथ बाथरूम की ऑर जाते है.. बाहर तरुण भी अपने रूम की ऑर जाता है.. वो रूम मे एंटर करके गेट को अंदर से लॉक कर लेता है.

अभी तरुण का दिमाग़ मे सिर्फ़ कामिनी घूम रही है.. अब उसकी नियत अपनी ही

मोम पर खराब होने लगी है… आज बहुत दिनों के बाद उसका

मूठ मारने का मन कर रहा था.. लेकिन वो ऐसा कुछ करना

नही चाहता है. वो अपने बेड पर जा कर बैठ जाता है.. तभी

उसे अपनी कमर पर किसी के हाथ महसूस होते है.. वो

पीछे देखता है. ये तन्नू थी.

तन्नू – “कहाँ थे तुम. मैं काफ़ी देर से तुम्हारा वेट कर रही हू. “

तरुण अब ये कैसे कहता. की वो अपनी मोम की चुदाई देख

रहा था. उसने बिना कुछ बोले तन्नू को हग कर लिए.. तन्नू

भी तरुण के चिपक कर हग कर ली.. दोनो एक दूसरे से चिपके

हुए बेड पर लेटे थे.. तन्नू अभी भी कंट्रोल मे थी. वो जानती

थी, जब तक तरुण उसे प्रपोज नही करेगा. वो कुछ नही

करने देगी. लेकिन अभी तरुण को किसी भी तरहा ठंडा होना

था.. इसलिए तरुण ने अपना काम स्टार्ट कर दिया.. उसने अपना

हाथ तन्नू के बूब्स पर ले गया. ऑर बूब्स को मसलना सुरू

कर दिया..

तन्नू ने उसके हाथ को झटका दिया ऑर अलग हो गयी.

तरुण ने आगे बढ कर तन्नू की कमर मे हाथ डाला ऑर उसे

अपनी ऑर खींचा .. अब दोनो एक दूसरे से फिर से चिपक गये

थे. तरुण ने तन्नू के होंठो को चूसना स्टार्ट कर दिया.

तन्नू इस बारे कोई विरोध नही कर रही थी. लेकिन तन्नू जानती

थी ,, इससे आगे कुछ नही करना है…

तरुण का दिमाग़ तो कुछ ऑर ही कह रहा है. उसने फिर से अपना एक हाथ तन्नू के

बूब्स पर रख दिया.. तन्नू इसका विरोध करने लगी. ऑर तरुण से

दूर हट कर खड़ी हो गयी.. तन्नू को अब तरुण के बर्ताव मे

कुछ बदलाव लग रहा था.

तरुण अभी हवस की आग मे जल

रहा था. उसे कुछ समझ नही आ रहा था.. लेकिन तरुण ने

खुद को थोड़ा कंट्रोल करने की कोशिश की

तन्नू – “ भाई तुझे क्या हो रहा है. तू ऐसे क्यो कर रहा है “

तरुण- “ दी मुझे खुद नही पता.. मेरे साथ ऐसा कैसे होरहा है.. मैं अभी कंट्रोल मे नही हू.. मुझे अभी बस शांत होना है कैसे भी. “

तन्नू तरुण की इस हालत को समझ गयी थी.. क्योंकि तन्नू भी

पहले इस हालत से गुजर चुकी थी. इसलिए उसने तरुण की हेल्प

करने की सोची.

तन्नू – “ तरुण तू पहले बेड पर बैठ.. बाकी सब मुझ पर छोड़ दे “

तरुण बेड पर बैठ जाता है.. तन्नू उसके सामने जा कर घुटनो

के बल बैठ गयी. ऑर उसके लोवर को नीचे खिच दिया.. इससे

तरुण का अंडरवेर भी नीचे हो गया. अब तरुण का

फनफना ता हुआ लंड तन्नू के सामने था. तन्नू उसे देख

कर थोड़ा घबरा जाती है. क्योंकि ये बहुत बड़ा ऑर मोटा है.

तन्नू खुद को कंट्रोल करती है ऑर दोनो हाथो से तरुण के

लंड को पकड़ कर उसकी मूठ मारना स्टार्ट करती है. तरुण अपनी

आखे बंद करके आहे भरने लगता है.. तन्नू अब तरुण के

लंड को आगे पीछे कर रही है… तन्नू की हालत भी अब

खराब हो रही है.. उसकी चूत ने भी अब पानी छोड़ना स्टार्ट

कर दिया है… तन्नू एक हाथ अपनी चूत पर ले जाती है. ऑर धीरे

धीरे रगड़ना स्टार्ट कर देती है.

तरुण – “ आआहाआहाआहा आआहाआहाआहा दी थोड़ा ज़ोर

से करो ना “

तन्नू अपनी स्पीड बढ़ा देती है..तरुण की आहो की आवाज़ अब

तेज हो जाती है. तन्नू की साँसे भी तेज हो गयी है,..

तरुण – “ दी मेरा निकलने वाला है “

तन्नू इसे सुन कर भी अनसुना कर देती है..ऑर अपनी स्पीड को

ऑर बढ़ा देती है. इसी के साथ तरुण का लंड एक ज़ोर दार फुहार

छोड़ता है.. जो तन्नू के फेस पर जा कर लगती है.. तरुण अब

निढाल अपने बेड पर पड़ जाता है. तन्नू तरुण के वीर्य के साथ

खेल रही है.. ऑर चाट कर तरुण के लंड को साफ कर देती है.

तरुण अब वापस उठ कर बैठ जाता है..

तरुण – “ सॉरी दी मैने आपका फेस गंदा कर दिया “

तन्नू – “ कोई बात नही .. “

तन्नू इतना कह कर बाथरूम मे चली जाती है. ऑर थोड़ी दरबाद सब साफ करके बाहर आती है.

तरुण – “ आई आम सॉरी दी ”

तन्नू – “ मैने बोला इट’स ओके.. इस उमर मे ये सब होता है..

अभी तुम सो जाओ अच्छी नींद आएगी.. हम कल बात करते है



इतना कह कर तन्नू अपने रूम मे चली जाती है.. ऑर तरुण भी

बेड पर गिरते ही एक गहरी नींद मे चला जाता है..
 
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